तरबूज में केमिकल का डर, मुंबई कांड के बाद पटना में अलर्ट, टिश्यू पेपर से करें असली-नकली की पहचान

Last Updated:May 07, 2026, 21:36 IST Real Watermelon Check Tips: राजधानी पटना में इन दिनों फलों में मिलावट को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है. मुंबई में सामने आए ‘तरबूज कांड’ ने इस डर को और गहरा कर दिया है. बता दें कि, मुंबई में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत बिरयानी के बाद तरबूज खाने से हो गई थी. इस घटना के बाद पूरे देश में कैमिकल वाले तरबूज को लेकर डर का माहौल बन गया है. भीषण गर्मी में जिस तरबूज को सबसे सुरक्षित और ताजगी देने वाला फल माना जाता है, अब उसी को खरीदने से पहले लोग कई बार सोचने लगे हैं. पहले केला और पपीता जैसे फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए केमिकल इस्तेमाल की खबरें आती थीं, लेकिन अब तरबूज में भी मिलावट के मामले सामने आ रहे हैं. पटना फ्रूट वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष शशिकांत प्रसाद के अनुसार, थोक बाजार में तो स्थिति सामान्य है, लेकिन खुदरा स्तर पर कुछ विक्रेता तरबूज को अधिक लाल और आकर्षक दिखाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी को लेकर मेदांता अस्पताल, पटना की डाइटीशियन प्रिया दुबे और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शाची ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. डॉ. शाची के अनुसार, फलों को जल्दी पकाने या आकर्षक बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल यदि निर्धारित मात्रा से अधिक हों, तो इससे फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए हमेशा भरोसेमंद विक्रेता से ही फल खरीदने की सलाह दी जाती है. उन्होंने बताया कि यदि किसी फल की सतह पर सफेद या मोटी परत दिखे, तो उसे सीधे खाने के बजाय अच्छी तरह धोना चाहिए. खासकर अंगूर और संतरे जैसे फलों में कीटनाशक अधिक इस्तेमाल होते हैं, इसलिए इन्हें खाने से पहले पानी में थोड़ा खाने वाला सोडा मिलाकर साफ करना सुरक्षित रहता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, एक बार में बहुत ज्यादा फल खाने से बचना चाहिए और कटे हुए फलों को लंबे समय तक नहीं रखना चाहिए. खासतौर पर कई घंटों पहले कटे फल नुकसानदायक हो सकते हैं. यहां तक कि फ्रिज में रखे कटे फल भी चार घंटे के बाद सुरक्षित नहीं माने जाते, क्योंकि उनमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google डाइटीशियन प्रिया दुबे के अनुसार, अगर आप कटा हुआ तरबूज खरीद रहे हैं, तो उसकी जांच के लिए एक आसान तरीका है. तरबूज के गूदे पर टिश्यू पेपर रखकर हल्का दबाएं. यदि टिश्यू पर हल्का गुलाबी रंग आता है, तो यह सामान्य है. वहीं, अगर गहरा लाल रंग निकलता है, तो इसमें रोडामाइन बी जैसे केमिकल के इस्तेमाल की आशंका हो सकती है. घर पर जांच के लिए तरबूज का एक टुकड़ा पानी में डालें. यदि पानी हल्का गुलाबी हो, तो फल सामान्य है. लेकिन, अगर पानी तेजी से गहरा लाल हो जाए, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है. विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि बिरयानी में भी मिलावट का खतरा है. रंग और स्वाद के लिए इस्तेमाल होने वाले केसर और हल्दी की जगह कुछ लोग सस्ते और हानिकारक केमिकल जैसे मेटानिल येलो का इस्तेमाल करते हैं. यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और कैंसर तक का कारण बन सकता है. ऐसी मिलावटी बिरयानी की पहचान करने के लिए एक आसान तरीका है. थोड़े