महिला बोली- मैं जिंदा हूं कागज में मार दिया:योजनाओं का नहीं मिल पा रहा लाभ; सरपंच के बेटे और सचिव पर आरोप

छतरपुर जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां जीवित लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। आरोप है कि गौरिहार विकासखंड की ग्राम पंचायत चंद्रपुरा में चुनावी रंजिश के चलते सरपंच पुत्र और सचिव ने मिलकर कई ग्रामीणों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए हैं। इसके परिणामस्वरूप, पीड़ितों की पेंशन और राशन जैसी सरकारी योजनाएं बंद हो गई हैं। इस धोखाधड़ी का शिकार बनीं गांव की बुजुर्ग गिरजा विश्वकर्मा, जो लंबे समय से पेंशन और राशन का लाभ ले रही थीं, उन्हें अचानक इन सुविधाओं से वंचित कर दिया गया। जांच करने पर पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। गिरजा विश्वकर्मा ने बताया हम जिंदा हैं, लेकिन कागजों में हमें मार दिया गया है। इसी तरह रामबाई रैकवार को भी रिकॉर्ड में मृत दिखाकर योजनाओं से बाहर कर दिया गया है। पंचायत में कार्यरत कल्लू अहिरवार का मामला और भी गंभीर है। उन्हें मृत दर्शाकर उनका वेतन तक रोक दिया गया है। कल्लू अहिरवार ने जिला पंचायत सीईओ को शिकायत देते हुए कहा मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों में मर चुका हूं, अब मुझे न्याय चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब चुनावी दुश्मनी के चलते जानबूझकर किया गया है, ताकि उन्हें सरकारी लाभ से वंचित किया जा सके और राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जनपद सीईओ को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित ग्रामीण जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इन जिंदा लोगों को बताया मृत नाम – रामबाई रैकवार मृत्यु- 11- 04 -2024 जारी- 10- 09 -2025 पंजीयन- 10- 09 -2025 नाम – गिरजा विश्वकर्मा मृत्यु- 25- 02 -2024 जारी- 10- 09 -2025 पंजीयन- 10- 09 -2025 नाम – कल्लू अहिरवार मृत्यु- 14- 06 -2024 जारी- 10- 09 -2025 पंजीयन- 10- 09 -2025 जारी मृत्यु-प्रमाणपत्र वालों को कोई भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
शादी का कार्ड जब्त, बाल विवाह में 13 पर FIR:राजगढ़ में 12-14 साल की दो बेटियों की हो चुकी थी शादी; कार्ड और रिकॉर्ड से खुलासा

राजगढ़ जिले में बाल विवाह का मामला सामने आया है। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही दूल्हा-दुल्हन और परिजन मौके से फरार हो गए, जिससे शादी का मंडप खाली मिला। यह मामला गुरुवार को तब उजागर हुआ जब बाल विवाह कंट्रोल रूम और चाइल्डलाइन से सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, वन स्टॉप सेंटर और कोतवाली थाना की संयुक्त टीम गांव पहुंची। टीम को मौके पर सन्नाटा मिला, लेकिन ग्रामीणों से पूछताछ में दो नाबालिग लड़कियों के विवाह की पुष्टि हुई। जांच के दौरान परिजनों की ओर से कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और शादी का कार्ड जब्त किया। शिक्षा विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों लड़कियों की उम्र क्रमशः 12 और 14 वर्ष पाई गई, जो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 का स्पष्ट उल्लंघन है। 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल विवाह कराने और उसमें सहयोग करने वाले कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले में बाल विवाह के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि विवाह सीजन के दौरान जहां भी ऐसी सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते रोकथाम की जा सके। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी जारी बाल विवाह की चुनौती को उजागर करती है, जिसमें समाज और प्रशासन दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।
मरने से पहले वीडियो बनाकर पत्नी-ससुराल पर आरोप:भोपाल से पार्टनर समेत तीन गिरफ्तार; एक साल पहले हुई थी शादी

