टेनिस खिलाड़ी ने 82 की उम्र में हासिल की डिग्री:बिली जीन किंग ने पूरी की अधूरी पढ़ाई, कहा- सीखने की कोई उम्र नहीं

टेनिस कोर्ट पर दुनिया की दिग्गजों को धूल चटाने वाली और महिला अधिकारों की वैश्विक प्रतीक बिली जीन किंग ने सोमवार को इतिहास रच दिया। इस बार उन्होंने हाथ में टेनिस रैकेट लेकर नहीं, बल्कि दीक्षांत समारोह के मंच पर अपनी डिग्री थामकर हवा में हाथ लहराया। 82 वर्ष की उम्र में किंग ने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिलिस से इतिहास विषय में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पूरी कर ली है। उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी में 1961 में पहली बार एडमिशन लिया था। डिग्री लेने के बाद भावुक अमेरिकी खिलाड़ी किंग ने कहा, ‘आपकी उम्र चाहे जो हो, आपकी क्षमताएं चाहे जो हों- पढ़ाई और सपनों को पूरा करने के लिए कभी बहुत देर नहीं होती। अगर आप कुछ चाहते हैं, तो उसके लिए जरूर आगे बढ़ें। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यह डिग्री मेरे लिए मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा मायने रखती है। मुझे बेहद खुशी है कि मैंने इसे पूरा किया। मेरी अब यही उम्मीद है कि मुझे देखकर कम से कम कोई एक व्यक्ति वापस स्कूल या कॉलेज जाने का फैसला करे।’ किंग ने अपने पुराने दिनों के संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया, ‘1961 में महिलाओं के लिए खेल के आधार पर कोई वित्तीय सहायता या स्कॉलरशिप उपलब्ध नहीं थी। जबकि मेरे पुरुष मित्र आर्थर ऐश और स्टैन स्मिथ को यूनिवर्सिटी टीमों में खेलने के लिए पूरी स्कॉलरशिप मिली हुई थी।’ इसी भेदभाव ने किंग को जीवन भर समानता के लिए लड़ने की प्रेरणा दी। बिली जीन किंग ने 1961 में कॉलेज में दाखिला लिया था। दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने और 39 ग्रैंड स्लैम जीतने के सफर के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। उन्होंने 1973 के ऐतिहासिक ‘बैटल ऑफ द सेक्सेस’ मैच में बॉबी रिग्स को हराकर महिला टेनिस को नई पहचान दी थी। बिली जीन किंग के ग्रेजुएशन गाउन पर लिखा था ‘G.O.A.T.’ दीक्षांत समारोह के दौरान बिली जीन किंग का ब्लैक ग्रेजुएशन गाउन खास था। उनके एक करीबी दोस्त ने उनके लिए एक गोल्ड ग्रेजुएशन स्टोल तैयार किया था। इसके एक तरफ उनके नाम के शुरुआती अक्षरों के साथ ‘G.O.A.T.’ (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) लिखा था, जबकि दूसरी तरफ एक रंग-बिरंगा टेनिस रैकेट कढ़ाई से उकेरा गया था। किंग ने 2 साल पहले संकल्प लिया था कि वह अपनी अधूरी पढ़ाई उसी कॉलेज से पूरी करेंगी, जहां फिजिकल एजुकेशन बिल्डिंग के बाहर उनकी कांस्य की आदमकद मूर्ति लगी हुई है। वह अपने परिवार की पहली ऐसी सदस्य हैं, जिन्होंने कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है।
पाकिस्तान को हराकर WTC में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की पॉइंट टेबल में बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़कर पांचवां स्थान हासिल कर लिया है। पाकिस्तान पर लगातार दूसरी जीत के बाद बांग्लादेश 58.33 प्रतिशत अंक के साथ छठे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, भारत 48.15 प्रतिशत अंक के साथ छठे नंबर पर खिसक गया है। WTC के पहले दो सीजन के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम के लिए यह रैंकिंग चेतावनी मानी जा रही है। एशियाई टीमों में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम अब सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर है। भारत ने इस साल अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है, जिसका असर ICC की ताजा अंक तालिका में दिख रहा है। भारत ने अपना आखिरी टेस्ट मैच नवंबर 2025 में गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। 