Wednesday, 09 Sep 2026 | 01:12 PM

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अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राज में भारतीयों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ दु:स्वप्न बनता जा रहा है। अब ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने एच-1 बी वीजा पर 3 साल तक रोक सहित कई अन्य कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया है। 7 रिपब्लिकन सांसदों की ओर से कांग्रेस (संसद) में पेश किए गए इस एच-1 बी दुरुपयोग रोकथाम बिल-2026 का उद्देश्य अमेरिकी लोगों के लिए नौकरी के ज्यादा मौके बनाना है। एरिजोना के रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने बिल को संसद में रखा है। बिल पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य सांसदों में ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स शामिल हैं। अमेरिकी हितों से जुड़े इस बिल पर डेमोक्रे​टिक पार्टी के कुछ सांसदों का भी समर्थन मिलने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, 100 सांसदों की सीनेट में 60 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद साल के अंत तक वोटिंग संभव है। इस बिल से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे। क्योंकि, अमेरिका में हर साल जारी होने वाले लगभग 85 हजार एच-1 बी वीजा में से लगभग 63 हजार वीजा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलते हैं। दूसरे नंबर पर चीन के प्रोफेशनल्स आते हैं। एच1 बी के विरोध में ‘मागा’, इंटरव्यू नहीं हो रहे, फीस भी 100 गुना बढ़ी ट्रम्प के कट्‌टरपंथी मागा समर्थक (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) एच-1 बी वीजा के विरोधी रहे हैं। उनका मानना है कि विदेशी खासकर भारत से आने वाले प्रोफेशनल्स अमेरिकियों की जॉब को हड़प रहे हैं। ट्रम्प अपने वोटर बेस के चलते इस वीजा को लगातार कठिन बना रहे हैं। वीजा स्टैम्पिंग के लिए भारत आना जरूरी होता है। पर यहां अमेरिकी दूतावासों में रिनुअल इंटरव्यू लगभग नहीं के बराबर ही हो रहे हैं। जनवरी के इंटरव्यू नवंबर-दिसंबर तक रीशेड्यूल हो चुके हैं। कई प्रोफेशनल्स जॉब गंवा चुके हैं। ट्रम्प पिछले साल एच-1 बी वीजा की फीस को लगभग 100 गुना बढ़ाकर 94 लाख रुपए कर चुके हैं। इसके चलते पहले से ही इस वीजा कैटेगरी में अमेरिका में एंट्री कठिन हो चुकी है। नए बिल में कोटा घटाकर 25 हजार, 1.86 करोड़ वेतन जरूरी नए बिल के अनुसार, तीन साल बाद एच-1 बी वीजा फिर शुरू करने पर वर्तमान के 85 हजार प्रोफेशनल्स के कोटा को घटाकर 25 हजार प्रोफेशनल्स प्रति वर्ष किया जाएगा। 1. एच-1 बी उन्हीं को, जिनको अमेरिकी नियोक्ता हर साल न्यूनतम 1 करोड़ 86 लाख रुपए का वेतन देंगे। वर्तमान में वीजा के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं। 2. वीजा में वर्तमान में लागू लॉटरी सिस्टम को खत्म किया जाएगा। कंपनियों का हायरिंग विकल्प खत्म होगा। 3. प्रोफेशनल्स पर पत्नी-बच्चों को साथ लाने पर प्रतिबंध। अभी ये पत्नी-बच्चों को ला सकते हैं। अमेरिका में पैदा होने वाले इनके बच्चों को स्वत: नागरिकता मिल जाती है। 4. मास्टर्स करने वाले एच1 बी प्रोफेशनल्स की ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) को समाप्त किया जाएगा। अभी मास्टर्स करने वाले एच-1 बी प्रोफेशनल्स को दो अतिरिक्त साल तक के लिए अमेरिका में ही रहकर ओपीटी प्रोग्राम के तहत जॉब करने की मंजूरी मिलती है। ग्रीन कार्ड पेंडेंसी बढ़ी… अमेरिका में भारतीयों के स्थायी प्रवास के लिए जारी होने वाले ग्रीन कार्ड की पेंडेंसी भी बढ़कर 15 साल तक की हो गई है। एच-1 बी अधिकतम 6 साल के लिए जारी होता है। इसके बाद अमेरिका में रहने के लिए ग्रीन कार्ड जरूरी होता है। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… US प्रेसिडेंट ट्रम्प का गोल्ड कार्ड वीजा हुआ फ्लॉप:अब तक सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही लिया, 1300 आवेदन बेचे जाने का किया था दावा अमेरिका में अब तक केवल एक व्यक्ति ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बहुचर्चित ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा हासिल किया है। गोल्ड कार्ड वीजा में कोई विदेशी 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपए से ज्यादा) देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राज में भारतीयों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ दु:स्वप्न बनता जा रहा है। अब ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने एच-1 बी वीजा पर 3 साल तक रोक सहित कई अन्य कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया है। 