शिवपुरी में आत्महत्या करने वाले 28 वर्षीय युवक ने मरने से पहले एक वीडियो बनाकर अपनी आपबीती रिकॉर्ड की थी। वीडियो में उसने पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक फिजिकल थाना क्षेत्र के साईं बाबा मंदिर इलाके में रहने वाले 28 वर्षीय उत्कर्ष शिवहरे ने 19 अप्रैल की शाम सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अब नया खुलासा सामने आया है कि उत्कर्ष ने मौत से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उत्कर्ष ने अपनी पत्नी रिया शिवहरे, ससुर जितेंद्र शिवहरे, साले ध्रुव और साली रियम शिवहरे पर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। परिजनों के मुताबिक, उत्कर्ष को लगातार पैसों के लिए दबाव बनाया जा रहा था और उससे लाखों रुपए लिए जा चुके थे। एक साल पहले हुआ था विवाह बताया गया है कि उत्कर्ष की शादी 2 फरवरी 2025 को भोपाल निवासी रिया से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही विवाद शुरू हो गया था। होली के बाद रिया अपने मायके भोपाल चली गई थी और वहीं रहने लगी थी। इसी दौरान उत्कर्ष को कथित रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। घटना के दिन उत्कर्ष ने घर में सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से इंदौर रेफर किया गया, लेकिन बदरवास के पास रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मामले में फिजिकल थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी, ससुर, साले और साली के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने शनिवार को पत्नी रिया शिवहरे, ससुर जितेंद्र शिवहरे और साले ध्रुव को भोपाल से गिरफ्तार कर शिवपुरी ले आई है। वहीं एक अन्य आरोपी साली, जो पुणे में रहती है, अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
बघवार के जंगलों में भीषण आग का चौथा दिन:रीवा-सीधी सीमा पर 1 किमी क्षेत्र जलकर राख, काबू पाने की कोशिशें जारी

सीधी जिले के बघवार में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के पास जंगल में लगी भीषण आग चौथे दिन भी धधक रही है। रीवा की सीमा से शुरू हुई यह आग अब सीधी जिले के वन क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। करीब एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैली इस आग ने सूखे पत्तों और झाड़ियों को अपना निशाना बनाया है। गर्मी और तेज हवाओं के कारण लपटें तेजी से बढ़ रही हैं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी चपेट में आने से जंगल का एक बड़ा हिस्सा राख हो गया है। दो जिलों की टीमें तैनात आग पर काबू पाने के लिए रीवा और सीधी दोनों जिलों का वन अमला मशक्कत कर रहा है। रीवा से 20 और सीधी जिले से 13 कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं। हालांकि, रात के अंधेरे और संसाधनों की कमी के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लापरवाही के आरोप और विभाग का पक्ष शनिवार शाम को इलाके के समाजसेवी तेज बहादुर सिंह ने वन विभाग पर सुस्त कार्यप्रणाली का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर शुरुआत में ही गंभीरता दिखाई जाती, तो आग इतनी नहीं फैलती। वहीं, चुरहट रेंज के रेंजर नवीन सिंह का कहना है कि विभाग की टीम पूरी ताकत से जुटी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
दमोह-जबलपुर हाईवे पर पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर:चार घायलों में से तीन की हालत गंभीर, बलखंड माता मंदिर के पास हुआ हादसा

दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर शनिवार शाम करीब 6 बजे एक सड़क हादसा हो गया। नोहटा थाना क्षेत्र के बलखंड माता मंदिर के पास एक पिकअप वाहन ने दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में चार लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन को गंभीर चोटें आई हैं। टक्कर के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया, जिससे हाईवे पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों की पहचान भन्नू चक्रवर्ती, कीर्ति चक्रवर्ती और रानी चक्रवर्ती के रूप में हुई है। एक अन्य घायल का भी इलाज जारी है, जिसकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार, पिकअप दमोह से जबलपुर की ओर जा रही थी। वहीं, जलहरी ग्राम से चार लोग एक बाइक पर सवार होकर नोहटा साप्ताहिक बाजार जा रहे थे। बताया जा रहा है कि वे शादी की खरीदारी के लिए निकले थे। बलखंड माता मंदिर के समीप पिकअप चालक ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक बाइक पिकअप के पहियों के नीचे आ गई, जबकि दूसरी बाइक उछलकर सड़क किनारे जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और नोहटा पुलिस टीम मौके पर पहुंची। नोहटा थाना प्रभारी ने तत्परता दिखाते हुए अपने वाहन और निजी साधनों से सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और फरार पिकअप चालक की तलाश की जा रही है।
गंदे वॉशबेसिन सफाई युक्तियाँ: वॉश बेसिन के ऊपर लगे फिल्टर पर जमे हुए पानी के दाग है? इन 5 प्रवेश से साफ़ करें; हो जाएगा चमाचम

25 अप्रैल 2026 को 16:37 IST पर अद्यतन किया गया Dirty Washbasin Mirror Cleaning Tips: बाथरूम का वॉश बेसिन और उसके ऊपर लगा शीशा रोज इस्तेमाल में आता है। ऐसे में उस पर पानी का दाग, साबुन का निशान और कूड़ा जमा हो जाता है, जिससे वह दिखने में आकर्षक और आकर्षक लगता है। अगर आप भी इन जिद्दी बातों से परेशान हैं, तो अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू प्रवेश द्वार से आप अपने चश्मे को फिर से चमका सकते हैं। तो जानिए 5 आसान और असरदार तरीके- अनुसरण करना : सिरका आने का काम: सिरका उद्यम है। एक बोतल में पानी और सफेद सिरका मिलाकर इसे स्प्रे पर रखें और 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें। साफा कपड़े या पेपर से पेपर लें। चमकीला हो जायेगा। छवि: फ्रीपिक अंग्रेजी काम:लेबम में मौजूद एसिड के दाग को हटाने में मदद मिलती है। टेम्पलेट का रस पारंपरिक सीधे दाग वाली जगह पर। 5 मिनट बाद आकर्षक पोशाक से साफ कर लें। ऐसे उदाहरण पर जमी सफेदी और गायब हो जाएंगे। छवि: फ्रीपिक बेस्ट सोडा का पेस्ट: जिद्दी दाग निकालने के लिए सबसे अच्छा उत्पाद है। इंस्टीट्यूट सोडा में पानी के पेस्ट की दुकान। इसे टैग पर हाथ से राँचें। फिर आरामदायक कपड़ों से साफ कर लें। आसानी से हट जायेंगे। छवि: फ्रीपिक साबुन: साबुन दाग गहरा नहीं हैं, तो यह तरीका काफी है। गुनगुने पानी में शैतान साबुन। कपड़ों को डब्बेकर में शीशा साफ करें। बाद में बच्चों के कपड़े से लेकर फोटोग्राफर तक। शीशा सासा और ताजी चीज़। छवि: एआई अखबार से फिनिशिंग: सफाई के बाद फाइनल टच देना जरूरी है। फाईल को साफ करने के बाद पेपर से पाठकें। इससे कोई दस्तावेज़ या रूढ़ि नहीं रहेगी और चमकीला चमक उठेगा। छवि: फ्रीपिक सप्ताह में कम से कम 2 बार चश्मा साफ करें। कठोर पानी के दाग जल्दी जमते हैं, इसलिए नियमित सफाई जरूरी है। बहुत जोर से राँचे से बचाया, इससे शीशा ख़राब हो सकता है। छवि: फ्रीपिक इन आसान घरेलू इंस्टालेशन से आप अपनी वॉश वैली के ग्लास को बिना ज्यादा मेहनत के चमचमा सकते हैं। अब आपका कलाकार हमेशा के लिए साफ और चमकदार दिखता है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित : समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 25 अप्रैल 2026 16:36 IST पर