22 से 25 नवंबर तक खेले गए इस मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से हराया था। बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर सीरीज जीती बांग्लादेश ने अपने घर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान को 2-0 से हराया। मीरपुर में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रनों से हराया था। इसके बाद बुधवार को सिलहट में खत्म हुए दूसरे टेस्ट में भी बांग्लादेश ने 78 रन से जीत दर्ज की। दूसरे टेस्ट में 437 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में 358 रनों पर सिमट गई। इस हार के बाद पाकिस्तान 2025-2027 WTC साइकिल में एक जीत और तीन हार के साथ आठवें स्थान पर बना हुआ है। टीम का पॉइंट्स पर्सेंटेज भी काफी खराब हो गया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड टॉप-2 पर कायम ताजा रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया 8 टेस्ट में 7 जीत और 87.50 पर्सेंटेज पॉइंट्स के साथ टॉप पर बना हुआ है। न्यूजीलैंड 3 टेस्ट में दो जीत और एक ड्रा के साथ 77.78 पर्सेंटेज पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर है। साउथ अफ्रीका तीसरे और श्रीलंका चौथे नंबर पर मौजूद हैं। भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की वजह खराब प्रदर्शन भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की बड़ी वजह खराब प्रदर्शन रहा है। टीम इंडिया को घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार मिली थी। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल की कप्तानी में टीम पांच मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रा करा सकी थी, जहां उसे दो मैचों में हार मिली थी। इन हारों से भारत का जीत प्रतिशत काफी नीचे आ गया। 6 जून को अफगानिस्तान से मुकाबला, WTC का हिस्सा नहीं भारतीय टीम को आने वाले दिनों में कई टेस्ट मैच खेलने हैं। भारत 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलेगा। हालांकि, यह मुकाबला मौजूदा WTC साइकिल का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसके नतीजों का रैंकिंग पर असर नहीं पड़ेगा। WTC साइकिल के तहत भारत को इस साल के अंत में श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरे पर दो-दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद 2027 में भारतीय टीम घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी। फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
पाकिस्तान को हराकर WTC रैंकिंग में भारत से आगे बांग्लादेश:टीम इंडिया छठे स्थान पर खिसकी; ऑस्ट्रेलिया 87.5% पॉइंट्स के साथ टॉप पर

ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की ताजा रैंकिंग में बांग्लादेश ने भारत को पीछे छोड़कर पांचवां स्थान हासिल कर लिया है। पाकिस्तान पर लगातार दूसरी जीत के बाद बांग्लादेश 58.33 प्रतिशत अंक के साथ छठे से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, भारत 48.15 प्रतिशत अंक के साथ छठे नंबर पर खिसक गया है। WTC के पहले दो सीजन के फाइनल में पहुंचने वाली भारतीय टीम के लिए यह रैंकिंग चेतावनी मानी जा रही है। एशियाई टीमों में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम अब सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर है। भारत ने इस साल अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है, जिसका असर ICC की ताजा अंक तालिका में दिख रहा है। भारत ने अपना आखिरी टेस्ट मैच नवंबर 2025 में गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। 22 से 25 नवंबर तक खेले गए इस मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से हराया था। बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर सीरीज जीती बांग्लादेश ने अपने घर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज में पाकिस्तान को 2-0 से हराया। मीरपुर में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 104 रनों से हराया था। इसके बाद बुधवार को सिलहट में खत्म हुए दूसरे टेस्ट में भी बांग्लादेश ने 78 रन से जीत दर्ज की। दूसरे टेस्ट में 437 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम दूसरी पारी में 358 रनों पर सिमट गई। इस हार के बाद पाकिस्तान 2025-2027 WTC साइकिल में एक जीत और तीन हार के साथ आठवें स्थान पर बना हुआ है। टीम का पॉइंट्स पर्सेंटेज भी काफी खराब हो गया है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड टॉप-2 पर कायम ताजा रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया 8 टेस्ट में 7 जीत और 87.50 पर्सेंटेज पॉइंट्स के साथ टॉप पर बना हुआ है। न्यूजीलैंड 3 टेस्ट में दो जीत और एक ड्रा के साथ 77.78 पर्सेंटेज पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर है। साउथ अफ्रीका तीसरे और श्रीलंका चौथे नंबर पर मौजूद हैं। भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की वजह खराब प्रदर्शन भारतीय टीम की रैंकिंग गिरने की बड़ी वजह खराब प्रदर्शन रहा है। टीम इंडिया को घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार मिली थी। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल की कप्तानी में टीम पांच मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रा करा सकी थी, जहां उसे दो मैचों में हार मिली थी। इन हारों से भारत का जीत प्रतिशत काफी नीचे आ गया। 6 जून को अफगानिस्तान से मुकाबला, WTC का हिस्सा नहीं भारतीय टीम को आने वाले दिनों में कई टेस्ट मैच खेलने हैं। भारत 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच खेलेगा। हालांकि, यह मुकाबला मौजूदा WTC साइकिल का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसके नतीजों का रैंकिंग पर असर नहीं पड़ेगा। WTC साइकिल के तहत भारत को इस साल के अंत में श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरे पर दो-दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद 2027 में भारतीय टीम घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी। फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

देश के शेयर बाजार में इन दिनों मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी एमटीएफ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। जीरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामत ने इस रफ्तार को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एमटीएफ ब्रोकर्स के लिए आसान कमाई का जरिया नजर आता है, लेकिन अगर एक भी बुरा दिन आया और रिस्क मैनेजमेंट चूका, तो सारी कमाई एक ही झटके में खत्म हो सकती है। यही नहीं, इसका असर पूरे फाइनेंशियल सिस्टम पर पड़ सकता है। कामत ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक बढ़ रही है, जबकि बाजार न ऊपर जा रहा, न नीचे। यह असंतुलन खतरनाक है। उन्होंने इसकी तुलना दक्षिण कोरिया से करते हुए कहा कि वहां का शेयर बाजार एक साल में करीब 150% चढ़ा है, इसलिए लोग उस तेजी का फायदा उठाने के लिए उधार ले रहे हैं। भारत की स्थिति अलग है। यहां बाजार स्थिर है, पर एमटीएफ बढ़ रही है, जो खतरनाक संकेत है। कामत ने एमटीएफ का सबसे बड़ा जोखिम समझाते हुए कहा कि अगर किसी शेयर में भारी गिरावट आती है और वह मार्जिन से ज्यादा (जैसे 20% से अधिक) टूटता है, तो नुकसान की भरपाई ब्रोकर को करनी पड़ती है। ग्राहक से घाटा वसूलना अक्सर मुश्किल होता है। मामला गंभीर तब हो जाता है जब ग्राहक किसी शेयर को गिरवी रखकर उसी में निवेश बढ़ाता है। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकेगा, न ब्रोकर। कामत ने बताया कि पूरी ब्रोकरेज इंडस्ट्री की एमटीएफ बुक का करीब 50% हिस्सा उन शेयरों में है, जो एफएंडओ (वायदा) सेगमेंट में नहीं हैं। यानी जहां हेजिंग का विकल्प नहीं है। कामत ने चेताया कि कुछ ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक उसकी नेटवर्थ (कुल संपत्ति) का 500% तक पहुंच सकता है। अगर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट आती है, तो ऐसे ब्रोकर्स उन एमटीएफ पोजिशन में फंस सकते हैं, जिनसे बाहर निकलना संभव ही नहीं होगा। कामत ने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा के दबाव में जल्द कोलैटरल मार्जिन को एमटीएफ खरीदारी के लिए अनुमति देनी पड़ सकती है, जो अब तक प्रतिबंधित है। ऐसा होने पर जोखिम और बढ़ेगा। एमटीएफ क्या है, इससे खतरा किस मामले है? एमटीएफ यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ऐसी सुविधा है, जिसमें निवेशक ब्रोकर से उधार लेकर शेयर खरीद सकता है। निवेशक कुछ रकम खुद लगाता है, बाकी ब्रोकर देता है। फायदा होने पर निवेशक को ज्यादा मुनाफा मिलता है, लेकिन नुकसान की स्थिति में ब्रोकर को भी घाटा उठाना पड़ सकता है। अगर शेयर में भारी गिरावट आए और सर्किट लग जाए, तो न निवेशक बाहर निकल सकता है और न ब्रोकर। यही वो ‘एक बुरा दिन’ है, जिसकी चेतावनी कामत ने दी है।
कामत ने चेताया,उधार लेकर शेयर ट्रेडिंग का ट्रेंड डुबो देगा:मिड, स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकता है, न ब्रोकर

