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चाय पीने के बाद क्यों होती है एसिडिटी? ये छोटा सा काम कर लेंगे तो नहीं होगी सीने में जलन

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Last Updated:May 04, 2026, 19:53 IST भारत में चाय हर घर की आदत है, लेकिन कई लोगों के लिए यही आदत पेट की परेशानी बन जाती है. चाय पीने के बाद सीने में जलन, खट्टी डकार या गैस की समस्या होना आम है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. चाय पीने के बाद एसिडिटी रेगुलेट करने का तरीका. चाय में मौजूद कैफीन और टैनिन पेट में गैस्ट्रिक एसिड के स्राव को बढ़ा देते हैं. खासकर जब आप खाली पेट चाय पीते हैं, तो यह पेट की अंदरूनी परत (म्यूकोसा) को इरिटेट कर सकता है. इसी वजह से सीने में जलन, भारीपन और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्या महसूस होती है. अगर आपको चाय पीने के बाद तुरंत एसिडिटी महसूस होती है, तो सबसे आसान उपाय है कि आप एक कप गुनगुना पानी पी लें. गुनगुना पानी पेट में मौजूद अतिरिक्त एसिड को पतला करता है और पाचन तंत्र को शांत करने में मदद करता है. इससे कुछ ही देर में राहत महसूस होने लगती है. अगर आपको अक्सर चाय से एसिडिटी होती है, तो अपनी आदत में थोड़ा बदलाव करना जरूरी है. चाय पीने से पहले एक गिलास पानी पीना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. इससे पेट में एक तरह की प्रोटेक्टिव लेयर बन जाती है, जो चाय के एसिडिक असर को कम कर देती है. साथ ही, खाली पेट चाय पीने की आदत से बचें. इसके बजाय, हल्का नाश्ता जैसे टोस्ट या फल खाने के बाद चाय पिएं, ताकि पेट पर सीधा असर न पड़े. चाय में टैनिन की मात्रा बढ़ने से भी दिक्कतचाय की क्वालिटी और बनाने का तरीका भी एसिडिटी को प्रभावित करता है. बहुत ज्यादा कड़क, देर तक उबली हुई या ज्यादा शक्कर वाली चाय पेट के लिए ज्यादा नुकसानदायक हो सकती है. ज्यादा उबालने से चाय में टैनिन की मात्रा बढ़ जाती है, जो एसिडिटी को ट्रिगर करता है. इसलिए हल्की चाय बनाएं और कोशिश करें कि दिन में 2-3 कप से ज्यादा चाय न पिएं. अगर समस्या ज्यादा है, तो ब्लैक टी की जगह ग्रीन टी या हर्बल टी जैसे विकल्प अपनाना बेहतर हो सकता है, क्योंकि इनमें कैफीन कम होता है और ये पाचन के लिए हल्की होती हैं. सौंफ चबाने से मिलेगी राहतकुछ घरेलू उपाय भी एसिडिटी से राहत दिलाने में कारगर होते हैं. सौंफ चबाना पाचन को सुधारता है और पेट की जलन कम करता है. ठंडा दूध पीने से पेट को ठंडक मिलती है और एसिड का असर कम होता है. इसके अलावा, गुड़ का छोटा टुकड़ा खाने से भी एसिडिटी में राहत मिल सकती है, क्योंकि यह पाचन को बेहतर बनाता है. अदरक का छोटा टुकड़ा या अदरक वाली हर्बल टी भी पेट को आराम देती है और गैस बनने से रोकती है. लाइफस्टाइल का असर भी एसिडिटी पर काफी पड़ता है. बहुत देर तक खाली पेट रहना, ज्यादा तला-भुना खाना, तनाव और नींद की कमी जैसी आदतें एसिडिटी को बढ़ा सकती हैं. इसलिए संतुलित आहार, समय पर खाना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है. अगर आपको रोजाना या बहुत ज्यादा एसिडिटी की समस्या हो रही है, तो यह Acid Reflux का संकेत भी हो सकता है, ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

भीषण गर्मी में इन 2 लोगों को खतरा ज्यादा, खराब हो जाएगी किडनी, गाजियाबाद के डॉक्टर से जानिए बचाव

