असम में ‘घुसपैठिए’ बनाम ‘लुटेरे’: विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी, प्रियंका गांधी पर तीखी बयानबाज़ी | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:01 अप्रैल, 2026, 21:50 IST प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के लिए असम में थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्वनाथ में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित किया; (दाएं) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 1 अप्रैल, 2026 को असम के डिब्रूगढ़ जिले में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करती हैं। (छवि: (PMO/@INCIndia/X /PTI) प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने विधानसभा चुनावों से पहले “असम की आत्मा” के लिए लड़ाई लड़ी, विकास, पहचान और “एक-परिवार” शासन पर एक-दूसरे पर कटाक्ष किया। असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जिसमें सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला है। प्रधान मंत्री मोदी और प्रियंका गांधी बुधवार को भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रचार करने के लिए असम में थे, जहां उन्होंने “घुसपैठिया” बनाम “माफिया” कथा पर एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए। मोदी ने डिब्रूगढ़ जिले में मनोहारी चाय एस्टेट का दौरा किया, जहां उन्होंने महिला श्रमिकों के साथ सीधे बातचीत करके और चाय की पत्तियां तोड़कर 2014 से भाजपा के प्रति देखे गए “महत्वपूर्ण झुकाव” को मजबूत करने की कोशिश की। चाय बागान कार्यबल, जिसमें 850 से अधिक बागानों के मतदाता शामिल हैं, ऐतिहासिक रूप से असमिया राजनीति में एक निर्णायक कारक रहे हैं। भाजपा को श्रम शक्ति का सच्चा हितैषी बताते हुए उन्होंने दावा किया कि जहां कांग्रेस ने श्रमिकों को 60 वर्षों तक “अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष” करने की अनुमति दी, वहीं उनके प्रशासन ने महत्वपूर्ण भूमि अधिकार देना शुरू कर दिया है। मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “चाय असम की आत्मा है! यहां की चाय ने दुनिया भर में अपनी जगह बनाई है। यह एक बहुत ही यादगार अनुभव था।” इस बीच, गांधी ने तिंगखोंग और नाज़िरा में अपनी रैलियों का इस्तेमाल अपनी कहानी को ख़त्म करने के लिए किया, और भाजपा पर चाय श्रमिकों के लिए दैनिक वेतन बढ़ाने के अपने विशिष्ट वादे को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि असम की अपार प्राकृतिक संपदा के बावजूद, कार्यबल गरीब बना हुआ है जबकि “केवल एक परिवार समृद्ध हो रहा है”। मोदी ने छह दशकों में कांग्रेस द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाए गए “तीन पुलों” और उनकी सरकार द्वारा केवल 10 वर्षों में बनाए गए “पांच पुलों” के बीच एक तीव्र अंतर दिखाते हुए “डबल-इंजन” सरकार का कार्ड खेला। उन्होंने कहा कि जगीरोड पर सेमीकंडक्टर सुविधा जैसी भविष्य की ओर देखने वाली परियोजनाएं जल्द ही प्रौद्योगिकी के लिए विश्व स्तर पर जानी जाएंगी। हालाँकि, गांधी ने कहा कि ये भव्य परियोजनाएँ जनता के दैनिक संघर्षों की प्रणालीगत उपेक्षा का मुखौटा थीं। उन्होंने विफल आर्थिक नीति के प्रमाण के रूप में “चरम” मुद्रास्फीति और आवश्यक वस्तुओं की अनुपलब्धता की ओर इशारा किया। गांधी ने कहा, “असम में पिछले पांच वर्षों में लोगों की समस्याएं और खतरे बढ़े हैं। महंगाई चरम पर है और हर आवश्यक वस्तु पहुंच से बाहर है। रोजगार के लिए राज्य से बाहर जाने वाले युवाओं के लिए कोई नौकरी नहीं है।” उन्होंने कहा कि भाजपा के विकास के संस्करण ने युवा पीढ़ी को दरकिनार कर दिया है और व्यापक विकास के बजाय, खदानों और जमीन जैसी राज्य की संपत्तियों को “बड़े उद्योगपतियों को सौंप दिया जा रहा है”। उन्होंने आरोप लगाया, “एक परिवार असम में सब कुछ लूट रहा है। और जब वे लूट नहीं रहे हैं, तो खदानें, जमीनें और हर दूसरी संपत्ति बड़े उद्योगपतियों को सौंपी जा रही है।” प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर वोट बैंक बनाने के लिए ”घुसपैठियों को बचाने के लिए कानून लाने” की योजना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले अवैध आप्रवासियों को पवित्र “सत्रों, नामघरों और मंदिर की भूमि” पर बसने के लिए