युवती का आरोप- इस्लाम धर्म अपनाने दबाव बनाया, रेप किया:क्लर्क पर FIR, इधर, युवक बोला- हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई, अब फंसा रहे

बड़वानी में धर्मांतरण और दुष्कर्म के आरोपों को लेकर एक पेचीदा मामला सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि एक युवती ने अमन खान नाम के युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि सितंबर 2023 से अमन ने उसे शादी का झांसा देकर दोस्ती की और शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने एक छोटा वैवाहिक कार्यक्रम कर उसे भरोसे में लिया, लेकिन बाद में शादी से मुकर गया। युवती का आरोप है कि अमन के परिवार (मां, बुआ और चाचा) ने उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला। पुलिस ने इस मामले में BNS की विभिन्न धाराओं और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अमन खान आगर मालवा कलेक्टर ऑफिस में क्लर्क है। अमन खान का पक्ष: “साजिश के तहत फंसाया गया” दूसरी ओर, आरोपी अमन खान ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना है कि युवती के परिवार ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन हिंदू धर्म अपनाने पर मजबूर किया। उनसे हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई और अब “लव जिहाद” के नाम पर फंसाने की धमकी दी जा रही है। अमन का दावा है कि उन्होंने इस बारे में 8-9 दिन पहले पुलिस को आवेदन दिया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हिंदू संगठनों की चेतावनी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता कृष्णा गोले ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल बड़वानी पुलिस दोनों तरफ के दावों और सबूतों की बारीकी से जांच कर रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि सच सामने आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दमोह में 11 साल की बच्ची से दो बार गैंगरेप:हटा के दो युवकों पर पॉक्सो एक्ट में केस, आरोपियों की तलाश जारी

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में 11 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने बुधवार रात परिजन साथ थाने पहुंचकर दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मामले की जांच कर रही महिला एसआई प्रीति पांडे ने बताया कि आरोपियों ने मासूम के साथ यह दरिंदगी पहली बार नहीं की है। करीब 10-12 दिन पहले भी उन्होंने बच्ची के साथ गलत काम किया था। उस वक्त बच्ची इतनी डरी हुई थी कि उसने घर में किसी को कुछ नहीं बताया। आरोपियों ने इसी का फायदा उठाया और मंगलवार रात दोबारा उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों की तलाश जारी हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी के मुताबिक, शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और गैंगरेप की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में दो नाम सामने आए हैं- दानिश कुरैशी (20 साल) वारिक (19 साल) ये दोनों आरोपी हटा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। घटना के बाद से ही पुलिस की टीमें इनकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं। डॉक्टरी जांच के लिए भेजा गया अस्पताल पुलिस ने बच्ची के बयान दर्ज कर उसे मेडिकल चेकअप के लिए जिला अस्पताल भेजा है। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा दिलाई जाएगी।
तस्वीरों में धार हादसा, एक एंबुलेंस में 4-4 लोग:कोई पिकअप के नीचे दबा, कोई सड़क पर पड़ा रहा, अस्पताल में शव ढूंढते रहे परिजन

