Tuesday, 08 Sep 2026 | 07:01 PM

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अनारदाना धनिया पुदीना चटनी: पेट की जलन और भीषण गर्मी से राहत, घर पर इस आसान तरीके से अनारदाना और पुदीना की यह स्पेशल पाचक चटनी

तस्वीर का विवरण

अनारदाने, धनिया और पुदीने की चटनी तैयार करने के लिए सूखा अनारदाना सबसे जरूरी है। इसके साथ एल्युमीनियम पुदीने की पत्तियां, हरा धनिया, तीखा हरी मिर्च और अदरक का एक टुकड़ा लिया जाता है। छवि: मेटा एआई आवाज में काला काला नमक, साथ ही हुआ जीरा और चुटकी भर हींग जरूरी होता है। इनमें से सभी को समग्र रूप से तैयार किया गया है, जिसमें पाचन तंत्र को शामिल किया गया है। साथ ही खाने का स्वाद बढ़ता है। छवि: मेटा एआई बनाने के लिए सबसे पहले गाजर अनारदाने को अच्छी तरह से साफ कर लें और 15- 20 मिनट तक पानी में भिगाकर छोड़ दें। पुदीना और धनिया को भी मोटे कपड़े से धो लें ताकि किसी भी तरह की गंदगी न बचे। छवि: मेटा एआई सिलबट्टे पर पीसना सबसे अच्छा रहता है। अगर आप मिक्सी यूज करेंगे तो इसे बहुत ज्यादा इको न करें। अनारदाने, पुदीना और धनिया की हल्की दरदरेपन में बनी मॅक बनाने से स्वाद और टेक्चर निखार आता है छवि: मेटा एआई सबसे पहले अनारदाने, अदरक और हरी मिर्च को पहले थोड़ा पीस लें, फिर इसमें हरा धनिया और पुदीना डालें। जब चटनी पिस्कर तैयार हो जाए तब नमक में काला और फिर हुआ जीरा फाल्ट। छवि: एआई हींग को भूनकर लगाने से चटनी बढ़ती है। काला नमक पाचन के लिए हानिकारक होता है। सभी बच्चों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें। इसे लंबे समय तक ताजा और हरे रंग को बनाए रखने के लिए थोड़ा सा टेम्पलेट मिला दिया गया। छवि: एआई कच्चे माल को कांच की कटोरी या जार में रखें। आप इसे दोपहर के भोजन में दाल चावल, रोटी या कोई भी तली-हुई चीज के साथ खा सकते हैं। फ़र्ज़ी में इस मच को दो से तीन दिन तक बनाए रखना ख़राब नहीं है। छवि: एआई (टैग अनुवाद करने के लिए)अनारदाना चटनी(टी)पाचक भोजन(टी)स्वस्थ व्यंजन(टी)भारतीय मसाले(टी)अनार के बीज की चटनी(टी)पेट की देखभाल(टी)घरेलू उपचार(टी)पारंपरिक पाक कला(टी)स्वस्थ आहार(टी)ग्रीष्मकालीन व्यंजन

IPL के 19वें सीजन में भारतीय बल्लेबाजों का रिकॉर्ड योगदान:भारतीय बैटर्स विदेशियों पर भारी, कुल रन के 69% इनके नाम, स्ट्राइक रेट में अव्वल

IPL के 19वें सीजन में भारतीय बल्लेबाजों का रिकॉर्ड योगदान:भारतीय बैटर्स विदेशियों पर भारी, कुल रन के 69% इनके नाम, स्ट्राइक रेट में अव्वल

