PM की सिक्किम में जनसभा आज:राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे; ₹4000 करोड़ की योजनाएं शुरु करेंगे

पीएम मोदी दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर हैं। आज वो राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे और ₹4000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद सुबह 10ः30 बजे राजधानी गंगटोक में जनसभा भी करेंगे। मोदी सोमवार को सिक्किम पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने लिबिंग हेलिपैड से गवर्नर हाउस (लोक भवन) तक उन्होंने रोड शो किया। 16 मई 2025 को सिक्किम को राज्य बने 50 साल पूरे हुए थे। तब पीएम वर्चुअली 50वें स्थापना दिवस समारोह से जुड़े थे। मंगलवार को एक साल से चल रहे समारोह का समापन होगा। पीएम के रोड शो की 3 तस्वीरें… 4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम अपने दो दिवसीय दौरे पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, पर्यावरण और कृषि से जुड़ी लगभग ₹4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें नामची में 100 बेड का अस्पताल, देओराली में 30 बेड का अस्पताल, तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील पुल और गंगटोक में सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट शामिल हैं। 16 मई 1975 को सिक्किम भारत का हिस्सा बना 1947- भारत की आजादी के समय नेहरू चाहते थे कि जैसे भूटान के साथ भारत ने मित्रता की संधि की है, वैसे ही सिक्किम के साथ भी हो जाए। 1950 में भारत-सिक्किम शांति समझौता हुआ। इसके तहत सिक्किम भारत का प्रोटेक्टर स्टेट यानी संरक्षित राज्य बना। अब सिक्किम की सुरक्षा और विदेश नीति की जिम्मेदारी भारत की थी। 1967- 1 अक्टूबर, 1967 को चीनी सेना ने नाथू-ला के रास्ते सिक्किम में घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय आर्मी इस हमले को रोकने में सफल रही, लेकिन भारत को समझ आ गया था कि उत्तर पूर्वी भारत में घुसने के लिए चीन, सिक्किम के रूट पर नजर गड़ाए बैठा है। सिक्किम के राजा चोग्याल पाल्डेन थोंडुप नामग्याल सिक्किम को भूटान जैसा दर्जा देने की मांग करने लगे। 1973- इंदिरा गांधी सिक्किम की समस्या का हल चाहती थीं। उन्होंने खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ आर. एन. काओ से मदद मांगी। इसके बाद काओ ने 1973 में सिक्किम में ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन का नाम था- ‘जनमत’ और ‘ट्विलाइट’। 1974- विधाससभा चुनाव के बदा काजी मुख्यमंत्री बने। उन्होंने विधानसभा में ‘द गवर्नमेंट ऑफ सिक्किम एक्ट, 1974’ पास कराया, जिससे सिक्किम को भारत के एसोसिएट स्टेट का दर्जा मिला। 25 जून 1974 को चोग्याल सिक्किम का भारत से अलग राज्य का दर्जा बनाए रखने की बात करने भारत आए, लेकिन इस बातचीत से स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। 1975- 9 अप्रैल 1975 को भारतीय सेना की 64 माउंटेन ब्रिगेड सिक्किम के राजमहल पहुंची। एक सैनिक ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसे गोली मार दी गई। नितिन ए. गोखले अपनी किताब, ‘आर. एन. काओ- जेंटलमैन स्पायमास्टर’ में बताते हैं, ’20 मिनट से भी कम समय में भारतीय सेना ने सिक्किम गार्ड्स को निशस्त्र कर दिया।’ चोग्याल को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद 14 अप्रैल 1975 को सिक्किम में एक रेफरेंडम कराया गया, इसमें सिक्किम के लोगों ने भारत में शामिल होने या न होने के लिए वोटिंग की। 97.5% यानी 59,637 लोगों ने भारत में शामिल होने के पक्ष में वोट किए जबकि सिर्फ 1,496 लोगों ने इसका विरोध किया। 26 अप्रैल को सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाने के लिए संसद में 36वां संविधान संशोधन बिल पास किया गया। ———————————————————- ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भारत विश्वगुरु जरूर बनेगा, कोई संदेह नहीं:राम मंदिर बनने को लेकर भी लोग शक करते थे, वैसे ही यह लक्ष्य भी अब तय है राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब लोग अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर संशय में रहते थे। इसे असंभव मानते थे। पूरी खबर पढ़ें…
PM की सिक्किम में जनसभा आज:राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे; ₹4000 करोड़ की योजनाएं शुरु करेंगे

पीएम मोदी दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर हैं। आज वो राज्य के 50वें स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे और ₹4000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद सुबह 10ः30 बजे राजधानी गंगटोक में जनसभा भी करेंगे। मोदी सोमवार को सिक्किम पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने लिबिंग हेलिपैड से गवर्नर हाउस (लोक भवन) तक उन्होंने रोड शो किया। 