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आम आदमी पार्टी ने मजदूर दिवस पर सरकार को घेरा:नीमच में श्रमिकों का सम्मान कर रेन बसेरा-शौचालय की कमी उठाई

आम आदमी पार्टी ने मजदूर दिवस पर सरकार को घेरा:नीमच में श्रमिकों का सम्मान कर रेन बसेरा-शौचालय की कमी उठाई

नीमच में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को शहर के सब्जी मंडी स्थित मजदूर चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर श्रमिकों के हक में आवाज उठाई। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने मजदूरों के साथ समय बिताया और उनके योगदान की सराहना की। मजदूरों का किया सम्मान कार्यक्रम में वरिष्ठ मजदूरों का माला पहनाकर सम्मान किया गया। राजस्थान प्रभारी अर्जुन कुमावत और प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए उनकी भूमिका को समाज का आधार बताया। बुनियादी सुविधाओं पर उठाए सवाल नेताओं ने आरोप लगाया कि मजदूरों को अब भी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि नीमच में बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए न रेन बसेरा है और न ही पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था। नगर पालिका पर लगाए आरोप प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने कहा कि सब्जी मंडी मजदूर चौक पर रोज सैकड़ों श्रमिक इकट्ठा होते हैं, लेकिन यहां न छाया की व्यवस्था है और न ही ठंडे पानी की सुविधा। मजदूरों को खुले मैदानों में रात गुजारनी पड़ती है। अन्य नगरों में भी हुए कार्यक्रम पार्टी ने बताया कि जीरन, मनासा, कुकड़ेश्वर, रामपुरा, अठाना और सिंगोली सहित अन्य नगर परिषद क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित कर श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। संघर्ष जारी रखने का संकल्प इस अवसर पर चंद्रेश सेन, बालचंद्र वर्मा, अशोक सागर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मजदूरों को उनका हक दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

भीषण गर्मी में जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानिए डिहाइड्रेशन के लक्षण और बचाव के आसान तरीके

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अंबाला: हरियाणा में इन दिनों लगातार बढ़ती गर्मी और उच्च तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. चिलचिलाती धूप और लू के कारण लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ रहा है और ऐसे मौसम में जरा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि अंबाला समेत हरियाणा के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. दोपहर के समय अंबाला के बाजार और मुख्य मार्ग भी सूने नजर आते हैं, क्योंकि बढ़ती गर्मी से लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ रहा है. शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी इस बारे में जानकारी देते हुए अंबाला नागरिक अस्पताल की आरएमओ डॉ. अदिति गौतम ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर से पसीने के रूप में पानी तेजी से निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए दिन की शुरुआत सुबह उठते ही एक से दो गिलास पानी पीकर करनी चाहिए और पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी का सेवन करते रहना चाहिए.उन्होंने बताया कि दोपहर के समय तापमान काफी अधिक रहता है, इसलिए घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा (गॉगल्स) लगाएं और छाता साथ रखें. केवल पानी ही नहीं, बल्कि पानी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन भी जरूरी है. क्या खाएं और क्या न खाएं गर्मियों में तरबूज, खरबूजा, खीरा और नारियल पानी जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शरीर को ठंडक देते हैं और जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं. इसके अलावा नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को तरोताजा बनाए रखते हैं. डॉ. गौतम ने सलाह दी कि घर का ताजा भोजन ही करें और रात का बचा हुआ खाना बिल्कुल न खाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि कोल्ड ड्रिंक्स, अधिक चाय और कॉफी का सेवन सीमित करें, क्योंकि इनमें मौजूद शुगर और कैफीन शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकते हैं. साथ ही बाहर का अस्वच्छ और बासी भोजन खाने से बचें, क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. डिहाइड्रेशन के लक्षण पहचानें उन्होंने बताया कि त्वचा में रूखापन, आंखों के नीचे कालापन, अत्यधिक थकान या पेशाब का गहरा पीला रंग ये सभी शरीर में पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं. ऐसे में तुरंत तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना चाहिए.यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय गर्मी से बचाव के लिए दोपहर के समय सिर ढककर ही बाहर निकलें. हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें और अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें. घर लौटने के तुरंत बाद ठंडा पानी न पिएं, बल्कि पहले शरीर का तापमान सामान्य होने दें, फिर सामान्य पानी का सेवन करें. अस्पताल में विशेष व्यवस्था डॉ. गौतम ने बताया कि अंबाला नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं. यहां हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष कक्ष भी बनाया गया है. इमरजेंसी वार्ड में ORS पैकेट के लिए अलग काउंटर है, जहां से लोग निशुल्क ORS ले सकते हैं.मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में एसी, कूलर और पंखों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बढ़ती गर्मी में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो.