देश के शेयर बाजार में इन दिनों मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी एमटीएफ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। जीरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामत ने इस रफ्तार को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एमटीएफ ब्रोकर्स के लिए आसान कमाई का जरिया नजर आता है, लेकिन अगर एक भी बुरा दिन आया और रिस्क मैनेजमेंट चूका, तो सारी कमाई एक ही झटके में खत्म हो सकती है। यही नहीं, इसका असर पूरे फाइनेंशियल सिस्टम पर पड़ सकता है। कामत ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक बढ़ रही है, जबकि बाजार न ऊपर जा रहा, न नीचे। यह असंतुलन खतरनाक है। उन्होंने इसकी तुलना दक्षिण कोरिया से करते हुए कहा कि वहां का शेयर बाजार एक साल में करीब 150% चढ़ा है, इसलिए लोग उस तेजी का फायदा उठाने के लिए उधार ले रहे हैं। भारत की स्थिति अलग है। यहां बाजार स्थिर है, पर एमटीएफ बढ़ रही है, जो खतरनाक संकेत है। कामत ने एमटीएफ का सबसे बड़ा जोखिम समझाते हुए कहा कि अगर किसी शेयर में भारी गिरावट आती है और वह मार्जिन से ज्यादा (जैसे 20% से अधिक) टूटता है, तो नुकसान की भरपाई ब्रोकर को करनी पड़ती है। ग्राहक से घाटा वसूलना अक्सर मुश्किल होता है। मामला गंभीर तब हो जाता है जब ग्राहक किसी शेयर को गिरवी रखकर उसी में निवेश बढ़ाता है। मिड और स्मॉल कैप शेयरों में सर्किट लगने पर न निवेशक निकल सकेगा, न ब्रोकर। कामत ने बताया कि पूरी ब्रोकरेज इंडस्ट्री की एमटीएफ बुक का करीब 50% हिस्सा उन शेयरों में है, जो एफएंडओ (वायदा) सेगमेंट में नहीं हैं। यानी जहां हेजिंग का विकल्प नहीं है। कामत ने चेताया कि कुछ ब्रोकर्स की एमटीएफ बुक उसकी नेटवर्थ (कुल संपत्ति) का 500% तक पहुंच सकता है। अगर बाजार में अचानक बड़ी गिरावट आती है, तो ऐसे ब्रोकर्स उन एमटीएफ पोजिशन में फंस सकते हैं, जिनसे बाहर निकलना संभव ही नहीं होगा। कामत ने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा के दबाव में जल्द कोलैटरल मार्जिन को एमटीएफ खरीदारी के लिए अनुमति देनी पड़ सकती है, जो अब तक प्रतिबंधित है। ऐसा होने पर जोखिम और बढ़ेगा। एमटीएफ क्या है, इससे खतरा किस मामले है? एमटीएफ यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी ऐसी सुविधा है, जिसमें निवेशक ब्रोकर से उधार लेकर शेयर खरीद सकता है। निवेशक कुछ रकम खुद लगाता है, बाकी ब्रोकर देता है। फायदा होने पर निवेशक को ज्यादा मुनाफा मिलता है, लेकिन नुकसान की स्थिति में ब्रोकर को भी घाटा उठाना पड़ सकता है। अगर शेयर में भारी गिरावट आए और सर्किट लग जाए, तो न निवेशक बाहर निकल सकता है और न ब्रोकर। यही वो ‘एक बुरा दिन’ है, जिसकी चेतावनी कामत ने दी है।
फिलीपींस के एक द्वीप पर ‘एआई' सरकार:कैबिनेट में गांधी और मंडेला जैसे 17 डिजिटल अवतार; 12 हजार लोग ई-नागरिक बनने को तैयार

कल्पना कीजिए… एक ऐसा देश, जहां फैसले इंसान नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ले। कैबिनेट में महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला, विंस्टन चर्चिल जैसी शख्सियतों के ‘डिजिटल अवतार’ बैठें। वे बहस करें, तर्क दें, वोटिंग करें और सरकार चलाएं। सुनने में ये किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लगता है, लेकिन फिलीपींस के एक छोटे से द्वीप पर इसे सच बनाने की कोशिश शुरू हो चुकी है। यह प्रयोग ब्रिटेन के टेक उद्यमी डैन थॉमसन कर रहे हैं। उन्होंने पलावन द्वीपसमूह में 3.6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले एक द्वीप को अपनी एआई कंपनी ‘सेंसाय’ के नाम पर माइक्रोनेशन घोषित किया है। माइक्रोनेशन ऐसे स्वघोषित छोटे देश या रियासतें होती हैं, जिन्हें चलाने वाले खुद को स्वतंत्र राष्ट्र बताते हैं, लेकिन उन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिलती। थॉमसन ने यहां सरकार चलाने के लिए 17 एआई बॉट्स की परिषद बनाई है। इन्हें गांधी, चर्चिल, एलेनॉर रूजवेल्ट, मार्कस ऑरेलियस, सन त्जू और मंडेला जैसे नेताओं के व्यक्तित्व, लेखन और विचारों के आधार पर तैयार किया है। दावा है कि ये एआई नेता व्यक्तिगत लालच, लॉबिंग और राजनीतिक स्वार्थ से मुक्त होकर सिर्फ वस्तुनिष्ठ फैसले लेंगे। यहां ई-रेजिडेंट्स प्रस्ताव रख सकेंगे। एआई परिषद उन पर चर्चा करेगी और वोटिंग के जरिए फैसला लेगी। हालांकि, इस प्रयोग को लेकर जितना उत्साह है, उतना डर भी है। खुद थॉमसन मानते हैं कि चीजें गलत दिशा में जा सकती हैं। उन्होंने कहा, अगर एआई हथियार जुटाकर पड़ोसी द्वीपों पर हमला करने लगे, तो बहुत खराब स्थिति होगी। हालांकि, वे इसे बेहद असंभव मानते हैं। इसी वजह से उन्होंने ‘ह्यूमन ओवरराइड असेंबली’ भी बनाई है, ताकि किसी खतरे की स्थिति में इंसानी दखल बना रहे। फिलहाल इस द्वीप पर सिर्फ एक केयरटेकर रहता है, लेकिन भविष्य में यहां 30 विला बनाने की योजना है। यहां रेजिडेंसी प्रोग्राम 2027 में लॉन्च होगा। 