IPL 2026 में पूरी तरह भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा दिख रहा है। सीजन के शुरुआती 38 मैचों में कुल 13 हजार 100 रन बने हैं। इनमें से भारतीय बल्लेबाजों ने 9066 रन ठोके हैं, जो कि कुल रनों का 69.21% है। यह किसी एक सीजन के शुरुआती 38 मैचों के बाद भारतीय बल्लेबाजों के योगदान का सबसे बड़ा आंकड़ा है। पिछले साल इस स्टेज तक 12,858 रन बने थे, जिसमें भारतीय बैटर्स ने 66.25% का योगदान दिया था। IPL के शुरुआती वर्षों में यह आंकड़ा 50% के आसपास रहता था और 2009 में तो यह 47.51% तक गिर गया था। लेकिन इस साल भारतीय बल्लेबाजों ने रनों का जो अंबार लगाया है, उसने विदेशी बल्लेबाजों की चमक फीकी कर दी है। विदेशी बल्लेबाजों ने इस सीजन 30.79% रन (4034) बनाए हैं, जो भारतीय बैटर्स का आधा भी नहीं है। विस्फोटक बैटिंग: टॉप-11 स्ट्राइक रेट में सभी भारतीय बल्लेबाज विदेशी दिग्गजों का फ्लॉप शो… अनकैप्ड का बेस्ट सीजन : सर्वाधिक योगदान-सर्वाधिक अवॉर्ड्स भारतीय अनकैप्ड खिलाड़ियों ने 2757 रन बनाए हैं, जो किसी भी सीजन के पहले 38 मैचों के हिसाब से सबसे ज्यादा है। इनका स्ट्राइक रेट 160.48 भी किसी सीजन में सर्वश्रेष्ठ रहा है। स्ट्राइक रेट के मामले में टॉप-11 में से चार अनकैप्ड भारतीय हैं। प्रियांश ने 249.01 के स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई हैं, जबकि वैभव 234.86 के स्ट्राइक रेट के साथ दूसरे नंबर पर हैं। प्रभसिमरन और आयुष म्हात्रे ने दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। इस सीजन में अनकैप्ड भारतीयों ने 6 बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता है, जो एक नया रिकॉर्ड है। ———————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; देश में बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान वह ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए।पूरी खबर

‘सब बीजेपी के गठन पर नाच रहे’, बंगाल में वोट के बीच टूट गई ममता बनर्जी, जानें क्या आरोप

'सब बीजेपी के गठन पर नाच रहे', बंगाल में वोट के बीच टूट गई ममता बनर्जी, जानें क्या आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव के दौरान केंद्रीय सेना और बाहरी पर्यवेक्षकों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में सामुहिकता नहीं देखी जा रही है और भाजपा के सिद्धांतों को धर्मशास्त्र में शामिल किया जा रहा है। चुनाव आयोग पर आधारित संरचना ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘ऐसे कई पर्यवेक्षक आए हैं जो पूरी तरह से भाजपा के नामांकन के अनुसार काम कर रहे हैं।’ उन्होंने मतदान की स्थिति पर असन्तोष जताते हुए अनुरोध किया, ‘जनता को अपना वोट देना है, लेकिन इस तरह के लोकतांत्रिक मतदान संभव क्या है?’ मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि चुनाव से पहले ही उनकी पार्टी के सभी झंडे और पोस्टर हटा दिए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्व अपनी मनमर्जी कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन को नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘वे वार्ड नंबर 70 के ताकतों को बाहर तक नहीं छोड़ दे रहे हैं। हमारे सोसल को चुन-चुन कर उठाया जा रहा है। स्थिति की विशिष्टता को देखते हुए अभिषेक और मैं पूरी रात जागते रहे।’ ‘पर्यवेक्षक बीजेपी के समर्थकों पर नाच रहे’ – ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग का कार्यभार संभाला। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग का सदस्य हमें टोक रहा है। ‘इसमें कोर्ट के समर्थकों का नोटिस भेजा गया है, बाहरी पर्यवेक्षकों को बंगाल लाया गया है, ये खुले तौर पर बीजेपी के समर्थकों पर नाच रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘चक्रबेरिया जाइए, आप खुद देखें कि हमारे सभी पोस्ट हटाए गए हैं। क्या चुनाव इसी तरह के उपकरण चलते हैं? ये लोग बाहर से कुछ लोगों को पसंद आते हैं, और ये लोग झील में डर और आतंक फैलाते हैं, इसके अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। ये जल्द ही चले जायेंगे.’ यह भी पढ़ें – पहले चरण में रिकॉर्ड वोटों के बाद 1448 रिकॉर्ड्स पर किस्मत, 142 पर 142 वोटों का फैसला शामिल होगा बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 क्वार्टर पर वोटिंग पूरी हो चुकी है। पहले चरण में बंगाल में रिकॉर्ड 93.2 फीसदी की भारी वोटिंग हुई है. 29 अप्रैल यानि आज दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। महिलाएं भी मतदान में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। दूसरे चरण की और प्रमुख हस्तियों के होने के बाद 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी, चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। यह भी पढ़ें- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: पिछली बार सीएम ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में किसको हराया था, अब भवानीपुर में दे रहे हैं उन्हें टक्कर, जानें क्यों हैं ये सीट (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)ईसी(टी)चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 चरण 2(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 अपडेट(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव तारीख 2026(टी)पश्चिम बंगाल 2026 चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बंगाल दूसरे चरण का मतदान(टी)ममता बनर्जी(टी)ममता बनर्जी चुनाव आयोग पर प्रचार(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)बंगाल चुनाव मतदान