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Last Updated:May 04, 2026, 19:53 IST Ghaziabad News : गाजियाबाद में लगातार बढ़ते तापमान से आम जनजीवन प्रभावित है, लेकिन सबसे ज्यादा खतरा हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों को है. ऐसे मरीज जिनको पहले से ही ब्लड प्रेशर या शुगर की समस्या है, गर्मियों में उनका शरीर तापमान को संतुलित करने में कमजोर पड़ जाता है. गाजियाबाद के डॉ. सौरभ गुप्ता लोकल 18 से बताते हैं कि इस मौसम में ज्यादा पानी वाले फल, सलाद और नींबू पानी का सेवन करें. मीठे और अधिक शुगर वाले पेय पदार्थों से दूर रहें. गाजियाबाद. बढ़ती गर्मी अब गाजियाबाद के लोगों के लिए गंभीर परेशानी बनती जा रही है. तापमान लगातार बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा खतरा हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों पर मंडरा रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या पैदा कर सकती है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है. इन दिनों तेज लू और लगातार बढ़ती गर्मी शरीर पर सीधा असर डाल रही है. खासकर ऐसे मरीज जिनको पहले से ही ब्लड प्रेशर या शुगर की समस्या है उनका शरीर तापमान को संतुलित करने में कमजोर पड़ जाता है. यही वजह है कि इन मरीजों में लू लगने और शरीर में पानी की कमी होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. सीधा असर दिमाग पर यशोदा मेडिसिटी के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सौरभ गुप्ता लोकल 18 से बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ ही कई तरह की बीमारियां भी तेजी से बढ़ने लगती हैं. लू चलने से शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी हो जाती है. इसका सीधा असर डायबिटीज के मरीजों पर पड़ता है, जिससे उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. यह स्थिति आगे चलकर लिवर, किडनी और दिमाग पर भी असर डाल सकती है. ब्लड प्रेशर के मरीजों में भी इस मौसम में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिलता है. अधिक पसीना आने और शरीर में पानी की कमी होने के कारण ब्लड प्रेशर कभी बहुत कम तो कभी बहुत ज्यादा हो सकता है. 11 से 4 बजे का टाइम सबसे घातक डॉ. सौरभ का कहना है कि गर्मियों में सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना. मरीजों को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह लेकर ही पानी का सेवन करें. खासकर जिनको हार्ट, लिवर या किडनी की समस्या है. दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए. यदि जरूरी काम हो तभी बाहर जाएं और सिर व शरीर को ढककर रखें. हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनना भी फायदेमंद होता है जिससे शरीर पर गर्मी का असर कम पड़ता है. खानपान में बदलाव भी जरूरी डॉ. सौरभ के मुताबिक, खानपान में भी बदलाव जरूरी है. ज्यादा पानी वाले फल, सलाद और नींबू पानी का सेवन फायदेमंद होता है जबकि मीठे और अधिक शुगर वाले पेय पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए. दवाओं को समय पर लेना और नियमित जांच कराना भी बेहद जरूरी है.यदि पेशाब कम आने लगे, भूख न लगे, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या चक्कर आने जैसी समस्या हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर गर्मी के इस खतरनाक प्रभाव से बचा जा सकता है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ghaziabad,Uttar Pradesh

पीएम मोदी विजय भाषण: ‘बीजेपी के नेता ने कमाल कर दिया- कमल खिलाया’, चुनाव के बाद दिल्ली में पार्टी मुख्यालय से मोदी का संदेश

पीएम मोदी विजय भाषण: 'बीजेपी के नेता ने कमाल कर दिया- कमल खिलाया', चुनाव के बाद दिल्ली में पार्टी मुख्यालय से मोदी का संदेश

