बागल में रिपोलिंग के दौरान साइंटिस्ट स्टाफ, भड़के शुभेंदु अधिकारी बोले- लोकतंत्र का भविष्य क्या है…

पश्चिम बंगाल विधानसभा क्षेत्र में नामांकन के नेता और भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को पिघला और दासपुर क्षेत्र में विधानसभा के दिन सामुहिक कार्यकर्ताओं को दृढ़ संकल्पित करने के लिए चिंता का विषय बना दिया। उन्होंने नामांकन में नामांकन का आरोप लगाया और चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। साहित्यिक संस्था के लिए संवैधानिक संस्था पर उठे सवाल एक पोस्ट में अधिकारी ने लिखा, “क्या लोकतंत्र के भविष्य के अनुरूप कर्मचारियों के हाथों में शामिल किया जा रहा है? यह एक गंभीर चिंता का विषय है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता पर सीधा हमला है। 227-पिंघला एसी और 230-दासपुर एसी के लिए जारी शब्दावली सिद्धांतों को देखने के लिए मैं स्तब्ध हूं, जहां लोकतंत्र के लिए बड़ी संख्या में ठोस और कमजोर कर्मचारियों को जारी किया गया है।” उन्होंने जिबिका के सेवकों, सहायकों और सांकेतिक मतदान अधिकारियों की गिनती के लिए बाजीगरी के प्रश्न पूछे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि मठ, वीवीपीएटी और डाक मतपत्रों को अचयनित किया जाता है जैसे कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी, जिबिका सेवकों और सहायकों को कैसे चिह्नित किया जा सकता है? ये पद स्वाभाविक रूप से राजनीतिक दबाव के प्रति संवेदनशील होते हैं। विवरण से पता चलता है कि महत्वपूर्ण अभिलेखों के लिए सूचीबद्ध कर्मचारियों पर भरोसा किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टीएमसी का पहला विरोध, ममता बनर्जी के सबसे बड़े नेता बोले-साला स्टालिन के लिए… ‘मतगणना में सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा’उन्होंने आगे कहा कि पिंघला ऐस (227), बिपालेंदु बेरा (जेएसी), शंकर हिल (जेएसी) और नबा कुमार एपिक (बीएलएस) जैसे बेसिक स्टाफ़निक टीम शामिल हैं। यहां तक कि ‘रिज़र्व टैगिंग’ में भी बबला जैसे स्टाफ लगे हुए हैं। अन्य होटलों और यहां तक कि यहां की नोट्स/वीवीएटी की सीलिंग में भी सहायकों, वीईएलई और सहायकों पर नियुक्त डीईओ की भरमार है। सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से ये सुनिश्चित करने को कहा है कि 4 मई को होने वाली माध्यमिक में नियमित सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया जाए. मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांगउन्होंने लिखा, “मुख्य चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव अधिकारी पश्चिम बंगाल में हस्तक्षेप करना चाहते हैं, ताकि इन दस्तावेजों में संशोधन किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रारंभिक प्रक्रिया में केवल वैध, नियमित कर्मचारी सरकारी अधिकारी शामिल हों, ताकि सहायक बने रहें।” उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग को लोकतंत्र के संविधान पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए. हम जनता के साथ मिलकर उन लोगों को नौकरी पर नहीं रखना चाहते, जो कि समुदाय विशेष के दल के आधार पर हैं। ये भी पढ़ें बंगाल चुनाव की मतगणना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बीजेपी का पहला बयान, कहा- टीएमसी जब भी कोर्ट गई, उसे…
सामंथा ने लॉन्च किया टॉक्सिन फ्री परफ्यूम:रणबीर से रश्मिका तक; परफ्यूम बिजनेस में उतरे सेलेब्स, फैंस से बन रहा नया कनेक्शन