7 रिपब्लिकन सांसदों की ओर से कांग्रेस (संसद) में पेश किए गए इस एच-1 बी दुरुपयोग रोकथाम बिल-2026 का उद्देश्य अमेरिकी लोगों के लिए नौकरी के ज्यादा मौके बनाना है। एरिजोना के रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने बिल को संसद में रखा है। बिल पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य सांसदों में ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स शामिल हैं। अमेरिकी हितों से जुड़े इस बिल पर डेमोक्रे​टिक पार्टी के कुछ सांसदों का भी समर्थन मिलने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, 100 सांसदों की सीनेट में 60 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद साल के अंत तक वोटिंग संभव है। इस बिल से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे। क्योंकि, अमेरिका में हर साल जारी होने वाले लगभग 85 हजार एच-1 बी वीजा में से लगभग 63 हजार वीजा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलते हैं। दूसरे नंबर पर चीन के प्रोफेशनल्स आते हैं। एच1 बी के विरोध में ‘मागा’, इंटरव्यू नहीं हो रहे, फीस भी 100 गुना बढ़ी ट्रम्प के कट्‌टरपंथी मागा समर्थक (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) एच-1 बी वीजा के विरोधी रहे हैं। उनका मानना है कि विदेशी खासकर भारत से आने वाले प्रोफेशनल्स अमेरिकियों की जॉब को हड़प रहे हैं। ट्रम्प अपने वोटर बेस के चलते इस वीजा को लगातार कठिन बना रहे हैं। वीजा स्टैम्पिंग के लिए भारत आना जरूरी होता है। पर यहां अमेरिकी दूतावासों में रिनुअल इंटरव्यू लगभग नहीं के बराबर ही हो रहे हैं। जनवरी के इंटरव्यू नवंबर-दिसंबर तक रीशेड्यूल हो चुके हैं। कई प्रोफेशनल्स जॉब गंवा चुके हैं। ट्रम्प पिछले साल एच-1 बी वीजा की फीस को लगभग 100 गुना बढ़ाकर 94 लाख रुपए कर चुके हैं। इसके चलते पहले से ही इस वीजा कैटेगरी में अमेरिका में एंट्री कठिन हो चुकी है। नए बिल में कोटा घटाकर 25 हजार, 1.86 करोड़ वेतन जरूरी नए बिल के अनुसार, तीन साल बाद एच-1 बी वीजा फिर शुरू करने पर वर्तमान के 85 हजार प्रोफेशनल्स के कोटा को घटाकर 25 हजार प्रोफेशनल्स प्रति वर्ष किया जाएगा। 1. एच-1 बी उन्हीं को, जिनको अमेरिकी नियोक्ता हर साल न्यूनतम 1 करोड़ 86 लाख रुपए का वेतन देंगे। वर्तमान में वीजा के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं। 2. वीजा में वर्तमान में लागू लॉटरी सिस्टम को खत्म किया जाएगा। कंपनियों का हायरिंग विकल्प खत्म होगा। 3. प्रोफेशनल्स पर पत्नी-बच्चों को साथ लाने पर प्रतिबंध। अभी ये पत्नी-बच्चों को ला सकते हैं। अमेरिका में पैदा होने वाले इनके बच्चों को स्वत: नागरिकता मिल जाती है। 4. मास्टर्स करने वाले एच1 बी प्रोफेशनल्स की ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) को समाप्त किया जाएगा। अभी मास्टर्स करने वाले एच-1 बी प्रोफेशनल्स को दो अतिरिक्त साल तक के लिए अमेरिका में ही रहकर ओपीटी प्रोग्राम के तहत जॉब करने की मंजूरी मिलती है। ग्रीन कार्ड पेंडेंसी बढ़ी… अमेरिका में भारतीयों के स्थायी प्रवास के लिए जारी होने वाले ग्रीन कार्ड की पेंडेंसी भी बढ़कर 15 साल तक की हो गई है। एच-1 बी अधिकतम 6 साल के लिए जारी होता है। इसके बाद अमेरिका में रहने के लिए ग्रीन कार्ड जरूरी होता है। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… US प्रेसिडेंट ट्रम्प का गोल्ड कार्ड वीजा हुआ फ्लॉप:अब तक सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही लिया, 1300 आवेदन बेचे जाने का किया था दावा अमेरिका में अब तक केवल एक व्यक्ति ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बहुचर्चित ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा हासिल किया है। गोल्ड कार्ड वीजा में कोई विदेशी 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपए से ज्यादा) देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

