Monday, 28 Sep 2026 | 12:21 AM

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नारियल पानी vs गन्ने का रस: गर्मी में कौन है असली हाइड्रेशन किंग और किससे मिलेगी ज्यादा ताजगी और ताकत?

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Hydration Drinks: गर्मी शुरू होते ही शरीर जैसे खुद ही ठंडक की तलाश में लग जाता है. सड़क किनारे गन्ने के रस की मशीन हो या ठेले पर रखे ताजे नारियल-दोनों ही विकल्प हमें बार-बार अपनी तरफ खींचते हैं, लेकिन सवाल वही रहता है, आखिर इनमें से कौन सा पेय सच में शरीर को ज्यादा ठंडा और हाइड्रेट करता है? कई लोग स्वाद के आधार पर चुनाव करते हैं, तो कुछ लोग सेहत को ध्यान में रखते हैं, अगर आप भी कंफ्यूज हैं कि इस गर्मी में क्या पीना ज्यादा फायदेमंद रहेगा, तो यह तुलना आपको एक साफ जवाब देने में मदद करेगी. यहां हम दोनों ड्रिंक्स के फायदे, असर और सही इस्तेमाल को आसान भाषा में समझेंगे. 1. नारियल पानी: हल्का, ताज़ा और हाइड्रेशन का मास्टरनारियल पानी को अक्सर नेचुरल एनर्जी ड्रिंक कहा जाता है. इसमें पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को जल्दी पूरा करते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर भी डिहाइड्रेशन में इसे पीने की सलाह देते हैं. क्यों है खास?नारियल पानी पेट पर हल्का होता है और ज्यादा मीठा भी नहीं होता. इसलिए इसे पीने के बाद भारीपन महसूस नहीं होता. खासकर जब तेज धूप में बाहर से घर लौटते हैं, तो एक गिलास नारियल पानी शरीर को तुरंत राहत देता है. कई लोग वर्कआउट के बाद भी इसे पीना पसंद करते हैं, क्योंकि यह शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है. कब पीना बेहतर?सुबह खाली पेट या दिन में किसी भी समय नारियल पानी पी सकते हैं. यह उन लोगों के लिए भी अच्छा है जिन्हें ज्यादा मीठा या शुगर से बचना होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 2. गन्ने का रस: तुरंत एनर्जी का देसी फॉर्मूलागन्ने का रस गर्मियों में सबसे ज्यादा बिकने वाला ड्रिंक है. इसका मीठा स्वाद और ठंडा असर लोगों को तुरंत आकर्षित करता है. इसमें नेचुरल शुगर होती है, जो शरीर को झट से एनर्जी देती है. क्या हैं इसके फायदे?गन्ने का रस पीने से थकान तुरंत दूर हो जाती है, अगर आप लंबे समय तक धूप में रहे हैं या बहुत ज्यादा काम किया है, तो यह ड्रिंक आपको तुरंत ताकत देता है. इसमें कुछ मात्रा में फाइबर और मिनरल्स भी होते हैं, जो पाचन में मदद करते हैं. कब पीना सही?दोपहर के समय या जब आपको जल्दी एनर्जी चाहिए, तब गन्ने का रस अच्छा विकल्प है. हालांकि, ज्यादा मात्रा में पीने से शुगर का लेवल बढ़ सकता है, इसलिए संतुलन जरूरी है. हाइड्रेशन vs एनर्जी: असली मुकाबलाकौन ज्यादा हाइड्रेट करता है?अगर बात सिर्फ हाइड्रेशन की हो, तो नारियल पानी आगे निकल जाता है. इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को जल्दी हाइड्रेट करते हैं और पानी की कमी को संतुलित रखते हैं. कौन देता है ज्यादा ठंडक?दोनों ही ड्रिंक्स ठंडक देते हैं, लेकिन नारियल पानी ज्यादा हल्का और फ्रेश फील देता है. वहीं गन्ने का रस थोड़ा भारी हो सकता है, खासकर ज्यादा पीने पर. एनर्जी के मामले में कौन आगे?यहां गन्ने का रस जीतता है. इसमें मौजूद नेचुरल शुगर तुरंत एनर्जी देती है, जो नारियल पानी में कम होती है. रोजमर्रा की जिंदगी से एक उदाहरणमान लीजिए आप दोपहर में बाजार से लौटे हैं और बहुत थक गए हैं-ऐसे में गन्ने का रस आपको तुरंत राहत देगा. वहीं अगर आप पूरे दिन घर से बाहर हैं और बार-बार प्यास लग रही है, तो नारियल पानी ज्यादा बेहतर रहेगा. क्या सावधानियां रखें?दोनों ही ड्रिंक्स हेल्दी हैं, लेकिन हर चीज की तरह इन्हें भी लिमिट में लेना जरूरी है. खासकर डायबिटीज के मरीजों को गन्ने के रस से सावधान रहना चाहिए. वहीं नारियल पानी भी जरूरत से ज्यादा पीने पर इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगाड़ सकता है. किसे चुनें?अगर आपका फोकस हाइड्रेशन और हल्की ठंडक पर है, तो नारियल पानी बेहतर है, लेकिन अगर आपको तुरंत एनर्जी चाहिए, तो गन्ने का रस आपका साथी बन सकता है. सही चुनाव आपके शरीर की जरूरत और उस समय की स्थिति पर निर्भर करता है.

