कनाडा में परमानेंट-रेजिडेंस के फ्रॉड पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा:नया नियम 15 जुलाई से लागू, हजारों भारतीयों को राहत; एजेंटों पर 9 करोड़ जुर्माना

कनाडा सरकार ने परमानेंट रेजिडेंस (PR) और स्टूडेंट वीजा के नाम पर होने वाली ठगी रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब अगर कोई लाइसेंसधारी इमिग्रेशन कंसलटेंट किसी छात्र या वर्कर के साथ धोखाधड़ी करता है, तो पीड़ित को सरकारी मुआवजा मिल सकेगा। यह नया नियम 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह लागू हो जाएगा। नए नियमों के तहत फर्जीवाड़ा करने वाले एजेंटों पर 9 करोड़ रुपए तक जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पंजाब और गुजरात के उन हजारों भारतीय परिवारों पर पड़ेगा, जो कनाडा जाने के लिए लाखों रुपए खर्च करते हैं। साल 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने लगभग 10 हजार फर्जी एडमिशन लेटर पकड़े थे। इनमें से करीब 80 फीसद मामले अकेले पंजाब और गुजरात से जुड़े थे। वहीं पंजाबी-गुजराती स्टूडेंट्स को कनाडाई सरकार ने एक झटका भी दिया है। कनाडा के कई स्टेट ऐसे हैं जिन्होंने फूड सेक्टर व सर्विस सेक्टर को अपनी प्रायोरिटी लिस्ट से हटा दिया। इससे कनाडा में फूड सेक्टर के साथ-साथ सर्विस सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स व स्टूडेंट्स को PR स्टेटस (स्थायी नागरिकता जैसा दर्जा) मिलने पर संकट गहराता जा रहा है। पहले पढ़ें इमिग्रेशन कंसलटेंट्स पर क्या फैसला… PR नियम बदलने से किन वर्कर्स-स्टूडेंट्स की बढ़ी परेशानी, जानिए.. कौन-कौन प्रभावित होंगे? सबसे ज्यादा पंजाबी स्टूडेंट्स को नुकसान कनाडा सरकार की इस पॉलिसी का सबसे ज्यादा नुकसान पंजाबी स्टूडेंट्स व वर्कर्स को झेलना पड़ेगा क्योंकि कनाडा में फूड व सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा पंजाबी काम करते हैं। कनाडा के अलग-अलग राज्यों ने स्टूडेंट्स व वर्कर्स की PR फाइल्स रिजेक्ट करना शुरू कर दिया। कनाडा के नोवा स्कोटिया के हैलिफैक्स स्थित गुरुद्वारा साहिब में कुछ स्टूडेंट्स व वर्कर्स पीआर फाइल्स रिजेक्ट होने के कारण धरने पर बैठे हैं। दरअसल उनका वीजा समाप्त होने वाला है और उन्होंने सरकार के पास पीआर की फाइल लगाई थी जिन्हें सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है। स्टूडेंट्स की डिमांड है कि उन्होंने पीआर की फाइल्स तब लगाई थी जब सरकार ने फूड व सर्विस सेक्टर को प्रायोरिटी लिस्ट से बाहर नहीं किया था। उनकी कनाडा व स्टेट सरकार से डिमांड है कि उनकी पीआर फाइल को पुराने नियमों के हिसाब से अप्रूव करें। कनाडा जाने वालों में 70 फीसदी पंजाबी कनाडा जाने वाले भारतीयों में पंजाबियों की संख्या सबसे अधिक है। हालिया आंकड़ों के अनुसार फर्जी ऑफर लेटर और जाली दस्तावेजों के कारण जिन हजारों छात्रों पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है, उनमें से करीब 60 से 70 प्रतिशत युवा अकेले पंजाब के जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे शहरों से हैं। ये परिवार अक्सर अपनी जमीन बेचकर या भारी कर्ज लेकर 15 से 25 लाख रुपए तक इन कंसलटेंट्स को दे देते हैं, जिनका कोई कानूनी रिकॉर्ड नहीं होता। यही कारण है कि 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाले नए नियम और मुआवजा फंड पंजाब के परिवारों के लिए संजीवनी साबित होंगे। पीड़ित को शिकायत और जांच के बाद फंड से भुगतान किया जाएगा। भारत और कनाडा में फर्क क्या? भारत में भी इमीग्रेशन को लेकर नियम सख्त है अगर कोई विजा कंसलटेंट या एजेंट फेक लेटर देता है या फेक वीजा लगवाता है तो उसका लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। भारत में हर राज्य के जिले में डीसी के पास किसी भी कंसलटेंट एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने की पावर है। डिप्टी कमिश्नर की किसी भी कंसलटेंट को लाइसेंस प्रदान करता है और वही उसे रद्द कर सकता है। हालांकि, अगर कोई कंसलटेंट किसी के साथ ठगी करता है तो भारत सरकार की ओर से मुआवजा दिलाने का कोई प्रावधान नहीं है।
IPL में आज दिल्ली vs कोलकाता:प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कैपिटल्स को जीत जरूरी, नाइटराइडर्स ने पिछले तीनों मैच जीते

