5 प्राइवेट चीजें जिन्हें पत्नी के साथ भी नहीं करना चाहिए शेयर, वरना सुख-चैन छिनने में नहीं लगेगी देर, देखें लिस्ट

Last Updated:May 07, 2026, 16:59 IST 5 Personal Things Never Share : पति-पत्नी में शायद ही कोई चीज छुपी हुई रहती है, रहना भी नहीं चाहिए. लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें पत्नी के साथ भी शेयर नहीं करना चाहिए. ये निजी वस्तुएं सिर्फ सिंगल यूज के लिए होती हैं. अगर आप इन निजी चीजों को किसी के साथ भी शेयर करते हैं तो इससे भारी परेशानी मोल लेनी पड़ सकती है. आइए इन चीजों के बारे में जानते हैं. कैसे ये 5 चीजें शेयर करने से बढ़ाती है परेशानी. Private things should not share: हम अपने लोगों से बातचीत में कई बातों को बेशक छुपा लें लेकिन जिस चीज का इस्तेमाल हम करते हैं, उसे शायद ही अपनों से छुपाते हैं. फिर अपने ही घर में अपने पार्टनर के साथ किसी चीज को शेयर न करना बेवकूफी ही मानी जाती है. लेकिन यदि आपको अपनी स्किन से प्यार है और चाहते हैं कि आपके पार्टनर की स्किन भी हेल्दी रहे तो कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें पार्टनर के साथ भी साझा नहीं करना चाहिए. क्योंकि इन चीजों को शेयर करने से सिर्फ आपकी स्किन ही नहीं आपके पार्टनर की स्किन भी इंफेक्टेड हो सकती है और इससे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आइए इन पांच चीजों के बारे में जानते हैं. इन 5 चीजों को न करें शेयर कंघी-आमतौर पर घर में रखी एक कंघी से सारे लोग बालों को सेट करते हैं लेकिन ऐसा करना गलत है. कंघी को दूसरे के साथ शेयर करने से डर्मेटोफाइटोसिस हो सकता है. इसे सामान्य भाषा में दाद या फंगल संक्रमण कहते हैं. जब हम किसी की कंघी इस्तेमाल करते हैं तो स्कैल्प पर मौजूद फंगल या बीजाणु एक सिर से दूसरे सिर पर आसानी से चले जाते हैं. इसके अलावा, कंघी के दांतों में डेड स्किन सेल्स और प्राकृतिक तेल फंसे रहते हैं. यह बैक्टीरिया के पनपने के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं. जुओं का संक्रमण भी इसी के जरिए फैलता है. वैज्ञानिक रूप से स्कैल्प की स्वच्छता बनाए रखने के लिए कंघी को व्यक्तिगत रखना अनिवार्य है ताकि फॉलिक्युलाइटिस (बालों की जड़ों में सूजन) जैसी समस्याओं से बचा जा सके. तौलिया-एक ही तौलिया से घर में सारे लोग नहाते हैं लेकिन यह तरीका बिल्कुल गलत है. जब एक व्यक्ति तौलिया इस्तेमाल करता है तो अगर उसकी स्किन में बैक्टीरिया या फंगस है तो वही सूक्ष्म जीव तौलिया में चिपक जाता है. यही तौलिया जब दूसरा कोई भी इस्तेमाल करता है तो ये बैक्टीरिया उसकी स्किन में भी घुस जाते हैं. दरअसल, तौलिया में नमी ज्यादा रहती है जो बैक्टीरिया के पनपने का सबसे आसान घर होता है. नम तौलिया स्टैफिलोकोकस जैसे बैक्टीरिया और फंगस के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड है. जब आप दूसरे का तौलिया इस्तेमाल करते हैं तो आप उनकी त्वचा के माइक्रोबायोम को अपने शरीर पर ले लेते हैं. इससे त्वचा के संक्रमण, आंखों का संक्रमण और यहां तक कि एथलीट फुट जैसे फंगल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. साबुन-साबुन की टिकिया भी दूसरे के साथ इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. कई शोध बताते हैं कि साबुन की सतह पर बैक्टीरिया, वायरस और डेड सेल्स चिपकी रह सकती है. जब एक ही साबुन कई लोग इस्तेमाल करते हैं, तो ई-कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया एक व्यक्ति से दूसरे में जा सकते हैं. हालांकि साबुन की झाग कीटाणुओं को धो देती है लेकिन उसकी सतह पर मौजूद बायोफिल्म यानी बैक्टीरिया की परत इंफेक्शन की वजह बन सकती है. अगर किसी व्यक्ति को त्वचा पर कोई घाव या फोड़ा है तो साबुन साझा करना दूसरों के लिए त्वचा रोगों का सीधा निमंत्रण बन जाता है. डियोडरेंट-वैसे तो डियोडरेंट कम लोग एक-दूसरे के साथ साझा करते हैं लेकिन यदि आप बगल में रोलर वाले डियोडरेंट का इस्तेमाल करते है और यही डियोडरेंट किसी और के साथ साझा करते हैं तो यह इंफेक्शन को बुलावा देना जैसा होगा. अंडर आर्म्स या बगल का हिस्सा शरीर का सबसे गर्म और नम हिस्सा होता है जहां पसीने के साथ लाखों बैक्टीरिया मौजूद होते हैं. जब आप रोल-ऑन साझा करते हैं तो आप दूसरे व्यक्ति के शरीर की गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया और उनकी मृत कोशिकाओं को अपने शरीर पर लगा