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 परिणाम: ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर में फिर से तूफान, टीएमसी का आरोप- ‘मजबूत कमरे के पास बीजेपी के झंडे वाली रैली’

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 परिणाम: ममता बनर्जी की सीट भवानीपुर में फिर से तूफान, टीएमसी का आरोप- 'मजबूत कमरे के पास बीजेपी के झंडे वाली रैली'

चुनाव समाचार: पश्चिम बंगाल में मातृभाषा का समय 24 घंटे से भी कम रह गया है। ऐसे में फिर से राज्य में क्रिसमस का नजारा देखने को मिला है. इस बार यह ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में हुआ है। आरोप है कि स्ट्रैंग रूम में डीजे वाली शोरूम का ताला खोल दिया गया। घटना इलाके के सखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल में हुई है। इस दौरान ममता बनर्जी चार घंटे तक फ्लैट पर रहीं। ममता ने बिना इजाजत जनता पर लगाया आरोप. राज्य में डॉक्यूमेंट्री के बीच सीक्वल मुकाबला देखने को मिल सकता है। क्योंकि डेवलपर की तरफ से स्ट्रैंग रूम की इबादत पर नज़र रखी जा रही है। उद्योगपति का आरोप- आर्मी जीप में बीजेपी का झंडा लगा थान्यूज एजेंसियों से बात करते हुए कार्यकर्ता ने कहा कि पुलिस अपना काम ठीक से कर रही थी। पुलिस तो साइकलों की भी जांच कर रही थी। एक कार के अंदर घुसेड़. हमने आर्मी जीप में बीजेपी का झंडा देखा. उसे बिना जांच के ही आगे बढ़ाया गया। हमारे इस पर डेमोक्रेसी. एक अन्य कार्यकर्ता ने बताया कि गाड़ी अंदर चली गई। वह एक सफेद रंग की गाड़ी थी। इसके आगे बीजेपी का लोगो लगा था. पीछे सेना ने लिखा था. पुलिस ने गाड़ी की जांच नहीं की. किसी भी गाड़ी को अंदर जाने की इजाज़त कैसे दी जा सकती है? ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव: बंगाल में बिधाननगर काउंटींग सेंटर के बाहर तूफान! टीएमसी-बीजेपी में हुई महंगाई, पुलिस ने की लाठियां चुनाव आयोग ने दी सफाई वहीं इस मामले में पूरे चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कार साहिब मुखर्जी रोड से गुजरात रही थी। आईडिया फ़ोर्स और पुलिस चेन्किंग के बाद कुछ भी स्ट्रेंथ न मिलने पर उनसे मुलाकात की गई। इधर, राज्य में कई जगहों पर इसी तरह स्ट्रांग रूम के बाहर कांस्टविंट का मौसम हो रहा है। सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी तृतीया 4 मई यानी सोमवार को फाल्टा जिले को राज्य की 293 वीं तिमाही पर छोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य जिलों के नतीजे भी आएंगे। प्रातः 8 बजे से मातृभाषा प्रारम्भ होगी। ये भी पढ़ें: कहानी की मार! दूध की दुकान में 4 रुपये की बढ़ोतरी, इस राज्य ने लिया बड़ा फैसला (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)कोलकाता(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल परिणाम 2026(टी)ताजा समाचार(टी)अपडेट समाचार(टी)टीएमसी कार्यकर्ताओं ने सफेद कार पर बीजेपी लोगो का आरोप लगाया(टी)ममता बनर्जी विरोध(टी)भवानीपुर विधानसभा चुनाव(टी)स्ट्रांग रूम भवानीपुर(टी)कोलकाता समाचार(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)कोलकाता(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026(टी)ताजा खबरें(टी)अपडेट(टी)टीएमसी सोसायटी का आरोप – सफेद कार पर बीजेपी के लोगो(टी)ममता बनर्जी का विरोध प्रदर्शन(टी)भवानीपुर विधानसभा चुनाव(टी)भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम(टी)कोलकाता समाचार