पीएम मोदी बीजेपी चुनाव जीत लाइव भाषण: पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी और पुदुचेरी में प्रचंड की जीत के बाद दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में जश्न मनाया जा रहा है. इस मौक़े पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नॉमिनेट नए वीबीजेपी के प्रमुख नेता हैं। मोदी के आगमन पर पार्टी कार्यकर्ता ‘मोदी जी’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगे। निजीकरण का दस्तावेज़ शुरू हुआपीएम मोदी ने अपनी किताब में कहा, आज का ये दिन, ऐतिहासिक है, अदृश्य है, जब युवाओं की साधना में कमी है, चेहरे पर जो खुशी होती है, वो मैं बीजेपी कार्यकर्ता पर देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता होने के नाते मैं बीजेपी के हर कार्यकर्ता की खुशी में शामिल हूं. आज का ये दिन कई मायनों में खास है.. ये देश के भविष्य के उद्घोष का दिन है. यह मान्यता का दिन है. उन्होंने पांचों जिलों का निर्धारण किया। मैं बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल की जनता को नमन करता हूं। दुनिया ने देखा भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों है-पीएम मोदीजय परजय प्रजातंत्र का स्वभाव तो होता है, लेकिन पाँचवीं प्रजातंत्र की जनता ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि ये लोकतंत्र के भारतमाता क्यों हैं? लोकतंत्र के लिए हमारे पास सिर्फ एक तंत्र नहीं है। यह हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है। आज सिर्फ भारत का लोकतंत्र ही नहीं जीत पाया है. आज भारत का संविधान भी जीता है. हमारी सांस्थानिक संस्थाएं संचालित होती हैं। पीएम मोदी ने कहा, हमारी लोकतांत्रिक तानाशाही हैं। पश्चिम बंगाल में करीब 93 प्रतिशत मतदान हुआ, अपने आप में ऐतिहासिक है। असम, तमिल, पुडुचेरी और केरलम में भी मतदान के नए रिकॉर्ड बने हैं। इसमें भी महिलाओं की भागीदारी बहुत ज्यादा रही है. यह भारतीय लोकतंत्र की सबसे उजली ​​तस्वीर बन रही है। मैं आज चुनाव आयोग और उसके सभी कर्मचारी भाई-बहनों को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मां गंगा ने मुझे बुलाया है- मोदीअपनी समीक्षा के दौरान मोदी ने कहा कि 2013 में जब बीजेपी ने मुझे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में काम दिया और काशी में नामांकित किया.. ना मैं आया हूं। ना किसी ने मुझे भेजा है.. माँ गंगा ने मुझे बुलाया है. उन्होंने कहा कि गंगा जी के साथ ब्रह्मपुत्र का आशीर्वाद है। पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत से आज बंगाल भय मुक्त हो गया है और विकास के विश्वास से युक्त हो गया है.

कटहल की सब्जी रेसिपी: नॉनवेज नहीं खाते हैं तो घर में बनाएं पक्की चटपटी कटहल की सब्जी, बच्चों को भी आएगी पसंद; नोट करें सबसे आसान तरीका

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 500 बड़े कच्चे ग्राम कटहल, 2 प्याज, 2 टमाटर, 1 बड़ा अदरक-लहसुन पेस्ट, 2 बड़ा दही, 3 बड़ा मसाला हल्दी का तेल, 1 तेजपत्ता, छवि: फ्रीपिक 1 छोटा चम्मच जीरा, ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, नमक का स्वाद, हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले कटहल को चुटकी बजाते हुए छोटी सी कटिंग लें। हाथों में तेल लगा लिया ताकि छड़ी हट न लगे। अब इसे देखें सा-नमकीन कुकर में 1-2 शहर आने तक स्टुअर्ट लें। छवि: एआई मसालों का तेल गर्म करें। इसमें जीरा और तेजपत्ता शामिल है। फिर होता है मोनोलैम्बी सोलोमन्स सोमाथ तक। अब इसमें अदरक-लहसुन पेस्ट और जोसेफ आने तक शामिल हैं। छवि: फ्रीपिक फिर टमाटर मशीनरी तब तक लगे जब तक मसाला तेल निकल न जाए। अब हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक का मिश्रण बनाएं। फिर दही संग्रहालय 2-3 मिनट. छवि: फ्रीपिक अविश्वसनीय कटहल किट और बाकी के साथ अच्छे से स्टॉक। 5-7 मिनट तक नॉमिनल पर स्केल, मसाला अच्छी तरह से चढ़ा जाए। अंत में गरम मसाला डालें और ऊपर से हरा धनिया मॉड्यूल गैस बंद कर दें। छवि: एआई गरमा-गरम कटहल की सब्जी को रोटी या चावल के साथ गरमा गरम परोसें। इसका स्वाद इतना शानदार होता है कि हर कोई उंगली चाटता रहेगा। अगर आप इसे और ज्यादा रिच बनाना चाहते हैं, तो थोड़ा सा घी भी डाल सकते हैं. छवि: एआई प्रत्येक अपने स्वाद के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं। कटहल को अधिकांश न लेबलें, अन्यथा वह टूट सकती है। कटहल की ये चटपटी सब्जी ना सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि क्लासिक भी है। छवि: फ्रीपिक

बंगाल चुनाव के बीच एक्टर बोले- मैं बंगाली नहीं:वीर दास ने बताई असली पहचान; कहा- मैं आधा यूपी और आधा बिहार से हूं