IPL में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स से होगा। मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। दिल्ली के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है। टीम 10 मैचों में 8 पॉइंट्स के साथ सातवें नंबर पर है। प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए रखने के लिए उसे बाकी चारों मैच जीतने होंगे। वहीं, आठवें नंबर पर मौजूद KKR को अगले दौर में पहुंचने के लिए अपने सभी पांच मैच जीतने होंगे। दोनों टीमें 35वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 34 मैच खेले गए हैं। DC ने 14 और KKR ने 19 मैच जीते हैं। एक मैच टाई रहा, जिसे DC ने जीता। पिछले सीजन में दोनों के बीच खेले गए मुकाबले में कोलकाता जीता था। स्पिनर्स के सामने संघर्ष कर रहे बल्लेबाज दिल्ली का मैनेजमेंट अपनी बल्लेबाजी को लेकर चिंतित है। पिछले मैचों में जब भी पिच से गेंदबाजों को मदद मिली, दिल्ली का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ टीम एक समय 9 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। गुजरात टाइटंस के राशिद खान और चेन्नई के स्पिनर्स के सामने भी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए थे। ऐसे में टीम को लगता है कि सपाट पिच पर ही बल्लेबाज खुलकर रन बना पाएंगे। दिल्ली के लिए केएल राहुल ने इस सीजन में 445 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 180 के करीब रहा है। वे टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। कुलदीप यादव का खराब सीजन, पेसर्स भी लुटा रहे रन दिल्ली की गेंदबाजी इस सीजन में सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई है। मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव अपने करियर के खराब दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने 10 मैचों में सिर्फ 7 विकेट लिए हैं और 10 से ज्यादा की इकॉनमी से रन दिए हैं। तेज गेंदबाज मुकेश कुमार, टी नटराजन और आकिब नबी डार का इकॉनमी रेट 11 से 13 के बीच है। कप्तान अक्षर पटेल (9 विकेट) को छोड़कर कोई भी गेंदबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका है। अक्षर टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। KKR की ताकत स्पिन, लेकिन टॉप ऑर्डर सिरदर्द कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए अच्छी बात यह है कि उनके स्पिनर्स लगातार विकेट निकाल रहे हैं। वरुण के नाम 10 और नरेन के नाम 9 विकेट हैं। हालांकि, कप्तान अजिंक्य रहाणे और अंगक्रिश रघुवंशी की ओपनिंग जोड़ी टीम को उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं दे पा रही है। रिंकू सिंह को छोड़कर मिडिल ऑर्डर में भी निरंतरता की कमी रही है। KKR को मैच जीतने के लिए बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी। अरुण जेटली स्टेडियम पिच रिपोर्ट अरुण जेटली स्टेडियम की पिच IPL में बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है। सपाट पिच और छोटी बाउंड्री (60-66 मीटर) के कारण यहां हाई-स्कोरिंग मैच होते हैं। हालांकि, पिछले दो मैचों के नतीजे अलग रहे हैं। इस पिच पर IPL के 101 मैच खेले गए हैं। इनमें 48 बार पहले बल्लेबाजी और 52 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच रद्द हुआ। बारिश की संभावना नहीं शुक्रवार को दिल्ली में मैच के दौरान तापमान लगभग 28 डिग्री से 32 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। वहीं बारिश संभावना नहीं है। दोनों टीमों की प्लेइंग-XI दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पथुम निसांका, करुण नायर, ट्रिस्टन स्टब्स, नीतीश राणा, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, मिचेल स्टार्क, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, टी नटराजन और समीर रिजवी। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा और फिन एलन।
IPL में आज दिल्ली vs कोलकाता:प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए कैपिटल्स को जीत जरूरी, नाइटराइडर्स ने पिछले तीनों मैच जीते

