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लंदन में दो यहूदियों पर चाकू से हमला:दोनों घायल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, आतंकी लिंक की जांच शुरू

लंदन में दो यहूदियों पर चाकू से हमला:दोनों घायल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, आतंकी लिंक की जांच शुरू

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में दो यहूदी लोगों पर चाकू से हमला हुआ है। हमले में घायल दोनों लोगों को मौके पर प्राथमिक इलाज देने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों की हालत स्थिर है। हमला नॉर्थ लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुआ, जहां बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के लोग रहते हैं। पुलिस ने घटना के कुछ समय बाद 45 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि काउंटर टेरर यूनिट मामले की जांच कर रही है और आतंकी लिंक की भी पड़ताल हो रही है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर भी चाकू से हमला करने की कोशिश की। इसके बाद उसे टेजर मारकर काबू किया गया। BBC ने स्थानीय लोगों को हवाले स बताया कि पहला हमला गोल्डर्स ग्रीन रोड पर दुकानों के बाहर हुआ, जबकि दूसरा पास की साइड रोड पर सिनेगॉग (यहूदी धार्मिक स्थल) के बाहर हुआ। पुलिस के आरोपी को पकड़ने का वीडियो… PM स्टार्मर बोले- यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यहूदी लोगों पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला है। स्टार्मर ने कहा कि हमला बेहद चिंताजनक है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना को यहूदी विरोधी बेहद भयावह हमला बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहूदी समुदाय को निशाना बनाना पूरे ब्रिटेन पर हमला है। लंदन मेयर सादिक खान ने कहा कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद इलाके को कुछ समय के लिए सील कर दिया गया। सड़कों पर सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और कई जगह बैरिकेड लगाए गए। यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कार्रवाई की मांग की हमले के बाद यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्ल्ड जियोनिस्ट ऑर्गनाइजेशन ने PM कीर स्टार्मर और लंदन के मेयर सादिक खान से कार्रवाई की मांग की। संगठन के चेयरमैन याकोव हागोएल ने यहूदियों के खिलाफ बढ़ती नफरत पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। यहूदियों के खिलाफ भड़काऊ माहौल खतरनाक साबित हो सकता है। संगठन ने यहूदी इलाकों, उपासना स्थलों और सामुदायिक संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की। इजराइल के अलियाह मंत्री ओफिर सोफर ने कहा कि ब्रिटेन में यहूदियों की सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उनके मुताबिक इजराइल यहूदियों को वहां से बसाने के लिए योजनाओं पर काम कर रहा है। यहूदियों पर हमले का CCTV वीडियो… लंदन के यहूदी इलाकों में लगातार हमले बढ़े लंदन के यहूदी बहुल इलाकों में हाल के हफ्तों में हमलों और आगजनी की घटनाएं बढ़ गई हैं। गोल्डर्स ग्रीन और आसपास के क्षेत्रों में लगातार वारदातों से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। 23 मार्च को गोल्डर्स ग्रीन में यहूदी समुदाय की आपात सेवा हत्जोला की चार एम्बुलेंस जला दी गई थीं। 15 अप्रैल को फिंचली रिफॉर्म सिनेगॉग के बाहर ज्वलनशील बोतलें रखकर आग लगाने की कोशिश की गई थी। उसी दिन ईरान इंटरनेशनल के दफ्तर के कार पार्क में जलता कंटेनर फेंका गया था, हालांकि आग खुद बुझ गई। पिछले शुक्रवार एक ऐसी इमारत को निशाना बनाया गया, जहां पहले एक यहूदी संगठन का दफ्तर था। इजराइली दूतावास के पास अज्ञात पदार्थ से भरे जार भी मिले थे। पुलिस ने बाद में सामग्री को हानिरहित बताया। पिछले रविवार केंटन यूनाइटेड सिनेगॉग पर फायरबॉम्ब फेंका गया था। इससे एक कमरे में हल्का धुआं नुकसान हुआ, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।

भारतीय गोल्फ दिग्गज विजय कुमार का निधन:57 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत; 2002 में इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था

भारतीय गोल्फ दिग्गज विजय कुमार का निधन:57 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत; 2002 में इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था