लेते हैं. वैज्ञानिक रूप से यह क्रॉस-कंटैमिनेशन पसीने की ग्रंथियों के बंद होने या त्वचा में जलन और इन्फेक्शन का कारण बन सकता है. स्प्रे डियोडरेंट साझा करना सुरक्षित हो सकता है लेकिन त्वचा के सीधे संपर्क में आने वाले प्रोडक्ट्स पूरी तरह व्यक्तिगत होने चाहिए. रेजर-रेजर साझा करना सबसे खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह रक्त-जनित रोगों के सीधे संक्रमण का मार्ग है. शेविंग के दौरान अक्सर त्वचा पर सूक्ष्म कट लग जाते हैं, जो नंगी आंखों से नहीं दिखते. यदि रेजर साझा किया जाता है तो पिछले व्यक्ति का रक्त या तरल पदार्थ रेजर की ब्लेड पर रह सकता है. इससे हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और यहां तक कि एचआईवी जैसे गंभीर वायरस के फैलने का जोखिम रहता है. इसके अलावा रेजर के ब्लेड के बीच में फंसे बैक्टीरिया त्वचा में रेजर बम्प्स और गंभीर फॉलिक्युलाइटिस पैदा कर सकते हैं. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
रात में सोते समय AC का टेंपरेचर कितना रखना चाहिए? सेहत के लिहाज से कितनी कूलिंग ठीक

Last Updated:May 07, 2026, 16:50 IST Ideal AC Temperature for Night: अधिकतर लोग रात में चैन से सोने के लिए AC चलाते हैं. कई लोग एसी का टेंपरेचर 20 सेट करके सो जाते हैं, जबकि कुछ लोग 25 टेंपरेचर सेट करके सोते हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो रात में सोते समय AC का तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस रखना सबसे बेहतर माना जाता है. इससे शरीर को आरामदायक ठंडक मिलती है और गले, सर्दी या शरीर दर्द जैसी समस्याओं का खतरा कम रहता है. रात में सोते वक्त एसी का टेंपरेचर 24 से 26 डिग्री के बीच सबसे सही माना जाता है. Right AC Temperature for Sleep: गर्मी में दिनभर की भागदौड़ के बाद लोग रात में चैन की नींद लेना चाहते हैं. अच्छी नींद के लिए तमाम लोग रातभर AC चलाकर सोना पसंद करते हैं. अक्सर यह सवाल उठता है कि AC का तापमान कितना रखना सही होता है. कई लोग बहुत ज्यादा ठंडा तापमान सेट कर देते हैं, जिससे नींद तो आती है, लेकिन सुबह शरीर दर्द, गले में खराश या थकान जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. कई बार ज्यादा ठंडक की वजह से नींद भी खराब होती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार सही AC तापमान न सिर्फ आरामदायक नींद देता है, बल्कि सेहत के लिए भी जरूरी होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक रात में सोते समय AC का तापमान लगभग 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे बेहतर माना जाता है. यह तापमान शरीर को आरामदायक ठंडक देता है और शरीर के प्राकृतिक तापमान संतुलन को भी बनाए रखता है. बहुत ज्यादा ठंडा तापमान शरीर पर अनावश्यक दबाव डाल सकता है. अगर AC का तापमान बहुत कम जैसे 18 से 20 डिग्री पर रखा जाए, तो शरीर का तापमान तेजी से गिर सकता है. इससे मांसपेशियों में अकड़न, सिरदर्द, नाक बंद होना या गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं. बच्चों, बुजुर्गों और एलर्जी या अस्थमा पेशेंट्स को ज्यादा ठंडा वातावरण नुकसान पहुंचा सकता है. कई रिसर्च में पता चला है कि रात के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म और तापमान स्वाभाविक रूप से थोड़ा कम हो जाता है. ऐसे में बहुत ज्यादा ठंडक शरीर को असहज कर सकती है. इसलिए मध्यम तापमान पर AC चलाना ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक माना जाता है. इससे बिजली की बचत भी होती है और AC पर लोड भी कम पड़ता है. बेहतर नींद के लिए सिर्फ तापमान ही नहीं, बल्कि कमरे का वेंटिलेशन और ह्यूमिडिटी भी मायने रखती है. कोशिश करें कि कमरे में हल्की हवा का प्रवाह बना रहे और AC की सीधी हवा शरीर पर न पड़े. रात में हल्का कंबल इस्तेमाल करना भी सही रहता है, ताकि तापमान संतुलित बना रहे. नई दिल्ली के साकेत स्थित डॉक्टर मंत्री रेस्पिरेटरी क्लीनिक के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. भगवान मंत्री ने News18 को बताया बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा या एलर्जी के मरीजों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को रात में बहुत ज्यादा ठंडे AC में सोने से बचना चाहिए. अत्यधिक ठंडक से इन लोगों में गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत, सर्दी-जुकाम, शरीर दर्द और मांसपेशियों में अकड़न जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसके अलावा जिन लोगों को लो ब्लड प्रेशर या जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती है, उन्हें भी बहुत कम तापमान पर AC चलाने से परेशानी हो सकती है. इसलिए ऐसे लोगों के लिए मध्यम तापमान यानी 24-26 डिग्री सेल्सियस ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक माना जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