गर्मियों में सत्तू रेसिपी: चिलचिलाती धूप और लू का काल है सत्तू शरबत, 2 मिनट में तैयार करें देसी एनर्जी ड्रिंक; ठंडा रहेगा पेट

गर्मियों में सत्तू रेसिपी

1 मई 2026 को 11:09 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों में सत्तू रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी के दिन शुरू होते ही धूप में निकलना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ-साथ लू ली का डर भी सताता रहता है। इस टेप सीज़न में भी सत्तू शरबत का देसी पेय ऐसा होता है, जो पेट को ठंडा और शरीर को मजबूत बनाए रख सकता है। आइए आपको बताते हैं कि इस ड्रिंक को आप घर पर कैसे तैयार कर सकते हैं। अनुसरण करना : गर्मियों में देसी ड्रिंक बनाने के लिए सबसे पहले भुने हुए चने जरूर बनाएं। सत्तू को भूने जाते हैं चानों को पीसकर बनाया जाता है। छवि: एआई सत्तू पीने का तरीका: 2 सत्तू को ठंडा पानी में पियें। इसमें काला नमक, जीरा और लेप तैयार किया गया। बस इन सभी अच्छे तरह से मिक्स कर लें और आपका एनर्जी ड्रिंक तैयार है। छवि: एआई सत्तू में प्रचुर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाया जाता है। ये बेकार का अच्छा स्रोत होता है, जो शरीर में जैविक ऊर्जा बनाए रखता है। इसके साथ ही बॉडी बनाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। छवि: एआई अगर पेट से जुड़ी कोई भी समस्या है तो सत्तू की ये देसी ड्रिंक राहत दिलाती है। सत्तू की तासीर सार्वभौमिक है, जो मेटाबोलिज्म को सही करता है। इसके साथ ही खराब होने वाली समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है। छवि: एआई सत्तू से बनी ड्रिंक पीने के बाद पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इससे आप फालतू नेचुरल फूड से बच सकते हैं। साथ ही ये वेट लॉस का सबसे बेहतरीन नुस्खा माना जाता है। छवि: एआई सत्तू पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित होता है और आपको डायरिया से मुक्ति मिलती है। चिलचिलाती धूप में गर्मी और लू का ये है पक्का इलाज। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 1 मई 2026 11:09 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सत्तू शरबत के फायदे(टी)देसी एनर्जी ड्रिंक(टी)हाई प्रोटीन समर ड्रिंक्स(टी)वजन घटाने के लिए सत्तू के फायदे(टी)गर्मियों के लिए प्राकृतिक ठंडक देने वाले ड्रिंक्स(टी)सत्तू ड्रिंक कैसे बनाएं

रायसेन में आंधी-तूफान से बिजली गुल, पोल गिरे:दिन के तापमान में 3 और रात में 8 डिग्री की गिरावट से राहत, किसानों की उपज पर संकट

रायसेन में आंधी-तूफान से बिजली गुल, पोल गिरे:दिन के तापमान में 3 और रात में 8 डिग्री की गिरावट से राहत, किसानों की उपज पर संकट

रायसेन में गुरुवार रात 11 बजे तेज आंधी तूफान से बिजली गुल हो गई और ग्रामीण इलाकों में बिजली के खंभे तथा पेड़ गिर गए। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की चिंताएं बढ़ गईं। गुरुवार दोपहर के बाद आसमान में बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई थी जो देर रात तक जारी रही। रात को 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी ने शहर को ब्लैकआउट कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बिजली के पोल धराशाई हो गए और पेड़ों की टहनियां टूट गईं। लगभग 15 मिनट तक चली इस आंधी से कई घरों के छप्पर भी उड़ गए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बदले मौसम के कारण तापमान में गिरावट आई। दिन का तापमान 43 डिग्री से घटकर 40 डिग्री पर आ गया है। और रात के तापमान 29 डिग्री से घटकर 21 डिग्री पर दर्ज किया गया। भीषण गर्मी के बीच इस बदलाव से लोगों को काफी राहत मिली। हालांकि, मौसम के इस बदलाव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कृषि उपज मंडी और सरकारी गेहूं खरीदी केंद्रों पर रखा हजारों क्विंटल अनाज बारिश के पानी से खराब होने के खतरे में आ गया। किसान अपनी उपज को बचाने के लिए मशक्कत करते दिखे। कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने भी खुले में रखे अपने अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। आंधी के कारण उदयपुरा ब्लॉक में एक स्कूल परिसर में कई साल पुराना एक पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त पेड़ के आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया है।

