सनोज मिश्रा पर केरल में पॉक्सो में एफआईआर:कुंभ की वायरल गर्ल के साथ छेड़छाड़ में वीएचपी नेता सहित 4 पर केस दर्ज

प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान अपने एक वीडियो से देशभर में सुर्खियों में आई वायरल गर्ल की शिकायत पर केरल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) के एक वरिष्ठ नेता और फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा सहित चार लोगों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस ने गुरुवार को पुष्टि की कि यह मामला नाबालिग द्वारा लगाए गए उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद सामने आया है। वीएचपी नेता सहित 4 पर केस दर्ज पीटीआई के अनुसार, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की सूची में विहिप नेता और वकील अनिल विलायिल के साथ-साथ फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा का नाम शामिल है। यह मामला तब और अधिक चर्चा में आ गया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ यह दुर्व्यवहार उस समय हुआ जब वह नाबालिग थी। शिकायत के मुताबिक, निर्देशक सनोज मिश्रा ने फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के दौरान कथित तौर पर युवती के साथ दुर्व्यवहार किया था। मुस्लिम दोस्त से शादी के बाद चर्चा में मामला आया कुंभ मेले के वीडियो से वायरल हुई नाबालिग तब विवादों में आई थी, जब उसने केरल के एक मंदिर में अपने एक मुस्लिम दोस्त से शादी कर ली थी। नाबालिग ने आरोप लगाया कि अभिनय के अवसर देने के नाम पर उसका शोषण किया गया। बुधवार को दर्ज की गई एफआईआर के बाद पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना गोपनीय बयान भी दर्ज कराया है। सनोज मिश्रा बोले: ये सोची समझी साजिश दूसरी ओर, फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया जा रहा है और उनके खिलाफ झूठे दस्तावेजों के आधार पर मामला दर्ज कराया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और चूंकि कथित घटना स्थल केरल से बाहर का है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब युवती की उम्र और घटना से जुड़े साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है।
बुरहानपुर में बिना हेलमेट चालकों पर चालान:पुलिस ने जागरूक कर नियमों का पालन कराया, सीट बेल्ट और नशे में ड्राइविंग पर भी चेतावनी

बुरहानपुर पुलिस ने शुक्रवार को बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के चालान काटे और उन्हें हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के प्रति जागरूक किया। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर जिले के सभी थाना और चौकी स्तर पर पुलिस टीमें सक्रिय हैं। ये टीमें आमजन से संवाद स्थापित कर रही हैं, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के अनिवार्य उपयोग के बारे में बता रही हैं। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर लगने वाली चोटें सबसे घातक होती हैं और हेलमेट जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी साधन है। शुक्रवार को निंबोला थाना प्रभारी राहुल कांबले और उनके स्टाफ ने निंबोला क्षेत्र में अभियान चलाया। इसी तरह, देड़तलाई चौकी प्रभारी शंकर लोने और उनके स्टाफ ने ग्राम देड़तलाई में यातायात विशेष जागरूकता अभियान के तहत लोगों को यातायात नियमों का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा का पालन करना न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। इस दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले चालकों के चालान भी काटे गए। अभियान के दौरान वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें नशे की हालत में वाहन चलाने के खतरों, नाबालिगों को वाहन न देने की जिम्मेदारी, राहवीर योजना, हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर योजना और कैशलेस ट्रीटमेंट योजना के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
