Thursday, 08 Oct 2026 | 10:18 AM

Trending :

EXCLUSIVE

ग्वालियर स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते वक्त गिरी महिला:RPF जवान ने बचाया, घटना का सीसीटीवी वीडियो आया सामने

ग्वालियर स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते वक्त गिरी महिला:RPF जवान ने बचाया, घटना का सीसीटीवी वीडियो आया सामने

ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर शनिवार देर रात जीटी एक्सप्रेस में चढ़ते समय एक महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई। मौके पर तैनात RPF आरक्षक ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना का सीसीटीवी वीडियो सोमवार सामने आया है। सुनीता नाम की महिला ग्वालियर से आगरा जाने के लिए जीटी एक्सप्रेस में सवार होने आई थी। ट्रेन चलने लगी तो उसने जल्दबाजी में चढ़ने का प्रयास किया, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया। प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरी महिला पैर फिसलने से महिला प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई। घटना के बाद वहां मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात RPF जवान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को खींचकर बाहर निकाला। कुछ सेकंड की देरी से बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने से बचने की अपील की है। घटना के बाद महिला की हालत सामान्य बताई गई है।

आपकी पेशाब में भी आ रहा स्पर्म? यह कौन सी बीमारी और कितनी खतरनाक, डॉक्टर से जानें वजह और ट्रीटमेंट

authorimg

Last Updated:April 13, 2026, 10:43 IST Sperm Discharge in Urine: कई लोगों के पेशाब में स्पर्म आने लगता है. अक्सर लोग इसे गंभीर बीमारी मान लेते हैं और नीम-हकीम के चक्कर में फंस जाते हैं. गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक के मुताबिक पेशाब में स्पर्म आना कोई बीमारी नहीं है. जब युवा लड़कों के शरीर में स्पर्म जमा हो जाता है, तो यह पेशाब के जरिए बाहर निकलने लगता है. कुछ मामलों में स्पर्म का डिस्चार्ज प्रोस्टेट इंफेक्शन की वजह से होता है. ऐसी कंडीशन में एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं. पेशाब में स्पर्म आना अधिकतर मामलों में कोई बीमारी नहीं होती है. Sperm Leakage in Urine Causes: कई पुरुषों की पेशाब में स्पर्म आने लगता है. इससे वे परेशान हो जाते हैं और इसे गंभीर बीमारी मान लेते हैं. कई झोलाछाप इस मौके का फायदा उठाते हैं और इलाज के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लेते हैं. जब समस्या कंट्रोल नहीं होती है, तब जाकर डॉक्टर से मिलते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो पेशाब में सफेद और चिपचिपा पदार्थ निकलना आमतौर पर किसी बीमारी का संकेत नहीं होता है. हालांकि यह समस्या लंबे समय तक रहे, तो इसे नजरअंदाज करना भी सही नहीं है. डॉक्टर से जानते हैं कि पेशाब में स्पर्म क्यों आता है, यह कौन सी बीमारी है और इसका क्या ट्रीटमेंट होता है. नई दिल्ली के सर गंगाराम सिटी हॉस्पिटल के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया कि 20 से 30 साल के युवाओं की पेशाब में स्पर्म आना एक सामान्य बात है. अधिकतर लोगों को पता भी नहीं होता कि उनकी पेशाब में स्पर्म आ रहा है. कई टेस्ट के जरिए इसका पता लगाया जा सकता है, लेकिन यह बीमारी नहीं होती है. मेडिकल की भाषा में इसे स्पर्मेटोरिया कहा जाता है. यह कई कारणों से हो सकता है. इसकी सबसे बड़ी वजह शरीर में वीर्य का जमा होना है. जब लंबे समय तक कोई युवा यौन संबंध न बनाए, तो इससे शरीर में जरूरत से ज्यादा स्पर्म जमा हो जाता है. धीरे-धीरे शरीर इसे पेशाब के जरिए नेचुरल तरीके से बाहर निकाल देता है. यह कोई बीमारी नहीं है और इससे डरने की जरूरत नहीं है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक कई बार पेशाब में स्पर्म आने की वजह प्रोस्टेट ग्लैंड में सूजन या इंफेक्शन हो सकती है. अगर कोई व्यक्ति प्रोफेशनल सेक्स वर्कर के साथ बिना कंडोम के संबंध बनाता है, तो इससे उसके यूरेथ्रा में खतरनाक बैक्टीरिया पहुंच जाते हैं. इससे प्रोस्टेट में सूजन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या अन्य संक्रमण पैदा हो सकते हैं. इससे भी सीमन लीक होने लगता है. ऐसे मामलों में जांच के बाद डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं. एक्सपर्ट का साफ कहना है कि इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए संबंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल करें. इससे करीब 70 से 80% तक संक्रमण से बचाव हो सकता है. अगर इसके बाद किसी तरह की समस्या पैदा हो, तो डॉक्टर से मिलकर अपनी जांच कराएं और प्रॉपर ट्रीटमेंट लें. डॉक्टर पाठक की मानें तो 35-40 की उम्र के बाद शरीर में स्पर्म प्रोडक्शन कम हो जाता है और इसके बाद पेशाब में स्पर्म न के बराबर आता है. ऐसे में अगर आप युवा हैं और सेक्सुअली एक्टिव नहीं है, तब आपको स्पर्म आने की समस्या हो सकती है. इससे घबराने या डरने की बात नहीं है. यह कोई बीमारी नहीं है, बल्कि आपके हेल्दी होने का संकेत है. अगर समस्या बहुत ज्यादा हो रही है और इसके साथ अन्य लक्षण नजर आ रहे हैं, तब आपको इसकी जांच करानी चाहिए. सबसे जरूरी बात यह है कि लोगों को झोलाछापों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए. किसी भी परेशानी का इलाज क्वालिफाइड डॉक्टर से ही कराना चाहिए. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 13, 2026, 10:43 IST