प्रोत्साहित किया था। चुनाव असम की रक्षा के लिए एक विकल्प है”शान“(गर्व) और”सुरक्षाउन्होंने कहा, ”(सुरक्षा) जनजातीय पहचान की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और छठी अनुसूची जैसे उपायों के माध्यम से।” गांधी ने खतरे को दोबारा परिभाषित करते हुए इसका प्रतिकार किया और इस बात पर जोर दिया कि “असम की संस्कृति और सभ्यता” को वास्तविक खतरा एक सत्तावादी नेतृत्व से है जो “भय और धमकियों” के माध्यम से शासन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार “कायरों” द्वारा चलाई जाती है जो महिलाओं को ‘ओरुनोदोई’ जैसी सरकारी योजनाओं से हटाने की धमकी देकर रैलियों में भाग लेने के लिए मजबूर करते हैं। उन्होंने पिछले वादों के बावजूद, मांग करने वाले समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने में भाजपा की विफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “विभिन्न आदिवासी समुदाय वर्षों से एसटी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। भाजपा ने उन्हें एसटी का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन वे इसे देने में विफल रहे।” प्रधानमंत्री ने लगातार कांग्रेस के “दो परिवारों” – दिल्ली में गांधी परिवार और असम में गोगोई – पर हमला किया और उन पर जनता की भलाई पर वंशवादी हितों को प्राथमिकता देने और पार्टी को “भ्रष्टाचार की जननी” करार देने का आरोप लगाया। “कांग्रेस के लिए, दो परिवार हैं – एक दिल्ली में और दूसरा असम में, और उनकी प्राथमिकता उनके परिवारों का हित है, न कि लोगों का… उन्होंने (कांग्रेस) असम के साथ समझौता किया है आत्मा (आत्मा), शान (गर्व), Pehchan (पहचान) और सुरक्षा (सुरक्षा),” उन्होंने कहा। बदले में, गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में “केवल एक परिवार सब कुछ लूट रहा है”। उन्होंने सारदा और स्मार्ट सिटी घोटालों सहित ऐतिहासिक भ्रष्टाचार के आरोपों को उठाया और प्रशासन को “डबल-ग़ुलामी (गुलामी)” सरकार ने आरोप लगाया कि सरमा मोदी के गुलाम हैं, जो बदले में ”अमेरिका के गुलाम” हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा ने कहा कि उन्होंने डबल इंजन सरकार दी है। वास्तव में, यह डबल गुलामी सरकार है। पीएम मोदी अमेरिका की गुलामी में लगे हुए हैं और हिमंत बिस्वा सरमा मोदी की गुलामी में लगे हुए हैं।” (एजेंसी इनपुट के साथ) जगह : गुवाहाटी (गौहाटी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 01 अप्रैल, 2026, 21:50 IST समाचार चुनाव असम में ‘घुसपैठिए’ बनाम ‘लुटेरे’: विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी, प्रियंका गांधी
रेलवे ने जेसीबी से मंदिर तोड़ा, मूर्ति को फेंका:खंडवा में 500 से ज्यादा मकान तोड़े; कांग्रेस बोलीं- कहा गए हिंदुत्व पर वोट मांगने वाले?

खंडवा में रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर अब तक 500 से ज्यादा मकान तोड़ दिए हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, इसी बीच नौवें दिन मंदिर तोड़े जाने के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया। रेलवे की जेसीबी ने एक भीलटदेव के मंदिर को तोड़ दिया। इससे पहले मूर्ति को पानी की टंकी में फेंक दिया। घटनाक्रम के वीडियो भी सामने आए हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने हिंदुत्व की पहरेदारी करने वाली भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। सूरजकुंड क्षेत्र में मंदिर तोड़ने का मामला सामने आया तो मौके पर हिंदू जागरण मंच के संयोजक माधव झा सहित कई लोग पहुंचे और विरोध जताया। माधव झा ने कहा कि रेलवे की जमीन में मंदिर से पहले चर्च और दरगाह हैं, लेकिन उन्हें तोड़ने की हिमाकत तक नहीं की जा रही। मंदिर को तोड़ा गया और मूर्तियों सहित मलबे को पानी के टैंक में बहा दिया। इधर, रेलवे अधिकारियों से कहासुनी के बीच तय किया गया कि अब पहले चर्च और दरगाह टूटेगी, उसके बाद बाकी का अतिक्रमण तोड़ जाएगा। इसके अलावा हिंदूवादी नेता डॉ. अनीस अरझरे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खंडवा को पाकिस्तान बना दिया गया हैं। नेता प्रतिपक्ष बोले- कहां है? बीजेपी नेता खंडवा में बुधवार को मंदिर तोड़ने के दो घटनाक्रम हुए हैं। सुबह नागचून रोड़ पर भी भीलटदेव का मंदिर तोड़ा गया। इस घटना को कारोबारी श्याम हेमवानी द्वारा एक मुस्लिम कॉलोनाइजर को जमीन बेचने के लिए अंजाम दिया गया। वहीं शाम को रेलवे ने भीलटदेव मंदिर तोड़ दिया। मामले में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लु राठौर ने कहा कि, यह घटनाएं भाजपा की सरकार में हो रही हैं। जो हिंदूत्व के नाम पर वोट मांगती हैं। अब भाजपा के नेता कहां छिप गए हैं।