16 मई 2025 को सिक्किम को राज्य बने 50 साल पूरे हुए थे। तब पीएम वर्चुअली 50वें स्थापना दिवस समारोह से जुड़े थे। मंगलवार को एक साल से चल रहे समारोह का समापन होगा। पीएम के रोड शो की 3 तस्वीरें… 4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास पीएम अपने दो दिवसीय दौरे पर शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, पर्यावरण और कृषि से जुड़ी लगभग ₹4 हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें नामची में 100 बेड का अस्पताल, देओराली में 30 बेड का अस्पताल, तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील पुल और गंगटोक में सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट शामिल हैं। 16 मई 1975 को सिक्किम भारत का हिस्सा बना 1947- भारत की आजादी के समय नेहरू चाहते थे कि जैसे भूटान के साथ भारत ने मित्रता की संधि की है, वैसे ही सिक्किम के साथ भी हो जाए। 1950 में भारत-सिक्किम शांति समझौता हुआ। इसके तहत सिक्किम भारत का प्रोटेक्टर स्टेट यानी संरक्षित राज्य बना। अब सिक्किम की सुरक्षा और विदेश नीति की जिम्मेदारी भारत की थी। 1967- 1 अक्टूबर, 1967 को चीनी सेना ने नाथू-ला के रास्ते सिक्किम में घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय आर्मी इस हमले को रोकने में सफल रही, लेकिन भारत को समझ आ गया था कि उत्तर पूर्वी भारत में घुसने के लिए चीन, सिक्किम के रूट पर नजर गड़ाए बैठा है। सिक्किम के राजा चोग्याल पाल्डेन थोंडुप नामग्याल सिक्किम को भूटान जैसा दर्जा देने की मांग करने लगे। 1973- इंदिरा गांधी सिक्किम की समस्या का हल चाहती थीं। उन्होंने खुफिया एजेंसी रॉ के चीफ आर. एन. काओ से मदद मांगी। इसके बाद काओ ने 1973 में सिक्किम में ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन का नाम था- ‘जनमत’ और ‘ट्विलाइट’। 1974- विधाससभा चुनाव के बदा काजी मुख्यमंत्री बने। उन्होंने विधानसभा में ‘द गवर्नमेंट ऑफ सिक्किम एक्ट, 1974’ पास कराया, जिससे सिक्किम को भारत के एसोसिएट स्टेट का दर्जा मिला। 25 जून 1974 को चोग्याल सिक्किम का भारत से अलग राज्य का दर्जा बनाए रखने की बात करने भारत आए, लेकिन इस बातचीत से स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। 1975- 9 अप्रैल 1975 को भारतीय सेना की 64 माउंटेन ब्रिगेड सिक्किम के राजमहल पहुंची। एक सैनिक ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसे गोली मार दी गई। नितिन ए. गोखले अपनी किताब, ‘आर. एन. काओ- जेंटलमैन स्पायमास्टर’ में बताते हैं, ’20 मिनट से भी कम समय में भारतीय सेना ने सिक्किम गार्ड्स को निशस्त्र कर दिया।’ चोग्याल को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद 14 अप्रैल 1975 को सिक्किम में एक रेफरेंडम कराया गया, इसमें सिक्किम के लोगों ने भारत में शामिल होने या न होने के लिए वोटिंग की। 97.5% यानी 59,637 लोगों ने भारत में शामिल होने के पक्ष में वोट किए जबकि सिर्फ 1,496 लोगों ने इसका विरोध किया। 26 अप्रैल को सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाने के लिए संसद में 36वां संविधान संशोधन बिल पास किया गया। ———————————————————- ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भारत विश्वगुरु जरूर बनेगा, कोई संदेह नहीं:राम मंदिर बनने को लेकर भी लोग शक करते थे, वैसे ही यह लक्ष्य भी अब तय है राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनेगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब लोग अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर संशय में रहते थे। इसे असंभव मानते थे। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब में टूट रोकने में जुटी AAP:प्रदेश प्रभारी सिसोदिया ने सभी विधायक जालंधर तलब किए; 7 सांसद पार्टी छोड़ BJP जॉइन कर चुके

राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब में टूट रोकने में जुट गई है। AAP के प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कल (29 अप्रैल) को सभी विधायक जालंधर तलब कर लिए हैं। इसमें ब्लॉक ऑब्जर्वर्स और फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों को भी बुलाया गया है। मीटिंग में CM भगवंत मान भी शामिल रहेंगे। हालांकि मीटिंग का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। फिर भी माना जा रहा है कि इसमें 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद विधायकों का मन टटोला जाएगा। जालंधर में इससे पहले हुई मीटिंग को लेकर मीडिया ने दावा किया गया था कि उसमें CM ने 5-5 हजार रुपए तक रिश्वत लेने को लेकर विधायकों को फटकार लगाई थी। पंजाब में AAP में टूट की चर्चा क्यों? क्या वाकई विधायक AAP छोड़ सकते हैं? सिटिंग MLA को टिकट कटने का डर: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. कृपाल सिंह औलख के अनुसार, आम आदमी पार्टी के कई विधायकों के इस समय विवाद चल रहे हैं या फिर वो पार्टी हाईकमान से नाराज हैं। राज्य में कई विधायक ऐसे हैं, जो एंटी इंकमबेंसी की वजह से पार्टी से किनारा कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी हलकों में अपने लेवल पर सर्वे करवा रही है। विधायाकों को डर है कि उनके टिकट न कट जाएं। अमृतसर से कुंवर विजय प्रताप कर चुके बगावत: अमृतसर से AAP विधायक व पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। बरगाड़ी कांड को लेकर वो लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। यही नहीं उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी खुलकर मोर्चा खोला है। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें निकाला नहीं है। अनमोल गगन मान ने भी पार्टी छोड़ दी थी: खरड़ से विधायक व पूर्व मंत्री गगन अनमोल मान ने भी पिछले साल राजनीति से सन्यास लेने का ऐलान किया था। वो भी मंत्री पद से हटाए जाने के कारण पार्टी से नाराज चल रही थी। हालांकि बाद में पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा के मनाने पर वह फिर से एक्टिव हो गईं। 9 मंत्रियों की हो चुकी कैबिनेट से छुट्टी, वह नाराज: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. औलख के अनुसार आम आदमी पार्टी की सरकार से 9 मंत्रियों की छुट्टी हो चुकी है। कैबिनेट से छुट्टी होने से कहीं न कहीं उनके मन में भी टीस है। जिनकी मंत्रिमंडल से छुट्टी हुई है उनमें- अनमोल गगन मान, चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी, विजय सिंगला के अलावा लालजीत भुल्लर के नाम शामिल हैं। लालजीत भुल्लर डीएम रंधावा सुसाइड केस में जेल में हैं। AAP ने राज्यसभा से पूछा- सांसदों के आगे से नाम कैसे हटाया इसी बीच AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा के सेक्रेटरी जनरल को चिट्ठी लिखकर राज्यसभा के रिकॉर्ड में AAP सांसदों के नाम के आगे से बिना इजाजत पार्टी का नाम हटाने पर जवाब मांगा। उन्होंने इस मामले की तुरंत जांच और जल्द लिखित जवाब देने का अनुरोध किया है। साथ ही उन सभी जरूरी आदेश की कॉपी भी मांगी है, जिनके आधार पर AAP का सांसदों के नाम के आगे से नाम हटाया गया है। 27 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सातों सांसदों के BJP में विलय को मंजूरी दी थी, जिससे राज्यसभा में AAP की संख्या घटकर 3 रह गई, जबकि BJP की संख्या 113 हो गई है। BJP में शामिल होने वालों में राघव चड्ढा के अलावा अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। राज्यसभा की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इन सांसदों को BJP के सदस्यों के रूप में दिखाया गया है। राघव चड्ढा ने कहा- AAP चंद करप्टों की पार्टी कल ही राघव चड्ढा ने खुद सामने आकर पार्टी छोड़ने की वजह बताई थी। उन्होंने कहा कि 15 साल देने के बाद AAP अब पहले जैसी नहीं रही और पार्टी का माहौल टॉक्सिक हो चुका है, जहां काम करने और बोलने तक की आजादी नहीं है। उनके मुताबिक, यह फैसला अकेले का नहीं, बल्कि 7 सांसदों का सामूहिक निर्णय है। AAP अब चंद करप्टों और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों की पार्टी बनकर रह गई है। जो अब देश के लिए नहीं, अपने पर्सनल फायदे के लिए काम करते हैं। राघव ने कहा- राजनीति में आने से पहले मैं प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट था। मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था, लेकिन मैं उस करियर को छोड़कर राजनीति में आया। अपना करियर बनाने यहां नहीं आया। एक राजनीतिक पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना। उस पार्टी को अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। अपने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा, लेकिन आज यह पार्टी वह पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। जानिए, 7 सांसदों के AAP छोड़ने के मामले में अब तक क्या हुआ.. 24 अप्रैल- शाम 4 बजे राघव चड्ढा ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि AAP के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इसी दिन शाम को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा जॉइन कर ली। हालांकि बाकी 4 सांसद सामने नहीं आए। 25 अप्रैल- सुबह भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए 7 सांसदों पर टिप्पणी की, जिससे सियासी माहौल और गरम हो गया। उन्होंने लिखा- अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया, ये 7 चीजें मिलकर सब्जियां स्वादिष्ट बनाती हैं, लेकिन इनकी सब्जी नहीं बन सकती। 25 अप्रैल- AAP के हरपाल चीमा ने कहा कि सिर्फ 3 सांसद ही BJP में गए हैं और बाकी के साइन फर्जी हैं। 7 मेंबर एक साथ जाने चाहिए थे, तब कानून से बच सकते थे। इनके पास 18 महीने का ही टाइम बचा है। 25 अप्रैल- CM भगवंत मान ने 7 AAP सांसदों के पार्टी छोड़ने को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का टाइम मांगा। पंजाब सीएम ऑफिस से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक सीएम मान पंजाब के सभी विधायकों को लेकर दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं। वह पार्टी बदलने वाले 7 सांसदों के राइट टू रिकॉल की मांग करेंगे और इस पर अपना पक्ष रखेंगे। इसके अलावा AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उपराष्ट्रपति से मिलने की बात कही थी। 25 अप्रैल-