CEO को 'जिंदा गाड़ने' की धमकी…मंत्री के भाई को बेल:गैर-जमानती धाराओं पर FIR; चौहान पर मर्डर-किडनैपिंग और डकैती जैसे 25 केस दर्ज हो चुके

CEO को 'जिंदा गाड़ने' की धमकी...मंत्री के भाई को बेल:गैर-जमानती धाराओं पर FIR; चौहान पर मर्डर-किडनैपिंग और डकैती जैसे 25 केस दर्ज हो चुके

मोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान को गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज होने के बावजूद जमानत मिल गई है। अलीराजपुर जनपद पंचायत की महिला सीईओ प्रिया काग को ‘जिंदा गाड़ने’ और ‘दांत तोड़ने’ की धमकी दी थी। मामले में आरोपी चौहान ने कोर्ट में बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर का हवाला दिया, जिसके आधार पर उन्हें राहत मिल गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 के तहत केस दर्ज किया था, जो कि एक गैर-जमानती धारा है। महिला सीईओ की सुरक्षा में गनमैन तैनात वहीं वारदात के घटना के बाद सीईओ काग की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके लिए गनमैन तैनात किया गया है। उन्होंने 22 अप्रैल को सुरक्षा की मांग की थी। धमकी के बाद उन्होंने फील्ड विजिट बंद कर दी है और अब केवल दफ्तर तक सीमित हैं। एसपी बोले- कोर्ट से मिली जमानत पुलिस ने इंदर सिंह चौहान के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 224, 221, 351(2) और 126(2) के तहत FIR की है। आलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद 24 अप्रैल को चौहान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें जमानत मिल गई। मंत्री ने कहा- कानून अपना काम करेगा वहीं दूसरी ओर, मंत्री नागरसिंह चौहान ने विवाद से पल्ला झाड़ते हुए कहा था- मैं अपने भाई से बात नहीं करता। वह अपना काम करता है। अलग रहता है। वह किसे, क्या बोल रहा है, वह जाने। कानून अपना काम करेगा। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… 32 साल में मर्डर समेत 25 से ज्यादा केस ​इंदर सिंह चौहान का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला है। पिछले 32 साल में उन पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, लूट, डकैती और आगजनी जैसे कुल 25 संगीन मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, इतने लंबे आपराधिक इतिहास के बावजूद उनके रिकॉर्ड में अब तक एक भी मामले में सजा दर्ज नहीं है। 17 मामलों में बरी, 302-307 जैसे गंभीर केस भी शामिल जानकारी के मुताबिक, चौहान 17 मामलों में कोर्ट से बरी हो चुके हैं, जिनमें धारा 302 और 307 जैसे गंभीर केस भी शामिल थे। इसके अलावा, 4 मामलों में राजीनामा या खात्मा हो चुका है। दो पुराने मामलों का रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं है। फिलहाल दो मामलों की जांच जारी है, जिसमें एक 2025 का सरकारी काम में बाधा और दूसरा 2026 का यह ताजा धमकी भरा मामला