से चावल को हाथों में लेकर हल्के से रगड़ें. अगर रंग हल्का पीला दिखे और हाथ धोने पर आसानी से साफ हो जाए, तो यह प्राकृतिक रंग का संकेत है. लेकिन अगर रंग हाथों से चिपका रह जाए और पानी से न उतरे, तो समझ लें कि उसमें कृत्रिम रंग मिलाया गया है. एक और तरीका यह है कि चावल के कुछ दाने पानी में डालकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें. केसर और हल्दी के टुकड़े पानी के नीचे जमे हुए दिखाई देंगे यानी यह सेफ है. अगर चावल से कोई भी रंग नहीं निकलता है तो समझ जाएं कि यह नुकसानदायक है. गर्मी के मौसम में खासतौर पर सतर्क रहना बेहद जरूरी है, ताकि सेहत सुरक्षित रह सके. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
एयर कूलर की गलतियाँ: गर्मी में न बन जाए काल, करंट से बचने के लिए आज ही चेक करें ये 3 चीजें; अन्यथा लग सकता है जोर का झटका

डेमोक्रेसी की वायरिंग और वर्कशॉप अवश्य जांचें: कई लोग प्राचीन काल के तार और वस्तुओं का उपयोग करते रहते हैं। गर्मी में लगातार अस्थिरता से तार गर्म हो रहे हैं और करंट लीकेज का खतरा बढ़ रहा है। छवि: एआई अगर तार कटी जली हुई तो तुरंत बदल दें। प्रोसेसर का उपयोग बिल्कुल नहीं किया जा सकता। उत्पाद बोर्ड की जगह सीधे एंटरप्राइज़ में इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट। बार-बार स्पार्किंग हो रही हो तो तुरंत बिजली मिस्त्री को कॉल करें। छवि: एआई पानी का लाइकेज बिल्कुल निश्चित नहीं है: ग्लूकोज में पानी और बिजली दोनों एक साथ होते हैं, इसलिए छोटे सी लाइकेज भी खतरनाक हो सकते हैं। कई बार मोटर या पंप के पास पानी जमा होने से बॉडी में करंट आने लगता है। छवि: एआई अर्थशास्त्र के नीचे पानी जमा हो रहा हो तो तुरंत ठीक करवाएं। मोटर के पास प्रमुख पत्रिकाएँ तो स्टॉक एक्सचेंज बंद कर दें। हाथों से लचीले हाथों से उधार लेना। बच्चों को लेबल के पास न चुनौती। छवि: फ्रीपिक अर्थ सही है या नहीं: कई निगमों में अर्थशास्त्र तो चल रहा है लेकिन उसका अर्थ सही नहीं है। यही सबसे बड़ा कारण है करंट लीक्स का। अगर लिनक्स छूते समय शॉक शॉक महसूस हो तो तुरंत सावधान हो जाएं। छवि: एआई सही अर्थ के लिए इलेक्ट्रीशियन से जांच करवाएं। थ्री-पिन प्लांट का प्रयोग करें। बिजली का बिलबोर्ड अपग्रेड हो तो तुरंत छूट। छवि: फ्रीपिक चॉकलेट को हमेशा जगह-जगह पर सुखाया जाता है। सफाई समय सारिणी न निकालें। लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं किया गया तो स्टॉक एक्सचेंज बंद कर दिया गया। स्थानीय और ख़राब गुणवत्ता वाले घटकों से सुसज्जित। छवि: एआई गर्मी में राहत देने वाला लैपटॉप अगर सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए तो बड़ा खतरा हो सकता है। इसलिए समय-समय पर उसकी वायरिंग, मोटर और अर्थिंग की जांच जरूर करवाएं। छवि: एआई थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े हादसे से बचा सकती है। इसलिए नामांकित सभी युक्तियों को ध्यान में रखते हुए ही ग्लूकोज का प्रयोग करें। छवि: एआई
आम की तासीर ठंडी होती है या गर्म, गर्मियों के मौसम में किस तरह करें सेवन, एक्सपर्ट ने बताया

