‘राजा शिवाजी’ से सामने आया सलमान का लुक:मूंछ और भगवा पगड़ी में नजर आए, फिल्म में जिवा महाले के किरदार में दिखे

फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में सलमान खान का पहला लुक सामने आया है, जिसमें वे मूंछों और भगवा पगड़ी में नजर आ रहे हैं। रितेश देशमुख निर्देशित यह फिल्म आज थिएटर्स में रिलीज हुई, जहां सलमान कैमियो भूमिका में जिवा महाले के किरदार में दिखे। फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित राजा शिवाजी मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म है। इसमें रितेश देशमुख मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म एक मल्टी-स्टारर प्रोजेक्ट है, जिसमें अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, फरदीन खान, विद्या बालन, बोमन ईरानी, महेश मांजरेकर और भाग्यश्री जैसे कलाकार शामिल हैं। फिल्म रिलीज के साथ ही उनका लुक सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वे पारंपरिक मराठा वेशभूषा में दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि सलमान के किरदार की आधिकारिक पुष्टि पहले नहीं की गई थी। अब फिल्म रिलीज के बाद यह साफ हुआ है कि वे एक स्पेशल रोल में नजर आए हैं। सलमान ने खुद फिल्म में काम करने की इच्छा जताई थी रितेश देशमुख ने फिल्म के प्रमोशन के दौरान बताया था कि सलमान ने खुद फिल्म में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि उनकी पिछली फिल्मों ‘लय भारी’ और ‘वेद’ में भी सलमान मौजूद थे। ऐसे में इस फिल्म में भी उन्होंने दोस्ती के चलते काम करने की इच्छा जताई। फिल्म में सलमान के कैमियो को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, कई यूजर्स ने उनकी एंट्री को दमदार बताया है। एक यूजर ने सलमान की एंट्री को “लय खतरनाक भाई” बताते हुए उनकी स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “सीन कड़क आहे एकदम”। सलमान के फैंस खासतौर पर उनके अलग लुक मूंछ और भगवा पगड़ी को पसंद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके इस अवतार को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
शादी में गई मां, बेटे ने साफ कर दी अलमारी:65 हजार कैश-ज्वेलरी लेकर फरार; राजेंद्र नगर में फ्लैट से छात्रों के लैपटॉप भी चोरी

इंदौर में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी। विजयनगर इलाके में एक बुजुर्ग महिला ने अपने ही बेटे पर घर से नकदी और जेवर चोरी करने का आरोप लगाया है, वहीं राजेंद्र नगर में बदमाश फ्लैट से दो छात्रों के लैपटॉप चुराकर फरार हो गए। विजयनगर थाना क्षेत्र के न्यू शीतल नगर में रहने वाली लक्ष्मीबाई (65) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि 28 अप्रैल की शाम वह एक शादी समारोह में गई थीं। वापस लौटने पर घर का गेट खुला मिला और अलमारी की चाबी भी लगी हुई थी। जांच करने पर करीब 65 हजार रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण और बेटी रेणुका व उसके बच्चों के जरूरी दस्तावेज गायब मिले। महिला ने आरोप लगाया कि उसका बेटा जितेंद्र खोजे ही घर का ताला तोड़कर यह सामान ले गया। घटना के समय घर में उसका दूसरा बेटा भी मौजूद था। प्रेम प्रसंग में पहले भी कर चुका वारदात पुलिस के मुताबिक आरोपी जितेंद्र का एक शादीशुदा महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा है। इसी के चलते वह पहले भी घर में चोरी जैसी हरकत कर चुका है। बेटे की इन हरकतों से परेशान होकर मां ने गुरुवार को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। राजेंद्र नगर में छात्रों के लैपटॉप चोरी एक अन्य मामले में राजेंद्र नगर इलाके में बदमाशों ने एक फ्लैट को निशाना बनाया। उज्ज्वल सरैया और उसका दोस्त कुनाल नेगी, जो बीटेक के छात्र हैं, किराए के फ्लैट में रहते हैं। रात 3 बजे तक पढ़ाई करने के बाद सुबह जल्दबाजी में दरवाजा खुला रह गया। इसी दौरान चोर फ्लैट में घुसे और दोनों के लैपटॉप चोरी कर ले गए।
स्वाद के साथ सेहत का खजाना है यह चमत्कारी तेल, शरीर में अकड़न हो या जकड़न होगा तुरंत छूमंतर! – News18 हिंदी