शामिल है। कन्या विवाह योजना के तहत आवेदन निरस्त करने पर विवाद ​ताजा मामला 22 अप्रैल का है, जब इंदरसिंह चौहान कन्या विवाह योजना के तहत पहले से विवाहित आवेदकों के नाम निरस्त किए जाने पर भड़क गए थे। चौहान के खिलाफ महिला सीईओ को धमकाने, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक, इंदर सिंह चौहान आलीराजपुर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रिया काग पर भड़क गए थे। वे कन्या विवाह योजना में पहले से विवाहित आवेदकों के आवेदन निरस्त किए जाने को लेकर नाराज थे। आरोप है कि इंदर सिंह, महिला सीईओ को मारने दौड़े। धमकाया, ‘तेरे दांत तोड़ दूंगा। तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा, यहां सब मेरी मर्जी से होगा।’ लेखाधिकारी सावन भिंडे ने उन्हें रोका। सीईओ बोलीं- असुरक्षित महसूस कर रही हूं सीईओ काग ने कहा था- मैं 22 अप्रैल को दोपहर 3 बजे ऑफिस पहुंची तो इंदर सिंह चौहान ने कन्या विवाह योजना के आवेदन निरस्त करने पर मुझे धमकाया। मुझे मारने दौड़े। उन्होंने मेरा रास्ता भी रोका। मैं अपने कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस कर रही हूं। पीसीसी चीफ ने कहा- सत्ता का अहंकार बढ़ा ……………………………………….. ये खबरें भी पढे़ं… 1. मंत्री के भाई ने लेडी CEO को धमकाया, मारने दौड़े पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे का थार कांड और उसके बाद लोधी की आईपीएस अफसर को धमकी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और मंत्री के परिजन का विवाद सामने आ गया है। ताजा मामला कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर… 2. करैरा तेरे डैडी का नहीं SDOP… भाजपा विधायक की चेतावनी पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ को चेतावनी देते वीडियो जारी किया। बेटे दिनेश लोधी के थार एक्सीडेंट मामले में पूछताछ और करैरा में न दिखने की बात पर प्रीतम ने कहा, ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है एसडीओपी।’ रविवार देर शाम जारी वीडियो में प्रीतम लोधी एसडीओपी पर भड़के नजर आए। पढे़ं पूरी खबर… 3. पायजामे ढीले हो जाएंगे…कम कपड़ों में लड़कियां अच्छी नहीं लगतीं मध्य प्रदेश में ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं के बीच पिछले 8 महीने में टकराव की घटनाएं बढ़ी हैं। अब तक ये टकराव तू-तू मैं-मैं तक सीमित था, मगर अब हाथापाई तक आ पहुंचा है। भिंड के विधायक नरेंद्र कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच खाद और रेत के अवैध खनन के मसले पर मारपीट होते-होते बची। पढे़ं पूरी खबर…

‘ममताजी बंगाल में क्या करती हैं, मोदीजी देश में क्या करते हैं’: राहुल गांधी ने ‘अमीर समर्थक’ राजनीति के लिए पीएम और सीएम पर हमला किया | चुनाव समाचार

Jemimah Rodrigues scored a 29-ball 43 against South Africa (Picture credit: X @BCCIWomen)