गर्मियों में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं, किस तरह पी रहे हैं यह भी है अहम; भूलकर भी न करें पानी पीने से जुड़ी ये गलतियां

गर्मियों में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं, किस तरह पी रहे हैं यह भी है अहम; भूलकर भी न करें पानी पीने से जुड़ी ये गलतियां

Last Updated:May 01, 2026, 10:47 IST Mistakes While Drinking Water: गर्मी के मौसम में सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं है, बल्कि आपका तरीका भी मायने रखता है. जानें पानी पीने से जुड़ी उन 5 बड़ी गलतियों के बारे में, जो आपकी सेहत और पाचन बिगाड़ सकती हैं. Common water drinking mistakes : पानी तो सभी पीते हैं, लेकिन इसे पीने का तरीका आपके शरीर के कामकाज में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अक्सर लोग केवल पानी की “सही मात्रा” पर ध्यान देते हैं, लेकिन समय, पानी पीने की गति और आपका पोश्‍चर जैसे अन्य कारकों को नजरअंदाज कर देते हैं। पानी बहुत तेजी से पीना, इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी और प्यास लगने तक इंतजार करना जैसी गलतियां हाइड्रेशन की प्रभावशीलता को कम कर सकती हैं. क्यों जरूरी है सही तरीका? दरअसल, आपका हाइड्रेशन लेवल सीधे तौर पर आपकी एनर्जी, डाइजेशन और ओवरऑल कम्फर्ट से जुड़ा है. जब शरीर सही तरह से हाइड्रेटेड नहीं होता, तो थकान और सुस्ती महसूस होना आम है. अपनी डेली रूटीन में थोड़े से ‘स्मार्ट’ बदलाव करके आप न केवल अपनी आदतों को सुधार सकते हैं, बल्कि खुद को पहले से कहीं ज्यादा एक्टिव और हेल्दी महसूस करा सकते हैं. ‘सिपिंग’ शुरू करें- ज्यादातर लोगों को लगता है कि एक साथ ढेर सारा पानी पीने से वे जल्दी हाइड्रेट हो जाएंगे, लेकिन यह एक मिथ है. हकीकत यह है कि शरीर एक बार में बहुत ज्यादा पानी एब्जॉर्ब नहीं कर पाता और वह बिना किसी फायदे के सिस्टम से बाहर निकल जाता है. इसका सही और ‘प्रो’ तरीका यह है कि पूरे दिन छोटे-छोटे घूँट (sips) लेकर पानी पिएं ताकि शरीर उसे ढंग से इस्तेमाल कर सके. Add News18 as Preferred Source on Google कब पीना है सबसे जरूरी? इर्रेगुलर तरीके से पानी पीने से शरीर ‘डिहाइड्रेशन मोड’ में चला जाता है, जिससे फोकस की कमी और थकान होती है. हाइड्रेशन में टाइमिंग बहुत बड़ा रोल प्ले करती है. सुबह उठने के बाद, मील (meal) से पहले और बाद में, और वर्कआउट के बाद पानी पीना आपके एनर्जी लेवल को कंसिस्टेंट रखता है और शरीर का बैलेंस बनाए रखता है. खाने के साथ ‘नो वॉटर’ जोन- भोजन के दौरान बहुत अधिक पानी पीना आपके पेट के एसिड्स और एंजाइम्स को ‘डाइल्यूट’ कर सकता है, जो डाइजेशन के लिए सही नहीं है. इससे अक्सर ब्लोटिंग या भारीपन महसूस होता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो खाने के दौरान सिर्फ एक-दो घूँट ही पिएं और पानी की असली मात्रा को मील से पहले या करीब 30 मिनट बाद के लिए बचाकर रखें. सिर्फ पानी काफी नहीं, इलेक्ट्रोलाइट्स भी हैं मस्ट- खासकर गर्मियों में या इंटेंस वर्कआउट के दौरान, पसीने के जरिए शरीर से सोडियम जैसे मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में सिर्फ सादा पानी पीने से शरीर का बैलेंस वापस नहीं आता और आप थका हुआ महसूस करते हैं. इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए नींबू-पानी या नारियल पानी जैसे नेचुरल ड्रिंक्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. चिल्ड वॉटर सेहत के लिए खतरा? टीओटी की खबर के मुताबिक, बर्फ जैसा ठंडा पानी पीने में तो रिफ्रेशिंग लगता है, लेकिन यह डाइजेशन को स्लो कर सकता है. खाली पेट या खाने के साथ ‘आइस-कोल्ड’ वॉटर पीना बेस्ट ऑप्शन नहीं है. इसके बजाय रूम टेम्परेचर या हल्का ठंडा पानी पिएं, क्योंकि हमारा शरीर इसे ज्यादा आसानी से एब्जॉर्ब करता है और यह पेट के लिए भी आरामदायक होता है. प्यास का इंतजार करना है आपकी सबसे बड़ी भूल- जब आपको प्यास लगती है, तो असल में वह इस बात का सिग्नल है कि आपका शरीर पहले ही डिहाइड्रेटेड हो चुका है. प्यास लगने पर पानी पीने से आपकी हाइड्रेशन साइकिल अनइवेन हो जाती है. इसलिए प्यास का वेट न करें, बल्कि एक कंसिस्टेंट रूटीन बनाएं ताकि शरीर में पानी का लेवल हमेशा स्टेबल रहे. बोतल को बनाएं अपना बेस्ट फ्रेंड- अक्सर बिजी शेड्यूल के चक्कर में हम पानी पीना ही भूल जाते हैं. इसका सबसे आसान सॉल्यूशन यह है कि पानी की बोतल को हमेशा अपनी नजरों के सामने रखें. चाहे ऑफिस हो, ट्रैवलिंग या जिम, पास में बोतल होने से आपको बार-बार याद दिलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आप बिना ज्यादा सोचे हाइड्रेटेड रहेंगे. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