IPL में आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना कोलकाता नाइट राइडर्स से होगा। मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। दिल्ली के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा है। टीम 10 मैचों में 8 पॉइंट्स के साथ सातवें नंबर पर है। प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए रखने के लिए उसे बाकी चारों मैच जीतने होंगे। वहीं, आठवें नंबर पर मौजूद KKR को अगले दौर में पहुंचने के लिए अपने सभी पांच मैच जीतने होंगे। दोनों टीमें 35वीं बार आमने-सामने होंगी दोनों टीमों के बीच अब तक 34 मैच खेले गए हैं। DC ने 14 और KKR ने 19 मैच जीते हैं। एक मैच टाई रहा, जिसे DC ने जीता। पिछले सीजन में दोनों के बीच खेले गए मुकाबले में कोलकाता जीता था। स्पिनर्स के सामने संघर्ष कर रहे बल्लेबाज दिल्ली का मैनेजमेंट अपनी बल्लेबाजी को लेकर चिंतित है। पिछले मैचों में जब भी पिच से गेंदबाजों को मदद मिली, दिल्ली का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ टीम एक समय 9 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। गुजरात टाइटंस के राशिद खान और चेन्नई के स्पिनर्स के सामने भी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए थे। ऐसे में टीम को लगता है कि सपाट पिच पर ही बल्लेबाज खुलकर रन बना पाएंगे। दिल्ली के लिए केएल राहुल ने इस सीजन में 445 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 180 के करीब रहा है। वे टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। कुलदीप यादव का खराब सीजन, पेसर्स भी लुटा रहे रन दिल्ली की गेंदबाजी इस सीजन में सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई है। मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव अपने करियर के खराब दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने 10 मैचों में सिर्फ 7 विकेट लिए हैं और 10 से ज्यादा की इकॉनमी से रन दिए हैं। तेज गेंदबाज मुकेश कुमार, टी नटराजन और आकिब नबी डार का इकॉनमी रेट 11 से 13 के बीच है। कप्तान अक्षर पटेल (9 विकेट) को छोड़कर कोई भी गेंदबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका है। अक्षर टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। KKR की ताकत स्पिन, लेकिन टॉप ऑर्डर सिरदर्द कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए अच्छी बात यह है कि उनके स्पिनर्स लगातार विकेट निकाल रहे हैं। वरुण के नाम 10 और नरेन के नाम 9 विकेट हैं। हालांकि, कप्तान अजिंक्य रहाणे और अंगक्रिश रघुवंशी की ओपनिंग जोड़ी टीम को उम्मीद के मुताबिक शुरुआत नहीं दे पा रही है। रिंकू सिंह को छोड़कर मिडिल ऑर्डर में भी निरंतरता की कमी रही है। KKR को मैच जीतने के लिए बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी। अरुण जेटली स्टेडियम पिच रिपोर्ट अरुण जेटली स्टेडियम की पिच IPL में बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है। सपाट पिच और छोटी बाउंड्री (60-66 मीटर) के कारण यहां हाई-स्कोरिंग मैच होते हैं। हालांकि, पिछले दो मैचों के नतीजे अलग रहे हैं। इस पिच पर IPL के 101 मैच खेले गए हैं। इनमें 48 बार पहले बल्लेबाजी और 52 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच रद्द हुआ। बारिश की संभावना नहीं शुक्रवार को दिल्ली में मैच के दौरान तापमान लगभग 28 डिग्री से 32 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। वहीं बारिश संभावना नहीं है। दोनों टीमों की प्लेइंग-XI दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पथुम निसांका, करुण नायर, ट्रिस्टन स्टब्स, नीतीश राणा, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, मिचेल स्टार्क, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, टी नटराजन और समीर रिजवी। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा और फिन एलन।
श्मशान के मुर्दों से उतारे कपड़े बाजार में बिक रहे:शादियों और पूजा-पाठ में लोग पहन रहे 'कफन' की साड़ियां; अहमदाबाद तक फैला नेटवर्क