Last Updated:May 07, 2026, 21:13 IST Mango Benefits and Side Effects: आम गर्मियों का फल है और इसका स्वाद सभी लोगों को खूब भाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार आम की तासीर गर्म होती है. इसे सीमित मात्रा और पानी में भिगोकर खाना बेहतर माना जाता है. सही तरीके से सेवन करने पर आम गर्मियों में भी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. आम की तासीर गर्म होती है, लेकिन पानी में भिगोकर रोज 1-2 आम खाना सेफ है. Right Way To Eat Mango in Summer: गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में आम की भरमार हो जाती है. यह गर्मियों में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल है. आम का रसीला स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. आम में कई पोषक तत्व होते हैं, जो इसे सेहत के लिए भी फायदेमंद बनाते हैं. आम को लेकर एक सवाल अक्सर लोगों के मन में रहता है कि आम की तासीर ठंडी होती है या गर्म? कई लोग मानते हैं कि ज्यादा आम खाने से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है, जबकि कुछ इसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बताते हैं. इस बारे में एक्सपर्ट से हकीकत जानने की कोशिश करते हैं. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया आम में नेचुरल शुगर, फाइबर, विटामिन A, विटामिन C और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को एनर्जी देने के साथ इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करते हैं. हालांकि आम की तासीर गर्म होती है और इस वजह से इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. कुछ लोगों को ज्यादा आम खाने पर मुंह में छाले, पिंपल्स, पेट में गर्मी या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जिन लोगों का शरीर जल्दी गर्म हो जाता है, उन्हें आम को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होती है. डाइटिशियन ने बताया कि आम खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे खाने से पहले कुछ देर पानी में भिगो दिया जाए. माना जाता है कि 20 से 30 मिनट तक पानी में रखने से आम की गर्मी कम हो सकती है. इससे आम पर मौजूद धूल या केमिकल भी साफ हो जाते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से लोग आम को पानी में भिगोकर खाने की सलाह देते आए हैं. गर्मियों में आम का सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है. एक दिन में 1-2 आम खाना सामान्य रूप से सुरक्षित माना जाता है. एक्सपर्ट की मानें तो आम को सही तरीके से खाने पर यह शरीर को कई फायदे भी देता है. यह शरीर को ऊर्जा देता है, पाचन में मदद करता है और त्वचा के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. आम के साथ पर्याप्त पानी पीना और संतुलित डाइट लेना भी जरूरी है, ताकि शरीर में गर्मी का संतुलन बना रहे. आम मीठा होता है, जिसकी वजह से डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन बेहद कम मात्रा में करना चाहिए. अगर शुगर लेवल अनकंट्रोल है, तब आम अवॉइड करें. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
क्लासरूम में ग्रिल गिरने से छठी क्लास के छात्र की:डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर ने लापारवाही मानी, प्रिंसिपल को सस्पेंड किया

बिहार के बेगूसराय में एक सरकारी स्कूल के भीतर हुई लापरवाही ने 12 साल के छात्र की जान ले ली। ये 6 मई को बिहार के अरवा गांव के जहानपुर सेकेंडरी स्कूल की घटना है। क्लासरूम में लोहे की ग्रिलों का ढेर गिरने से छठी क्लास के छात्र विवान राज उर्फ मुन्ना की मौके पर ही जान चली गई। पेन उठाने झुका तभी ग्रिल ढह गईं जानकारी के मुताबिक, लंच-ब्रेक के दौरान स्कूल के बरामदे में काफी भीड़ थी। भीड़ से बचने के लिए विवान पास के एक क्लासरूम में चला गया, जहां साइंस लैब बनाने के लिए लोहे की भारी ग्रिलें रखी गई थीं। इसी दौरान उसका पेन ग्रिलों के पास गिर गया। जैसे