Friday, 02 Oct 2026 | 08:48 AM

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सरपंच बोले- मनरेगा पेमेंट का अधिकार पंचायत के पास हो:गांवों में निर्माण के लिए मुरम-पत्थर निकालने की छूट मिले, बड़वानी में ज्ञापन सौंपा

सरपंच बोले- मनरेगा पेमेंट का अधिकार पंचायत के पास हो:गांवों में निर्माण के लिए मुरम-पत्थर निकालने की छूट मिले, बड़वानी में ज्ञापन सौंपा

बड़वानी में सरपंचों का कार्यकाल 4 साल का होने वाला है, लेकिन गांवों के विकास को लेकर सरपंचों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बजट की कमी और सरकारी नियमों की उलझनों की वजह से वे जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। इसी गुस्से को लेकर ‘राष्ट्रीय सरपंच संघ’ ने कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है। सरपंच संघ के अध्यक्ष मनोज सोलंकी का कहना है कि पंचायतों को उनके हक मिलने चाहिए। उनकी सबसे बड़ी मांग यह है कि मनरेगा का पेमेंट करने वाला अधिकार (डीएससी) जनपद ऑफिस के बजाय सीधे पंचायत के पास हो। साथ ही, गांवों में निर्माण काम के लिए पत्थर, मिट्टी और मुरम निकालने की छूट दी जाए। सरपंचों ने यह भी मांग की है कि बार-बार तकनीकी मंजूरी (टी.एस.) के चक्कर काटने के बजाय एक बार ऑनलाइन डीपीआर बनने पर ही उसे फाइनल मान लिया जाए। कर्मचारियों पर लगाम और सी.आर. की मांग सरपंचों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के सरकारी कर्मचारियों, जैसे सचिव, रोजगार सहायक, शिक्षक, पटवारी और आशा कार्यकर्ताओं की ‘गोपनीय रिपोर्ट’ (सी.आर.) लिखने का अधिकार सरपंच को मिले। उनका कहना है कि जब तक इन कर्मचारियों का वेतन और छुट्टी सरपंच के हाथ में नहीं होगी, तब तक गांव की व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पाएगी। भ्रष्टाचार रोकने और नई योजनाओं की मांग संघ ने साफ कहा है कि अगर किसी काम में सरपंच के साइन नहीं हैं, तो उसका पेमेंट नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो इसके लिए जनपद सीईओ को जिम्मेदार मानकर उन पर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, बंद पड़ी हितग्राही योजनाएं जैसे पशु शेड और बकरी शेड को फिर से शुरू करने और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग भी की गई है। पुराने रेट और सरकारी सुविधाओं पर नाराजगी सरपंचों का कहना है कि आज के समय में साल 2022 के रेट से पैसा दिया जा रहा है, जबकि महंगाई बहुत बढ़ गई है। उन्हें अब 2025-26 के नए रेट चाहिए। साथ ही, मुख्यमंत्री की घोषित 50,000 रुपए की स्वेच्छा अनुदान निधि को भी लागू करने की मांग की गई है। सरपंचों ने यह भी कहा कि जब वे काम के सिलसिले में भोपाल जाएं, तो उनके ठहरने के लिए सरकारी विश्राम गृह की सुविधा मिलनी चाहिए।

बैंक मीटिंग में सीईओ नहीं, बोल रहा था AI क्लोन:अमेरिकी बैंक के तिमाही नतीजों की बैठक में आधे घंटे बाद हुआ खुलासा, दुनिया हैरान

बैंक मीटिंग में सीईओ नहीं, बोल रहा था AI क्लोन:अमेरिकी बैंक के तिमाही नतीजों की बैठक में आधे घंटे बाद हुआ खुलासा, दुनिया हैरान

