मां का दूध ही नहीं है काफी! जानिए न्यू बॉर्न बेबी को कब, क्या और कैसे खिलाएं वरना रुक सकती है ग्रोथ

शिशु के जन्म के बाद शुरुआती छह महीने तक मां का दूध ही सबसे संपूर्ण आहार माना जाता है. इसमें बच्चे के लिए जरूरी पोषण, पानी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्व मौजूद होते हैं. इसलिए इस समय तक बच्चे को अलग से पानी, शहद या कोई ठोस चीज देने की जरूरत नहीं होती. लेकिन छह महीने पूरे होने के बाद बच्चे की शारीरिक और मानसिक जरूरतें बढ़ने लगती हैं, इसलिए सिर्फ दूध पर्याप्त नहीं रहता. ऐसे समय में पूरक आहार यानी ऊपरी भोजन शुरू करना जरूरी हो जाता है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसका शरीर तेजी से विकास करता है. इस दौरान दिमाग, हड्डियों और मांसपेशियों को अधिक ऊर्जा, आयरन, प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्वों की जरूरत होती है. यही कारण है कि छह महीने की उम्र के बाद मां के दूध के साथ-साथ ठोस या अर्ध-ठोस आहार शुरू करने की सलाह दी जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार सही समय पर पूरक आहार शुरू करना बच्चे की ग्रोथ और इम्यूनिटी के लिए बेहद जरूरी होता है. शुरुआत किन चीजों से करेंजब बच्चा छह महीने का हो जाए, तो दिन में 2 से 3 बार हल्का और मुलायम खाना देना शुरू किया जा सकता है. शुरुआत ऐसे भोजन से करनी चाहिए जो आसानी से पच जाए. जैसे दलिया, पतली खिचड़ी, मूंग दाल, उबला और मैश किया हुआ आलू, गाजर, लौकी या मसला हुआ केला और सेब. ध्यान रखें कि खाना बहुत ज्यादा पतला न हो, बल्कि थोड़ा गाढ़ा और मुलायम हो ताकि बच्चा उसे निगल सके और धीरे-धीरे खाने की आदत सीख सके. नया खाना कैसे शुरू करेंशुरुआत में एक समय पर सिर्फ एक नई चीज ही बच्चे को दें. फिर उसे लगातार 3 से 4 दिन तक देखें कि कहीं बच्चे को एलर्जी, गैस, उल्टी या पेट की परेशानी तो नहीं हो रही. अगर सब ठीक रहे तो धीरे-धीरे दूसरी चीजें शामिल की जा सकती हैं. इस दौरान मां का दूध पहले की तरह जारी रखना चाहिए, क्योंकि यह अभी भी बच्चे के लिए जरूरी पोषण का बड़ा स्रोत होता है. 9 से 12 महीने के बच्चे का भोजनजब बच्चा 9 से 12 महीने का हो जाता है, तब वह हाथ से चीजें पकड़ने और खाने की कोशिश करने लगता है. इस उम्र में उसे थोड़ी विविधता वाला भोजन दिया जा सकता है. नरम फल, छोटे टुकड़ों में कटी उबली सब्जियां, दही, खिचड़ी और हल्का घर का खाना दिया जा सकता है. इस समय दिन में 3 बार मुख्य भोजन और 1 से 2 बार हल्का नाश्ता देना सही माना जाता है. 12 से 24 महीने तक क्या खिलाएंएक साल के बाद बच्चा धीरे-धीरे परिवार के खाने में शामिल होने लगता है. बस उसका खाना नरम, कम मसालेदार और छोटे टुकड़ों में होना चाहिए. इस उम्र में 3 मुख्य भोजन और 2 हल्के स्नैक्स दिए जा सकते हैं. साथ ही बच्चे को खुद खाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि उसकी आदत और मोटर स्किल्स विकसित हों. किन चीजों से रखें दूरीबच्चे के भोजन में रोज अलग-अलग फूड ग्रुप शामिल होने चाहिए, जैसे अनाज, दालें, फल, सब्जियां, दूध और प्रोटीन युक्त चीजें. वहीं ज्यादा चीनी, नमक, पैकेज्ड जूस, चॉकलेट, तली चीजें और जंक फूड से बचाना चाहिए. सही समय पर सही भोजन देने से बच्चे का विकास बेहतर होता है और वह स्वस्थ आदतें सीखता है.