'जिन्होंने सदियों गुलाम बनाया, अब वो डर रहे हैं':यह डर अच्छा है; बरखेड़ा कुर्मी में दामोदर यादव ने विरोधियों पर साधा निशाना

'जिन्होंने सदियों गुलाम बनाया, अब वो डर रहे हैं':यह डर अच्छा है; बरखेड़ा कुर्मी में दामोदर यादव ने विरोधियों पर साधा निशाना

सीहोर के ग्राम बरखेड़ा कुर्मी में मंगलवार रात एक जनसभा का आयोजन किया गया। इसमें आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। विरोधियों पर साधा निशाना रात 11 बजे से 1 बजे तक चले इस संबोधन में यादव ने सामाजिक न्याय और सत्ता में भागीदारी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्थानीय बुंदेली/मालवी लहजे के शब्दों ‘ठटरी’ और ‘बार देना’ का अर्थ समझाते हुए कहा कि जो लोग उनकी यात्रा और विचारधारा को रोकने के लिए राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट तक चिट्ठियां लिख रहे हैं, वे इस जागृति से डरे हुए हैं। सत्ता में भागीदारी की बात कही यादव ने दावा किया कि जिस दिन पिछड़ा वर्ग और दलित वर्ग एक होकर खड़ा हो गया, उस दिन देश की राजनीतिक तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने आह्वान किया कि “जिन्हें सदियों तक गुलाम बनाया गया, अब वे इस देश के मालिक और शासक बनेंगे।” घोड़ी विवाद पर दिया बयान घोड़ी पर चढ़ने को लेकर होने वाले विवादों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज दलितों को घोड़ी पर नहीं चढ़ने दे रहे, समय आने पर उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा और उन्हें गधे पर बैठाने का काम करेंगे। दामोदर यादव ने बाबा साहेब अंबेडकर के संघर्ष और उनके बच्चों के बलिदान को याद दिलाते हुए ग्रामीणों से अपने वोट की कीमत समझने की अपील की। कार्यक्रम में भीम युवा संगठन और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। देर रात होने के बावजूद आसपास के गांवों से भी लोग दामोदर यादव को सुनने के लिए डटे रहे और कार्यक्रम स्थल ‘जय भीम’ के नारों से गूंजता रहा। उल्लेखनीय है कि सीहोर जिले में आजाद समाज पार्टी लगातार अपनी पैठ बढ़ाने का प्रयास कर रही है। दामोदर यादव के इस आक्रामक तेवर को आने वाले स्थानीय और बड़े चुनावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

लिस्टेड गुंडे कौवा, टूंडा और शहबाज जिलाबदर:48 घंटे में छोड़ना होगा खंडवा जिला; एक साल तक 7 जिलों में एंट्री पर रोक

लिस्टेड गुंडे कौवा, टूंडा और शहबाज जिलाबदर:48 घंटे में छोड़ना होगा खंडवा जिला; एक साल तक 7 जिलों में एंट्री पर रोक