मैंगो रसमलाई रेसिपी: गर्म में ठंडा खाने का क्या है मन? बाजार से नहीं घर पर असली मैंगो रसमलाई, सब पूछेंगे सीक्रेट रेसिपी

तस्वीर का विवरण

आवश्यक सामग्री: 1 लीटर फुल क्रीम दूध, 2-3 चम्मच चम्मच आम, 2-3 बड़े चम्मच नींबू का रस या सिरका, 4-5 बड़े चम्मच चीनी, 4-5 इलायची पाउडर, सीधे से केसर के टुकड़े, कटे हुए पिस्ता और बादाम छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले दूध को लेबल लें। जब दूध के मसाले लगें, तब गैस के मिश्रण और मसाले का रस डालें। दूध वसा और छेना अलग हो जाएगा। छवि: फ्रीपिक अब इसे कपड़ों में अच्छे से ठंडा पानी से धो लें और 20-25 मिनट के लिए लटकाएं ताकि पानी निकल जाए। चेना को अच्छे से मसलकर दोस्त कर लें। अब छोटे-छोटे गोल या चपटी टिक्की जैसा आकार। छवि: फ्रीपिक एक पैन में पानी और थोड़ा सा चीनी स्टाॅकलिस्ट। इसमें गोले तैयार करें और 10-12 मिनट तक का समय लें। ये फूल जाएंगे और मुलायम हो जाएंगे। छवि: फ्रीपिक दूसरे पैन में दूध के टुकड़े और उसे छोटे नीले रंग का होना। इसमें चीनी, कालीमिर्च पाउडर और आम का पल्प शामिल है। 2-3 मिनट का समय। अब चाशनी से गोल प्लास्टिक पोर्टेबल और मैंगो मिल्क दाल में डाल दीजिए. छवि: एआई ऊपर से केसर और गिटार ऑर्केस्ट्रा शामिल हैं। रसमलाई को 2-3 घंटे के लिए फ़रिश्ता में ठंडा होने दें। अनोखा-ठंडी मैंगो रसमलाई सर्व कर सकते हैं। हर बेबी में आम का फ्लेवर और मलाई की सॉफ्टनेस आपको खुश कर देगी। छवि: एआई रसमलाई को हमेशा के लिए बनाकर इसका उपयोग कर लें। छैना हेल्थकेयर लॉजिस्टिक होगा, रसमलाई बिल्कुल ही मुलायम होगी। अधिकांश कच्चे दूध का स्वाद और समृद्ध रचनाएँ हैं। छवि: एआई अब जब भी आपका मन कुछ मीठा और ठंडा खाने का है, तो बाहर से चखने की बजाय घर पर ये आसान आम रसमलाई जरूर ट्राई कर सकते हैं। सब आपके पसंदीदा होंगे और रेसिपी भी पूछेंगे। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट) मैंगो रसमलाई रेसिपी(टी) रसमलाई रेसिपी(टी) मैंगो रसमलाई(टी)घर पर रसमलाई कैसे बनाएं(टी)मैंगो डिश(टी)मैंगो रसमलाई रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन डिश(टी)कूलिंग डिश

गर्मियों में बड़े करामाती होते हैं ये हर्बल पौधे, लू और धूप का सबसे कारगर उपाय, डॉक्टर से जानें फायदे