Safety From Heat Wave Tips | गर्मी में बार-बार पेट खराब | 5 सुपरफूड्स | लू का असर नहीं होगा

Last Updated:May 07, 2026, 16:14 IST 5 Best Superfood For Summer Season: गर्मी का मौसम अपना असर दिखाना शुरू कर चुका है. इस भीषण गर्मी में एसिडिटी, गैस और फूड पॉइजनिंग के मामले बढ़ रहे हैं. लोग अस्पतालों का रुख कर रहे हैं. ऐसे में हमें घर पर ही खुद का खास ख्याल रखना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में दही, खीरा, नारियल पानी, तरबूज और पुदीना खाने और ज्यादा पानी पीने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है. अपच नहीं होता. वहीं विशेषज्ञ तला और मसालेदार खाना कम करने की सलाह देते हैं. गर्मियों में खाने लायक फायदेमंद फूड Health Tips. चिलचिलाती गर्मी में लोगों की सबसे बड़ी परेशानी अब पेट से जुड़ी समस्याएं बनती जा रही हैं. एसिडिटी, गैस, अपच, दस्त और बार-बार पेट खराब होने जैसी शिकायतें इन दिनों तेजी से बढ़ रही हैं. आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती गर्मी और गलत खानपान के कारण पित्त दोष बढ़ रहा है, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है. गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. पानी की कमी के साथ शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम होने लगते हैं, जिससे पाचन कमजोर पड़ जाता है. इसके अलावा तला-भुना खाना, बाहर का स्ट्रीट फूड और अनियमित भोजन बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. कई शहरों में फूड पॉइजनिंग के मामले भी बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी में पेट को ठंडा रखना बेहद जरूरी है. कुछ घरेलू सुपरफूड्स को नियमित रूप से खाने से पेट से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं से राहत मिल सकती है. ये 5 सुपरफूड्स देते हैं राहत दही-प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाने में मदद करता है और एसिडिटी को कम करता है. गर्मी में रोजाना एक कटोरी सादा दही या छाछ पीने से पाचन बेहतर बना रहता है. खीरा-करीब 95 प्रतिशत पानी से भरपूर खीरा शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पेट की जलन और सूजन भी कम करता है. डॉक्टर गर्मी में रोज एक या दो खीरे खाने की सलाह देते हैं. नारियल पानी-नारियल पानी को प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक माना जाता है. इसमें मौजूद पोटैशियम और अन्य मिनरल्स शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं. तरबूज-गर्मी के मौसम में तरबूज शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पाचन सुधारने में भी मदद करता है. दोपहर के समय तरबूज खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान भी कम होती है. पुदीना-पुदीने में मौजूद मेंथॉल पेट की मांसपेशियों को आराम देता है. इससे गैस और ब्लोटिंग की समस्या कम होती है. पुदीने का इस्तेमाल छाछ, नींबू पानी या चटनी के रूप में करना फायदेमंद माना जाता है. विशेषज्ञों की आम सलाहस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए. मसालेदार, तला-भुना और बाहर का खाना कम से कम खाना चाहिए. भोजन समय पर करें और रात में हल्का भोजन लें. अगर दस्त, उल्टी या पेट में तेज दर्द जैसी परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुपरफूड्स को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने से पेट की गर्मी नियंत्रित रहती है और शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है. डॉक्टरों की सलाह है कि दवा लेने से पहले खानपान सुधारने पर ध्यान देना चाहिए और प्राकृतिक चीजों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए. डिस्कलेमर- यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों और सामान्य अनुभवों पर आधारित है. किसी भी व्यक्तिगत समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Jaipur,Jaipur,Rajasthan Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