खंडवा में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तीन आदतन बदमाशों को जिलाबदर किया है। जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आदेश जारी कर तीनों आरोपियों को एक साल के लिए खंडवा समेत 7 जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए हैं। थाना मोघट रोड पुलिस द्वारा तैयार प्रस्ताव पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आदेश तामील करा दिया है और बदमाशों को 48 घंटे के भीतर क्षेत्र छोड़ना होगा। तीनों पर 57 गंभीर अपराध, मोघट पुलिस ने भेजा था प्रस्ताव लगातार आपराधिक गतिविधियों और आदतों में सुधार न होने पर एसपी मनोज कुमार राय के निर्देशन में थाना मोघट रोड पुलिस ने जिलाबदर का प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में पेश किया था। एएसपी महेंद्र तारणेकर और सीएसपी अभिनव बारंगे के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। जिन बदमाशों को जिलाबदर किया गया है, उनका रिकॉर्ड इस प्रकार है: शाहबाज उर्फ सेवाज उर्फ गोलू उर्फ टुंडा (24): रामेश्वर टेकड़ा निवासी इस आरोपी पर मारपीट, घर में घुसकर हमला, छेड़छाड़, हत्या का प्रयास, लूट और आगजनी सहित 19 गंभीर अपराध दर्ज हैं। इसके खिलाफ 6 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हो चुकी है। राहुल उर्फ कौवा (21): आईटीआई के पीछे झुग्गी क्षेत्र निवासी राहुल पर हत्या, प्राणघातक हमला, छेड़छाड़, अवैध हथियार रखने और लूट जैसे 8 अपराध दर्ज हैं। पुलिस इस पर 9 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर चुकी है। शहबाज (34): रामेश्वर टेकड़ा निवासी इस बदमाश पर मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाना, मादक पदार्थों की बिक्री, धमकी और शांति भंग जैसे सर्वाधिक 30 अपराध दर्ज हैं। इसके खिलाफ 21 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हो चुकी है। खंडवा के साथ इंदौर, हरदा सहित 7 जिलों में नो-एंट्री जिला दंडाधिकारी के आदेश के मुताबिक, तीनों आरोपियों को एक साल के लिए खंडवा (पूर्व निमाड़) जिले के साथ-साथ सीमा से लगे बुरहानपुर, खरगोन, देवास, हरदा, बैतूल और इंदौर जिलों से भी निष्कासित किया गया है। इस अवधि में इन 7 जिलों की सीमाओं में इनका प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। 48 घंटे में छोड़नी होगी सीमा, वरना होगी कार्रवाई पुलिस ने तीनों आरोपियों को आदेश की प्रति तामील करा दी है। आदेश के अनुसार, इन बदमाशों को 48 घंटे के भीतर तय किए गए जिलों की सीमाओं से बाहर जाना होगा। यदि ये बदमाश तय समय सीमा के बाद इन क्षेत्रों में पाए जाते हैं या आदेश का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कुपोषण से बच्ची की मौत का मामला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्खास्त:निगरानी में चूक पर दो सुपरवाइजर का इंक्रीमेंट दो साल तक रुका

कुपोषण से बच्ची की मौत का मामला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्खास्त:निगरानी में चूक पर दो सुपरवाइजर का इंक्रीमेंट दो साल तक रुका