X स्वाद के साथ सेहत का खजाना है यह तेल, जोड़ों का दर्द होगा तुरंत छूमंतर Health Tips: औषधीय और बहुगुणी खूबियों से भरपूर महुआ ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होता है. इससे न सिर्फ ग्रामीणों को खाद्य तेल प्रचुर मात्रा में मिल जाता है बल्कि अच्छी आमदनी भी होती है. महुआ के बीज से निकला डोरी के तेल के फायदे बताते हुए रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन (MD) डॉक्टर दीपक कुलश्रेष्ठ ने कहा कि डोरी के फल से अर्थ महुआ के फल से है. इस फल को चुनने के बाद ग्रामीण उसके बीज को निकालते हैं और धूप में सुखाते हैं. सूखे हुए बीज को उबालने के बाद उसका चूर्ण बना लेते हैं. उसके बाद इससे तेल निकालते हैं. डोरी का तेल खाने के साथ-साथ शरीर पर लगाने के भी काम में आता है. इस तेल से शरीर में होने वाले दर्द से राहत मिलती है. जोड़ों के दर्द में भी यह असरदार माना जाता है. शरीर में जकड़न, दर्द और जोड़ों के दर्द में इसका तेल काफी उपयोगी है. इसके लगाने से सिरदर्द से राहत के साथ-साथ अनिद्रा से छुटकारा मिलता है. शरीर और चेहरे पर दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं. महुआ तेल बालों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
खन्ना के युवक की अमेरिका में मौत:हार्टअटैक आया, दो साल पहले गया था विदेश, स्टोर पर करता था काम

लुधियाना जिले के खन्ना के पास स्थित गांव घणगस के एक युवक की अमेरिका में मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। गांव घणगस निवासी 29 वर्षीय महक सिंह, बेहतर भविष्य की तलाश में 1 अप्रैल 2024 को कनाडा गया था और बाद में अमेरिका चला गया। अमेरिका के इंडियाना में वह एक स्टोर पर काम कर रहा था। मृतक के पिता उदय सिंह ने बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार 15 अप्रैल को बात हुई थी। उस समय महक सिंह ठीक था और परिवार की चिंता कर रहा था। महक की बुआ सुखविंदर कौर ने बताया कि 21 अप्रैल को भी महक से बातचीत हुई थी। वह सामान्य रूप से बात कर रहा था और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी के बारे में चर्चा कर रहा था। जिसके बाद परिजनों को 22 अप्रैल की सुबह परिवार को फोन पर महक सिंह की मौत की सूचना मिली। बताया जाता है कि हार्टअटैक आने से महक सिंह मौत हुई। केंद्र और पंजाब सरकार से मदद की अपील इस घटना के बाद परिवार के सामने महक का शव भारत लाने की चुनौती है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे शव को वापस लाने का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं। परिवार चाहता है कि महक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में हो। परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से मदद की अपील की है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज मनजीत सिंह मदनीपुर ने भी परिवार के साथ दुख सांझा किया और सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए तथा महक के शव को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। पायल विधानसभा क्षेत्र से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि वे सीएम भगवंत मान के माध्यम से केंद्र सरकार से राबता करके महक का शव भारत लाने में पूरी मदद करेंगे। इस समय गांव घणगस का माहौल बेहद गमगीन है। हर आंख नम है और परिवार अपने लाडले की अंतिम झलक पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
बुद्ध पूर्णिमा पर तुलाई बंद, किसानों ने किया चक्काजाम:आगर मालवा में बिना सूचना केंद्र बंद होने से भड़के किसान, आश्वासन के बाद खुला मार्ग

आगर मालवा जिले के बड़ौद क्षेत्र में गेहूं खरीदी केंद्र पर बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश के कारण तुलाई बंद होने से किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम कंकड़ेल के समीप स्थित सायलो गेहूं उपार्जन केंद्र पर शुक्रवार को तुलाई कार्य बिना पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया था। जानकारी के अभाव में कई किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पर पहुंचे। तुलाई बंद मिलने पर वे आक्रोशित हो गए और उन्होंने डग-बड़ौद मार्ग स्थित गोशाला के पास चक्काजाम कर दिया। किसान सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। चक्काजाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। किसानों ने आरोप लगाया कि वे पिछले कई दिनों से अपनी उपज लेकर केंद्र पर आ रहे हैं, लेकिन उचित व्यवस्थाओं के अभाव में उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रूप सिंह बेस पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाइश दी और अधिकारियों द्वारा तुलाई जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिससे यातायात सामान्य हो सका। इस संबंध में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी एम.एल. मालवीय ने बताया कि कुछ किसानों का गेहूं पिछले दिन तुलाई से शेष रह गया था। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद उन किसानों का गेहूं तुलवाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुद्ध पूर्णिमा के कारण अवकाश था, लेकिन किसानों की परेशानी को देखते हुए यह समाधान निकाला गया है।