5 रुपए किलो बिक रहा तरबूज-खरबूज:खरगोन में लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान; 15 हजार हेक्टेयर में लगी है फसल

5 रुपए किलो बिक रहा तरबूज-खरबूज:खरगोन में लागत भी नहीं निकाल पा रहे किसान; 15 हजार हेक्टेयर में लगी है फसल

खरगोन जिले में मौसम के उतार-चढ़ाव और बाजार में मांग से अधिक आवक होने के कारण तरबूज और खरबूज के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों को अपनी उपज 5 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर भी बेचना मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते लागत न निकलने से परेशान किसान अब तरबूज का न्यूनतम भाव 10 रुपए प्रति किलोग्राम तय करने की मांग कर रहे हैं और फिलहाल माल केवल स्थानीय बाजारों में ही खप रहा है। 15 हजार हेक्टेयर में लगी फसल, इस बार दिल्ली नहीं जा रहा माल खरगोन जिले की नर्मदा पट्टी में 15 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में तरबूज और खरबूज की फसल लगाई गई है। कसरावद, बड़वाह, महेश्वर, मंडलेश्वर, जामली, कुकडोल, सेल्दा, मांगरूल और नागझिरी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर इसकी खेती की जाती है। आमतौर पर नर्मदा क्षेत्र का तरबूज दिल्ली तक पहुंचता है, लेकिन इस बार बाजार में मांग से अधिक तरबूज की आवक होने के कारण केवल स्थानीय कारोबारी ही खरीदारी कर रहे हैं। किसान बोले- बाहर ले जाना महंगा, इसलिए लोगों में बांटी फसल मांगरूल के किसान कृष्णलाल कुशवाह ने बताया कि तरबूज को बाहर ले जाकर बेचना महंगा पड़ रहा है। उन्होंने अपनी लागत भी नहीं निकाल पाने के कारण फसल लोगों में बांट दी। वहीं, किसान अशोक पाटीदार ने बताया कि प्रति एकड़ फसल पर 25 हजार रुपए का खर्च आया है। थोक में 5 से 6 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर लागत भी नहीं निकल पा रही है। उन्होंने मांग की कि तरबूज का न्यूनतम भाव 10 रुपए प्रति किलोग्राम तय किया जाना चाहिए। 15 अप्रैल के बाद तेज गर्मी पड़ने पर दाम बढ़ने की उम्मीद किसानों का मानना है कि जल्दी लगाई गई फसल अगले 15 दिनों में खेतों से निकल जाएगी। अभी तक ज्यादा गर्मी नहीं पड़ी है, लेकिन 15 अप्रैल से तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। गर्मी बढ़ने से तरबूज की मांग बढ़ेगी, जिससे इसके दाम भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

10 मिनट के लिए रुके, 5 जिंदगियां खत्म:डिंडौरी हादसे की चश्मदीद बोली- सभी के चीथड़े उड़ गए; कपड़े में समेटने पड़े शव