नारियल लस्सी रेसिपी: गर्मी में सादी नहीं, घर पर नारियल की लस्सी, कैसे होगी शरीर में ठंडक-कूल; विधि नोट करें

1 मई 2026 को 21:17 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों के लिए नारियाल की लस्सी रेसिपी: गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक देने वाली की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में अगर आप रोज वही सादी लस्सी पी-पीकर बोर हो गए हैं, तो इस बार नारियल की लस्सी जैसा कुछ नया सितारा लें। इसका सिर्फ स्वाद ही अलग और मजेदार होता है, बल्कि शरीर को तुरंत ठंडक भी मिलती है। नारियल में मौजूद पोषक तत्व और दही की ठंडक मिलकर इसे एक प्रत्यक्ष समर ड्रिंक बनाते हैं। तो जानिए इसे घर पर बनाने की विधि सबसे आसान। अनुसरण करना : सामग्री:1 कप ताजा दही, ½ कप नारियल का दूध, 2-3 चीनी चीनी, ½ कप ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े, 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, तुरंत से कटे हुए स्वादिष्ट नुस्खे छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले दही को अच्छे से फेंट लें ताकि कोई पेट न रहे। अब नारियल का दूध डालें और गुड से मिक्स करें। इसके बाद चीनी, इलायची पाउडर और ठंडा पानी या बर्फ डालें। छवि: फ्रीपिक सभी को प्लास्टर में 1-2 मिनट तक ब्लेंड करें। तैयार लस्सी को बोतलों में डालकर ऊपर से ग्लूकोस से सजाएं। यह लस्सी शरीर को तुरंत ठंडक प्रदान करती है और आहार से बचाती है। छवि: एआई इसके अलावा पाचन के लिए हानिकारक होता है। साथ ही, ऊर्जावान स्तर को बनाया गया है। अधिक मात्रा में क्रीमी स्वाद के लिए जेनरेटर दही का प्रयोग करें। यदि आप कार्मिक चाहते हैं तो चीनी की जगह शहद डाल सकते हैं। छवि: फ्रीपिक इसे और ताज़ा बनाने के लिए ऊपर से थोड़ा सा गुलाब जल भी डाल सकते हैं. इसका स्वाद और ठंडक दोनों आपको ताज़ा महसूस कराएंगे। छवि: फ्रीपिक गर्मियों में जब भी कुछ ठंडा और स्टेक ड्रिंक का मन करे, तो बाजार के ड्रिंक घर की बनी यह कोको लस्सी जरूर ट्राई कर सकते हैं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित : समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 1 मई 2026 को 21:16 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)नारियल की लस्सी रेसिपी(टी)नारियल की लस्सी(टी)नारियल लस्सी(टी)नारियल लस्सी रेसिपी(टी)गर्मियों के लिए नारियल लस्सी रेसिपी(टी)लस्सी रेसिपी(टी)नारियल रेसिपी(टी)दही रेसिपी(टी)दही रेसिपी(टी)नारियल लस्सी बनाने की विधि
टीएमसी ने ईवीएम स्ट्रांगरूम में सीसीटीवी निगरानी को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की, 4 मांगें गिनाईं | भारत समाचार

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 21:15 IST टीएमसी ने कई स्ट्रॉन्गरूम में “अत्यधिक संदिग्ध” सीसीटीवी निगरानी पर कड़ी आपत्ति जताई, जहां ईवीएम और वीवीपैट संग्रहीत हैं, और ईसीआई को दोषी ठहराया। ममता बनर्जी की टीएमसी ने चुनाव आयोग पर वोटों में हेराफेरी का आरोप लगाया है. (पीटीआई) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल के सामने कई स्ट्रॉन्गरूम में “अत्यधिक संदिग्ध” सीसीटीवी निगरानी पर कड़ी आपत्ति जताई, जहां ईवीएम और वीवीपैट रखे गए हैं। पार्टी ने एक्स पर कहा, “यह @ECISVEEP के अपने दिशानिर्देशों का प्रत्यक्ष और जानबूझकर उल्लंघन है, जो स्पष्ट रूप से निरंतर रिकॉर्डिंग और अधिकृत पार्टी प्रतिनिधियों के लिए 24×7 निर्बाध सीसीटीवी निगरानी को अनिवार्य करता है।” ऐसा तब हुआ जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने दूसरे चरण के मतदान के बाद चुनाव सामग्री के प्रबंधन में बड़ी खामियों का आरोप लगाया। पार्टी ने बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) और चुनाव आयोग पर मिलकर काम करने का आरोप लगाया. आज हमारा प्रतिनिधिमंडल मिला @सीईओवेस्टबंगाल और कई स्ट्रांग रूमों में जहां मतदान वाली ईवीएम और वीवीपीएटी संग्रहीत हैं, सीसीटीवी निगरानी में बार-बार और अत्यधिक संदिग्ध व्यवधानों के संबंध में कड़ी आपत्ति दर्ज की। यह प्रत्यक्ष