दलाई लामा का आह्वान: '21वीं सदी के बौद्ध' बनें:'बुद्ध पूर्णिमा पर धर्मशाला के कालचक्र मंदिर में दिया संदेश, विश्व शांति के लिए प्रार्थना

धर्मशाला में बुद्ध पूर्णिमा (वेसाक) के पावन अवसर पर शुक्रवार, 1 मई को धर्मशाला के प्रसिद्ध कालचक्र मंदिर में एक भव्य प्रार्थना समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने विश्व शांति, आपसी भाईचारे और समस्त जीव जगत के कल्याण के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। समारोह के दौरान नामग्याल मठ के भिक्षुओं ने तिब्बती परंपरा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूँज के बीच बुद्ध शाक्यमुनि के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और उनके परिनिर्वाण की स्मृति में विशेष प्रार्थनाएँ की गईं। पूरे मंदिर परिसर में इस दौरान गहरी आध्यात्मिक शांति और भक्ति का माहौल बना रहा। बौद्ध की शिक्षाओं का पढ़ना पर्याप्त नहीं, व्यवहार में उतारें वैश्विक बौद्ध समुदाय को संबोधित करते हुए दलाई लामा ने कहा कि 2500 वर्ष पूर्व भगवान बुद्ध द्वारा फैलाया गया ज्ञान का प्रकाश आज भी दुनिया के लिए उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने अनुयायियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें केवल नाम का बौद्ध नहीं, बल्कि ’21वीं सदी का बौद्ध’ बनना चाहिए। उनके अनुसार केवल शिक्षाओं को सुनना या पढ़ना पर्याप्त नहीं है। बुद्ध के संदेशों पर गहराई से मनन करना और उन्हें अपने व्यवहार में उतारना अनिवार्य है। करुणा और अहिंसा ही एकमात्र मार्ग अपने संबोधन में दलाई लामा ने ‘आश्रित उत्पत्ति’ के सिद्धांत पर जोर दिया और कहा कि किसी भी जीव को हानि न पहुँचाना ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल करुणा और ज्ञान के मार्ग पर चलकर ही संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब लोग बुद्ध की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएंगे, तभी एक सुखी और मानवीय विश्व का निर्माण होगा। समस्त विश्व को दिया आशीर्वाद समारोह के समापन पर दलाई लामा ने सभी बौद्ध अनुयायियों को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई दी। उन्होंने समस्त मानवता के लिए अपनी मंगलकामनाएं प्रेषित कीं और प्रार्थना की कि करुणा का यह मार्ग हर हृदय में शांति लेकर आए।
मंदसौर में शिवना शुद्धिकरण अभियान को एक साल:चार ट्रॉली कचरा निकला; 102वें दिन श्रमदान में जुटे लोग, अब प्रतिदिन चलेगा अभियान

मंदसौर में शिवना नदी शुद्धिकरण अभियान ने एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस अवसर पर शुक्रवार को एक विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें नदी से चार ट्राली कचरा निकाला गया। विधायक विपिन जैन ने घोषणा की कि यह अभियान अब प्रतिदिन चलाया जाएगा। अभियान के 102वें दिन बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे एकत्र हुए। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे, युवा और ग्रामीण शामिल थे। सभी ने मिलकर लगभग दो घंटे तक श्रमदान किया। इस दौरान नदी से प्लास्टिक, पॉलिथीन और अन्य कचरा हटाया गया, साथ ही किनारों पर उगी गाजर घास भी साफ की गई। विधायक विपिन जैन ने कहा कि जनसंकल्प और सामूहिक श्रमदान के कारण नदी के स्वरूप में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। उन्होंने बताया कि जहां पहले गंदगी और प्रदूषण का माहौल था, वहीं अब स्वच्छता और जागरूकता का वातावरण बन रहा है। विधायक ने शहरवासियों से अपील की कि वे प्रतिदिन चलने वाले इस अभियान में शामिल होकर श्रमदान करें, ताकि शिवना नदी को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जा सके। इस शुद्धिकरण अभियान में बड़ी संख्या में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, महिला नेता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और सक्रिय भागीदारी निभाई।