कल्पना करें कि आप किसी से आधे घंटे बात कर लें और फिर पता चले कि सामने इंसान था ही नहीं। अमेरिका के कस्टमर्स बैंक के साथ यही हुआ। सीईओ सैम सिद्धू की तिमाही नतीजों की कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषक पूरे आत्मविश्वास के साथ “उनसे’ बात करते रहे। 30 मिनट तक कॉल चलती रही। बाद में सिद्धू ने खुद खुलासा किया कि वे बोल ही नहीं रहे थे। उनकी जगह था उनका एआई क्लोन बोल रहा था। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धू ने कहा, “आज आप लोगों ने मेरी ओर से जो बातें सुनीं, वो मैंने नहीं, मेरे एआई क्लोन ने कही थीं।’ कस्टमर्स बैंक का मुख्यालय पेन्सिलवेनिया के फोनिक्सविले में है। इस बैंक ने ओपनएआई के साथ बैंकिंग ऑपरेशन को ऑटोमेटेड करने के लिए कई वर्षों का करार किया है। सिद्धू के मुताबिक यह किसी लिस्टेड कंपनी की अर्निंग्स कॉल में पहली बार हुआ। यह घटना दरअसल एक बड़े बदलाव की एक झलक है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का एआई अवतार बनाया जा रहा है। उनकी बोलने की शैली, हाव-भाव और सार्वजनिक बयानों को सीख रहा है, ताकि कर्मचारी फाउंडर से जुड़ाव महसूस करते रहें। जुकरबर्ग एक अलग एआई एजेंट भी बना रहे हैं, जो उनके काम में मदद करेगा। ऐसे प्रयोग बढ़ रहे हैं। सीईओ से लेकर आम इंसान तक, एआई क्लोन की दुनिया तेजी से फैल रही है। मसलन, चीन में जहां लोग दिवंगत परिजन के एआई रेप्लिका खरीद रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ठग इसी तकनीक से आवाज की नकल करके लोगों को लूट रहे हैं। दरअसल एआई क्लोन अब महज तकनीकी प्रयोग नहीं रहे। ये कॉरपोरेट रणनीति, व्यक्तिगत भावनाएं और आपराधिक हथकंडे, तीनों का हिस्सा बन चुके हैं। सवाल यह है कि इस “डिजिटल हमशक्ल’ की दुनिया में असली और नकली की पहचान कैसे होगी? ये तो समय ही बताएगा। भारत में भी एआई क्लोनिंग प्रोजेक्ट पर हो रहे काम, आवाज की नकल से ठगी शुरू भारत में भी एआई क्लोनिंग शुरू हो चुकी है। बेंगलुरु की स्टार्टअप जीनैनी डॉट एआई 12 भारतीय भाषाओं में आवाज का क्लोन तैयार करने की तकनीक विकसित कर रहा है। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। एआई क्लोन जितने उपयोगी हैं, उतने ही खतरनाक भी। ठग अब एआई से नकली आवाज बनाकर रिश्तेदारों की नकल उतार रहे हैं और लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं। मध्य प्रदेश में एक शिक्षिका को 1 लाख रुपए का चूना लगा। जालसाज ने एआई से उनके कजिन की आवाज, लहजा और भावनात्मक अंदाज की इतनी सफाई से नकल की कि वो ठगी का शिकार हो गईं। चीन में तो “घोस्ट बॉट्स’ का ट्रेंड शुरू हो गया है, जहां लोग दिवंगत प्रियजन के एआई रेप्लिका खरीद रहे हैं।

बैंक मीटिंग में सीईओ नहीं, बोल रहा था AI क्लोन:अमेरिकी बैंक के तिमाही नतीजों की बैठक में आधे घंटे बाद हुआ खुलासा, दुनिया हैरान

बैंक मीटिंग में सीईओ नहीं, बोल रहा था AI क्लोन:अमेरिकी बैंक के तिमाही नतीजों की बैठक में आधे घंटे बाद हुआ खुलासा, दुनिया हैरान

