Tuesday, 09 Jun 2026 | 08:56 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Nepal Home Minister Resigns Amid Financial Irregularities Allegations

Nepal Home Minister Resigns Amid Financial Irregularities Allegations

काठमांडू9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके निवेश और शेयर पर उठे सवालों के बीच उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह फैसला किया। ANI के मुताबिक उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच और हितों के टकराव से बचने के लिए पद छोड़ना जरूरी था।

गुरुंग ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि हाल में उनके वित्तीय लेन-देन और शेयर को लेकर उठे सवालों को उन्होंने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए नैतिकता किसी भी पद से बड़ी है और जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है।”

गुरुंग 26 मार्च से गृह मंत्री के तौर पर काम कर रहे थे। नेपाल की नई सरकार में यह दूसरा मामला है, जब किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा है। इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह अनुशासनहीनता के आरोप में हटा दिया था।

नेपाल में बालेन शाह की नई सरकार में गुरुंग 26 मार्च को गृह मंत्री बने थे।

नेपाल में बालेन शाह की नई सरकार में गुरुंग 26 मार्च को गृह मंत्री बने थे।

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी से संबंधो को लेकर विवाद

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुंग के एक कारोबारी दीपक भट्ट से संबंधों को लेकर सवाल उठे थे। दीपक भट्ट को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

भट्ट पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच चल रही है, जिसके बाद गुरुंग की वित्तीय गतिविधियों पर भी सवाल उठने लगे थे।गुरुंग ने कहा कि Gen Z आंदोलन देश में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है।

उन्होंने कहा, “जब मेरे 46 साथियों के बलिदान से बनी सरकार पर सवाल उठते हैं, तो उसका जवाब नैतिकता ही है।” गुरुंग ने मीडिया, नागरिकों और युवाओं से भी ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलने की अपील की।

नेपाल में Gen Z आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे गुरुंग

गुरुंग सितंबर 2025 में हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे थे। हालांकि उनकी उम्र 36 साल है, जिस पर यह सवाल भी उठा कि वे Gen Z का हिस्सा नहीं हैं।

उन्हें 27 मार्च को बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी की सरकार में गृहमंत्री बनाया गया। नियुक्ति के अगले ही दिन उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।

दोनों नेताओं को 28 मार्च की सुबह गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई 8 सितंबर को Gen Z प्रदर्शनों के पहले दिन हुई लापरवाही से हुई मौतों के मामले में जांच आयोग की सिफारिश पर हुई थी। हालांकि बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया।

बालेन शाह सरकार के विवादित फैसले

भारत से आने वाले सामान पर सख्ती- नई सरकार ने 100 रुपये से ज्यादा कीमत वाले सामान पर अनिवार्य शुल्क लगा रही है। सीमा के लोग और व्यापारी का कहना है कि, यह फैसला आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।

छात्र राजनीति पर रोक- सरकार ने कॉलेजों में छात्र संघों और राजनीतिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। छात्रों का कहना है कि यह उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

पूर्व नेताओं पर कार्रवाई- सत्ता में आते ही उन्होंने भ्रष्टाचार और पुरानी मौतों के मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और अन्य बड़े नेताओं के खिलाफ जांच और गिरफ्तारी के आदेश दिए, जिसे कुछ लोग बदले की राजनीति बता रहे हैं।

शिक्षा में बदलाव- कक्षा 5 तक पारंपरिक परीक्षाएं खत्म करने का फैसला भी विवाद में रहा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Congress President Mallikarjun Kharge and party leaders Rahul Gandhi, Jairam Ramesh and KC Venugopal, Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut, NCP(SP) leader Supriya Sule, AAP leader Sanjay Singh, RJD leader Tejashwi Yadav, DMK leader TR Baalu and others during INDIA bloc meeting at Kharge's residence, in New Delhi. (File IMAGE: PTI)

April 17, 2026/
8:45 am

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 08:45 IST आरडीपीआर और आईटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने मामला उठाते हुए तर्क दिया कि जब्बार...

चेक बाउंस केस में सुनवाई के दौरान भावुक हुए राजपाल:बोले- पांच बार और जेल भेज दो, कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने से मना किया

April 3, 2026/
9:16 am

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बकाया रकम चुकाने के लिए अतिरिक्त समय...

धर्मेंद्र को याद कर भावुक हुईं हेमा मालिनी:कहा– मुझे उनकी याद आती है, उनके बिना जिंदगी कैसे जीऊंगी नहीं जानती

May 1, 2026/
10:55 am

एक्ट्रेस हेमा मालिनी गुरुवार को अपने पति और एक्टर धर्मेंद्र को याद करते हुए भावुक हो गईं। मुंबई में एक...