ही वह पेन उठाने के लिए झुका, ग्रिलों का पूरा ढेर अचानक उस पर गिर पड़ा। नुकीली ग्रिलें उसके सिर में धंस गईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद टीचर्स मौके से भागे घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। खबर फैलते ही ग्रामीणों में गुस्सा भड़क उठा। स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों ने स्कूल का घेराव किया। हालात बिगड़ता देख कई टीचर्स मौके से भाग गए। आरोप है कि गुस्साए लोगों ने स्कूल के हेडमास्टर अमित कुमार और कंप्यूटर टीचर अवनीश कुमार को घेर लिया और उनके साथ मारपीट भी की। लोगों ने छात्र का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया मामले की सूचना मिलते ही बछवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ को काबू करने के लिए तेघड़ा और भगवानपुर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। गुस्साए लोगों ने छात्र का शव सड़क पर रखकर कई घंटों तक जाम रखा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को कार्रवाई और मुआवजे का भरोसा दिया, तब जाकर प्रदर्शन खत्म हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लापरवाही के लिए स्कूल प्रिंसिपल को सस्पेंड किया जिला प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में स्कूल प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। इसके बाद बेगुसराय के डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर मनोज कुमार ने स्कूल प्रिंसिपल अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 स्टूडेंट्स का सुसाइड:कॉलेज ने एग्जाम तक छुट्टी घोषित की, प्रोफेसर कहते हैं-कैंपस से बाहर जाकर सुसाइड करो NIT कुरुक्षेत्र में 2 महीने में 4 कॉलेज स्टूडेंट्स की सुसाइड से मौत हो गई। ये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT कुरुक्षेत्र में 16 फरवरी से 16 अप्रैल तक में हुई मौतों का आंकड़ा है। इन 4 स्टूडेंट्स ने या तो एकेडमिक या फिर फाइनेंशियल प्रेशर की वजह से अपनी जान दी। पूरी खबर पढ़ें…
आडू की चटनी रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी में शरीर को पकाई जाती है चटपटी आडू की चटनी, मसाले बनाएं ये अनोखी रेसिपी

सामग्री: 2 छोटे चम्मच आतू, 2 हरी मिर्च, 5-6 पुदीने की फलियां, 1 छोटा टुकड़ा अदरक, 1 छोटा सा मोटा जीरा, 1 छोटा मसाला का रस, स्वाद में काला नमक, स्वाद में साधारण नमक, थोड़ा सा गुड़ छवि: फ्रीपिक मखमली बनाने की आसान विधि: सबसे पहले आटू को अच्छी तरह धो लें और उसके छोटे-छोटे टुकड़े काट लें। अब मिक्सर जार में आस्टू के टुकड़े, हरी मिर्च, पुदीना, अदरक और अन्य जीरा शामिल हैं। छवि: एआई इसके बाद इसमें नमक, काला और नींबू का रस निकाला जाता है। अगर आपको स्वाद पसंद है तो थोड़ा सा गुड़ या यहां तक कि दाल भी खा सकते हैं. अब सभी बच्चों को अच्छे से पीस लें। छवि: एआई तैयार है आपका स्वादिष्ट और ठंडा देने वाली दुकान की दुकान। इसे कुछ देर से फर्म में ठंडा-ठंडा सर्व करें। यह निर्मित शरीर को वर्गीकृत रखने में मदद करता है। गर्मी में पेट को झटका और ठंडी कहानी है। छवि: एआई पाचन को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है। खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा हुआ है। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है। आप इस चटनी को परांठे, समोसे, कटलेट, टिक्की या दाल-चावल के साथ खा सकते हैं. छवि: फ्रीपिक इसका खट्टा-मीठा स्वाद हर खाने वाले को बनता है। समर में कुछ नए और अजीबोगरीब रॉकेट बनाना चाहते हैं, तो स्टैटू की ये यूनिक जरूर बनाएं। इसका स्वाद एक बार चखने के बाद हर कोई आपका गौरव चाहता है। छवि: एआई