कल्पना करें कि आप किसी से आधे घंटे बात कर लें और फिर पता चले कि सामने इंसान था ही नहीं। अमेरिका के कस्टमर्स बैंक के साथ यही हुआ। सीईओ सैम सिद्धू की तिमाही नतीजों की कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषक पूरे आत्मविश्वास के साथ “उनसे’ बात करते रहे। 30 मिनट तक कॉल चलती रही। बाद में सिद्धू ने खुद खुलासा किया कि वे बोल ही नहीं रहे थे। उनकी जगह था उनका एआई क्लोन बोल रहा था। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धू ने कहा, “आज आप लोगों ने मेरी ओर से जो बातें सुनीं, वो मैंने नहीं, मेरे एआई क्लोन ने कही थीं।’ कस्टमर्स बैंक का मुख्यालय पेन्सिलवेनिया के फोनिक्सविले में है। इस बैंक ने ओपनएआई के साथ बैंकिंग ऑपरेशन को ऑटोमेटेड करने के लिए कई वर्षों का करार किया है। सिद्धू के मुताबिक यह किसी लिस्टेड कंपनी की अर्निंग्स कॉल में पहली बार हुआ। यह घटना दरअसल एक बड़े बदलाव की एक झलक है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का एआई अवतार बनाया जा रहा है। उनकी बोलने की शैली, हाव-भाव और सार्वजनिक बयानों को सीख रहा है, ताकि कर्मचारी फाउंडर से जुड़ाव महसूस करते रहें। जुकरबर्ग एक अलग एआई एजेंट भी बना रहे हैं, जो उनके काम में मदद करेगा। ऐसे प्रयोग बढ़ रहे हैं। सीईओ से लेकर आम इंसान तक, एआई क्लोन की दुनिया तेजी से फैल रही है। मसलन, चीन में जहां लोग दिवंगत परिजन के एआई रेप्लिका खरीद रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ठग इसी तकनीक से आवाज की नकल करके लोगों को लूट रहे हैं। दरअसल एआई क्लोन अब महज तकनीकी प्रयोग नहीं रहे। ये कॉरपोरेट रणनीति, व्यक्तिगत भावनाएं और आपराधिक हथकंडे, तीनों का हिस्सा बन चुके हैं। सवाल यह है कि इस “डिजिटल हमशक्ल’ की दुनिया में असली और नकली की पहचान कैसे होगी? ये तो समय ही बताएगा। भारत में भी एआई क्लोनिंग प्रोजेक्ट पर हो रहे काम, आवाज की नकल से ठगी शुरू भारत में भी एआई क्लोनिंग शुरू हो चुकी है। बेंगलुरु की स्टार्टअप जीनैनी डॉट एआई 12 भारतीय भाषाओं में आवाज का क्लोन तैयार करने की तकनीक विकसित कर रहा है। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। एआई क्लोन जितने उपयोगी हैं, उतने ही खतरनाक भी। ठग अब एआई से नकली आवाज बनाकर रिश्तेदारों की नकल उतार रहे हैं और लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं। मध्य प्रदेश में एक शिक्षिका को 1 लाख रुपए का चूना लगा। जालसाज ने एआई से उनके कजिन की आवाज, लहजा और भावनात्मक अंदाज की इतनी सफाई से नकल की कि वो ठगी का शिकार हो गईं। चीन में तो “घोस्ट बॉट्स’ का ट्रेंड शुरू हो गया है, जहां लोग दिवंगत प्रियजन के एआई रेप्लिका खरीद रहे हैं।

जेरोन खालसा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लगा झटका:अविश्वास प्रस्ताव के बीच 12 में से 3 पार्षद साथ आए, कहा- नहीं किए हस्ताक्षर

जेरोन खालसा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लगा झटका:अविश्वास प्रस्ताव के बीच 12 में से 3 पार्षद साथ आए, कहा- नहीं किए हस्ताक्षर