‘बंगाला में बीजेपी सत्ता में आई तो…’ बांग्लादेश की संसद में विधानसभा चुनाव को लेकर क्या बोला बांग्लादेशी अल्पसंख्यक, मचा हंगामा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोट पूरी हो गई है। बंगाल की सत्ता कौन बनाएगा, इसका फैसला तो 4 मई को नतीजे आने के बाद ही हो सकता है, लेकिन इससे पहले ज्यादातर एगलिट पोल राज्य में पहली बार कमल खिलता दिखा रहे हैं। एक्जालिट पोल्स की चर्चा बंगाल और भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश में भी इसकी चर्चा दे रही है। वहां के एक सांसद का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. चर्चा में बांग्लादेशी न्यूमेरिक का बयान बांग्लादेश की रंगपुर सीट से नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के मोमिन अख्तर हुसैन का पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर नया बयान दिया गया है। अख्तर ने बंगाल में बीजेपी की जगह को लेकर चिंता जताई है। बांग्लादेशी सांसद ने कहा कि बंगाल में समाजवादी पार्टी और चुनावी रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को आगे दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार बनी तो ढेका को संकट का सामना करना पड़ सकता है. बांग्लादेशी आतंकियों ने कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशियों को बंगाल से वापस ले जाने वाले दल के विनाश की पेशकश करते हुए कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार सफल हो जाती है तो वह उन लोगों को सीमा पार भेज देंगे, जिनमें अवैध घुसपैठिया शामिल हैं। क्या बोले एनसीपी मौलाना अख्तर हुसैन ? बांग्लादेशी बहुमत में शामिल एनसीपी सांसद ने कहा, ‘अगर पश्चिम बंगाल के चुनावी सर्वेक्षण में बीजेपी की जीत होती है और अगर बीजेपी वहां सरकार बनाती है, तो वे सभी ‘कांगलू’ लोगों को बांग्लादेश में बुलाएंगे।’ हमारे लिए एक बड़ा मानव, आर्थिक और सितारा संकट खड़ा होगा। हम इस बात को लेकर चिंतित हैं।’ ‘कांगलू’ शब्द का इस्तेमाल बांग्लादेश से आया बांग्लादेशी अवैध मुस्लिम आक्रमणकारियों के लिए किया जाता है। 4 मई को आएंगे बंगाल चुनाव के नतीजे पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को 142 विधानसभा सीटों पर चुनाव के दूसरे चरण में 92.47 प्रतिशत वोट हुए। इस तरह, दोनों स्टेज का कुल औसत प्रतिशत प्रतिशत रिकॉर्ड 92.85 तक पहुंच गया। ज्यादातर डिजिटल पोल्स में बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही है। हालांकि 4 मई को नतीजे आने के बाद ही साफ हो जाएगा कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी। (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)बांग्लादेश समाचार(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)एग्जिट पोल(टी)टीएमसी(टी)बांग्लादेश(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)बांग्लादेश नामांकन बयान(टी)हुसैन अख्तर बयान(टी)बीजेपी(टी)बंगाल कांग्रेस पोल
खंडवा में जनगणना कार्य को लेकर सख्ती:अधिकारी और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक, पहले से ली गई छुट्टियां भी रद्द

भारत की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने खंडवा जिले में सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने 1 मई से शुरू हो रहे मकानों के सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) कार्य को गंभीरता से लेते हुए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। जिला जनगणना अधिकारी बजरंग बहादुर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 मई से 30 मई 2026 तक जिले में मकानों के सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। यह जनगणना की प्रक्रिया का अहम चरण है, जिसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इसी के मद्देनजर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इस अवधि में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के अवकाश पर नहीं जा सकेगा। इतना ही नहीं, सभी को मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है। पहले से मंजूर छुट्टियां भी रद्द प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी प्रकार के पूर्व स्वीकृत अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। मुख्यालय अवकाश भी रद्द रहेगा। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को 1 मई को दोपहर पूर्व तक अनिवार्य रूप से मुख्यालय पर उपस्थित होना होगा। जनगणना कार्य को लेकर प्रशासन सतर्क प्रशासन का मानना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी नहीं होनी चाहिए। यही कारण है कि पूरे एक माह तक चलने वाले इस अभियान के दौरान फील्ड स्तर पर पूरी मानव संसाधन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह सख्त निर्णय लिया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जनगणना 2027 की दिशा में यह कदम प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है, जहां हर स्तर पर तैयारियों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
बिजली तार से गला घोंटा, सुसाइड दिखाने पेड़ पर लटकाया:कटनी में आम के पेड़ पर लटकी मिली थी लाश, प्रेमिका सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

कटनी के विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने भैंसवाही गांव में हुई एक अंधे कत्ल पुलिस ने खुलासा किया है। युवक की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने उसकी प्रेमिका, उसके भाई और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में इसे मामला आत्महत्या का लग रहा था, हालांकि पुलिस जांच में यह मामला प्लानिंग के तहत किए गए मर्डर का निकला। आम के पेड़ पर बिजली के तार से लटका मिला था शव थाना प्रभारी रितेश शर्मा ने बताया कि 27 अप्रैल को हरीश साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके पिता संतराम साहू ने खेत की मेड़ पर लगे आम के पेड़ पर बिजली के तार से फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीएम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की हुई पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले की दिशा बदल दी। रिपोर्ट में सामने आया कि मृतक की नाक पर गंभीर चोट के निशान थे। साथ ही, बिजली के तार को इतनी जोर से खींचा गया था कि उनकी श्वासनली का छल्ला टूट गया था। इससे गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रेमिका ने भाई और उसके साथियों के साथ मिलकर किया मर्डर जांच के दौरान, पुलिस ने मुखबिरों और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर गांव की पिंकी कोल को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में पिंकी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसके और मृतक संतराम साहू के बीच प्रेम संबंध थे, जो बाद में विवाद का कारण बन गए। इसी रंजिश के चलते पिंकी ने अपने भाई और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। बिजली के तार को गले में फंसाकर दोनों तरफ से खींचा पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से संतराम साहू को अपने घर बुलाया। वहां पिंकी कोल ने ईंट से हमला कर संतराम की नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। इसके बाद पिंकी के भाई रवि कोल और उसके साथियों इत्तू भतरा और मोनू भतरा ने बिजली के लंबे तार को संतराम के गले में फंसाकर दोनों तरफ से जोर से खींचा। दम घुटने से मौके पर ही संतराम की मृत्यु हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने इसे आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ से लटकाने का प्रयास किया। पुलिस नेचारों मुख्य आरोपी पिंकी कोल (प्रेमिका), रवि कोल (भाई) इत्तू भतरा और मोनू भतरा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल वारंट पर जिला जेल कटनी भेज दिया गया है।
चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक:हाईकोर्ट ने बिजली कंपनी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- प्रक्रिया पहली नजर में संदिग्ध