द्रमुक के ‘संकल्प 3’ पर छिड़ी चर्चा: क्या वह तमिलनाडु में पुनर्मतदान से बचने के लिए विजय की टीवीके या अन्नाद्रमुक को बाहर से समर्थन देगी? | भारत समाचार

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 20:33 IST यह ‘निष्क्रिय’ समर्थन राजभवन में शक्ति परीक्षण पास करने का प्रयास करने वाले किसी भी दावेदार के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा के रूप में काम करेगा। इस बात पर जोर देकर कि राज्य ‘एक और चुनाव के लिए तैयार नहीं है’, डीएमके ने प्रभावी रूप से बाहरी व्यवस्थाओं के लिए दरवाजा खुला छोड़ दिया है जो चेन्नई में संवैधानिक शून्य को रोक देगा। (फ़ाइल छवि: पीटीआई) एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पैंतरेबाज़ी में, जो तमिलनाडु के प्रशासनिक भविष्य को नया आकार दे सकता है, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने 7 मई को अपनी विधायक दल की बैठक के बाद एक रणनीतिक मोड़ का संकेत दिया है। खंडित जनादेश का सामना करते हुए, जहां किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, डीएमके ने उच्च-स्तरीय प्रस्तावों की एक श्रृंखला पारित की जो पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन को संवैधानिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए “तत्काल निर्णय” लेने के लिए सशक्त बनाती है। जबकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई, द्रमुक की बयानबाजी एक सक्रिय दावेदार से एक रणनीतिक सुविधाकर्ता में बदलाव का सुझाव देती है। इस बात पर जोर देकर कि राज्य “एक और चुनाव के लिए तैयार नहीं है”, डीएमके ने प्रभावी रूप से बाहरी व्यवस्थाओं के लिए दरवाजा खुला छोड़ दिया है जो चेन्नई में संवैधानिक शून्य को रोक देगा। क्या ‘संकल्प 3’ का तात्पर्य नई सरकार के लिए बाहरी समर्थन से है? संकल्प 3 की भाषा विशेष रूप से बता रही है, क्योंकि यह एमके स्टालिन को “गंभीर और जटिल” राजनीतिक माहौल से निपटने के लिए एकतरफा अधिकार प्रदान करती है। यह कहकर कि पार्टी का प्राथमिक उद्देश्य द्रविड़ कल्याण योजनाओं की “निरंतर” निरंतरता सुनिश्चित करते हुए “एक स्थिर सरकार स्थापित करना” है, डीएमके ने संकेत दिया है कि जरूरी नहीं कि वह अगली सरकार का नेतृत्व करे। தி.மு.க. मोबाइल फोन नंबर (07-05-2026) ऋण: 1 தமிழ்நாட்டு மக்களுக்கும் தோழமை கங்களுக்கும் நன்றி நடந்து முடிந்த தமிழ்நாடு சட்டமன்றப் பொதுத் தேர்தலில் திராவிட முன்னேற்றக் கழகம் தலைமையிலான மதச்சார்பற்ற முற்போக்குக் கூட்டணிக் கட்சிகளின்… pic.twitter.com/jN5r8HuX1a – डीएमके (@arivalayam) 7 मई 2026 संसदीय व्यवहार में, ऐसा रुख अक्सर बाहरी समर्थन की औपचारिक पेशकश से पहले होता है। इससे एक अल्पमत सरकार को कैबिनेट में शामिल हुए बिना द्रमुक के साथ काम करने की अनुमति मिलेगी, जिससे द्रमुक के वैचारिक ब्रांड की रक्षा होगी और साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि इसकी ऐतिहासिक योजनाएं – जैसे मुफ्त स्कूल नाश्ता और महिलाओं की मासिक सहायता – अछूती रहेंगी। यह “निष्क्रिय” समर्थन राजभवन में शक्ति परीक्षण पास करने का प्रयास करने वाले किसी भी दावेदार के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा के रूप में काम करेगा। क्या डीएमके विजय की टीवीके को समर्थन दे सकती है? इस तरह की रणनीतिक वापसी का सबसे संभावित लाभार्थी विजय और उनका तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रतीत होता है। टीवीके के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद, वर्तमान में कांग्रेस के नए समर्थन के बावजूद, उसके पास बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटें नहीं हैं। “सांप्रदायिक ताकतों को जगह न देने” का संकल्प लेकर द्रमुक ने संभावित साझेदारों का दायरा सीमित कर दिया है। टीवीके को बाहरी समर्थन प्रदान करने से डीएमके खुद को एक “जिम्मेदार विपक्ष” के रूप में स्थापित कर सकेगी जो सत्ता की भूखी राजनीति पर राज्य की स्थिरता को प्राथमिकता देती है। स्टालिन के लिए, यह कदम भाजपा को त्रिशंकु विधानसभा में पिछले दरवाजे से प्रभाव हासिल करने से रोकेगा, जबकि टीवीके को द्रमुक की विधायी उदारता पर निर्भर रखेगा। यह व्यवस्था नई टीवीके सरकार को प्रदर्शन करने का मौका देगी, जबकि डीएमके के पास “द्रविड़ मॉडल” से समझौता किए जाने पर प्लग खींचने की शक्ति बरकरार रहेगी। क्या एआईएडीएमके के साथ गठबंधन की संभावना है? ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद, एआईएडीएमके के साथ “भव्य द्रविड़ मोर्चे” की अफवाहें टीवीके को किनारे करने के साधन के रूप में प्रसारित की गई हैं। हालाँकि, DMK के नवीनतम संकल्पों से यह अत्यधिक असंभावित हो गया है। कांग्रेस के टीवीके खेमे में चले जाने के बाद पार्टी ने अपना गुस्सा कांग्रेस पार्टी पर केंद्रित किया है और उस पर “पीठ में छुरा घोंपने” और “विश्वासघात” का आरोप लगाया है। कांग्रेस को “ईमानदारी से व्यवहार नहीं करने वाली” पार्टी करार देकर द्रमुक ने प्रभावी रूप से अपने पूर्व सहयोगी के साथ संबंधों को तोड़ दिया है। जबकि अन्नाद्रमुक प्रतिस्पर्धी बनी हुई है, द्रमुक का वर्तमान ध्यान पिछले पांच वर्षों की अपनी विरासत की रक्षा करने पर है। एआईएडीएमके के साथ गठबंधन जमीनी स्तर पर वैचारिक रूप से परेशान करने वाला होगा; इस प्रकार, द्रमुक अपने पारंपरिक दुश्मन के साथ एक गड़बड़ सत्ता-साझाकरण समझौते में प्रवेश करने के बजाय विपक्ष में बैठने और गैर-सांप्रदायिक अल्पसंख्यक सरकार को सामरिक, मुद्दा-आधारित समर्थन प्रदान करने के लिए अधिक इच्छुक लगती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया द्रमुक के ‘संकल्प 3’ पर छिड़ी चर्चा: क्या वह तमिलनाडु में पुनर्मतदान से बचने के लिए विजय की टीवीके या अन्नाद्रमुक को बाहर से समर्थन देगी? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव(टी)एआईएडीएमके(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)बीजेपी(टी)डीएमके(टी)एमके स्टालिन(टी)विजय(टी)टीवीके(टी)विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस(टी)इंडिया ब्लॉक
मोरिंगा के पत्तो के पराठे रेसिपी: गरमा गरम पेट में ठंडा होने वाला मोरिंगा के पत्तों से बने पराठे, पढ़े ही हो जायेंगे फैन; नोट करें सबसे आसान तरीका

सामग्री: 2 कप नमक का आटा, मोरिंगा के पत्ते, 1 प्याज, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच मक्खन, 1/2 छोटा चम्मच मसाला लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच दही, घी, आवश्यक पानी छवि: एआई पराठा बनाने की आसान विधि: सबसे पहले मोरिंगा के विक्रेताओं को अच्छे तरीके से धोकर साफ कर लें। अब अनइंसेसिन कैट लें। इसके बाद एक बड़े पैमाने पर बर्तनों का आटा डाला गया। छवि: फ्रीपिक इसमें कटे हुए मोरिंगा के पत्ते, प्याज, हरी मिर्च, अजवायन, हल्दी, लाल मिर्च और नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें छोटा दही और थोड़ा-थोड़ा पानी डाले गए नर आटा