10 मिनट के लिए रुके, 5 जिंदगियां खत्म:डिंडौरी हादसे की चश्मदीद बोली- सभी के चीथड़े उड़ गए; कपड़े में समेटने पड़े शव

मैं अगर टॉयलेट करने नहीं जाता, तो शायद जिंदा नहीं बचता…ये कहना है डिंडौरी के जिला अस्पताल में भर्ती उदय प्रताप का। वे शनिवार और रविवार की दरमियानी रात जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाइवे 45 पर उस हादसे में घायल हुए हैं, जिसमें कैप्सूल टैंकर ने सड़क किनारे खड़े लोगों को कुचल दिया था। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई है। सभी मृतक आपस में रिश्तेदार हैं। इनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं। रविवार दोपहर को अंतिम संस्कार किया गया। दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर घटनास्थल पर पहुंची। जिला अस्पताल में भर्ती घायल उदय प्रताप और प्रत्यक्षदर्शी श्रीबंती से बात भी की। सड़क पर बिखरा खून और मांस के लोथड़े डिंडौरी में गाड़ा सरई से तीन किलोमीटर पहले फॉरेस्ट डिपो है। यहां लोगों की भीड़ लगी थी। सड़क पर खून और मांस के लोथड़े पड़े थे। जूते-चप्पल समेत दूसरा सामान भी था। सड़क के एक तरफ पिकअप और कैप्सूल टैंकर खड़े थे। थोड़ी ही दूर बना बस स्टॉप और बिजली पोल क्षतिग्रस्त हालत में था। ग्रामीणों ने बताया कि किकरा तालाब गांव के पास तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन MP19 ZO 9351 ने 5 लोगों को रौंद दिया था। परसवाह गांव के रहने वाले सभी लोग सिलयारी गांव से चौक कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर उनका पिकअप वाहन MP65 ZD 1118 पंक्चर हो गया। रात करीब साढ़े 12 बजे गाड़ी को सड़क किनारे लगाकर ड्राइवर टायर बदल रहा था। पिकअप में बैठे लोग उतरकर सड़क किनारे बातचीत में लगे थे। तभी अमरकंटक की ओर से आ रहा तेज रफ्तार कैप्सूल 5 लोगों को रौंदते हुए गुजर गया। इस दौरान दो लोग करीब 10 फीट तक उछल गए। पांचों के शरीर सड़क से चिपक गए थे। पुलिस को कपड़े में समेटकर शवों को ले जाना पड़ा था। पहिया पंक्चर होने के बाद पिकअप से उतर गए लोग पिकअप वाहन में घायल उदय सिंह की बहन श्रीबंती भी सवार थीं। वे बताती हैं कि सूरजपुरा गांव के भर्रा टोला में हंसवती टेकाम के यहां पहला बेटा हुआ है। उसके चौक कार्यक्रम में शामिल होने शनिवार शाम करीब 6 बजे, 20-25 लोग पिकअप वाहन से पहुंचे थे। सभी लोग सामूहिक भोज के बाद रात करीब 11 बजे पिकअप से ही वापस लौट रहे थे। इसी दौरान गाड़ी का दाहिने साइड का पिछला पहिया पंक्चर हो गया। इसके बाद सभी लोग गाड़ी से उतरकर सड़क की दूसरी ओर बैठ गए। पिकअप ड्राइवर राजकरण वनवासी टायर बदलने