नए कपड़ों से घी और सेंट की खुशबू न आए तो कोई पहचान ही नहीं सकता कि वे श्मशान के हैं। लोग इन्हें पूजा-पाठ और शादियों में पहनते हैं। लेन-देन में दिए जाने वाले कपड़े भी यही होते हैं। इंदौर के एक श्मशान घाट का एजेंट दिलीप माने यह बात बेशर्मी से कहता है। वह उस संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो श्मशान घाट से लेकर अहमदाबाद तक फैला है। यह गिरोह, अंतिम संस्कार के लिए आए शवों से उतारे गए कपड़े, साड़ियां, शॉल, पेंट-शर्ट और तौलिए धोकर, प्रेस कर बाजार में नए बताकर बेच देता है। हर महीने लाखों रुपए का यह काला कारोबार इतनी सफाई से चलता है कि न शिकायत होती है, न कोई पकड़ा जाता है। भास्कर रिपोर्टर ने राजस्थान का कारोबारी बनकर इंदौर के 6 श्मशान घाटों पर गिरोह के एजेंटों से संपर्क किया। पूरी चेन समझी और मुर्दों के कपड़े खरीदने की डील की। टीम उस व्यापारी तक पहुंची, जो श्मशान घाटों से कपड़े सीधे अहमदाबाद भेजता है। पढ़िए, श्मशान से बाजार तक यह घिनौना कारोबार कैसे चलता है… ऐसे चलता है यह पूरा खेल इस पूरे खेल की शुरुआत श्मशान घाट से होती है। मुखाग्नि से पहले शवों से उतारे गए या श्मशान में फेंके गए कपड़ों को वहां के एजेंट और कर्मचारी इकट्ठा करते हैं। इसके बाद कपड़े छोटे दलालों, फिर बड़े व्यापारियों और आखिर में गुजरात के अहमदाबाद जैसे बड़े केंद्रों तक पहुंचते हैं। वहां कपड़ों की ‘मरम्मत’ कर उन्हें चमकाया जाता है और आकर्षक पैकिंग में बाजार भेज दिया जाता है। भास्कर ने इस खेल का पर्दाफाश करने के लिए सबसे पहले मुक्तिधाम के एजेंट से संपर्क किया, जहां एजेंटों ने खुद इस धंधे की परतें खोलीं। खेमा पहलवान ने दूसरे एजेंट के पास भेजा पड़ताल की शुरुआत पंचकुईया मुक्तिधाम से हुई। यहां खेमा पहलवान ने बताया कि माल बिक चुका है, लेकिन अगला सौदा रामबाग के दिलीप माने से हो सकता है। दिलीप माने रिपोर्टर को मालवा मिल मुक्तिधाम ले गया, जहां उसकी सास विमला बाई एजेंट के रूप में काम करती है। विमला बोली- साड़ियों का रेट 70-80 रुपए मालवा मिल मुक्तिधाम के गोदाम में साड़ियों और कपड़ों का ढेर लगा था। विमला बाई ने बताया, ‘इंदौर के राजवाड़ा से कुछ लोग आए थे। बोले- धोकर, प्रेस करके पन्नी में पैक करके देते हैं। बस किसी मुसलमान को मत बेचना।’ यहां शॉल 20-40 रुपए, कुर्ता-पायजामा 45 रुपए और साड़ियां 70-80 रुपए में बेची जा रही हैं। एजेंट दिलीप ने हंसते हुए कहा, ‘घी और मुर्दे की सेंट की खुशबू जब तक न आए, तब तक किसी को क्या पता चलेगा? सब कलाकार हैं, सब धो लेते हैं।’ बाणगंगा मुक्तिधाम के तीन गोदाम सयाजी मुक्तिधाम के एजेंटों ने बंडल खोलकर साड़ियां दिखाईं और दावा किया कि यह ‘बेहतर माल’ है, जिसे पहनने पर कोई पहचान नहीं पाएगा। वहीं, बाणगंगा मुक्तिधाम के संजय यादव ने तीन गोदाम बना रखे हैं। एक गोदाम मुक्तिधाम के सुविधाघर में है, जबकि दूसरा 2 किमी दूर एक घर में है। यहां लाखों का माल डंप पड़ा है। ‘जितना माल होगा, सब खरीद लेंगे’ पड़ताल में पता चला कि शहर के लगभग सभी मुक्तिधामों का एक बड़ा खरीदार मोनू भाईजान है। उसने सभी एजेंटों को हिदायत दे रखी है कि माल सिर्फ उसे ही दिया जाए। भास्कर रिपोर्टर जब मोनू भाईजान के पास विक्रेता बनकर पहुंचा, तो उसने चंदन नगर बुलाकर बड़े व्यापारी सलमान से मिलवाया। मोनू ने बताया, “हम कुछ माल खुद फेरी लगाकर बेचते हैं और बाकी सलमान भाई को दे देते हैं। यहां से पूरा माल ट्रक भरकर अहमदाबाद जाता है।” व्यापारी सलमान ने कहा, “आप तो गाड़ी भरकर लाओ, जितना भी माल हो, मैं खरीद लूंगा। यहां से माल गुजरात जाता है।” शुभ कार्यों में पहने जा रहे ‘मुर्दों के कपड़े’ इस इन्वेस्टिगेशन का सबसे डरावना पहलू यह है कि ये कपड़े उन्हीं लोगों तक पहुंच रहे हैं, जो इन्हें पवित्र मानकर शुभ कार्यों में पहनते हैं। हिंदू परंपरा में अंतिम संस्कार से पहले मृतक के कपड़े उतारे जाते हैं। यह धार्मिक क्रिया है, जिसमें शरीर को शुद्ध वस्त्र पहनाकर मुखाग्नि दी जाती है। उस वक्त परिजन पूरी तरह शोक में डूबे होते हैं। ऐसे में उतारे गए कपड़ों का क्या होता है, यह उन्हें पता नहीं चल पाता। एजेंटों के मुताबिक, साड़ियां बाजार में 150 से 250 रुपए तक में बिक जाती हैं। कई बार नई दुल्हनों की पूजा की साड़ियां भी इसी ‘सप्लाई चेन’ का हिस्सा होती हैं। श्मशान के बर्तनों और लोटों का भी यही हाल है। दिलीप माने के मुताबिक, उसके पास 700-800 किलो बर्तनों का स्टॉक है, जो ‘फ्रेश’ है और जला हुआ नहीं है। महामंडलेश्वर बोले- आस्था के साथ खिलवाड़ अखिल भारतीय संत समिति के कार्यकारी अध्यक्ष और महामंडलेश्वर स्वामी अनिलानंद महाराज ने कहा- मुर्दों के कपड़ों का दोबारा इस्तेमाल हिंदू धर्म में अशुभ माना जाता है। जो लोग अनजाने में ऐसे कपड़े पहनते हैं, उन्हें अशुभ फल मिल सकता है। वैज्ञानिक कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में शव को चार घंटे भी घर में नहीं रखा जाता। अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने के बाद घर में गंगाजल और गोमूत्र छिड़ककर पवित्र किया जाता है। शव के कपड़ों को अग्नि के हवाले करना जरूरी माना गया है। ये खबर भी पढ़ें… मुर्दे जिंदा किए…बीमा के लिए फिर मार दिया मौत परिवार के लिए मातम लाती है, लेकिन उज्जैन में जालसाजों ने इसे ‘कमाई का जरिया’ बना लिया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने ऐसा घोटाला उजागर किया, जिसमें मुर्दों के नाम पर बीमा पॉलिसी लेकर करोड़ों के क्लेम हड़पने की कोशिश की गई। इस ‘डेथ स्कैम’ में एजेंट, सरपंच, सचिव और सरकारी कर्मचारी शामिल थे। पढ़ें पूरी खबर…