गर्मियों में खाना जल्दी क्यों खराब हो जाता है? क्या होती है इसकी वजह, डॉक्टर से समझ लीजिए

Last Updated:May 07, 2026, 16:01 IST Summer Heat and Food Spoilage: गर्मियों में ज्यादा तापमान और नमी के कारण बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं. इससे खाना जल्दी खराब हो जाता है. इसी वजह से गर्मियों में पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. सही स्टोरेज, साफ-सफाई और ताजा खाना खाकर गर्मियों में फूड पॉइजनिंग से बचा जा सकता है. गर्मी में ज्यादा तापमान और नमी के कारण खाना जल्दी खराब हो जाता है. Food Safety Tips in Summer Season: गर्मियों के मौसम में खाना जल्दी खराब हो जाता है. खाने को कई घंटों तक फ्रेश बनाए रखने के लिए इसे फ्रिज में रखना जरूरी होता है. गर्मियों में यह एक कॉमन समस्या है. कई बार सुबह बना भोजन शाम तक खराब होने लगता है या उसमें खट्टापन और बदबू आने लगती है. डॉक्टर्स के अनुसार इसके पीछे सबसे बड़ी वजह गर्म तापमान और नमी होती है, जो बैक्टीरिया और फंगस को तेजी से बढ़ने का मौका देती है. यही कारण है कि गर्मियों में फूड पॉइजनिंग के मामले भी बढ़ जाते हैं. गर्मियों में पेट की समस्याओं से लोगों को हमेशा ताजा भोजन करना चाहिए. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया गर्मियों में तापमान बढ़ जाता है और इसकी वजह से बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं. इस वजह से पका हुआ खाना जल्दी संक्रमित हो सकता है और कुछ घंटों में खराब होने लगता है. खासकर दूध, दही, चावल, दाल, मांस और कटे हुए फल जैसी चीजें ज्यादा जल्दी खराब होती हैं. खाना खराब होने की एक और वजह हवा में मौजूद नमी है. नमी बढ़ने से सूक्ष्मजीवों को बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिलता है. अगर खाना खुला छोड़ दिया जाए या सही तरीके से स्टोर न किया जाए, तो बैक्टीरिया उसमें तेजी से पनपने लगते हैं. यही वजह है कि गर्मियों में खाना ढककर रखने और फ्रिज में स्टोर करने की सलाह दी जाती है. एक्सपर्ट के मुताबिक खराब खाना खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, बुखार और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है. इसलिए खाने की ताजगी को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए. गर्मियों में खाने को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए. खाना बनने के दो घंटे के भीतर उसे फ्रिज में रख देना चाहिए. बार-बार गर्म और ठंडा करने से भी खाना जल्दी खराब हो सकता है. इसके अलावा साफ बर्तनों का इस्तेमाल और हाथों की सफाई भी बेहद जरूरी है. डॉक्टर की मानें तो गर्मियों में जरूरत से ज्यादा खाना बनाकर लंबे समय तक न रखें. ताजा बना खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. अगर खाने से अजीब गंध आए, रंग बदल जाए या स्वाद अलग लगे, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए. गर्मियों में खाना जल्दी खराब होना गंभीर समस्या है. सही तापमान, साफ-सफाई और उचित स्टोरेज अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है. थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर समस्याओं से सुरक्षित रख सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे युजवेंद्र चहल:वीडियो सोशल मीडिया में पोस्ट हुआ, रियान पराग पर जुर्माना लगा था

पंजाब किंग्स के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे हैं। इस पर विवाद हो गया है। दरअसल, पंजाब किंग्स ने टीम के सफर का वीडियो पोस्ट किया। इसमें युजवेंद्र चहल ई-सिगरेट पीते दिख रहे हैं। विवाद होने के बाद पंजाब ने यह वीडियो डिलीट कर दिया है। चहल से पहले 28 अप्रैल को न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग भी ड्रेसिंग रूम में वेप का इस्तेमाल करते पाए गए थे। इसके बाद BCCI ने उन पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगाया गया था। पूरा वीडियो देखिए… फ्लाइट सुरक्षा और कड़े नियमों का उल्लंघन फ्लाइट में धूम्रपान या ई-सिगरेट का उपयोग करना सख्त वर्जित है। विमान के संवेदनशील वातावरण में ऐसी लापरवाही आग लगने का कारण बन सकती है, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्हें ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में