आखरी अपडेट:26 अप्रैल, 2026, 00:21 IST राहुल ने एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि जहां पीएम मोदी दिल्ली में कॉरपोरेट-अनुकूल एजेंडे को बढ़ावा देते हैं, वहीं ममता ने कोलकाता में इसी तरह के ‘अभिजात वर्ग-केंद्रित’ शासन मॉडल को दोहराया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, शनिवार, 25 अप्रैल, 2026 को हुगली जिले में राज्य विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले पार्टी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष और सेरामपुर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार शुभंकर सरकार के समर्थन में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान सभा का अभिवादन करते हैं। तस्वीर/पीटीआई जैसे ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए उच्च-स्तरीय अभियान चरम पर पहुंच गया है, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों के खिलाफ तीखा हमला शुरू कर दिया है। शनिवार को हुगली, कोलकाता और दक्षिण 24 परगना में रैलियों की एक श्रृंखला को संबोधित करते हुए, गांधी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के समान वैचारिक विचारधारा के साथ काम करने का आरोप लगाया, उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता गरीबों के कल्याण के बजाय सत्ता के संचय और अमीरों के हितों को प्राथमिकता देते हैं। ‘मिरर इमेज’ आरोप लोकसभा में विपक्ष के नेता ने राज्य और केंद्रीय प्रशासन के बीच समानताएं खींचते समय शब्दों में कोई कमी नहीं की। सेरामपुर में एक विशाल सभा में बोलते हुए, गांधी ने कहा कि बंगाल में टीएमसी द्वारा अपनाई गई रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की रणनीति के बीच “कोई अंतर नहीं” है। उन्होंने तर्क दिया कि जहां मोदी दिल्ली में कॉर्पोरेट-अनुकूल एजेंडे को बढ़ावा देते हैं, वहीं बनर्जी ने कोलकाता में एक समान “अभिजात वर्ग-केंद्रित” शासन मॉडल को दोहराया है, जिससे राज्य के हाशिए पर रहने वाले समुदायों को पीछे छोड़ दिया गया है। गांधी ने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि उन्होंने मुख्यमंत्री पर केंद्रीय दबाव की कमी बताई। गांधी ने भीड़ से कहा, “मेरे खिलाफ 36 मामले हैं क्योंकि मैं हर दिन भाजपा से लड़ता हूं; ईडी ने मुझसे 55 घंटे तक पूछताछ की और मेरा घर छीन लिया।” “ममताजी के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ? ऐसा इसलिए है क्योंकि वह बंगाल में जो करती हैं, मोदीजी देश में करते हैं। वह प्रभावी रूप से भाजपा के लिए रास्ता साफ कर रही हैं।” ‘अमीर बनाम गरीब’ गतिशीलता पर ध्यान दें गांधीजी की बयानबाजी का केंद्र आर्थिक असमानता का विषय था। उन्होंने दोनों नेताओं पर बाहरी या कॉर्पोरेट हितों द्वारा “नियंत्रित” होने का आरोप लगाया – आरोप लगाया कि प्रधान मंत्री की नीतियां अंतरराष्ट्रीय दबावों से प्रभावित थीं जबकि टीएमसी ने बंगाल में एक दशक तक “औद्योगिक क्षय” की अध्यक्षता की थी। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला विकल्प “लोगों के बजट” पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें उनकी पार्टी की पांच गारंटियों पर प्रकाश डाला जाएगा, जिसमें महिलाओं के लिए 2,000 रुपये मासिक भत्ता और जिला अस्पतालों में मुफ्त कैंसर इलाज शामिल है। चरण 2 में रणनीतिक बदलाव इस हमले का समय महत्वपूर्ण है. 23 अप्रैल को पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ 92.72% मतदान के बाद, 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में 142 सीटें शामिल होंगी, जिनमें कोलकाता और उत्तर और दक्षिण 24 परगना के महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र शामिल हैं। कांग्रेस को टीएमसी और बीजेपी दोनों के लिए एक विशिष्ट तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित करके, गांधी उस राज्य में “मध्यम आधार” को फिर से हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसने एक दशक से तीव्र द्विध्रुवीय प्रतियोगिता देखी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 26 अप्रैल, 2026, 00:21 IST समाचार चुनाव ‘ममताजी बंगाल में क्या करती हैं, मोदीजी देश में क्या करते हैं’: राहुल गांधी ने ‘अमीर समर्थक’ राजनीति के लिए पीएम और सीएम पर हमला किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)राहुल गांधी(टी)नरेंद्र मोदी(टी)कांग्रेस

कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल (केआरएच) के गेट नंबर-2 पर ड्यूटी कर रही महिला गार्ड से एक युवक ने मारपीट कर दी। युवक ने महिला के गालों पर कई थप्पड़ मारे और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह महिला को बचाया। घटना शनिवार शाम की है। महिला गार्ड का कसूर सिर्फ इतना था कि डॉक्टर के राउंड के दौरान उसने टीका लगवाने आई महिला के पति को कुछ देर के लिए अंदर जाने से रोक दिया था। इस पर युवक भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। महिला गार्ड रजिया कुरैशी, जो एजाय कंपनी की ओर से तैनात हैं। शनिवार को वह कमला राजा हॉस्पिटल के गेट नंबर दो पर ड्यूटी कर रही थीं। अस्पताल में आंतरी निवासी जूली किरार कमला राजा हॉस्पिटल में बच्चे को टीका लगवाने आइ थीं। जूली तो अंदर चली गई, इसके बाद उसका पति आकाश किरार भी पीछे से आया। इसी समय वहां डॉक्टर जोशी मैडम का राउंड था, जिस कारण रजिया ने गेट बंद कर अटेंडेंट को अंदर जाने से रोकना शुरू कर दिया। 10 से 15 मिनट के लिए वह अटेंडेंट को रोक रही थीं। इसी समय आकाश किरार ने अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन रजिया ने उसे रुकने के लिए कहा। इस पर आकाश बौखला गया और गालियां देने लगा। जब महिला गार्ड रजिया कुरैशी ने गालियां देने का विरोध किया तो आकाश ने उस पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गार्ड का मेडिकल कराकर मामला दर्ज कर लिया। आरोपी की तलाश की जा रही है।

ग्वालियर में महिला पुलिसकर्मी को पति ने पीटा:पत्नी ड्यूटी पर जाने के लिए वर्दी पहनकर खड़ी थी; घरेलू विवाद पर की मारपीट

ग्वालियर में महिला पुलिसकर्मी को पति ने पीटा:पत्नी ड्यूटी पर जाने के लिए वर्दी पहनकर खड़ी थी; घरेलू विवाद पर की मारपीट

ग्वालियर में घरेलू विवाद के चलते महिला आरक्षक को उसके पति ने बेरहमी से पीट दिया। घटना उस समय हुई, जब वह ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पति ने विवाद शुरू किया और विरोध करने पर मारपीट कर दी। घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित रणधीर कॉलोनी की है। मारपीट के बाद आरोपी पति जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। पीड़िता 35 वर्षीय प्रतिमा सिंह पत्नी शैलेन्द्र सिंह, जो पीटीएस तिघरा में पदस्थ हैं। उन्होंने ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। गेहूं पिसाने को कहा तो सिर फोड़ा उधर, गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस के पास रहने वाली 28 वर्षीय सपना कुशवाह, पत्नी मंगल कुशवाह ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह सूरज वैश्य के मकान में अपने पति के साथ रहती है। आटा खत्म होने पर उसने पति से गेहूं पिसाकर लाने को कहा, जिस पर वह विवाद करने लगा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर पति आपे से बाहर हो गया और लात-घूंसों से मारपीट की। इसके बाद पास पड़ा पत्थर उठाकर उसके सिर पर मार दिया, जिससे उसका सिर फट गया। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। घायल महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

गर्मियों में आंखों पर ठंडा कॉटन पैड रखने से क्या होता है? खुद ही आजमाकर देख लीजिए नतीजा