हिमाचल में बारिश के बाद गर्मी से राहत:कई शहरों का पारा 12॰C तक लुढ़का,अगले 6 दिन बरसेंगे बादल; कल ओलावृष्टि की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के कई भागों में आज हल्की बारिश हुई। इससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों का तापमान पिछले कल (सोमवार) की तुलना में आज 12 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिरा है। इससे राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री नीचे गिर गया है। सोलन के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 12.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यहां का तापमान गिरकर 20.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। सुंदरनगर का पारा 12.0 डिग्री लुढ़कने के बाद 24.5 डिग्री, भुंतर का 10.4 डिग्री गिरने के बाद 24.0 डिग्री, मंडी का 10.4 डिग्री कम होने के बाद 25.6 डिग्री और ऊना का अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री नीचे लुढ़कने के बाद 32.6 डिग्री रह गया है। बीते सोमवार को ऊना का तापमान 42 डिग्री पहुंच गया था। राज्य के अन्य शहरों के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों पर इससे मौसम सुहावना हो गया है। प्रदेशवासियों ने मौसम में बदलाव के बाद भीषण गर्मी से राहत की सांस ली है। सोलन में 2.2 मिमी, शिमला में 0.4 मिमी, कल्पा 0.7 मिमी, भुंतर 0.2 मिमी, मनाली में 1 मिमी और जुब्बड़हट्टी में 2 मिमी बारिश हुई है। रात 9 बजे तक 5 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान इस बीच मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी कर चंबा, मंडी, बिलासपुर, सोलन और शिमला जिला में रात 9 बजे तक हल्की बारिश का पूर्वानुमान लगाया है, जबकि किन्नौर और लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात भी हो सकता है। कल 4 जिलों में भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग (IMD) की माने तो राज्य में अगले छह दिन तक बारिश के आसार हैं। इस दौरान कई भागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अगले कल कांगड़ा, कुल्लू मंडी और शिमला में भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। कल मध्यम ऊंचाई वाले कुछेक क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है। राज्य में 30 अप्रैल और एक मई को भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट दिया गया है। तीन और चार मई को भी बारिश जारी रहेगी। जाहिर है कि अगले एक सप्ताह तक पहाड़ों पर सुहावना मौसम रहने वाला है।
खजुराहो में पारा 46°C, 10 साल में सबसे ज्यादा:एमपी के 4 जिलों में आज लू, 12 में बारिश का अलर्ट; कल से थोड़ी राहत

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। सोमवार को टूरिस्ट स्पॉट खजुराहो में पारा 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह 10 साल में सबसे ज्यादा है। छतरपुर का ही नौगांव दूसरा सबसे गर्म शहर है। मंगलवार को 4 जिलों में लू और 12 में आंधी-बारिश का अलर्ट है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने 27 अप्रैल से 1 मई तक प्रदेश में तेज गर्मी के बीच बारिश की चेतावनी भी जारी की है। ऐसा साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ की वजह से होगा। 28 अप्रैल से हीट वेव यानी, लू से राहत मिल सकती है। इन जिलों में लू का अलर्ट मंगलवार को जिन जिलों में लू का अलर्ट है, उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक, आंधी के साथ बारिश हो सकती है। 15 शहरों में पारा 44 डिग्री या इससे अधिक इससे पहले सोमवार को खजुराहो में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं, नौगांव में 45.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर-दतिया समेत 15 शहर ऐसे रहे, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। भोपाल-ग्वालियर में 43.4 डिग्री, इंदौर में 42 डिग्री, उज्जैन में 42.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 42.7 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, श्योपुर में 44.8 डिग्री, दतिया में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.5 डिग्री, रीवा, सीधी-सतना में 44.4 डिग्री, मुरैना, शाजापुर, दमोह, रतलाम, मंडला, गुना और रायसेन में पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सागर में सुबह से तल्ख धूप के बाद दोपहर में मौसम बदला और बादल छा गए। शाम को ग्रामीण इलाकों में बारिश हुई। रहली,बंडा क्षेत्र में हवाओं के साथ बारिश से मौसम खुशनुमा हुआ। खजुराहो में टूट सकता है ओवरऑल रिकॉर्ड मौसम विभाग के आंकड़ों की माने तो खजुराहो में 10 साल में कभी भी इतनी गर्मी नहीं पड़ी। 29 अप्रैल 1993 को दिन का तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यदि गर्मी का दौर ऐसा ही रहा तो ये रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आज से अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… गर्मी से बचने के लिए एडवायजरी गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहें। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। अप्रैल में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। अप्रैल में तेज गर्मी पड़ती है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले-बारिश और आंधी का दौर रहा। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया। 19, 20 और 21 फरवरी को भी बारिश का असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर चला। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश हुई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चौथी बार मौसम ने 29-30 मार्च को फिर से करवट बदली। 30 मार्च को एमपी के आधे हिस्से में कहीं बारिश-आंधी तो कहीं ओले भी गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा जबकि जबलपुर में इसने 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी अप्रैल में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। गर्मी के साथ बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। हर साल बारिश का दौर भी बनता है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर में अप्रैल में एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, जबलपुर में 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी। 2023 में 20.2 मिमी पानी गिरा था। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका
कोहली IPL में 9 हजार रन बनाने वाले पहले बैटर:दिल्ली ने लोएस्ट पावरप्ले स्कोर बनाया; बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता; मोमेंट्स-रिकॉर्डस

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 39वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हरा दिया। सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की बल्लेबाजी फ्लॉप रही। टीम ने पावरप्ले का सबसे कम स्कोर बनाया। दिल्ली की पारी 75 रन पर ढेर हो गई। जवाब ने बेंगलुरु ने 81 गेंद रहते टारगेट हासिल कर लिया। 23 रन बनाकर नाबाद रहने वाले विराट कोहली IPL इतिहास में 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। पढ़िए बेंगलुरु-दिल्ली मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. 6 ओवर में सिर्फ 13 रन बना सकी दिल्ली दिल्ली ने पावरप्ले में 6 विकेट खोकर मात्र 13 रन बनाए। यह IPL इतिहास में पावरप्ले का सबसे कम स्कोर है। दूसरे नंबर पर राजस्थान रॉयल्स हैं, जिसने 2009 में RCB के खिलाफ 2 विकेट खोकर 14 रन बनाए थे। 2. दिल्ली ने सिर्फ 7 रन पर 5 विकेट गंवा दिए इस मैच में दिल्ली ने सिर्फ 7 रन बनाने में 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बावजूद यह IPL में सबसे कम रन में 5 विकेट गंवाने का रिकॉर्ड नहीं है। कोच्चि टस्तकर्स केरल की टीम 2011 में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ सिर्फ 6 रन पर 5 विकेट गंवा बैठी थी। अब कोच्चि टस्कर्स और डेक्कन चार्जर्स दोनों टीमों लीग से बाहर हो चुकी हैं। 3. भुवनेश्वर ने 29वीं बार पहले ओवर में विकेट लिया भुवनेश्वर कुमार ने DC के खिलाफ पहले ओवर में ही डेब्यूटेंट साहिल पारख को क्लीन बोल्ड कर दिया। ये 29वीं बार है, जब उन्होंने IPL में पहले ओवर में ही विकेट लिया हो। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं। टॉप पर ट्रेट बोल्ट हैं, जिन्होंने 32 बार यह कारनामा किया है। 4. भुवनेश्वर ने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लिए दिल्ली के खिलाफ भुवनेश्वर ने पावरप्ले में 3 विकेट लिए। उन्होंने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में अब तक 32 विकेट लिए हैं। वे इस मामले में ट्रेट बोल्ट के साथ नंबर एक पर हैं। बोल्ट ने भी 32 विकेट लिए हैं। मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी ने पावरप्ले में 28-28 विकेट लिए हैं। 5. भुवनेश्वर ने IPL में 25 बार 3+ विकेट लिए भुवनेश्वर ने दिल्ली के खिलाफ 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट लिए। IPL में उन्होंने 20वीं बार 3 या उससे ज्यादा विकेट लिए। इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह नंबर एक पर हैं, जिन्होंने 25 बार यह स्पेल डाला है। लसिथ मलिंगा ने 19 बार 3+ विकेट लिए हैं और तीसरे नंबर पर हैं। 6. दिल्ली तीसरी बार IPL में 75 या इससे कम रन पर ऑलआउट दिल्ली कैपिटल्स 16.3 ओवर में 75 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL में तीसरी बार है, जब दिल्ली की टीम 75 या उससे कम स्कोर पर ऑलआउट हुई। RCB इस मामले में नंबर-1 पर हैं, जो 4 बार 75 या इससे नीचे ऑल आउट हुई है। 7. कोहली के 9 हजार रन पूरे विराट कोहली 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले IPL बैटर बने। उनके नाम 9012 रन हो गए हैं। दूसरे स्थान पर रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 7183 रन हैं। 8. बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता बेंगलुरु ने दिल्ली के खिलाफ 76 रन का लक्ष्य 81 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया। यह IPL में गेंद बाकी रहने के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा रनचेज रहा। इस लिस्ट में पहले स्थान पर मुंबई इंडियंस है, जिसने 87 गेंद रहते चेज किया था, जबकि बेंगलुरु दूसरे स्थान पर है। 9. कोहली के दिल्ली के खिलाफ 1172 रन विराट कोहली ने दिल्ली के खिलाफ अपने रन 1172 तक पहुंचा दिए। हालांकि इस लिस्ट में पहला स्थान भी उनके ही नाम है, जहां उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 1174 रन बनाए हैं, जबकि दिल्ली के खिलाफ उनका यह रिकॉर्ड दूसरा सबसे ज्यादा है। 