फिल्म स्टार्स लंबे समय से परफ्यूम ब्रांड्स का प्रचार करते रहे हैं, लेकिन अब वे खुद इस बिजनेस में उतर रहे हैं और अपने-अपने तरीके से फैंस से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। रणबीर कपूर ने पिछले साल ‘ARKS’ नाम से परफ्यूम लॉन्च किया। इसमें रणबीर ने ऑनलाइन स्ट्रेटजी अपनाई। कंपनी ने स्विगी इंस्टामार्ट से पार्टनरशिप की और इसे क्विक कॉमर्स पर उपलब्ध कराया। वहीं सामंथा रुथ प्रभु का ‘सीक्रेट एलकेमिस्ट’ खुद को भारत का पहला अरोमाथेरेपी-बेस्ड परफ्यूम ब्रांड बताता है, जिसमें टॉक्सिन-फ्री और वेलनेस-फोकस्ड खुशबुओं पर जोर है। रश्मिका मंदाना ने भी ‘डियर डायरी’ नाम से परफ्यूम ब्रांड शुरू की है। उनकी कंपनी ने 2026 के अंत तक 100 स्टोर्स तक विस्तार करने की योजना बनाई है। इधर, हॉलीवुड में भी रिहाना, सेलेना गोमेज जैसे सेलेब्रिटी इस बिजनेस में हैं। जानते हैं इनके बारे में। ये स्टार्स बना रहे अपने पर्सनलाइज्ड परफ्यूम सामंथा रुथ प्रभुका ‘सीक्रेट एलकेमिस्ट’ सामंथा ने मार्च 2026 में ब्रांड सीक्रेट एलकेमिस्ट के जरिए अरोमाथेरेपी-आधारित नए परफ्यूम्स की रेंज लॉन्च की है। ये उनके क्यूरेटेड परफ्यूम है व टॉक्सिन-फ्री हैं। औसतन 100ml परफ्यूम 999 रु. से शुरू है। रश्मिका मंदाना का डियर डायरी रश्मिका ने जुलाई 2025 में परफ्यूम ब्रांड ‘डियर डायरी’ लॉन्च किया। इसकी खुशबुएं उनकी निजी यादों और कूर्ग में बिताए बचपन से प्रेरित हैं। रश्मिका अपने परफ्यूम से फैंस से कनेक्ट बना रही हैं। औसतन 100ml परफ्यूम 2599 रु. का है। सेलेना गोमेज का रेयर ब्यूटी सेलेना ने रेयर ब्यूटी में फ्रेगरेंस लॉन्च किया है। इसमें कैरामेल, पिस्ता व सैंडलवुड जैसे नोट्स शामिल हैं। यह वीगन फ्रेंडली है। इसे यूं डिजाइन किया गया है कि इसकी खुशबू 12 घंटे तक विकसित होती रहे। औसतन 50ml परफ्यूम 4500 रु. का है। बियोंसे का बियोंसे परफ्यूम्स बियोंसे परफ्यूम्स के तहत दो नए परफ्यूम Cé Noir और Cé Lumière लॉन्च किए हैं। इनमें स्किन मस्क नोट इस्तेमाल किया गया है, जिससे खुशबू त्वचा पर धीरे-धीरे पर्सनल एहसास दे। कीमत 15 हजार रु. से शुरू है। रणबीर कपूर ARKS परफ्यूम रणबीर ने ARKS परफ्यूम लॉन्च किया है। इसकी 65% बिक्री ऑनलाइन हो रही है। हर महीने ₹1 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू भी आ रहा है। यह ‘जेंडर-इन्क्लूसिव’ परफ्यूम है। इसकी एक 50ml बोतल की कीमत ₹2,999 रु. है।
नूर जहां, लक्ष्मणभोग से लेकर इमाम पसंद का नाम सुना है? ये हैं देश के रेयर आम,स्वाद, आकार, रंग में जबरदस्त

होमफोटोलाइफ़फूड नूर जहां, लक्ष्मणभोग से लेकर इमाम पसंद का नाम सुना है? ये हैं देश के रेयर आम Last Updated:May 02, 2026, 14:24 IST Rare mango varieties from india: फलों के राजा आम खाने का सीजन आ गया है. कुछ ही दिनों में आपको तरह-तरह के स्वाद, आकार, रंग वेरायटी वाले आम मार्केट में दिख जाएंगे. हर किसी का आम पसंदीदा फल होता है. भारत में सैकड़ों किस्म के आम उगाए जाते हैं. इनमें से तो कुछ आम की किस्में अब दुर्लभ हो गई हैं. ये रेयर किस्म के आम अब तो मिलते भी नहीं हैं. चलिए कुछ ऐसे ही आमों की खासियत के बारे में जानते हैं. कोहितुर Kohitur: कभी मुगल दरबारों में सराहे जाने वाला यह दुर्लभ आम अब लगभग विलुप्त हो चुका है. इसकी भरपूर सुगंध और अत्यधिक दुर्लभता इसे एक बहुमूल्य विलासिता का सामान बनाती है, जो उच्च वर्ग के खरीदारों और निर्यात संग्राहकों के लिए एकदम उपयुक्त है. इमाम पसंद Imam Pasand: इमाम पसंद आम दक्षिण भारत में मिलता है. वहां इसे हिमायत