निवाड़ी जिले की जेरोन खालसा नगर परिषद में अध्यक्ष कुसुम पस्तोर के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव के बीच राजनीतिक घटनाक्रम में नया मोड़ आ गया है। पहले अध्यक्ष के खिलाफ एकजुट बताए जा रहे 12 पार्षदों में से अब 3 पार्षद उनके समर्थन में आ गए हैं। कुछ दिन पहले, 12 पार्षदों ने अध्यक्ष के कामकाज पर नाराजगी जताते हुए निवाड़ी कलेक्टर से मुलाकात की थी। उन्होंने कलेक्टर से कुसुम पस्तोर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी, जिससे परिषद में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी। इस घटनाक्रम के बाद अविश्वास प्रस्ताव की स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं। तीन पार्षदों ने अब खुलकर अध्यक्ष कुसुम पस्तोर का समर्थन करने की घोषणा की है, जिससे उनके खिलाफ लाए जा रहे प्रस्ताव को झटका लगा है। अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए महिला पार्षद ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर के समक्ष केवल विकास कार्यों से संबंधित मुद्दे उठाए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वार्ड 3 की पार्षद सगुंती कुशवाहा ने अध्यक्ष कुसुम पस्तोर का समर्थन करते हुए कहा कि विकास कार्यों के नाम पर उनसे झूठे हस्ताक्षर करवाए गए थे। इसी तरह, पार्षद कल्पना बिदुआ ने भी कुसुम पस्तोर के साथ खड़े होने की बात कही और उन्हें अध्यक्ष पद पर बने रहने की इच्छा व्यक्त की। पार्षदों को गुमराह करने की कोशिश नगर परिषद अध्यक्ष कुसुम पस्तोर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्षदों को गुमराह कर उनसे झूठे हस्ताक्षर करवाए गए थे। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उन्होंने सभी पार्षदों को साथ लेकर काम किया है। पस्तोर ने यह भी कहा कि उन्हें परिषद में पूर्ण बहुमत का समर्थन प्राप्त है और उनके खिलाफ की जा रही गतिविधियों को उन्होंने राजनीतिक षड्यंत्र बताया। अध्यक्ष का कहना है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते नगर परिषद का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जेरोन खालसा नगर परिषद की यह सियासी लड़ाई आगे क्या मोड़ लेती है।

धुरंधर 2 के क्लाइमैक्स में 500 लीटर पेट्रोल का इस्तेमाल:आग और धमाकों में शूट करते रहे रणवीर; हर टैंकर में लगाया गया 25 किलो बारूद