मध्य प्रदेश के धार में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सामने आई तस्वीरें घटनास्थल की भयावहता बयां कर रही हैं। मजदूरों से भरा पिकअप वाहन स्कॉर्पियो को टक्कर मारने के बाद पलट गया, जिसमें अब तक दो बच्चों समेत 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा स्थित जियो पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे हुआ। तस्वीरों में मौके पर मची अफरा-तफरी, क्षतिग्रस्त वाहन और घायलों को अस्पताल ले जाते दृश्य साफ नजर आ रहे हैं। हादसे की 12 तस्वीरें
कान्हा में अमाही बाघिन के आखिरी शावक की मौत:9 दिनों में बाघिन और उसके 4 शावकों की जान गई; पूरा कुनबा खत्म

मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में बुधवार को अमाही बाघिन (T-141) और उसके आखिरी बचे शावक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले 9 दिनों के भीतर इस बाघ परिवार के सभी 5 सदस्य (बाघिन और उसके 4 शावक) खत्म हो गए हैं। बाघिन और उसके इकलौते बचे शावक को बचाने के लिए मुक्की के क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी देखरेख कर रही थी, लेकिन बुधवार सुबह पहले बाघिन ने दम तोड़ा और फिर शाम को करीब 5:30 बजे शावक की भी मौत हो गई। कैसे उजड़ा बाघिन का कुनबा? बाघिन के बच्चों की मौत का सिलसिला 21 अप्रैल से शुरू हुआ था- 21 अप्रैल को पहले शावक की मौत। 24 अप्रैल को दूसरा शावक मृत मिला। 25 अप्रैल को तीसरे शावक ने दम तोड़ा। 29 अप्रैल को सुबह बाघिन और शाम को चौथे शावक की मौत। संक्रमण बनी मौत की वजह! कान्हा पार्क प्रबंधन ने बताया कि मृत बाघिन की उम्र करीब 8 से 10 साल और शावक की उम्र 15 से 18 महीने के बीच थी। डॉक्टरों की टीम ने बाघिन का पोस्टमार्टम कर लिया है, जबकि शावक का पोस्टमार्टम और दोनों का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया जाएगा। शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों में संक्रमण होना बताया जा रहा है। उठ रहे हैं गंभीर सवाल महज 9 दिनों के अंदर पूरा कुनबा खत्म हो जाने से पार्क की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इतना घातक संक्रमण कैसे फैला और प्रबंधन इसे रोकने में नाकाम क्यों रहा, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन और शावक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं, आगे की जांच के लिए सैंपल लैब भेजे गए हैं।
2026 ने तोड़ा रिकॉर्ड! बंगाल में भारी मतदान क्या दर्शाता है? यह किसका पक्ष लेता है? निगाहें 4 मई पर | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 22:27 IST बंगाल चुनाव 2026: दोनों चरणों में 92.47% के संयुक्त मतदान के साथ – आजादी के बाद से सबसे अधिक – राज्य ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बंगाल चुनाव 2026: मतदान का प्रतिशत बताता है कि यह चुनाव मतदाताओं के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। बंगाल ने अपना लोकतांत्रिक इतिहास फिर से लिखा है। दोनों चरणों में 92.47% के संयुक्त मतदान के साथ – आज़ादी के बाद से सबसे अधिक – राज्य ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लेकिन बूथ पर इस असाधारण उत्साह का वास्तव में क्या मतलब है? 2026 के विधानसभा चुनावों के दोनों चरणों में मतदान 2011 के ऐतिहासिक चुनावों के दौरान निर्धारित 84.72% के पिछले उच्च स्तर को पार कर गया। 23 अप्रैल को आयोजित चरण 1 में 93.19% दर्ज किया गया, जबकि चरण 2 – दक्षिण बंगाल और कोलकाता में 142 सीटों को कवर करते हुए – शाम 7:45 बजे तक लगभग 91.66% पर बंद हुआ। सीधे शब्दों में कहें तो बंगाल में पहले कभी इस तरह वोटिंग नहीं हुई. वास्तव में क्या टूटा था? 