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर की संविदा नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध मानते हुए नियुक्ति पर स्टे दे दिया। उज्जैन रीजन के चीफ इंजीनियर बाबूलाल चौहान 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। तय योजना के अनुसार उन्हें 1 मई से उसी पद पर संविदा नियुक्ति दी जानी थी, लेकिन मामला कोर्ट पहुंचने के बाद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए। जानकारी के मुताबिक, इतने बड़े पद पर संविदा नियुक्ति के लिए पहले कोई स्पष्ट नियम नहीं थे। हाल ही में कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नई नीति बनाई और सप्ताहभर में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई। जांच समिति ने प्रक्रिया में कमियां भी बताईं, लेकिन इसके बावजूद फाइल आगे बढ़ा दी गई। 21 इंजीनियर पहुंचे कोर्ट, पेश किए दस्तावेज इस मामले में कंपनी के 21 वरिष्ठ इंजीनियरों ने याचिका दायर कर प्रक्रिया को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं में पूर्व चीफ इंजीनियर कामेश श्रीवास्तव, राजेंद्र नेगी, सुधीर आचार्य और अचल जैन शामिल हैं। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर ने दस्तावेज पेश करते हुए तर्क दिया कि अन्य बिजली कंपनियों में ऐसी संविदा नीति लागू नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया कि जिस पद पर संविदा नियुक्ति की जा रही है, वह पद संविदा श्रेणी में सृजित ही नहीं है और न ही सार्वजनिक रूप से आवेदन बुलाए गए। इन तर्कों को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी। बिजली कंपनी में चीफ इंजीनियर जैसे पद पर नियुक्ति सामान्यतः वर्षों के अनुभव और प्रमोशन के आधार पर होती है। इस संविदा नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने विभागीय पारदर्शिता और प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
ममता बनाम चुनाव आयोग: ‘ईवीएम हेरफेर’ को लेकर भवानीपुर युद्धक्षेत्र में बदल गया, टकराव विरोधी चरमोत्कर्ष पर समाप्त हुआ | भारत समाचार

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 11:51 IST ममता बनर्जी और टीएमसी ने कोलकाता के स्ट्रांगरूम में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया, विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज कर दिया. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. (स्रोत: पीटीआई) पश्चिम बंगाल में हिंसा से भरे दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के एक दिन बाद, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के युद्धक्षेत्र भबनीपुर में गुरुवार रात को ईवीएम हेरफेर के आरोपों पर एक हाई-वोल्टेज ड्रामा सामने आया। हालाँकि, चुनाव आयोग द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन में आरोपों को खारिज करने के बाद आरोप थम गए। यह विवाद तब शुरू हुआ जब टीएमसी ने मध्य कोलकाता में खुदीराम अनुशीलन केंद्र के अंदर संदिग्ध गतिविधि का आरोप लगाया, जहां सभी सात उत्तरी कोलकाता विधानसभा सीटों की ईवीएम रखी गई हैं। कोलकाता में खुदीराम अनुशीलन केंद्र में चुनाव सामग्री के प्रबंधन में बड़ी खामियों का आरोप लगाते हुए टीएमसी द्वारा एक वीडियो प्रसारित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भबनीपुर में एक ईवीएम होल्डिंग सेंटर में चले गए। पार्टी ने बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) और चुनाव आयोग पर मिलकर काम करने का आरोप लगाया. पार्टी ने तीखे शब्दों में एक पोस्ट में कहा कि फुटेज में अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना लोगों द्वारा मतपेटियां खोली जा रही हैं और कहा गया है कि यह एक गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग दोनों चुनावी कदाचार में शामिल हैं। रात करीब साढ़े आठ बजे जब कथित वीडियो प्रसारित हुआ, तब तक टीएमसी उम्मीदवार शशि पांजा और कुणाल घोष घटनास्थल पर पहुंच गए थे और नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर धरना देना शुरू कर दिया था। भाजपा का गेम प्लान खुलकर सामने आ गया है और यह विफलता का खाका है। उन्होंने एसआईआर के माध्यम से वैध मतदाताओं को हटा दिया। वे विफल रहें। उन्होंने तटस्थ अधिकारियों को हटा दिया और अपने स्वयं के चापलूस स्थापित कर दिए। वह भी असफल रहा. उन्होंने आधी रात को नेताजी इंडोर स्टेडियम में डकैती का भी प्रयास किया… pic.twitter.com/EJU8CRncE2 – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 30 अप्रैल 2026 ममता भबनीपुर स्ट्रांगरूम पहुंचीं जैसे ही यह