12 हजार लोग यहां ई-नागरिक बनने में रुचि दिखा चुके हैं। थॉमसन मानते हैं कि इसकी बड़ी वजह लोगों का सरकारों से घटता भरोसा है। कई आवेदक तकनीक के प्रति उत्सुक हैं, तो कुछ पारंपरिक राजनीति और भ्रष्टाचार से निराश। आलोचक कह रहे, एआई से सरकार चलाने की उम्मीद बेतुकी आलोचक इस मॉडल को खतरनाक और अलोकतांत्रिक मान रहे हैं। ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की एआई विशेषज्ञ अलोंद्रा नेल्सन कहती हैं कि एआई रोज नई गड़बड़ियां कर रहा है। उससे सरकार चलाने की उम्मीद बेतुकी है। एक व्यक्ति और उसकी कंपनी द्वारा बनाई गई व्यवस्था लोकतांत्रिक नहीं कही जा सकती। इसके बावजूद थॉमसन का भरोसा कायम है। वे कहते हैं कि भविष्य में दुनिया की सरकारें एआई आधारित सिस्टम अपनाएंगी।
‘नोटबंदी की तरह, पीएम टीवी पर रोएंगे…’: राहुल गांधी ने पीएम मोदी के खिलाफ फिर से हमला बोला, बीजेपी ने पलटवार किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:20 मई, 2026, 13:07 IST राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पाखंड का आरोप लगाया और आसन्न आर्थिक संकट की चेतावनी दी, जबकि शरद पवार ने मोदी का बचाव करते हुए भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। राहुल गांधी ने दी आर्थिक संकट की चेतावनी, विदेश को लेकर मोदी पर साधा निशाना (छवि: पीटीआई फ़ाइल) लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं को लेकर उन पर नए हमले किए हैं और उन पर आरोप लगाया है कि वह आम नागरिकों से विदेश यात्रा से बचने के लिए कह रहे हैं जबकि खुद अंतरराष्ट्रीय यात्राएं जारी रख रहे हैं। राहुल गांधी ने यह भी चेतावनी दी कि देश गंभीर आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और दावा किया कि आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति और ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी। ‘आर्थिक उथल-पुथल आ रही है’ भारत की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि लोगों को जल्द ही बढ़ती महंगाई का असर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, ”आर्थिक उथल-पुथल आ रही है.” उन्होंने चेतावनी दी कि निकट भविष्य में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं. गांधी ने कहा, “आप देखेंगे कि कुछ ही महीनों में महंगाई कहां पहुंच जाती है। आप देखेंगे कि पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें कहां जाती हैं।” कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि सरकार मौजूदा आर्थिक स्थिति के दौरान लोगों से सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा से बचने के लिए कह रही है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को गद्दार कहा. “जब ये आरएसएस कार्यकर्ता आपके सामने आते हैं और नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बारे में बोलते हैं, तो आपको उनके सामने बताना चाहिए कि आपका प्रधान मंत्री गद्दार है, आपका गृह मंत्री गद्दार है… आपका संगठन गद्दार है। आपने भारत को बेचने का काम किया है।” पीएम के विदेश दौरों पर सवाल राहुल गांधी ने विदेश यात्रा के लिए महंगे विमान के इस्तेमाल को लेकर प्रधानमंत्री की आलोचना की. उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री लोगों से कहते हैं कि विदेश यात्रा न करें और फिर खुद हजारों करोड़ रुपये के विमान से विदेश यात्रा करते हैं।” उन्होंने पीएम मोदी पर अपनी विदेशी व्यस्तताओं को जारी रखते हुए जनता को परस्पर विरोधी संदेश भेजने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने पिछली अपीलों का भी जिक्र किया जिसमें लोगों से वैश्विक अस्थिरता और मध्य पूर्व संकट के बीच यात्रा और खर्च कम करने के लिए कहा गया था। आपूर्ति संकट पर दावा कांग्रेस सांसद ने आगे आरोप लगाया कि देश को आवश्यक आपूर्ति में कमी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, “गैस की आपूर्ति खत्म हो जाएगी, उर्वरक भी… केरोसिन भी खत्म हो जाएगा।” उन्होंने चेतावनी दी कि आर्थिक संकट देश के दरवाजे पर आ रहा है। राहुल गांधी ने सरकार पर संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने और संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया. गांधी ने कहा, ”आर्थिक संकट आपके दरवाजे पर है क्योंकि वह संवैधानिक रूप से समाप्त हो गए हैं।