ये हैं भारत के टॉप-4 किडनी कांड, कैसे होता है कारोबार? कहां से आते हैं डोनर-मरीज, समझें पूरा खेल

How Kidney transplant Nexus works: कानपुर के किडनी कांड ने भले ही एक बार फिर देश में सनसनी मचा दी हो लेकिन भारत में यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी यहां किडनी के बड़े-बड़े कांडों का पर्दाफाश हुआ है, जिनके तार सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों से और भी ज्यादा गहराई से जुड़े रहे हैं. किडनी का ये खेल नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर चलता है जिसमें मजबूर और गरीब लोग फंसते हैं और उनकी मजबूरी और पैसे से मौज शातिर,पढ़े-लिखे डॉक्टर उड़ाते हैं. आज हम आपको देश के सबसे बड़े किडनी कांडों के बारे में बताने के साथ ही ये भी बताएंगे कि कैसे ये काले कारोबार चुपचाप सालों-साल तक बिना किसी को भनक लगे फलते-फूलते रहते हैं और इन्हें किडनी के मरीजों से लेकर किडनी डोनर तक कहां से मिल जाते हैं? और इस खबर में अपनी एक्सपर्ट एडवाइज दे रहे हैं नेफ्रोलॉजी में 40 साल का अनुभव रखने वाले, यूके के मेनचेस्टर में कॉमनवेल्थ फेलोशिप ले चुके, 16 साल तक एम्स नई दिल्ली में नेफ्रोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख रह चुके और सेव द किडनी क्लिनिक के फाउंडर डॉ. संजय कुमार अग्रवाल. डॉ. अग्रवाल यहां मरीजों से मिली जानकारियां भी शेयर कर रहे हैं. किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन और एम्स के पूर्व एचओडी नेफ्रोलॉजी डॉक्टर एसके अग्रवाल. भारत के बड़े किडनी कांड . कानपुर किडनी कांड फिलहाल सबसे बड़े किडनी रैकेटों में से एक बनता जा रहा है. अभी तक मिली जानकारी में कानपुर में बिना रिकॉर्ड के 60 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट किए गए हैं. इसमें कई राज्यों के एक दर्जन से ज्यादा अस्पतालों और डॉक्टरों के शामिल होने के सुराग मिले हैं, फिलहाल इसमें डॉक्टर, अस्पताल संचालक और एंबुलेंस चालक की गिरफ्तारी होने के साथ ही जांच चल रही है. . गुरुग्राम 750 किडनी रैकेट- गुरुग्राम में साल 2008 में हुआ किडनी कांड अभी तक का सबसे वीभत्स कांड है और उसके आका देवेंद्र शर्मा और डॉ. अमित कुमार को डॉ. डेथ के नाम से जाना जाता है. करीब सात साल में इन्होंने 750 से ज्यादा लोगों की किडनी निकालकर ट्रांसप्लांट किए और एक मरीज से 30 से 35 लाख रुपये शुद्ध रूप से कमाए थे. इन दोनों को सजा हो गई थी. . महाराष्ट्र चंद्रपुर इंटरनेशनल किडनी सिंडिकेट- महाराष्ट्र के चंद्रपुर में एक किसान के वायरल वीडियो से दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में इंटरनेशनल किडनी सिंडिकेट का पता चला था. यहां डोनरों को किडनी निकलवाने के लिए विदेश तक भेजा जाता था और 6 से 8 लाख रुपये मिलते थे, जबकि इस किडनी को 70-80 लाख में बेचा जाता था. इस सिंडिकेट के गुर्गे भारत से विदेशों तक फैले थे. . अपोलो दिल्ली-नोएडा किडनी कांड- जुलाई 2024 में अपोलो अस्पताल की किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. डी विजया राजकुमारी का नाम सुर्खियों में आया जब उस पर अवैध रूप से बांग्लादेश से बुलाए गए किडनी डोनर्स की किडनी नोएडा के यथार्थ अस्पताल में ट्रांसप्लांट करने के मामले में 7 लोग गिरफ्तार हुए. इस दौरान कई बांग्लादेशी डोनर और रिसीवर सामने आए थे. कैसे काम करता है ये नेक्सस?