10. बेंगलुरु ने दिल्ली को 21वीं बार हराया बेंगलुरु ने दिल्ली को 21वीं बार हरा दिया। एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के नाम हैं, जिसने कोलकाता के खिलाफ 25 जीत दर्ज की हैं, जबकि 21 जीत के साथ कई टीमें दूसरे स्थान पर हैं। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स… 1. साहिल परख डेब्यू मैच में शून्य पर आउट साहिल परख का डेब्यू मैच किसी बुरे सपने की तरह रहा। पारी के पहले ओवर में ही भुवनेश्वर कुमार ने उन्हें शून्य पर क्लीन बोल्ड कर दिया। ओवर की दूसरी गेंद भुवनेश्वर ने सटीक इनस्विंग यॉर्कर डाली, जिसे पारिख बिल्कुल समझ नहीं पाए और गेंद विकेटों में समा गई। 2. दो बार ओवर में 2 विकेट गिरे दिल्ली की पारी के दौरान ऐसा दो बार हुआ, जब एक ही ओवर में दो विकेट गिर गए। हेजलवुड ने दूसरे ओवर में पहली दो गेंद पर 2 विकेट लिए। पहली गेंद हेजलवुड ने शॉर्ट डाली, जिसे राहुल पुल करने गए। गेंद बल्ले का एज लेकर ऊपर खड़ी हो गई और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने आसान कैच पकड़ा। अगली गेंद पर ही समीर रिजवी शून्य पर कट बिहाइंड हो गए। तीसरे ओवर में भुवनेश्वर ने भी ट्रिस्टन स्टब्स और अक्षर पटेल को पवेलियन भेजा। 3. धूलभरी आंधी से खेल रुका पहली पारी में 10वें ओवर की शुरुआत से पहले कुछ देर तक खेल रुका रहा। दिल्ली में खेले गए मुकाबले में अचानक धूल भरी आंधी से खेल रुक गया। खिलाड़ी धूल से बचने के लिए पीछे मुड़कर खड़े हो गए। कुछ देर बाद धूल कम हुई, तब जाकर फिर खेल शुरु हुआ। 4. रसिख सलाम का अनोखा सेलिब्रेशन डेविड मिलर को आउट करने के बाद RCB के गेंदबाज रसिख सलाम ने अनोखे अंदाज में जश्न मनाया। 9वें ओवर की आखिरी गेंद पर रसिख ने शॉर्ट पिच गेंद डाली। मिलर ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बैट के टो-एंड से लगकर हवा में चली गई और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने आसानी से कैच पकड़ लिया। इसके बाद रसिख ने दोनों कानों को बंद कर साइलेंस लुक दिया। 5. बेथेल का 104 मीटर लंबा छक्का तीसरे ओवर में जैकब बेथेल ने काइल जेमिसन की गेंद पर लंबा छक्का जड़ा। ओवर की दूसरी गेंद जेमिसन ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली, जिसपर बेथेल ने जोरदार पुल शॉट खेला।
कोहली IPL में 9 हजार रन बनाने वाले पहले बैटर:दिल्ली ने लोएस्ट पावरप्ले स्कोर बनाया; बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता; मोमेंट्स-रिकॉर्डस

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 39वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम में कई रोचक मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स देखने को मिले। विराट कोहली IPL इतिहास में 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। वहीं दिल्ली की बल्लेबाजी फ्लॉप रही और टीम ने पावरप्ले का सबसे कम स्कोर बनाया। 76 रन का टारगेट बेंगलुरु ने 81 गेंद रहते हासिल कर लिया। बेंगलुरु-दिल्ली मैच के टॉप मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. कोहली के 9 हजार रन पूरे विराट कोहली 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले IPL बैटर बने। उनके नाम 9012 रन हो गए हैं। दूसरे स्थान पर रोहित शर्मा हैं, जिनके नाम 7183 रन हैं। 2. बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता बेंगलुरु ने दिल्ली के खिलाफ 76 रन का लक्ष्य 81 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया। यह IPL में गेंद बाकी रहने के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा रनचेज रहा। इस लिस्ट में पहले स्थान पर मुंबई इंडियंस है, जिसने 87 गेंद रहते चेज किया था, जबकि बेंगलुरु दूसरे स्थान पर है। 3. कोहली के दिल्ली के खिलाफ 1172 रन विराट कोहली ने दिल्ली के खिलाफ अपने रन 1172 तक पहुंचा दिए। हालांकि इस लिस्ट में पहला स्थान भी उनके ही नाम है, जहां उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 1174 रन बनाए हैं, जबकि दिल्ली के खिलाफ उनका यह रिकॉर्ड दूसरा सबसे ज्यादा है। 4. बेंगलुरु ने दिल्ली को 21वीं बार हराया बेंगलुरु ने दिल्ली को 21वीं बार हरा दिया। एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के नाम हैं, जिसने कोलकाता के खिलाफ 25 जीत दर्ज की हैं, जबकि 21 जीत के साथ कई टीमें दूसरे स्थान पर हैं। 5. दिल्ली ने पावरप्ले का सबसे कम स्कोर बनाया दिल्ली कैपिटल्स ने RCB के खिलाफ सोमवार को पावरप्ले में 6 विकेट खोकर मात्र 13 रन बनाए। यह IPL इतिहास में पावरप्ले का सबसे कम स्कोर है। दूसरे नंबर पर राजस्थान रॉयल्स हैं, जिन्होंने 2009 में RCB के खिलाफ 2 विकेट खोकर 14 रन बनाए थे। 6. दिल्ली ने सिर्फ 6 रन पर 5 विकेट गंवा दिए अरुण जेटली स्टेडियम में DC ने 7 रन के अंदर 5 विकेट गंवा दिए। यह IPL का दूसरा सबसे कम स्कोर है, जब टीम ने 5 विकेट गंवाए। इस लिस्ट में नंबर-1 पर कोच्चि टस्कर्स केरल है, जिन्होंने 2011 में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ सिर्फ 6 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। राजस्थान रॉयरल्स तीसरे नंबर पर है। उन्होंने 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 9 रन पर ही 5 विकेट गंवा दिए थे। 