भी कहते हैं. इसकी मिठास रेशमी होती है, लोग इस आम को खूब खाना पसंद करते हैं. हालांकि, कम पैदावार के कारण यह एक विशिष्ट किस्म का आम बनकर रह गया है. किसान भी अब इसे एक प्रीमियम मैंगो के रूप में देखते हैं. मनकुराद Mankurad: पर्यटकों को लुभाने वाली अपनी मनमोहक उष्णकटिबंधीय सुगंध के लिए प्रसिद्ध है ये आम. इस आम को जीआई-टैग प्राप्त हो चुका है. इसका सेवन आप जरूर करें, अगर आपको ये कहीं भी मिल जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google लक्ष्मणभोग Lakshmanbhog: पश्चिम बंगाल का यह आम ऐसे समय में आता है, जब अधिकांश किस्में मुरझाने लगती हैं. इसका सही समय, आकार और भरपूर स्वाद किसानों को गर्मी के मौसम में आपूर्ति में भारी कमी के दौरान बेहतर कीमतें प्राप्त करने में मदद करता है. नूर जहां Noor Jahan: मध्य प्रदेश में नूर जहां आम मिलता है. इस आम का आकार काफी विशाल होता है, इसलिए ये अधिक मशहूर है. इसकी दुर्लभता और आकर्षक रूप-रंग इसे वायरल कर देता है, जिसके चलते लोग फार्म का दौरा करने और सीधे बिक्री करने के लिए प्रेरित होते हैं. फ़ज़ली Fazli : फजली आम बंगाल और बिहार में काफी लोकप्रिय है. यह पल्पिंग और प्रसंस्करण के लिए आदर्श है. इस आम की इंडस्ट्रियल मांग भी खूब होती है. इसे बेचने से कोई नफा-नुकसान नहीं होता है, बल्कि पूरे साल आय आने की स्थिरता की गारंटी बनी रहती है. गुलाब खास Gulab Khas: अपनी विशिष्ट गुलाब जैसी सुगंध के कारण मशहूर है. यह आम उपहार देने के लिए आदर्श है. इसकी अनूठी सुगंध शहरी खरीदारों और प्रीमियम फ्रूट सब्सक्रिप्शन बॉक्स ग्राहकों को आकर्षित करती है, जो इसके लिए अधिक कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
टोल प्लाजा पर अब नहीं रुकेंगी गाड़ियां:सूरत में देश का पहला बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम हुआ लॉन्च, रियल टाइम में कट जाएगा पैसा

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को भारत का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम लॉन्च किया। यह सिस्टम गुजरात में सूरत-भरूच सेक्शन के एनएच-48 पर चोर्यासी टोल प्लाजा पर शुरू किया गया है, जिससे वाहन बिना रुके टोल दे सकेंगे। बैरियर-फ्री टोलिंग मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह 120 की स्पीड से भी गुजरने वाली गाड़ियों को बिना रुके टोल पॉइंट से गुजरने की सुविधा देती है। पारंपरिक टोल प्लाजा पर जहां फिजिकल बैरियर होते हैं वहीं यह सिस्टम सेंसर और कैमरों से लैस ओवरहेड फ्रेम का इस्तेमाल करता है, ताकि गाड़ियों की अपने-आप पहचान हो सके और टोल शुल्क रियल टाइम में काट लिया जाए। 120 की स्पीड से भी गुजरने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़ लेगें Ai कैमरे यह सिस्टम FASTag को ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ता है। हाई-परफॉर्मेंस वाले एआई कैमरे 120 किमी की स्पीड से भी गुजरने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़ लेते हैं, जबकि RFID रीडर FASTag स्टिकर को स्कैन करते हैं। इसके बाद टोल की रकम सीधे लिंक्ड अकाउंट से काट ली जाती है। अगर किसी गाड़ी में FASTag काम नहीं कर रहा है या गाड़ी पर फास्टैग नहीं लगा है तो कैमरा नंबर प्लेट के जरिए गाड़ी की पहचान कर मालिक को ई-नोटिस भेज देता है। यात्रा समय में कमी और हाईवे पर जाम घटेगा इस प्रणाली से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी बल्कि हाईवे पर लगने वाले जाम में भी कमी आएगी। साथ ही दावा