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि “उन्होंने इको सिस्टम बेच दिया है”। अपनी टिप्पणी के दौरान, राहुल गांधी ने कोविड-19 महामारी और नोटबंदी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का भी जिक्र किया। गांधी ने कहा, “नरेंद्र मोदी आपको बताएंगे, वह रोएंगे, जैसे वह कोविड और नोटबंदी के दौरान रोए थे, वह रोएंगे और कहेंगे कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।” यह टिप्पणी प्रधानमंत्री के आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों से निपटने की उनकी नवीनतम आलोचना को दर्शाती है। बीजेपी ने किया पलटवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने पर बीजेपी ने राहुल गांधी पर पलटवार किया है. पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “कांग्रेस ‘मोहब्बत की दुकान’ होने की बात करती है, लेकिन यही उनकी असली पहचान है। उन्होंने बार-बार पीएम मोदी का अपमान किया है और यहां तक कि उनकी मां पर भी निशाना साधा है। क्योंकि प्रधानमंत्री ओबीसी पृष्ठभूमि से आते हैं, इसलिए उन्होंने हमेशा उनका अपमान किया है।” शरद पवार ने किया पीएम मोदी का बचाव इस बीच, अनुभवी राजनेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने चल रहे विदेशी दौरे पर विपक्षी दलों की आलोचना के बीच प्रधान मंत्री मोदी का बचाव किया। पवार ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों का असर भारत की वैश्विक छवि पर नहीं पड़ना चाहिए। पवार ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी भारत के बाहर देश की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। हमारे अलग-अलग राजनीतिक विचार हो सकते हैं, लेकिन जब देश के सम्मान की बात आती है, तो राजनीतिक मतभेद नहीं लाना चाहिए।” पवार ने इस बात पर जोर दिया कि देश की प्रतिष्ठा की रक्षा राजनीतिक विभाजन से ऊपर रहनी चाहिए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : दिल्ली, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘नोटबंदी की तरह, पीएम टीवी पर रोएंगे…’: राहुल गांधी ने पीएम मोदी के खिलाफ फिर से हमला बोला, बीजेपी ने पलटवार किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राहुल गांधी(टी)राहुल गांधी पीएम मोदी(टी)कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)आरएसएस(टी)राहुल गांधी नरेंद्र मोदी की आलोचना(टी)राहुल गांधी आर्थिक चेतावनी(टी)नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे(टी)भारत आर्थिक संकट(टी)महंगाई और ईंधन की कीमतें भारत(टी)मोदी पर विपक्ष के हमले(टी)शरद पवार ने मोदी का बचाव किया(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी की राजनीति
हर रोज आपको चाहिए 70 ग्राम प्रोटीन, नहीं लेंगे तो हो जाएंगी बीमारियां, पर इसके लिए क्या-क्या खाना होगा, डॉक्टर से जानिए गणित

Last Updated:May 20, 2026, 12:44 IST How to get 70 g protein from foods: हर दिन आप सुनते होंगे कि हमें रोज 60 से 70 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है लेकिन क्या कभी सोचा है कि इस 70 ग्राम प्रोटीन को प्राप्त करने के लिए कितनी चीजों की जरूरत होती है. इसके लिए हमें दिन भर में क्या-क्या खाना होगा. इसके लिए हमें हिसाब लगाना है कि किस फूड से कितने ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है. आइए इसके बारे में डॉक्टर से जानते हैं. हर रोज प्रोटीन की कितनी जरूरत. How to get 70 g protein from foods: हमारे शरीर को शायद ही कोई हिस्सा हो जिसमें प्रोटीन न हो. प्रोटीन हमारे शरीर का बिल्डिंग ब्लॉक है. मांसपेशियों की मरम्मत से लेकर हार्मोन बनाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने तक, शरीर के हर फंक्शन में