जयपुर में सूर्यवंशी का पहली गेंद पर चौका,अगली पर बोल्ड:राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग हुए चोटिल; दिल्ली ने 7 विकेट से हराया

जयपुर के SMS स्टेडियम में खेले गए IPL मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हरा दिया। राजस्थान के कप्तान रियान पराग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने स्टार्क की पहली गेंद पर सिक्स मारा, लेकिन ओवर की तीसरी गेंद पर आउट हो गए। राजस्थान की पारी के दूसरे ओवर में वैभव सूर्यवंशी ने पहली बॉल पर चौका लगाया और अगली गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद कप्तान रियान पराग ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंद में 90 रन की पारी खेली। उनके अलावा डोनोवन फरेरा ने 14 गेंद में 47 रन और ध्रुव जुरेल ने 30 गेंद में 42 रन की शानदार पारी खेली। राजस्थान ने 20 ओवर में 225 रन बनाए। 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली को सलामी बल्लेबाजों ने शानदार शुरुआत दी। पथुम निसांका ने 33 गेंद में 62 रन और केएल राहुल ने 40 गेंद में 75 रन की पारी खेली। वहीं नीतीश राणा ने 17 गेंद में 33 रन बनाए। आखिर में स्टब्स ने 18 और आशुतोष शर्मा ने 25 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिला दी। फिल्डिंग के दौरान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग के पैर की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया, जिसके कारण उनको मैदान से बाहर जाना पड़ा। राजस्थान के साथ ही अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में दर्शक अपनी-अपनी टीम को सपोर्ट करने पहुंचे थे। पास की कालाबाजारी करने वाली गैंग पकड़ी उधर, जयपुर पुलिस ने IPL मैच के पास की कालाबाजारी करने वाली गैंग पकड़ी है। डीएसटी साउथ टीम ने छापेमारी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से 13 वीवीआईपी पास बरामद किए। वहीं दूसरी ओर SMS स्टेडियम में पार्किंग के लिए लोगों को बड़ी राशि खर्च करनी पड़ रही है। टू व्हीलर के लिए 149 प्लस जीएसटी राशि निर्धारित की गई है। 4 व्हीलर के लिए चार कैटेगरी में पैसे वसूले जा रहे हैं। सिल्वर कैटेगरी में 399 प्लस जीएसटी, गोल्ड कैटेगरी में 599 में प्लस जीएसटी, प्लैटिनम कैटेगरी में 749 प्लस जीएसटी। वहीं एलीट क्लास में 999 + जीएसटी वसूली जा रही है। मैच से जुड़ी फोटोज…
ट्रेड यूनियन बोला-नए लेबर कोड श्रमिकों के लिए डेथ वारंट:मजदूर दिवस पर कहा- 10 हजार में मजदूरों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा

नीमच में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन ने गांधी वाटिका में सभा की। इस दौरान मजदूर नेताओं ने सरकार की नीतियों और नए लेबर कोड को लेकर जमकर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने साफ मांग रखी कि काम के घंटे 8 ही रहने चाहिए और कम से कम इतना वेतन जरूर मिले जिससे घर चल सके। सभा में कामरेड विजय बैरागी और निरंजन गुप्ता ने बताया कि आज जो मजदूरों को 8 घंटे काम की सुविधा मिली है, उसके लिए शिकागो के शहीदों ने अपनी जान दी थी। उन्होंने अफसोस जताया कि आज के दौर में मजदूर एक बार फिर उन्हीं पुरानी मुसीबतों से घिर गए हैं, जिनके खिलाफ सालों पहले लड़ाई लड़ी गई थी। पुलिसिया कार्रवाई और शोषण पर नाराजगी सुनील शर्मा और नितेश यादव ने कहा कि दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश के फैक्ट्रियों में हालात खराब हैं। आरोप लगाया गया कि जब मजदूर अपने हक की बात करते हैं, तो उन पर पुलिस का इस्तेमाल किया जाता है और उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। नेताओं ने यह भी कहा कि नीमच और आसपास के इलाकों में मजदूरों से 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है, जो सरासर शोषण है। महंगाई और कम वेतन की मार कैलाश चंद्र सेन और मुकेश बाबा ने बताया कि आज के दौर में 8 से 10 हजार रुपए की सैलरी में मकान का किराया देना, बच्चों को पढ़ाना और