किया जा रहा है कि ईंधन की बचत भी होगी। वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी और टोल संचालन में कम से कम लोगों की जरूरत होगी। नए सिस्टम से ईंधन की होगी बचत मंत्रालय के अनुसार, इस सिस्टम से यात्रा का समय कम होगा, हाईवे पर जाम घटेगा, ईंधन की बचत होगी, वाहन प्रदूषण कम होगा और टोल संचालन में मानव हस्तक्षेप भी कम होगा। बयान में कहा गया कि एमएलएफएफ की शुरुआत भारत के टोल सिस्टम के डिजिटलीकरण और राष्ट्रीय राजमार्गों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। आम लोगों के जीवन को आसान बनाएगा सिस्टम: गडकरी गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह अत्याधुनिक प्रणाली वाहनों को बिना रुके निर्बाध टोल भुगतान की सुविधा देती है। इसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और फास्टैग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया गया है। उन्होंनेकहा कि यह बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम आम लोगों के जीवन को आसान बनाएगा और व्यापार करने में भी सुविधा देगा, क्योंकि इससे माल और लॉजिस्टिक्स की आवाजाही तेज और अधिक प्रभावी होगी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल ₹28 महंगा होने की खबरें गलत:सरकार बोली- दाम बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹25-28 प्रति लीटर बढ़ोतरी की खबरों को सरकार ने गलत बताया है। आज यानी 23 अप्रैल को पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कहा कि दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ये खबरें भ्रामक हैं और डर फैलाने के लिए फैलाई जा रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
ऑस्कर के बदले नियमों से भारतीय सिनेमा को राहत:फेस्टिवल्स में चमकने वाली फिल्मों को अब देश की आधिकारिक एंट्री बनने की जरूरत नहीं

ऑस्कर 2027 के लिए एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के नियमों में बदलाव किया है। इसका असर भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है, जहां हर साल ऑस्कर एंट्री को लेकर विवाद होते रहे हैं। नए नियमों के बाद अब किसी देश की आधिकारिक एंट्री ही ऑस्कर तक पहुंचने का इकलौता रास्ता नहीं रहेगा। एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की नई गाइडलाइंस के अनुसार, अगर कोई फिल्म कान्स, वेनिस, टोरंटो, बर्लिन, सनडांस या बुसान जैसे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में टॉप अवॉर्ड जीतती है, तो वह सीधे ऑस्कर की इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी के लिए क्वालिफाई कर सकती है। यानी उस फिल्म को अपने देश की ऑफिशियल एंट्री बनने की जरूरत नहीं होगी। इस बदलाव का उदाहरण भारतीय फिल्ममेकर पायल कपाड़िया की फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट’ से समझा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये नियम पहले लागू होते तो फिल्म भारत की आधिकारिक एंट्री बने बिना भी ऑस्कर की रेस में शामिल हो सकती थी। भारत में ऑस्कर के लिए फिल्म चुनने का जिम्मा फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) के पास होता है। लेकिन कई सालों से इसकी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं। साल 2013 में इरफान खान की फिल्म ‘द लंच बॉक्स’ को लेकर विवाद हुआ था। कान्स फिल्म फेस्टिवल में सराहना मिलने के बावजूद इसे भारत की ऑफिशियल एंट्री नहीं चुना गया था। इसकी जगह ‘द गुड रोड’ को भेजा गया था। उस