यूपी-बिहार में बारिश, राजस्थान में ओले गिरे:एमपी में आंधी, हिमाचल में बर्फबारी का अलर्ट; गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म

उत्तर और मध्य भारत में गर्मी के बीच बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में गुरुवार को बारिश हुई। वहीं बिहार और हिमाचल प्रदेश में ओले भी गिरे। बिहार के जमुई समेत 5 जिलों में तेज बारिश हुई। राजस्थान के अलवर, टोंक और कोटपूतली-बहरोड़ जिले में गुरुवार दोपहर बाद मौसम बदला और बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान ओले भी गिरे। प्रदेश का तापमान 2°C से 3°C बढ़ सकता है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, जुब्बरहट्टी, सुंदरनगर और कांगड़ा में बारिश हुई। कई जगहों पर बिजली भी गिरी। पिछले 24 घंटों में सिरमौर के सराहन में सबसे ज्यादा 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। आज राज्य के ऊपरी जिलों किन्नौर और मंडी में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। 11 से 13 मई तक राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यूपी में गुरुवार को बांदा, बिजनौर, शाहजहांपुर, कानपुर देहात और महोबा में तेज बारिश हुई। बिजनौर में सड़क पर CCTV के लिए लगाया गया टावर गिर गया, जिससे बिजली गुल हो गई। बाराबंकी में हाईवे पर फिसलन की वजह से दो डबल डेकर बसें, एक डीसीएम और कई अन्य गाड़ियां टकरा गईं। बस सवार बस्ती निवासी एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म रहा, यहाँ का तापमान 42.9°C दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर है। आज भी ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में बारिश और आंधी हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी रहेगा। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। केदारनाथ में गुरुवार को ताजा बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ में 18 मिमी और बागेश्वर के सोंग में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। देशभर से मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अगले दिन के मौसम का हाल 9 मई: 10 मई
बंगाल में आज सीएम का ऐलान हो सकता है:शाह पर्यवेक्षक बने, दोपहर में BJP विधायक दल की बैठक; 9 मई को शपथ ग्रहण

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे आने के 4 दिन बाद शुक्रवार को नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। बीजेपी ने गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। दोनों नेता दोपहर 2 बजे बीजेपी विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। मीटिंग में सीएम का ऐलान किया जा सकता है। नए सीएम का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के परेड ग्राउंड में होगा। सीएम बनने की रेस में सुवेंदु अधिकारी सबसे आगे हैं। सुवेंदु ने ममता बनर्जी को भवानीपुर से हराया है। इसके अलावा वे नंदीग्राम से भी चुनाव लड़े थे। वहां भी उनको जीत मिली। बंगाल में पिछले 4 दिनों का घटनाक्रम… 4 मई: बंगाल चुनाव के नतीजे आए, भाजपा पहली बार सरकार बनाने जा रही 4 मई को बंगाल की 293 सीटों के नतीजे आए। बीजेपी को 206 सीटें मिलीं। वहीं ममता की पार्टी TMC सिर्फ 81 पर सिमट गई। भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया। सुवेंदु के खिलाफ यह उनकी लगातार दूसरी हार है। 2021 विधानसभा चुनाव में सुवेंदु नंदीग्राम से ममता के खिलाफ जीते थे। बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीट हैं, एक सीट फालता पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा। रिजल्ट 24 मई को आएगा। 5 मई: ममता बोलीं- मैं आजाद पंछी, शेर की तरह लड़ूंगी; इस्तीफा नहीं दूंगी ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी। ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं, सड़कों पर रहूंगी। 6 मई: सुवेंदु के पीए की गोली मारकर हत्या, टीएमसी पर आरोप सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे कोलकाता से मध्यमग्राम अपने घर लौट रहे थे। कोलकाता से करीब 20 km दूर डोलतला में एक कार रथ की स्कॉर्पियो के सामने खड़ी हो गई। इसी बीच बाइक पर आए हमलावरों ने 6 से 10 राउंड फायरिंग की। दो गोलियां चंद्रनाथ के सीने से आर-पार हो गईं। एक गोली पेट में लगी। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। 7 मई: सुवेंदु बोले- मैंने ममता को हराया, इसलिए पीए की हत्या भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि उनके पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने ममता को हराया है। सुवेंदु ने कहा- इस हत्या को जिस तरह से अंजाम दिया गया, उसकी जितनी भी निंदा करें वह कम है। हत्या की वजह भवानीपुर से ममता की हार हो सकती है।
कश्मीर में एडवांस हथियारों वाली 1500 विलेज गार्ड्स की फौज:5 जिलों के ग्रामीण जवानों के साथ 12-12 घंटे की ड्यूटी कर रहे

ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने गांव स्तर पर सुरक्षा तंत्र काफी मजबूत किया है। पिछलेे एक साल में पांच जिलों में 1500 से ज्यादा विलेज डिफेंस गार्ड्स (वीडीजी) को ट्रेनिंग दी गई है। इसमें हथियार चलाना, टैक्टिकल मूवमेंट, सर्विलांस व इमरजेंसी रिस्पॉन्स शामिल है। वहीं, .303 राइफल की जगह एसएलआर, बुलेटप्रूफ जैकेट व वायरलेस कम्युनिकेशन सेट भी दिए जा रहे हैं। ये ग्रामीण सीमाई इलाकों में जवानों के साथ 12-12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। राजौरी के अमित कुमार कहते हैं कि पिछले एक साल में कई बार घुसपैठ की कोशिशें हुईं, पर वीडीजी सदस्यों ने समय रहते सेना और पुलिस को अलर्ट किया। उनके मुताबिक गांव में कोई अजनबी आता है तो लोग तुरंत पहचानकर मूवमेंट की सूचना देते हैं। रात में सुरक्षा बलों के साथ जॉइंट पेट्रोलिंग भी होती है। बदलाव: आतंकी घटनाएं 27.5% घटीं पिछले एक साल में जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं से होने वाली मौतों में लगभग 27.5% की कमी दर्ज की गई है। जहां हमले से पहले वाले साल में कुल 127 मौतें हुई थीं, वहीं पिछले एक साल में यह आंकड़ा घटकर 92 रह गया है। हिंसा का सबसे गहरा असर पर्यटन पर पड़ा है, जिससे पर्यटकों की सालाना संख्या 33 लाख से गिरकर 11.60 लाख रह गई है। पर्यटकों का भरोसा बहाल करने के लिए कई स्तरों पर कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस: 50-60% इनपुट ह्यूमन इंटेलिजेंस पर एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक सर्च ऑपरेशन में 60% इनपुट ह्यूमन इंटेलिजेंस पर आधारित होते हैं। बॉर्डर और पहाड़ी गांवों में स्थानीय लोग और वीडीजीज सदस्य सर्विलांस की पहली परत की तरह काम करते हैं। इनकी वजह से कई आतंकी वारदात रोकने में सफलता मिली है। अमरनाथ यात्रा: सीएपीएफ की 190 कंपनियां होंगी सुरक्षा में तैनात 3 जुलाई से शुरू होने वाले अमरनाथ यात्रा की तैयारियां के बीच चुनाव ड्यूटी के लिए दूसरे राज्यों में गईं सीएपीएफ की 190 कंपनियां जम्मू-कश्मीर लौटने लगी हैं। ये कंपनियां अगले दो हफ्ते में पहुंच जाएंगी। प्रशासन का फोकस टूरिस्ट लोकेशन और हाईवे की सुरक्षा पर है। हर कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं। आतंकियों काे मारने में कामयाबी पिछले साल दिसंबर में सेना ने डोडा के कई गांवों में स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगाए। सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जैसे संवेदनशील जिलों में फॉरेस्ट पेट्रोलिंग, माउंटेन सर्विलांस की ट्रेनिंग दी गई। फोकस खास तौर पर दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों पर है, जहां इमरजेंसी में सुरक्षा बलों को पहुंचने में वक्त लगता है। डोडा और आसपास के जिलों में महिलाएं भी वीडीजी नेटवर्क से जुड़ी हैं और गांव की सुरक्षा व निगरानी में हिस्सा ले रही हैं। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर का एक साल: PM मोदी ने सोशल मीडिया डीपी बदली, ऑपरेशन का लोगो लगाया, लिखा- देश सेनाओं के शौर्य को सलाम करता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी डिस्प्ले पिक्चर बदलकर ऑपरेशन सिंदूर का लोगो लगाया। यह पहल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए सैन्य ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना के साहस को ट्रिब्यूट देने के लिए की गई। पूरी खबर पढ़ें…