बंगाल चुनाव के बीच एक्टर बोले- मैं बंगाली नहीं:वीर दास ने बताई असली पहचान; कहा- मैं आधा यूपी और आधा बिहार से हूं

एक्टर और स्टैंड-अप कॉमेडियन वीर दास ने बंगाल चुनाव नतीजों के बीच साफ कर दिया है कि वह बंगाली नहीं हैं। दरअसल, वीर दास के सरनेम की वजह से बहुत से लोग उन्हें बंगाली समझते हैं। बंगाल से जुड़ी किसी भी घटना पर लोग उन्हें सोशल मीडिया पर टैग करने लगते हैं। इस बीच वीर दास ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X (ट्विटर) पर अपनी पहचान को लेकर लिखा कि अक्सर बंगाल में कुछ भी होने पर लोग उन्हें टैग करके पूछते हैं कि ‘देखो तुम्हारे बंगाल में क्या हो गया।’ लोग उन्हें बंगाल से जुड़ी हुई पोस्ट में टैग कर रहे थे। इस कन्फ्यूजन को खत्म करते हुए उन्होंने साफ किया कि भले ही उनके नाम के पीछे ‘दास’ लगा है, लेकिन उनका ताल्लुक बंगाल से नहीं है। यूपी-बिहार से है एक्टर का असली कनेक्शन अपनी पहचान बताते हुए वीर ने साफ किया कि वह असल में आधे उत्तर प्रदेश (UP) और आधे बिहार से हैं। वीर के सरनेम ‘दास’ की वजह से अक्सर उत्तर भारतीय और पूर्वी भारतीय राज्यों के बीच लोग कंफ्यूज हो जाते हैं। वीर ने साफ किया कि बंगाल की राजनीति या वहां की घटनाओं से उनका कोई सीधा पारिवारिक संबंध नहीं है। उन्होंने इस गलतफहमी को उस वक्त दूर करना सही समझा जब लोग उन्हें राजनीतिक बहसों में घसीट रहे थे। देहरादून में जन्म और विदेश में पढ़ाई वीर दास के शुरुआती जीवन की बात करें तो उनका जन्म साल 1979 में देहरादून में रानू दास और मधुर दास के घर हुआ था। उनका बचपन भारत के साथ-साथ नाइजीरिया में भी बीता। उनकी स्कूली शिक्षा द लॉरेंस स्कूल (सनावर) और दिल्ली पब्लिक स्कूल (नोएडा) से हुई। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने इलिनोइस के नॉक्स कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बैचलर डिग्री ली। आज वह न केवल एक सफल कॉमेडियन हैं, बल्कि एक्टर और डायरेक्टर भी बन चुके हैं।

दाओचिएर इमचेन कौन है? कोरिडांग उपचुनाव जीतने के बाद नागालैंड में बीजेपी के सबसे युवा विधायक | चुनाव समाचार