और जानबूझकर किया गया उल्लंघन है। @ECISVEEP अपना… pic.twitter.com/AfVKrtSHR6 – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 1 मई 2026 टीएमसी की चार मांगों की सूची टीएमसी ने चुनाव आयोग से चार मांगों की एक सूची तैयार की, जो हैं: राज्य के प्रत्येक स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी की खराबी, व्यवधान, या डाउनटाइम के सभी मामलों की पूरी रिपोर्ट तुरंत संकलित करें। व्यवधान की सभी अवधियों को दर्शाने वाले विस्तृत लॉग के साथ पूर्ण, असंपादित सीसीटीवी रिकॉर्डिंग प्रदान करें। वास्तविक समय की निगरानी और हर चूक के लिए जवाबदेही के साथ सभी सीसीटीवी प्रणालियों को पूर्ण, निर्बाध कार्यक्षमता में बहाल करें। ईसीआई प्रोटोकॉल के अनुसार अधिकृत प्रतिनिधियों के लिए निगरानी फ़ीड तक निरंतर और अप्रतिबंधित पहुंच सुनिश्चित करें। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया टीएमसी ने ईवीएम स्ट्रांगरूम में सीसीटीवी निगरानी को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की, 4 मांगें गिनाईं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)तृणमूल कांग्रेस का विरोध(टी)सीसीटीवी निगरानी चूक(टी)ईवीएम वीवीपैट सुरक्षा(टी)भारत का चुनाव आयोग(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी
दतिया पहुंचीं एक्टर शिल्पा शेट्टी, पीतांबरा पीठ में किए दर्शन:मंदिर में हलचल बढ़ी, सुरक्षा कड़ी रही, दर्शन के बाद ग्वालियर रवाना हुईं

दतिया में बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी शुक्रवार शाम अचानक दतिया पहुंचीं। उनके साथ पति और उद्योगपति राज कुंद्रा भी मौजूद रहे। दोनों सड़क मार्ग से विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ पीतांबरा पीठ पहुंचे, जहां उन्होंने मां बगलामुखी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर परिसर स्थित वानखंडेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक भी किया। शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के अचानक मंदिर पहुंचने की खबर लगते ही परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में उत्सुकता बढ़ गई। दर्शन के दौरान कुछ देर के लिए मंदिर परिसर में हलचल और सन्नाटा दोनों का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु उनकी एक झलक पाने के लिए रुक गए। हालांकि अभिनेत्री ने किसी से औपचारिक मुलाकात नहीं की और पूजा के बाद सीधे रवाना हो गईं। दरबार में विधि-विधान से पूजा की बताया गया है कि शिल्पा शेट्टी ने मां पीतांबरा और मां बगलामुखी के दरबार में विधि-विधान से पूजा की। मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क रहीं। उनकी मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी। पूजा-अर्चना के बाद शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा सड़क मार्ग से ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। अभिनेत्री की अचानक धार्मिक यात्रा शहर में चर्चा का विषय बनी रही।
गर्मियों में रामबाण कन्नौज का गुलाब जल, त्वचा और आंखों के लिए फायदेमंद

Last Updated:May 01, 2026, 20:11 IST कन्नौज, जिसे इत्र नगरी के नाम से जाना जाता है, अपने शुद्ध और प्राकृतिक गुलाब जल के लिए देशभर में खास पहचान रखता है. यहां सदियों पुरानी “देग-भाप” विधि से तैयार किया जाने वाला गुलाब जल न सिर्फ अपनी भीनी-भीनी खुशबू के लिए मशहूर है, बल्कि त्वचा, आंखों और स्वास्थ्य के लिए इसके प्राकृतिक फायदे भी इसे खास बनाते हैं. बिना किसी केमिकल के तैयार यह गुलाब जल आज भी परंपरा, कारीगरी और शुद्धता का अनोखा संगम पेश करता है. कन्नौज, जिसे इत्र नगरी के नाम से जाना जाता है, अपने शुद्ध और सुगंधित गुलाब जल के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है. यहां तैयार किया जाने वाला गुलाब जल सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा और कारीगरी का प्रतीक है. इसकी मनमोहक खुशबू और प्राकृतिक गुण इसे बाजार में अलग पहचान दिलाते हैं. कन्नौज के गुलाब जल की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारंपरिक “देग-भाप” विधि है. इस प्रक्रिया में ताजे देसी गुलाब की पंखुड़ियों को पानी के साथ उबालकर उनका प्राकृतिक अर्क निकाला जाता है. खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे इसकी शुद्धता और गुणवत्ता बरकरार रहती है. गुलाब जल को त्वचा के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है, यह त्वचा को ठंडक पहुंचाता है, उसे तरोताजा बनाता है और प्राकृतिक निखार लाने में मदद करता है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मियों में इसका उपयोग विशेष रूप से फायदेमंद होता है, क्योंकि यह त्वचा को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ सन टैन और जलन को भी कम करता है. इत्र व्यापारी विवेक नारायण मिश्रा बताते हैं कि गुलाब जल आंखों के लिए भी बेहद उपयोगी है. आंखों में जलन, खुजली या थकान जैसी समस्याओं में यह राहत देता है. कॉटन में गुलाब जल लगाकर आंखों पर रखने से ठंडक मिलती है और आंखें तरोताजा महसूस करती हैं. कन्नौज का गुलाब जल केवल सौंदर्य उत्पाद तक सीमित नहीं है. इसका प्रयोग धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और प्रसाद में भी किया जाता है. इसके अलावा, मिठाइयों, शरबत और कई व्यंजनों में इसका इस्तेमाल स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है. इत्र व्यापारी विवेक नारायण मिश्रा बताते हैं कि गुलाब जल का उपयोग कई प्रकार के कॉस्मेटिक उत्पादों में भी किया जाता है, जैसे फेस वॉश, टोनर, क्रीम और फेस पैक. इसकी प्राकृतिक खुशबू और त्वचा के लिए लाभकारी गुण इसे ब्यूटी इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाते हैं. कन्नौज में बनने वाला गुलाब जल पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल-फ्री होता है. यही कारण है कि यह न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है. कन्नौज का यह गुलाब जल आज भी परंपरा, शुद्धता और प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक बना हुआ है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
नाती ने रची थी दादी की हत्या की साजिश:शिवपुरी में सुपारी लेकर आए दोस्त ने पैर छूकर मार दी थी गोली

शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के डेहरवारा गांव में 22 अप्रैल को हुई बुजुर्ग महिला रामसखी धाकड़ की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, इस वारदात का मास्टरमाइंड महिला का नाती निकला, जिसने अपने दोस्त के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। घटना 22 अप्रैल की दोपहर की है, जब तीन युवक बाइक पर सवार होकर डेहरवारा गांव पहुंचे। उन्होंने शादी का कार्ड देने के बहाने रामसखी धाकड़ के घर का दरवाजा खुलवाया। जैसे ही महिला बाहर आईं, एक युवक ने पहले उनके पैर छुए और फिर तुरंत उनके सिर में गोली मार दी। यह वारदात नातिन के सामने हुई थी। बंटवारे से नाखुश था परिवार जांच में सामने आया कि रामसखी धाकड़ की शादी लक्ष्मी नारायण लोधी से हुई थी। परिवार के पास करीब 35 बीघा जमीन थी, जिसका बंटवारा पहले ही हो चुका था। रामसखी अपनी हिस्से की जमीन अपने बेटे मुनेश धाकड़ के नाम करना चाहती थीं, जिससे परिवार में विवाद बढ़ गया था। शुरुआत में शक सौतेले बेटों पर गया था, जिन पर नामांतरण का विरोध करने का आरोप था। एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि पुलिस जांच के बाद इस हत्या का मास्टरमाइंड रामसखी की सौतेली बेटी गुड्डी धाकड़ का बेटा पुष्पराज धाकड़ निकला। पुलिस के मुताबिक, पुष्पराज अपनी मां के साथ रामसखी द्वारा कथित दुर्व्यवहार से नाराज था और इसी का बदला लेने के लिए उसने हत्या की योजना बनाई। पैसों का लालच देकर कराई थी हत्या पुष्पराज की दोस्ती शिवपुरी में रहने वाले निकेंद्र रावत से थी, जो कर्ज में डूबा हुआ था। पुष्पराज ने निकेंद्र को पैसों का लालच देकर हत्या के लिए राजी किया। हत्या के दिन दोनों शादी का कार्ड लेकर घर पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल निकेंद्र की थी और गोली भी उसी ने चलाई थी। वारदात से पहले करीब 36 हजार रुपए खर्च किए गए थे और आगे और पैसे देने की बात तय हुई थी। दोनों आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल बरामद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है। तेंदुआ थाना पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