भारतीय गोल्फ के मशहूर खिलाड़ी विजय कुमार का मंगलवार को लखनऊ में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 57 साल के थे। प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) ने उनके परिवार, दोस्तों, साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना जताई है। PGTI के CEO अमनदीप जोहल ने कहा- ‘विजय भारतीय गोल्फ के बेहतरीन प्रोफेशनल्स में से एक थे। 2002 इंडियन ओपन और चार ऑर्डर ऑफ मेरिट खिताब हमेशा हमारे खेल के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा रहेंगे।’ चार बार साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए विजय कुमार भारतीय गोल्फ के सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार थे। उन्होंने चार बार साल का सर्वेश्रष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जिसके लिए उन्होंने ऑर्डर ऑफ मेरिट का खिताब मिला। 2002 में उन्होंने इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था। वे देश के केवल नौ गोल्फरों में शामिल थे, जिन्होंने इंडियन ओपन का खिताब अपने नाम किया। भारतीय डोमेस्टिक गोल्फ पर दबदबा बनाया विजय कुमार का जन्म 29 सितंबर 1968 को लखनऊ में हुआ था। उन्होंने 1988 में गोल्फ को अपना प्रोफेशन बनाया। 1990 के दशक के मध्य से अगले दशक की शुरुआत तक भारतीय घरेलू गोल्फ में उनका दबदबा था। उन्होंने 1999 में स्कॉटलैंड के सेंट एंड्र्यूज में अल्फ्रेड डनहिल कप में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; देश में बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान वह ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। इस मामले में भारतीय बोर्ड BCCI ने पराग से जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…

भारतीय गोल्फ दिग्गज विजय कुमार का निधन:57 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत; 2002 में इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था

भारतीय गोल्फ दिग्गज विजय कुमार का निधन:57 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत; 2002 में इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था

भारतीय गोल्फ के मशहूर खिलाड़ी विजय कुमार का मंगलवार को लखनऊ में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 57 साल के थे। प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) ने उनके परिवार, दोस्तों, साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना जताई है। PGTI के CEO अमनदीप जोहल ने कहा- ‘विजय भारतीय गोल्फ के बेहतरीन प्रोफेशनल्स में से एक थे। 2002 इंडियन ओपन और चार ऑर्डर ऑफ मेरिट खिताब हमेशा हमारे खेल के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा रहेंगे।’ चार बार साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए विजय कुमार भारतीय गोल्फ के सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार थे। उन्होंने चार बार साल का सर्वेश्रष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जिसके लिए उन्होंने ऑर्डर ऑफ मेरिट का खिताब मिला। 2002 में उन्होंने इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था। वे देश के केवल नौ गोल्फरों में शामिल थे, जिन्होंने इंडियन ओपन का खिताब अपने नाम किया। भारतीय डोमेस्टिक गोल्फ पर दबदबा बनाया विजय कुमार का जन्म 29 सितंबर 1968 को लखनऊ में हुआ था। उन्होंने 1988 में गोल्फ को अपना प्रोफेशन बनाया। 1990 के दशक के मध्य से अगले दशक की शुरुआत तक भारतीय घरेलू गोल्फ में उनका दबदबा था। उन्होंने 1999 में स्कॉटलैंड के सेंट एंड्र्यूज में अल्फ्रेड डनहिल कप में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; देश में बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान वह ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। इस मामले में भारतीय बोर्ड BCCI ने पराग से जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…

प्ले स्कूलों में परीक्षा पर रोक,उल्लंघन पर मान्यता होगी समाप्त:देवास कलेक्टर का आदेश, नर्सरी से केजी-2 तक परीक्षा, रैंकिंग-ग्रेडिंग प्रतिबंधित

प्ले स्कूलों में परीक्षा पर रोक,उल्लंघन पर मान्यता होगी समाप्त:देवास कलेक्टर का आदेश, नर्सरी से केजी-2 तक परीक्षा, रैंकिंग-ग्रेडिंग प्रतिबंधित

देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जिले में संचालित प्ले स्कूलों (शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों) में नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 के विद्यार्थियों की किसी भी प्रकार की परीक्षा लेने, रैंकिंग और ग्रेडिंग करने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई शाला पूर्व शिक्षा केंद्र परीक्षा आयोजित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। शिकायतों के बाद लिया फैसला कलेक्टर कार्यालय को जिले के प्ले स्कूलों के संबंध में शिकायतें मिली थीं, जिनमें छोटे बच्चों की परीक्षा लेकर उनकी रैंकिंग और ग्रेडिंग जारी करने की बात सामने आई थी। प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE) नीति 2013 और मध्यप्रदेश की शाला पूर्व शिक्षा नीति 2022 का उल्लंघन माना है। इन नीतियों के अनुसार 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की किसी भी प्रकार की परीक्षा लेना प्रतिबंधित है।

भीषण गर्मी में बच्चों को नहीं आ रहा पसीना, लेकिन तप रहा शरीर…कानपुर में ये कैसी आफत, जानिए बचाव

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Last Updated:April 29, 2026, 18:55 IST Dry heat health tips : ड्राई हीट सामान्य लू से ज्यादा खतरनाक है. इसमें बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, लेकिन पसीना नहीं आता. लोकल 18 से कानपुर बाल रोग चिकित्सक डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि ऐसी हालत में बच्चे के शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जो अंदरूनी अंगों के लिए खतरनाक है. अगर बच्चा बहुत गर्म लगे, चेहरा लाल हो जाए, बार-बार पानी मांगे, उल्टी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या आंखें बंद करने लगे तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. कानपुर. यूपी के कानपुर में पड़ रही भीषण गर्मी अब बच्चों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है. डॉक्टरों ने माता-पिता को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है. उनका कहना है कि इस मौसम में बच्चों में ‘ड्राई हीट’ का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. यह सामान्य लू से ज्यादा खतरनाक स्थिति होती है. इसमें बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, लेकिन पसीना नहीं आता. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो हालत गंभीर हो सकती है. लोकल 18 से कानपुर के बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि तेज गर्मी में अगर बच्चे के शरीर से पसीना निकल रहा है तो शरीर खुद को ठंडा करने की कोशिश कर रहा होता है. लेकिन अगर बच्चा तप रहा हो, उसकी स्किन बहुत गर्म लगे और पसीना बिल्कुल न आए तो यह खतरे की घंटी है. ऐसी हालत में बच्चे के शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है और अंदरूनी अंगों पर असर पड़ सकता है. बच्चे क्यों आते हैं जल्दी चपेट में डॉ. गौतम के मुताबिक, बच्चों का शरीर बड़ों के मुकाबले गर्मी को जल्दी पकड़ता है. छोटे बच्चे अपनी परेशानी ठीक से बता भी नहीं पाते. कई बार बच्चा खेलते-खेलते अचानक सुस्त हो जाता है, रोने लगता है, चिड़चिड़ा हो जाता है या गोद में चिपक जाता है. यह संकेत हो सकता है कि गर्मी उसे परेशान कर रही है. अगर बच्चा बहुत गर्म लगे, चेहरा लाल हो जाए, बार-बार पानी मांगे, उल्टी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या आंखें बंद करने लगे तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. अगर साथ में पसीना भी न आ रहा हो तो देर करना खतरनाक हो सकता है. ये सावधानियां जरूरी ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत धूप या गर्म जगह से हटाकर ठंडी जगह ले जाएं. उसके कपड़े ढीले करें और शरीर को गीले कपड़े से पोछें. पंखा चलाएं या ठंडी हवा में रखें. अगर बच्चा होश में है तो थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाएं, लेकिन अगर बच्चा सुस्त पड़ रहा हो, ठीक से बोल न रहा हो या बेहोशी जैसा लगे तो तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं. डॉक्टर गौतम कहते हैं कि दोपहर की तेज धूप में बच्चों को बाहर न भेजें. उन्हें हल्के सूती कपड़े पहनाएं. बार-बार पानी, नींबू पानी, ORS या घर का तरल पदार्थ देते रहें. खेलने के लिए सुबह या शाम का समय बेहतर है. बंद गाड़ी या बिना हवा वाले कमरे में बच्चे को अकेला न छोड़ें. कानपुर में गर्मी लगातार बढ़ रही है. अगर बच्चा गर्म है लेकिन पसीना नहीं आ रहा, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह ‘ड्राई हीट’ का संकेत हो सकता है. समय पर इलाज ही बच्चे को सुरक्षित रख सकता है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 29, 2026, 18:55 IST