Mumbai Indians currently lie on ninth in the points table (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 19:03 IST चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 35 वर्षीय ने 7,317 वोट हासिल कर निर्दलीय उम्मीदवार तोशिकाबा को हराया, जिन्हें 4,194 वोट मिले थे। दाओचियर इमचेन दिवंगत भाजपा विधायक इमकोंग एल इमचेन के बेटे हैं, जो पांच बार विधायक रहे थे। कोरिडांग उपचुनाव 3,123 मतों के अंतर से जीतने के बाद भाजपा उम्मीदवार दाओचियर आई इमचेन 14वीं नागालैंड विधानसभा के सबसे कम उम्र के सदस्य के रूप में उभरे हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 35 वर्षीय ने 7,317 वोट हासिल कर निर्दलीय उम्मीदवार तोशिकाबा को हराया, जिन्हें 4,194 वोट मिले थे। उपचुनाव में बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिला, जिसमें इम्तिवापांग 3,633 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे और एनपीपी उम्मीदवार आई अबेनजांग को 3,219 वोट हासिल हुए। कांग्रेस उम्मीदवार टी चालुकुंबा एओ को केवल 144 वोट मिले, जबकि नोटा को 48 वोट मिले। इमचेन ने पूरी गिनती के दौरान लगातार बढ़त बनाए रखी, खासकर मैंग्मेटोंग और लोंगखुम जैसे प्रमुख क्षेत्रों में, जिससे उन्हें आरामदायक जीत हासिल करने में मदद मिली। यह भी पढ़ें: उपचुनाव नतीजे 2026: एनसीपी की सुनेत्रा पवार ने रचा इतिहास, बीजेपी ने जीती 4 सीटें, कांग्रेस को 2 सीटें विरासती सीट और राजनीतिक निरंतरता कोरीडांग उपचुनाव वर्तमान भाजपा विधायक इमकोंग एल इमचेन की मृत्यु के बाद आवश्यक हो गया था, जो दाओचियर इमचेन के पिता और पांच बार के विधायक भी थे। उनकी जीत को मोकोकचुंग जिले में उनके परिवार के लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक प्रभाव की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। नए विधायक को सत्तारूढ़ पीपुल्स डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) के सर्वसम्मति उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा गया है, जो गठबंधन सहयोगियों के समन्वित समर्थन को दर्शाता है। अपनी जीत के बाद आभार व्यक्त करते हुए इमचेन ने कहा कि जनादेश जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “सबसे पहले, मैं भगवान को उनके आशीर्वाद के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं इस जीत से बहुत विनम्र हूं, और मुझ पर विश्वास रखने के लिए कोरीडांग के लोगों को धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने यह कहते हुए अपने पिता के काम को आगे बढ़ाने की कसम खाई कि “उन्होंने अच्छा काम किया है। मैं इसे जारी रखने की पूरी कोशिश करूंगा।” नेताओं ने इमचेन को बधाई दी नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इमचेन को बधाई दी और कहा कि परिणाम पीडीए गठबंधन में जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “पीडीए गठबंधन में विश्वास जताने के लिए मतदाताओं का आभारी हूं, और गठबंधन के सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए सराहना करता हूं। हम नागालैंड की सर्वांगीण प्रगति के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित हैं।” पीडीए गठबंधन में विश्वास जताने के लिए मतदाताओं का आभारी हूं, और गठबंधन के सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए सराहना करता हूं। हम नागालैंड की सर्वांगीण प्रगति के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित हैं।- नेफ्यू रियो (@Neiphiu_Rio) 4 मई 2026 उपमुख्यमंत्री वाई पैटन ने भी संगठनात्मक एकता को श्रेय देते हुए जीत की सराहना की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “यह क्षण एकता और भविष्य के लिए एक साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है। मैं ईमानदारी से हमारे समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों की सराहना करता हूं, जिनकी जमीन पर प्रतिबद्धता हमारे मिशन को प्रेरित और आगे बढ़ाती रहती है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : नागालैंड, भारत, भारत समाचार चुनाव दाओचिएर इमचेन कौन है? कोरिडांग उपचुनाव जीतने के बाद नागालैंड में बीजेपी के सबसे युवा विधायक अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कोरिडांग उपचुनाव परिणाम(टी)दाओचियर आई इमचेन(टी)सबसे युवा नागालैंड विधायक(टी)कोरिडांग विधानसभा सीट(टी)नागालैंड उपचुनाव(टी)बीजेपी की जीत नागालैंड(टी)पीपुल्स डेमोक्रेटिक अलायंस(टी)मोकोकचुंग जिले की राजनीति