प्रोटीन की जरूरत होती है. इसलिए समझा जा सकता है कि हमारे लिए प्रोटीन की कितनी अहमियत है. भारत जैसे देशों में लोग रोजना की जरूरतों के हिसाब से बहुत कम प्रोटीन लेते हैं, इसलिए कई तरह की परेशानियां होती रहती है. प्रोटीन की कमी से शरीर बीमारियों का घर हो जाता है. पर सवाल है कि हम कैसे समझें कि किस चीज में कितना प्रोटीन है क्या खाएं कि रोज हमारे शरीर के प्रोटीन की जरूरत पूरी हो जाए. इसके लिए हमने मारेंगो एशिया अस्पताल में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पारस अग्रवाल से बात की. एक दिन में कितने प्रोटीनडॉ. पारस अग्रवाल ने बताया कि प्रोटीन के बिना हमारा काम नहीं चल सकता है. हमारे देश में डायबिटीज के मरीज इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां लोग प्रोटीन के बजाय कार्बोहाइड्रैट ज्यादा लेते हैं. मेडिकल भाषा में कहें तो एक दिन में प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर 0.8 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है. लेकिन यदि आप शारीरिक श्रम ज्यादा करते हैं तो यह आवश्यकता प्रति किलोग्राम शरीर पर 1 ग्राम तक पहुंच जाती है. उम्र बढ़ने के साथ-साथ प्रोटीन की आवश्यकता थोड़ी बहुत कम हो जाती है. इसे एक उदाहरण से समझ लीजिए. मान लीजिए आपकी उम्र 25 से 40 साल के बीच है. और आपका वजन 70 किलोग्राम है. यह वह उम्र होती है जब इंसान शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव होते हैं. अगर आप ज्यादा श्रम करते तो 1 ग्राम के हिसाब से आपको हर रोज 70 ग्राम प्रोटीन चाहिए. जो लोग कम शारीरिक गतिविधियां करते हैं उन्हें 56 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होगी. अगर आप इससे कम प्रोटीन लेते हैं तो आपकी सेहत सही नहीं रहेगी. हमेशा कुछ न कुछ होगा. सबसे ज्यादा शरीर में कमजोरी और थकान रहेगी. अब जानते है कि इतना प्रोटीन आएगा कहां से. शाकाहारी खाद्य पदार्थ (Veg Item) मात्रा (कच्चा/मानक आकार) प्रोटीन की अनुमानित मात्रा (ग्राम में) सोयाबीन (Soya Chunks) 100 ग्राम ~52 ग्राम पनीर (Paneer) 100 ग्राम ~18 – 20 ग्राम कच्ची दालें (मूंग, मसूर, अरहर) 100 ग्राम ~22 – 24 ग्राम सफेद छोले / काले चने 100 ग्राम ~19 ग्राम मूंगफली (Peanuts) 100 ग्राम ~26 ग्राम टोफू (Tofu – सोया पनीर) 100 ग्राम ~8 – 10 ग्राम बादाम (Almonds) 100 ग्राम (लगभग 80-90 बादाम) ~21 ग्राम गेहूं की रोटी 1 मध्यम आकार की रोटी ~3 ग्राम दही (Curd) 100 ग्राम ~3.3 ग्राम दूध (Cow Milk) 100 मिलीलीटर ~3.2 ग्राम 70 ग्राम के लिए क्या खाएं70 ग्राम प्रोटीन के लिए क्या खाएं, इससे पहले यह समझना होगा कि किस भोजन में कितनी मात्रा में प्रोटीन होती है. भारत में आमतौर पर शाकाहारी चीजों का ज्यादा सेवन किया जाता है जिसमें चावल और गेहूं की प्रधानता होती है. इसके अलावा सब्जी और फलों का सेवन किया जाता है. पहले हम नाश्ते की बात करें. नाश्ते में आमतौर पर शाकाहारी परिवार 4 रोटियां, 100 ग्राम सब्जी या सौ ग्राम दाल और 100 ग्राम दही को मान लें. अब यह समझिए कि इन चीजों से आपको कितने ग्राम प्रोटीन मिलेगा. एक रोटी में लगभग 3 ग्राम प्रोटीन होता है. इस हिसाब से 4 रोटी से लगभग 12 ग्राम प्रोटीन मिलेगा. वहीं 100 ग्राम दाल में 6 से 8 ग्राम प्रोटीन होता है. सौ ग्राम सब्जी से 4 से 5 ग्राम प्रोटीन मिल जाएगा. इसके बाद मान के चलिए कि नाश्ता करने के बाद आपने एक सेब या अमरूद खा लिया. इससे आपको 3 से 5 ग्राम प्रोटीन मिल जाएगा. अगर सबको जोड़ दें तो आपको नाश्ते से 15 से 20 ग्राम प्रोटीन मिल जाएगा. इसी तरह खाने से आपको इतना ही प्रोटीन मिलेगा और रात के खाने से आपको 15 ग्राम प्रोटीन मिल जाएगा. लेकिन आमतौर पर लोग इनमें से सभी चीजों को भोजन में समाहित नहीं करते. मसलन नाश्ते में सिर्फ रोटी-सब्जी या ब्रेड खाकर काम पूरा कर लिए. अगर आप पूरे दिन में 5 से 7 रोटियां, 100 ग्राम चावल, 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम दूध या दही, एक-दो फल खा भी लें तो पूरे दिन में आपको 40 से 45 ग्राम प्रोटीन मिलेगा. मोटे तौर पर कहा जाए तो शाकाहारी भोजन से प्रोटीन की ज्यादा प्राप्ति नहीं होती. अमीर देशों में नॉन-वेज चीजों का ज्यादा सेवन किया जाता है इसलिए उन्हें प्रोटीन की कमी नहीं होती. इसलिए यदि आप शाकाहारी हैं तो अपने भोजन में रोज पनीर का सेवन करना