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Last Updated:April 25, 2026, 23:09 IST Benefits of keeping cool cotton pads on eyes: धूप में घूमने, प्रदूषण, गर्म हवा, लगातार मोबाइल, लैपटॉप देखने आदि से आंखों में दर्द, स्ट्रेस, जलन आदि समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में इससे छुटकारा पाने के लिए आपको कोई दवाई खाने की जरूरत नहीं, बल्कि ठंडे कॉटन पैड का इस्तेमाल सुरक्षित और उपयोगी है. यह तरीका हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है. इसमें कोई खर्च भी नहीं होता. जानिए यहां किस तरह से आंखों पर करना है कॉटन पैड का यूज और इसके क्या होते हैं फायदे. आंखों पर कूल कॉटन पैड रखने के फायदे. Benefits of keeping cool cotton pads on eyes: तेज गर्मी, लू, उमस और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना आंखों पर बुरा असर डालता है. इसके कारण आंखों में जलन, थकान, सूजन और लालिमा जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के लगातार उपयोग से आंखें ड्राई हो जाती हैं, जिससे असहजता और बढ़ जाती है. ऐसे में ठंडा कॉटन पैड एक सरल, किफायती और असरदार घरेलू उपाय है. आयुष मंत्रालय की सलाहभारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आंखों की थकान और जलन को कम करने के लिए ठंडे कॉटन पैड का इस्तेमाल सुरक्षित और उपयोगी है. यह तरीका हर उम्र के लोगों, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयुक्त है. इसमें कोई खर्च भी नहीं होता. ठंडे कॉटन पैड को यूज करने का सही तरीकाकॉटन पैड को आंखों पर इस्तेमाल करने से पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें. पसीना अच्छी तरह पोंछ लें. इसके बाद मुलायम और साफ कॉटन पैड लें. उन्हें ठंडे पानी में भिगोएं. अतिरिक्त पानी हल्के से निचोड़ लें, ताकि पैड गीले तो रहें, लेकिन पानी टपके नहीं. अब आराम से लेट जाएं. आंखें बंद कर लें और दोनों आंखों पर ये पैड रख लें. कम से कम 10 मिनट तक ऐसे ही आराम करें. इस दौरान गहरी सांस लेते रहें. ठंडा कॉटन पैड आंखों के लिए कैसे है फायदेमंदठंडा कॉटन पैड आंखों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है. सूजन कम करता है. थकान दूर करता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. आंखों को ताजगी महसूस होती है. अगर चाहें तो पानी में कुछ बूंदें गुलाब जल मिलाकर इसका असर और बढ़ा सकते हैं. कब और कितनी बार करें इस्तेमालइसका इस्तेमाल दिन में एक बार करें. आंखों में अधिक जलन, दर्द, थकान महसूस हो तो जरूरत के अनुसार भी यूज कर सकते हैं. खासकर शाम को काम के बाद जरूर इसका इस्तेमाल करें. लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद या धूप और गर्मी से आंखों में जलन होने पर यह काफी फायदेमंद होता है. आयुर्वेदिक दृष्टिकोणआयुर्वेद में आंखों की देखभाल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. ठंडे पानी का उपयोग आंखों की गर्मी को शांत करता है और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो दिनभर डिजिटल स्क्रीन का उपयोग करते हैं. इन बातों का रखें ख्यालअगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन या कोई गंभीर समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. रोजमर्रा की थकान और हल्की जलन के लिए यह उपाय काफी उपयोगी है. ध्यान रखें कि हमेशा साफ कॉटन पैड का ही इस्तेमाल करें. पानी बहुत ज्यादा ठंडा या बर्फ जैसा न हो. पैड लगाते समय आंखें बंद रखना जरूरी है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 25, 2026, 23:09 IST

डिजिटल जनगणना प्रशिक्षण से 159 कर्मचारी अनुपस्थित:प्रशासन ने जारी किए कारण बताओ नोटिस, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

डिजिटल जनगणना प्रशिक्षण से 159 कर्मचारी अनुपस्थित:प्रशासन ने जारी किए कारण बताओ नोटिस, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