भारतीय जनता पार्टी ने रचा इतिहास, बनी पश्चिम बंगाल में पहली पार्टी… | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 18:20 IST पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026 में भाजपा: वामपंथियों ने 34 वर्षों तक बंगाल पर शासन किया, टीएमसी ने 15 वर्षों तक – कुल मिलाकर, 49 अटूट वर्षों तक भाजपा को बाहर रखा। 4 मई को वह दीवार एक झटके में गिर गई भाजपा पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: सीटें जीतना, वोट शेयर और राजनीतिक प्रभाव वह रिकॉर्ड जिसने यह सब शुरू किया: बंगाल पर विजय प्राप्त करने से बहुत पहले, भाजपा ने पहले ही कागज पर इतिहास बना दिया था। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में प्रमाणित किया – यहां तक ​​कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को भी पीछे छोड़ दिया – 2015 में 88 मिलियन सदस्यों और 2022 तक 170 मिलियन से अधिक सदस्यों के साथ। उस पैमाने की एक पार्टी हमेशा बंगाल में आने वाली थी। एकमात्र सवाल यही था कि कब। दस्तक के पीछे के आंकड़े: भाजपा की डिजिटल और संगठनात्मक मशीनरी – दुनिया में कहीं भी किसी भी राजनीतिक दल द्वारा बनाई गई सबसे बड़ी मशीनरी – ने बंगाल के बूथों, गलियों और मोहल्लों में चुपचाप प्रवेश करने में वर्षों बिताए। उसके लिए कोई गिनीज स्टिकर नहीं. लेकिन 4 मई को नतीजे किसी भी प्रमाणपत्र से ज़्यादा ज़ोर से बोले। बंगाल का अपना रिकॉर्ड: नतीजों से पहले ही बंगाल ने इतिहास रच दिया था. 2026 के चुनाव में दो चरणों में 92.47% मतदान हुआ – जो आज़ादी के बाद से राज्य में सबसे अधिक है, यहां तक ​​कि 2011 के ऐतिहासिक चुनाव को भी पीछे छोड़ दिया, जिसने 34 साल के वामपंथी शासन को समाप्त कर दिया। रिकॉर्ड मतदान. एक रिकॉर्ड फैसला. 34 + 15 + 6 = एक ऐतिहासिक स्वीप: गणित करें। वाम मोर्चे ने बंगाल पर 34 वर्षों तक शासन किया। ममता बनर्जी की टीएमसी 15 के साथ दूसरे स्थान पर रही। साथ में, 49 वर्षों का अखंड वाम-झुकाव वाला प्रभुत्व – एक राजनीतिक किला जिसने कभी भी केंद्र-दक्षिणपंथी पार्टी को अपने द्वार से गुजरने नहीं दिया। आज तक. अमित शाह का वादा: चुनाव प्रचार के दौरान, गृह मंत्री अमित शाह ने विशिष्ट सटीकता के साथ घोषणा की थी: “4 मई को, मतपेटियाँ सुबह 8 बजे खुलेंगी। दोपहर 1 बजे तक, दीदी सत्ता से बाहर हो जाएंगी – टाटा, अलविदा।” रैली के बाद रैली, रोड शो के बाद रोड शो – राज्य भर में लगभग 100 – शाह ने बंगाल को एक अभियान मुख्यालय की तरह चलाया, किसी प्रतियोगिता की तरह नहीं। यह दिखा. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया भारतीय जनता पार्टी ने रचा इतिहास, बनी पश्चिम बंगाल में पहली पार्टी… अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी पश्चिम बंगाल(टी)बीजेपी ने रचा इतिहास बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव जीता(टी)बीजेपी वोट शेयर बंगाल(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)बंगाल राजनीतिक समाचार(टी)चुनाव परिणाम बंगाल

नहाने के बाद बालों में तेल लगाते हैं आप? आज ही छोड़ दें यह आदत, वरना बाद में बहुत पछताएंगे

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Last Updated:May 04, 2026, 17:55 IST Oiling After Shower Side Effects: नहाने के तुरंत बाद गीले बालों में तेल लगाना बालों को नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि इस समय बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं. अधिकतर लोग यह गलती कर बैठते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार बेहतर है कि तेल नहाने से पहले लगाएं या बाल सूखने के बाद ही हल्की मात्रा में इस्तेमाल करें. गीले बालों में तेल लगाने से हेयर फॉल की समस्या बढ़ सकती है. Wet Hair Oiling Mistakes: अक्सर लोग नहाने के बाद बालों को तौलिया से पोंछते हैं और फिर इसके बाद ऑयल लगा लेते हैं. बालों में ऑयल लगाना एक पुरानी परंपरा है, जिसे आज भी तमाम लोग फॉलो करते हैं. क्या आप जानते हैं कि नहाने के तुरंत बाद बालों में तेल लगाना कई बार नुकसानदेह भी हो सकता है? ज्यादातर लोग यह सोचकर गीले बालों में तेल लगा लेते हैं कि इससे बाल ज्यादा मुलायम और चमकदार बनेंगे, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार यह आदत लंबे समय में बालों को कमजोर कर सकती है. इसलिए इस बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि बालों की समस्याओं से बचा जा सके. यूपी के कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया नहाने के बाद जब बाल गीले होते हैं, तब उनकी जड़ें और स्ट्रक्चर सबसे ज्यादा नाजुक होती हैं. इस समय बालों पर तेल लगाने से उनका वजन बढ़ जाता है, जिससे बाल खिंच सकते हैं और टूटने लगते हैं. खासकर अगर आप जोर से तेल लगाते हैं या कंघी करते हैं, तो हेयर फॉल की समस्या और बढ़ सकती है. यही कारण है कि गीले बालों में भारी प्रोडक्ट न लगाने की सलाह दी जाती है. डॉक्टर के मुताबिक गीले बालों में तेल लगाने से स्कैल्प पर गंदगी और धूल चिपकने का खतरा बढ़ जाता है. जब बाल पूरी तरह सूखे नहीं होते, तब तेल लगाने से स्कैल्प की सतह बंद हो सकती है, जिससे पसीना और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं. इससे डैंड्रफ, खुजली और स्कैल्प इंफेक्शन जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि नहाने के बाद बिल्कुल भी तेल नहीं लगाया जा सकता. अगर आपके बाल बहुत ज्यादा ड्राय या फ्रिजी हैं, तो आप हल्की मात्रा में तेल या सीरम लगाएं. एक्सपर्ट का मानना है कि बालों में तेल लगाने का सबसे सही समय नहाने से पहले होता है. इससे तेल स्कैल्प में अच्छे से अवशोषित होता है और बालों को गहराई से पोषण मिलता है. आप नहाने से 30 से 40 मिनट पहले हल्के हाथों से तेल लगाकर मसाज करें और फिर शैंपू कर लें. इससे बाल मजबूत, मुलायम और हेल्दी बने रहते हैं. अगर आप अपने बालों को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो नहाने के तुरंत बाद गीले बालों में तेल लगाने की आदत छोड़ना ही बेहतर है. सही समय और सही तरीके से तेल लगाने से ही बालों को असली फायदा मिलता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