इजराइल-ईरान जंग में फंसे पंजाबी:चंडीगढ़-पंजाब से दुबई और UAE आने-जाने वाली फ्लाइट्स कैंसिल; कल सुबह भी उड़ान नहीं भरेंगी

February 28, 2026/
6:27 pm

अमेरिका और इजराइल के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़े हैं। इसका असर यहां पंजाब...

पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी के न्यूनतम नेता दिनेश शर्मा ने बंगाल में सपा का नाम क्यों लिया? हुमायूँ कबीर के स्टिंग पर बोले- 'वह बड़ा नेता...'

April 10, 2026/
2:28 pm

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच मुस्लिम समुदाय के...

एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांगों को लेकर आंदोलन तय:डेढ़ लाख वकील भोपाल में करेंगे अनिश्चितकालीन आंदोलन

March 10, 2026/
10:35 pm

राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग को...

इंग्लैंड लॉर्ड्स टेस्ट जीतने से 5 विकेट दूर:न्यूजीलैंड को 199 रन की जरूरत; बारिश की वजह से तीसरे दिन स्टंप्स हुआ

June 6, 2026/
11:01 pm

लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन इंग्लैंड मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। बारिश की वजह से दिन का खेल खत्म...

ग्वालियर में गलत इलाज से नाक हुई विकृत:मेडिकल प्रोटोकॉल तोड़ा, मरीज को 1.12 लाख 45 दिन में देने का आदेश, उपभोक्ता आयोग का फैसला

April 3, 2026/
10:42 am

ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने चिकित्सकीय लापरवाही के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने नाक...

राजनीति

Nepal Home Minister Resigns Amid Financial Irregularities Allegations

Nepal Home Minister Resigns Amid Financial Irregularities Allegations

काठमांडू9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके निवेश और शेयर पर उठे सवालों के बीच उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह फैसला किया। ANI के मुताबिक उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच और हितों के टकराव से बचने के लिए पद छोड़ना जरूरी था।

गुरुंग ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि हाल में उनके वित्तीय लेन-देन और शेयर को लेकर उठे सवालों को उन्होंने गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए नैतिकता किसी भी पद से बड़ी है और जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है।”

गुरुंग 26 मार्च से गृह मंत्री के तौर पर काम कर रहे थे। नेपाल की नई सरकार में यह दूसरा मामला है, जब किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा है। इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह अनुशासनहीनता के आरोप में हटा दिया था।

नेपाल में बालेन शाह की नई सरकार में गुरुंग 26 मार्च को गृह मंत्री बने थे।

नेपाल में बालेन शाह की नई सरकार में गुरुंग 26 मार्च को गृह मंत्री बने थे।

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी से संबंधो को लेकर विवाद

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुंग के एक कारोबारी दीपक भट्ट से संबंधों को लेकर सवाल उठे थे। दीपक भट्ट को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

भट्ट पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच चल रही है, जिसके बाद गुरुंग की वित्तीय गतिविधियों पर भी सवाल उठने लगे थे।गुरुंग ने कहा कि Gen Z आंदोलन देश में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है।

उन्होंने कहा, “जब मेरे 46 साथियों के बलिदान से बनी सरकार पर सवाल उठते हैं, तो उसका जवाब नैतिकता ही है।” गुरुंग ने मीडिया, नागरिकों और युवाओं से भी ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलने की अपील की।

नेपाल में Gen Z आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे गुरुंग

गुरुंग सितंबर 2025 में हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे थे। हालांकि उनकी उम्र 36 साल है, जिस पर यह सवाल भी उठा कि वे Gen Z का हिस्सा नहीं हैं।

उन्हें 27 मार्च को बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी की सरकार में गृहमंत्री बनाया गया। नियुक्ति के अगले ही दिन उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।

दोनों नेताओं को 28 मार्च की सुबह गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई 8 सितंबर को Gen Z प्रदर्शनों के पहले दिन हुई लापरवाही से हुई मौतों के मामले में जांच आयोग की सिफारिश पर हुई थी। हालांकि बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया।

बालेन शाह सरकार के विवादित फैसले

भारत से आने वाले सामान पर सख्ती- नई सरकार ने 100 रुपये से ज्यादा कीमत वाले सामान पर अनिवार्य शुल्क लगा रही है। सीमा के लोग और व्यापारी का कहना है कि, यह फैसला आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।

छात्र राजनीति पर रोक- सरकार ने कॉलेजों में छात्र संघों और राजनीतिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। छात्रों का कहना है कि यह उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

पूर्व नेताओं पर कार्रवाई- सत्ता में आते ही उन्होंने भ्रष्टाचार और पुरानी मौतों के मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और अन्य बड़े नेताओं के खिलाफ जांच और गिरफ्तारी के आदेश दिए, जिसे कुछ लोग बदले की राजनीति बता रहे हैं।

शिक्षा में बदलाव- कक्षा 5 तक पारंपरिक परीक्षाएं खत्म करने का फैसला भी विवाद में रहा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.