कश्मीर में एडवांस हथियारों वाली 1500 विलेज गार्ड्स की ‘फौज’:5 जिलों के ग्रामीण जवानों के साथ 12-12 घंटे की ड्यूटी कर रहे

ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने गांव स्तर पर सुरक्षा तंत्र काफी मजबूत किया है। पिछलेे एक साल में पांच जिलों में 1500 से ज्यादा विलेज डिफेंस गार्ड्स (वीडीजी) को ट्रेनिंग दी गई है। इसमें हथियार चलाना, टैक्टिकल मूवमेंट, सर्विलांस व इमरजेंसी रिस्पॉन्स शामिल है। वहीं, .303 राइफल की जगह एसएलआर, बुलेटप्रूफ जैकेट व वायरलेस कम्युनिकेशन सेट भी दिए जा रहे हैं। ये ग्रामीण सीमाई इलाकों में जवानों के साथ 12-12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं। राजौरी के अमित कुमार कहते हैं कि पिछले एक साल में कई बार घुसपैठ की कोशिशें हुईं, पर वीडीजी सदस्यों ने समय रहते सेना और पुलिस को अलर्ट किया। उनके मुताबिक गांव में कोई अजनबी आता है तो लोग तुरंत पहचानकर मूवमेंट की सूचना देते हैं। रात में सुरक्षा बलों के साथ जॉइंट पेट्रोलिंग भी होती है। बदलाव: आतंकी घटनाएं 27.5% घटीं पिछले एक साल में जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं से होने वाली मौतों में लगभग 27.5% की कमी दर्ज की गई है। जहां हमले से पहले वाले साल में कुल 127 मौतें हुई थीं, वहीं पिछले एक साल में यह आंकड़ा घटकर 92 रह गया है। हिंसा का सबसे गहरा असर पर्यटन पर पड़ा है, जिससे पर्यटकों की सालाना संख्या 33 लाख से गिरकर 11.60 लाख रह गई है। पर्यटकों का भरोसा बहाल करने के लिए कई स्तरों पर कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस: 50-60% इनपुट ह्यूमन इंटेलिजेंस पर एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक सर्च ऑपरेशन में 60% इनपुट ह्यूमन इंटेलिजेंस पर आधारित होते हैं। बॉर्डर और पहाड़ी गांवों में स्थानीय लोग और वीडीजीज सदस्य सर्विलांस की पहली परत की तरह काम करते हैं। इनकी वजह से कई आतंकी वारदात रोकने में सफलता मिली है। अमरनाथ यात्रा: सीएपीएफ की 190 कंपनियां होंगी सुरक्षा में तैनात 3 जुलाई से शुरू होने वाले अमरनाथ यात्रा की तैयारियां के बीच चुनाव ड्यूटी के लिए दूसरे राज्यों में गईं सीएपीएफ की 190 कंपनियां जम्मू-कश्मीर लौटने लगी हैं। ये कंपनियां अगले दो हफ्ते में पहुंच जाएंगी। प्रशासन का फोकस टूरिस्ट लोकेशन और हाईवे की सुरक्षा पर है। हर कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं। आतंकियों काे मारने में कामयाबी पिछले साल दिसंबर में सेना ने डोडा के कई गांवों में स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगाए। सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जैसे संवेदनशील जिलों में फॉरेस्ट पेट्रोलिंग, माउंटेन सर्विलांस की ट्रेनिंग दी गई। फोकस खास तौर पर दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों पर है, जहां इमरजेंसी में सुरक्षा बलों को पहुंचने में वक्त लगता है। डोडा और आसपास के जिलों में महिलाएं भी वीडीजी नेटवर्क से जुड़ी हैं और गांव की सुरक्षा व निगरानी में हिस्सा ले रही हैं। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर का एक साल: PM मोदी ने सोशल मीडिया डीपी बदली, ऑपरेशन का लोगो लगाया, लिखा- देश सेनाओं के शौर्य को सलाम करता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी डिस्प्ले पिक्चर बदलकर ऑपरेशन सिंदूर का लोगो लगाया। यह पहल पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए सैन्य ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना के साहस को ट्रिब्यूट देने के लिए की गई। पूरी खबर पढ़ें…
ऊपर से सख्त दिखने वाला ये फल गर्मियों में पेट को दे ठंडक, त्वचा के लिए वरदान, जानें इस फ्रूट की अन्य खूबियां

