Monday, 25 May 2026 | 01:13 PM

Trending :

कर्नाटक स्विच ऑन कार्ड? अटकलें तेज, कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को दिल्ली बुलाया | भारत समाचार फ्लॉप का डर, अक्षय कुमार ने लिया भोजपुरी का सहारा:वल्गर लिरिक्स वाले गाने के बोल- रगड़के नहला देब साबुन से, ऐसे ही गाने से फंसे नोरा-संजय फ्लॉप का डर, अक्षय कुमार ने लिया भोजपुरी का सहारा:वल्गर लिरिक्स वाले गाने के बोल- रगड़के नहला देब साबुन से, ऐसे ही गाने से फंसे नोरा-संजय चांदी ₹3,754 बढ़कर ₹2.70 लाख किलो हुई:इस साल ₹39 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹505 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख चांदी ₹3,754 बढ़कर ₹2.70 लाख किलो हुई:इस साल ₹39 हजार महंगी हो चुकी; सोना ₹505 बढ़ा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.59 लाख सत्तू-चिया सीड ड्रिंक रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी में पेट को रहेगा कूल और शरीर को स्वादिष्ट, नोट करें सत्तू-चिया सीड की ये आसान रेसिपी
EXCLUSIVE

भारत बनेगा स्पेस मेडिसिन का विश्वगुरु, एम्स और ISRO ने मिलाया हाथ, इन 6 चीजों पर होगी रिसर्च aiims delhi and isro mou on space medicine news

authorimg
होमताजा खबरदेश

भारत बनेगा स्पेस मेडिसिन का विश्वगुरु, एम्स और ISRO ने मिलाया हाथ, इन 6…..

Last Updated:

AIIMS नई दिल्ली और इंड‍ियन स्‍पेस र‍िसर्च ऑर्गनाइजेशन के एचएसएफ सेंटर ने स्पेस मेडिसिन पर ऐतिहासिक एमओयू साइन किया है. अब एम्‍स के डॉक्‍टर और इसरो के वैज्ञान‍िक म‍िलकर मानव शरीर, हृदय, नर्वस सिस्टम, माइक्रोग्रैविटी, माइक्रोबायोम, जीन और मानसिक स्वास्थ्य पर रिसर्च करेंगे .

Zoom

एम्‍स और इसरो म‍िलकर स्‍पेस मेड‍िस‍िन पर र‍िसर्च करेंगे.

भारत अब स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में बहुत कुछ बड़ा करने जा रहा है. इसके लिए देश के दो लीडिंग संस्थानों ने आपस में हाथ मिलाया है. मेडिकल के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली और अंतरिक्ष मामलों के टॉप संगठन इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के एचएसएफसी ने पहली बार ऐतिहासिक एमओयू साइन किया है. इसके तहत अब स्पेस और मेडिकल संबंधी 6 प्रमुख विषयों पर गहन रिसर्च किया जाएगा.

एम्स और इसरो का ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर अब भारत में स्पेस मेडिसिन रिसर्च को आगे बढ़ाने जा रहे हैं. इस दौरान इसरो के वैज्ञानिक और एम्स के डॉक्टर मिलकर यह अध्ययन करेंगे कि अंतरिक्ष यात्रा का मानव शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है. इससे न केवल आने वाले समय में अंतरिक्ष में मानव स्वास्थ्य को लेकर बड़ी सफलताएं मिल सकेंगी बल्कि ह्यूमन स्पेश मिशन को भी बड़ा लाभ मिलेगा.

इन 6 चीजों पर होगा रिसर्च का फोकस

  1. . मानव शरीर की कार्यप्रणाली (Human Physiology)
  2. . हृदय और नर्वस सिस्टम का नियंत्रण
  3. . माइक्रोग्रैविटी में हड्डियों और मांसपेशियों का स्वास्थ्य
  4. . माइक्रोबायोम और इम्यून सिस्टम
  5. . जीन और बायोमार्कर
  6. . मानसिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य

समझौता साइन करते हुए एम्स नई दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि यह सहयोग दोनों संस्थानों के लिए एक नया और रोमांचक अध्याय है. ‘यह समझौता हमें स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ने की गति देगा. AIIMS और ISRO के बीच सहयोग से मरीजों, देश और पूरी मानवता को लाभ मिलेगा. जैसे-जैसे भारत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, हमें उम्मीद है कि हम स्पेस मेडिसिन में भी विश्वगुरु बनेंगे.’