समय फिल्ममेकर अनुराग कश्यप समेत कई लोगों ने चयन प्रक्रिया की आलोचना की थी। नई गाइडलाइन के तहत अब इंटरनेशनल फीचर अवॉर्ड का क्रेडिट देश की बजाय फिल्म के डायरेक्टर को दिया जाएगा। साथ ही एक देश से एक से ज्यादा फिल्मों के ऑस्कर रेस में पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। फिल्म इंडस्ट्री के जानकार इसे भारतीय सिनेमा के लिए मौका मान रहे हैं, क्योंकि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई फिल्मों को घरेलू चयन राजनीति से राहत मिल सकती है।
benjamin netanyahu gym video| prostate cancer| iran-israel| नेतन्याहू को तो देखिए, कैंसर को मात दे जिम में बना रहे डोले, ईरान कैसे न खौफ खाए

Last Updated:May 02, 2026, 13:46 IST Israel PM benjamin netanyahu Gym: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वैसे तो हमेशा ही कुछ न कुछ दिलचस्प चीजें करते रहते हैं लेकिन इस बार उनका जिम से आया वीडियो काफी वायरल हो रहा है. 76 की उम्र में, प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे नेतन्याहू का जिम में पसीना बहाते, सीढ़ियां चढ़ते, नाश्ते में उबले अंडे खाते हुए युवाओं को संदेश काफी कुछ कह रहा है. उन्होंने कहा है कि कसरत करें और कभी हार न मानें. यह वीडियो उनकी रिकवरी और मजबूत इरादे का ईरान को साफ संदेश है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का हाल ही में जारी जिम का वीडियो काफी वायरल हो रहा है. 76 साल की उम्र में प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे नेता जिम में डंबल उठा रहे हैं, डोले बना रहे हैं और सीढ़ियां चढ़ रहे हैं. वे साफ-साफ बता रहे हैं कि वे एकदम फिट हैं और दुश्मनों को कोई मौका नहीं देना चाहते. उनके मजबूत इरादे निश्चित ही ईरान की पेशानी पर बल डालने के लिए काफी हैं. AI Image नेतन्याहू ने इस वीडियो में उबले अंडे खाते हुए युवाओं को संदेश भी दिया है कि कसरत करें और कभी हार न मानें. यह वीडियो उनकी रिकवरी और मजबूत इरादे के अलावा उनके टाइट रूटीन अनुशासन का उदाहरण है. वे नियमित रूप से जिम जाते हैं, वेट ट्रेनिंग और कार्डियो करते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी और रेडिएशन थेरेपी के बावजूद उनका स्वास्थ्य सामान्य है.जिस कैंसर के होने पर लोग बेड पकड़ लेते हैं, नेतन्याहू का जिम में पसीना बहाना वाकई लोगों को प्रेरित करने वाला है. डॉक्टरों की मानें तो प्रोस्टेट कैंसर से उबरने वाले मरीजों के लिए व्यायाम बेहद जरूरी और फायदेमंद होता है. नियमित एक्सरसाइज मसल स्ट्रेंथ बढ़ाती है, थकान कम करती है और हड्डियों को मजबूत बनाती है. यह दिल की हेल्थ सुधारता है और वजन कंट्रोल रखता है. ADT (हॉर्मोन थेरेपी) के साइड इफेक्ट्स जैसे मसल लॉस और ऑस्टियोपोरोसिस को भी व्यायाम से रोका जा सकता है. कई स्टडी में सक्रिय पुरुषों में रिकरेंस का खतरा कम पाया गया है. Add News18 as Preferred Source on Google एम्स नई दिल्ली की ही कई स्टडीज बताती हैं कि व्यायाम के फायदे प्रोस्टेट ही नहीं बल्कि कई कैंसर सर्वाइवर्स में स्पष्ट हैं. मॉडरेट एक्सरसाइज (सप्ताह में 150-300 मिनट) कैंसर से मौत का खतरा 25-35 फीसदी तक कम कर सकती है. एक्सरसाइज से मूड बेहतर करता है, नींद सुधरती है और क्वालिटी लाइफ बढ़ती है. नेतन्याहू जैसा रूटीन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के साथ कार्डियो रिकवरी में मददगार साबित होता है. हालांकि,एक्सपर्ट कहते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर में व्यायाम करते समय सावधानी जरूरी है. डॉक्टर कहते हैं कि हड्डी मेटास्टेसिस वाले मरीजों को हाई इंपैक्ट एक्सरसाइज से बचना चाहिए क्योंकि इससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है. थेरेपी के दौरान थकान या दर्द हो तो व्यायाम की तीव्रता कम रखनी चाहिए. हमेशा डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से ही व्यायाम शुरू करें, जैसा कि नेतन्याहू करते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो प्रोस्टेट कैंसर मरीजों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और रोजाना मॉडरेट एरोबिक एक्टिविटी करनी चाहिए. वार्म-अप और कूल-डाउन जरूर शामिल करें. नेतन्याहू का संदेश प्रेरणादायक है कि उम्र या बीमारी के बावजूद पॉजिटिव सोच और मेहनत से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है. नियमित चेकअप के साथ स्वस्थ आदतें अपनाए रखने से बेहतर हेल्थ बनी रहती है. ऐसे में नेतन्याहू का यह वीडियो सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती का भी प्रतीक है जो निश्चित रूप से ईरान और उनके प्रतिद्वंद्वियों को उनके फौलादी इरादों का संकेत दे रहा है. नेतन्याहू का प्रोस्टेट कैंसर जैसी बीमारी से लड़कर वापसी करना लाखों लोगों को प्रेरित करता है. डॉक्टरों का मानना है कि व्यायाम दवा की तरह काम करता है, फायदे ज्यादा, नुकसान कम, बशर्ते सही तरीके से किया जाए. स्वस्थ रहने के लिए अनुशासन और डॉक्टरी सलाह सबसे जरूरी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
फिल्म हेरा फेरी के राइट्स को लेकर फ्रॉड का केस:फिरोज नाडियाडवाला का दावा- ₹4.5 लाख में खरीदे राइट्स; रिलीज से पहले पैसे ऐंठे गए

फिल्म प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म हेरा फेरी के कॉपीराइट और रीमेक राइट्स को लेकर मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, नाडियाडवाला ने शिकायत में कहा कि विवाद साल 1989 की मलयालम फिल्म रामजी राव स्पीकिंग से जुड़ा है, जिस पर हेरा फेरी आधारित थी। उन्होंने दावा किया कि साल 2000 में उन्होंने सुरेश कुमार सिंघल से 4.5 लाख रुपए में कुछ रीमेक राइट्स कानूनी रूप से खरीदे थे। शिकायत में कहा गया कि फिल्म रिलीज से सात दिन पहले कुछ लोगों ने दबाव बनाकर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की। नाडियाडवाला के अनुसार, उन्हें भारी इन्वेस्टमेंट और संभावित नुकसान के डर से पेमेंट करना पड़ा, जबकि कोर्ट ने उनके पक्ष में स्टे ऑर्डर दिया था। पुलिस ने केस दर्ज किया नाडियाडवाला ने यह भी आरोप लगाया कि 2022 में ओरिजिनल फिल्म से जुड़े पक्षों ने पहले से बिके राइट्स को दोबारा बेच दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गोपाला पिल्लई विजयकुमार और एम पॉल माइकल के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में उन्हें एक लीगल नोटिस मिला, जिसमें फिर हेरा फेरी को गैर-कानूनी बताया गया और 60 लाख रुपए के साथ फिल्म के मुनाफे में 25% हिस्सेदारी की मांग की गई। नाडियाडवाला ने यह भी कहा कि उनकी कंपनी की पब्लिक लिस्टिंग प्रोसेस में बाधा डाली जा रही है और अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल के नाम का इस्तेमाल कर झूठी खबरें फैलाई गईं, जिससे उनकी प्रोफेशनल इमेज को नुकसान पहुंचा। मामले में पुलिस ने संबंधित पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है।
साल में बस 2 ही महीने मिलता है ये फल, बना सकते हैं अचार, चटनी, सब्जी, कई रोगों के लिए काल!

