Wednesday, 15 Jul 2026 | 10:44 AM

Trending :

EXCLUSIVE

होर्मुज के बाद अब ट्रम्प की मलक्का स्ट्रेट पर नजर:इंडोनेशिया से रक्षा करार किया, अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशियाई इलाके में जाने की इजाजत

होर्मुज के बाद अब ट्रम्प की मलक्का स्ट्रेट पर नजर:इंडोनेशिया से रक्षा करार किया, अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशियाई इलाके में जाने की इजाजत

हॉर्मुज स्ट्रेट में इस समय हालात काफी तनाव भरे हैं। अमेरिका वहां ईरान से जुड़ी जहाजों की गतिविधियों पर सख्ती कर रहा है। इसी बीच अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच 13 अप्रैल को एक नया रक्षा समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत अब अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में ज्यादा आसानी से आने-जाने की इजाजत मिल गई है। इसे आधिकारिक तौर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का कदम बताया जा रहा है, लेकिन इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह डील ऐसे समय हुई है जब US ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए होर्मुज में नाकाबंदी शुरू कर दी है। इसके बाद तेल सप्लाई लगभग ठहर गई और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिका ने मलक्का स्ट्रेट पर नजर रखने के लिए यह करार किया है। होर्मुज के बाद मलक्का पर फोकस मलक्का स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यह वही रास्ता है जो हिंद महासागर को पूर्वी एशिया से जोड़ता है और दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से करीब 40% वैश्विक व्यापार और लगभग 30% तेल सप्लाई गुजरती है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे खास बनाती है। फिलिप चैनल पर इसकी चौड़ाई 3 किलोमीटर है, जो इसे बड़ा बॉटलनेक बनाती है। यह होर्मुज से करीब नौ गुना ज्यादा संकरा है। मलक्का स्ट्रेट पर इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर का कंट्रोल है। इस रास्ते से दुनिया का बहुत बड़ा व्यापार गुजरता है। यही वजह है कि इस इलाके में कोई भी हलचल सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकती है। US-इंडोनेशिया डील के बाद एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका इंडो-पैसिफिक में बड़े समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। अमेरिकी एक्सपर्ट्स और पूर्व सैनिकों ने कहा है कि दुनिया के चोकपॉइंट्स पर US अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। चीन के लिए सबसे बड़ी कमजोरी अगर हॉर्मुज को तेल की सप्लाई का मुख्य रास्ता माना जाता है, तो मलक्का को पूरी दुनिया के ट्रेड की लाइफलाइन कहा जा सकता है। यहां से तेल के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनें और बाकी सामान भी बड़ी मात्रा में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं। चीन के लिए तो मलक्का को सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी माना जाता है। चीन के करीब 80% तेल आयात इसी रास्ते से आते हैं। ये इंडस्ट्रियल इकॉनमी और एक्सपोर्ट सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है। इसी वजह से चीन लंबे समय से इस पर अपनी निर्भरता को एक कमजोरी मानता है। यही कारण है कि पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने इसे ‘मलक्का डिलेमा’ कहा था। हाल में चीन ने इलाके के आसपास समुद्री मैपिंग और मॉनिटरिंग गतिविधियां बढ़ाई हैं। भारत के लिए क्यों अहम है मलक्का मलक्का स्ट्रेट भारत के लिए भी उतना ही अहम है। देश का करीब 55% व्यापार इसी रास्ते और सिंगापुर क्षेत्र से होकर गुजरता है। भारत की भौगोलिक स्थिति उसे इस इलाके में रणनीतिक बढ़त देती है। अंडमान और निकोबार आइलैंड्स इस स्ट्रेट के पश्चिमी मुहाने के पास हैं, जहां से पोर्ट ब्लेयर से 24 घंटे में पहुंचा जा सकता है। भारत का INS बाज एयर स्टेशन, जो कैंपबेल बे में है, इस इलाके की निगरानी में अहम भूमिका निभाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह भारत को समुद्री ट्रैफिक पर नजर रखने की ताकत देता है। क्या US-भारत सहयोग बढ़ सकता है एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका मलक्का में अपनी भूमिका बढ़ाता है, तो भारत की भागीदारी अहम हो सकती है। सिंगापुर ने पहली बार मलक्का स्ट्रेट पेट्रोल में भारत की दिलचस्पी को औपचारिक तौर पर माना है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि, मलक्का स्ट्रेट में अमेरिका के लिए सब कुछ आसान नहीं होगा। इंडोनेशिया और मलेशिया इस इलाके को लेकर काफी संवेदनशील रहते हैं और अपनी संप्रभुता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते। सिंगापुर का हिस्सा छोटा जरूर है, लेकिन वैश्विक शिपिंग में उसकी भूमिका बहुत बड़ी है। उसका पोर्ट और समुद्री सेवाएं उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए वह इस रास्ते में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहता। हाल के समय में समुद्री टैक्स और नियमों को लेकर भी बहस तेज हुई है, जिससे दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों की चिंता बढ़ी है। ऐसे माहौल में अमेरिका की बढ़ती गतिविधियां यह दिखाती हैं कि वह अब एक साथ कई अहम समुद्री रास्तों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… होर्मुज पर अमेरिकी नेवी की नाकाबंदी शुरू:ट्रम्प की धमकी- इसके पास आए ईरानी जहाज तबाह करेंगे, ईरान बोला- भारत से कोई टोल नहीं लिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री नाकाबंदी शुरू हो गई है। यह फैसला आज शाम 7:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे) से लागू हुआ। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के पास आता है, तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए वही तरीका इस्तेमाल होगा, जिससे समुद्र में ड्रग तस्करों के जहाज रोके जाते हैं, यानी तेजी और सख्ती से। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल 55 रुपए महंगा:पेट्रोल 336 और डीजल 321 रुपए लीटर हुआ, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर

March 7, 2026/
10:23 am

पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20% की बढ़ोतरी की है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में...

क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी:गुजरात की गेंदबाजी सबसे मजबूत, रॉयल्स-टाइटंस में क्वालिफायर-2 मैच आज

May 29, 2026/
4:30 am

IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होगीं। इस मैच को जीतने वाली...

दावा-इंग्लैंड के कप्तान स्टोक्स संन्यास ले सकते हैं:लॉर्ड्स टेस्ट की जीत के बाद नाइटक्लब विवाद में नाम आया; दूसरे टेस्ट से बाहर

June 10, 2026/
8:11 am

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (रिटायरमेंट)...

तस्वीर का विवरण

June 2, 2026/
10:46 pm

कटहल की भुजिया बनाने की सामग्री: 500 ग्राम कच्चा कटहल, 2 बड़े प्याज, 2 टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 मोटा...

भूत बंगला में कॉमेडी-हॉरर का नया अनुभव देंगे अक्षय:प्रियदर्शन बोले- कहानी कई बार लिखी गई; वामिका ने कहा- फिल्म ने शांत रहना और काम एंजॉय करना सिखाया

March 29, 2026/
10:34 am

फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर स्टारकास्ट और डायरेक्टर ने खुलकर बातचीत की, जिसमें इसके आइडिया, शूटिंग अनुभव और कॉमेडी-हॉरर के...

पैपराजी पर गुस्सा हुईं मौनी रॉय:कार के शीशे से वीडियो बनाने पर हाथ दिखाकर बोलीं- बंद करो, दोस्तों के साथ डिनर पर गई थीं

July 15, 2026/
9:39 am

बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय मंगलवार रात पैपराजी से नाराज हो गईं। दरअसल मुंबई में दोस्तों के साथ डिनर के बाद...

14 साल के श्रेय ने स्पेलिंग बी प्रतियोगिता जीती:90 सेकेंड में 32 शब्द सी लिखे, लगातार पांचवीं बार भारतीय मूल का छात्र विजेता बना

May 30, 2026/
1:36 am

अमेरिका की सबसे कठिन मानी जाने वाली प्रतियोगिता ‘स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी’ का खिताब 14 साल के भारतीय-अमेरिकी छात्र श्रेय...

मधुर भंडारकर बोले- धुरंधर 2 एटम बम जैसी:साउथ स्टार्स ने तारीफ की लेकिन बॉलीवुड चुप है; एकता की कमी पर उठाए सवाल

April 1, 2026/
5:33 pm

फिल्म मेकर मधुर भंडारकर ने फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की जमकर तारीफ की है। फरीदून शहरयार के साथ बातचीत में...

राजकुमार हिरानी का ओटीटी डेब्यू:बोले- नई कहानी की तलाश में फ्रस्ट्रेशन होना तय, यही बेचैनी नई कहानी तक ले जाती है

June 29, 2026/
4:06 pm

साइबर क्राइम जैसे गंभीर विषय को मनोरंजक अंदाज में पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे राजकुमार हिरानी अपनी पहली...

राजनीति

होर्मुज के बाद अब ट्रम्प की मलक्का स्ट्रेट पर नजर:इंडोनेशिया से रक्षा करार किया, अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशियाई इलाके में जाने की इजाजत

होर्मुज के बाद अब ट्रम्प की मलक्का स्ट्रेट पर नजर:इंडोनेशिया से रक्षा करार किया, अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशियाई इलाके में जाने की इजाजत

