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ब्रिटेन- 2008 के बाद जन्मे बच्चे तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे:जनरेशन बैन कानून दोनों सदनों में पास, 1 जनवरी 2027 से लागू

ब्रिटेन- 2008 के बाद जन्मे बच्चे तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे:जनरेशन बैन कानून दोनों सदनों में पास, 1 जनवरी 2027 से लागू

ब्रिटेन ने धूम्रपान को रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठाया है। अब वहां नई पीढ़ी के लोगों के लिए सिगरेट खरीदना हमेशा के लिए बंद करने की तैयारी हो गई है। सरकार ने ‘टोबैको एंड वेप्स बिल’ पास कर दिया है। इसके तहत 2008 के बाद पैदा हुए लोग जिंदगी भर तंबाकू से जुड़ी चीजें नहीं खरीद पाएंगे। संसद से बिल पास हो चुका है और अब सिर्फ किंग चार्ल्स III की औपचारिक मंजूरी बाकी है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। यह पूरे ब्रिटेन यानी इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में लागू होगा। सरकार ने यह बिल 2024 में पेश किया था और इसे अपनी बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था। नए नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से यह कानून लागू होगा। उम्र के हिसाब से लागू होगा कानून ई-सिगरेट पर भी सख्ती वेपिंग (ई-सिगरेट) पर भी सख्ती की गई है। स्कूल, अस्पताल और बच्चों के खेलने की जगहों पर स्मोकिंग पूरी तरह बंद होगी। कई इनडोर जगहों पर वेपिंग भी नहीं कर सकेंगे। अगर कोई 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति के साथ कार में वेपिंग करता है, तो वह भी गैरकानूनी होगा। ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा है कि यह पीढ़ी लत और नुकसान से बची हुई पहली स्मोक-फ्री जनरेशन होगी। उनका कहना है कि इलाज करने से बेहतर है पहले ही बीमारी को रोक दिया जाए। सरकार का कहना है कि इससे आने वाले समय में स्मोक-फ्री जनरेशन”ट तैयार होगी और धूम्रपान से होने वाली बीमारियां और मौतें कम होंगी। हालांकि कुछ लोग और कारोबारी इसे बहुत सख्त बता रहे हैं और कह रहे हैं कि लोगों को जागरूक करना ज्यादा जरूरी है। ब्रिटेन में हर साल तंबाकू से 76 हजार मौतें ब्रिटिश सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है क्योंकि धूम्रपान वहां लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां हर साल 76,000 से ज्यादा लोग सिगरेट से जुड़ी बीमारियों जैसे कैंसर, दिल की बीमारी और फेफड़ों की समस्या से जान गंवा देते हैं। सरकार का कहना है कि ज्यादातर लोग कम उम्र में ही सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं। बाद में यह आदत छोड़ना मुश्किल हो जाता है, इसलिए शुरू से ही नई पीढ़ी को इससे दूर रखना जरूरी है। धूम्रपान की वजह से इलाज पर काफी पैसा खर्च होता है, जिससे ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा (NHS) पर दबाव बढ़ता है। अगर लोग कम धूम्रपान करेंगे, तो यह बोझ भी कम होगा। ब्रिटेन में करीब 75 प्रतिशत लोग जो सिगरेट पीते हैं, वे चाहते हैं कि उन्होंने कभी इसकी शुरुआत ही न की होती। इसके अलावा, बीमार होने की वजह से लोगों का काम भी प्रभावित होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। सरकार पहले भी चेतावनी और टैक्स जैसे उपाय कर चुकी है, लेकिन उससे पूरी तरह फर्क नहीं पड़ा। इसलिए अब सख्त कानून बनाकर नई पीढ़ी को तंबाकू से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। न्यूजीलैंड यह कानून लागू करने वाला पहला देश न्यूजीलैंड पहला देश था जिसने यह आइडिया दिया कि एक तय साल के बाद पैदा हुए लोग कभी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे। न्यूजीलैंड सरकार देश को सिगरेट-तम्बाकू से मुक्त करना चाहती थी इसलिए यह कानून बनाया गया था। दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड संसद में तम्बाकू-सिगरेट को बैन करने वाला स्मोक फ्री एनवायरनमेंट कानून पास हो गया था। इसके तहत ऐसे लोग जिनका जन्म 2008 के बाद हुआ है, वो किसी भी तरह के स्मोकिंग प्रोडक्ट्स नहीं खरीद सकते थे। बाद में 2024 में सरकार बदलने पर यह कानून वापस ले लिया गया। सरकार ने तर्क दिया कि इससे टैक्स कटौती के लिए राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी। 70 से ज्यादा देशों में स्मोक-फ्री पॉलिसी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार: 2004 में आयरलैंड पहला देश बना जिसने कार्यस्थलों, रेस्टोरेंट और बार में स्मोकिंग बैन लागू किया। 2007 तक सिर्फ 10 देशों में इनडोर स्मोकिंग बैन था। 2023 तक दुनिया की 71% आबादी (करीब 5.6 अरब लोग) किसी न किसी स्मोक-फ्री नीति के दायरे में आ चुकी है।