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X गर्मियों में बड़े करामाती होते हैं ये हर्बल पौधे, लू और धूप का सबसे कारगर उपाय   गर्मी में तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के बीच शरीर को ठंडा और स्वस्थ बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू से बचने के लिए हर्बल पौधे सबसे कारगर और प्राकृतिक उपाय हैं. आयुर्वेद में इन पौधों का उपयोग सदियों से होता आ रहा है और इनका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता. खास बात यह है कि इन्हें आप अपने घर के गमलों या छोटे बगीचे में आसानी से उगा सकते हैं.  न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

राजा शिवाजी ने 2 दिन में कमाए 21 करोड़:अक्षय की 'भूत बंगला' 200 करोड़ पार, धुरंधर 2 से पिछड़ी जुनैद की एक दिन

राजा शिवाजी ने 2 दिन में कमाए 21 करोड़:अक्षय की 'भूत बंगला' 200 करोड़ पार, धुरंधर 2 से पिछड़ी जुनैद की एक दिन

बॉक्स ऑफिस पर इस समय रितेश देशमुख की ऐतिहासिक फिल्म ‘राजा शिवाजी’ ने मराठी बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ शुरुआत की है। वहीं, अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ ने वर्ल्डवाइड 200 करोड़ का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है। दूसरी तरफ, जुनैद खान और साई पल्लवी की फिल्म ‘एक दिन’ ने बहुत धीमी शुरुआत की है। मराठी सिनेमा में रितेश ने रचा इतिहास रितेश देशमुख ने ‘राजा शिवाजी’ के साथ मराठा योद्धा की वीरता को बड़े पर्दे पर उतारा है। मराठी और हिंदी में रिलीज हुई इस फिल्म ने दो दिनों में ही भारत में 21.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर लिया है। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने अकेले मराठी भाषा में दो दिनों में 15 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। शुक्रवार को 8 करोड़ की ओपनिंग के साथ यह मराठी सिनेमा की सबसे बड़ी ओपनर फिल्म बन गई थी। शनिवार को फिल्म ने मराठी में 7.15 करोड़ रुपए बटोरे। हिंदी वर्जन को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। पहले दिन हिंदी में फिल्म ने 3.35 करोड़ कमाए थे, वहीं दूसरे दिन यह आंकड़ा 3.40 करोड़ रुपए रहा। फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन अब 26.06 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ‘भूत बंगला’ का 200 करोड़ क्लब में अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ ने अपना दूसरा सप्ताह शानदार तरीके से पूरा किया है। फिल्म ने 16वें दिन 4.35 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका भारत में कुल नेट कलेक्शन 137 करोड़ रुपए हो गया है। वर्ल्डवाइड मार्केट में अक्षय की फिल्म ने 217.73 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। लंबे समय बाद अक्षय कुमार की किसी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इस तरह की मजबूती दिखाई है। फिल्म ‘एक दिन’ की धीमी शुरुरात आमिर खान के बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी की फिल्म ‘एक दिन’ बॉक्स ऑफिस पर सुस्त है। निगेटिव रिव्यूज और ठंडी प्रतिक्रिया के कारण दूसरे दिन फिल्म की कमाई बढ़ने के बजाय गिर गई। शनिवार को फिल्म ने महज 1 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। दो दिनों में फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन सिर्फ 2.82 करोड़ रुपए रहा है। फिल्म को ‘राजा शिवाजी’ और ‘धुरंधर 2’ जैसी फिल्मों से कड़ी टक्कर मिल रही है। 45वें दिन भी ‘धुरंधर 2’ की कमाई बरकरार हैरानी की बात यह है कि 45 दिन पहले रिलीज हुई ‘धुरंधर 2’ अब भी नई फिल्मों को मात दे रही है। शनिवार (45वें दिन) फिल्म ने 2.28 करोड़ की कमाई की। इस फिल्म का अब तक का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1788.32 करोड़ रुपए हो गया है।

गर्मी में डिहाइड्रेशन का हो गए हैं शिकार, ORS समेत इन 5 चीजों का करें सेवन, शरीर में वापस आएगी एनर्जी