उज्जैन में देश की पहली डिजिटल जनगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम में लापरवाही सामने आई है। प्रशिक्षण सत्रों से अनुपस्थित रहने वाले 159 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, जनगणना कार्य के लिए विभिन्न ज़ोन में लगातार प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके बावजूद कई कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और यह कार्रवाई की गई है। शनिवार को आयोजित एक कार्यशाला में अपर आयुक्त संतोष टैगोर की उपस्थिति में 168 कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस सत्र के दौरान डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया, डेटा एंट्री और स्वगणना (Self Enumeration) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि स्वगणना के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए, जिससे यह प्रक्रिया सुचारु और तीव्र गति से संपन्न हो सके। इस कार्यक्रम में उपायुक्त मनोज मौर्य, सहायक आयुक्त प्रफुल्ल गठरे और जिला जनगणना प्रभारी तेजिंदर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बिना चीनी की मीठी लस्सी रेसिपी: गर्मी में घर पर बनाएं बिना चीनी वाली मिठाई लस्सी, शुगर भी रहेगा कंट्रोल; नोट बनाने का तरीका

तस्वीर का विवरण

इस लस्सी की विशेषता यह है कि इसमें चीनी मतपत्र शामिल हैं। साथ ही, यह वजन और शुगर नियंत्रण में मददगार साबित होगा। इसके अलावा पेट को ठंडक और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक सामग्री: 1 कप ताजा दही, ½ कप ठंडा पानी या दूध, 1-2 खजूर या थोड़ा सा गुड़ का पाउडर, 4-5 चम्मच, 1 छोटा चम्मच शहद, 2-3 इलायची पाउडर, मोटे बर्फ के टुकड़े छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले खजूर और तेल निकालने के लिए 10 मिनट पहले पानी में डूब जाएं। अब कारीगरों में दही, बड़े-बड़े खजूर और मसाले। इसमें ठंडा पानी या दूध का मिश्रण और अच्छी तरह का मिश्रण बनाएं। छवि: फ्रीपिक अब इसमें इलायची पाउडर और बर्फ के ढांचे को फिर से प्रभावित करके ब्लेंड करें। आपकी बिना चीनी की लस्सी तैयार है। खजूर और पेट्रोलियम उत्पाद, इसलिए अलग से चीनी की जरूरत नहीं होती। छवि: फ्रीपिक अगर और मीठा पसंद है, तो छोटी शहद दाल ले सकते हैं. अधिक ठंड के लिए कुछ लेट फ़र्ज़ी में खोजें। छवि: एआई यह एंटरप्राइज़ को स्थिर रखने में मदद करेगा। पेट ठंडा और खराब हो जाता है। एनर्जी देता है और डाइट से सीखता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप एयरटेल लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं, तो यह बिना चीनी की मीठी लस्सी आपके लिए एक आदर्श पेय है। इसे घर पर आसानी से बनाएं और गर्म करके ठंडा और फिट रखें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)शुगर फ्री लस्सी रेसिपी(टी)शुगर फ्री लस्सी रेसिपी(टी)बिना चीनी वाली लस्सी(टी)लस्सी रेसिपी(टी)शुगर फ्री लस्सी(टी)मीठी लस्सी(टी)बिना चीनी की लस्सी

उज्जैन में पारा 43°C के पार:सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज, सड़कें सूनी

उज्जैन में पारा 43°C के पार:सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज, सड़कें सूनी

उज्जैन में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी के कारण दिन में सड़कें और बाजार सूने दिखाई दिए, जबकि शिप्रा के घाटों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। मौसम रिपोर्ट के अनुसार, सुबह की आर्द्रता 41% थी जो शाम को घटकर 17% रह गई। इससे दिन में गर्मी का असर और बढ़ गया। हवा की रफ्तार भी धीमी (लगभग 4 किमी/घंटा) रहने से गर्म हवाओं का प्रभाव अधिक महसूस हुआ। बारिश पूरी तरह शून्य दर्ज की गई। उज्जैन में पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था। अब इसके 43°C तक पहुंचने से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। भीषण गर्मी के मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। डॉक्टरों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जो लोग बाहर निकल रहे हैं, वे शरीर को पूरी तरह ढंककर चल रहे हैं। चौराहों पर गन्ने के रस और अन्य ठंडे पेय की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही, अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने को कहा गया है।