लगा। किसी के पैर टूटे तो किसी का सिर कुचला श्रीबंती ने कहा- कुछ ही देर में अमरकंटक की तरफ से तेज रफ्तार टैंकर आया। सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदता हुआ आगे निकल गया। वह सड़क किनारे लगे बिजली के पोल और यात्री प्रतीक्षालय को तोड़ने के बाद ही रुका। चीख-पुकार मच गई। सड़क पर खून ही खून फैल गया। हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी। एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने बताया कि पुलिस घटना स्थल पर पहुंची तो सड़क पर शव बिखरे पड़े थे। किसी के पैर टूटे, पेट फटा तो किसी का सिर कुचला था। उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। टैंकर और पिकअप को जेसीबी और क्रेन की मदद से अलग कराया। सड़क क्लियर करने में करीब तीन घंटे लगे। धक्का से दूर जाकर गिरा, बेहोश हो गया जिला अस्पताल में भर्ती घायल उदय प्रताप (20) पिता कन्हैया ने कहा- मैं टायर बदल रहे ड्राइवर की मदद कर रहा था। इसी दौरान मुझे पेशाब आ गया। मैं निबटने साइड में चला गया। अचानक जोरदार आवाज आई। मुझे धक्का लगा और मैं दूर जाकर गिरा। फिर बेहोश हो गया। जब लोगों ने पानी का छींटा मारा, तब जाकर होश आया। अगर टॉयलेट नहीं जाता, तो मैं भी जिंदा नहीं होता। हालांकि, गंभीर चोट नहीं आई है। पैर में दर्द जरूर है। जमीन के मुआवजे से खरीदी थी गाड़ी मृतकों में पिता पवर सिंह (50) और बेटा बिहारी (29) भी शामिल हैं। पवर सिंह पेशे से किसान था। बिहारी का छोटा भाई प्रेम सिंह ब्लॉक समन्वयक है। खेतीबाड़ी करके जीवन-यापन करते हैं। कुछ साल पहले नर्मदा में डूब में आई जमीन का मुआवजा मिला था। इन्हीं रुपयों से डेढ़ साल पहले बिहारी ने सेकंड हैंड पिकअप वाहन खरीदा था। राजकरण मरावी को ड्राइवर रख लिया था। टैंकर ड्राइवर बोला- झपकी लग गई थी पुलिस ने टैंकर के ड्राइवर रमेश पटेल निवासी मैहर को गिरफ्तार कर लिया है। रमेश का कहना है कि अल्ट्राटेक प्लांट से चार दिन पहले सीमेंट लेकर करंजिया के लिए निकला था। शुक्रवार को टैंकर खाली करके रात करीब 11 बजे खाना खाकर लौट रहा था। अचानक झपकी लगने से हादसा हो गया। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हाईवे पर टैंकर ने 5 को कुचला, सभी की मौत डिंडौरी के गाड़ा सरई थाना इलाके के किकरा तालाब गांव के पास तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन ने 5 लोगों को रौंद दिया। हादसे में पांचों की मौत हो गई। इनमें दो बाप-बेटे भी हैं। परसवाह गांव के रहने वाले सभी लोग सिलयारी गांव से चौक कार्यक्रम से लौट रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…