चाहिए. 100 ग्राम पनीर में 18 से 20 ग्राम प्रोटीन होता है जो कुल जरूरत का अकेले 30 प्रतिशत है. मांसाहारी खाद्य पदार्थ (Non-Veg Item) मात्रा (कच्चा/मानक आकार) प्रोटीन की अनुमानित मात्रा (ग्राम में) चिकन ब्रेस्ट (Chicken Breast) 100 ग्राम (बिना हड्डी का) ~27 – 31 ग्राम मटन (Mutton – बकरे का मांस) 100 ग्राम ~25 – 27 ग्राम अंडा (Whole Egg – उबला हुआ) 1 मध्यम आकार का (~50 ग्राम) ~6 ग्राम अंडे का सफेद भाग (Egg White) 1 अंडे का सफेद हिस्सा ~3.6 ग्राम मछली (Fish – जैसे रोहू या कतला) 100 ग्राम ~20 – 22 ग्राम झींगा (Prawns) 100 ग्राम ~24 ग्राम चिकन कीमा (Chicken Keema) 100 ग्राम ~22 ग्राम नॉन वेज आइटम से कितना मिलेगा प्रोटीनअगर हम नॉन-वेज की बात करें तो इससे हमें आसानी से प्रोटीन की प्राप्ति हो जाएगा. 100 ग्राम चिकन में 27 से 31 ग्राम प्रोटीन मिल जाएगा. वहीं एक अंडे से 5 से 6 ग्राम प्रोटीन मिल जाएगा. यानी अगर आपने दिन
चांदी ₹3,761 गिरकर ₹2.65 लाख किलो पर आई:ऑल टाइम हाई से ₹1.21 लाख नीचे आ चुकी, सोना आज ₹1,116 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 20 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,116 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। वहीं, 1 किलो चांदी का दाम 3,761 रुपए कम होकर 2.65 लाख रुपए पर आ गया है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 20 मई 2026 सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.58 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (सिर्फ एक महीने में भारी उछाल) मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक 18 हजार सस्ता हो चुका है। चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.30 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑल टाइम हाई से बहुत तेजी से नीचे आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख (ऐतिहासिक बढ़त) गिरावट का आंकड़ा: पिछले 49 दिन में चांदी ₹1.21 लाख सस्ती हो गई है। सोना 111 दिन में ₹18 हजार और चांदी ₹1.21 लाख सस्ती गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।
घर पर आसानी से कैसे बनाएं मक्खन: हाथ भी नहीं दुखेगा और मिनट में निकलेगा मटका भर मक्खन, बस दही में मिली ये एक चीज; जानिए आसान उपाय

20 मई 2026 को 12:35 IST पर अपडेट किया गया घर पर आसानी से मक्खन कैसे बनाएं: घर पर बने शुद्ध और दानेदार मक्खन का स्वाद ही कुछ अलग होता है, लेकिन अक्सर महिलाएं मलाई या दही से मक्खन के छिलके और हाथों के दर्द से बचती हैं। अगर आप भी इसी वजह से मार्केट का बटर लाते हैं, तो यह आसान ट्रिक आपके बेहद काम आएगी। अब आपको चौदह मथानी की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : बटरफ्लाई के लिए फर्म में रखा गया रोलर और छोटा दही सबसे अच्छा होता है। कैटापन फ़िट को जल्दी अलग करने में मदद मिलती है, जबकि ठंडा होने की वजह से मक्खन सुधार नहीं होता और आसानी से जमता है। छवि: सोशल मीडिया जब आप दही को मथना शुरू करें तो 5-6 बर्फ के टुकड़े या एक गिलास एकदम ठंडा पानी मिला लें। कूल्ड चॉकलेट के टुकड़े को तत्काल सख्त कर देता है, जिससे वे छाछ से अलग सतह की सतह पर तैरने लगते हैं। छवि: सोशल मीडिया दही को प्रमाणित या मथानी से एक ही दिशा में 2-3 मिनट तक फेंटें जब तक दाने न दिखें। छवि: सोशल मीडिया बर्फ के टुकड़े पर प्रतिबिंबित सतह और 1 मिनट और गणित। मक्खन ऊपर और। छवि: सोशल मीडिया जब मक्खन के गुच्छे बन जाएं, तो उन्हें हाथ से धीरे-धीरे इकट्ठा करके निकाल लें। छवि: सोशल मीडिया पके हुए मक्खन के गोलों को एक चुटकी में ठंडे पानी के साथ 2-3 बार लें। इससे बच गई छाछ निकल जाती है, जिससे मक्खन में खटास नहीं आती और वह कई दिनों तक ताजा बना रहता है। छवि: सोशल मीडिया द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 20 मई 2026 12:34 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)दही से मक्खन कैसे बनाएं(टी)घर पर आसान मक्खन बनाने की विधि(टी)घर पर सफेद मखान कैसे निकालें(टी)दही से मक्खन बनाने की रसोई हैक(टी)मक्खन बनाने की त्वरित तरकीबें(टी)दही से मक्खन कैसे निकले(टी)बिना ब्लेंडर के घर का बना सफेद मक्खन(टी)मक्खन के लिए ग्रीष्मकालीन रसोई के तरीके(टी)दही से मक्खन बनाने की विधि(टी)घर पर सफेद मक्खन कैसे बनाएं