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ब्रिटेन- 2008 के बाद जन्मे बच्चे तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे:जनरेशन बैन कानून दोनों सदनों में पास, 1 जनवरी 2027 से लागू

ब्रिटेन ने धूम्रपान को रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठाया है। अब वहां नई पीढ़ी के लोगों के लिए सिगरेट खरीदना हमेशा के लिए बंद करने की तैयारी हो गई है। सरकार ने ‘टोबैको एंड वेप्स बिल’ पास कर दिया है। इसके तहत 2008 के बाद पैदा हुए लोग जिंदगी भर तंबाकू से जुड़ी चीजें नहीं खरीद पाएंगे। संसद से बिल पास हो चुका है और अब सिर्फ किंग चार्ल्स III की औपचारिक मंजूरी बाकी है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। यह पूरे ब्रिटेन यानी इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में लागू होगा। सरकार ने यह बिल 2024 में पेश किया था और इसे अपनी बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था। नए नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से यह कानून लागू होगा। उम्र के हिसाब से लागू होगा कानून ई-सिगरेट पर भी सख्ती वेपिंग (ई-सिगरेट) पर भी सख्ती की गई है। स्कूल, अस्पताल और बच्चों के खेलने की जगहों पर स्मोकिंग पूरी तरह बंद होगी। कई इनडोर जगहों पर वेपिंग भी नहीं कर सकेंगे। अगर कोई 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति के साथ कार में वेपिंग करता है, तो वह भी गैरकानूनी होगा। ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा है कि यह पीढ़ी लत और नुकसान से बची हुई पहली स्मोक-फ्री जनरेशन होगी। उनका कहना है कि इलाज करने से बेहतर है पहले ही बीमारी को रोक दिया जाए। सरकार का कहना है कि इससे आने वाले समय में स्मोक-फ्री जनरेशन”ट तैयार होगी और धूम्रपान से होने वाली बीमारियां और मौतें कम होंगी। हालांकि कुछ लोग और कारोबारी इसे बहुत सख्त बता रहे हैं और कह रहे हैं कि लोगों को जागरूक करना ज्यादा जरूरी है। ब्रिटेन में हर साल तंबाकू से 76 हजार मौतें ब्रिटिश सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है क्योंकि धूम्रपान वहां लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां हर साल 76,000 से ज्यादा लोग सिगरेट से जुड़ी बीमारियों जैसे कैंसर, दिल की बीमारी और फेफड़ों की समस्या से जान गंवा देते हैं। सरकार का कहना है कि ज्यादातर लोग कम उम्र में ही सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं। बाद में यह आदत छोड़ना मुश्किल हो जाता है, इसलिए शुरू से ही नई पीढ़ी को इससे दूर रखना जरूरी है। धूम्रपान की वजह से इलाज पर काफी पैसा खर्च होता है, जिससे ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा (NHS) पर दबाव बढ़ता है। अगर लोग कम धूम्रपान करेंगे, तो यह बोझ भी कम होगा। ब्रिटेन में करीब 75 प्रतिशत लोग जो सिगरेट पीते हैं, वे चाहते हैं कि उन्होंने कभी इसकी शुरुआत ही न की होती। इसके अलावा, बीमार होने की वजह से लोगों का काम भी प्रभावित होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। सरकार पहले भी चेतावनी और टैक्स जैसे उपाय कर चुकी है, लेकिन उससे पूरी तरह फर्क नहीं पड़ा। इसलिए अब सख्त कानून बनाकर नई पीढ़ी को तंबाकू से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। न्यूजीलैंड यह कानून लागू करने वाला पहला देश न्यूजीलैंड पहला देश था जिसने यह आइडिया दिया कि एक तय साल के बाद पैदा हुए लोग कभी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे। न्यूजीलैंड सरकार देश को सिगरेट-तम्बाकू से मुक्त करना चाहती थी इसलिए यह कानून बनाया गया था। दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड संसद में तम्बाकू-सिगरेट को बैन करने वाला स्मोक फ्री एनवायरनमेंट कानून पास हो गया था। इसके तहत ऐसे लोग जिनका जन्म 2008 के बाद हुआ है, वो किसी भी तरह के स्मोकिंग प्रोडक्ट्स नहीं खरीद सकते थे। बाद में 2024 में सरकार बदलने पर यह कानून वापस ले लिया गया। सरकार ने तर्क दिया कि इससे टैक्स कटौती के लिए राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी। 70 से ज्यादा देशों में स्मोक-फ्री पॉलिसी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार: 2004 में आयरलैंड पहला देश बना जिसने कार्यस्थलों, रेस्टोरेंट और बार में स्मोकिंग बैन लागू किया। 2007 तक सिर्फ 10 देशों में इनडोर स्मोकिंग बैन था। 2023 तक दुनिया की 71% आबादी (करीब 5.6 अरब लोग) किसी न किसी स्मोक-फ्री नीति के दायरे में आ चुकी है।

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