हॉर्मुज स्ट्रेट में इस समय हालात काफी तनाव भरे हैं। अमेरिका वहां ईरान से जुड़ी जहाजों की गतिविधियों पर सख्ती कर रहा है। इसी बीच अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच 13 अप्रैल को एक नया रक्षा समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत अब अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में ज्यादा आसानी से आने-जाने की इजाजत मिल गई है। इसे आधिकारिक तौर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का कदम बताया जा रहा है, लेकिन इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह डील ऐसे समय हुई है जब US ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए होर्मुज में नाकाबंदी शुरू कर दी है। इसके बाद तेल सप्लाई लगभग ठहर गई और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिका ने मलक्का स्ट्रेट पर नजर रखने के लिए यह करार किया है। होर्मुज के बाद मलक्का पर फोकस मलक्का स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यह वही रास्ता है जो हिंद महासागर को पूर्वी एशिया से जोड़ता है और दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से करीब 40% वैश्विक व्यापार और लगभग 30% तेल सप्लाई गुजरती है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे खास बनाती है। फिलिप चैनल पर इसकी चौड़ाई 3 किलोमीटर है, जो इसे बड़ा बॉटलनेक बनाती है। यह होर्मुज से करीब नौ गुना ज्यादा संकरा है। मलक्का स्ट्रेट पर इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर का कंट्रोल है। इस रास्ते से दुनिया का बहुत बड़ा व्यापार गुजरता है। यही वजह है कि इस इलाके में कोई भी हलचल सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकती है। US-इंडोनेशिया डील के बाद एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका इंडो-पैसिफिक में बड़े समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। अमेरिकी एक्सपर्ट्स और पूर्व सैनिकों ने कहा है कि दुनिया के चोकपॉइंट्स पर US अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। चीन के लिए सबसे बड़ी कमजोरी अगर हॉर्मुज को तेल की सप्लाई का मुख्य रास्ता माना जाता है, तो मलक्का को पूरी दुनिया के ट्रेड की लाइफलाइन कहा जा सकता है। यहां से तेल के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनें और बाकी सामान भी बड़ी मात्रा में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं। चीन के लिए तो मलक्का को सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी माना जाता है। चीन के करीब 80% तेल आयात इसी रास्ते से आते हैं। ये इंडस्ट्रियल इकॉनमी और एक्सपोर्ट सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है। इसी वजह से चीन लंबे समय से इस पर अपनी निर्भरता को एक कमजोरी मानता है। यही कारण है कि पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने इसे ‘मलक्का डिलेमा’ कहा था। हाल में चीन ने इलाके के आसपास समुद्री मैपिंग और मॉनिटरिंग गतिविधियां बढ़ाई हैं। भारत के लिए क्यों अहम है मलक्का मलक्का स्ट्रेट भारत के लिए भी उतना ही अहम है। देश का करीब 55% व्यापार इसी रास्ते और सिंगापुर क्षेत्र से होकर गुजरता है। भारत की भौगोलिक स्थिति उसे इस इलाके में रणनीतिक बढ़त देती है। अंडमान और निकोबार आइलैंड्स इस स्ट्रेट के पश्चिमी मुहाने के पास हैं, जहां से पोर्ट ब्लेयर से 24 घंटे में पहुंचा जा सकता है। भारत का INS बाज एयर स्टेशन, जो कैंपबेल बे में है, इस इलाके की निगरानी में अहम भूमिका निभाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह भारत को समुद्री ट्रैफिक पर नजर रखने की ताकत देता है। क्या US-भारत सहयोग बढ़ सकता है एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका मलक्का में अपनी भूमिका बढ़ाता है, तो भारत की भागीदारी अहम हो सकती है। सिंगापुर ने पहली बार मलक्का स्ट्रेट पेट्रोल में भारत की दिलचस्पी को औपचारिक तौर पर माना है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि, मलक्का स्ट्रेट में अमेरिका के लिए सब कुछ आसान नहीं होगा। इंडोनेशिया और मलेशिया इस इलाके को लेकर काफी संवेदनशील रहते हैं और अपनी संप्रभुता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते। सिंगापुर का हिस्सा छोटा जरूर है, लेकिन वैश्विक शिपिंग में उसकी भूमिका बहुत बड़ी है। उसका पोर्ट और समुद्री सेवाएं उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए वह इस रास्ते में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहता। हाल के समय में समुद्री टैक्स और नियमों को लेकर भी बहस तेज हुई है, जिससे दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों की चिंता बढ़ी है। ऐसे माहौल में अमेरिका की बढ़ती गतिविधियां यह दिखाती हैं कि वह अब एक साथ कई अहम समुद्री रास्तों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… होर्मुज पर अमेरिकी नेवी की नाकाबंदी शुरू:ट्रम्प की धमकी- इसके पास आए ईरानी जहाज तबाह करेंगे, ईरान बोला- भारत से कोई टोल नहीं लिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री नाकाबंदी शुरू हो गई है। यह फैसला आज शाम 7:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे) से लागू हुआ। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के पास आता है, तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए वही तरीका इस्तेमाल होगा, जिससे समुद्र में ड्रग तस्करों के जहाज रोके जाते हैं, यानी तेजी और सख्ती से। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.