डालने या कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है भारत सरकार ने ‘ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) 2019’ के तहत वेप्स और ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, आयात और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाया है। उल्लंघन पर जुर्माने और जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में एलीट एथलीट का सार्वजनिक मंच पर इसका इस्तेमाल कानून और खेल की मर्यादा का उल्लंघन माना गया। ———————————————————— IPL से जुड़ी यह खबर देखिए IPL- ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की; यानसन ने 4 ओवर में 61 दिए सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को पंजाब को 33 रन से हराया। हैदराबाद ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 235 रन बनाए। जवाब में पंजाब की टीम 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी। पढ़ें पूरी खबर
फ्लाइट में ई-सिगरेट पीते दिखे युजवेंद्र चहल:वीडियो सामने आया, रियान पराग पर जुर्माना लगा था

पंजाब किंग्स के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल एक नए विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि हैदराबाद की यात्रा के दौरान वे फ्लाइट के अंदर ई-सिगरेट (वेप) का इस्तेमाल कर रहे थे। वीडियो में चहल को इसे छिपाने की कोशिश करते देखा गया है। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में लिखा गया है कि पंजाब किंग्स ने टीम के सफर का वीडियो पोस्ट किया। सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद पंजाब ने यह वीडियो डिलीट कर दिया है। IPL के मौजूदा सीजन में यह ई-सिगरेट से जुड़ा दूसरा विवाद है। चहल से पहले 28 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग पंजाब के खिलाफ मैच के दौरान मुल्लांपुर स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते पाए गए थे। पूरा वीडियो देखिए… BCCI ने रियान पराग पर 25% जुर्माना लगाया था ड्रेसिंग रूप में ई-सिगरेट पीने का वीडियो सामने आने के बाद BCCI ने रियान पराग पर मैच फीस का 25% का जुर्माना लगाया गया था। उन्हें IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच रेफरी ने उन पर कड़ा एक्शन लेते हुए जुर्माना और पेनल्टी पॉइंट लगाया है। नो फ्लाई लिस्ट में डाल सकते हैं चहल फ्लाइट में धूम्रपान या ई-सिगरेट का उपयोग करना सख्त वर्जित है। ऐसी लापरवाही फ्लाइट में आग लगने का कारण बन सकती है, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्हें ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में डालने या कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। IPL से पहले कहा था- मैंने शराब छोड़ दी IPL 2026 से पहले चहल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने पिछले 6 महीनों से पूरी तरह शराब छोड़ दी है ताकि वे युवाओं के लिए एक उदाहरण बन सकें और अपना 150% योगदान दे सकें। इस वीडियो के सामने आने के बाद उनके इन दावों पर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी चहल का कार चलाते समय सिगरेट पीने का एक वीडियो वायरल हो चुका है। भारत में 2019 से ई-सिगरेट पूरी तरह बैन है भारत सरकार ने ‘ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) 2019’ के तहत वेप्स और ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, आयात और विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाया है। उल्लंघन पर जुर्माने और जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में एलीट एथलीट का सार्वजनिक मंच पर इसका इस्तेमाल कानून और खेल की मर्यादा का उल्लंघन माना गया। ———————————————————— IPL से जुड़ी यह खबर देखिए IPL- ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की; यानसन ने 4 ओवर में 61 दिए सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को पंजाब को 33 रन से हराया। हैदराबाद ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 235 रन बनाए। जवाब में पंजाब की टीम 7 विकेट पर 202 रन ही बना सकी। पढ़ें पूरी खबर
“मोदी का नाम लेकर सीएम मांगिए!” केरल में कांग्रेस के प्रमुख भूचाल, श्रीशेषन की नियुक्ति से नामांकन

केरल में प्रचंड सरकार के गठन के बाद कांग्रेस के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है. मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं वी डी शेशन अब अपने एक बयान को लेकर धरने पर बैठे हैं और यह बयान सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ से आया है। एक मीडिया हाउस को दिए गए स्पष्टीकरण में कहा गया है कि “प्रशासनिक अनुभव की कोई संभावना नहीं है। वी एस अच्युतानंद के पास क्या अनुभव था? जब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री बने, तब उनके पास क्या अनुभव था? वह एक पार्टी ऑर्गनाइजेशन के समर्थक थे, वरिष्ठ सांसद भी नहीं थे।” यानि कि सिद्धार्थन ने अपने पक्ष में तर्क देते हुए मोदी के उदाहरण का सहारा लिया। लेकिन यही दांव अब उनके लिए साइंटिस्ट वैक्टिव दिख रहे हैं। “मोदी का उदाहरण बड़ा रेड टैग”-सोशल मीडिया पर विरोध शृष्णिण की इस टिप्पणी को लेकर पार्टी के अंदर और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई दावों का मानना है कि स्टालिनवादी राजनीतिक तानाशाही में मोदी की प्रशंसा करना और उन्हें अपनी दावेदारी के लिए इस्तेमाल करना “बड़ा रेड टैग” करना है। केरल कांग्रेस के नेता वीडी सतीसन मोदी की तारीफ कर रहे हैं और उनके उदाहरण का इस्तेमाल कर केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं. यह मेरे लिए एक बड़ा ख़तरा है, खासकर उस समय के लिए जब हम जी रहे हैं। https://t.co/DlXqw82p1M – रोशन राय (@RoशनKrRaii) 6 मई 2026 यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस आलाकमान केरल में मुख्यमंत्री के चयन को लेकर मंथन कर रही है. यानी, एक कथन ने ऑब्जेक्टिव गुणांकों को और जटिल बना दिया है। एक तरफ जहां कांग्रेस के नेताओं को आत्ममंथन करना चाहिए तो कुछ और भी वीडियो वॉयरल हो रही है। कांग्रेस नेता वीडी सतीसन का एक वीडियो भाषण है। यहां पर वो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की क्षमता की सराहना कर रहे हैं? यह व्यक्तिगत राय क्या है या पार्टी की सोच क्या है? और जब दूसरी तरफ राहुल गांधी… pic.twitter.com/pXVvYtXrpc – प्रो.अंलाहली (نور) (@ProfNoorul) 6 मई 2026 “सीएम नहीं तो मंत्री भी नहीं”- श्रीशन का कड़ा रुख इस पूरी घटना के बीच श्रीशचन के रुख को लेकर भी खबरें सामने आई हैं. ब्रांड की माने तो बताया जा रहा है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, तो वे आकार का हिस्सा नहीं बनेंगे और सिर्फ अध्यक्ष बने रहेंगे। श्रीशन और उनके समर्थक सख्त रुख अख्तियार किये हुए हैं और सीएलपी की बैठक के बाद नकली समय के अनुरूप बात भी नहीं की। #घड़ी | तिरुवनंतपुरम, केरलम | कांग्रेस के निर्वाचित विधायक वीडी सतीसन केपीसीसी कार्यालय से निकले। केरलम के लिए पार्टी पर्यवेक्षकों के साथ सीएलपी की बैठक चल रही है और प्रत्येक विधायक से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की जा रही है pic.twitter.com/5JCW0CqpVV – एएनआई (@ANI) 7 मई 2026 यह संकेत साफ करता है कि श्रीशेषन अब अपनी उम्मीदवारी को लेकर पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना रहे हैं-जो पार्टी नेतृत्व के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकते हैं। इस बीच “राहुल गांधी, वीडियो श्रीशेषन को मुख्यमंत्री बनाओ” संदेश सोशल मीडिया पर 1 लाख से अधिक कमेंट्स के साथ, वीडियो श्रीशेषन के समर्थन में समर्थक सोशल मीडिया रैली कर रहे हैं। 102 की जीत, लेकिन श्रेष्ठतम 140 केरला खण्ड में यू.एस. फ़्लिक ने 102 रेज़्यूमे में प्रवेश किया, जबकि एल 35 फ़्रांसीसी खण्डों में प्रवेश किया। यह कांग्रेस की जीत के लिए वापसी का बड़ा मौका लेकर आया है। परावूर सीट से भारी अंतर से मरने वाले अभिषेकन को इस जीत का प्रमुख चेहरा माना जा रहा है। उनके दावे का तर्क है कि 2021 की हार के बाद श्रीशेषन ने ही संगठन को खड़ा किया और पार्टी को सत्ता तक कायम रखा, समाजवादी मुख्यमंत्री पद पर उनका दावा सबसे मजबूत है। सीएलपी बैठक और अलकमान की भूमिका केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (KPCC) की नवीनीकृत CLP बैठक में सभी पार्टियों से व्यक्तिगत राय ली गई। इस प्रक्रिया के तहत पार्टी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन ने नेताओं से मुलाकात की। ओमन चंदी के बेटे और विधायक चंदी ओमन ने सार्वजनिक रूप से किसी के नाम का समर्थन करते हुए बचते हुए कहा, “मैं पार्टी नेतृत्व को अपनी बात बताना चाहता हूं। मैं सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहना चाहता। नेतृत्व पर सही समय पर निर्णय लेना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “कांग्रेस का एक तय एसओपी है। हम जनता द्वारा चुने गए नेता हैं। हमने अपनी राय दी है और पार्टी एक ही आधार पर सही निर्णय लेगी।” अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि कांग्रेस के आलाकमान इस पूरे विवाद को कैसे संभालेंगे. एक तरफा अभिषेक का मजबूत दावा और दूसरी तरफ का दबाव, दूसरी तरफ उपजा विवाद- दोनों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होगा। यह सिर्फ नेतृत्व चयन का मामला नहीं है, बल्कि पार्टी के पक्षधर संदेश और राजनीतिक लाइन से भी टकराव हुआ है। यदि श्रीशेषन को नियुक्त किया जाता है, तो असंतोष का खतरा है। अगर उन्हें चुना जाता है, तो उनके बयान पर उठाए गए सवालों का जवाब देना होगा। यह भी पढ़ें: ‘विजय तभी ले जाएगी शपथ जब…’, तमिल के गवर्नर ने टीवीके प्रमुख के सामने रखी ये शर्त (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल सीएम रेस 2026(टी)वीडी सतीसन विवाद(टी)कांग्रेस नेतृत्व संकट(टी)केरल राजनीति समाचार(टी)केरल सीएम रेस कांग्रेस(टी)वीडी सतीसन बयान मोदी विवाद(टी)केरल चुनाव 2026 यूडीएफ जीत(टी)कांग्रेस नेतृत्व निर्णय केरल(टी)केसी वेणुगोपाल रमेश चेन्निथला सीएम रेस(टी)केपीसीसी सीएलपी बैठक समाचार(टी)केरल राजनीतिक घटनाक्रम(टी)राहुल गांधी सीएम निर्णय केरल(टी)कांग्रेस आंतरिक संघर्ष भारत(टी)केरल सरकार गठन समाचार(टी)केरल सीएम(टी)वीडी शृंखला विवाद(टी)कांग्रेस नेतृत्व संकट(टी)केरल राजनीति समाचार(टी)वीडी शशिसन का बयान मोदी विवाद(टी)केरल चुनाव 2026 यूडीएफ की जीत(टी)केरल में कांग्रेस नेतृत्व का फैसला(टी)केसी वेणुगोपाल चेन्निथला सीएम की दौड़(टी)केपीसीसी सीएलपी बैठक समाचार(टी)केरल के राजनीतिक घटनाक्रम(टी)राहुल गांधी का केरल सीएम पर निर्णय
रिपोर्ट- 90% जापानियों ने चीनी कारों का बहिष्कार किया:फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका ईवी से दूर भाग रहे; इंडोनेशिया, भारत जैसे देश अपनाने में आगे

दुनिया के 31 देशों में औसतन 43% लोग कहते हैं कि बिना कार के जीना उनके लिए असंभव है। 22 देशों में लोग कार को पसंदीदा ट्रांसपोर्ट मानते हैं। 65% अमेरिकी बिना कार लिए नहीं रह सकते हैं। लेकिन भारत के लोगों की पहली पसंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट है। देश के 62% लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चुनना चाहते हैं। इप्सॉस की ग्लोबल मोबिलिटी रिपोर्ट 2026 में यह खुलासा हुआ है। लेकिन ईवी के सबसे बड़े पैरोकार रहे फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों का इससे मोहभंग हो रहा है। जापान में यह आंकड़ा -28% तक गिर चुका है। इसके विपरीत इंडोनेशिया (60%), मेक्सिको (60%) और चिली (57%) सबसे आगे हैं। यह सर्वे 31 देशों में किया गया। 23,722 लोगों ने हिस्सा लिया। सेल्फ-ड्राइविंग कार – भारत डरता नहीं – भारत में ईवी अपील 40% है, जो ग्लोबल औसत 47% से थोड़ा कम है। लेकिन यह यूरोप और नॉर्थ अमेरिका से बेहतर स्थिति में है। – 36% लोग सेल्फ-ड्राइविंग कार को असुरक्षित मानते हैं। सबसे आगे फ्रांस (-37%), नीदरलैंड्स (-35%), अमेरिका (-25%) है। – भारत में करीब 47% लोग इस तकनीक में सुरक्षित महसूस करते हैं, जबकि ग्लोबल औसत 36% है। भारतीय बाजार में हर कंपनी के लिए बड़े मौके भारत में 16% किसी टेक कंपनी से कार खरीदना पसंद करेंगे, 22% की पसंद पारंपरिक ऑटोमेकर हैं। – 62% को कोई प्राथमिकता नहीं है। यानी बाजार किसी के लिए बंद नहीं है। टाटा, महिंद्रा से लेकर गूगल, शाओमी जैसी टेक कंपनियों के लिए दरवाजे खुले हैं। एशिया में चीन विरोध बढ़ रहा, भारत के लिए बड़े मौके – जापान में 90% लोग चीनी कार नहीं लेंगे। दक्षिण कोरिया में भी चीन-विरोधी भावना प्रबल है। – कनाडा में 48% लोग अमेरिकी कार नहीं खरीदेंगे। यानी इस माहौल में भारत के लिए बड़े मौके भी हैं। – चीन के खिलाफ यह अविश्वास भारतीय ब्रांड्स के लिए एशियाई बाजारों में रास्ता खोल सकता है। – 42% लोग किसी न किसी खास देश की कार खरीदने से बच रहे हैं। इस लिस्ट में चीनी सबसे ऊपर है। उसका बॉयकॉट रेट (41%) और अमेरिकी कारों के लिए यह आंकड़ा करीब 24% है।
Health Tips: क्या गर्मी में हद से ज्यादा पसीना आना बुरा है? यह बीमारी का है संकेत या सेहत की निशानी, जानिए डिटेल

Last Updated:May 07, 2026, 14:37 IST Excess Sweating good or Bad: गर्मी के मौसम में पसीना आना आम बात है. भीषण गर्मी में जैसे ही लोग बाहर निकलते हैं या ज्यादा मेहनत करते हैं उन्हें बहुत तेज पसीना आता है. कुछ लोगों को हद से ज्यादा पसीना निकलता है. ऐसे में सोशल मीडिया पर यह फैलाया जा रहा है कि ज्यादा पसीना आना नुकसानदेह है. पर असली सवाल यह है कि क्या सच में ज्यादा पसीना आना बुरा है या यह हेल्दीपन का संकेत है. यदि आप भी कंफ्यूज हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ें. जैसे ही गर्मी बढ़ती है या हम वर्कआउट करते हैं, पसीना हमारे कपड़ों को भिगो देता है.इससे हमें इरीटेशन होने लगता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर पसीना न आए तो क्या होगा? पसीना आना असल में हमारे शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम है. यह न केवल हमारे शरीर के अंदर के तापमान को नियंत्रित करता है बल्कि अंदर जमी गंदगी को भी बाहर फेंकता है. इसलिए यह बात दिमाग से निकाल लीजिए कि ज्यादा पसीना आना नुकसानदेह है. किसी भी तरह से ज्यादा पसीना आना नुकसानदेह नहीं है. डॉक्टरों के अनुसार पसीना आपकी त्वचा को साफ करने से लेकर आपके मानसिक तनाव को कम करने तक में मदद करता है. एक्सपर्ट के मुताबिक धूप में पसीना आना बिल्कुल सामान्य है. बहुत लोग सोचते हैं कि पसीना आना सेहत के लिए खराब है. लेकिन पसीना हमारे शरीर को अंदर से और गर्मी से बचाता है, ये बात बहुत लोगों को पता नहीं होती. पसीना हमारे शरीर को ठंडा रखने का कमाल का तरीका है और ये हमें सुरक्षित रखने के लिए लगातार काम करता है. यह प्रक्रिया सिर्फ पानी निकालने की नहीं है, बल्कि शरीर को बचाने के लिए जरूरी एक जैविक प्रतिक्रिया है. तो चलिए जानते हैं पसीना आने से क्या-क्या फायदे होते हैं. असल में पसीना आना शरीर की एक प्राकृतिक ठंडा करने की प्रक्रिया है, जिसे वैज्ञानिक तौर पर थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है. हमारे शरीर का अंदरूनी तापमान आमतौर पर करीब 98.6°F (37°C) होना चाहिए.
फिल्म बंदर का टीजर रिलीज:रेट्रो लुक में दिखे बॉबी देओल, असल घटना पर आधारित, अनुराग कश्यप ने की डायरेक्ट; 5 जून को आएगी

बॉबी देओल की अपकमिंग फिल्म बंदर का टीजर जारी हो चुका है। 1 मिनट 29 सेकंड के टीजर में बॉबी देओल समर नाम के पहचान खो रहे एक्टर के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिसकी जिंदगी एक केस से हमेशा के लिए बदल जाती है। कैसा है फिल्म का टीजर टीजर की शुरुआत 70 के दशक के डिस्को अवतार से रिमैजिन रेट्रो स्टाइल सॉन्ग ‘कम ऑन बेबी, दिल किसको देगी’ से होती है। इसके बाद बॉबी देओल के किरदार का परिचय होता है। बॉबी ने समर नाम के एक ऐसे एक्टर का किरदार निभाया है, जो किसी जमाने में स्टार था और अब पहचान बनाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। बदलते दौर में अब समर शादियों में परफॉर्म करता है, जिसके बाद एक-एक कर फिल्म के दूसरें किरदारों का परिचय होता है। सबा आजाद ने फिल्म में बॉबी देओल की डेट का रोल निभाया है। सपना पब्बी उनकी एक्स के रोल में है। टीजर में ट्विस्ट तब आता है जब एक रोज अचानक समर की गिरफ्तारी होती है। टीजर में कुछ जेल सीन और कोर्ट के सीन भी शामिल किए गए हैं। फिल्म की कहानी समर के इर्द-गिर्द है, जो संगीन आरोप लगने के बाद खुद को बेगुनाह साबित करने की मशक्कत करता है। यहां से जो सामने आता है, वो उस कहानी की झलक है जो शुरुआत में दिखने वाली चीजों से कहीं ज्यादा बड़ी और उलझी हुई है। इस फिल्म को देव डी, ब्लैक फ्राइडे, अगली और गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी फिल्में बना चुके अनुराग कश्यप ने डायरेक्ट किया है। ये बॉबी और अनुराग की पहली फिल्म है। फिल्म में बॉबी देओल, सपना पब्बी, सबा आजाद के अलावा सान्या मल्होत्रा, राज बी शेट्टी और रिद्धी सेन जैसे एक्टर्स भी हैं। असल घटना पर आधारित है फिल्म बंदर फिल्म बंदर भारत में हुई एक असल घटना पर आधारित है। फिल्म का लेखन सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने मिलकर किया है, जो पाताल लोक, कोहरा और उड़ता पंजाब जैसी बेहतरीन कहानियों के पीछे की मशहूर जोड़ी है। अनुराग कश्यप के डायरेक्शन और निखिल द्विवेदी की ‘सैफरन मैजिकवर्क्स’ के प्रोडक्शन में बनी यह फिल्म जी स्टूडियोज के सपोर्ट के साथ 5 जून 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।