सैलरी बढ़ाने के लिए फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन:नोएडा में कई गाड़ियों में आग लगई, पुलिस की गाड़ी पलटी, जमकर पत्थरबाजी

सैलरी बढ़ाने के लिए फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन:नोएडा में कई गाड़ियों में आग लगई, पुलिस की गाड़ी पलटी, जमकर पत्थरबाजी

नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का चौथे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी है। लेकिन सोमवार सुबह मदरसन कंपनी के कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बसों में आग लगा दी। पहले कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी के साथ तोड़फोड़ की उसके बाद गाड़ी को पलट दिया। नाराज कर्मचारियों ने जमकर पत्थरबाजी भी की। हिंसक प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए… खबर अपडेट की जा रही है…

बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? पांच चेहरे जो नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी की दौड़ में हैं | राजनीति समाचार

Asha Bhosle funeral live updates: Last rites at Shivaji Park today with full state honours.

आखरी अपडेट:13 अप्रैल, 2026, 09:54 IST नीतीश कुमार ने मंगलवार सुबह 11 बजे कैबिनेट बुलाई है और उम्मीद है कि वह जल्द ही राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार | फ़ाइल छवि बिहार एक बड़े राजनीतिक परिवर्तन के मुहाने पर है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पद छोड़ने वाले हैं। जैसे-जैसे समय उनके इस्तीफे की ओर बढ़ रहा है, अटकलें तेज हो गई हैं कि अगला राज्य की कमान कौन संभालेगा। नीतीश कुमार ने मंगलवार सुबह 11 बजे कैबिनेट बुलाई है और उम्मीद है कि वह जल्द ही राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। औपचारिक परिवर्तन की तैयारी पहले से ही चल रही है, जिसमें आधिकारिक मीडिया ब्रीफिंग की योजना भी शामिल है। अंतिमता की भावना को जोड़ते हुए, निवर्तमान मुख्यमंत्री ने पटना में सर्कुलर रोड पर अपना आधिकारिक आवास खाली करना शुरू कर दिया है। कुमार के बाहर निकलने के साथ, सुर्खियों का रुख एनडीए गठबंधन में प्रमुख भागीदार भारतीय जनता पार्टी पर केंद्रित हो गया है। सरकार में लंबे समय तक सहयोगी रहने के बावजूद, भाजपा ने कभी भी बिहार में मुख्यमंत्री का पद नहीं संभाला है, जो अब बदल सकता है। पार्टी 2025 के विधानसभा चुनावों में 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी, जबकि सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) ने 85 सीटें हासिल कीं। साथ में, एनडीए ने राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से 202 सीटें जीत लीं, जिससे राजद-कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन को निर्णायक रूप से दरकिनार कर दिया गया। हालाँकि, वरिष्ठ भाजपा नेता सतर्क हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लेंगे, जिसकी घोषणा कुछ ही दिनों में होने की उम्मीद है। जद (यू) नेताओं ने भी सार्वजनिक अटकलों से परहेज करते हुए कहा कि 14 अप्रैल के बाद स्पष्टता सामने आएगी। पांच दावेदार संभावित उत्तराधिकारी के रूप में भाजपा हलकों में कई नाम चर्चा में हैं: सम्राट चौधरी: व्यापक रूप से सबसे आगे माने जाने वाले, वर्तमान उपमुख्यमंत्री के पास गृह मामलों का विभाग है। एक प्रमुख कुशवाह नेता, उनके उत्थान से पार्टी की ओबीसी पहुंच मजबूत होगी। नित्यानंद राय: एक केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष, राय हाजीपुर से चार बार विधायक हैं और उनके पास संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक अनुभव दोनों हैं। दिलीप कुमार जयसवाल: तीन बार के एमएलसी और पूर्व बिहार भाजपा प्रमुख, जयसवाल को एक स्थिर संगठनात्मक हाथ माना जाता है। संजय जयसवाल: 2009 से पश्चिम चंपारण के सांसद और पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष, उन्हें पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ मजबूत संबंधों के साथ एक तेज राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में देखा जाता है। जनक राम: पार्टी का एक दलित चेहरा, पूर्व मंत्री और गोपालगंज के पूर्व सांसद एक जमीनी स्तर के संगठनकर्ता के रूप में जाने जाते हैं और रविदास समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। भाजपा नेतृत्व विकल्पों में आश्चर्य पैदा करने के लिए भी जानी जाती है, जिसमें नए या कम-अपेक्षित चेहरे की संभावना को खुला रखा जाता है। राजवंशीय उपक्रम मंथन में एक और परत जोड़ते हुए, जद (यू) नेता कथित तौर पर नीतीश कुमार के बेटे, निशांत कुमार, जो हाल ही में पार्टी में शामिल हुए हैं, को उप मुख्यमंत्री के रूप में समायोजित करने पर जोर दे रहे हैं, जो गठबंधन के भीतर कुमार की विरासत को संरक्षित करने का एक प्रयास है। राजनीतिक सरगर्मी तेज होने के बीच भाजपा ने बिहार विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। भाजपा और जदयू दोनों ने अपने विधायकों को महत्वपूर्ण बैठकों से पहले पटना में इकट्ठा होने के लिए कहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : बिहार, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 13 अप्रैल, 2026, 09:54 IST समाचार राजनीति बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? पांच चेहरे जो नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी की दौड़ में हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

गर्मियों में कुछ ही दिन मिलता है यह जंगली फल, सेहत के लिए है अमृत, फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप

ask search icon

Last Updated:April 13, 2026, 09:35 IST Timru Fruit Benefits: भीलवाड़ा और मेवाड़ क्षेत्र में गर्मी शुरू होते ही टिमरू नाम का जंगली फल बाजार में नजर आने लगता है. यह फल केवल 10 से 12 दिनों के लिए उपलब्ध रहता है, जिससे इसकी मांग काफी बढ़ जाती है. खट्टा-मीठा स्वाद और औषधीय गुणों के कारण यह लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है. इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. डायबिटीज, पाचन और आंखों के लिए भी इसे फायदेमंद माना जाता है. गर्मी का सीजन शुरू हो गया है और इस मौसम में कई तरह के फल और सब्जियां बाजार में आने लगती हैं. भीलवाड़ा के लोग भी अपनी सेहत का खास ध्यान रखते हुए इन फलों का सेवन करते हैं, ताकि गर्मी में स्वास्थ्य बना रहे. गर्मी की शुरुआत होते ही मेवाड़ अंचल के पहाड़ी इलाकों से एक खास जंगली फल बाजार में दिखाई देने लगता है, जिसे टिमरू के नाम से जाना जाता है. यह फल अपनी सीमित उपलब्धता और औषधीय गुणों के कारण लोगों के बीच खास पहचान रखता है. टिमरू केवल 10 से 12 दिनों के लिए ही बाजार में बिकता है, जिससे इसकी मांग काफी ज्यादा रहती है. स्थानीय लोग सालभर इस फल का इंतजार करते हैं और जैसे ही यह बाजार में आता है, इसे खरीदने के लिए उमड़ पड़ते हैं. यह फल न केवल स्वाद में अनोखा होता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है, जो इसे अन्य फलों से अलग बनाता है. मेवाड़ के पहाड़ी और जंगलों वाले इलाकों, खासकर बेगूं क्षेत्र में टिमरू का पेड़ प्राकृतिक रूप से उगता है. इसे बाजार तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को जंगलों में जाकर इसे तोड़कर लाना पड़ता है. भीलवाड़ा सहित आसपास के शहरों में इसे बेचने वाले लोग बताते हैं कि यह फल बहुत सीमित समय के लिए ही मिलता है, इसलिए इसकी खास पहचान बनी हुई है. टिमरू का रंग पीला और नारंगी होता है और यह देखने में आकर्षक लगता है. प्राकृतिक रूप से मिलने के कारण यह फल लोगों के बीच एक खास आकर्षण का केंद्र बना रहता है. स्वाद की बात करें तो टिमरू खट्टा-मीठा होता है, जो गर्मी के मौसम में शरीर को ताजगी देता है. यह फल दो अलग-अलग प्रकारों में पाया जाता है और पकने के बाद इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. लोग इस फल को गर्मी से बचाव के लिए खास तौर पर खाते हैं. उनका मानना है कि घर से बाहर निकलने से पहले टिमरू खाने से शरीर को गर्म हवाओं के प्रभाव से राहत मिलती है. यही कारण है कि यह फल केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि पारंपरिक जीवनशैली का भी एक अहम हिस्सा बन चुका है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर इसके पोषक तत्वों की बात करें तो टिमरू किसी सुपरफूड से कम नहीं है. इसमें कॉपर, पोटैशियम, सोडियम, कैल्शियम, आयरन, जिंक, मैंगनीज, विटामिन E, विटामिन K और सेलेनियम जैसे कई जरूरी तत्व पाए जाते हैं. ये सभी तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे व्यक्ति कम बीमार पड़ता है. यही वजह है कि इसे प्राकृतिक औषधीय फल भी कहा जाता है. टिमरू खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है. यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है और शरीर में संतुलन बनाए रखता है. इसके अलावा यह आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी सहायक होता है, जिससे नजर कमजोर होने की समस्या में राहत मिलती है. पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, अपच और कब्ज में भी यह फल बेहद लाभकारी है. साथ ही यह शरीर में सूजन को कम करने और वजन घटाने में भी मदद करता है. बाजार में इसकी कीमत लगभग 100 रुपये प्रति किलो के आसपास रहती है, लेकिन इसकी सीमित उपलब्धता के कारण लोग इसे बिना मोलभाव के खरीदना पसंद करते हैं. टिमरू केवल एक फल नहीं, बल्कि गर्मी के मौसम में मिलने वाला एक प्राकृतिक वरदान है, जो स्वाद और सेहत दोनों का अनोखा संगम पेश करता है. इसकी खासियत यही है कि यह सालभर नहीं मिलता, बल्कि कुछ ही दिनों के लिए बाजार में आता है और लोगों को अपने फायदे पहुंचाकर चला जाता है. यही वजह है कि टिमरू को मेवाड़ क्षेत्र में एक अनमोल फल माना जाता है. First Published : April 13, 2026, 09:35 IST

आज IPL में ईशान किशन-वैभव सूर्यवंशी रहेंगे आमने-सामने:SRH-RR के बीच मुकाबला, वैभव के पास ऑरेंज कैप, ईशान की टीम ने जीता सिर्फ एक मैच

आज IPL में ईशान किशन-वैभव सूर्यवंशी रहेंगे आमने-सामने:SRH-RR के बीच मुकाबला, वैभव के पास ऑरेंज कैप, ईशान की टीम ने जीता सिर्फ एक मैच