खबर फैली कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आ रही हैं, बड़ी संख्या में तृणमूल कार्यकर्ता जुटने लगे। हालाँकि, मुख्यमंत्री दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रांगरूम में गईं, जहाँ वह लगभग चार घंटे तक रहीं। यह कहते हुए कि उनकी पार्टी को राज्य के विभिन्न हिस्सों में ईवीएम से छेड़छाड़ की खबरें मिली हैं, बनर्जी ने कहा, “यहां ईवीएम के लिए एक स्ट्रॉन्ग रूम है। हमने पाया कि कई जगहों पर हेरफेर हो रहा है। जब मैंने टीवी पर सीसीटीवी देखा, तो मैंने सोचा कि मुझे भी जाकर देखना चाहिए। शुरुआत में, केंद्रीय बलों ने मुझे प्रवेश नहीं करने दिया। लेकिन हमारे चुनाव नियमों के अनुसार, किसी भी पार्टी के उम्मीदवार और चुनाव एजेंट को सीलबंद कमरे तक जाने की अनुमति है।” हमारे मीडिया-प्रेमी @सीईओवेस्टबंगालश्री मनोज कुमार अग्रवाल को देर रात की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय अपने संवैधानिक जनादेश को प्राथमिकता देनी चाहिए। जबकि वह प्रकाशिकी के प्रबंधन में व्यस्त है, @बीजेपी4इंडिया नेताजी इंडोर में सीलबंद मतपेटियों को जबरदस्ती तोड़ने का प्रयास करते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ है… pic.twitter.com/saeBC7n9n5– अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 30 अप्रैल 2026 उन्होंने आगे भारतीय चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, “हमारे एजेंट को गिरफ्तार किया गया है, बहुत एकतरफा काम हुआ है। उसके बाद भी अगर कोई ईवीएम मशीन चुराने की कोशिश करेगा, अगर कोई काउंटिंग चुराने की कोशिश करेगा तो हम जिंदगी और मौत से मिलकर लड़ेंगे।” वहीं, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री उत्तरी कोलकाता सीटों के लिए उम्मीदवार या अधिकृत एजेंट नहीं थीं और इसलिए, उन्हें उस सुविधा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है, जहां छेड़छाड़ के आरोप सामने आए थे। नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर तनाव व्याप्त हो गया क्योंकि भाजपा उम्मीदवारों तापस रॉय और संतोष कुमार पाठक ने स्थल के पास टीएमसी नेताओं और समर्थकों के जमावड़े पर आपत्ति जताई। उत्तरी कोलकाता के स्ट्रांगरूम के अंदर टीएमसी द्वारा कथित संदिग्ध गतिविधि का वीडियो ट्वीट करने के बाद पार्टी उम्मीदवार कुणाल घोष ने कहा कि उनके उम्मीदवार दोपहर 3:30 बजे तक स्ट्रांगरूम में थे. उन्होंने कहा कि उन्हें जगह खाली करने के लिए कहा गया और फिर शाम 4 बजे के आसपास इसे फिर से खोल दिया गया। घोष ने कहा कि उन्होंने साइट पर पार्टी कार्यकर्ताओं से यह जांचने के लिए कहा था कि क्या हो रहा है और फिर उन्हें सूचित किया गया कि वे पहले ही जा चुके हैं। घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “फिर शशि और मैं स्ट्रॉन्गरूम की ओर भागे, लेकिन हमें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई।” आधी रात की प्रेस कॉन्फ्रेंस में, अग्रवाल ने घोष के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि यह “गलत संचार” का एक स्पष्ट मामला था। उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों को डाक मतपत्र प्रक्रिया के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था। उत्तरी कोलकाता निर्वाचन क्षेत्र में, चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विरोध जल्द ही शांत हो गया। इसके बाद मुख्यमंत्री भी दक्षिण कोलकाता निर्वाचन क्षेत्र के स्ट्रांगरूम से बाहर आ गईं, जहां वह पिछले चार घंटे से थीं. चुनाव आयोग ने क्या कहा? भारत के चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और स्ट्रांगरूम सुरक्षित रहे। इसमें कहा गया है कि मतदान के बाद उम्मीदवारों, उनके एजेंटों और सामान्य पर्यवेक्षक की उपस्थिति में खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी सात स्ट्रांगरूम को सील कर दिया गया, और अंतिम कमरे को सुबह लगभग 5:15 बजे सुरक्षित कर दिया गया। चुनाव निकाय ने स्पष्ट किया कि डाक मतपत्रों के लिए एक अलग स्ट्रॉन्गरूम नामित किया गया है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ईटीपीबीएस) के माध्यम से प्राप्त मतपत्र भी शामिल हैं, और कहा कि राजनीतिक दलों को पृथक्करण प्रक्रिया के बारे में ईमेल सहित पहले से सूचित किया गया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने भी दावों को खारिज कर दिया,