7. भुवनेश्वर ने 29वीं बार पहले ओवर में विकेट लिया भुवनेश्वर कुमार ने DC के खिलाफ पहले ओवर में ही डेब्यूटेंट साहिल पारख को क्लीन बोल्ड कर दिया। ये 29वीं बार है, जब उन्होंने IPL में पहले ओवर में ही विकेट लिया हो। वे इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं। टॉप पर ट्रेट बोल्ट हैं, जिन्होंने 32 बार यह कारनामा किया है। 8. भुवनेश्वर ने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लिए दिल्ली के खिलाफ भुवनेश्वर ने पावरप्ले में 3 विकेट लिए। उन्होंने IPL 2023 के बाद पावरप्ले में अब तक 32 विकेट लिए हैं। वे इस मामले में ट्रेट बोल्ट के साथ नंबर एक पर हैं। बोल्ट ने भी 32 विकेट लिए हैं। मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी ने पावरप्ले में 28-28 विकेट लिए हैं। 9. भुवनेश्वर ने IPL में 25 बार 3+ विकेट लिए भुवनेश्वर ने दिल्ली के खिलाफ 3 ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट लिए। IPL में उन्होंने 20वीं बार 3 या उससे ज्यादा विकेट लिए। इस लिस्ट में जसप्रीत बुमराह नंबर एक पर हैं, जिन्होंने 25 बार यह स्पेल डाला है। लसिथ मलिंगा ने 19 बार 3+ विकेट लिए हैं और तीसरे नंबर पर हैं। 10. दिल्ली तीसरी बार IPL में 75 से कम रन पर ऑलआउट दिल्ली कैपिटल्स 16.3 ओवर में 75 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL में तीसरी बार है, जब दिल्ली की टीम 75 या उससे कम स्कोर पर ऑलआउट हुई। RCB इस मामले में नंबर-1 पर हैं, जो 4 बार इससे कम स्कोर पर सिमटी है। राजस्थान रॉयल्स 2 बार के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके साथ ही दिल्ली अपने तीसरे सबसे कम स्कोर पर ऑलआउट हुई। उसका सबसे कम स्कोर 2017 में आया, जब टीम मुंबई इंडियंस के खिलाफ टीम 66 रन पर ऑलआउट हो गई थी। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स… 1. साहिल परख डेब्यू मैच में शून्य पर आउट साहिल परख का डेब्यू मैच किसी बुरे सपने की तरह रहा। पारी के पहले ओवर में ही भुवनेश्वर कुमार ने उन्हें शून्य पर क्लीन बोल्ड कर दिया। ओवर की दूसरी गेंद भुवनेश्वर ने सटीक इनस्विंग यॉर्कर डाली, जिसे पारिख बिल्कुल समझ नहीं पाए और गेंद विकेटों में समा गई। 2. दो बार ओवर में 2 विकेट गिरे दिल्ली की पारी के दौरान ऐसा दो बार हुआ, जब एक ही ओवर में दो विकेट गिर गए। हेजलवुड ने दूसरे ओवर में पहली दो गेंद पर 2 विकेट लिए। पहली गेंद हेजलवुड ने शॉर्ट डाली, जिसे राहुल पुल करने गए। गेंद बल्ले का एज लेकर ऊपर खड़ी हो गई और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने आसान कैच पकड़ा। अगली गेंद पर ही समीर रिजवी शून्य पर कट बिहाइंड हो गए। तीसरे ओवर में भुवनेश्वर ने भी ट्रिस्टन स्टब्स और अक्षर पटेल को पवेलियन भेजा। 3. धूलभरी आंधी से खेल रुका पहली पारी में 10वें ओवर की शुरुआत से पहले कुछ देर तक खेल रुका रहा। दिल्ली में खेले गए मुकाबले में अचानक धूल भरी आंधी से खेल रुक गया। खिलाड़ी धूल से बचने के लिए पीछे मुड़कर खड़े हो गए। कुछ देर बाद धूल कम हुई, तब जाकर फिर खेल शुरु हुआ। 4. रसिख सलाम का अनोखा सेलिब्रेशन डेविड मिलर को आउट करने के बाद RCB के गेंदबाज रसिख सलाम ने अनोखे अंदाज में जश्न मनाया। 9वें ओवर की आखिरी गेंद पर रसिख ने शॉर्ट पिच गेंद डाली। मिलर ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बैट के टो-एंड से लगकर हवा में चली गई और विकेटकीपर जितेश शर्मा ने आसानी से कैच पकड़ लिया। इसके बाद रसिख ने दोनों कानों
ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।
ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स:कंधे पर लेकर 3km पैदल चला; बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ

ओडिशा के क्योंझर में सोमवार को हैरान करने वाला मामला सामने आया। आदिवासी शख्स जीतू मुंडा अपनी मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। कंकाल देख बैंक में अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, जीतू अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से 20 हजार रुपए निकालना चाहता था, इसके लिए वह कई बार बैंक भी गया। लेकिन कर्मचारियों ने खाता धारक को लाने को कहा। जीतू बैंक में पहले ही कलारा की मौत की जानकारी दे चुका था। फिर भी उसे कोई मदद नहीं मिली, इससे परेशान होकर उसने कब्र से कंकाल निकालकर बैंक में पेश किया। बहन का कंकाल कंधे पर लेकर जीतू करीब 3 किमी पैदल चला। फिर मल्लिपसी में बने ओडिशा ग्रामीण बैंक ब्रांच के बरामदे में कंकाल को रख दिया। इसे देख वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, जीतू अनपढ़ है और कानूनी प्रक्रिया से अनजान था। प्रशासन ने उसे नियम समझाए और जल्द पैसे दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। बैंक के बरामदे में रखे कंकाल की तस्वीर… कंकाल देखकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस बुलाई पटना पुलिस के अनुसार, जीतू पढ़ा-लिखा नहीं है। आदिवासी जनजाति का है और कानूनी प्रक्रिया से पूरी तरह अनजान है। स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) किरण प्रसाद साहू ने कहा, “जीतू को नहीं पता कि कानूनी वारिस या नॉमिनी क्या होता है। बैंक अधिकारी