वहीं इस मौके पर इसरो के चेयरमैन वी नारायणन ने याद करते हुए कहा कि शुरुआत में रॉकेट और उपकरण साइकिल और बैलगाड़ियों से ले जाए जाते थे, लेकिन आज भारत अंतरिक्ष तकनीक में दुनिया की एक प्रमुख शक्ति बन चुका है. AIIMS जैसे प्रमुख मेडिकल और रिसर्च संस्थानों के साथ साझेदारी भविष्य में भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता को और मजबूत करेगी.

वहीं ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर के निदेशक दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि यह साझेदारी भारत की चिकित्सा और अंतरिक्ष तकनीक की ताकत को एक साथ जोड़ने में मदद करेगी. इससे मानव अंतरिक्ष उड़ान से जुड़ी बायोमेडिकल रिसर्च में नई प्रगति का रास्ता खुलेगा. इस दौरान रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, एम्स स्टूडेंट एसोसिएशन और सोसायटी ऑफ यंग साइंटिस्ट शामिल हुए.

About the Author

authorimg

प्रिया गौतमSenior Correspondent

प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Smoke rises after an Israeli strike on a bridge in lebanon. (File Image: Reuters)

March 26, 2026/
12:05 pm

आखरी अपडेट:26 मार्च, 2026, 12:05 IST चुनाव को अस्तित्व के संघर्ष के रूप में पेश करके, आरएसएस पारंपरिक सत्ता-विरोधी या...

भोपाल में रिटायर्ड कर्नल के बंगले में घुसा नकाबपोश:पढ़ाई कर रहे बेटे ने पकड़ा, मारपीट कर भागा आरोपी; पुलिस जांच में जुटी

April 6, 2026/
11:19 pm

भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र के ई-4 अरेरा कॉलोनी में सोमवार तड़के पांच बजे एक नकाबपोश रिटायर्ड कर्नल के बंगले...

Gujarat Titans vs Rajasthan Royals Live Score: IPL 2026 Match Today Updates From Narendra Modi Stadium Ahmedabad

April 4, 2026/
5:33 pm

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 17:33 IST पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026: पुडुचेरी फ्रांसीसी औपनिवेशिक महत्वाकांक्षा का एक उत्पाद है, जो भारतीय...

पाकिस्तान के लाहौर में 9 जगहों के नाम बदले गए:लाहौर का इस्लामपुरा अब कृष्णनगर, बाबरी चौक फिर से जैन मंदिर चौक

May 17, 2026/
1:19 pm

पाकिस्तान के पंजाब सूबे में कहावत है ‘जिन्ने लाहौर नहीं वेख्या, ओ जमिया ही नहीं’ (जिसने लाहौर नहीं देखा, उसका...

Ramayana teaser features Ranbir Kapoor, Sai Pallavi, Yash and others.

April 2, 2026/
1:49 pm

आखरी अपडेट:02 अप्रैल, 2026, 13:49 IST हेमा मालिनी ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक फासीवाद...

अप्रैल के आखिरी दिनों में 40 डिग्री पर ठहरा पारा:अभी भीषण गर्मी से राहत; मई में एक दशक में नौ बार रहा 42 डिग्री से ज्यादा तापमान

May 1, 2026/
9:57 am

इंदौर में अप्रैल में इस बार भीषण गर्मी ने अपने तेज तेवर दिखाए और अधिकतम तापमान 26 अप्रैल को 43...

राजनीति

भारत बनेगा स्पेस मेडिसिन का विश्वगुरु, एम्स और ISRO ने मिलाया हाथ, इन 6 चीजों पर होगी रिसर्च aiims delhi and isro mou on space medicine news

authorimg
होमताजा खबरदेश

भारत बनेगा स्पेस मेडिसिन का विश्वगुरु, एम्स और ISRO ने मिलाया हाथ, इन 6…..