2011 के चुनाव बंगाल की राजनीतिक स्मृति में अंकित हैं – यही वह वर्ष था जब ममता बनर्जी ने भूकंपीय “पोरीबोर्टन” (परिवर्तन) लहर में वाम मोर्चे के 34 वर्षों के शासन को समाप्त कर दिया था। उस चुनाव में 84.72% मतदान दर्ज किया गया था, जिसे लंबे समय तक राज्य में मतदाता उत्साह का स्वर्ण मानक माना जाता था। 2026 में, बंगाल ने चरण 2 में मतदान समाप्त होने से पहले ही उस आंकड़े को पार कर लिया था। संख्याएं, संक्षेप में, आपको बताती हैं कि यह चुनाव मतदाताओं के लिए उतना ही परिणामी लगता है। किन जिलों में सबसे ज्यादा मतदान हुआ? चरण 2 में दक्षिण बंगाल के जिलों में उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई: • पूर्व बर्धमान — 92.46% • हुगली — 90.34% • नादिया — 90.28% • दक्षिण 24 परगना — ~89.7% • हावड़ा — 89.44% दोनों चरणों को मिलाकर, पश्चिम बंगाल में कुल 6,82,51,008 मतदाता वोट डालने के पात्र थे। शहरी और ग्रामीण दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में भागीदारी का व्यापक स्तर यह संकेत देता है कि यह कोई स्थानीय उछाल नहीं है – यह राज्यव्यापी है। क्या अधिक मतदान से टीएमसी या बीजेपी को मदद मिलती है? यह वह सवाल है जिससे हर विश्लेषक जूझ रहा है। ऐतिहासिक रूप से बंगाल में, उच्च मतदान ने सत्तारूढ़ पार्टी का पक्ष लिया है – टीएमसी ने मजबूत लामबंदी के साथ 2021 में 294 में से 215 सीटें जीत लीं। लेकिन 2026 एक महत्वपूर्ण तरीके से अलग है: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ने लगभग 9 मिलियन मतदाताओं को हटा दिया – लगभग 12% मतदाता – एक गहन रूप से विवादित अभ्यास जिसे टीएमसी ने मताधिकार से वंचित करना कहा और भाजपा ने फर्जी प्रविष्टियों को साफ करने के रूप में बचाव किया। सिकुड़ी हुई मतदाता सूची के साथ, 92% मतदान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है – इसका मतलब है कि लगभग हर शेष पंजीकृत मतदाता उपस्थित हुआ। • यदि हटाए गए नामों पर गुस्सा लोगों को बूथों पर ले जाता है – तो इससे टीएमसी को नुकसान हो सकता है • यदि टीएमसी की कल्याण मशीनरी ने प्रभावी ढंग से अपना आधार जुटाया – तो संख्याएं ममता के पक्ष में हैं • चार एग्जिट पोल ने बीजेपी को बढ़त दी है, जबकि केवल एक – पीपुल्स पल्स – ने टीएमसी की वापसी की भविष्यवाणी की है मतदाता वास्तव में किसके लिए मतदान कर रहे थे? मतदान के नाटक से परे, चुनाव को रोजगार और औद्योगिक विकास संबंधी चिंताओं, भर्ती घोटाले, महिला सुरक्षा, पहचान की राजनीति और 15 साल के टीएमसी शासन के बाद सत्ता विरोधी लहर ने आकार दिया था। भाजपा ने नौकरियों और शासन की विफलताओं को सामने रखा; टीएमसी ने कल्याण वितरण और बंगाली पहचान पर अभियान चलाया। भागीदारी के विशाल पैमाने से पता चलता है कि दोनों खेमों के मतदाताओं को लगा कि बाहर बैठने के लिए दांव बहुत बड़ा है। हमें कब पता चलेगा? परिणाम घोषित किये जायेंगे 4 मईअसम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में परिणामों के साथ। बंगाल का फैसला – अपने रिकॉर्ड मतदान, हाई-वोल्टेज प्रतियोगिता और गहराई से विभाजित एग्ज़िट पोल अनुमानों के साथ – उन सभी में सबसे अधिक बारीकी से देखे जाने का वादा करता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 22:27 IST समाचार चुनाव 2026 ने तोड़ा रिकॉर्ड! बंगाल में भारी मतदान क्या दर्शाता है? यह किसका पक्ष लेता है? निगाहें 4 मई पर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)मतदान परिणाम(टी)मतगणना
गर्भवती पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार:रील बनाने पर विवाद, शराब के नशे में गला रेता, आरोपी गिरफ्तार