इलाज कराना नामुमकिन हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध और महंगाई का सारा बोझ मजदूरों और किसानों की कमर तोड़ रहा है। नए लेबर कोड को बताया ‘डेथ वारंट’ आशा कार्यकर्ता सुनीता धाकड़ ने साल 2025 से लागू हुए चार नए लेबर कोड पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने इसे मजदूरों के लिए ‘डेथ वारंट’ (मौत का फरमान) बताते हुए कहा कि इससे पक्की नौकरियां खत्म हो जाएंगी और मजदूर पूरी तरह से ठेकेदारों के रहमोकरम पर बंधुआ बनकर रह जाएंगे। किसान और मजदूर मिलकर लड़ेंगे लड़ाई आखिर में युवा किसान नेता राधेश्याम नागदा ने कहा कि जिस तरह किसानों ने लंबी लड़ाई लड़कर कृषि कानून वापस कराए थे, अब वैसे ही मजदूर और किसान मिलकर सरकार की इन नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। सभा में बड़ी संख्या में मजदूर और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
क्या पंजाब विधानसभा में नशे में धुत होकर पहुंचे थे भगवंत मान? विपक्ष ने की अल्कोहल टेस्ट की मांग, मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 17:52 IST कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के सीएम भगवंत मान पर राज्य विधानसभा में नशे में धुत होकर पहुंचने का आरोप लगाया और सभी आप विधायकों के शराब परीक्षण की मांग की। पंजाब विधानसभा में विपक्षी विधायकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा परिसर में शराब पीकर लाने का आरोप लगाया। पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे की हालत में राज्य विधानसभा में पहुंचने का आरोप लगाया और शराब परीक्षण की मांग की। विवाद तब शुरू हुआ जब मान ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा द्वारा विधानसभा में कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद खैरा ने पिछले सत्र के दौरान दर्शक दीर्घा में बैठी मान की पत्नी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “उन्होंने खुद को सुधारा। वह सदन की सदस्य नहीं हैं। आपने मेरी बेटी को भी निशाना बनाया।” तू रहने दे… ए बकवास करदा ये बंदा (आप इसे छोड़ें… यह आदमी बकवास कर रहा है)” मान ने अस्पष्ट भाषण देते हुए कहा। पंजाब स्पीकर ने अल्कोहल टेस्ट की मांग खारिज की गुस्सा बढ़ने पर खैरा ने मान पर राज्य विधानसभा में नशे की हालत में पहुंचने का आरोप लगाया और अल्कोहल परीक्षण की मांग की। इन मांगों का समर्थन कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने किया, जिन्होंने कहा कि सभी विधायकों को अल्कोहल मीटर परीक्षण से गुजरना चाहिए। बाजवा ने पंजाब विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अनिवार्य अल्कोहल मीटर और पीजीआईएमईआर मेडिकल टीम द्वारा सभी विधायकों का डोप परीक्षण कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सीएम खुद को स्पष्ट नहीं कर देते, कांग्रेस विधायक कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। यह बेहद शर्मनाक है अगर माननीय मुख्यमंत्री वास्तव में नशे की हालत में इस प्रतिष्ठित सदन में आए हैं, जैसा कि साथी विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने आरोप लगाया है। ऐसा आचरण विधानसभा की गरिमा पर आघात है। मैं इसे बनाए रखने के लिए तत्काल एल्को-मीटर परीक्षण की अपनी मांग दोहराता हूं… pic.twitter.com/d6vDRVX9WA– प्रताप सिंह बाजवा (@Partap_Sbajwa) 1 मई 2026 हालांकि, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने अल्कोहल टेस्ट की मांग को खारिज कर दिया, जिसके बाद सभी कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। मान ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”सत्र की शुरुआत सकारात्मक रही… लेकिन कांग्रेस हमेशा सदन से बाहर जाने का बहाना ढूंढती है।” खैरा ने बाद में संवाददाताओं से कहा, “मुख्यमंत्री बार-बार उठे और विपक्षी सदस्यों के खिलाफ, मेरे खिलाफ कई तरह के सवाल उठाए। जब मैं उनके आचरण को देख