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फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के क्लाइमैक्स सीन में 500 लीटर पेट्रोल का और हर टैंक में हर टैंक में 25 किलो बारूद का इस्तेमाल किया गया था। यह खुलासा फिल्म के SFX सुपरवाइजर विशाल त्यागी किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म का सबसे चर्चित टैंकर ब्लास्ट सीन पूरी तरह से ‘प्रैक्टिकल इफेक्ट्स’ की मदद से शूट किया गया था और इसमें जीरो CGI (कंप्यूटर ग्राफिक्स) का इस्तेमाल हुआ। इस खतरनाक सीन के दौरान रणवीर सिंह धधकती आग और धमाकों के बीच बिल्कुल शांत रहकर अपना शॉट दे रहे थे। असली पेट्रोल और बारूद का हुआ इस्तेमाल विशाल त्यागी ने ‘हिंदी रश’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि डायरेक्टर आदित्य धर इस सीन को बहुत रियल दिखाना चाहते थे। विशाल ने कहा, “आमतौर पर लोग छोटा धमाका करके उसे कंप्यूटर की मदद से बड़ा दिखा देते हैं, लेकिन आदित्य धर का निर्देश साफ था कि हमें धमाकों के लिए CGI का इस्तेमाल नहीं करना है। क्लाइमैक्स में टैंकर ब्लास्ट को क्रिएट करना सबसे मुश्किल काम था। हमने इसमें असली 500 लीटर पेट्रोल जलाया। सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी चिंता थी क्योंकि आग की लपटों के बीच रणवीर सिंह को पैदल चलना था।” धमाके के बीच बेखौफ दिखे रणवीर सिंह शूटिंग के दौरान सबसे ज्यादा खतरा रणवीर सिंह के लिए था क्योंकि उन्हें आग के बेहद करीब से गुजरना था। विशाल ने बताया कि रणवीर बिल्कुल भी डरे हुए नहीं थे। विशाल के मुताबिक, रणवीर को हमारी टीम पर भरोसा था। मैंने उन्हें सटीक जानकारी दी थी कि उन्हें कहां से चलना शुरू करना है। शॉट पूरा होने के बाद उन्होंने खुश होकर मुझसे कहा- ‘फाड़ दिया तूने!’ इस सीन में अर्जुन रामपाल भी मौजूद थे, लेकिन धमाके वाले शॉट से पहले उन्हें वहां से हटा दिया गया था, जबकि रणवीर ने ज्यादा रिस्क लिया। प्रोडक्शन की सलाह को किया दरकिनार इस सीन को अंजाम देने के लिए विशाल त्यागी पर काफी दबाव था। प्रोडक्शन टीम चाहती थी कि खर्च कम करने के लिए केवल 250 लीटर ईंधन का इस्तेमाल हो, लेकिन विशाल 500 लीटर की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने बताया, “सही विजुअल इफेक्ट लाने के लिए मुझे हर टैंक में 25 किलो बारूद डालना था। मैंने सबकी सुनी, लेकिन अंत में किया वही जो फिल्म के लिए जरूरी था। इसके लिए असली ट्रेन बेस और कंटेनर्स का इस्तेमाल किया गया था ताकि सीन स्क्रीन पर दमदार दिखे।” तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म भी बन चुकी है। धुरंधर 2 ने 1,742.10 करोड़ रुपए कमाने वाली अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। अब यह सिर्फ दंगल (₹2070 करोड़) और बाहुबली-2 (₹1,788.06 करोड़) से पीछे है। धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। जब किसी एक फिल्म की सफलता के बाद उसके एक से ज्यादा पार्ट बनाए जाते हैं तो वह एक फ्रेंचाइजी का रूप ले लेती है।

धुरंधर 2 के क्लाइमैक्स में 500 लीटर पेट्रोल का इस्तेमाल:आग और धमाकों में शूट करते रहे रणवीर; हर टैंकर में लगाया गया 25 किलो बारूद

धुरंधर 2 के क्लाइमैक्स में 500 लीटर पेट्रोल का इस्तेमाल:आग और धमाकों में शूट करते रहे रणवीर; हर टैंकर में लगाया गया 25 किलो बारूद

फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के क्लाइमैक्स सीन में 500 लीटर पेट्रोल का और हर टैंक में हर टैंक में 25 किलो बारूद का इस्तेमाल किया गया था। यह खुलासा फिल्म के SFX सुपरवाइजर विशाल त्यागी किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म का सबसे चर्चित टैंकर ब्लास्ट सीन पूरी तरह से ‘प्रैक्टिकल इफेक्ट्स’ की मदद से शूट किया गया था और इसमें जीरो CGI (कंप्यूटर ग्राफिक्स) का इस्तेमाल हुआ। इस खतरनाक सीन के दौरान रणवीर सिंह धधकती आग और धमाकों के बीच बिल्कुल शांत रहकर अपना शॉट दे रहे थे। असली पेट्रोल और बारूद का हुआ इस्तेमाल विशाल त्यागी ने ‘हिंदी रश’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि डायरेक्टर आदित्य धर इस सीन को बहुत रियल दिखाना चाहते थे। विशाल ने कहा, “आमतौर पर लोग छोटा धमाका करके उसे कंप्यूटर की मदद से बड़ा दिखा देते हैं, लेकिन आदित्य धर का निर्देश साफ था कि हमें धमाकों के लिए CGI का इस्तेमाल नहीं करना है। क्लाइमैक्स में टैंकर ब्लास्ट को क्रिएट करना सबसे मुश्किल काम था। हमने इसमें असली 500 लीटर पेट्रोल जलाया। सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी चिंता थी क्योंकि आग की लपटों के बीच रणवीर सिंह को पैदल चलना था।” धमाके के बीच बेखौफ दिखे रणवीर सिंह शूटिंग के दौरान सबसे ज्यादा खतरा रणवीर सिंह के लिए था क्योंकि उन्हें आग के बेहद करीब से गुजरना था। विशाल ने बताया कि रणवीर बिल्कुल भी डरे हुए नहीं थे। विशाल के मुताबिक, रणवीर को हमारी टीम पर भरोसा था। मैंने उन्हें सटीक जानकारी दी थी कि उन्हें कहां से चलना शुरू करना है। शॉट पूरा होने के बाद उन्होंने खुश होकर मुझसे कहा- ‘फाड़ दिया तूने!’ इस सीन में अर्जुन रामपाल भी मौजूद थे, लेकिन धमाके वाले शॉट से पहले उन्हें वहां से हटा दिया गया था, जबकि रणवीर ने ज्यादा रिस्क लिया। प्रोडक्शन की सलाह को किया दरकिनार इस सीन को अंजाम देने के लिए विशाल त्यागी पर काफी दबाव था। प्रोडक्शन टीम चाहती थी कि खर्च कम करने के लिए केवल 250 लीटर ईंधन का इस्तेमाल हो, लेकिन विशाल 500 लीटर की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने बताया, “सही विजुअल इफेक्ट लाने के लिए मुझे हर टैंक में 25 किलो बारूद डालना था। मैंने सबकी सुनी, लेकिन अंत में किया वही जो फिल्म के लिए जरूरी था। इसके लिए असली ट्रेन बेस और कंटेनर्स का इस्तेमाल किया गया था ताकि सीन स्क्रीन पर दमदार दिखे।” तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म भी बन चुकी है। धुरंधर 2 ने 1,742.10 करोड़ रुपए कमाने वाली अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। अब यह सिर्फ दंगल (₹2070 करोड़) और बाहुबली-2 (₹1,788.06 करोड़) से पीछे है। धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। जब किसी एक फिल्म की सफलता के बाद उसके एक से ज्यादा पार्ट बनाए जाते हैं तो वह एक फ्रेंचाइजी का रूप ले लेती है।

IPL 2026: आज मुंबई इंडियंस बनाम सनराइजर्स हैदराबाद:ईशान किशन पर टिकेंगी सबकी नजरें, अबतक के 7 मैचों में बनाए हैं 238 रन

IPL 2026: आज मुंबई इंडियंस बनाम सनराइजर्स हैदराबाद:ईशान किशन पर टिकेंगी सबकी नजरें, अबतक के 7 मैचों में बनाए हैं 238 रन