छतरपुर: जिले के चंदला थाना क्षेत्र के बलकौरा गांव में बुधवार सुबह पति ने अपनी गर्भवती पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग दहशत में हैं। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार बलकौरा निवासी रामवरन उर्फ पप्पू अहिरवार शराब का आदी था और अपनी पत्नी पिंकी अहिरवार के चरित्र पर अक्सर शक करता था। इसी बात को लेकर वह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। परेशान होकर पिंकी करीब तीन महीने से मायके में रह रही थी। वह चार माह की गर्भवती थी। करीब एक सप्ताह पहले ही आरोपी उसे वापस घर लेकर आया था। रातभर बनाता रहा योजना बताया जा रहा है कि मंगलवार रात शराब के नशे में आरोपी ने पत्नी की हत्या की योजना बनाई। बुधवार सुबह उसने धारदार हथियार से पिंकी का गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में गर्भ में पल रहे चार माह के बच्चे की भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी अपनी पत्नी के मोबाइल पर रील बनाने को लेकर भी नाराज रहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता था, जो इस खौफनाक वारदात का कारण बना। आरोपी के दो बच्चे मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों—एक बेटा और एक बेटी—को छोड़ गई है। इस घटना से बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया। हत्या के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। थाना प्रभारी श्रद्धा शुक्ला ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीओपी लवकुशनगर नवीन दुबे ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। चार माह में तीसरी हत्या ग्रामीणों के मुताबिक बलकौरा गांव में चार महीने के भीतर यह तीसरी हत्या है। लगातार हो रही वारदातों से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
ट्रेनी एयर होस्टेस ने इशारों से समझाए ट्रैफिक रूल:इंदौर के पलासिया चौराहे पर पुलिस ने चलाया अनूठा जागरूकता अभियान

इंदौर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस लगातार नए-नए प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने पलासिया चौराहे पर एक अनूठा जागरूकता अभियान चलाया। इसमें ट्रेनी एयर होस्टेस पलासिया चौराहे पर पहुंची और इस अभियान का हिस्सा बनीं।अभियान के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस ने फ्लाइट में दिए जाने वाले सुरक्षा निर्देशों की शैली में, इशारों एवं संकेतों के माध्यम से गाड़ी चलाने वालों को ट्रैफिक रूल्स का पालन करने के लिए मोटिवेट किया। कार्यक्रम के दौरान ट्रेनी एयर होस्टेस ने रेड सिग्नल पर रुकने, सीट बेल्ट लगाने, टू व्हीलर चलाने वालो को हेलमेट पहनने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने जैसे महत्वपूर्ण रुल्स की जानकारी दी। इस अभिनव पहल ने चौराहे पर उपस्थित गाड़ी चलाने वालों का ध्यान आकर्षित किया।
बेंगलुरु में भारी बारिश,अस्पताल की दीवार गिरने से 7 मौतें:इनमें 3 बच्चे शामिल, 7 घायलों का रेस्क्यू; सीएम सिद्धारमैया घटनास्थल पर पहुंचे

बेंगलुरु में बुधवार को भारी बारिश के बीच हॉस्पिटल की दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 3 बच्चे भी शामिल हैं। 7 घायलों का रेस्क्यू किया गया है। हादसे के समय सड़क किनारे मौजूद वेंडर और राहगीर मलबे की चपेट में आ गए। कई लोग मलबे में दब गए थे, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण बोवरिंग एंड लेडी कर्जन हॉस्पिटल की दीवार कमजोर हो गई थी। हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की। हादसे की तस्वीरें… उपमुख्यमंत्री बोले- दोषियों पर कार्रवाई होगी उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं विपक्ष ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सरकार की आलोचना की है। सरकार का कहना है कि वहां रेहड़ी-पटरी वालों को सामान बेचने की अनुमति दी गई थी। 