Monday, 14 Sep 2026 | 04:21 PM

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फर्जी फाइल बनाने का दबाव, क्लर्क का सुसाइड:दतिया नपा CMO सहित 3 पर पत्नी ने FIR दर्ज कराई; मौत से पहले वीडियो बनाया था

फर्जी फाइल बनाने का दबाव, क्लर्क का सुसाइड:दतिया नपा CMO सहित 3 पर पत्नी ने FIR दर्ज कराई; मौत से पहले वीडियो बनाया था

दतिया नगर पालिका के स्थापना लिपिक दिलीप सिंह की आत्महत्या के मामले में सोमवार को बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक की पत्नी ने झांसी के प्रेमनगर थाने में दतिया नगर पालिका के तत्कालीन सीएमओ (CMO) नागेंद्र सिंह गुर्जर सहित 3 लोगों पर फर्जी फाइल बनाने का दबाव डालने, प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत दर्ज कराई है। पत्नी का आरोप है कि फर्जीवाड़े से मना करने पर उन्हें प्रताड़ित कर कचरा गाड़ियों की गणना में लगा दिया गया था। वर्तमान में पत्नी की शिकायत और मृतक के एक सुसाइड वीडियो के आधार पर झांसी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2011 की नियुक्ति को 2006 दिखाने का था दबाव, 50 हजार का ऑफर नराईपुरा नैनागढ़ निवासी माधुरी सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति दिलीप सिंह दतिया नगर पालिका में स्थापना लिपिक के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि तत्कालीन सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर, कर्मचारी राजेश दुबे और धर्मेंद्र शर्मा उन पर वर्ष 2011 की एक नियुक्ति फाइल को वर्ष 2006 दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का दबाव बना रहे थे। इसके एवज में दिलीप सिंह को 50 हजार रुपए देने की बात भी कही गई थी, लेकिन उन्होंने इस फर्जीवाड़े से साफ मना कर दिया था। इनकार करने पर दीं गालियां, हटाकर कचरा गाड़ियों की गिनती में लगाया पत्नी माधुरी के मुताबिक, फर्जी फाइल बनाने से मना करने पर आरोपियों ने दिलीप सिंह के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा उन्हें अपमानित किया। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को एक आदेश जारी कर दिलीप सिंह को स्थापना शाखा से हटा दिया गया और कचरा गाड़ियों की गणना के काम में लगा दिया गया। इस बदलाव और लगातार मिल रही प्रताड़ना से वे बेहद आहत थे और तनाव में रहने लगे थे। इसी मानसिक दबाव के चलते 22 फरवरी 2026 को उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड से पहले वीडियो में बताया था जिम्मेदार, परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग शिकायत में यह भी बताया गया है कि आत्महत्या करने से पहले दिलीप सिंह ने अपना एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उन्होंने तत्कालीन सीएमओ और दोनों कर्मचारियों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिस पर झांसी पुलिस ने संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है।

पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पार, गर्मी का प्रकोप बढ़ा:कलेक्टर ने स्कूलों का समय बदला, परीक्षाएं यथावत रहेंगी

पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पार, गर्मी का प्रकोप बढ़ा:कलेक्टर ने स्कूलों का समय बदला, परीक्षाएं यथावत रहेंगी

जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार 40 डिग्री के पार पहुंचा है। भीषण गर्मी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते तापमान के कारण हीट-वेव से प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, हालांकि सामान्य उपचार के बाद वे ठीक हो रहे हैं। बाजार में शीतल पेय पदार्थों और रसीले फलों की मांग बढ़ गई है। चिकित्सकों ने लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप महसूस की जा रही है, जबकि रात में तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिल रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में लू चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कलेक्टर नेहा मीना ने स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों के समय में बदलाव किया है। यह आदेश नर्सरी (प्ले ग्रुप) से कक्षा 12 तक के सभी शासकीय, अशासकीय, नवोदय विद्यालय, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबंधित संस्थाओं पर लागू होगा। नए आदेश के अनुसार, स्कूलों का संचालन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। हालांकि, परीक्षाओं का संचालन निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही होगा। इस वर्ष अप्रैल में मई-जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। पिछले कुछ दिनों का तापमान इस प्रकार रहा है: 15 अप्रैल: अधिकतम 39.6°C, न्यूनतम 20.6°C 16 अप्रैल: अधिकतम 40.4°C, न्यूनतम 20.6°C 17 अप्रैल: अधिकतम 40.4°C, न्यूनतम 20.6°C 18 अप्रैल: अधिकतम 40.0°C, न्यूनतम 20.4°C 19 अप्रैल: अधिकतम 41.2°C, न्यूनतम 20.6°C

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

अनूपपुर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत वेंकटनगर में तिपान नदी पर बना पुल अपनी मियाद पूरी कर चुका है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह पुल वर्तमान में बेहद जर्जर स्थिति में है। अनूपपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण इस पर लाखों भारी वाहनों का दबाव है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दो राज्यों की ‘आर्थिक जीवनरेखा’ खतरे में यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि कोयला खदानों और जैतहरी स्थित मोजरबेयर पावर प्लांट के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिलासपुर और भिलाई से आने वाला लौह अयस्क और कोयला इसी पुल के माध्यम से मध्यप्रदेश और कटनी की ओर पहुंचता है। भारी मालवाहक वाहनों के निरंतर आवागमन ने 1980 में बने इस पुल की कमर तोड़ दी है। पुल की सतह से दिखने लगे लोहे के सरिए पुल की ऊपरी सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है और कंक्रीट के बीच से लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। रेलिंग और साइड वॉल कई जगह से टूट चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग हर बार केवल हल्का पेंचवर्क कर औपचारिकता पूरी कर देता है, जो भारी वाहनों के दबाव में कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। 1982 में हुआ उद्घाटन, अब मरम्मत का इंतजार इस पुल की आधारशिला 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने रखी थी और 1982 में इसका लोकार्पण हुआ था। चार दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका ठोस जीर्णोद्धार नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग बिलासपुर-कटनी जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक कॉरिडोर का हिस्सा है, फिर भी प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है। अधिकारी बोले- जल्द शुरू होगा काम मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री पी.के. लोरिया ने बताया कि सेतु निगम को मौके पर पुल और सड़क की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग अब केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय नए मजबूत पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई बड़ी जनहानि न हो।

बेड पर कमजोर? ये देसी दवाई बढ़ाएगी स्टैमिना और स्पर्म काउंट, जानिए फायदे और इस्तेमाल का तरीका

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Last Updated:April 20, 2026, 13:01 IST एक ऐसा पौधा, जो बलिया में लगभग हर जगह देखने मिल जाता है. आयुर्वेद की दुनिया में अकरकरा बेहद उपयोगी है, जो सदियों से घरेलू इलाज का हिस्सा रहा है. यह औषधि पुरुष स्वास्थ्य, दांत दर्द और पाचन समस्याओं में बेहद प्रभावी है. यह जीभ के कई रोगों में रामबाण है. आगे जानिए… अकरकरा, जो दादी नानी के घरेलू उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था. पहले जब जीभ में छाले या मुंह पक जाता था, तब लोग अकरकरा के फूल को मसलकर जीभ पर रखते थे. इसको आम बोलचाल में पुनपुनवा कहा जाता था. इससे लार तेजी से बनता था और कुछ ही मिनटों में जलन और दर्द कम हो जाता था. लेकिन, इसे निगलना नहीं चाहिए, बल्कि 10 मिनट बाद मुंह से बाहर निकाल दे. अकरकरा पुरुषों के यौन स्वास्थ्य के लिए भी बेहद शक्तिशाली औषधि मानी जाती है. यह टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को संतुलित करने, स्पर्म काउंट बढ़ाने और उनकी गतिशीलता सुधारने में मदद कर सकता है. इसके अलावा, यह स्तंभन दोष जैसी समस्याओं में भी सहायक प्रदान करता है, इसी के कारण आत्मविश्वास और ऊर्जा दोनों में बढ़ोतरी हो सकती हैं. यह रामबाण औषधि नसों की कमजोरी, थकान और जोड़ों के दर्द में भी बहुत असरदार साबित होती हैं. यह शरीर में वात दोष को संतुलित कर ऊर्जा बढ़ाती है और सुस्ती को दूर करती है. इतिहासकार डॉ शिव कुमार सिंह कौशिकेय के अनुसार, बुजुर्ग तो इसे शरीर को जगाने वाली औषधि के नाम से जानते थे. Add News18 as Preferred Source on Google अकारकरा का काढ़ा सर्दी, जुकाम और गले की खराश में बेहद लाभकारी और गुणकारी माना गया है. यह गले को गर्माहट देने के साथ ही खांसी व हिचकी जैसी समस्याओं में भी राहत पहुंचाता है. ठंड के मौसम में इसका सीमित उपयोग शरीर को अंदर से मजबूती प्रदान करता है. लेकिन सावधानी बहुत जरूरी है. अकरकरा पाचन तंत्र को मजबूत करने में भी बहुत उपयोगी है. यह पाचन एंजाइमों को सक्रिय करके गैस, अपच और पेट भारी रहने की समस्या को कम करने में मदद करता है. इसके रोजाना और सही सीमित मात्रा में उपयोग करने से पेट हल्का और दुरुस्त रहता है. यह साधारण पौधा नहीं है, बल्कि गुणों का भंडार है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, अकरकरा दांतों और मसूड़ों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इसकी जड़ को हल्का चबाने से दांत दर्द, पायरिया, मसूड़ों की सूजन और मुंह की दुर्गंध से बहुत राहत मिलती है. यह भी सच्चाई है कि, पुराने जमाने में लोग घरेलू नुस्खे पर ज्यादा भरोसा करते थे. बेशक अकरकरा बहुत लाभकारी औषधि है, लेकिन इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए अधिक सेवन से उल्टी, दस्त, बेचैनी, दिल की धड़कन तेज होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इसका उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. हां कभी भी इसका उपयोग बगैर चिकित्सक से परामर्श लिए न करें. क्योंकि कही परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकता हैं. साधारण तौर पर इसका सेवन चूर्ण के रूप में शहद या काढ़े के रूप में किया जा सकता हैं. इसकी मात्रा 0.5 से 1 ग्राम तक ही सुरक्षित है. गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत ही जरूरी है. सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह जड़ी-बूटी सच में चमत्कारी कई रोगों से निजात दिला सकती है. First Published : April 20, 2026, 13:01 IST

मारियो अमेरिका के महान रेसर, ‘औसत’ होने से नफरत थी:सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराने पर फोकस, संतुष्ट होने के बजाय खुद को चुनौती देते रहे

मारियो अमेरिका के महान रेसर, ‘औसत’ होने से नफरत थी:सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराने पर फोकस, संतुष्ट होने के बजाय खुद को चुनौती देते रहे

अमेरिका के महानतम रेसर्स में से एक और 86 वर्षीय मारियो एंड्रेटी फॉर्मूला-1 में ड्राइवर्स चैम्पियनशिप जीतने वाले मात्र दो अमेरिकियों में से एक हैं। इसके अलावा उन्होंने इंडियानापोलिस 500 और डायटोना 500 जैसे मोटर रेसिंग के सबसे प्रतिष्ठित खिताब भी जीते हैं। मारियो की यह कहानी हर उस इंसान के लिए एक बड़ा सबक है, जो अपने जीवन या करियर में शिखर पर पहुंचना चाहता है। मारियो अपनी सफलता का सबसे बड़ा राज अपनी सोच को मानते हैं। वे कहते हैं, ‘मुझे औसत होने से नफरत है। या यूं कहें कि मैं इसका बिल्कुल सम्मान नहीं करता, क्योंकि यह बहुत सुविधाजनक है। इसमें कोई स्ट्रेस नहीं है।’ जब उन्होंने रेसिंग के टॉप लेवल पर कदम रखा, तो उनका लक्ष्य सिर्फ हिस्सा लेना नहीं था, बल्कि उन दिग्गजों को हराना था जो उस समय शिखर पर थे। शुरुआती दिनों का एक किस्सा साझा करते हुए मारियो बताते हैं- उस दौर के महानतम रेसर्स में से एक ए.जे. फोयट थे। वे मारियो से पांच साल बड़े और एक स्थापित चैम्पियन थे। मारियो के क्रू चीफ ने उनसे कहा था कि मारियो, बस कार को सुरक्षित वापस ले आओ। फोयट को हराने के बारे में सोचना भी मत। लेकिन मारियो ने सोचा कि अगर वे उन्हें हरा ही नहीं सकते, तो वे इस रेस में कर क्या रहे हैं? मारियो ने हार नहीं मानी। उन्होंने सीधे टॉप पर पहुंचने का लक्ष्य रखा और जब उन्होंने फोयट को हराया, तो वह उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी संतुष्टि का पल था। इंडिकार के टॉप लेवल के अपने पहले ही साल में मारियो नेशनल चैम्पियनशिप जीतने वाले सबसे कम उम्र के ड्राइवर बन गए थे। कई लोगों ने कहा कि यह महज उनकी किस्मत थी। मारियो ने इसे एक नई चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने एक और चैम्पियनशिप जीती, फिर दो बार दूसरे स्थान पर रहे और फिर एक और खिताब जीता। मारियो कहते हैं, ‘जिस बात ने मुझे हमेशा प्रेरित किया, वह यह थी कि मैं अपनी उपलब्धियों से कभी संतुष्ट नहीं हुआ। मैं यह साबित करना चाहता था कि मेरी जीत कोई तुक्का नहीं थी। मैं हमेशा खुद को चुनौती देता रहा।’ 86 वर्ष की उम्र में भी मारियो थमे नहीं हैं। वे बेटे माइकल के साथ मिलकर फॉर्मूला-1 में एक नई अमेरिकी टीम शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मारियो के शब्दों में, ‘आसान काम तो कोई भी कर सकता है, उसमें कोई संतुष्टि नहीं है। मुझे अब भी कुछ नया करने का इंतजार रहता है और यही बात मुझे जिंदा रखती है।’ बदलाव को अपनाया, अपनी ड्राइविंग स्टाइल तक चेंज की जब आप एक प्रतिस्पर्धी माहौल में होते हैं, तो आप एक जगह रुक नहीं सकते। साल 1977 में रेसिंग कारों के एयरोडायनामिक्स में ‘ग्राउंड इफेक्ट्स’ के रूप में एक बड़ी क्रांति आई। इसके लिए मारियो को अपना ड्राइविंग स्टाइल तक बदलना पड़ा। उन्होंने इस बदलाव का खुले दिल से स्वागत किया क्योंकि वे इसके फायदे देख पा रहे थे। मारियो कहते हैं, ‘हमारे खेल में कोई गोल्फ क्लब या बल्ला नहीं होता। हमारे पास एक रेस कार होती है जिसमें सैकड़ों पुर्जे होते हैं। सही बदलावों के साथ, आप कार को और तेज बना सकते हैं।’

चांदी आज ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख पर पहुंची:सोना ₹347 बढ़कर ₹1.52 लाख का 10 ग्राम हुआ, इस साल ₹19 हजार हो चुका

चांदी आज ₹1,214 बढ़कर ₹2.51 लाख पर पहुंची:सोना ₹347 बढ़कर ₹1.52 लाख का 10 ग्राम हुआ, इस साल ₹19 हजार हो चुका

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 20 अप्रैल को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 347 रुपए बढ़कर 1.52 लाख रुपए पहुंच गया है। वहीं, एक किलो चांदी 1,214 रुपए बढ़कर 2.51 लाख रुपए पर पहुंच गई है। सोना इस साल 19 हजार और चांदी 21 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 19 हजार रुपए और चांदी 21 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.51 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

सीधी के वार्ड 19 में गंदगी फैलाने पर होगी FIR:नालियों में कचरा फेंकने पर लगेगा जुर्माना; पार्षद पूनम सोनी ने चलाया विशेष अभियान

सीधी के वार्ड 19 में गंदगी फैलाने पर होगी FIR:नालियों में कचरा फेंकने पर लगेगा जुर्माना; पार्षद पूनम सोनी ने चलाया विशेष अभियान

सीधी शहर के वार्ड क्रमांक 19 में सोमवार को स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। वार्ड पार्षद और भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पूनम सोनी ने वार्ड का भ्रमण कर सफाई का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों को कड़ी चेतावनी दी कि घर या दुकान के सामने गंदगी मिलने पर अब सीधे जुर्माना वसूला जाएगा और एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। नालियों में कचरा फेंकने से बढ़ रही बीमारियां निरीक्षण के दौरान पार्षद ने पाया कि कई रहवासी और दुकानदार सब्जियों के अवशेष, पॉलिथीन और अन्य कचरा सीधे नालियों में फेंक रहे हैं। इससे नालियां जाम हो रही हैं और गंदगी के कारण मच्छर व बीमारियां पनप रही हैं। इस दौरान पार्षद ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखना केवल नगर पालिका की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। सफाईकर्मियों की शिकायत पर एक्शन सफाईकर्मी राम भजन ने बताया कि सुबह-शाम नियमित सफाई के बावजूद लोग कुछ ही घंटों में दोबारा कचरा फैला देते हैं। हाल ही में कचरा जमा होने से शहर के 6 वार्डों की नालियां पूरी तरह जाम हो गई थीं, जिसे साफ करने के लिए नगर पालिका को विशेष रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा था। इसी के मद्देनजर अब वार्ड में सख्ती बरती जा रही है। स्वच्छता वाहन के साथ वार्ड में चलाया सफाई अभियान अभियान के तहत पार्षद पूनम सोनी ने स्वच्छता वाहन और सफाईकर्मियों की टीम को साथ लेकर पूरे वार्ड में सघन सफाई करवाई। उन्होंने लोगों से कचरा केवल डस्टबिन या स्वच्छता वाहन में ही डालने की अपील की। पार्षद पूनम सोनी ने कहा- बार-बार चेतावनी के बाद भी लापरवाही करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने में संकोच नहीं किया जाएगा।

मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार

मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार

मणिपुर में शटडाउन के बीच रविवार रात कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। इंफाल ईस्ट के कोईरेंगेई, इंफाल वेस्ट के उरिपोक और कक्चिंग जिले में मशाल रैलियां निकाली गईं। कक्चिंग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस, स्मोक बम और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। झड़प में कई लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, 6 अप्रैल को ट्रोंग्लाओबी आवांग लेइकाई एक घर पर बम धमाके में दो बच्चों की मौत हुई थी। इन्हीं के न्याय के लिए प्रदर्शन हो रहे है। हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात की गई। प्रदर्शन और झड़प की 5 तस्वीरें… पुलिस बोली- रैलियों की आड़ में हमले इंफाल वेस्ट के एसपी शिवकांत सिंह ने कहा कि हाल के प्रदर्शनों में कुछ असामाजिक तत्व रैलियों का फायदा उठाकर सुरक्षाबलों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमलों में लोहे के प्रोजेक्टाइल, गुलेल, पत्थर और पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया। कई लोग नशे की हालत में भी पाए गए। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार पुलिस ने 18 अप्रैल को पातसोई से सगोलबंद के बीच इम्फाल-जिरीबाम रोड पर निकाली गई मशाल रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। रैली के दौरान भीड़ ने पथराव, पेट्रोल बम और गुलेल का इस्तेमाल किया, जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। सीआरपीएफ की 232वीं बटालियन के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में सगोलबंद, तेरा, उरिपोक, ब्रह्मापुर, लांगथाबल, नगामापाल, नाओरेमथोंग और थांगमेइबंद समेत इंफाल के कई इलाकों के निवासी शामिल हैं। 5 दिनों तक शटडाउन मेइरा पाइबी संगठन ने हमले के आरोपियों की 25 अप्रैल तक गिरफ्तारी की मांग की है। घाटी के जिलों में पहले से ही 5 दिन का टोटल शटडाउन जारी है। वहीं, नागा बहुल इलाकों में अलग से 3 दिन का बंद बुलाया गया है। बाजार बंद होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ… बम हमले में 2 बच्चों की मौत, फिर प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला 6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया था। इसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था। ————- ये खबर भी पढ़ें… मणिपुर हिंसा-घायल मां से 3 दिन बच्चों की मौत छिपाई:अस्पताल में अखबार से सच पता चला; बम हमले में 2 बच्चों की मौत हुई थी मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी में 6 अप्रैल की आधी रात एक घर पर बम से हमला हुआ। इसमें 5 साल के बेटे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बिनाता ओइनाम गंभीर रूप से घायल हो गईं। पूरी खबर पढ़ें…

अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, पनडुब्बी मशीन जलाकर नष्ट:शिवपुरी के नरवर में शिकायतों के बाद पहुंची थी टीम

अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई, पनडुब्बी मशीन जलाकर नष्ट:शिवपुरी के नरवर में शिकायतों के बाद पहुंची थी टीम

शिवपुरी में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर एसडीएम अनुराग निंगवाल के नेतृत्व में राजस्व और प्रशासनिक टीम ने नरवर तहसील के ग्राम अंदौरा में छापा मारा। इस दौरान अवैध उत्खनन में लगी एक पनडुब्बी मशीन को मौके पर ही जलाकर नष्ट कर दिया गया। ग्राम अंदौरा के नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर रविवार शाम एसडीएम अनुराग निंगवाल और तहसीलदार ललित शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान पनडुब्बी मशीन के माध्यम से अवैध उत्खनन किया जा रहा था, जिसे तुरंत जब्त कर नष्ट कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद अवैध उत्खनन गतिविधियों में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले करैरा तहसील के थनरा चौकी क्षेत्र में भी अवैध रेत परिवहन करते एक ट्रैक्टर को जब्त कर पुलिस को सौंपा गया था। प्रशासन की लगातार सख्ती से अवैध खनन माफियाओं पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

रविवार देर रात लालगांव रोड पर भीषण सड़क हादसा:बाइक सवार की मौके पर मौत, महिला गंभीर घायल

रविवार देर रात लालगांव रोड पर भीषण सड़क हादसा:बाइक सवार की मौके पर मौत, महिला गंभीर घायल

रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। लालगांव रोड स्थित ग्राम सौर के पास एक बाइक और पिकअप वाहन की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, बाइक सवार व्यक्ति एक महिला को लेकर बैकुंठपुर से लालगांव की ओर जा रहा था। इसी दौरान सौर गांव के पास सामने से आ रहे पिकअप वाहन से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे में घायल महिला को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल मृतक और घायल महिला की पहचान नहीं हो पाई है। घटना की सूचना मिलते ही बैकुंठपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस पिकअप वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।