भी उसे मृतक के खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया नहीं समझा पाए। पुलिस ने जीतू मुंडा को आश्वासन दिया कि वे उसकी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकलवाने में मदद करेंगे। बाद में, पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया। आखिर क्यों चाहिए थे जीतू को बहन के खाते में जमा रुपए डियानाली गांव का रहने वाला जीतू मुंडा जिस महिला का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, वह उसकी बड़ी बहन कालरा मुंडा थी। कालरा की मौत 26 जनवरी 2026 को हो गई थी। कालरा मुंडा के बैंक खाते में नॉमिनेट पति और बेटे की भी मौत हो चुकी है। इसलिए, उनके नाम पर जमा पैसे का जीतू मुंडा ही एकमात्र दावेदार है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके लिए यह राशि बेहद अहम थी और जीवनयापन का सहारा मानी जा रही थी।
ट्रेन से टुकड़ों में कटा किसान…मौत से पहले का VIDEO:बोला- पूर्व विधायक भार्गव हत्या कराना चाहते थे, शिवराज मामा को गोली मारने रिवॉल्वर दी

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोमवार शाम 4 बजे किसान ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। रेलवे ट्रैक पर किसान का सिर और धड़ अलग-अलग हालत में मिले। मृतक की पहचान बेहलोट गांव निवासी गोविंद गुर्जर के रूप में हुई है। किसान ने मरने से पहले वीडियो बनाया था, जिसे अलग-अलग लोगों को भेजा। वीडियो में वह कह रहा है कि पूर्व विधायक शशांक भार्गव उससे हत्या कराना चाह रहे हैं। भार्गव कहते हैं कि शिवराज मामा और मुकेश टंडन की हत्या करेगा, तभी पैसे मिलेंगे। वह उनकी प्रताड़ना से तंग आ गया था। जानकारी के मुताबिक, किसान ने पांच वीडियो बनाए थे। अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे। कुछ वीडियो ग्राम पंचायत बेहलोट के सरपंच पुत्र लकी गुर्जर को भी भेजे गए। वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है, जिसमें उसने अपनी आपबीती बयान की है। फसल बोने के लिए कर्ज लिया था गोविंद सिंह गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वे पिछले तीन साल (2023, 2024 और 2025) से पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमीन पर बटाईदारी के आधार पर खेती कर रहे थे। उन्होंने धान और गेहूं की फसल बोने के लिए कर्ज लिया था। समझौते के अनुसार, फसल की आमदनी दोनों के बीच बराबर बांटी जानी थी। भार्गव ने धान की फसल से हुई पूरी आमदनी रोक ली गोविंद के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने के बाद भार्गव ने धान की फसल की पूरी आमदनी रोक ली। इसके बाद गेहूं की फसल के पैसे भी अपने पास रख लिए। जब वे पैसे मांगने गए, तो उन्हें स्टांप पेपर लाने के लिए कहा गया। गोविंद का दावा है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए उनसे ऐसे दस्तावेज पर दस्तखत करवा लिए गए, जिसे किसी और ने लिखा था। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगले दिन भुगतान कर दिया जाएगा। तीन साल से कर्ज लेकर कर रहा था खेती गोविंद गुर्जर ने वीडियो में बताया कि वह पिछले तीन साल से शशांक भार्गव की जमीन बटाई पर लेकर कर्ज के सहारे खेती कर रहा था। उसने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग लगने के बाद दो साल तक फसल की रकम रोक ली गई। जब वह पैसा लेने पहुंचा, तो उससे स्टांप पेपर पर लिखापढ़ी कर हस्ताक्षर कराए गए। अगले दिन भुगतान का आश्वासन दिया गया। हत्या के लिए दबाव और धमकाने के आरोप गोविंद के अनुसार, जब वह दोबारा पैसे लेने पहुंचा, तो आरोप है कि शशांक भार्गव ने उसे रिवॉल्वर थमा दिया। कहा कि शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को मार दे। मना करने पर अपने गुंडों के जरिए दबाव बनाया और मारपीट भी करवाई। उसने पांच-छह लोगों पर हमले के आरोप भी लगाए। बेटे ने लगाए गंभीर आरोप मृतक के बेटे दीपक गुर्जर ने बताया कि उनके पिता पूर्व विधायक शशांक भार्गव के यहां जमीन संभालते थे, लेकिन उन्हें काम का पैसा नहीं दिया गया। पैसे मांगने पर उन्हें धमकाया गया। बेटे का दावा है कि भार्गव ने कहा था कि पैसे तभी मिलेंगे, जब वह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विधायक मुकेश टंडन को गोली मार देगा। साथ ही धोखे से हस्ताक्षर कराकर जमीन भी हड़प ली गई। बेटे ने पिता की मौत के लिए सीधे तौर पर शशांक भार्गव को जिम्मेदार ठहराया है। समाज और नेताओं से लगाई मदद की गुहार अन्य वीडियो में गोविंद गुर्जर ने गुर्जर समाज से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई। कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह चूड़ी पहन लेगा। साथ ही उसने राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट और उत्तर प्रदेश के सपा नेता अखिलेश यादव से मदद की गुहार लगाई। पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला संवेदनशील होने के कारण हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पूर्व विधायक ने आरोपों को बताया साजिश वहीं, पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है। थाना प्रभारी आशुतोष सिंह के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।