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Last Updated:May 03, 2026, 15:44 IST Tips To Recover from Dehydration: गर्मी में डिहाइड्रेशन सबसे कॉमन समस्या है और इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है. डॉक्टर्स की मानें तो डिहाइड्रेशन का शिकार होने पर लोगों को ORS, नारियल पानी और नींबू पानी पीना चाहिए. बैलेंस्ड डाइट अपनाकर भी इस समस्या से निजात मिल सकती है. बच्चों के लिए डिहाइड्रेशन ज्यादा खतरनाक है. गर्मी में डिहाइड्रेशन दूर करने के लिए ORS का सेवन करना चाहिए. Dehydration Prevention Tips: देश के कई राज्यों में इस वक्त भीषण गर्मी पड़ रही है. कुछ जगहों पर तापमान 45 के पार हो गया है और तेज धूप से लोगों का बुरा हाल हो गया है. गर्मी का सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है और तमाम लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं. जब हमारे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, तब इस कंडीशन को डिहाइड्रेशन कहा जाता है. यह एक कॉमन कंडीशन है, लेकिन वक्त रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो गंभीर समस्या बन सकती है. डिहाइड्रेशन से अत्यधिक थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचना जरूरी है. अगर आप डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाएं, तो वक्त रहते सही कदम उठाएं. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया डिहाइड्रेशन एक गंभीर समस्या है, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती है. सीवियर डिहाइड्रेशन के कारण किडनी फेलियर, ब्रेन डैमेज, हीटस्ट्रोक और बेहोशी जैसी परेशानियां हो सकती हैं. सही समय पर इलाज न मिलने पर यह कंडीशन जानलेवा भी हो सकती है. गर्मियों में डिहाइड्रेशन की चपेट में अधिकतर लोग आ जाते हैं. अगर किसी व्यक्ति को अत्यधिक प्यास लगे, मुंह सूखने लगे, सांस फूलने लगे, दिल की धड़कन तेज हो जाए और 8 घंटे से ज्यादा समय तक पेशाब न आए, तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इलाज कराना चाहिए. ये सभी डिहाइड्रेशन के वॉर्निंग साइन होते हैं. डिहाइड्रेशन का शिकार होने पर क्या करें? डॉक्टर ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को डिहाइड्रेशन के लक्षण महसूस हों, तो सबसे पहले उसे ठंडी जगह पर जाकर आराम करना चाहिए. तुरंत पानी पीना शुरू करें, लेकिन एकदम से बहुत ज्यादा पानी न पिएं, बल्कि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार पानी लें. शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन यानी ORS पीना सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है. ORS शरीर में पानी के साथ-साथ जरूरी साल्ट की पूर्ति करता है और जल्दी राहत देता है. बाजार में मिलने वाले WHO रिकमेंडेड फॉर्मूला वाले ORS पैकेट को पानी में घोलकर पीना एक सुरक्षित और आसान तरीका है. ORS के अलावा किन चीजों से दूर होगी समस्या? एक्सपर्ट के मुताबिक अगर आपके पास ORS न हो, तो प्राकृतिक तरीके से भी इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई की जा सकती है. नारियल पानी गर्मियों में सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक है, क्योंकि इसमें पोटैशियम, सोडियम और अन्य मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. इसके अलावा नींबू पानी, छाछ और ताजा फलों के जूस भी शरीर को तरोताजा रखते हैं और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं. फल और सब्जियां भी डिहाइड्रेशन से बचाने में अहम भूमिका निभाती हैं. तरबूज, खरबूजा, खीरा, संतरा और पपीता जैसे फलों में पानी की मात्रा अधिक होती है और ये शरीर को हाइड्रेट रखते हैं. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए क्या करें? डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार गर्मियों में डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन इससे बचाव किया जा सकता है. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए धूप में बाहर न निकलें. अगर बाहर जाना पड़े, तो घर से निकलते समय पानी की बोतल अपने साथ रखें. हल्के और ढीले कपड़े पहनें और धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचें. थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे. सही खानपान और सतर्कता के साथ आप गर्मी के मौसम में खुद को स्वस्थ और हाइड्रेटेड रख सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