अडाणी पावर का चौथी तिमाही में मुनाफा 64% बढ़ा:यह ₹4,271 करोड़ रहा, रेवेन्यू भी 10% बढ़ा; नतीजों के बाद शेयर 2.5% गिरा

अडाणी पावर का चौथी तिमाही में मुनाफा 64% बढ़ा:यह ₹4,271 करोड़ रहा, रेवेन्यू भी 10% बढ़ा; नतीजों के बाद शेयर 2.5% गिरा

अडाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 64% बढ़कर ₹4,271 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹2,599 करोड़ का मुनाफा हुआ था। हालांकि, मुनाफे में इस बड़ी बढ़त के बावजूद बुधवार को कंपनी का शेयर करीब 2.48% गिरकर ₹217.80 पर बंद हुआ। रेवेन्यू ₹15,989 करोड़ पहुंचा, टैक्स में भारी कमी से मुनाफा बढ़ा कंपनी का कुल रिपोर्टेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 10% बढ़कर ₹15,989 करोड़ हो गया है। अगर इसमें से पिछले पीरियड्स के एडजस्टमेंट हटा दें, तो कंटीन्यूइंग रेवेन्यू 3.7% की बढ़त के साथ ₹15,059 करोड़ रहा। मुनाफे में आए इस तेज उछाल की मुख्य वजह टैक्स खर्च में आई भारी कमी है। इस तिमाही में कंपनी का टैक्स भुगतान पिछले साल के मुकाबले 83% कम रहा है। कंपनी के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस और EBITDA में सुधार मार्केट में डिमांड के उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी का ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत रहा है। कंपनी का रिपोर्टेड EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 27% बढ़कर ₹6,498 करोड़ रहा। वहीं कंटीन्यूइंग EBITDA में भी 9.3% की ग्रोथ देखी गई है, जो ₹5,573 करोड़ रही। यह दर्शाता है कि कंपनी की अंडरलाइंग अर्निंग में स्थिरता बनी हुई है। डिमांड में उतार-चढ़ाव और मर्चेंट मार्केट का दबाव 95% कैपेसिटी लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट से सुरक्षित अडाणी पावर ने अपनी कमाई को स्थिर रखने के लिए लॉन्ग टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर फोकस बढ़ाया है। इस तिमाही में कंपनी ने महाराष्ट्र के साथ 1,600 MW और तमिलनाडु के साथ 558 MW के नए PPA साइन किए हैं। इसके साथ ही कंपनी की कुल ऑपरेटिंग कैपेसिटी का करीब 95% हिस्सा लॉन्ग और मीडियम टर्म एग्रीमेंट के तहत सुरक्षित हो गया है। कुल पावर सेल्स वॉल्यूम भी पिछले साल के 26.4 बिलियन यूनिट से बढ़कर 27.2 बिलियन यूनिट रहा। ये खबर भी पढ़ें… बजाज फाइनेंस का मुनाफा 22% बढ़कर ₹5,465 करोड़: निवेशकों को हर शेयर पर ₹6 डिविडेंड देगी कंपनी; राजीव बजाज बोर्ड से इस्तीफा देंगे बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) में ₹5,465 करोड़ का शुद्ध मुनाफा यानी नेट प्रॉफिट कमाया है। पिछले साल की इसी तिमाही के ₹4,480 करोड़ के मुकाबले इसमें 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी ने नतीजों के साथ ही यह भी जानकारी दी है कि राजीव बजाज बोर्ड से इस्तीफा दे रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में इस उछाल की बड़ी वजह बैड लोन (फंसे हुए कर्ज) के लिए किए जाने वाले प्रोविजन में कमी आना है। पूरी खबर पढ़ें…

“बड़े घर की माताएं भी पी रही हैं”:नागपुर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बवाल, कांग्रेस बोली- माफी मांगे

“बड़े घर की माताएं भी पी रही हैं”:नागपुर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बवाल, कांग्रेस बोली- माफी मांगे