7 घायलों में से 3 केरल से थे और बेंगलुरु घूमने आए थे। वहीं, मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि हादसा इतना भयानक था कि मलबे से शवों को बाहर निकालना पड़ा और कुछ लोगों को अपने पैर तक गंवाने पड़े। 2024 में बेंगलुरु में बारिश से 7 मंजिला इमारत ढही, 8 मौतें हुई थी बेंगलुरु में भारी बारिश के कारण 22 अक्टूबर 2024 को एक अंडरकंस्ट्रक्शन इमारत ढह गई थी। बाबूसापाल्या इलाके में हुए इस हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो गई। ————————- ये खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु में पानी की टंकी गिरने से 3 की मौत:चौथी मंजिल से फूड स्टॉल पर गिरी, बिल्डिंग मालिक पर लापरवाही का केस बेंगलुरु में बुधवार (2 अगस्त) रात को पानी की टंकी गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, वहीं एक व्यक्ति की हालत गंभीर है। टंकी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से नीचे फूड स्टॉल पर गिरी थी। ये घटना शिवाजी नगर बस स्टैंड के पास की है। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल में आजादी के बाद रिकॉर्ड मतदान, पहली बार मतदान 92 फीसदी के पार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्ड मतदान ने इतिहास रच दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, राज्य में पहले और दूसरे चरण के बाद पहली बार मतदान का आंकड़ा 92 प्रतिशत के पार है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 91.78 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि दूसरे और अंतिम चरण में 29 अप्रैल को 91.71 प्रतिशत मतदान हुआ था। विद्युत आयोग के अनुसार, यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है, जो 2011 के 84.72 प्रतिशत के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गया है। बंगाल चुनाव में बम्पर वोट इस चुनाव में खास बात यह रही कि महिला भागीदारी में पुरुषों से ज्यादा रही। महिलाओं ने करीब 93.24 प्रतिशत मतदान किया, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 91.74 रहा. राज्य में मुख्य मुकाबला कैथोलिक कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच देखा गया। दोनों ने ही भारी मतदान को अपने पक्ष में सम्राट का संकेत बताया है। दक्षिण बंगाल के प्रमुख क्षेत्र कोलकाता, हावड़ा, हुगली, नादिया और उत्तर-दक्षिण 24 परगना में लंबी कतारें, राजनीतिक तनाव और चिटपुट हिंसा के बीच झड़प हुई। ये इलाक़ा पर्यटन स्थल से बेहद पुराने माने जाते हैं। नॉर्दर्न बनाम बीजेपी का मुकाबला वोटिंग के दौरान कुछ जगहों पर स्टॉकहाउस, स्टॉकहाउस, स्टॉकहोम और चार्ज-प्रत्यारोप की घटनाएं भी सामने आईं। ममता बनर्जी ने भाजपा पर केंद्रीय विचारधारा के समर्थकों का आरोप लगाया, जबकि नामांकन के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “हतशा” बताया। कुल मिलाकर, रिकॉर्ड मतदान से यह साफ हो गया है कि इस बार का चुनाव बेहद कठिन और ठंडा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इतनी बड़ी हिस्सेदारी सत्ता परिवर्तन का संकेत बिंदु है या यूक्रेन कांग्रेस अपने शेयर बाजार में रहता है। ये भी पढ़ें: बंगाल के इन दो वोट पोल में भाजपा हुई साफ, ममता बनर्जी की फिर से बनी रही सरकार
पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी में फिर खिल सकता है कमल, एनडीए को 18+ बढ़त, बहुमत के जादुई आंकड़े पार