‘जो समाज में नहीं आता, वो तो आतंकवादी होता है’:कपिल के शो में सुनील पाल का समय रैना पर तंज, समय ने दिया मजेदार जवाब

‘जो समाज में नहीं आता, वो तो आतंकवादी होता है’:कपिल के शो में सुनील पाल का समय रैना पर तंज, समय ने दिया मजेदार जवाब

समय रैना और रणवीर अलाहबादिया वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर द ग्रेट इंडियन कपिल शो के एक स्पेशल एपिसोड में गेस्ट के तौर पर आए, जहां सुनील पाल के समय को ‘कॉमेडी का आतंकवादी’ कहने वाला मुद्दा उठा। शनिवार को टेलीकास्ट हुए इस एपिसोड में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद के बाद समय और रणवीर पहली बार किसी शो में साथ नजर आए। इस शो में बाद में सुनील पाल की भी एंट्री हुई। शो के दौरान कपिल ने कहा कि जब भी सुनील भाई स्टेज पर आते हैं, वो कहते हैं, मैं सुनील पाल, कॉमेडी का लाल और यह समय को कॉमेडी का आतंकवादी कहते हैं। ऐसा कौन सा आपने इनको मुंह से ग्रेनेड फेंकते देखा लिया है? कुछ विचार व्यक्त करें। इस पर सुनील पाल ने कहा, ‘कपिल भाई, अगर ये मुंह से ग्रेनेड मार देते तो अच्छा था, लेकिन जो ये मारते हैं वो सहा नहीं जाता। जो समझ में नहीं आता वो समाज में नहीं आता और जो समाज में नहीं आता, वो तो आतंकवादी ही होता है ना?’ समय ने मजेदार जवाब दिया कुछ देर बाद सुनील पाल को मजेदार जवाब देते हुए समय ने कहा, ‘इनको मुझसे इतनी ही दिक्कत है कि मैं क्या कहूं, मुंह से ग्रेनेड मारता हूं, मैं क्या बोलूं, बताइए जो भी दिक्कत है।’ समय ने आगे कहा, ‘मैं मेले में परफॉर्म नहीं करता हूं, मैं उल्टी-सीधी बातें करता हूं। मुझे आपसे कोई दिक्कत नहीं सर, बस एक ही है, आप ब्रश क्यों नहीं करते हो यार?’ इसके बाद सुनील ने भी उसी लहजे में जवाब देते हुए कहा कि ब्रश करने का जमाना चला गया, मैं पॉलिश करके आया हूं।

गर्मी में थकान से हैं परेशान? किसी भी ड्रिंक में मिलाइए ये पावर बूस्टर जेली, तेज धूप में भी शरीर रहेगा एक्टिव

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Last Updated:May 03, 2026, 15:31 IST Health News: गोंद कतीरा एक प्राकृतिक गोंद है जो पेड़ों से प्राप्त होता है और इसे भिगोने के बाद इसका रूप जेली जैसा हो जाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करता है. जब इसे शरबत, दूध या नींबू पानी जैसे ड्रिंक्स में मिलाकर पिया जाता है, तो शरीर के अनेकों फायदे देता है.  ऋषिकेश: गर्मी का मौसम आते ही शरीर पर इसका असर साफ दिखाई देने लगता है. तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन की वजह से अक्सर लोग थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस करने लगती है. ऐसे में शरीर को ठंडा और एनर्जेटिक बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है. यही कारण है कि इस मौसम में लोग तरह-तरह के ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं. अगर आप इन ड्रिंक्स के फायदे को और ज्यादा बढ़ाना चाहते हैं, तो एक छोटा सा देसी उपाय आपकी काफी मदद कर सकता है और वो है गोंद कतीरा. सदियों से इस्तेमाल किया जाने वाला यह प्राकृतिक तत्व गर्मी से राहत देने के लिए जाना जाता है और आज भी यह उतना ही असरदार है. शरीर को अंदर से रखता है ठंडालोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ. राजकुमार (आयुष) ने बताया कि गोंद कतीरा एक प्राकृतिक गोंद है, जो पेड़ों से प्राप्त होता है और इसे भिगोने के बाद इसका रूप जेली जैसा हो जाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करता है. जब इसे शरबत, दूध या नींबू-पानी जैसे ड्रिंक्स में मिलाकर पिया जाता है, तो यह न सिर्फ उस ड्रिंक का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि उसके पोषण गुणों को भी कई गुना बढ़ा देता है. गर्मी में होने वाली थकान का मुख्य कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होना है. गोंद कतीरा इस कमी को पूरा करने में मदद करता है और शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखता है. दिनभर शरीर रहता है एक्टिवइसके अलावा, गोंद कतीरा में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने का काम करते हैं. जो लोग जल्दी थक जाते हैं या जिनमें कमजोरी महसूस होती है, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में स्टैमिना बढ़ता है और दिनभर एक्टिव रहने में मदद मिलती है. खास बात यह है कि यह पूरी तरह से नेचुरल है और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता, बशर्ते इसे सही मात्रा में लिया जाए. पाचन तंत्र के लिए भी गोंद कतीरा काफी फायदेमंद माना जाता है. गर्मियों में अक्सर लोगों को पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज या अपच की शिकायत हो जाती है. ऐसे में गोंद कतीरा इन समस्याओं को कम करने में मदद करता है और पाचन को बेहतर बनाता है. यह आंतों को शांत करता है और शरीर को अंदर से संतुलित रखने में सहायक होता है. इसके साथ ही यह शरीर की गर्मी को कम करता है, जिससे हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा भी कम हो जाता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