सतना जिले के मझगवां ब्लॉक के सुरांगी गांव में 4 माह की बच्ची सूर्यांशी उर्फ प्रियांशी प्रजापति की कुपोषण से मौत के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बर्खास्त किया और दो सुपरवाइजरों की वेतन वृद्धि रोक दी, जहां जांच में लापरवाही सामने आई। बच्ची की हालत गंभीर, समय पर नहीं मिला इलाज जानकारी के अनुसार, सुरांगी गांव की 4 माह की बच्ची सूर्यांशी उर्फ प्रियांशी प्रजापति लंबे समय से गंभीर कुपोषण से पीड़ित थी। उसकी तबीयत लगातार खराब बनी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती नहीं कराया गया। बुखार आने पर अस्पताल ले जाया गया जब बच्ची को बुखार आया तो परिजन उसे उसके जुड़वा भाई के साथ मझगवां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए दोनों बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में सूर्यांशी को पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। हालत और बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रास्ते में एम्बुलेंस में तोड़ा दम रीवा ले जाते समय बच्ची की हालत और खराब हो गई और उसने रास्ते में ही एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे मामले में लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे। प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्तर पर गंभीर लापरवाही बरती गई। बच्ची की नियमित निगरानी नहीं की गई और उसकी स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। एनआरसी रेफर नहीं करने पर जिम्मेदारी तय जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बच्ची अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में थी, फिर भी उसे समय पर एनआरसी रेफर नहीं किया गया। इसके साथ ही परिजनों को सही सलाह और इलाज के लिए मार्गदर्शन भी नहीं दिया गया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि बच्ची के नियमित टीकाकरण में भी लापरवाही सामने आई है, जिससे उसकी स्थिति और बिगड़ने की आशंका बढ़ गई थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को किया गया बर्खास्त इन सभी गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूजा पाण्डेय को जिम्मेदार मानते हुए तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। जांच में केवल आंगनबाड़ी स्तर ही नहीं, बल्कि पर्यवेक्षण स्तर पर भी कमी पाई गई। संबंधित सुपरवाइजर दीपक विश्वकर्मा और करुणा पाण्डेय नियमित गृहभेंट और निगरानी करने में विफल रहे। जोखिम वाले बच्चों की पहचान में चूक दोनों सुपरवाइजर समय पर जोखिम वाले बच्चों की पहचान नहीं कर पाए और न ही उनका फॉलोअप किया। इसके साथ ही स्वास्थ्य प्रबंधन और काउंसलिंग में भी लापरवाही सामने आई। कलेक्टर के आदेश के अनुसार, परियोजना चित्रकूट-1 में पदस्थ इन दोनों सुपरवाइजरों की दो वित्तीय वर्षों तक वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजा रघुवंशी मर्डर: मां बोली सोनम को जमानत कैसे मिली?:भाई विपिन बोला- हाईकोर्ट में अपील करेंगे, शिलांग गया तो सोनम मुझ पर भी करा सकती है हमला

राजा रघुवंशी मर्डर: मां बोली सोनम को जमानत कैसे मिली?:भाई विपिन बोला- हाईकोर्ट में अपील करेंगे, शिलांग गया तो सोनम मुझ पर भी करा सकती है हमला

राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने की खबर ने परिवार को झकझोर दिया। परिजनों को इस फैसले की जानकारी उनके वकील से नहीं, बल्कि शिलांग पुलिस के एक फोन से मिली। अचानक आई इस खबर के बाद घर का माहौल बदल गया। दैनिक भास्कर से बातचीत में राजा की मां उमा रघुवंशी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस फैसले पर यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम इस पूरे मामले की मास्टरमाइंड है। उमा ने कहा, अभी तक तो सुना था कि कानून अंधा होता है आज देखने को भी मिल गया। उन्होंने मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप की अपील की है। उमा रघुवंशी ने कहा कि एक मां को अपने बेटे के लिए न्याय की उम्मीद थी, लेकिन इस फैसले ने उन्हें बड़ा झटका दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर मुख्य आरोपी को जमानत मिल सकती है, तो अन्य आरोपियों को भी राहत मिल सकती है। वह जब भी इंदौर आएगी तो मैं उससे पूछूंगी कि मेरे बेटे का क्या कसूर था? क्यों मारा उसे? सोनम या उसका भाई मुझ पर करा सकता है हमला वहीं, राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि सोनम को सोमवार को ही जमानत मिल गई थी, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी मंगलवार को शिलांग पुलिस से मिली। चार दिन पहले तक उनके वकील ने भी जमानत मिलने की संभावना से इनकार किया था। विपिन ने आरोप लगाया कि सोनम के परिवार, खासकर उसके भाई गोविंद का उसे पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि पैसों की ताकत के आगे हम अपने भाई को न्याय नहीं दिला पा रहे हैं। वे सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख करेंगे और जरूरत पड़ी तो शिलांग भी जाएंगे। ऐसे में यदि सोनम वापस जेल जाती है तो भाई गोविंद इसका बदला ले सकता है। विपिन ने आशंका भी जताई कि अगर अपील करने के लिए अगर वह शिलांग जाते है तो सोनम उन पर हमला करा सकती है। यदि मेरे साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए गोविंद जिम्मेदार होगा। जमानत के आधार पर भी सवाल उठाते हुए विपिन ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कोर्ट ने यह मानते हुए जमानत दी कि गिरफ्तारी के वक्त सोनम को कारण नहीं बताया गया था। हमें अब तक चार्जशीट की कॉपी नहीं दी गई, जबकि दूसरी ओर आरोपी पक्ष को यह उपलब्ध करा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में एक अन्य आरोपी राज कुशवाह की जमानत पर भी जल्द सुनवाई हो सकती है।