पुडुचेरी एग्जिट पोल 2026: पुडुचेरी की 30 वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में एक अलग-अलग चुनावी पोल सामने आया है और अब एक साझा रुझान की ओर इशारा किया जा रहा है। ‘पोल ऑफ पोल्स’ के सम्मिलित विश्लेषण में एनडीए स्पष्ट बढ़त के साथ उभरता दिख रहा है। 30 विधानसभा वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 16 है और ज्यादातर सर्वे एनडीए को इस आंकड़े के पार ले नजर आ रहे हैं. एनडीए की मजबूत स्थिति तीन प्रमुख विचारधारा एक्सिस माय इंडिया, पीपल्स पल्स और प्रजा पोल के आंकड़ों पर नजर डालें तो एनडीए की स्थिति मजबूत दिख रही है। एक्सिस माई इंडिया के अनुसार एनडीए को 16 से 20 प्रवेश मिल सकते हैं, जिससे वह बहुमत के करीब या शीर्ष पर पहुंच जाएगी। पीपल्स पल्स भी एनडीए को 16 से 20 फ़्रैंचाइज़ी के फ़्लोरिडा में ले जाता है, जबकि प्रजा पोल सबसे बड़ा अनुमान देता है कि एनडीए 19 से 25 फ़्लोरिडा तक पहुँच रहा है। इन त्रिस्तरीय सर्वेक्षण का औसत यही संकेत देता है कि एनडीए पुडुचेरी में सरकार बनाने की स्थिति में है। कांग्रेस गठबंधन पीछे, लेकिन उम्मीद है दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन इन अध्ययनों में पीछे नजर आ रहा है। एक्सिस माय इंडिया उसे 6 से 8 दर्शन देता है, जबकि पीपुल्स पल्स के अनुसार उसे 10 से 12 प्रवेश मिल सकते हैं, जो उसके लिए थोड़ा बेहतर संकेत है। प्रजा पोल का अनुमान 6 से 10 के बीच है। कुल मिलाकर कांग्रेस गठबंधन के लिए चित्र-चित्र दिखाई दे रहे हैं, हालांकि कुछ सर्वेक्षणों में उन्हें कांग्रेस गठबंधन तक पहुंचने की संभावना भी बताई जा रही है। TVK की सीमित लेकिन महत्वपूर्ण भूमिकाइस चुनाव में एक दिलचस्प तथ्य TVK (तमिलगा वेत्री कज़गम) का भी परिचय है। एक्सिस माई इंडिया के मुताबिक उसे 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं, लेकिन पीपल्स पल्स और प्रजा पोल दोनों ही उसे कोई सीट नहीं देते। इसका संकेत यह है कि टीवीके का प्रभाव सीमित रह सकता है और वह कुछ चुनिंदा स्पीकर तक ही सीमित रह सकता है। अन्य विद्वानों की भूमिका भी अहमअन्य आश्रम और आश्रमों में 0 से 3 आश्रम जाने का अनुमान है। संख्या भले ही कम हो, लेकिन कुल मिलाकर एकजुटता सरकार बनाने के अनुपात को प्रभावित कर सकती है। राजनीतिक विश्लेषण: छोटे राज्यों में बड़ा असरअलग-अलग सर्वे में बहुमत के आंकड़े में अंतर जरूर है, लेकिन रुझान एक ही दिशा में है- एनडीए बहुमत के करीब या उससे आगे। राजनीतिक सिद्धांत का मानना है कि छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थानीय मुद्दे, अभ्यर्थियों की छवि और कम नामांकन के गणित को तेजी से बदला जा सकता है। ऐसे में 2-3 का फर्क भी शक्ति का संतुलन बदला जा सकता है। अगर ‘पोल ऑफ डेमोक्रेटिक पोल्स’ की बात करें तो पुडुचेरी में एनडीए को स्पष्ट बढ़त दिख रही है। अनुमान के मुताबिक एनडीए करीब 18 सीटों पर बहुमत में है, जबकि कांग्रेस करीब 9 सीटों पर बहुमत पर नजर रख रही है। टीवीके को 2 और अन्य के 1 सीट जाने का अनुमान है, जिससे एनडीए की सरकार का गठन दिख रहा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)एनडीए पुदुचेरी(टी)कांग्रेस गठबंधन पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एनडीए पुडुचेरी(टी)कांग्रेस गठबंधन पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एक्सिस माई इंडिया(टी)पीपुल्स पल्स(टी)प्रजा पोल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)(टी)एनडीए सीटें पुडुचेरी(टी)कांग्रेस सीटें पुडुचेरी(टी)चुनाव सर्वेक्षण भारत(टी) डेल पुडुचेरी(टी)कांग्रेस पुडुचेरी(टी)टीवीके पार्टी(टी)एक्सिस माई इंडिया(टी)पीपुल्स पल्स(टी)प्रजा पोल(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)प्रदर्शनी पुडुचेरी(टी)कांग्रेस बढ़त पुडुचेरी