बड़े प्रोजेक्ट्स:‘तुम्बाड 2’ में हुई आलिया की सरप्राइज एंट्री, आखिरी फेज में है स्पाई ड्रामा ‘अल्फा’

बड़े प्रोजेक्ट्स:‘तुम्बाड 2’ में हुई आलिया की सरप्राइज एंट्री, आखिरी फेज में है स्पाई ड्रामा ‘अल्फा’

आलिया भट्ट इस समय अपने करियर के बेहद व्यस्त और दिलचस्प दौर से गुजर रही हैं। एक के बाद एक बड़े प्रोजेक्ट्स के बीच अब उनके नाम एक और सरप्राइज जुड़ गया है। खबर है कि वह कल्ट क्लासिक फिल्म ‘तुम्बाड’ के सीक्वल ‘तुम्बाड 2’ में खास भूमिका निभाने जा रही हैं। हालांकि यह रोल कैमियो बताया जा रहा है, लेकिन इसकी अहमियत कहानी में काफी बड़ी मानी जा रही है, क्योंकि उनका किरदार फिल्म के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर नजर आएगा। आलिया ने मुंबई के मड आइलैंड में दो दिनों की शूटिंग पूरी कर ली है। फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि मेकर्स को एक ऐसे चेहरे की जरूरत थी, जो कम स्क्रीन टाइम में भी कहानी में गहराई और रहस्य जोड़ सके। आलिया इस भूमिका के लिए एकदम फिट मानी गईं, क्योंकि उनकी स्क्रीन प्रेजेंस मजबूत है और वह छोटे रोल में भी बड़ा प्रभाव छोड़ने की क्षमता रखती हैं। यही वजह है कि उनका यह कैमियो ‘तुम्बाड 2’ के नैरेटिव में खास महत्व रखेगा। ‘लव एंड वॉर’ में आलिया भी सैनिक के रोल में हैं ‘लव एंड वॉर’ में आलिया के साथ रणबीर कपूर और विकी कौशल हैं। सूत्रों के अनुसार, आलिया इस फिल्म में एक जांबाज सैनिक के रूप में नजर आएंगी। उनके करियर में यह पहली बार होगा जब वह युद्ध की पृष्ठभूमि वाली फिल्म में इस तरह का सशक्त किरदार निभाएंगी। फिल्म की शूटिंग फिलहाल मुंबई में चल रही है, जहां भारतीय सेना के विभिन्न विभागों, मेस और कल्चरल एक्टिविटीज को बड़े पैमाने पर फिल्माया गया है। भंसाली इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद संजीदा हैं। उन्होंने एक्टर्स से लंबी डेट्स ली हैं। महू स्थिति आर्मी बेस कैंप में भी होगी ‘लव एंड…’ के कई हिस्सों की शूटिंग बताया जा रहा है कि ‘लव एंड वॉर’ की लंबाई भी लगभग सवा तीन घंटे होने की संभावना है। पहले इस फिल्म के लिए इटली में 45 दिनों का एक भव्य शूटिंग शेड्यूल तय किया गया था, लेकिन बाद में लॉजिस्टिक चुनौतियों के चलते इसे रद्द करना पड़ा। भंसाली ने इसका तोड़ निकालते हुए मुंबई के गोरेगांव स्थित रॉयल पाम्स के पास ही एक विशाल सेट तैयार करवाया है। फिल्म के ‘वॉर’ वाले बैकड्रॉप के लिए मध्य प्रदेश के महू स्थित ब्रिटिश काल के आर्मी बेस कैंप का भी चयन किया गया है। ‘अल्फा’ में है स्पाई अवतार, एक्शन में दिखेगा एक नया अंदाज इसके अलावा आलिया की ‘अल्फा’ भी चर्चा में है, जिसमें वह एक स्पाई के रोल में दिखेंगी। इसके लिए उन्होंने खास ट्रेनिंग ली है और कई एक्शन सीक्वेंस भी शूट किए हैं। फिल्म की शूटिंग अब अंतिम दौर में है और आलिया अपना मुख्य हिस्सा शूट कर चुकी हैं। ‘अल्फा’ के अनुभव ने आलिया को ‘लव एंड वॉर’ में काफी मदद की है।