छतरपुर: नागपुर में देश के चर्चित कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। नागपुर में आयोजित कथा के दौरान उन्होंने महिलाओं में बढ़ती शराब पीने की आदत पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आजकल पुरुष तो छोड़िए, बड़े घरानों की माताएं भी पी रही हैं… बजरंग बली बचाएं।” उनके इस बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है। कथा के दौरान शास्त्री ने कहा कि जब माताएं ही “विचित्र संस्कार” अपनाने लगेंगी तो बच्चों पर उसका असर पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे हालात हो सकते हैं कि बच्चे के रोने पर उसे भी शराब पिलाकर सुला दिया जाए। उन्होंने पुराने समय के संस्कारों और मर्यादाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोग गलत काम करने से डरते थे, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। पहले भी बयानों पर हुआ है विवाद यह पहला मौका नहीं है जब शास्त्री के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले नागपुर में ही एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या देश सेवा के लिए समर्पित करने की अपील की थी। इस बयान पर भी देशभर में विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि बच्चे को सेना या डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। महिला कांग्रेस का विरोध शास्त्री के ताजा बयान के बाद छतरपुर में विरोध तेज हो गया है। महिला कांग्रेस नेत्री दीप्ति पांडे ने बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि व्यासपीठ से इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “पूरा देश उन्हें सुनता है, ऐसे में माताओं के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने शास्त्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रथम गुरु मां होती है। और व्यास पीठ से इस तरह के बयान देना उचित नहीं है। शास्त्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है, वरना वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगीं। लगातार बयानों से बढ़ रही सियासी गर्मी.. धार्मिक मंच से दिए जा रहे ऐसे बयानों ने एक बार फिर समाज और राजनीति के बीच बहस को तेज कर दिया है। समर्थक जहां इसे सामाजिक चेतावनी बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बता रहे हैं। नागपुर में शिवाजी महाराज पर दिया था बयान नागपुर के एक कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शिवाजी महाराज को लेकर एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि शिवाजी महाराज युद्धों से थक गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को त्यागने की इच्छा जताई थी। शास्त्री के अनुसार, महाराज अपना मुकुट लेकर गुरु समर्थ रामदास के पास पहुंचे थे। शिवाजी महाराज ने अपना मुकुट उनके चरणों में रख दिया था। शास्त्री ने यह भी कहा था कि तब गुरु रामदास ने मुकुट वापस शिवाजी के सिर पर रखा और उन्हें सिखाया कि थकान के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना ही सच्ची सेवा है। विवाद बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांगी विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांग ली थी। उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। हम उन लोगों की आलोचना कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिनके स्वराज्य ने हमें ‘हिंदू राष्ट्र’ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। मैंने अपने शब्दों में महाराज और संतों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज में आस्था रखने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं। अगर हम ऐसे मुद्दों पर आपस में बहस करेंगे, तो इससे केवल दूसरों को ही फायदा होगा। मेरा किसी के प्रति कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, तो मैं माफी मांगता हूं।

क्या बालों को डाई करने से काले बाल भी हो जाते हैं सफेद? मन में हैं कंफ्यूजन तो दूर कर लीजिए अपना भ्रम

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Last Updated:April 29, 2026, 18:17 IST क्या बार-बार हेयर डाई करने से काले बाल भी सफेद होने लगते हैं? बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है और इसे लेकर कई तरह की बातें भी सुनने को मिलती हैं. अगर आप भी इस कंफ्यूजन में हैं, तो सच्चाई जान लेना जरूरी है. ख़बरें फटाफट हेयर डाई सीधे तौर पर काले बालों को सफेद नहीं बनाती. बालों में सफेदी दिखते ही बहुत से लोग हेयर डाई का सहारा लेते हैं. कोई फैशन के लिए बाल रंगता है तो कोई सफेद बाल छिपाने के लिए. लेकिन इसी बीच एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि क्या बार-बार डाई करने से काले बाल भी धीरे-धीरे सफेद होने लगते हैं? कई लोग मानते हैं कि हेयर कलर लगाने से बाल खराब हो जाते हैं और नए बाल सफेद निकलने लगते हैं. अगर आपके मन में भी ऐसा कंफ्यूजन है, तो इस भ्रम को समझना जरूरी है. असल बात यह है कि हेयर डाई सीधे तौर पर काले बालों को सफेद नहीं बनाती. बालों का रंग हमारे शरीर में बनने वाले मेलेनिन नाम के पिगमेंट पर निर्भर करता है. जब उम्र बढ़ने लगती है या जेनेटिक कारण होते हैं, तो मेलेनिन कम बनने लगता है और बाल सफेद दिखने लगते हैं. यानी बाल सफेद होने की मुख्य वजह डाई नहीं, बल्कि शरीर के अंदर होने वाले बदलाव, उम्र, खानपान, तनाव और आनुवंशिक कारण होते हैं. इसलिए यह कहना गलत होगा कि सिर्फ डाई लगाने से काले बाल सफेद हो जाते हैं. गलत प्रोडक्ट आपके बालों को बनाते हैं बेजानहालांकि, लगातार और गलत तरीके से हेयर डाई इस्तेमाल करने से बालों को नुकसान जरूर हो सकता है. कई हेयर कलर में केमिकल्स होते हैं, जो बालों को रूखा, बेजान और कमजोर बना सकते हैं. अगर डाई बार-बार की जाए, लंबे समय तक लगी रहे या सही देखभाल न की जाए, तो बाल टूटने लगते हैं और उनकी चमक कम हो सकती है. ऐसे में लोगों को लगता है कि बाल सफेद हो रहे हैं, जबकि कई बार बाल सिर्फ डैमेज और बेजान नजर आ रहे होते हैं. डाई आपके रूट्स को नहीं डैमेज करताकुछ लोग डाई करने के बाद नए उगे बालों में सफेदी देखकर घबरा जाते हैं. दरअसल, डाई केवल पहले से मौजूद बालों को रंगती है, सिर की जड़ों या नए उगने वाले बालों पर इसका असर नहीं होता. जब कुछ दिनों बाद जड़ों से नए बाल निकलते हैं और वे सफेद दिखाई देते हैं, तो लोगों को लगता है कि डाई की वजह से ऐसा हुआ है. जबकि सच्चाई यह है कि वे बाल पहले से ही सफेद आने वाले थे, बस डाई के कारण पहले नजर नहीं आ रहे थे. अच्छी क्वालिटी का प्रोडक्ट चुनेंअगर आप हेयर डाई करते हैं, तो कुछ सावधानियां रखना जरूरी है. हमेशा अच्छी क्वालिटी का प्रोडक्ट चुनें और बहुत ज्यादा सस्ते या नकली रंगों से बचें. डाई लगाने से पहले पैच टेस्ट करें, ताकि एलर्जी का खतरा कम हो. बार-बार बाल रंगने के बजाय जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल करें. साथ ही डाई के बाद अच्छे शैम्पू, कंडीशनर और हेयर ऑयल से बालों की देखभाल करें, ताकि बाल स्वस्थ रहें. ऐसे बचाएं बालों को सफेद होने सेबालों को समय से पहले सफेद होने से बचाने के लिए लाइफस्टाइल भी बहुत मायने रखती है. तनाव कम लें, अच्छी नींद लें और संतुलित आहार खाएं. शरीर में विटामिन B12, आयरन, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की कमी भी बालों की सेहत पर असर डाल सकती है. इसलिए सिर्फ बाहर से रंग लगाने के बजाय अंदर से पोषण देना भी जरूरी है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 29, 2026, 18:17 IST

विदिशा में सिंचाई नहर पर कब्जा, 11 को नोटिस:उद्वहन योजना पर अतिक्रमण, बन गए मकान और कॉलोनियां; कांग्रेस ने उठाए सवाल

विदिशा में सिंचाई नहर पर कब्जा, 11 को नोटिस:उद्वहन योजना पर अतिक्रमण, बन गए मकान और कॉलोनियां; कांग्रेस ने उठाए सवाल

विदिशा जिले में दशकों पुरानी उद्वहन सिंचाई योजना की नहर पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। किसानों के लिए बनाई गई यह नहर अब जमीन से लगभग गायब हो चुकी है। जहां कभी पानी बहता था, वहां अब पक्के निर्माण और कॉलोनियां बन गई हैं। मामले में राजस्व विभाग ने 11 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार, दौलतपुरा और मदनखेड़ा क्षेत्र में वर्षों पहले बनाई गई इस नहर का उद्देश्य खेतों तक पानी पहुंचाना था। वर्तमान में नहर का अधिकांश हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है और मौके पर केवल जर्जर संरचनाएं ही बची हैं। जहां पहले पानी बहता था, वहां अब कंक्रीट निर्माण हो चुके हैं। कई स्थानों पर कॉलोनियां विकसित हो गई हैं, जिससे योजना का अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया है। मशीनरी जर्जर, उपकरण भी गायब बेतवा घाट के पास लगी सिंचाई मशीनरी खराब हालत में है। कई उपकरण अनुपयोगी हो चुके हैं, जबकि कुछ के चोरी होने की आशंका भी जताई जा रही है। मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जाट ने आरोप लगाया कि किसानों के हितों की अनदेखी हो रही है और नहर की जमीन पर कब्जा होना गंभीर मामला है। उन्होंने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने और किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की है। अधिकारियों के अनुसार यह योजना 40-50 साल पुरानी है, जिसके रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। तहसीलदार निधि लोधी ने बताया कि अब तक 11 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच के आधार पर आगे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

गर्मियों में टमाटर भंडारण युक्तियाँ: गर्मी में गल जाते हैं टमाटर? बिना फ़िरोज़ के असली तक ताज़ा रखने के ये 5 देसी जुगाड़ काम

टमाटर-भंडारण-टिप्स-गर्मियों में-कैसे-टमाटर को बिना फ्रिज के ताजा रखें, देसी-हैक्स टमाटर को ताजा रखने के टिप्स

29 अप्रैल 2026 को 17:51 IST पर अद्यतन किया गया बिना फ्रिज के टमाटर को ताज़ा कैसे रखें: गर्मी के मौसम में टमाटर जल्दी खराब हो जाते हैं। फर्म में रहने से कभी-कभी उनका स्वाद भी बदल जाता है। ऐसे में अगर आप बिना फरी के टमाटरों को कई दिनों तक ताजा रखना चाहते हैं, तो ये आसान देसी तरीके आपके बहुत काम आएंगे। अनुसरण करना : टमाटरों को प्रमाणित करके जानें: टमाटर को हमेशा सुपरमार्केट वाली साइड नीचे करके रखें। इससे हवा अंदर नहीं जाती और टमाटर जल्दी खराब नहीं होते। छवि: फ्रीपिक धूप और गर्मी से दूर: टमाटरों को भी कभी-कभी धूप में नहीं रखा जाता। उन्हें किसी भी कोना या अलमारी की तरह, अनावश्यक रसोई और जगह-जगह पर रखा जाता है। इससे वे ज्यादातर समय तक ताज़ा रहते हैं। छवि: फ्रीपिक अखबार या पेपर में लपेटकर रखा हुआ: टमाटरों को अखबार या किसी कागज़ में लपेटकर रखें। इस तरह के संस्थागत नियंत्रण रहते हैं और टमाटर जल्दी गलते नहीं हैं। छवि: फ्रीपिक मिट्टी के बर्तनों का उपयोग किया जाता है: मिट्टी का बर्तन गर्मी में ठंडा रहता है। टमाटरों को मटके में हाथ से ऊपर से ढक दें। यह देसी नुस्खा टमाटर कई दिनों तक ताज़ा बना रहता है। छवि: एआई कच्चे और छोटे टमाटर अलग-अलग स्थान: कभी-कभी कच्चे और टूटे हुए टमाटरों को भी साथ में न रखें। टमाटर टमाटर जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे बाकी टमाटर भी जल्दी खराब हो जाते हैं। छवि: फ्रीपिक अगर टमाटर प्राकृतिक हो गए हैं, तो उन्हें तुरंत इस्तेमाल कर लें। जैसे चटनी, चटनी या सब्जी में। इससे बुरा होने से पहले ही उनका सही उपयोग हो जाएगा। छवि: फ्रीपिक इन आसान देसी सिद्धांतों को अपनाकर आप बिना पिज्जा के भी टमाटरों को लंबे समय तक ताजा रख सकते हैं और रोज-रोज खराब होने की चिंता से बच सकते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 29 अप्रैल 2026 17:51 IST पर