जोसेफ जीते, स्टालिन हारे: तमिलनाडु में ‘रूसी ट्विस्ट’ किताबों में से एक है | भारत समाचार

Palakkad reported a voter turnout of 79.22% this assembly elections.

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 17:27 IST जैसे-जैसे राजनीतिक नेता संख्याओं को अंतिम रूप देने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, सोशल मीडिया को संभावित गठबंधन गणित में एक हल्का-फुल्का “शीत युद्ध” संयोग मिल गया है। नवीनतम रुझानों के अनुसार टीवीके ने 111 सीटों पर बढ़त बनाकर इतिहास रच दिया है, जबकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक गठबंधन वर्तमान में 59 और 44 सीटों के बीच पीछे चल रहे हैं। (तस्वीरें: पीटीआई फ़ाइल) तमिलनाडु चुनाव 2026: 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव ने एक ऐतिहासिक “राजनीतिक ब्लॉकबस्टर” दिया है। आज अपने अंतिम चरण की गिनती के साथ, “थलपति” विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) राज्य के 50 साल के द्रविड़ एकाधिकार को तोड़ते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। जैसे-जैसे राजनीतिक नेता संख्याओं को अंतिम रूप देने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, सोशल मीडिया को संभावित गठबंधन गणित में एक हल्का-फुल्का “शीत युद्ध” संयोग मिल गया है। इंटरनेट इस समय “जोसेफ” और “स्टालिन” के एकजुट होने की संभावना के बारे में एक वायरल मीम से चर्चा में है। यह मज़ाक इस त्रिशंकु फैसले वाले नाटक में दो मुख्य पात्रों के पूरे नामों से उपजा है: विजय, जिसका पूरा नाम चन्द्रशेखरन जोसेफ विजय है, और एमके स्टालिन, जिसका नाम उनके पिता करुणानिधि ने सोवियत नेता जोसेफ स्टालिन के नाम पर रखा था। AX यूजर ने लिखा: “अगर जोसेफ (विजय) और स्टालिन (एमके) गठजोड़ करते हैं, तो तमिलनाडु सिर्फ एक राज्य नहीं रहेगा; इस पर रूस का शासन होगा। जोसेफ + स्टालिन = जोसेफ स्टालिन।” यदि जोसेफ और स्टालिन गठजोड़ के लिए जाते हैं, तो तमिलनाडु पर रूस का शासन होगा: जोसेफ + स्टालिन = जोसेफ स्टालिन। (खराब मजाक, क्षमा करें 🙃)- रामचन्द्रन एस (@रामचन्द्रनएस20) 4 मई 2026 जबकि वाक्य हास्यपूर्ण राहत प्रदान कर रहा है, राजनीतिक वास्तविकता कहीं अधिक तनावपूर्ण है। अपने अभियान के दौरान, विजय ने स्पष्ट रूप से द्रमुक को अपना “राजनीतिक दुश्मन” करार दिया, जिससे किसी भी वास्तविक दुनिया का “जोसेफ-स्टालिन” समझौता तमिलनाडु के इतिहास में सबसे अप्रत्याशित साजिश बन गया। एक अन्य उपयोगकर्ता, रमेश श्रीवत्स ने रूसी दृश्य के साथ “तमिलनाडु चुनाव अपडेट” पोस्ट किया। यह भी पढ़ें | तमिलनाडु ने अपने ‘जन नायकन’ का ताज पहनाया: कैसे विजय सरकार बना सके | 3 परिदृश्यों की व्याख्या 2026 तमिलनाडु चुनाव परिणाम नवीनतम रुझानों के अनुसार टीवीके ने 111 सीटों पर बढ़त बनाकर इतिहास रच दिया है, जबकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक गठबंधन वर्तमान में 59 और 44 सीटों के बीच पीछे चल रहे हैं। जब तक मतगणना के अंतिम दौर में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होता, तब तक विजय बहुमत के आंकड़े से पीछे रह सकते हैं और तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए अतिरिक्त संख्या की आवश्यकता होगी। इस अंतर को पाटने के लिए उनके कांग्रेस और अन्य छोटे दलों से हाथ मिलाने की प्रबल संभावना है। वैकल्पिक रूप से, वह संभावित रूप से एक समझौते की शर्त पर अन्नाद्रमुक का समर्थन मांग सकते हैं जिसमें भाजपा को शामिल नहीं किया जाएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया जोसेफ जीते, स्टालिन हारे: तमिलनाडु में ‘रूसी ट्विस्ट’ किताबों में से एक है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)टीवीके चुनाव परिणाम(टी)विजय चंद्रशेखरन जोसेफ(टी)एमके स्टालिन गठबंधन(टी)द्रविड़ एकाधिकार तमिलनाडु(टी)त्रिशंकु विधानसभा तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु गठबंधन सरकार