आईपीएल मैच पर सट्टा लगाते एक सटोरी गिरफ्तार:सिवनी में नगदी, मोबाइल जब्त; एक अन्य आरोपी फरार

आईपीएल मैच पर सट्टा लगाते एक सटोरी गिरफ्तार:सिवनी में नगदी, मोबाइल जब्त; एक अन्य आरोपी फरार

सिवनी जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने आईपीएल मैच पर सट्टा लगाते एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से नगदी और एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन जब्त किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने रात्रि के समय बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देश पर जुआ-सट्टा और अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी सचिन पारे के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस को पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे क्षेत्र में आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगाए जाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। वहां एक व्यक्ति मोबाइल पर आईपीएल मैच देखते हुए ऑनलाइन लेनदेन कर रहा था। पुलिस को देखकर उसने मोबाइल छिपाने का प्रयास किया, जिसे तत्काल पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 5100 रुपये नगद जब्त किए। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शुभम पटेल (29 वर्ष), निवासी शिवमंदिर के पास, अकबर वार्ड, बारापत्थर, सिवनी बताया। जांच में खुलासा हुआ कि वह डूंडासिवनी निवासी प्रफुल्ल यादव के लिए कमीशन पर अपने मोबाइल के माध्यम से व्हाट्सएप पर चैटिंग कर आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा चला रहा था। आरोपी शुभम पटेल के खिलाफ सट्टा अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। फरार आरोपी प्रफुल्ल यादव की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी, प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने, आरक्षक सतीश इनवाती और प्रतीक बघेल सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने बताया कि अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

गर्मी का असर:पारा लगातार 40 डिग्री रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस 20-25%बढ़े, बच्चे-बुजुर्गों पर ज्यादा असर

गर्मी का असर:पारा लगातार 40 डिग्री रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस 20-25%बढ़े, बच्चे-बुजुर्गों पर ज्यादा असर

तापमान लगातार 40 डिग्री से अधिक रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस बढ़ गए हैं। एमवायएच की ओपीडी में 20 से 25 फीसदी ज्यादा मरीज पहुंचने लगे हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार गर्मी अचानक बढ़ गई है, जिससे शर . सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक गर्मी का असर सबसे ज्यादा है। इस दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और कई मरीज उल्टी, चक्कर, तेज बुखार की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। कई मामलों में ड्रिप और ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ रहा है। पहले से अस्थमा, हार्ट और शुगर के मरीज ज्यादा संवेदनशील 5 साल से कम उम्र के बच्चों में पानी की कमी जल्दी हो रही है, वहीं 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में हीट सहन करने की क्षमता कम होने से हालत तेजी से बिगड़ रही है। पहले से अस्थमा, हार्ट और शुगर के मरीज ज्यादा संवेदनशील हैं। लगातार पसीना निकलने के बावजूद पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट नहीं लेने से शरीर का बैलेंस बिगड़ रहा है। यही कारण है कि सामान्य कमजोरी से सीधे हीट स्ट्रोक तक के केस सामने आ रहे हैं। यह करें : छोटी सावधानी से बड़ा बचाव डॉक्टरों की सलाह है कि दिन में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं, खाली पेट धूप में न निकलें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर ढंककर ही बाहर जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर में बहुत जरूरी हो, तभी घर से निकलने दें। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. धर्मेंद्र झंवर, विभागाध्यक्ष, एमजीएम मेडिकल कॉलेज शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर रहे ओपीडी में रोज हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के केस धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। लोग शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। गर्म हवा और धूल के कारण सांस के मरीजों में दिक्कत बढ़ रही है। अलर्ट : बच्चे क्या करें, क्या न करें धूप से बचाव: 11 बजे से 4 बजे तक बच्चों को बाहर न ले जाएं। जरूरत हो तो कैप, हल्के कपड़े और छांव का उपयोग करें, सीधे धूप से बचाएं। क्या खिलाएं: तरबूज, खरबूजा, संतरा, दही-छाछ, नारियल पानी, हल्का खाना- दाल-चावल, खिचड़ी। क्या खाने से बचें : तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड से बचाएं, ज्यादा ठंडी चीजें न दें। देखभाल: रोज नहलाएं, त्वचा सूखी रखें। संकेत: मुंह सूखना, यूरिन कम होना या सुस्ती दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