IPL में आज बिहार के ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी आमने-सामने होंगे। आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मैच खेला जाएगा। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। हैदराबाद और राजस्थान के बीच इस सीजन यह पहला मुकाबला है। वैभव सूर्यवंशी ने 4 मैचों में 200 रन बनाए वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक के 4 मैचों में 200 रन बनाए हैं। उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 266.66 का रहा है। इसी के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में ऑरेंज कैप पर भी कब्जा कर लिया है। वहीं, सीजन के पहले मैच के बाद ईशान किशन कुछ खास परफॉर्म नहीं कर पाए हैं। 15 गेंदों में अर्धशतक पूरी की, कोहली ने दिया ऑटोग्राफ RCB के खिलाफ मैच में वैभव ने महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और सिक्स लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 26 गेंद में 78 रन बनाए थे, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उन्होंने भुवनेश्ववर कुमार की बॉल पर दो चौके लगाए हैं। वैभव ने जोश हेजलवुड के बाॅल पर चौके की हैट्रिक लगाई और उसके बाद छक्का जड़ा था। वैभव सूर्यवंशी को विराट कोहली ने कैच आउट किया था। हालांकि, मैच के बाद कोहली ने वैभव को ऑटोग्राफ दिया। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की कैप पर ऑटोग्राफ देते हुए लिखा, डियर वैभव, वेल डन। बुमराह की पहली गेंद पर छक्का जड़ा था इससे पहले MI के खिलाफ मैच में वैभव ने दुनिया के शीर्ष गेंदबाज़ों में शुमार जसप्रीत बुमराह की पहली गेंद पर छक्का जड़ा था। उन्होंने बुमराह के ओवर में 2 सिक्स लगाए थे। पहली ही गेंद पर उन्होंने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार सिक्स लगाया था। इसके बाद शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए डीप स्क्वेयर लेग के पार सिक्स लगाया। इसके अलावा उन्होंने शार्दुल ठाकुर और ट्रेंट बोल्ट के पहले बॉल पर भी छक्का मारा था। वैभव सूर्यवंशी ने 14 बॉल पर 39 रन बनाए थे। वैभव की पारी में 5 छक्के और 1 चौके शामिल हैं। वैभव ने सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की थी उन्होंने CSK के खिलाफ मात्र 15 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। चेन्नई के खिलाफ मैच खेलने आए वैभव का पहली ही गेंद पर कैच छूट गया था। वैभव सूर्यवंशी अपनी पहली बॉल पर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में खड़ी हो गई थी। कार्तिक शर्मा गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। अगली गेंद पर सूर्यवंशी ने छक्का भी लगा दिया था। वैभव ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 17 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह राजस्थान के लिए वैभव की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। टॉप पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने 2023 में कोलकाता के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में वो 18 गेंद पर 31 रन ही बना सके। GT के खिलाफ वैभव ने अपनी पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था। वहीं, सिराज के चौथे गेंद पर भी वैभव ने चौका जड़ा, पहले ओवर में 2 चौके जड़े। जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी का कैच छूट गया था। उनके हाथ से छूटी कैच चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। वैभव ने 18 गेंद पर 31 रन बनाए। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं ईशान ईशान किशन सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं। अब तक उनकी टीम ने सिर्फ एक मैच ही जीता है। पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ पिछले मैच में ईशान 14वें ओवर की आखिरी बॉल पर 27 रन बनाकर आउट हुए थे। मार्को यानसन ने डीप मिडविकेट पर एक हाथ से ईशान का कैच पकड़ा था। अर्शदीप की बॉल पर वह आउट होकर वापस पवेलियन गए। इस दौरान उन्होंने 3 चौका और 1 छक्का मारा था। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। हालांकि, KKR के खिलाफ उनका बल्ला नहीं चल पाया था। वह 14 रन बनाकर आउट हो गए थे। मगर 8वें ओवर में लगातार 3 चौके जड़े थे और टीम ने जीत हासिल की। दूसरी ओर ईशान LSG के खिलाफ सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।

लुधियाना- पत्नी के प्राइवेट पार्ट में बीयर की बोतल डाली:बेडरूम में मोबाइल छिपाकर VIDEO बनाए, पुलिस को भी दिखाए, पति गिरफ्तार