Health Tips: लू से बचाव में कितना कारगर है प्याज? जानिए एक्सपर्ट की सलाह और देसी उपाय

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Last Updated:May 04, 2026, 17:13 IST Heat Stroke Prevention Measures: जोधपुर सहित मरुस्थलीय क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी और लू का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है. ऐसे में पारंपरिक उपायों में प्याज का सेवन फिर चर्चा में है. चिकित्सकों के अनुसार, प्याज शरीर में पानी और लवण का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है. इसके साथ ही लोगों को अधिक तरल पदार्थ लेने, धूप से बचने और सुबह-शाम बाहर निकलने की सलाह दी गई है. ये देसी उपाय आज भी लू से बचाव में कारगर माने जा रहे हैं. ख़बरें फटाफट जोधपुर. मरुस्थलीय क्षेत्रों में पड़ रही तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच लोगों के स्वास्थ्य पर असर साफ नजर आने लगा है. ऐसे में पारंपरिक उपाय एक बार फिर चर्चा में हैं, जिनमें प्याज का सेवन खास तौर पर अहम माना जा रहा है. ग्रामीण और बुजुर्गों की मान्यता है कि गर्मी के दिनों में नियमित रूप से प्याज खाने से शरीर पर लू का असर कम पड़ता है. यही कारण है कि रेगिस्तानी इलाकों में आज भी लोग अपने भोजन में प्याज को प्रमुखता देते हैं. बढ़ते तापमान के बीच यह देसी उपाय लोगों के लिए राहत का साधन बनता दिख रहा है. डॉक्टर मोहन मकवाना ने जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है. प्याज के सेवन से शरीर में पानी और लवण का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा कम हो जाता है. इसके साथ ही उन्होंने सलाह दी कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो सिर को ढककर ही बाहर जाएं. गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये तरीका उन्होंने बताया कि दिन में निकलने के बजाय सुबह या शाम के समय बाहर निकलना अधिक सुरक्षित रहता है. अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे पानी, छाछ, नींबू पानी और अन्य पेय पदार्थों का सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है और लू से बचाव संभव होता है. विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा दोनों का संतुलन ही गर्मी से बचाव का बेहतर तरीका है. रेगिस्तानी इलाके में लंबे समय समय से अपनाए जा रहे हैं ये तरीके जहां एक ओर प्याज जैसे घरेलू उपाय शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाते हैं, वहीं दूसरी ओर नियमित रूप से पानी पीना और धूप से बचाव जैसे उपाय बेहद जरूरी हैं .रेगिस्तानी इलाकों में लंबे समय से अपनाए जा रहे ये तरीके आज भी उतने ही कारगर साबित हो रहे हैं. ऐसे में जरूरी है कि लोग इन सरल उपायों को अपनाकर खुद को और अपने परिवार को लू के खतरों से सुरक्षित रखें. About the Author deep ranjan दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jodhpur,Rajasthan