आदित्य धर को कोर्ट से राहत:धुरंधर की स्क्रिप्ट चोरी मामले में सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने वाली याचिका खारिज; आदित्य के खिलाफ बयान नहीं देंगे सकेंगे

फिल्म ‘धुरंधर’ की कहानी चुराने (प्लेगरिज्म) के विवाद में डायरेक्टर आदित्य धर को गुरुवार को दो अलग-अलग अदालतों से बड़ी राहत मिली है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट में शिकायतकर्ता संतोष ने भरोसा दिलाया कि वह अब डायरेक्टर के खिलाफ कोई भी मानहानि वाला बयान नहीं देंगे। कर्नाटक HC ने शिकायत में नहीं पाया दम जस्टिस के एस हेमालेखा की सिंगल बेंच ने बेंगलुरु के स्क्रीनराइटर संतोष कुमार की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। संतोष ने मांग की थी कि फिल्म ‘धुरंधर’ का सीबीएफसी (CBFC) सर्टिफिकेट रद्द किया जाए क्योंकि यह उनकी ओरिजिनल स्क्रिप्ट ‘डी-साहब’ की नकल है। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस शिकायत में कोई मेरिट नहीं है। हालांकि, संतोष द्वारा हर्जाने को लेकर किया गया मुख्य केस अभी कोर्ट में पेंडिंग है। बॉम्बे हाईकोर्ट में दी गारंटी आदित्य धर ने संतोष कुमार के खिलाफ मानहानि का केस फाइल किया था। गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस आरिफ डॉक्टर के सामने संतोष के वकील ने कहा कि संतोष अब डायरेक्टर के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेगा। आदित्य के वकीलों ने उन्हें ‘चोर’ कहने पर माफी की मांग की थी, लेकिन संतोष की लीगल टीम ने इससे इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वे कानूनी लड़ाई लड़ना जारी रखेंगे। क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत ‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल की रिलीज के बाद हुई। संतोष कुमार का दावा है कि फिल्म की कहानी उनकी रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट ‘डी-साहब’ से भारी मात्रा में कॉपी की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी स्क्रिप्ट स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन (SWA) में रजिस्टर्ड है। जब संतोष ने सार्वजनिक तौर पर आदित्य धर पर आरोप लगाए, तो डायरेक्टर ने पहले उन्हें कानूनी नोटिस भेजा और फिर बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की ।
सतना में खराब ईवी स्कूटर को ‘कचरा गाड़ी’ बनाकर घुमाया:बार-बार खराबी से परेशान मालिक का अनोखा विरोध, बाजार में लोगों से कचरा डलवाया

सतना जिले के बिरसिंहपुर में एक व्यक्ति ने शुक्रवार को अपनी खराब इलेक्ट्रिक स्कूटर को ‘कचरा गाड़ी’ बनाकर बाजार में घुमाया। यह अनोखा विरोध बजाज चेतक ईवी स्कूटर की बार-बार आ रही तकनीकी खराबी से परेशान होकर किया गया। राहुल पांडे ने 14 महीने पहले अपने पिता के लिए लगभग 1 लाख 10 हजार रुपए में यह स्कूटर खरीदी थी। उनके अनुसार, खरीदने के बाद से ही इसमें लगातार तकनीकी खराबी आ रही थी। स्कूटर चलते-चलते अचानक बंद हो जाती थी, जिसे वे ‘वायरस आने’ जैसी समस्या बताते हैं। कई बार उन्हें वाहन को टैंपो में लादकर सतना स्थित एजेंसी तक ले जाना पड़ा। हाल ही में सर्विसिंग के बाद भी स्कूटर घर लौटते समय फिर से बंद हो गई, जिससे वे काफी परेशान हो गए। ‘कचरा गाड़ी’ का पोस्टर लगा बाजार में घुमाया लगातार हो रही इन समस्याओं से तंग आकर राहुल पांडे और उनके छोटे भाई रोहित पांडे ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने स्कूटर को एक मालवाहक वाहन पर रखा, उस पर ‘कचरा गाड़ी’ का पोस्टर लगाया और उसे पूरे बिरसिंहपुर बाजार में घुमाया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस ‘कचरा गाड़ी’ में कचरा डालें और ऐसी स्कूटर खरीदने से बचें। कई स्थानीय लोगों ने स्कूटर में कचरा डालकर उनके विरोध का समर्थन किया। सर्विस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए इस प्रदर्शन ने बाजार में लोगों का ध्यान खींचा और इलेक्ट्रिक वाहनों की गुणवत्ता तथा उनकी सर्विस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि उपभोक्ताओं को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो संबंधित कंपनियों और एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे बजाज कंपनी की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