लुधियाना- पत्नी के प्राइवेट पार्ट में बीयर की बोतल डाली:बेडरूम में मोबाइल छिपाकर VIDEO बनाए, पुलिस को भी दिखाए, पति गिरफ्तार

लुधियाना में पति वर्षों तक पत्नी के साथ अननेचुरल सेक्स करता रहा। पत्नी मना करती रही, लेकिन पति अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। पत्नी जब भी घर के खर्च और बच्चों की फीस के लिए पैसे मांगती तो पति उसे अननेचुरल सेक्स करने के लिए मजबूर करता था। पति ने दरिंदगी की सभी हदें तब पार कर दीं, जब पत्नी के प्राइवेट पार्ट में बीयर की खाली बोतल डाल दी। पति ने करीब एक मिनट तक पत्नी के प्राइवेट पार्ट में बोतल डाले रखी। पत्नी चिल्लाती रही, लेकिन पति ने उसकी चीखों को अनसुना कर दिया। इससे परेशान पत्नी ने जब उसका विरोध शुरू किया तो पति ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया। घायल अवस्था में पत्नी अपने छोटे बेटे को लेकर मायके गई और उसके बाद उसे अस्पताल में दाखिल करवाया गया। पत्नी ने थाना दुगरी में पति के खिलाफ शिकायत दी और पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मारपीट व रेप की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर दी। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पत्नी का कहना है कि उसके पास कुछ वीडियो हैं, जिनमें पति अननेचुरल सेक्स के लिए मजबूर कर रहा है। जरूरत पड़ी तो वह उन वीडियो को भी पेश करेगी। पत्नी ने पुलिस को दी शिकायत में क्या कहा… महिला ने वीडियो क्यों और कैसे बनाई पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी उम्र 42 साल है। उसने अपने पति की हरकतों की जानकारी अपनी मां को दी थी। महिला ने पुलिस को बताया- अननेचुरल सेक्स से मुझे इंटरनल प्रॉब्लम होने लगी थी। इस संबंध में मैंने अपनी मां से बात की और पति के खिलाफ कार्रवाई करवाने को कहा। महिला ने कहा- जब मैंने मां को पति की हरकतों के बाद में बताया तो उन्होंने कहा कि तेरी बातों पर कौन विश्वास करेगा? या तो सबूत देने होंगे या तेरी बात झूठी साबित हो जाएगी। इसके बाद मैंने ठान लिया था कि पति के खिलाफ सबूत जुटाने हैं। मैंने 6 अप्रैल को अपने बेडरूम में मोबाइल कैमरा छुपाकर लगा दिया। उसी में 6 अप्रैल की रात को पति की हरकतें रिकॉर्ड हुईं। पति को FIR दर्ज कर गिरफ्तार किया पीड़िता ने पुलिस को वे वीडियो दिखा दिए हैं, जिसके बाद पुलिस ने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। दुगरी थाने के SHO सुखविंदर सिंह देयोल ने बताया कि महिला की शिकायत मिली और उसके बाद पति के खिलाफ मारपीट व रेप की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर दी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल से 7 अप्रैल को रुक्का आया था। इसके बाद 10 अप्रैल को महिला के बयान दर्ज किए और उसने शिकायत दर्ज कराई। उसकी शिकायत पर 12 अप्रैल को ही FIR दर्ज की गई थी और आज (13 अप्रैल) आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

सेंसेक्स 1613 अंक गिरा, 77,550 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी भी 461 अंक गिरी 23,590 पर पहुंची; PSU बैंकों में बिकवाली

सेंसेक्स 1613 अंक गिरा, 77,550 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी भी 461 अंक गिरी 23,590 पर पहुंची; PSU बैंकों में बिकवाली

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज यानी सोमवार 13 अप्रैल को सेंसेक्स 1613 अंक (2.08%) की गिरावट के साथ 77,550 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 461 अंकों (1.92%) की गिरावट है, ये 23,590 पर पहुंच गई है। आज के कारोबार में PSU बैंक शेयरों में बिकवाली है। एशियन मार्केट में गिरावट अमेरिकी मार्केट में भी गिरावट शुक्रवार को सेंसेक्स 931 अंक गिरकर 76,632 पर बंद हुआ था शेयर बाजार में 10 अप्रैल को तेजी रही। सेंसेक्स 919 अंक (1.20%) नीचे 77,550 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 276 अंक (1.16%) गिरकर 24,051 पर आ गया। कारोबार में बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी रही।