आईपीएल 2026 में आज मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मैच खेला जाएगा। आज फिर सबकी नजरें हैदराबाद से खेल रहे बिहार के खिलाड़ी ईशान किशन पर रहेंगी। आज के मुकाबले में ईशान की बल्लेबाजी SRH के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। ईशान किशन ने IPL 2026 के जारी सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी (स्टैंड-इन कप्तान) करते हुए अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस सीजन में अपनी बल्लेबाजी से कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। IPL 2026 में ईशान किशन का प्रदर्शन रन: 7 मैच में 238 रन औसत और स्ट्राइक रेट: बल्लेबाजी औसत 34.00 और स्ट्राइक रेट 188.88 अर्धशतक: 2 सर्वश्रेष्ठ स्कोर: 91 रन हालिया मैच: राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 31 गेंदों में 11 चौकों और 3 छक्कों से 74 रन वानखेड़े में रन बरसने की पूरी उम्मीद मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। यह मैदान हाई-स्कोरिंग मुकाबलों के लिए जाना जाता है और यहां की छोटी बाउंड्री बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका देती है। अब तक यहां खेले गए कई मुकाबलों में 200+ स्कोर देखने को मिले हैं, जिससे साफ है कि आज भी रन बरसने की पूरी उम्मीद है। मौसम रहेगा साफ, बारिश की कोई आशंका नहीं मैच के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान 28 से 31 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, यानी खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी। अगर टीमों के मौजूदा फॉर्म पर नजर डालें तो मुंबई इंडियंस इस सीजन में संघर्ष करती दिखी है। टीम को 7 में से 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है और वह पॉइंट्स टेबल में निचले पायदान पर है। हालांकि, रोहित शर्मा की संभावित वापसी टीम के लिए बड़ी राहत हो सकती है। दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद शानदार फॉर्म में है और लगातार 4 मैच जीतकर टॉप-3 में अपनी जगह मजबूत कर चुकी है। हेड टू हेड में मुंबई का पलड़ा भारी हेड-टू-हेड आंकड़ों में भी मुंबई इंडियंस का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 25 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें मुंबई ने 14 और हैदराबाद ने 10 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच टाई रहा। वानखेड़े में भी मुंबई का रिकॉर्ड बेहतर है, जहां 9 मुकाबलों में से 7 में उसे जीत मिली है। इस सीजन के प्रदर्शन की बात करें तो हैदराबाद के लिए अभिषेक शर्मा टॉप स्कोरर हैं, जिन्होंने 8 मैचों में 380 रन बनाए हैं। वहीं गेंदबाजी में ईशान malinha ने 14 विकेट लेकर टीम को मजबूती दी है। दूसरी तरफ मुंबई के लिए तिलक वर्मा ने मिडिल ऑर्डर में अहम योगदान दिया है, जबकि अश्वनी कुमार ने कम मैचों में ही गेंदबाजी से असर छोड़ा है।

धनिया मिर्ची की चटनी रेसिपी: गरमा गरम पेट की चटनी में धनिया-मिर्ची की चटनी, खाने का स्वाद भी होगा दोगुना; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

आवश्यक सामग्री: हरा धनिया, 2-3 हरी मिर्च, 3-4 लहसुन की कलियाँ, 1 छोटा मसाला अदरक, 1-2 मसाले का रस, स्वादानुसार नमक, 1-2 मसाला पानी छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले हरे धनिये को अच्छी तरह धो लें ताकि कोई मिट्टी न रह जाए। अब मिक्सर जार में धनिया, हरी मिर्च, लहसुन और अदरक डालें। छवि: फ्रीपिक इसमें नमक और थोड़ा सा पानी इलेक्ट्रोलाइट पीस लें। अब तैयार है मेन्यूलैब का रसोइये महानतम से मिला लें। आपका स्वादिष्ट धनिया-मिर्ची की रेसिपी तैयार है। छवि: फ्रीपिक यह मैकेनिज्म पेट को ठंडक देता है, क्योंकि धनिया शरीर की गर्मी को कम करने में मदद करता है। खाने के साथ लेना भूख फ्रैंक तलाशना है। शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में सहायक होता है। छवि: एआई यह पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है। इस रेसिपी को आप परांठे, दाल-चावल, रोटी-सब्जी या फिर समोसा, पकौड़े के साथ खा सकते हैं. छवि: फ्रीपिक अगर आप स्वाद में थोड़े बदलाव चाहते हैं, तो इसमें पुदीना के पत्ते भी मिला सकते हैं। इससे नौकर और भी लालची और अल्पविकसित कर्मचारी। छवि: मेटा एआई

पन्ना में युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव:पिता ने चार लोगों पर चाकू गोदकर हत्या का आरोप लगाया

पन्ना में युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव:पिता ने चार लोगों पर चाकू गोदकर हत्या का आरोप लगाया

अमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बम्होरी में 30 वर्षीय युवक अनिल दहायत का शव ककरन तलैया के पास संदिग्ध अवस्था में मिला। बुधवार, 29 अप्रैल को मिले इस शव पर धारदार हथियार से वार के निशान पाए गए हैं। मृतक अनिल दहायत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके निधन से उसकी दो बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। मृतक के पिता बैजू दहायत ने गांव के चार व्यक्तियों पर अनिल की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि अनिल मंगलवार शाम करीब 5 बजे घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। बुधवार सुबह गांव वालों ने उन्हें तलैया के पास शव मिलने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। हत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया ने बताया कि अमानगंज थाना क्षेत्र के बम्होरी गांव में अनिल दहायत नामक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। उसका शव गांव के बाहर तालाब के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। एसडीओपी के अनुसार, युवक के शरीर पर धारदार हथियारों के कई निशान हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक नशे का आदी था और घटना के समय उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति के होने के सबूत मिले हैं। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और गहन जांच जारी है। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया।

पशुपालकों के लिए अलर्ट! अप्रैल-मई की गर्मी में ऐसे रखें पशुओं का ख्याल, नहीं तो होगा नुकसान

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Last Updated:April 29, 2026, 15:28 IST गर्मियों का मौसम सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, पशुओं के लिए भी बड़ी चुनौती बनकर आता है. अप्रैल और मई की तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान का सीधा असर पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन पर पड़ता है. कई बार सही देखभाल न होने पर पशु बीमार पड़ जाते हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में पशुपालन करने वाले किसानों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि गर्मियों में पशुओं को कैसे सुरक्षित रखा जाए. एक्सपर्ट्स ने कुछ आसान उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है और दूध उत्पादन भी बेहतर बनाए रखा जा सकता है. लखीमपुर खीरी. जिले में किसान अब पशुपालन पर अधिक जोर दे रहे हैं जिस कारण किसानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है. वही पशुपालन विभाग की ओर से लगातार किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है. परंतु गर्मियों के मौसम में पशुओं की देखभाल करना बेहद जरूरी होता है. थोड़ी सी लापरवाही होने के कारण पशुओं की मौत भी हो जाती है. पशुपालन तो हर किसान करना चाहता है तो वही पशुपालन विभाग की ओर से किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है. परंतु जानकारी के अभाव के कारण सही तरीके से पशुओं की देखभाल नहीं कर पाते हैं ऐसे में अप्रैल और मई के महीने में पशुओं की देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है. इन दो महीने में सबसे अधिक हीट वेव भीषण गर्मी और लू के कारण पशुओं के दूध में कमी आती है. जिससे किसान बेहद परेशान हो जाते हैं. हीट स्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और ब्लोट (पेट फूलना) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google हीट स्ट्रोक की स्थिति में पशु को तेज बुखार आ सकता है, वह हांफने लगता है, आंखें लाल हो जाती हैं. शरीर बहुत गर्म महसूस होता है. वहीं पानी की कमी होने पर पशु कमजोर पड़ जाता है. लोकल 18 से बातचीत करते हुए डॉक्टर हेमंत सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अपनी आजीविका को चलाने के लिए पशुपालन पर अधिक जोर दे रहे हैं. लेकिन गर्मियों के मौसम में पशुओं को धूप से बचाना बेहद जरूरी होता है, थोड़ी सी लापरवाही होने के कारण पशुओं की मृत्यु भी हो सकती है. पशुओं को सीधे धूप और लू से बचने के लिए छायादार और हवादार स्थानों पर 11:00 से लेकर 4:00 तक सुरक्षित स्थान पर बांध कर रखें. गर्मियों के मौसम में पशुओं को दिन में तीन बार पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी दें. पशुओं को संतुलित आहार देते समय नमक और मिलर मिक्सर मिले. ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी ना हो. गर्मियों के मौसम में पशुओं को दिन में दो से तीन बार स्नान का ध्यान रखें. सुरक्षित छायादार स्थान का चयन कर वहीं पर ही पशुओं को स्नान कराए, धूप में पशुओं को स्नान न कराएं. First Published : April 29, 2026, 15:28 IST