खरगोन में नारी शक्ति वंदन बिल का समर्थन:भाजपा महिला मोर्चा ने निकाली आक्रोश रैली, तख्तियां लेकर नारेबाजी

खरगोन में भाजपा महिला मोर्चा ने नारी शक्ति वंदन बिल के समर्थन में प्रदर्शन किया। शुक्रवार शाम 4:30 बजे भाजपा कार्यालय से एक रैली निकाली गई, जिसमें महिलाओं ने नारेबाजी की। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर “नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “महिलाओं के अधिकारों पर वार, कांग्रेस है इसका जिम्मेदार”, “महिलाओं का अपमान, कांग्रेस है बेईमान”, “मां की गरिमा रखनी होगी, अपमान करने वालों को सजा देनी होगी” जैसे नारे लिखे थे। इस दौरान पूर्वा व्यास, शीला पटेल, शुभा खोड़े, वीणा जायसवाल, माया खोड़े, रंगा डावर, बेबीबाई मंडलोई, पार्षद संध्या दांगी, मीनाक्षी मुछाल, साधना बड़ोले, सुनीता गंगले, यामिनी सोनी सहित कई मातृशक्ति मौजूद रहीं। जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे ने कांग्रेस और विपक्ष को बिल पारित न होने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का विरोध कर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। ब्राह्मणे ने इस आंदोलन को राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तीकरण से जुड़ा एक व्यापक अभियान बताया। इस अवसर पर जिला संयोजक अनिता बंसल, अमिता मंत्री, ज्योति येवतिकर, जिला उपाध्यक्ष प्रभा राठौर और नपाध्यक्ष छाया जोशी ने भी सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में शालिनी रतोरिया और पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन भी मंच पर उपस्थित थे। पूर्व विधायक आत्माराम पटेल, जिला महामंत्री विवेक भटोरे, मंत्री प्रकाश ठाकुर, महामंत्री हरिसिंह चावड़ा, जिला मांगीलाल गाडगे सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
परवल चना दाल सब्जी रेसिपी: घर में बनाएं परवल चना दाल सब्जी, बच्चों की भी बनेगी पसंदीदा; नोट करें सबसे आसान तरीका

आवश्यक सामग्री: 250 ग्राम परवल, ½ कप चना दाल, 1 प्याज, 1 टमाटर, 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट, 1-2 हरी मिर्च, छवि: फ्रीपिक ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, ½ छोटा चम्मच नमक, 2 बड़ा चम्मच नमक, 2 बड़ा चम्मच हरा धनिया पाउडर छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले चना दाल को 2-3 घंटे तक सीमित कर लें। इसे पूरी तरह से गलने न दें, धीरे-धीरे सख्त कर रहे हैं। मसाले में थोड़ा सा तेल गरम करें और इसमें कटे हुए परवल के टुकड़े टुकड़े में मिलाकर भून लें। छवि: फ्रीपिक फिर अलग हटा लें। वही चटनी में तेल डालें, जीरा तड़काएं। फिर क्रोमैटोलैम्बोलैण्ड होना सोलोमन तक। अब अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालें। टमाटर के टुकड़े अच्छे प्रकार के उपकरण। छवि: सोशल मीडिया फिर हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक मसाला तैयार करें। अब इसमें कच्ची हुई चना दाल और फ्राइज़ हुआ परवल डाला गया। छोटा पानी मैनुअल एडकर 8-10 मिनट तक। छवि: सोशल मीडिया अंत में गर्म मसाला डालें और हरा धनिया से गार्निश करें। गरमा-गरम परवल चना दाल सब्जी को रोटी, पराठा या चावल के साथ परोस सकते हैं. इसका स्वाद इतना अच्छा होता है कि बच्चा भी इसे बार-बार मांगेगा। छवि: एआई चना दाल को ज्यादा ख़राब न कहा जा सकता है, बाकी सब्जियों का टेक्सचर हो सकता है। अगर आप कदम रखते हैं तो इसमें थोड़ा सा घी का स्वाद और बढ़ाया जा सकता है। यह आसान और घरेलू रेसिपी आपके घर में सभी को पसंद आएगी। छवि: फ्रीपिक