Last Updated:May 07, 2026, 23:41 IST Wood apple health benefits in summer: अगर आपको गैस, अपच या पेट दर्द जैसी समस्याएं अक्सर परेशान करती हैं, तो बेल का सेवन लाभकारी हो सकता है. खासतौर पर गर्मियों में बेल का शरबत पेट को ठंडक पहुंचाता है. जानिए किस तरह से बेल सेहत के लिए है फायदेमंद और गर्मियों में इसे क्यों खाना चाहिए. गर्मियों में बेल के सेवन के फायदे. पुराने समय से बेल यानी बिल्व को घरेलू उपचार का अहम हिस्सा माना जाता रहा है. दादी-नानी के नुस्खों में इसका इस्तेमाल आम था और आज भी यह कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए फायदेमंद माना जाता है. आधुनिक लाइफस्टाइल में जहां लोग पाचन, त्वचा और ऊर्जा से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे हैं. ऐसे में गर्मियों का सुपर फल बेल इन सभी समस्याओं से बचे रहने के लिए एक नेचुरल विकल्प साबित हो सकता है. पेट और त्वचा के लिए रामबाण है बेल. जानिए इसके अन्य क्या फायदे होते हैं शरीर पर… बेल के सेवन के फायदे (Bael fruit benefits) पाचन तंत्र रखे दुरुस्त अगर आपको गैस, अपच या पेट दर्द जैसी समस्याएं अक्सर परेशान करती हैं, तो बेल का सेवन लाभकारी हो सकता है. खासतौर पर गर्मियों में बेल का शरबत पेट को ठंडक पहुंचाता है और डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है. कब्ज की समस्या में भी इसे उपयोगी माना जाता है. वात और कफ करे संतुलित आयुर्वेद में बेल को ऐसा फल माना गया है जो शरीर में बढ़े हुए वात और कफ दोष को नियंत्रित करने में मदद करता है. इन दोषों के असंतुलन से शरीर में भारीपन, सुस्ती और सर्दी-जुकाम जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. बेल शरीर को हल्का और संतुलित बनाए रखने में सहायक माना जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. शुगर और मेटाबॉलिज्म के लिए फायदेमंद आजकल डायबिटीज और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. बेल का नियमित सेवन शरीर के शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकता है. साथ ही यह मेटाबॉलिक एक्टिविटी को बेहतर बनाकर शरीर में ऊर्जा के सही उपयोग में सहायक होता है, जिससे थकान कम महसूस होती है. त्वचा को दे ठंडक और पोषण स्किन केयर में भी बेल काफी उपयोगी माना जाता है. हल्की जलन, इंफ्लेमेशन या रैशेज की समस्या होने पर बेल का गूदा या रस आराम पहुंचा सकता है. यह त्वचा को ठंडक देने के साथ अंदर से पोषण भी देता है, जिससे स्किन हेल्दी और साफ नजर आती है. इम्यूनिटी करे बूस्ट खांसी-जुकाम जैसी मौसमी समस्याओं में भी बेल लाभकारी माना जाता है. इसका सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है, जिससे मौसम बदलने पर होने वाली बीमारियों से बचाव आसान हो सकता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
लौकी का पुलाव रेसिपी: गर्मी में पेट का मजा चाहता है लौकी का पुलाव, स्वाद और सेहत दोनों पर पड़ता है असर; बच्चों को भी आती है पसंद

सामग्री: 1 कप बासमती चावल, 1 छोटी लौकी (कद्दूकस हुई), 1 प्याज स्ट्रॉबेरी कटा, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा सा जीरा, 1 तेजपत्ता, 2 लौंग छवि: फ्रीपिक 1 छोटी इलायची, आधा छोटा हल्दी, स्वाद नमक, 2 बड़ा चम्मच घी या तेल, 2 कप पानी, थोड़ा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले चावल को धोकर करीब 20 मिनट के लिए विलंबित करें। अब कुकर या पैन में घी गरम करें. इसमें जीरा, तेजपत्ता, लौंग और इलायची के टुकड़े टुकड़े भून लें। छवि: फ्रीपिक इसके बाद कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च स्टोमनॉल होने तक। अब लोकी इसमें शामिल हो गए और 2-3 मिनट तक महानुभाव से भूल गए। फिर हल्दी और नमक मिश्रण करें। छवि: एआई अब भीगे हुए चावल और बने हुए हाथ से बने मसाले। इसके बाद पानी के उपकरण कुकर का समुद्र तट बंद कर दिया गया। 1-2 शहर आने तक। छवि: एआई जब कुकर का खिलौना निकल जाए, तो पुलाव को पतले हाथों से फुलाएं और ऊपर से हरा धनिया बांधें। छवि: एआई लॉकी बॉडी को ठंडक क्लिनिक में मदद मिलती है। यह पेट को चित्रित करता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है। गर्मी में डायहाइड्रेशन की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। छवि: सोशल मीडिया कम क्वालिटी में बनने की वजह से यह माना जाता है। लोकी का पुलाव आप दही, रायता, पुदीने की चटनी या पापड़ के साथ सर्व कर सकते हैं। फ़्लोरिडा तो ऊपर से छोटी-छोटी घी-मसाले का स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)लौकी का पुलाव रेसिपी(टी)लौकी का पुलाव(टी)पुलाव रेसिपी(टी)लौकी रेसिपी(टी)लौकी रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)लौकी पुलाव कैसे बनाएं(टी)घर का बना लौकी पुलाव