रहा था, तो यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था कि आज उन्होंने शराब पी रखी है। वह वैसे भी शराबी हैं। लेकिन आज विधानसभा में पहली बार हमने देखा कि वह शराब पीकर आए हैं।” शिरोमणि अकाली दल, भाजपा की प्रतिक्रिया इस बीच, शिरोमणि अकाली दल ने भी मान पर नशे की हालत में विधानसभा में आने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा, “शिरोमणि अकाली दल की मांग है कि मुख्यमंत्री आज पूरे पंजाब के सामने डोप टेस्ट कराएं ताकि पंजाबियों को भी सच्चाई पता चल सके।” और भी बहुत कुछ @भगवंतमान ‘अतिरिक्त लाभ’ के बारे में अधिक जानें मेरे पास एक अच्छा विकल्प है मेरे पास एक अच्छा विकल्प है, मुझे एक और चीज़ मिलनी चाहिए एक और विकल्प चुनें और भी बहुत कुछ है ठीक है… pic.twitter.com/zuszvbRWea– शिरोमणि अकाली दल (@A Kali_Dal_) 1 मई 2026 हाल ही में भाजपा के लिए आप छोड़ने वाली स्वाति मालीवाल ने भी शराब परीक्षण की मांग दोहराई। उन्होंने कहा, “एक आदमी जो केवल नींद के दौरान शराब से दूर रहता है, वह पंजाब कैसे चला सकता है? सीएम मान को अल्कोहल टेस्ट कराना चाहिए और दोषी पाए जाने पर उन्हें सीएम पद से हटा देना चाहिए।” पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि अगर यह घटना सच पाई गई तो यह पंजाब की प्रतिष्ठा पर धब्बा होगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”जो सीट कभी प्रताप सिंह और कैप्टन अमरिन्दर सिंह जैसे नेताओं के पास थी, वहां अगर कोई पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में नशे में धुत होकर आता है, तो यह राज्य के लिए अपमान है।” मान, आप ने आरोपों से इनकार किया इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) ने विपक्षी विधायकों द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इसे मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश बताया। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मान ने कहा कि कांग्रेस के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, उन्होंने कहा, “और क्या परीक्षण किया जाना चाहिए?” उन्होंने यह भी कहा कि आप से बड़े पैमाने पर दलबदल की अफवाहों के बावजूद कांग्रेस विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान अनुपस्थित थी। #घड़ी | चंडीगढ़: पंजाब के सीएम भगवंत मान कहते हैं, “…उन सभी अटकलों पर आज विराम लग गया है जो कह रहे थे कि AAP के 65 या 40 विधायक जा रहे हैं।” pic.twitter.com/k9HazXZlYp – एएनआई (@ANI) 1 मई 2026 पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कांग्रेस के लिए एक निर्वाचित राज्य प्रमुख के खिलाफ “झूठे आरोप” लगाना “शर्मनाक” बताया, जो श्रमिकों के कल्याण और बेहतरी पर चर्चा करना चाहता था। सत्तारूढ़ AAP द्वारा मजदूर दिवस को चिह्नित करने और पंजाब के श्रमिक वर्ग को श्रद्धांजलि देने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था, पंजाब के छह सहित AAP के कई राज्यसभा सांसदों के इस्तीफा देने और भाजपा में शामिल होने के कुछ दिनों बाद। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : चंडीगढ़, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया क्या पंजाब विधानसभा में नशे में धुत होकर पहुंचे थे भगवंत मान? विपक्ष ने की अल्कोहल टेस्ट की मांग, सीएम ने दी प्रतिक्रिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)भगवंत मान अल्कोहल टेस्ट(टी)पंजाब विधानसभा विवाद(टी)नशे
जमीन के लालच में पिता को नशा मुक्ति केंद्र भेजा:शिवपुरी में कोर्ट की तारीख से पहले बेटों पर साजिश का आरोप; 17 बीघा जमीन का विवाद है

शिवपुरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन के लालच में दो बेटों ने अपने ही पिता को नशे का आदी बताकर नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित का चचेरा भाई तलाश करते हुए केंद्र पहुंचा और उसे मिलने नहीं दिया गया, इसके बाद शुक्रवार को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक गुना जिले के श्यामपुर निवासी जगदीश रघुवंशी ने बताया कि उनके चचेरे भाई गंगाराम रघुवंशी को उनके ही बेटों ने साजिश के तहत नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। बेटे 20 साल पहले अलग रहने लगे थे बताया जा रहा है कि गंगाराम की पत्नी और उनके दो बेटे सतीश और विक्की करीब 20 साल पहले अलग रहने लगे थे। इसी दौरान उन्होंने चालाकी से गंगाराम के नाम की करीब 17 बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। अब जब जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही थी, तब गंगाराम ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी। यह मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। 16 अप्रैल को केस की तारीख लगी थी और अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय थी। आरोप- बेटों ने अगवा करवाकर भर्ती किया आरोप है कि 20 अप्रैल को जब गंगाराम एक शादी समारोह में शामिल होने गुना आए थे, तभी उनके बेटों ने उन्हें अगवा कर लिया और शिवपुरी के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। आरोप है कि बेटों का मकसद था कि गंगाराम 30 अप्रैल की कोर्ट तारीख पर उपस्थित न हो सकें, जिससे वे जमीन पर कब्जा कर सकें। जगदीश रघुवंशी ने गंगाराम की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जब वह तलाश करते हुए नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया, जिससे शक और गहरा गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। केंद्र मैनेजर बोले- नशे की हालत में लाए गए थे मामले में नशा मुक्ति केंद्र प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई है। केंद्र के मैनेजर ब्रजेश पाठक का कहना है कि गंगाराम को उनके बेटे लेकर आए थे और वह नशे की हालत में थे। दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें भर्ती किया गया था। हालांकि बाद में परिजनों की आपत्ति पर गंगाराम को उनकी इच्छा अनुसार छोड़ दिया गया। वहीं नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद गंगाराम रघुवंशी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं और इसी वजह से उन्हें जबरन वहां भर्ती कराया गया।
क्या बृजभूषण शरण सिंह सपा में जा रहे हैं? संकेत, अखिलेश यादव की प्रशंसा ईंधन बज़ | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 17:47 IST अखिलेश यादव की तारीफ, बीजेपी के अंदरुनी असंतोष और बैकचैनल चर्चाओं के बीच बृजभूषण शरण सिंह के समाजवादी पार्टी में जाने की संभावना तेज हो गई है. फिलहाल, बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि वह भाजपा के साथ बने रहेंगे, हालांकि वह अतीत में अन्य दलों से ऑफर मिलने की बात स्वीकार करते हैं। (एपी फोटो, फाइल) भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर अटकलें तेज कर दी हैं, यह चर्चा तेज हो गई है कि वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालिया टिप्पणियों, राजनीतिक संकेतों और रिपोर्ट की गई बैकचैनल बातचीत से पता चलता है कि सिंह और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच चर्चा निर्णायक चरण में पहुंच सकती है। इन अटकलों को तब नई गति मिली जब सिंह ने लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भाजपा विधायक अनुपमा जयसवाल से मिलने के लिए सार्वजनिक रूप से यादव की प्रशंसा की। कठिन समय के दौरान एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी तक पहुंचने के यादव के भाव को सिंह ने राजनीतिक परिपक्वता और नेतृत्व का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यादव की यात्रा के बाद, कई भाजपा नेताओं ने भी यह सुझाव दिया कि सपा नेता ने एक मिसाल कायम की है। एक विरोध प्रदर्शन के दौरान जलने से घायल होने के बाद यादव जायसवाल से मिलने गए थे। महिला आरक्षण के मुद्दे पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान यादव के पुतले को आग लगाने की कोशिश में बहराईच से भाजपा विधायक अनुपमा जयसवाल झुलस गई थीं। उनकी यात्रा ने न केवल अपने मानवीय पहलू के लिए बल्कि गहरे ध्रुवीकृत माहौल में दिए गए राजनीतिक संदेश के लिए भी ध्यान आकर्षित किया। हाल के महीनों में सिंह द्वारा यादव की बार-बार की गई प्रशंसा ने इस सिद्धांत को बल दिया है कि वह एक बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही, सिंह ने भाजपा के भीतर असंतोष व्यक्त किया है। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि पार्टी के विस्तार के कारण कई वरिष्ठ नेताओं को किनारे कर दिया गया है, और नए प्रवेशकर्ता अक्सर पुराने पार्टी कार्यकर्ताओं को सहकर्मियों के बजाय प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखते हैं। इन टिप्पणियों को पार्टी की आंतरिक संरचना की सूक्ष्म आलोचना के रूप में देखा जा रहा है। उनका असंतोष आंशिक रूप से 2024 के लोकसभा चुनावों से उपजा हुआ प्रतीत होता है, जब उन्हें टिकट से वंचित कर दिया गया और उनकी जगह उनके बेटे को टिकट दे दिया गया। पिछले साल एक पॉडकास्ट में, सिंह ने दावा किया था कि उन्हें जनता की भावना से नहीं बल्कि एक “साजिश” के तहत हटाया गया था, और उन्होंने दावा किया कि वह सक्रिय चुनावी राजनीति में लौट आएंगे। उन्होंने उस अवधि के दौरान यादव के समर्थन को भी स्वीकार किया जब उन्हें गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ा, यह देखते हुए कि सपा नेतृत्व ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से नहीं बढ़ाया। सिंह ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि वह “बोझ” बन गए हैं, तो उन्हें खुलकर कहना चाहिए और वह 2027 के विधानसभा और 2029 के आम चुनावों में अपनी प्रासंगिकता प्रदर्शित करेंगे। इस टिप्पणी को व्यापक रूप से एक चुनौती और एक संकेत के रूप में पढ़ा गया है कि उन्होंने अपने विकल्प खुले रखे हैं। सूत्र बताते हैं कि कोई भी संभावित कदम पूर्वी उत्तर प्रदेश, विशेषकर गोंडा, बलरामपुर और अयोध्या जैसे जिलों में सीट-बंटवारे और राजनीतिक प्रभाव पर निर्भर हो सकता है। माना जाता है कि सिंह 20 से 25 विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों के चयन में भूमिका चाह रहे हैं, एक ऐसी मांग जो सपा नेतृत्व के साथ बातचीत को जटिल बना सकती है। हालांकि, यूपी के राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि सिंह 2008 में बीजेपी से निकाले जाने के बाद एसपी में शामिल हुए थे और 2009 का लोकसभा चुनाव एसपी के टिकट पर जीते थे। दिवंगत मुलायम सिंह यादव के साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव और अखिलेश यादव के साथ उनका निरंतर तालमेल वर्तमान घटनाक्रम में गहराई जोड़ता है। लखनऊ के डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के प्रमुख शशिकांत पांडे ने कहा कि सिंह का बड़ा बेटा वर्तमान में विधायक है, जबकि उनका छोटा बेटा संसद सदस्य के रूप में कार्यरत है। पांडे ने कहा, “सपा में पूर्ण बदलाव से उनकी सौदेबाजी की स्थिति मजबूत हो सकती है, लेकिन जटिलताएं भी पैदा हो सकती हैं, जिसमें उनके बेटे की संसदीय सदस्यता का संभावित नुकसान भी शामिल है। दूसरी ओर, एक आंशिक कदम उनके राजनीतिक आधार के बीच भ्रम पैदा कर सकता है।” पांडे ने कहा कि, यादव के लिए, स्थिति पर सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है। सिंह को पार्टी में लाने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में, खासकर कुछ जाति समूहों के बीच, सपा की स्थिति मजबूत हो सकती है। “बृज भूषण शरण सिंह का पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, खासकर गोंडा, बलरामपुर और बहराईच जैसे जिलों में महत्वपूर्ण प्रभाव बना हुआ है। यदि वह समाजवादी पार्टी में शामिल होते हैं, तो इससे कुछ प्रमुख जाति समूहों के बीच पार्टी की स्थिति मजबूत हो सकती है। हालाँकि, समाजवादी पार्टी को अपनी व्यापक सामाजिक गठबंधन रणनीति के साथ इसे संतुलित