‘हमें छोड़ने के लिए मजबूर किया गया’: राघव चड्ढा ने कहा, बीजेपी के साथ बदलाव के बाद AAP ‘गलत रास्ते’ पर आगे बढ़ रही है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 16:10 IST राघव चड्ढा ने कहा कि आप के कई सांसद पार्टी छोड़ने का विकल्प चुन रहे हैं क्योंकि यह भ्रष्ट और समझौतावादी हाथों में पड़ गई है। राघव चड्ढा के जाने के बाद उनके और पार्टी के बीच तनाव पैदा हो गया। आप के पूर्व सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को कहा कि उन्होंने और छह अन्य सांसदों ने डर के कारण पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि केजरीवाल की नीतियों के कारण उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। एक समय आप के उभरते सितारे रहे चड्ढा ने छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ पार्टी छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए, जिससे आंतरिक दरार पूरी तरह से टूट में बदल गई। संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रम साहनी अन्य सांसद थे जिन्होंने दलबदल किया। पत्रकारों से बात करते हुए चड्ढा ने कहा, “हर वह व्यक्ति जिसने आम आदमी पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा और बड़ी उम्मीदों के साथ पार्टी से जुड़ा था, उसने या तो पार्टी छोड़ दी है या छोड़ने की तैयारी में है। हर मेहनती व्यक्ति का मानना है कि पार्टी में कोई गुंजाइश नहीं है।” लाइव अपडेट्स का पालन करें चड्ढा ने इस बात पर जोर दिया कि केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी गलत दिशा में जा रही है और कोई भी अब उसके साथ जुड़ना नहीं चाहता है, उन्होंने कहा कि पार्टी “भ्रष्ट और समझौतावादी हाथों” में पड़ गई है। वीडियो | दिल्ली: 6 अन्य सांसदों के साथ AAP छोड़ने पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा, ‘हर वह व्यक्ति जिसने आम आदमी पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा, और बहुत उम्मीदों के साथ पार्टी से जुड़ा था, उसने या तो पार्टी छोड़ दी है या आगे बढ़ने की तैयारी में है… pic.twitter.com/umGep7kQBG– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 25 अप्रैल 2026 उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में शीशमहल विवाद ने केजरीवाल की गरिमा को गिराने और दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप की हार में योगदान दिया। उन्होंने कहा, “मुझे आश्चर्य है कि आम आदमी पार्टी के बचे हुए कुछ अच्छे कार्यकर्ता कैसे प्रतिक्रिया देंगे जब गलियों और इलाकों में लोग उनसे शीश महल के बारे में सवाल पूछेंगे। आम आदमी पार्टी को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और इस बारे में सोचना चाहिए।” यह भी पढ़ें: क्यों संदीप पाठक का जाना AAP के लिए राघव चड्ढा से भी बड़ा झटका है? चड्ढा का जाना आप के लिए एक नया झटका है राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सदस्य हैं. छह अन्य सांसदों के साथ पार्टी छोड़ने का चड्ढा का कदम संसद के ‘दो-तिहाई’ नियम के तहत एक रणनीतिक कदम है, जिसके तहत यदि सदन में किसी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य किसी अन्य पार्टी में विलय के लिए सहमत होते हैं, तो इसे वैध विलय माना जाता है, न कि दलबदल। 37 वर्षीय चड्ढा पार्टी के शुरुआती दिनों से ही केजरीवाल के साथ जुड़े हुए थे। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और दिल्ली के मॉडर्न स्कूल के पूर्व छात्र, वह पहली बार इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के अंतिम चरण के दौरान केजरीवाल से जुड़े थे, जब एक राजनीतिक पार्टी बनाने के बारे में चर्चा चल रही थी। वह जल्द ही आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे और 26 साल की उम्र में उन्हें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। हालाँकि, हाल के हफ्तों में चड्ढा और आप के बीच तनाव बढ़ रहा था। दरार तब और अधिक स्पष्ट हो गई जब चड्ढा पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों और चुनाव प्रचार से अनुपस्थित रहे, जिसमें हाल ही में केजरीवाल और मनीष सिसौदिया को उत्पाद शुल्क नीति मामले में अदालत से मिली राहत भी शामिल थी। चड्ढा पर विशिष्ट सार्वजनिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करके राज्यसभा में पार्टी के हितों का प्रतिनिधित्व करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया था और उन्हें उच्च सदन में आप के उपनेता पद से हटा दिया गया था। विभाजन से