गूंध लें। छवि: फ्रीपिक इंटरनेट पर 10 मिनट तक रुकें। इसके बाद छोटे-छोटे लो अवशेष पराठे बेल लें। अब तवा गर्म करें और पराठे को दोनों तरफ से देखें। ऊपर से छोटी घी या तेल की परत सोनार और कुरकुरा होने तक। छवि: एआई गरमा-गरम मोरिंगा पराठे को दही या चटनी के साथ सर्व करें। हमेशा के लिए समुद्री मील का उपयोग करें। अधिकांश मौलिक से इसका असली स्वाद कम हो सकता है। बच्चों के लिए चॉकलेट का समय कम रखें। छवि: एआई लाभ: शरीर को ठंडक शब्दावली में मदद करता है। पाचन तंत्र बेहतर रहता है। कमजोरी और थकान को दूर करने में सहायक है। इम्युनिटी मजबूत बनाने में मदद करता है। वजन नियंत्रण करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है। छवि: फ्रीपिक अगर आपने अभी तक मोरिंगा के पराठे के पौधे नहीं बनाए हैं, तो इस गर्मी को जरूर देखें। स्वाद और सेहत का यह संयोजन आपके पूरे परिवार को पसंद आएगा। छवि: एआई
स्वाद और सेहत का खजाना है ये जंगल जलेबी, साल में मिलती है सिर्फ 2 महीने, खाते ही कहेंगे ‘वाह’ – News18 हिंदी

X स्वाद और सेहत का खजाना है ये जंगल जलेबी, साल में मिलती है सिर्फ 2 महीने Jungal Jalebi Health Benefits: जंगलों में पाया जाने वाला कीकर, जिसे स्थानीय भाषा में जंगल जलेबी के नाम से जाना जाता है, इन दिनों शहरों के बाजारों में खासा लोकप्रिय हो रहा है. खट्टी-मीठी स्वाद वाला यह जंगली फल न केवल लोगों की जुबान पर चढ़ रहा है बल्कि आदिवासी क्षेत्र की महिलाओं के लिए आय का साधन भी बनते जा रहा है. सीधी जिले के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में इसकी भरपूर पैदावार होती है. यह केवल दो महीने ही मिलती है. आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ आरपी परौहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में मिलने वाली जंगल जलेबी का सेवन शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है. इसके नियमित सेवन से इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होता है, त्वचा रोगों में राहत मिलती है, आंखों की रोशनी बेहतर होती है और शुगर नियंत्रण में मदद मिलती है. साथ ही यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी सहायक है. उन्होंने बताया कि यह फल शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने का काम करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
क्लासन ने बदली बैटिंग अप्रोच:बोले- अब परिस्थितियों के हिसाब से खेल रहा हूं, IPL में पहली बार 50+ का एवरेज

सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के स्टार बल्लेबाज हेनरिक क्लासन IPL 2026 में नए अप्रोच के साथ बैटिंग कर रहे हैं। पिछले तीन सीजन के आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने इस साल अपने विकेट की वैल्यू बढ़ाई है। इससे उनका बैटिंग एवरेज IPL करियर के बेस्ट 54.88 पर पहुंच गया है। बुधवार को पंजाब के क्लासन ने अर्धशतक लगाया। मैच के बाद उन्होंने ने कहा, मैंने यह सोचना छोड़ दिया है कि मुझे हर बार 300 के स्ट्राइक रेट से खेलना है। मैं अब पार्टनरशिप और परिस्थितियों के हिसाब से खेल रहा हूं। क्लासन फिलहाल टीम और लीग दोनों के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने 11 मैचों में अबतक पांच अर्धशतक लगाए हैं। टीम को पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रही है। रन बढ़े, एवरेज में उछाल 2024 और 2025 में क्लासन आक्रामक फिनिशर की भूमिका में थे। वे तेजी से रन बनाते थे, लेकिन ज्यादा जोखिम भी लेते थे। 