कानपुर में बढ़ता कैंसर का खतरा, तंबाकू और खराब लाइफस्टाइल बना रहे मुंह और पेट को निशाना, बढ़ रही मरीजों की संख्या

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Last Updated:May 03, 2026, 15:03 IST Kanpur News: कानपुर में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉ. चमन कुमार वनवानी के अनुसार, शहर में मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू उत्पाद है. गुटखा, पान मसाला और स्मोकिंग की आदत लोगों को धीरे-धीरे इस गंभीर बीमारी की ओर धकेल रही है. कानपुर: कानपुर में मुंह (Oral) और पेट के कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है. डॉक्टरों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह कैंसर शुरुआती स्टेज में पकड़ में नहीं आता. मरीजों को जब तक गंभीर दिक्कतें शुरू नहीं होतीं, तब तक वे डॉक्टर के पास नहीं जाते. इसी वजह से अधिकतर मामलों में बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है. डॉ. चमन कुमार वनवानी के अनुसार, शहर में मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू उत्पाद है. गुटखा, पान मसाला और स्मोकिंग की आदत लोगों को धीरे-धीरे इस गंभीर बीमारी की ओर धकेल रही है. वहीं पेट के कैंसर के पीछे जंक फूड, तला-भुना खाना, अनियमित खानपान और खराब लाइफस्टाइल बड़ी वजह बन रहे हैं. डॉक्टर बताते हैं कि लगातार रहने वाले मुंह के छाले, सफेद या लाल धब्बे, निगलने में दिक्कत या पेट में लंबे समय तक रहने वाली समस्या को नजर अंदाज करना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और जागरूकता ही बचाव का रास्ताडॉ. सुरेंद्र कुमार दबस का कहना है कि इन कैंसर की सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोग शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते. अगर समय-समय पर हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग कराई जाए तो बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है और इलाज आसान हो जाता है. वहीं डॉ. हिमांशु शुक्ला बताते हैं कि आज के समय में रोबोटिक सर्जरी और नई तकनीकों की मदद से कैंसर का इलाज पहले से ज्यादा सुरक्षित और असरदार हो गया है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि मरीज समय पर डॉक्टर तक पहुंचे. कानपुर में तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और गलत खानपान की आदतें इस खतरे को और बढ़ा रही हैं. खासकर युवा वर्ग में गुटखा और फास्ट फूड का बढ़ता चलन आने वाले समय में और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. मुंह और पेट के कैंसर का बड़ा केंद्र डॉक्टरों का साफ कहना है कि अगर अभी से सावधानी नहीं बरती गई, तो कानपुर मुंह और पेट के कैंसर का बड़ा केंद्र बन सकता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तंबाकू से दूरी बनाना, संतुलित आहार लेना, समय पर खाना और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजर अंदाज न करना ही इस बीमारी से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh