ट्रेन से टुकड़ों में कटा किसान…मौत से पहले का VIDEO:बोला- पूर्व विधायक मुझसे हत्या कराना चाहते थे; शिवराज मामा को गोली मारने रिवॉल्वर दी

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोमवार शाम 4 बजे किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। रेलवे ट्रैक पर किसान का सिर और धड़ अलग-अलग हालत में मिले। मृतक की पहचान बेहलोट गांव निवासी गोविंद गुर्जर के रूप में हुई है। किसान ने मरने से पहले वीडियो बनाया था, जिसे अलग-अलग लोगों को भेजा। वीडियो में वह कह रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उससे हत्या कराना चाह रहे हैं। भार्गव कहते हैं कि शिवराज मामा और मुकेश टंडन की हत्या करेगा, तभी पैसे मिलेंगे। वह उनकी प्रताड़ना से तंग आ गया था। जानकारी के मुताबिक, किसान ने पांच वीडियो बनाए थे। अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे। कुछ वीडियो ग्राम पंचायत बेहलोट के सरपंच पुत्र लकी गुर्जर को भी भेजे गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें उसने अपनी आपबीती बयान की है। फसल बोने के लिए कर्ज लिया था गोविंद सिंह गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वे पिछले तीन साल (2023, 2024 और 2025) से पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन पर बटाईदारी के आधार पर खेती कर रहे थे। उन्होंने धान और गेहूं की फसल बोने के लिए कर्ज लिया था। समझौते के अनुसार, फसल की आमदनी दोनों के बीच बराबर बांटी जानी थी। भार्गव ने धान की फसल से हुई पूरी आमदनी रोक ली गोविंद के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के बाद भार्गव ने धान की फसल की पूरी आमदनी रोक ली। इसके बाद गेहूं की फसल के पैसे भी अपने पास रख लिए। जब वे पैसे मांगने गए, तो उन्हें स्टांप पेपर लाने के लिए कहा गया। गोविंद का दावा है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए उनसे ऐसे दस्तावेज पर दस्तखत करवा लिए गए, जिसे किसी और ने लिखा था। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगले दिन भुगतान कर दिया जाएगा। तीन साल से कर्ज लेकर कर रहा था खेती गोविंद गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वह पिछले तीन साल से शशांक भार्गव की जमीन बटाई पर लेकर कर्ज के सहारे खेती कर रहा था। उसने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग लगने के बाद दो साल तक फसल की रकम रोक ली गई। जब वह पैसा लेने पहुंचा, तो उससे स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी कर हस्ताक्षर कराए गए। अगले दिन भुगतान का आश्वासन दिया गया। हत्या के लिए दबाव और धमकाने के आरोप गोविंद के अनुसार, जब वह दोबारा पैसे लेने पहुंचा, तो आरोप है कि शशांक भार्गव ने उसे रिवॉल्वर थमा दिया। कहा कि शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को मार दे। मना करने पर अपने गुंडों के जरिए दबाव बनाया और मारपीट भी करवाई। उसने पांच-छह लोगों पर हमले के आरोप भी लगाए। बेटे ने लगाए गंभीर आरोप मृतक के बेटे दीपक गुर्जर ने बताया कि उनके पिता पूर्व विधायक शशांक भार्गव के यहां जमीन संभालते थे, लेकिन उन्हें काम का पैसा नहीं दिया गया। पैसे मांगने पर उन्हें धमकाया गया। बेटे का दावा है कि भार्गव ने कहा था कि पैसे तभी मिलेंगे, जब वह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को गोली मार देगा। साथ ही धोखे से हस्ताक्षर कराकर जमीन भी हड़प ली गई। बेटे ने पिता की मौत के लिए सीधे तौर पर शशांक भार्गव को जिम्मेदार ठहराया है। समाज और नेताओं से लगाई मदद की गुहार अन्य वीडियो में गोविंद गुर्जर ने गुर्जर समाज से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई। कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह चूड़ी पहन लेगा। साथ ही उसने राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट और उत्तर प्रदेश के सपा नेता अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला संवेदनशील होने के कारण हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया साजिश वहीं, पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
एमपी में 1 मई से यूजी-पीजी एडमिशन शुरू:दो महीने चलेगी काउंसलिंग, उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया पूरा शेड्यूल

मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। यूजी कोर्स के लिए 1 मई से और पीजी कोर्स के लिए 2 मई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा, जो 30 जून तक चलेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में होगी, जिसमें रजिस्ट्रेशन के साथ दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य रहेगा। इस बार विभाग ने दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के साथ कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी जोड़ा है, ताकि खाली सीटों को भरने में आसानी हो सके। ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा पूरा एडमिशन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार इस साल पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी की जाएगी। छात्रों को निर्धारित तिथियों के भीतर रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपने दस्तावेजों का सत्यापन भी कराना होगा। बिना सत्यापन के छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी और वे सीट आवंटन से वंचित रह सकते हैं। चॉइस फिलिंग से तय होगा कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करना होगा। इसी चॉइस फिलिंग के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और सीटों का आवंटन किया जाएगा। सीट मिलने के बाद छात्रों को तय समय सीमा में फीस जमा करनी होगी, अन्यथा उनकी सीट स्वतः निरस्त हो जाएगी और वह अगली सूची में अन्य छात्रों को आवंटित कर दी जाएगी। दो मुख्य राउंड के साथ CLC का नया मौका इस बार प्रवेश प्रक्रिया में दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के अलावा कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी रखा है। यह राउंड उन सीटों को भरने के लिए होगा, जो मुख्य काउंसलिंग के बाद खाली रह जाती हैं। इससे अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर मिल सकेगा और कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रहेंगी। नए कोर्स ITEP से मिलेगा शिक्षक बनने का मौका इस वर्ष एनसीटीई के अंतर्गत बीएड, बीपीएड और एमपीएड कोर्स के साथ एक नया चार वर्षीय कोर्स आईटीईपी (ITEP) भी शुरू किया है। इस कोर्स की खास बात यह है कि इसे 12वीं के बाद सीधे किया जा सकता है। इसे शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इसमें शुरुआती स्तर से ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। यूजी प्रवेश का पहला चरण (महत्वपूर्ण तिथियां) एनसीटीई कोर्स का शेड्यूल दो माह तक चलेगी काउंसलिंग करीब दो महीने तक चलने वाली इस काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए प्रदेश के लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिलेगा। विभाग ने छात्रों से अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर सभी प्रक्रियाएं पूरी करें, ताकि उन्हें एडमिशन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डेली कॉलेज चुनाव: नए संविधान पर लगी मुहर:अब सिर्फ दो श्रेणियों में होगा मुकाबला; ओडीए में विरोध के स्वर तेज

डेली कॉलेज के आगामी चुनाव को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। फर्म एंड सोसायटी ने कॉलेज के नए संविधान संशोधन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है, जिसकी आधिकारिक प्रति मुख्य चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस सुशील गुप्ता के पास पहुंच गई है। शासन की इस हरी झंडी के साथ ही अब यह तय हो गया है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया नए नियमों के तहत ही संपन्न कराई जाएगी। नए बदलावों के बाद अब निर्वाचन का दायरा सीमित हो गया है और केवल दो श्रेणियों के लिए ही वोट डाले जाएंगे। संशोधित संविधान के प्रावधानों के अनुसार, अब चुनाव मुख्य रूप से ‘न्यू डोनर कैटेगरी (2B2)’ और ‘पुराने डोनर कैटेगरी (2B1)’ के लिए आयोजित किए जाएंगे। जहां पुराने डोनर्स की श्रेणी से दो सदस्यों का चयन मतदान के जरिए होगा, वहीं न्यू डोनर कैटेगरी के लिए भी चुनावी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सबसे बड़ा बदलाव ‘ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन’ (ओडीए) यानी कैटेगरी 2C में देखने को मिला है। पहले इस श्रेणी से दो सदस्यों का चुनाव होकर बोर्ड में जाने का प्रावधान था, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों के तहत अब ओडीए के अध्यक्ष और सचिव सीधे बोर्ड का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा, एक प्रतिष्ठित छात्र को भी बोर्ड में शामिल किया जाएगा, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया चयन (Selection) पर आधारित होगी, न कि निर्वाचन पर। प्रबंधन और बोर्ड इस बदलाव को कॉलेज के हित में बता रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे बार-बार चुनाव कराने की जटिलता खत्म होगी। साथ ही, ओडीए के निर्वाचित पदाधिकारी जब सीधे बोर्ड में बैठेंगे, तो वे पूर्व छात्रों की समस्याओं और सुझावों को अधिक प्रभावी ढंग से शासन के सामने रख सकेंगे। हालांकि, इस फैसले ने ओडीए के भीतर एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। एसोसिएशन का एक गुट इस संशोधन का पुरजोर विरोध कर रहा है। विरोधियों का कहना है कि मतदान का अधिकार छीनने से ओडीए के लोकतांत्रिक अस्तित्व पर संकट खड़ा हो जाएगा। विरोधी गुट का मुख्य तकनीकी ऐतराज चुनाव के शेड्यूल और संविधान लागू होने की तारीख को लेकर है। उनका तर्क है कि जब 21 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हुई थी, तब पुराना संविधान ही प्रभावी था। फर्म एंड सोसायटी से नए संविधान की सत्यापित प्रति 23 अप्रैल को प्राप्त हुई है, ऐसे में प्रक्रिया के बीच में नए नियमों को थोपना नियम विरुद्ध है। माना जा रहा है कि यह मामला जल्द ही कानूनी मोड़ ले सकता है और विरोधी गुट इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की नामांकन प्रक्रिया 28 और 29 अप्रैल को संपन्न होगी। इसके बाद 4 मई से 19 मई के बीच डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) जारी किए जाएंगे, जिन्हें 20 मई तक वापस जमा करना होगा। चुनाव का मुख्य चरण 21 मई को होगा, जिसमें स्थानीय मतदाता वोट डालेंगे। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी और देर शाम तक चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जाएगी। फिलहाल, नए संविधान की मंजूरी ने कॉलेज की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और सबकी नजरें अब हाईकोर्ट के संभावित रुख पर टिकी हैं।
भोपाल में 1 से 30 मई तक छुट्टी पर रोक:जनगणना में लगे अधिकारी-कर्मचारी नहीं ले सकेंगे अवकाश

भोपाल में 1 से 30 मई तक अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने यह आदेश जारी किए हैं। आदेश उन्हीं अधिकारी-कर्मचारियों पर लागू होगा, जो जनगणना कार्य में लगे हैं। दरअसल, 1 मई से जनगणना के तहत मकान सूचीकरण और उनकी गिनती होना है, जो 30 मई तक चलेगा। इस कार्य में भोपाल के 6 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्हीं के लिए अवकाश वाला आदेश लागू होगा। सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित रहेंगे मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी कार्य को दृष्टिगत रखते हुए सभी प्रकार के अवकाश प्रतिबंधित किए गए हैं। हालांकि, इस दौरान किसी के यहां जरूरी पारवारिक कार्य है या कोई मेडिकल इमरजेंसी हो गई तो उन्हें संबंधित कार्यालय प्रमुख की अनुमति लेना जरूरी होगा।
मध्यप्रदेश में भी लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून:सरकार ने बनाई हाईपावर कमेटी, 60 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

उत्तराखंड और गुजरात की राह पर चलते हुए अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने सोमवार को इसके लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति के गठन का आदेश जारी कर दिया है। यह कमेटी प्रदेश में विवाह, तलाक, गोद लेने और विरासत जैसे निजी कानूनों का अध्ययन कर एक समान कानूनी ढांचा तैयार करने का ब्लूप्रिंट तैयार करेगी। सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज को बनाया अध्यक्ष सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रसाद देसाई को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। जस्टिस रंजना देसाई ने ही उत्तराखंड में यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति का नेतृत्व किया था। कमेटी को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल तैयार करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है। समाज के विभिन्न वर्गों से लेगी सुझाव यह समिति प्रदेश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक ताने-बाने को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसमें आम जनता, धार्मिक संगठनों और विशेषज्ञों से भी सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी। कमेटी के एजेंडे में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण, समानता और ‘लिव-इन’ संबंधों के रजिस्ट्रेशन जैसे संवेदनशील मुद्दे भी शामिल किए गए हैं। ये होंगे कमेटी के सदस्य: क्यों पड़ी कमेटी बनाने की जरूरत? सरकार के मुताबिक, वर्तमान में विवाह, उत्तराधिकार और भरण-पोषण जैसे मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत और पारिवारिक कानून प्रभावी हैं। इन नियमों में एकरूपता न होने से कई बार विसंगतियां पैदा होती हैं। शासन का मानना है कि आधुनिक दौर में एक ऐसे संतुलित और व्यावहारिक कानूनी ढांचे की जरूरत है, जो सभी नागरिकों के लिए समान हो। इससे न केवल न्याय की प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि कानूनी स्पष्टता भी बढ़ेगी। कमेटी के पास 3 बड़े ‘टास्क’ यह हाईपावर कमेटी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे तीन मुख्य काम सौंपे गए हैं। ‘ लिव-इन’ रिलेशनशिप और बच्चों के हक पर खास फोकस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित कानून में ‘लिव-इन’ संबंधों के नियमन और उनके रजिस्ट्रेशन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे पैदा होने वाले अधिकारों और दायित्वों को लेकर समिति ठोस सुझाव देगी। इसके अलावा, समिति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करना है। समिति इस बात का भी ख्याल रखेगी कि प्रस्तावित विधेयक का क्रियान्वयन (Implementation) सरल हो और भविष्य में कोई कानूनी जटिलता पैदा न हो।
गर्मियों में मटका पानी: 99% लोगों को नहीं पता कि मटके में रखा पानी कब मिलना चाहिए? जान लें सही उपाय; अन्य पढाई स्वास्थ्य पर भारी

ज्यादातर लोग इस बात को जरूर स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन मटके का पानी हर 24 घंटे में एक बार बदलना चाहिए। अगर बहुत ज्यादा गर्मी है, तो 12-18 घंटे के भीतर पानी बेहतर होता है। छवि: सोशल मीडिया मटके में लंबे समय तक पानी में रहने वाले बैथने का कारण बन सकते हैं। पानी का स्वाद और क्वालिटी ख़राब हो जाती है। इससे पेट खराब, गैस या संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छवि: एआई पुराना पानी पूरी तरह खाली करें। मटके को साफ पानी से 2-3 बार एक्सचेंज करें। सप्ताह में 1-2 बार मटके कोम्पोन या सोडा सोडा से साफ करें। पूरी तरह से अनइंस्टॉल के बाद ही नया पानी भरना शामिल है। छवि: एआई मटके को हमेशा पढ़ें। पानी निकालने के लिए साफ लोटा या नाल का उपयोग करें। हाथ से चलने वाली पानी की बोतलें। छवि: एआई मटके को वांछनीय और छायादार जगह पर रखें। रोज़ ताज़ा पानी भरना। जरूरत हो तो थोड़ा ठंडा पानी का औसत तापमान। छवि: सोशल मीडिया मटके का वॉटर प्लांट स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन उसकी सही देखभाल और पानी पर समय देना बहुत जरूरी है। छवि: एआई यदि आप प्रतिदिन ताज़ा पानी का उपयोग करते हैं, तो आप और आपका परिवार गर्मी में सुरक्षित और स्वस्थ रहेंगे। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला, स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा:पन्ना में बारिश के बीच परिजन को 27 किमी दूर सलेहा अस्पताल ले जाना पड़ा

जिले में सोमवार रात कल्दा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका होने के कारण एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान इलाज के लिए घंटों भटकना पड़ा। जानकारी के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे सकतरा गांव की रहने वाली वंदना वर्मा को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन ने 108 एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें रात 9:30 बजे कल्दा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बाहर तेज बारिश हो रही थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि वहां मुख्य द्वार पर ताला लगा है। तेज बारिश में भटकना पड़ा महिला के ससुर रामखिलावन के अनुसार, अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर था और न ही कोई कर्मचारी। काफी देर तक मदद न मिलने के बाद एम्बुलेंस को वापस मोड़ना पड़ा। मजबूर होकर परिजन इस गंभीर स्थिति और खराब मौसम के बीच वंदना को 27 किलोमीटर दूर सलेहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। परिजन ने स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही पर भारी नाराजगी जताई है। जांच की बात कह रहे अधिकारी इस घटना के बाद पन्ना के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) राजेश प्रसाद तिवारी ने कहा है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे इस बात की जांच कराएंगे कि आखिर रात के समय स्वास्थ्य केंद्र पर ताला क्यों लगा था और स्टाफ ड्यूटी से गायब क्यों था।
विदिशा में किसान ट्रेन के सामने कूदा, मौत:वीडियो में पूर्व विधायक पर केंद्रीय कृषि मंत्री की सुपारी देने का आरोप लगाया

विदिशा में सोमवार को किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। ट्रेन के सामने कूदने से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने पूर्व विधायक शशांक भार्गव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में किसान बोलते हुए सुनाई दे रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदिशा विधायक मुकेश टंडन की हत्या करने के लिए दबाव बना रहे थे। बेटे ने भी दोहराई बात मृतक किसान के बेटे दीपक गुर्जर ने भी इन आरोपों का समर्थन किया है। परिवार का कहना है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव किसान पर यह दबाव बना रहे थे कि उसे पैसे तभी मिलेंगे जब वह इन नेताओं को नुकसान पहुंचाएगा। जानकारी के अनुसार, मृतक किसान पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन लीज पर लेकर खेती करता था। पुलिस ने किसान के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में कराया है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो की भी जांच की जा रही है। पूर्व विधायक बोले- जांच हो, जनता के सामने सच आना जरूरी वहीं, इस मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस वीडियो की पूरी जांच की जानी चाहिए। जांच में वे पूरा सहयोग करेंगे। यह राजनीतिक षडयंत्र है जनता के सामने सच आना जरूरी है।
गर्मियों में कोल्ड टैंक का पानी: गर्मी में भरा है तालाब का पानी? संस्थान से पहले करें ये काम; पानी रहेगा ठंडा और नहीं जलेगी त्वचा

घृणित कपड़ा या बोरी उत्पाद: फ़्लोरिडा के अपोजिट बोरी या इलेक्ट्रॉनिक्स से पानी ठंडा रखने में मदद मिलती है। यह देसी नुस्खा बहुत ही असरदार है, खासकर तेज गर्मी में। छवि: एआई ठंडा पानी अगर पानी ज्यादा गर्म है, तो बाल्टी में थोड़ा ठंडा या फिर फ्रिज का पानी पुराना है। इससे तापमान में गिरावट और त्वचा को राहत मिलेगी। छवि: एआई मूर्ति पर सफेद पेंट करवाएं: मछली पर सफ़ेद या वसीयत रंग का पेंट उपकरण से गर्मी कम लगती है। जहरीले रंग सूरज की किरणों को रिफ्लेक्ट करते हैं, जिससे पानी कम गर्म होता है। छवि: फ्रीपिक देर से नहाएँ: गर्मी में दो बार का समय थिएटर का पानी सबसे ज्यादा गर्मी होती है। कोशिश करें कि आप सुबह जल्दी या शाम को नहाएं। इस समय पानी छोटा ठंडा रहता है। छवि: फ्रीपिक संस्थान से पहले पानी की सुविधा: नल निगम ही सीधा नहीं है। पहले 2-3 मिनट तक पानी एक्सचेंज। इससे पाइप में जाम गर्म पानी निकल जाएगा और बाजार का ठंडा पानी आ जाएगा। छवि: एआई भैंस को खरीदाकर रखें: यदि आपके पानी की मंजिल धूप में रखी है, तो उसे या कवर से ढँक कर रखें। इससे सूर्य की सीधी किरणें पानी को अत्यधिक गर्म नहीं करतीं। छवि: फ्रीपिक पाइप को धूप से बचाएं: कई बार पाइप में धूप की वजह से पानी और सबसे ज्यादा गर्मी होती है। पाइप को छाँव में रखें या कवर कर दें। छवि: फ्रीपिक गर्मी में मछली का पानी गर्म होना आम बात है, लेकिन आसान उपाय अपनाकर बात आप बच सकते हैं। इन छोटे-छोटे टिप्स से न सिर्फ पानी ठंडा रहेगा, बल्कि आपकी त्वचा भी सुरक्षित रहेगी और न हाना भी आरामदायक रहेगा। छवि: एआई
उज्जैन पुलिस ने 25 मिनट में लापता बच्ची ढूंढी:अवैध हथियार जब्त, जिला बदर आरोपी भी गिरफ्तार

उज्जैन पुलिस ने एक ही दिन में तीन बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देकर अपनी तत्परता का परिचय दिया। पुलिस ने फ्रीगंज से लापता हुई तीन साल की बच्ची को महज 25 मिनट में ढूंढ निकाला। इसके अतिरिक्त, तीन थाना क्षेत्रों से चार आरोपियों को अवैध चाकुओं के साथ गिरफ्तार किया गया और एक जिला बदर आरोपी को भी पकड़ा है। उज्जैन में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सक्रिय है। सोमवार को सामने आईं इन तीन अलग-अलग घटनाओं में पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई स्पष्ट रूप से दिखाई दी। बाजार में लापता हो गई बच्ची पहली घटना फ्रीगंज बाजार से संबंधित है। देवासी नगरी निवासी वीरेंद्र सेन अपनी पत्नी के साथ खरीदारी कर रहे थे, तभी उनकी तीन वर्षीय बेटी अचानक लापता हो गई। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ लोगों से पूछताछ कर तलाशी अभियान चलाया। महज 25 मिनट के भीतर बच्ची को वी-मार्ट शोरूम के पास सुरक्षित ढूंढ लिया गया और उसके परिजनों को सौंप दिया गया। धारदार चाकुओं के साथ आरोपी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई अवैध हथियारों के खिलाफ की गई। उज्जैन पुलिस ने चिमनगंज मंडी, माधवनगर और नीलगंगा थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों से चार आरोपियों को धारदार चाकुओं के साथ गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, इनमें से एक आरोपी पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। तीसरी बड़ी कार्रवाई नीलगंगा थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर जिला बदर आरोपी मयूर उर्फ मयूरेष व्यास को गिरफ्तार किया। आरोपी जिला दंडाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र में घूम रहा था। पूछताछ में उसके पास कोई वैध अनुमति नहीं पाई गई, जिसके बाद उसके खिलाफ मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।