2026 में उन्होंने अपने गेम का अप्रोच थोड़ा बदला है। इस सीजन उनका स्ट्राइक रेट थोड़ा कम हुआ है, लेकिन एवरेज में बड़ा उछाल आया है। इससे साफ है कि क्लासन अब सिर्फ तेजी से रन नहीं बना रहे, बल्कि लंबे समय तक क्रीज पर रहकर मैच खत्म कर रहे हैं। पिछले दो सीजन में वे 5 या 6 नंबर पर बैटिंग करते थे, लेकिन इस सीजन नंबर-4 पर उनकी स्थिरता ने हैदराबाद के मिडिल ऑर्डर को मजबूती दी है। संन्यास पर बोले- वापसी का इरादा नहीं अपने इंटरनेशनल रिटायरमेंट पर क्लासन ने कहा कि वे अपने फैसले से खुश हैं। उन्होंने कहा, लाइफ हमेशा वैसी नहीं होती जैसी आप चाहते हैं। मैं 2027 वर्ल्ड कप खेलना चाहता था, लेकिन अब मैं साउथ अफ्रीका में अपने परिवार के साथ समय बिताकर खुश हूं। मैं अब क्रिकेट के नए चैप्टर का आनंद ले रहा हूं। स्पिन के खिलाफ तकनीक और आत्मविश्वास: सबा स्टार स्पोर्ट्स के शो अमूल क्रिकेट लाइव में पूर्व क्रिकेटर और एक्सपर्ट सबा करीम ने क्लासन की तारीफ की। उन्होंने कहा, क्लासन ने स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ कड़ी मेहनत की है। वे गेंद की लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और बैक फुट पर जाकर बड़े शॉट्स खेलने में माहिर हैं। पिछले मैच में जल्दी आउट होने के बावजूद उन्होंने जिस तरह की वापसी की है, वह उनकी मेहनत को दर्शाता है। ——————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL का गणित- हैदराबाद नंबर-1, पंजाब दूसरे स्थान पर खिसकी सनराइजर्स हैदराबाद IPL 2026 पॉइंट्स टेबल के टॉप पर आ गई है। उसने बुधवार को अपने घरेलू मैदान पर पंजाब किंग्स को 33 रन से हराया। वहीं, पंजाब की टीम दूसरे स्थान पर खिसक गई है। राजीव गांधी उप्पल स्टेडियम में 236 रन चेज कर रही पंजाब की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 202 रन तक ही पहुंच सकी। पूरी खबर…
हिमाचल के मंदिर में 100 ग्राम सोने का हार चढ़ाया:महाराष्ट्र के श्रद्धालु ने मनोकामना पूरी होने पर किया अर्पित, कीमत करीब ₹16 लाख

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के माता ब्रजेश्वरी मंदिर में एक श्रद्धालु ने 100 ग्राम सोने का हार चढ़ाया। महाराष्ट्र के पुणे से आए श्रद्धालु ने यह हार भेंट किया। इसकी कीमत लगभग 16 लाख रुपए बताई जा रही है। मंदिर अधिकारी शिवाली ठाकुर ने बताया कि महाराष्ट्र के पुणे निवासी विनोद एन शर्मा ने यह हार चढ़ाया है। विनोद शर्मा अपने परिवार सहित माता के दरबार में दर्शन करने पहुंचे थे। उनके साथ उषा शर्मा, हेमंत, तरुण और मनोज भी मौजूद रहे। मंदिर अधिकारी की मौजूदगी में चढ़ाया हार विनोद शर्मा ने मंदिर अधिकारी Shivali ठाकुर की उपस्थिति में विधिवत रूप से 100 ग्राम सोने का हार मां वज्रेश्वरी के चरणों में अर्पित किया। एक मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाया विनोद एन शर्मा ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से कांगड़ा स्थित माता वज्रेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए आता रहा है और मां के प्रति उनकी गहरी आस्था है। उन्होंने बताया कि परिवार की एक मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने माता के चरणों में यह सोने का हार अर्पित करने का संकल्प लिया था, जिसे अब पूरा किया गया है। मंदिर प्रशासन ने आभार जताया मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालु परिवार की इस भेंट के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं ने भी माता के प्रति दिखाई गई इस श्रद्धा और भक्ति की सराहना की।हना की।