गर्मी का असर:पारा लगातार 40 डिग्री रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस 20-25%बढ़े, बच्चे-बुजुर्गों पर ज्यादा असर

गर्मी का असर:पारा लगातार 40 डिग्री रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस 20-25%बढ़े, बच्चे-बुजुर्गों पर ज्यादा असर

Hindi News Local Mp Indore With Temperatures Consistently Hovering Around 40 Degrees Celsius, Cases Of Heatstroke And Dehydration Have Risen By 20 25%, With Children And The Elderly Particularly Affected. इंदौर18 मिनट पहले कॉपी लिंक तापमान लगातार 40 डिग्री से अधिक रहने से लू-डिहाइड्रेशन के केस बढ़ गए हैं। एमवायएच की ओपीडी में 20 से 25 फीसदी ज्यादा मरीज पहुंचने लगे हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बार गर्मी अचानक बढ़ गई है, जिससे शरीर को अनुकूल होने का समय नहीं मिला। हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक गर्मी का असर सबसे ज्यादा है। इस दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और कई मरीज उल्टी, चक्कर, तेज बुखार की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। कई मामलों में ड्रिप और ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ रहा है। पहले से अस्थमा, हार्ट और शुगर के मरीज ज्यादा संवेदनशील 5 साल से कम उम्र के बच्चों में पानी की कमी जल्दी हो रही है, वहीं 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में हीट सहन करने की क्षमता कम होने से हालत तेजी से बिगड़ रही है। पहले से अस्थमा, हार्ट और शुगर के मरीज ज्यादा संवेदनशील हैं। लगातार पसीना निकलने के बावजूद पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट नहीं लेने से शरीर का बैलेंस बिगड़ रहा है। यही कारण है कि सामान्य कमजोरी से सीधे हीट स्ट्रोक तक के केस सामने आ रहे हैं। यह करें : छोटी सावधानी से बड़ा बचाव डॉक्टरों की सलाह है कि दिन में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं, खाली पेट धूप में न निकलें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, सिर ढंककर ही बाहर जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर में बहुत जरूरी हो, तभी घर से निकलने दें। भास्कर एक्सपर्ट – डॉ. धर्मेंद्र झंवर, विभागाध्यक्ष, एमजीएम मेडिकल कॉलेज शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर रहे ओपीडी में रोज हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के केस धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। लोग शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। गर्म हवा और धूल के कारण सांस के मरीजों में दिक्कत बढ़ रही है। अलर्ट : बच्चे क्या करें, क्या न करें धूप से बचाव: 11 बजे से 4 बजे तक बच्चों को बाहर न ले जाएं। जरूरत हो तो कैप, हल्के कपड़े और छांव का उपयोग करें, सीधे धूप से बचाएं। क्या खिलाएं: तरबूज, खरबूजा, संतरा, दही-छाछ, नारियल पानी, हल्का खाना- दाल-चावल, खिचड़ी। क्या खाने से बचें : तला-भुना, मसालेदार और जंक फूड से बचाएं, ज्यादा ठंडी चीजें न दें। देखभाल: रोज नहलाएं, त्वचा सूखी रखें। संकेत: मुंह सूखना, यूरिन कम होना या सुस्ती दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