Last Updated:

AIIMS नई दिल्ली और इंड‍ियन स्‍पेस र‍िसर्च ऑर्गनाइजेशन के एचएसएफ सेंटर ने स्पेस मेडिसिन पर ऐतिहासिक एमओयू साइन किया है. अब एम्‍स के डॉक्‍टर और इसरो के वैज्ञान‍िक म‍िलकर मानव शरीर, हृदय, नर्वस सिस्टम, माइक्रोग्रैविटी, माइक्रोबायोम, जीन और मानसिक स्वास्थ्य पर रिसर्च करेंगे .

Zoom

एम्‍स और इसरो म‍िलकर स्‍पेस मेड‍िस‍िन पर र‍िसर्च करेंगे.

भारत अब स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में बहुत कुछ बड़ा करने जा रहा है. इसके लिए देश के दो लीडिंग संस्थानों ने आपस में हाथ मिलाया है. मेडिकल के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली और अंतरिक्ष मामलों के टॉप संगठन इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के एचएसएफसी ने पहली बार ऐतिहासिक एमओयू साइन किया है. इसके तहत अब स्पेस और मेडिकल संबंधी 6 प्रमुख विषयों पर गहन रिसर्च किया जाएगा.

एम्स और इसरो का ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर अब भारत में स्पेस मेडिसिन रिसर्च को आगे बढ़ाने जा रहे हैं. इस दौरान इसरो के वैज्ञानिक और एम्स के डॉक्टर मिलकर यह अध्ययन करेंगे कि अंतरिक्ष यात्रा का मानव शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है. इससे न केवल आने वाले समय में अंतरिक्ष में मानव स्वास्थ्य को लेकर बड़ी सफलताएं मिल सकेंगी बल्कि ह्यूमन स्पेश मिशन को भी बड़ा लाभ मिलेगा.

इन 6 चीजों पर होगा रिसर्च का फोकस

  1. . मानव शरीर की कार्यप्रणाली (Human Physiology)
  2. . हृदय और नर्वस सिस्टम का नियंत्रण
  3. . माइक्रोग्रैविटी में हड्डियों और मांसपेशियों का स्वास्थ्य
  4. . माइक्रोबायोम और इम्यून सिस्टम
  5. . जीन और बायोमार्कर
  6. . मानसिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य

समझौता साइन करते हुए एम्स नई दिल्ली के डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि यह सहयोग दोनों संस्थानों के लिए एक नया और रोमांचक अध्याय है. ‘यह समझौता हमें स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ने की गति देगा. AIIMS और ISRO के बीच सहयोग से मरीजों, देश और पूरी मानवता को लाभ मिलेगा. जैसे-जैसे भारत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, हमें उम्मीद है कि हम स्पेस मेडिसिन में भी विश्वगुरु बनेंगे.’

वहीं इस मौके पर इसरो के चेयरमैन वी नारायणन ने याद करते हुए कहा कि शुरुआत में रॉकेट और उपकरण साइकिल और बैलगाड़ियों से ले जाए जाते थे, लेकिन आज भारत अंतरिक्ष तकनीक में दुनिया की एक प्रमुख शक्ति बन चुका है. AIIMS जैसे प्रमुख मेडिकल और रिसर्च संस्थानों के साथ साझेदारी भविष्य में भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता को और मजबूत करेगी.

वहीं ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर के निदेशक दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि यह साझेदारी भारत की चिकित्सा और अंतरिक्ष तकनीक की ताकत को एक साथ जोड़ने में मदद करेगी. इससे मानव अंतरिक्ष उड़ान से जुड़ी बायोमेडिकल रिसर्च में नई प्रगति का रास्ता खुलेगा. इस दौरान रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, एम्स स्टूडेंट एसोसिएशन और सोसायटी ऑफ यंग साइंटिस्ट शामिल हुए.

About the Author

authorimg

प्रिया गौतमSenior Correspondent

प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.