राज्यसभा में भाजपा और एनडीए की संख्या भी मजबूत होगी, जबकि संसद में AAP की उपस्थिति काफी कमजोर हो जाएगी और एक राष्ट्रीय राजनीतिक ताकत के रूप में इसके भविष्य पर सवाल उठेंगे। यह भी पढ़ें: जेन जेड बैकलैश? AAP छोड़ने के बाद राघव चड्ढा ने इंस्टाग्राम पर खोए 1 मिलियन फॉलोअर्स चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 25 अप्रैल, 2026, 15:50 IST न्यूज़ इंडिया ‘हमें छोड़ने के लिए मजबूर किया गया’: राघव चड्ढा का कहना है कि बीजेपी के पाला बदलने के बाद AAP ‘गलत रास्ते’ पर आगे बढ़ रही है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
दिल्ली-इंदौर एअर इंडिया फ्लाइट में तकनीकी खराबी, उड़ान कैंसिल:रनवे से लौटा विमान, भीषण गर्मी में घंटों बिना AC के बैठे यात्री; एयरपोर्ट पर नारेबाजी

दिल्ली से इंदौर आने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2515 को तकनीकी खराबी के चलते रनवे से वापस टर्मिनल पर लाना पड़ा। रनवे पर खड़ी फ्लाइट के अंदर एयर कंडीशनिंग (AC) बंद कर दी गई। भीषण गर्मी और बंद केबिन में घंटों फंसे रहने से यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। यात्री रिफंड की मांग को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पर नारेबाजी कर रहे हैं। फ्लाइट रोजाना दोपहर 12:10 बजे दिल्ली से उड़ान भरती है। 1:45 बजे इंदौर पहुंचती है। तकनीकी समस्या के कारण देरी हुई। इसके शाम 5 बजे तक इंदौर पहुंचने की संभावना जताई गई थी, लेकिन एअर इंडिया ने फ्लाइट को रद्द कर दिया है। घटनाक्रम की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट पर गेट बदलने से हुई। बोर्डिंग से पहले दो बार गेट बदला गया, जिससे अफरा-तफरी रही। विमान में बैठाने के बाद तकनीकी क्लियरेंस न मिलने से फ्लाइट को लंबे समय तक रनवे पर खड़ा रखा गया। यात्रियों ने रिफंड की मांग की यात्रियों का कहना है कि देरी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और चालक दल से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिले। स्थिति लंबे समय तक जस की तस रही, जिसके बाद विमान को वापस टर्मिनल पर लाया गया। एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रियों ने एअर इंडिया के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध जता रहे हैं। यात्रियों ने एयरलाइन पर सुरक्षा से खिलवाड़ और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का आरोप लगाया। कई यात्री वैकल्पिक व्यवस्था या रिफंड की मांग को लेकर एयरपोर्ट पर अड़े हैं। शालिन जैन नाम के पैसेंजर ने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर एअर इंडिया को टैग कर लिखा- एअर इंडिया की लापरवाही दिन-ब-दिन नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। AI-2516 इंदौर-दिल्ली फ्लाइट, जो दोपहर 2:15 बजे निर्धारित थी, हर 30 मिनट में समय बदलते हुए अब शाम 6 बजे बताई जा रही है। क्या यह फ्लाइट आज रवाना भी होगी? फ्लाइट 2 घंटे देरी से चली, अब कैंसिल वहीं @astro_moon_6 नाम के यूजर ने @airindia को टैग करते हुए लिखा कि फ्लाइट 2 घंटे देरी से चली और अब रद्द कर दी गई है। तकनीकी खराबी के अलावा कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। असुविधा को कम करने हमारी टीम काम कर रही- एअर इंडिया इसके जवाब में एअर इंडिया ने रिप्लाई करते हुए लिखा- मिस्टर जैन, हम आपकी बात समझते हैं। आपके अनुभव के प्रति सहानुभूति रखते हैं। यह देरी परिचालन कारणों से हुई है। हमारी टीम असुविधा को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आपके धैर्य के लिए धन्यवाद। ………………………………………. यह खबरें भी पढ़ें… 1. अहमदाबाद प्लेन क्रैश- फ्यूल में गड़बड़ी या दोनों इंजन फेल:क्या पायलट ने गलत इंजन बंद किया, 4 केस स्टडी से समझिए हादसे की थ्योरी अहमदाबाद से 12 जून को लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ने के तुरंत बाद एक हॉस्टल के ऊपर क्रैश हो गई। कुल 260 लोग मारे गए। इनमें 230 पैसेंजर और 12 क्रू मेंबर्स शामिल हैं। टेकऑफ के दो मिनट बाद ही जिस तरह प्लेन गिरा, उसकी वजह समझने के लिए दैनिक भास्कर ने बड़े विमान हादसों की पड़ताल की। इनकी जांच रिपोर्ट पढ़ी। पढ़ें पूरी खबर… 2. इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने रनवे के पास छोड़ा गड्ढा इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यह मामला रनवे से जुड़ा है, जहां केबलिंग कार्य के लिए रनवे के पास गड्ढा खोदा गया है। हैरानी की बात यह है कि आम सड़कों की तरह इस गड्ढे को न तो तुरंत भरा गया और न ही आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
प्रेग्नेंट होने पर जान से मारने की धमकी:पहली बार ‘लव-जिहाद’ के आरोपियों के खिलाफ उतरा मुस्लिम संगठन,कहा-गिरफ्तारी नहीं हुई तो करेंगे CM हाउस का घेराव

राजधानी भोपाल में इंजीनियरिंग छात्रा के साथ कथित धोखाधड़ी, शारीरिक शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहली बार किसी मुस्लिम संगठन ने खुलेतौर पर आरोपियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पीड़िता के समर्थन में उतरने का ऐलान किया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इसे गंभीर और शर्मनाक बताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। नाम बदलकर की दोस्ती, शादी का झांसा देकर बनाए संबंध महिला थाना में दर्ज एफआईआर के मुताबिक आईईएस यूनिवर्सिटी की छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसकी मुलाकात 2023 में एक युवक से हुई, जिसने खुद का नाम “आशीष पांडे” बताया। दोस्ती के बाद आरोपी ने शादी का झांसा दिया और छात्रा के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। छात्रा का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि युवक का असली नाम आसिफ रजा है। जब उसने शादी की बात की, तो आरोपी ने इनकार कर दिया और कथित तौर पर उसे “रखैल बनकर रहने” तक की बात कही। प्रेग्नेंट होने पर बदला रवैया, धमकियों का आरोप पीड़िता के अनुसार जनवरी 2026 में जब उसने खुद के गर्भवती होने की जानकारी दी, तो आरोपी अपने दो साथियों के साथ उसके घर पहुंचा। यहां शादी से साफ इनकार करते हुए उसे जान से मारने, एसिड अटैक और अन्य गंभीर धमकियां दीं। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया, जिसे छात्रा ने ठुकरा दिया। इसके बाद उसे लगातार धमकियां मिलती रहीं। पैसे लेने और ब्लैकमेल करने के भी आरोप छात्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने रिश्ते के दौरान उससे ऑनलाइन और नकद पैसे भी लिए। साथ ही, शादी का झांसा देकर लगातार मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग की। बता दें कि वह सीएम डिप्लोमा की छात्रा है। 2 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं, पुलिस पर सवाल 5 मार्च 2026 को दर्ज एफआईआर के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता का कहना है कि उसे अब भी धमकियां मिल रही हैं और वह घर से बाहर निकलने में डर रही है। उसने आरोप लगाया कि शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में भी आनाकानी की और समझौते की सलाह दी। पीड़िता कहना है कि एक युवक को गिरफ्तार किया था मगर उसे भी छोड़ दिया। मुस्लिम संगठन ने कहा ‘हम शर्मिंदा हैं, बेटी के साथ खड़े हैं’ ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और एक छात्रा के साथ इस तरह की घटना पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि आरोपी ने नाम बदलकर दोस्ती की और जो कुछ किया, वह निंदनीय है। संगठन ने स्पष्ट किया कि इसे वे ‘लव जिहाद’ नहीं मानते, बल्कि कुछ लोगों की हरकत बताते हुए कहा कि पूरे समाज को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। संगठन ने पीड़िता की कानूनी लड़ाई और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का भी ऐलान किया है। एक हफ्ते का अल्टीमेटम, नहीं तो CM हाउस घेराव मुस्लिम संगठन ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। संगठन ने सवाल उठाया कि जब राजधानी में ही छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावे कैसे सही माने जाएं। पीड़िता बोली सिर्फ न्याय चाहिए, शादी नहीं पीड़िता ने साफ कहा कि वह आरोपी से शादी नहीं करना चाहती, बल्कि उसे सख्त सजा दिलाना चाहती है। उसका कहना है कि आरोपी ने उसे धोखे में रखा, ब्लैकमेल किया और गर्भवती होने पर उसे खत्म करने तक की धमकी दी। फिलहाल वह डरी हुई है और बाहर निकलने से भी कतरा रही है। धर्म परिवर्तन कानून समेत कई धाराओं में केस दर्ज महिला थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर प्रथम दृष्टया मामला दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 60, 351(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3(1)(a) और 5 भी लगाई गई हैं, जो जबरन धर्म परिवर्तन और उससे जुड़े कृत्यों से संबंधित हैं। पुलिस ने प्रकरण को विवेचना में लेकर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कार्रवाई में देरी को लेकर अब पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।
जालंधर में भज्जी के घर के बाहर लिखा 'गद्दार':AAP यूथ विंग का LPU-हरभजन के घर पर प्रदर्शन; पोस्टरों पर भी कालिख पोती

जालंधर में आम आदमी पार्टी (AAP) के यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने शनिवार दोपहर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए 7 राज्यसभा सांसदों के खिलाफ प्रदर्शन किया। जालंधर में कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद हरभजन सिंह के आवास के बाहर नारेबाजी की और उनके घर पर ‘गद्दार’ लिख दिया। आप कार्यकर्ताओं ने लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी के बाहर अशोक मित्तल के खिलाफ भी प्रदर्शन किया और उनका पुतला जलाया। आप कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पंजाब के गद्दार जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हरभजन सिंह, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक सहित कुल 7 राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामकर गद्दारी की है। मित्तल की यूनिवर्सिटी के बाहर लगे पोस्टरों पर भी काली स्प्रे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और हरभजन सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन किया गया। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के गद्दार, पंजाब के गद्दार जैसे नारे लगाए। अशोक मित्तल की यूनिवर्सिटी के बाहर लगे पोस्टरों पर भी काली स्प्रे की गई। राज्यसभा सांसद और एलपीयू के मालिक अशोक मित्तल का पुतला भी जलाया। मुर्दाबाद के नारे लगाए। सिर पर काली पट्टियां बांधकर पहुंचे आप कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन के दौरान, AAP कार्यकर्ताओं ने अपने सिर पर काली पट्टियां बांधी हुई थीं। उन्होंने हरभजन सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस की मौजूदगी में ही कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के घर के बाहर ‘गद्दार’ शब्द लिखा। इस दौरान, जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो कुछ कार्यकर्ता पुलिसकर्मियों से भी उलझ गए। पार्टी तोड़ने का आरोप लगा चुके हैं मान गौरतलब है कि एक दिन पहले मान ने कहा था कि भाजपा वाले हमारी सरकार के कामों से डरे हुए हैं। इन्होंने जरूर सर्वे करवाया होगा, जिसमें उन्हें पता चला होगा कि उनकी स्थिति बिल्कुल मजबूत नहीं है। इसलिए हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई। पंजाबी दिल से प्यार करते हैं, लेकिन अगर कोई उनसे धोखा करता है, तो वे उसे पीढ़ियों तक याद रखते हैं।” मान ने कहा कि मैं सख्त शब्दों में इस चीज की निंदा करता हूं। अमित शाह को यह बात पसंद नहीं आई होगी कि भगवंत मान का कोई विकल्प नहीं है। रवनीत बिट्टू तीन-चार दिन पहले राघव चड्ढा को गालियां निकाल रहे थे। अब कैसे मिलेंगे।