करना होगा। साथ ही, सिंह की विवादास्पद पृष्ठभूमि और पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों का गठबंधन बनाने के एसपी के व्यापक प्रयास को देखते हुए राजनीतिक जोखिम की भी संभावना है,” पांडे ने बताया। पूरी अटकलों पर यादव ने संभलकर जवाब दिया. जब सिंह से सपा में संभावित प्रवेश के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “भाजपा के भीतर, विशेष रूप से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग आहत और अपमानित महसूस कर रहे हैं और छोड़ना चाहते हैं। जहां तक पूर्व सांसद और गोंडा के एक नेता का सवाल है, जो अतीत में हमारे साथ जुड़े रहे हैं, केवल वही बता सकते हैं कि राजनीति क्या दिशा लेगी।” हालाँकि, बयान न तो इसकी पुष्टि करता है और न ही संभावना से इनकार करता है, लेकिन व्याख्या के लिए जगह छोड़ता है। फिलहाल, सिंह का कहना
तमिलनाडु में चुनाव के बाद टीवीके के ऑफिस में दुकान, पोस्ट भी दर्ज, पुलिस में शिकायत दर्ज, ईसी से पास की मांग

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित चार मई को होने वाली गणित की गिनती से पहले घटना से हलचल। तमिलनाडु में विधानसभा के चुनाव के बाद शुक्रवार (1 मई, 2026) को थलपति विजय की पार्टी तमिलंगा वेत्री कजगम (टीवीके) के तिरुचिरापल्ली जिले के श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र में स्थित लालची की घटना सामने आई है। इसके साथ ही ऑफिस से पार्टी के सभी पोस्टर और बैनर भी लगाए गए हैं। इस घटना को लेकर थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने स्थानीय पुलिस के पास अवैध शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा पार्टी ने चुनाव आयोग में हस्तक्षेप की भी मांग की है. टीवीके शोक ने अज्ञात लोगों पर लगाया आरोप त्रिचिरापल्ली (त्रिचि) जिले के श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र से टीवीके के दावेदार टीवीके राकेश ने पार्टी इलेक्शन ऑफिस में तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस मामले को लेकर सवाल उठाया है कि श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र में कौन सा सागर सागर में हो सकता है? उन्होंने कहा, ‘त्रिची के श्रीरांगल विधानसभा क्षेत्र के अंडानलूर यूनियन के पेट्टवैथलाई क्षेत्र में स्थित मेरा पंचायत कार्यालय आज शुक्रवार (1 मई, 2026) की सुबह अज्ञात लोगों की तरफ से आग लगने की घटना को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।’ वहां सभी लगे बैनर और पोस्टर भी दिए गए हैं।’ शिकायत दर्ज पुलिस स्टेशन दक्षिणी पार्टी के यूनियन सचिव घटना के बाद तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) के यूनियन सचिव ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में अवैध कब्जे और पार्टी की संपत्ति को नष्ट करने के आरोप में अवैध रूप से दर्ज शिकायत दर्ज की है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार कर उन पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। 4 मई को टेम्प्लेट में होनहार है स्टॉक्स की गिनती उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पिछले शनिवार गुरुवार (23 अप्रैल, 2026) को एक चरण के मतदान के साथ बहुमत हो गया है। अब चुनाव आयोग की ओर से सोमवार (4 मई, 2026) को चुनाव में वोटों की गिनती और सर्वे की घोषणा की जाएगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बार चुनाव के बाद आए एस्कॉलिट पोल में टीवीके को जनता का काफी समर्थन मिला। यह भी पढ़ें: मध्य पूर्व की तरह अगर भारत में कूड़ा जंग तो देश कितना तैयार, डीआरडीओ प्रमुख ने बताया कब तैयार होगा सुदर्शन चक्र (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु(टी)टीवीके(टी)थलपति विजय(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)चुनाव आयोग(टी)तमिलनाडु(टी)टीवीके(टी)थलपति विजय(टी)तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026(टी)चुनाव आयोग