Lasoda health benefits in summer: कई तरह के फल गर्मियों में आप खाते हैं, लेकिन क्या कभी लसोड़ा फल (Lasoda fruit) का स्वाद चखा है? छोटा गोल आकार का हरे रंग (कच्चा) का ये फल मुख्य रूप से गर्मियों में मिलने वाला फल है. जब ये पक जाता है तो थोड़ा बहुत रंग पीला भी हो जाता है. हालांकि, ये एक ट्रॉपिकल और जंगली फल है, जिसे ग्लू बेरी (Glue berry), इंडियन बेरी भी कहते हैं. भारत में ये फल मुख्य रूप से राजस्थान में मिलता है. इससे गर्मियों में अचार, चटनी और सब्ज़ी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. आपने लसोड़े के अचार के बारे में जरूर सुना होगा. यह एक चिपचिपा फल है, जो ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रखता है. जानिए लसोड़ा कब मिलता है, इसके सेवन के क्या फायदे होते हैं. लसोड़ा किस महीने मिलता है? अन्य फलों की तरह लसोड़ा सालभर नहीं मिलता है. यदि आपको इसका स्वाद चखना है तो आपको मई-जून महीने का इंतजार करना होगा. इसी वजह से ये दुर्लभ फलों में शामिल है. लसोड़ा गर्मियों में खाया जाने वाला फल है. बस, दो महीने ही ये आपको मार्केट में मिलेगा. यह एक मौसमी फल है. आपको लसोड़ा मिले तो जरूर खरीदें और इससे चटनी, अचार, सब्जी बनाकर खाएं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. लसोड़ा में पोषक तत्व पोषण मूल्यों की बात करें तो लसोड़े फल में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, जिंक जैसे मिनरल्स भरपूर मौजूद होते हैं. लसोड़ा खाने के फायदे एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर- लसोड़ा फल में फ्लेवोनॉइड्स और फेनोलिक यौगिक पाए जाते हैं. ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं. यह प्रक्रिया बढ़ती उम्र और कई क्रोनिक डिजीज के जोखिम को कम करने से जुड़ी होती है. पाचन को रखे दुरुस्त- गर्मियों में लसोड़ा खाने से पाचन तंत्र सही रहता है. इसमें मौजूद फाइबर आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है. मल त्याग को नियमित करता है, जिससे आप कब्ज से बचे रह सकते हैं. श्वसन तंत्र को रखे हेल्दी- आयुर्वेद में लसोड़ा का उपयोग खांसी और गले की परेशानी को ठीक करने के लिए किया जाता है. कुछ शोध के अनुसार, इसमें कफ को बाहर निकालने वाले गुण मौजूद होते हैं. सूजन कम करे- इस फल के अर्क में प्रयोगशाला अध्ययनों के अनुसार एंटी-इंफ्लेमेशन प्रभाव पाए गए हैं, जो सूजन और हल्के संक्रमण से राहत देने में सहायक हो सकते हैं. लिवर को रखे हेल्दी- कुछ अध्ययनों से ये भी संकेत मिलते हैं कि यह लिवर को स्वस्थ रखने में कारगर कर सकता है. एंटीबैक्टीरियल गुण- लसोड़ा के फल और पत्तियों में कुछ ऐसे कम्पाउंड भी होते हैं, जो बैक्टीरिया और फंगस के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं.
जबलपुर क्रूज हादसा; सोनू सूद ने उठाए सवाल:बोले-बिहार, वृंदावन के बाद MP में भी जानें गईं, आखिर कब तक?

मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम को हुए क्रूज हादसे के बाद एक्टर सोनू सूद ने सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सोनू सूद ने लिखा, कुछ समय पहले मैंने बिहार नाव हादसे पर ट्वीट किया था और कहा था कि हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट जरूरी होनी चाहिए। फिर वृंदावन में हादसा हुआ… और अब मध्य प्रदेश में भी, उसी तरह लोगों की जान चली गई। आखिर कब तक? अब समय आ गया है कि इसे सख्ती से लागू किया जाए: कोई भी नाव तब तक न चले, जब तक हर यात्री लाइफ जैकेट न पहने। उन्होंने आगे लिखा, साथ ही, एक सरकारी पोर्टल होना चाहिए, जहां हर यात्रा से पहले टाइम के साथ यह सबूत अपलोड हो कि सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहनी है। सिर्फ सख्त नियम और जवाबदेही ही लोगों की जान बचा सकते हैं। गुरुवार शाम पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया था जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे MP टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया था। इस पर लगभग 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन तेज हवा, अंधेरा और खराब मौसम के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। तीन बच्चों समेत 4 लोग अभी भी लापता हैं, जिनका शुक्रवार देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल सका था। तेज बारिश के कारण शुक्रवार को सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा था। शनिवार सुबह 5 बजे से एक बार फिर सर्चिंग शुरू की जाएगी। देखिए, 6 तस्वीरें… प्रदेशभर में क्रूज संचालन पर रोक लगी हादसे के बाद प्रशासन ने प्रदेशभर में क्रूज संचालन पर रोक लगा दी है। क्रूज पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर प्रभारी समेत तीन लोगों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
मुक्केबाजी के लिए उत्तराखंड के 6 खिलाड़ी ताशकंद रवाना:अंतरराष्ट्रीय सब-जूनियर प्रतियोगिता में करेंगे प्रतिभाग; 2 खिलाड़ी और 4 ऑफिशियल शामिल

उज्बेकिस्तान के ताशकंद में 1 से 16 मई तक होने वाली अंडर-15 अंतरराष्ट्रीय सब-जूनियर बालक एवं बालिका मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उत्तराखंड का दबदबा देखने को मिलेगा। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में उत्तराखंड के 6 सदस्यों को शामिल किया गया है। राज्य के मुक्केबाजी इतिहास में यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में दल के सदस्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उत्तराखंड बॉक्सिंग संघ के मानद महासचिव ने बताया कि इस चैंपियनशिप में राज्य के दो मुक्केबाज रिंग में उतरेंगे, जबकि चार अन्य सदस्य कोच और रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। रिंग में उतरेंगे समीर और हर्षवर्धन प्रतियोगिता में 43 किलो भार वर्ग में समीर बोरा और 55 किलो भार वर्ग में हर्षवर्धन जीना भारत की ओर से अपने मुक्कों का दम दिखाएंगे। जबकि पूजा यादव को बालिका टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। वहीं, नितिन देऊपा बालक टीम के कोच की भूमिका निभाएंगे। संजीव पौरी बने रेफरी और जज खेल विभाग के सहायक निदेशक संजीव पौरी इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से रेफरी और जज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे। इन सभी के अलावा, यूथ टीम के साथ कोच के रूप में दुर्योधन सिंह भी ताशकंद में मौजूद रहेंगे। सीएम और खेल मंत्री ने दी शुभकामनाएं एक साथ 6 सदस्यों के चयन से उत्तराखंड बॉक्सिंग परिवार में खुशी की लहर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, खेल मंत्री रेखा आर्या, विशेष प्रमुख सचिव (खेल) अमित सिन्हा, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह और पूर्व ओलिंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने सभी चयनित सदस्यों को बधाई दी है।इसके साथ ही, उत्तराखंड ओलिंपिक संघ के महासचिव डॉ. डीके सिंह, उत्तराखंड बॉक्सिंग संघ के आजीवन अध्यक्ष मुकर्जी निर्वाण, महासचिव गोपाल खोलिया सहित नवीन टम्टा, भगवत रावत, संजय अधिकारी, ललित कुँवर और विनोद तिवारी ने भी टीम का मनोबल बढ़ाते हुए उनके शानदार प्रदर्शन की कामना की है।