किडनी के मरीजों के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गया है यहां 2023 तक 13 करोड़ से ज्यादा लोगों को किडनी की बीमारी थी. ऐसे में सरकारी अस्पतालों में महीनों तक अपॉइंटमेंट और जांचों की वेटिंग में धक्के खाता या खुद का डोनर न होने पर अस्पताल से मिले डोनर के इंतजार में सालों-साल समय गंवाता मरीज डायलिसिसि के भरोसे आखिर कब तक चले? वहीं दूसरी ओर पेट में दो-दो कीमती किडनी लेकर भूखा मरने वाला या जुए-सट्टे की लत में पड़ा युवक भी सोचता है कि एक बेचकर पैसे मिल जाएं तो क्या बुरा है? और जब दोनों ओर से ही दरवाजे खुले हों तो मरीजों के भगवानों को हैवान बनते कहां देर लगती है? और यहीं से असली खेल शुरू होता है. कहां से आते हैं डोनर? कानपुर किडनी रैकेट ने सभी की नींदें उड़ा दी हैं. आमतौर पर अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले सेंटर्स दो तरह से किडनी डोनर जुटाते हैं, सबसे पहले भारत में मौजूद गरीबी और तंगहाली, कर्ज या जुए-सट्टे की लत में फंसे लोग इनके निशाने पर होते हैं. जिन्हें पैसे का लालच देकर ये किडनी डोनेट करने के लिए तैयार करते हैं. कुछ लाख रुपये के एवज में ये लोग इसलिए भी तैयार हो जाते हैं क्योंकि इन्हें समझाया जाता है कि एक किडनी से भी वे जिंदा रह सकते हैं. वहीं दूसरा तरीका ये गरीब पड़ौसी देशों, जिनमें खासतौर पर बांग्लादेश है, यहां से लोगों को किडनी बेचने और उसके बदले में मोटा पैसा मिलने की बात पर रजामंद करके यहां तक लाते हैं. बांग्लादेश से कैसे लाए जाते हैं डोनर? अपोलो दिल्ली-नोएडा किडनी रैकेट कांड, कानपुर कांड और डॉक्टर डेथ गुरुग्राम के मामलों की जांच में सामने आया कि बांग्लादेश में भुखमरी से जूझ रहे बहुत सारे लोग किडनी बेचने के लिए भारत लाए जाते हैं, इसके लिए उनके साथ किडनी रिसीपेंट भी लाए जाते हैं. इन्हें अस्पताल के नजदीकी गैस्ट हाउसों में ठहराया जाता है. अगर जांच होती भी है तो इन्हें पहले ही समझा दिया जाता है ये लोग किडनी रिसीपेंट के दूर के रिश्तेदार हैं और मरीज को किडनी दान करना चाहते हैं. एक से ज्यादा डोनर होने पर ये बताते हैं कि जिसकी भी किडनी मैच कर गई वह दे देगा. इस तरह एक रिसीपेंट के साथ कई डोनर साथ आ जाते हैं. जबकि न ये आपस में रिश्तेदार होते हैं और न ही इसको साबित करना या जांच करना स्वास्थ्य विभाग के बस में होता है. ट्रांसप्लांट के लिए कहां से और कैसे लाए जाते हैं लोग?किडनी ट्रांसप्लांट के लिए भी देश और विदेश दोनों जगहों से मरीज आते हैं. डॉ. संजय अग्रवाल बताते हैं कि भारत में करीब 70 से 80 देशों के किडनी मरीज आकर ट्रांसप्लांट कराते हैं. इसकी वजह है यहां बाहर के मुकाबले सस्ता और अच्छा इलाज. किडनी ट्रांसप्लांट की कीमत भारत में कई देशों के मुकाबले कम है वहीं यहां इलाज के साथ पोस्ट ट्रांसप्लांट केयर और रहने-खाने का खर्च भी कम है. जबकि देश के अंदर के मरीजों की बात करें तो कानपुर कांड में
PM मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों पर बैठक जारी:पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा; शाह-जयशंकर सहित कई केंद्रीय मंत्री मौजूद

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर PM मोदी की अध्यक्षता में बुधवार शाम 7 बजे से कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक जारी है। इसमें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत में मौजूदा हालात की समीक्षा हो रही है। मीटिंग में अमित शाह, एस जयशंकर, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, शिवराज सिंह चौहान, जेपी नड्डा, अश्विनी वैष्णव, मनोहर लाल खट्टर, प्रल्हाद जोशी, किंजरापु राममोहन नायडू और हरदीप सिंह पुरी समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, PM के प्रमुख सचिव पी.के. मिश्रा और शक्तिकांत दास और कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन भी मौजूद हैं। मीटिंग में आम लोगों की जरूरी जरूरतों जैसे खाद्य, LPG और पेट्रोल-डीजल उपलब्धता पर चर्चा हो रही है। 10 दिन में दूसरे बार CCS मीटिंग कर रहे PM मोदी पिछले 10 दिनों के भीतर CCS की यह दूसरी मीटिंग है। इससे पहले 23 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने CCS मीटिंग की अध्यक्षता की थी। इसमें भारत पर पश्चिम एशिया में संघर्ष के प्रभाव को कम करने के उपायों का आकलन किया गया था। PM ने कहा था कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है और पूरी दुनिया इससे प्रभावित हो रही है। उन्होंने निर्देश दिया था कि सरकार के सभी विभाग मिलकर काम करें ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अन्य अधिकारी मौजूद थे। कैबिनेट सचिव ने अब तक उठाए गए और प्रस्तावित कदमों की जानकारी दी थी। इसके अलावा कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, MSMEs, निर्यात, शिपिंग, व्यापार, वित्त और सप्लाई चेन जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा हुई। 27 मार्च : PM मोदी ने ईरान जंग पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ईरान जंग को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने कहा कि सभी राज्य टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करें और अपनी तैयारियां मजबूत रखें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में PM ने राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और नागरिकों की सुरक्षा है। PM ने सप्लाई चेन सही रखने, जमाखोरी-कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती करने को कहा। साथ ही खाद के स्टॉक व वितरण पर नजर रखने को कहा। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से जंग, तेल-गैस पर संकट पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल की तरफ से ईरान पर हमले के बाद युद्ध शुरू हुआ था। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले किए। अब युद्ध एक महीने से ज्यादा समय से जारी है और इसके जल्द खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। ईरान के नियंत्रण में स्थित होर्मुज (Strait of Hormuz) इस संघर्ष के कारण प्रभावित हुआ है। इसके चलते भारत सहित कई देशों को तेल और गैस सप्लाई में बाधा का सामना करना पड़ रहा है। होर्मुज से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा सप्लाई होती है। संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, नीदरलैंड, मलेशिया, इजराइल और ईरान सहित कई देशों के नेताओं से बातचीत की है। उन्होंने 24 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी बातचीत की थी। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… केंद्र ने कॉमर्शियल LPG कोटा 50% से बढ़ाकर 70% किया, स्टील-ऑटो और टेक्सटाइल सेक्टर को प्राथमिकता केंद्र सरकार ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को एक बार फिर LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने शुक्रवार (27 मार्च) को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के एलोकेशन यानी कोटा को 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जो पूरी तरह LPG पर निर्भर हैं। पूरी खबर पढ़ें… सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई, तेल कंपनियां दाम बढ़ा सकती थीं सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। न्यूज एजेंसी PTI ने यह जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें…
20 करोड़ टैक्स वसूली के लिए सड़क पर उतरे अधिकारी:बस संचालकों पर कार्रवाई, दो बसें जब्त; ₹1.60 लाख वसूले

जिले में लंबे समय से टैक्स चोरी कर रहे बस मालिकों के खिलाफ बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने शहर के बस स्टैंडों और तिराहों पर घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान दो यात्री बसें जब्त कर आरटीओ दफ्तर भेज दी गईं, जबकि आठ अन्य बसों से मौके पर ही 1 लाख 60 हजार 473 रुपए का बकाया टैक्स वसूला गया। अपर कलेक्टर जे.पी. यादव ने बताया कि जिले में ऐसी 94 बसें चिह्नित की गई हैं, जिन पर पिछले कई सालों से करीब 20 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। बार-बार नोटिस देने के बाद भी जब बस संचालकों ने पैसा जमा नहीं किया, तो कलेक्टर के आदेश पर यह स्पेशल टीम बनाई गई। बस स्टैंड और तिराहों पर दबिश बुधवार को टीम ने मुख्य बस स्टैंड, मंडला बस स्टैंड और समनापुर तिराहे पर अचानक छापा मारा। इस दौरान बस नंबर MP 52 P 0112 और CG 10 G 0129 के पास टैक्स से जुड़े कागज नहीं मिले, जिसके बाद उन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से बस ऑपरेटरों में हड़कंप मच गया है। आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई अधिकारियों का कहना है कि टैक्स वसूली के लिए इस तरह की छापामार कार्रवाई अब लगातार चलती रहेगी। बिना टैक्स चुकाए सड़क पर बस चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी मुहिम में आरटीओ, एसडीएम, तहसीलदार और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
लू लगने पर तोड़ें ये फूल, करें ऐसे उपचार, मिनटों में उतर जाएगा बुखार! बब्बा के बाबा का फार्मूला

Last Updated:April 01, 2026, 18:49 IST Heatstorke Remedy: अप्रैल शुरू हो चुका है. सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं.ऐसे में अब लू अपना दुष्प्रभाव दिखाएगी. लू लगने पर शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. कई बार तो जान का खतरा भी हो जाता है. ऐसे में लोग डॉक्टर के पास भागते हैं. वहीं, छतरपुर के बुजुर्ग अपने बाबा के जमाने का गजब उपचार बताया. इस उपचार से आयुर्वेद चिकित्सक भी सहमत हैं. Summer Health Remedy: गर्मी का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में गर्म हवाएं भी अपना असर दिखाने लगी हैं. छतरपुर में लू से बचने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है. हालांकि, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लू से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय किए जाते हैं. ग्रामीणों के मुताबिक सालों से पलाश के फूलों से लू को ठीक किया जाता है. छतरपुर के रहने वाले बुजुर्ग जमुना पाल बताते हैं कि गर्मी के मौसम में पलाश या छ्योल के फूल का महत्व तब और बढ़ जाता है, जब किसी को लपट यानी लू लग जाती है. क्योंकि, पलाश के फूलों से लू भी छूमंतर हो जाती है. इसके अलावा हमारे यहां चना की सूखी भाजी जिसे सुसका कहा जाता है, इस भाजी से भी लू ठीक हो जाती है. लू लगने पर ऐसे करें उपचारजमुना बताते हैं कि पलाश के आधा किलो फूल को मटके के पानी में डाल दें. उसी पानी को कपड़े की सहायता से पूरे शरीर में फेर दें. इसके बाद लपट उतर जाती है, यानी लू लगने पर जो बुखार आता है, वह ठीक हो जाता है. खुद पर आजमा चुका हूं…जमुना बताते हैं कि बाबा-पुरखों से भी यही सुनते और देखते आए हैं कि जब भी किसी को लपट लग जाती थी, तो पलाश के फूलों से ही उसकी लपट उतारी जाती थी. मुझे स्वयं कई बार लपट लगी है, तब मैंने पलाश के फूलों से लपट उतारी है. लू या लपट लगना क्या है?बता दें, लू लगना वो स्थिति है, जो शरीर में गर्मी और बढ़ते तापमान की वजह से उत्पन्न होती है. इस दौरान हमारे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. बाहरी तापमान और गर्म हवा की वजह से शरीर ठंडा नहीं हो पाता और शरीर का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो जाता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : April 01, 2026, 18:49 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
छींद में सुबह 4 बजे हनुमान जी की महाआरती:हनुमान प्राकट्योत्सव पर कल सुंदरकांड पाठ; मालपुआ और 56 भोग

रायसेन जिले में कल गुरुवार को हनुमान जी का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। जिलेभर के हनुमान मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन, शोभायात्राएं और वाहन रैलियां निकाली जाएंगी। सभी हनुमान मंदिरों में विशेष साज-सज्जा और तैयारियां की गई हैं। जिले के प्रसिद्ध बरेली स्थित छींद धाम में सुबह 4 बजे महाआरती की गई। इसके बाद लाखों श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। पास ही स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में भी विशेष साज-सज्जा की गई है, जहां दिनभर भक्तों का तांता लगा रहेगा। शहर में शाम के समय एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बजरंगबली की बड़ी प्रतिमा शामिल होगी। इसके अतिरिक्त, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा पाटन देव हनुमान मंदिर से सुबह 11 बजे एक वाहन रैली निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में सनातन धर्म के अनुयायी भगवा झंडे लेकर शामिल होंगे। गंज बाजार स्थित हनुमान मंदिर में सुबह 8 बजे सुंदरकांड पाठ के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद महाआरती की जाएगी और बजरंगबली को 56 भोग के साथ मालपुए का भोग लगाया जाएगा। यह प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। पाटन देव हनुमान मंदिर, बावड़ीपुरा स्थित हनुमान मंदिर, रामपुर और गोपालपुर हनुमान मंदिर में भी विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। छींद धाम की स्थापना 1967 में स्वर्गीय धनु लाल रघुवंशी ने की थी। उन्होंने पीपल के पेड़ के नीचे एक छोटी मढ़िया बनवाकर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की थी। शुरुआत में यहां सुबह-शाम आरती होती थी। धीरे-धीरे ग्रामीणों की आस्था बढ़ी और लोग अपनी समस्याएं लेकर आने लगे। मान्यता है कि यहां आने वालों के काम बनने लगे। क्षेत्र में ओलावृष्टि रुकने और फसलों को नुकसान न होने जैसी घटनाओं के बाद इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैल गई। गंगा जी की तर्ज पर होगी महा आरती गंज बाजार हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित दुर्गा प्रसाद शर्मा ने बताया कल सुबह 4 बजे हनुमान जी महाराज का अभिषेक,चोला श्रृंगार, उसके बाद आरती 7 बजे सुंदरकांड पाठ, दोपहर 3:00 बजे से महिला संगीत सत्संग, शाम के समय गंगा जी की तर्ज पर महा आरती का आयोजन किया जाएगा। और रात 10:00 बजे तक भंडारे का आयोजन भी मंदिर परिसर में होगा।
जुमानजी 3 पूरी, ड्वेन ने शेयर किए बीटीएस मोमेंट्स:ड्वेन ने लिखा – करियर के सबसे मजेदार और क्रिएटिव अनुभवों में से एक रहा है

हॉलीवुड स्टार ड्वेन जॉनसन, जिन्हें ‘द रॉक’ के नाम से भी जाना जाता है, उनकी अगली फिल्म पूरी हो गई है। ये खुशखबरी उन्होंने अपने फैंस को भी दी है। एडवेंचर फिल्म ‘जुमानजी 3’ के सेट से उन्होंने कुछ बिहाइंड द सीन्स तस्वीरें भी साझा की हैं, जो तेजी से वायरल हो रही हैं। ड्वेन ने तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि यह उनके करियर के सबसे मजेदार और क्रिएटिव अनुभवों में से एक रहा है। उन्होंने पूरी टीम और कास्ट की जमकर तारीफ की और बताया कि पिछले 10 सालों से इस फ्रेंचाइज के साथ काम करना उनके लिए बेहद खास रहा है। फिल्म का निर्देशन जेक कासडन कर रहे हैं, जबकि इसे सोनी पिक्चर्स प्रोड्यूस कर रहा है। ‘जुमानजी’ फ्रेंचाइज की पिछली फिल्मों को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके बाद तीसरे पार्ट को लेकर एक्साइटमेंट पहले से ही हाई है। रिलीज की बात करें तो पहले यह फिल्म 11 दिसंबर 2026 को आने वाली थी लेकिन अब इसे क्रिसमस के मौके पर 24 दिसंबर 2026 के लिए शिफ्ट कर दिया गया है। मेकर्स इस फिल्म को बड़े फेस्टिव सीजन में रिलीज कर ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं। फिल्म में डैनी डेविटो, निक जोनास, मारिन हिंकल, बेबे न्यूविर्थ, लैमोर्न मॉरिस और राइस डार्बी जैसे कलाकार एक बार फिर नजर आएंगे। इससे पहले ‘जुमानजी: वेलकम टू द जंगल’ (2017) और ‘जुमानजी: द नेक्स्ट लेवल’ (2019) ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था।
असम चुनाव: ‘माफियाओं और गिरोहों के दुश्मनों में…’, असम में हिमंता बिस्वा सरमा ने भड़के प्रियंका गांधी पर, कहा- एक ही परिवार है…

कांग्रेस नेता श्रीकांत गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर बुधवार को अंतिम रूप से आरोप लगाते हुए कहा कि इस स्रोत में ‘केवल एक परिवार सब कुछ लूट रहा है, जबकि आम लोगों के पास कुछ भी नहीं है।’ मैथ्यू ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रही है. नामांकन के नेता और पार्टी के उम्मीदवार डेब्रत सैकिया के समर्थन में नाजिरा में चुनावी रैली को बयान करते हुए प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला और संयुक्त राज्य अमेरिका पर काम करने का आरोप लगाया। असम में एक ही परिवार लूट रहा है:प्रियंका गांधी प्रियंका गांधी ने दावा किया, ‘असम में एक परिवार सब कुछ लूट रहा है और जब वे सामान नहीं कर रहे हैं तो मिट्टी, जमीनें और हर संपत्ति बड़े उद्योग उद्यमों को खो दी गई है।’ उन्होंने अलास्का, स्मार्ट सिटी और एनसी हिल्स जैसे कई पुराने होटलों में बड़े पैमाने पर सामान रखने का आरोप लगाया। विपक्षी कांग्रेस ने दावा किया, ‘भाजपा ने कहा था कि वह डबल इंजन वाली सरकार है।’ असल में ये है टॉयलेटरीज़ वाली सरकार. ‘प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की गुलामी में लगे हैं और हिमंता बिस्वा सरमा मोदी की गुलामी कर रहे हैं।’ चाय बाग के अनमोल की नहीं आकर्षक सरदार:प्रियंका प्रियंका गांधी ने दावा किया कि यह सरकार चाय बागानों का दैनिक विकास का वादा पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि बागवानों के लोग संघर्ष कर रहे हैं। वायनाड मिनियन ने कहा, ‘विभिन्न मांग जन-जातीय समुदाय के लोग जनजाति जनजाति के अलग-अलग जाने के वर्षों से कर रहे हैं। बीजेपी ने उन्हें ‘ट्रिब्यू’ का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असम की महिलाओं को अलग-अलग सरकारी मंजूरी, विशेष रूप से प्रमुख गरीबी मुक्ति योजना ‘अरुणोदय’ से उनके नाम पर खतरनाक पद से हटाने वाले प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की रैली में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मैथ्यू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत डर पैदा करके और धमाकियों के बल पर देश और राज्य पर शासन कर रहे हैं।’ हमारी लड़ाई इसी डर के खिलाफ और असम की संस्कृति और संस्कृति की रक्षा के लिए है।’ माफियाओं के कब्जे में है असम: प्रियजन अपनी पार्टी के उम्मीदवार बिपुल गोगोई के समर्थन में तिंगखोंग में अपनी दूसरी रैली को पेश करते हुए कांग्रेस के उम्मीदवार ने कहा कि असम के पास की भूमि, चट्टानें, इतिहास, प्रकृति, वन और हर प्रकार के अन्य स्रोत हैं। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा, ‘इस देश ने तुम्हें सब कुछ दिया है, लेकिन फिर भी तुम लोगों के पास कुछ नहीं है।’ असम में केवल एक ही परिवार समृद्ध है।’ नेता कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘माफियाओं और गुंडों’ का कब्जा है और सरकारी लोग धमाकेदार काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रिय संगीतकार जुबिन गर्ग असम की आवाज थे और वे भाईचारे, एकता और प्रेम के गीत गाए थे। गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में तैरते समय मृत्यु हो गई थी। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘असम सरकार ने अपने परिवार को न्याय नहीं दिया। हम ऐसी सरकार चाहते हैं जो जुबिन गर्ग को 100 दिन के भीतर न्याय दिलाए।’ असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए मतदान नौ अप्रैल को होगा और नतीजे चार मई को घोषित किये जायेंगे। (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम(टी)प्रियंका गांधी(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम न्यूज(टी)असम में कांग्रेस(टी)प्रियंका गांधी रैली(टी)प्रियंका गांधी उपदेशा(टी)असम चुनाव(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)हिमंता बिस्वा सरमा(टी)असम न्यूज(टी)प्रियंका गांधी
बैतूल में जयस ने खोला मोर्चा, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन:खेड़ीरामोशी विवाद: 15 दिन में जांच न होने पर मुलताई बंद की चेतावनी

बैतूल जिले के मुल्ताई क्षेत्र के ग्राम खेड़ीरामोशी में जमीन सीमांकन विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस और आदिवासी संगठनों के बाद अब जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) भी आंदोलन में कूद गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए एडीएम अनिता जाट को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य एवं जयस जिलाध्यक्ष संदीप धुर्वे ने किया। जयस ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। संगठन ने 15 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर मुल्ताई बंद किया जाएगा। कब्जे और मारपीट के आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 24 मार्च 2026 को कुछ दबंग तत्वों ने आदिवासी परिवारों की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई, साथ ही महिलाओं के साथ झूमा-झटकी के भी आरोप लगाए गए हैं। संगठन का कहना है कि पीड़ितों को सुरक्षा देने के बजाय उन्हीं के खिलाफ कथित रूप से फर्जी एफआईआर दर्ज कर दी गई, जिससे आदिवासी समाज में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। जमीन रिकॉर्ड में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया जयस ने बताया कि वर्ष 1919 में आदिवासी परिवारों के पास 37.70 एकड़ जमीन दर्ज थी, लेकिन 1972-73 के रिकॉर्ड में यह घटकर लगभग 19.70 एकड़ रह गई। संगठन ने इसे केवल एक गांव नहीं, बल्कि जिले के करीब 1400 गांवों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया है। जयस ने मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच, आदिवासियों पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने, दोषियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई, पीड़ितों को सुरक्षा व मुआवजा देने और पुराने जमीन रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।