इस गर्मी घर में लगाएं ये 5 खास पौधे, शरबत-चटनी से लेकर स्किन केयर तक देंगे पूरा सुरक्षा कवच

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Last Updated:May 01, 2026, 10:43 IST Sidhi News: गर्मियों में लेमन ग्रास बेहद उपयोगी पौधा है. इसकी खुशबू तनाव को कम करती है. यह घास मच्छरों को दूर रखने में मदद करती है. इसकी चाय पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर को ठंडक मिलती है. सीधी. गर्मी का मौसम शुरू होते ही सेहत से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं. तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के बीच शरीर को ठंडा और स्वस्थ बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे में आयुर्वेदिक विशेषज्ञ घर में औषधीय पौधे लगाने की सलाह दे रहे हैं, जो न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि कई बीमारियों से बचाव में भी मददगार साबित होते हैं. सीधी के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ आरपी परौहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू से बचने के लिए हर्बल पौधे सबसे कारगर और प्राकृतिक उपाय हैं. आयुर्वेद में इन पौधों का उपयोग सदियों से होता आ रहा है और इनका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता. खास बात यह है कि इन्हें आप अपने घर के गमलों या छोटे बगीचे में आसानी से उगा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं. तुलसी को प्रकृति की औषधि कहा जाता है. यह न केवल हवा को शुद्ध करती है बल्कि मानसिक शांति देने में भी सहायक है. वहीं एलोवेरा त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसकी ठंडी तासीर त्वचा को राहत देती है और यह घर में नमी बनाए रखने में भी मदद करता है. पुदीना गर्मी में किसी वरदान से कम नहीं है. इसकी ठंडी तासीर शरीर को तुरंत राहत देती है. पुदीने का शर्बत या चटनी पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और गर्मी के असर को कम करती है. कड़ी पत्ता (करी पत्ता) भी केवल स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह हवा को शुद्ध करने और शरीर को ठंडक देने में सहायक होता है. लेमन ग्रास भी फायदेमंदलेमन ग्रास भी गर्मियों में बेहद उपयोगी पौधा है. इसकी खुशबू तनाव को कम करती है और मच्छरों को दूर रखने में मदद करती है. इसकी चाय पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर को ठंडक मिलती है. इसके अलावा दूर्वा घास और रोजमेरी जैसे पौधे भी काफी फायदेमंद माने जाते हैं. दूर्वा शरीर के पित्त दोष को कम करती है जबकि रोजमेरी याददाश्त बढ़ाने और मानसिक ताजगी बनाए रखने में मदद करती है. स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिकाडॉ आरपी परौहा का मानना है कि ये सभी पौधे न केवल घर के वातावरण को ठंडा रखते हैं बल्कि प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. ऐसे में अगर आप भी स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो इस गर्मी अपने घर में इन आयुर्वेदिक पौधों को जरूर लगाएं और प्राकृतिक तरीके से खुद को फिट रखें. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh

ग्वालियर में न्यूनतम पारा 4 डिग्री लुढ़का:अगले दो हफ्तों तक तेज गर्मी की संभावना कम, दिन का तापमान भी 1.7 डिग्री नीचे आया

ग्वालियर में न्यूनतम पारा 4 डिग्री लुढ़का:अगले दो हफ्तों तक तेज गर्मी की संभावना कम, दिन का तापमान भी 1.7 डिग्री नीचे आया

ग्वालियर में गुरुवार शाम अचानक मौसम बदलने से शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली है। तेज आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने तापमान में गिरावट आई है। शुक्रवार सुबह भी मौसम सुहावना बना रहा और न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। दिन में उमस बनी रही, लेकिन शाम की बारिश के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई। शुक्रवार सुबह आर्द्रता 67 प्रतिशत और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान ग्वालियर संभाग के भिंड, दतिया, मुरैना, शिवपुरी और श्योपुर जिलों में भी आंधी और बारिश का प्रभाव देखा गया। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। हवा चलने और हल्की बारिश की संभावना भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर संभाग में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले एक-दो दिनों तक तापमान में गिरावट जारी रह सकती है, जिससे गर्मी का प्रभाव कम रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले दो हफ्तों तक गर्मी का असर कुछ कम रहने की उम्मीद है, हालांकि पूरी तरह से राहत नहीं मिलेगी। प्री-मानसून गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं, और मानसून के समय से पहले आने की संभावना भी जताई जा रही है।

नींबू के विकल्प: ₹300 किलो महंगा तो चिंता छोड़ दें अपनाएं ये 7 देसी चीजें, जो गर्माहट में साबित होंगी बेस्ट कूलिंग हैक्स

नींबू का विकल्प

1 मई 2026 को 10:11 IST पर अपडेट किया गया नींबू के विकल्प: गर्मी के कारण बाजार में गर्मी के कारण नुकसान बढ़ गया है। इसमें सेलेनियम के रेट भी शामिल हैं, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए और खटास के लिए इसका कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। बढ़ते दाम की वजह से एक आम इंसान के लिए बेहद कीमती है। लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ देसी व्यंजन अभी भी मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप अपने भोजन का जायका खरीद सकते हैं। आइए आपको बताते हैं ऐसे ही सात विकल्पों के बारे में…. अनुसरण करना : अमचूर पाउडर दाल- पास्ता में खटास के लिए सबसे अच्छा है। आम से बनाया जाता है। पिछली बार सब्जी पकाने के बाद इसे ऊपर से देखने पर खाने वाले का स्वाद बिल्कुल वैसा ही हो गया जैसा कि कहा जाता है। छवि: फ्रीपिक इमली इमली का प्रयोग पुरानी सब्जियों से किया जाता है। इसे पानी में सरलकर पल्प तैयार करके भर, रसेदार सब्जी और लैपटॉप में टेम्पलेट की जगह इस्तेमाल किया जाता है। ये शरीर में ठंडक बाबा का भी काम करता है। छवि: फ्रीपिक केरी गर्मियों में कच्ची आम की बहार बनी रहती है। आप इसे मानकीकृत हुई दाल में डाल सकते हैं। इसके अलावा कीक में नींबू के रस की जगह कद्दू की हुई केरीडो से विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है। छवि: फ्रीपिक देही रायता, केक या कुछ खास ग्रेवी वाले डिशेज में नींबू की जगह पर दही का इस्तेमाल किया जा सकता है। दही सिर्फ खाने में ही काटा नहीं होता है, बल्कि समरसमान में डस्मों को भी लेबल किया जाता है। छवि: फ्रीपिक कूकुम का शरबत और तड़का कोकम का उपयोग तटीय क्षेत्र में विशेष रूप से किया जाता है। इसकी तासीर बहुत बेकार है। नींबू पानी की जगह कोकम का शरबत प्लांट हेल्थ के लिए बहुत बढ़िया है। छवि: फ्रीपिक अनारदाना पाउडर छोले जैसे नीबेलैण्ड की जगह अनारदाने का प्रयोग करते हैं। यह खाने में अलग-अलग फ्लेवर का स्वाद बढ़ाकर स्वाद बढ़ाता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से यह है ख़ून साफ़ करने और पेट की समस्याओं में मदद। छवि: फ्रीपिक टमाटर अगर आप कीज़ में बिजली कट्टा पाना चाहते हैं, तो देशी टमाटर का उपयोग बढ़ा सकते हैं। इसमें विटामिन सी होती है, जो नींबू की कमी को पूरा करती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 1 मई 2026 को 10:11 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)नींबू के विकल्प(टी)ग्रीष्मकालीन रसोई युक्तियाँ(टी)प्राकृतिक खट्टापन(टी)अमचूर पाउडर(टी)इमली के फायदे(टी)कच्चे आम के व्यंजन(टी)बजट अनुकूल खाना बनाना(टी)विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ

अप्रैल के आखिरी दिनों में 40 डिग्री पर ठहरा पारा:अभी भीषण गर्मी से राहत; मई में एक दशक में नौ बार रहा 42 डिग्री से ज्यादा तापमान

अप्रैल के आखिरी दिनों में 40 डिग्री पर ठहरा पारा:अभी भीषण गर्मी से राहत; मई में एक दशक में नौ बार रहा 42 डिग्री से ज्यादा तापमान

इंदौर में अप्रैल में इस बार भीषण गर्मी ने अपने तेज तेवर दिखाए और अधिकतम तापमान 26 अप्रैल को 43 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट रही। आखिरी के दो दिनों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के तापमान में उतार-चढ़ाव रहा। गुरुवार रात तापमान 2 डिग्री लुढ़ककर 23.9 (0) डिग्री सेल्सियस रहा। अभी चार दिनों से गर्मी के तेवर कुछ नरम पड़े हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं का रुख नरम होने से इंदौर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत रहेगी। अब आज से मई शुरू हो गया है। इंदौर के लिए यह माह काफी तपिश वाला रहा है। इंदौर में पिछले एक दशक में मई में 9 बार दिन का पारा 42 डिग्री के पार रहा। इसमें भी दो बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। तब इस तपिश ने लोगों को हलाकान कर दिया था। दरअसल मई में सतही हवाएं सामान्यत: पश्चिम से ही आती हैं। कभी-कभी दोपहर में तेज हवा चलने लगती है। गर्जन के साथ हल्की बारिश से तापमान में कमी आती है जिसकी वजह से तात्कालिक राहत मिलती है। इंदौर में 10 सालों में सिर्फ 2021 में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। दो बार 2016 और 2024 में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा जिसने झुलसा दिया था। इंदौर में मई से जुड़े फैक्ट्स इंदौर में पिछले एक हफ्ते का तापमान

छतरपुर में आंधी के कारण छत से गिरी बच्ची:गेहूं समेटते समय चुनरी में हवा भरने से संतुलन बिगड़ा

छतरपुर में आंधी के कारण छत से गिरी बच्ची:गेहूं समेटते समय चुनरी में हवा भरने से संतुलन बिगड़ा

छतरपुर: जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत तालगांव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तेज आंधी-तूफान के दौरान एक 10 वर्षीय बच्ची छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बच्ची की पहचान रूबी (पिता ब्रजभारत पटेल) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार शाम करीब 6 से 7 बजे की है। मौसम में अचानक बदलाव होने के बाद तेज हवा और आंधी शुरू हो गई थी। इसी दौरान रूबी अपने घर की छत पर गेहूं समेटने गई थी। बताया जा रहा है कि बच्ची ने चुनरी ओढ़ रखी थी, तभी तेज हवा के चलते चुनरी में हवा भर गई और दबाव बनने से वह असंतुलित हो गई। छत पर मुंडेर नहीं होने के कारण बच्ची सीधे करीब 10 से 12 फीट नीचे गिर गई। गिरते ही बेहोश हुई, मुंह और शरीर में गंभीर चोटें हादसे के बाद बच्ची मौके पर ही बेहोश हो गई। गिरने से उसके मुंह में गंभीर चोट आई है और दांत भी टूट गए हैं। इसके अलावा शरीर के कई हिस्सों में चोटें बताई जा रही हैं। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और परिजन तुरंत उसे उठाकर स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया और बाद में ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कर लिया गया। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। छत पर सुरक्षा इंतजाम नहीं इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिना मुंडेर की छतों की समस्या को उजागर कर दिया है। तेज हवा या बारिश के दौरान ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि छतों पर सुरक्षा के इंतजाम होना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।