Saturday, 10 Oct 2026 | 08:31 PM

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यश घनघोरिया का मोदी सरकार पर हमला, ट्रेड डील को:इसे अडानी-ट्रम्प से जुड़ा समझौता बताया, 13 अप्रैल को जबलपुर में आंदोलन

यश घनघोरिया का मोदी सरकार पर हमला, ट्रेड डील को:इसे अडानी-ट्रम्प से जुड़ा समझौता बताया, 13 अप्रैल को जबलपुर में आंदोलन

उमरिया में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को देशहित के बजाय चुनिंदा उद्योगपतियों के हित में किया गया समझौता बताया। इस मुद्दे पर उन्होंने 13 अप्रैल को जबलपुर में प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का ऐलान किया। ट्रेड डील पर उठाए सवाल मीडिया से बातचीत में घनघोरिया ने आरोप लगाया कि यह ट्रेड डील डोनाल्ड ट्रम्प, गौतम अडानी और मोदी सरकार के बीच सांठगांठ जैसी लगती है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। कार्यकर्ताओं को दिया संगठन मजबूत करने का संदेश उमरिया पहुंचने पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। जिला मुख्यालय के सामुदायिक भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और आगामी गतिविधियों के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही युवाओं से संगठन में अधिक भागीदारी करने की अपील की। मां बिरासनी के दर्शन और महंगाई पर विरोध अपने दौरे के दौरान घनघोरिया ने मां बिरासनी शक्तिपीठ में दर्शन किए। इसके बाद बिरसिंहपुर पाली में एक घर पहुंचकर उन्होंने गैस सिलेंडर को माला पहनाई और चूल्हा जलाकर महंगाई और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने चूल्हे पर चाय भी बनाई। विदेश नीति पर भी साधा निशाना घनघोरिया ने कहा कि इंदिरा गांधी के समय भारत अमेरिका से बराबरी की बात करता था, लेकिन अब देश की विदेश नीति दबाव में नजर आती है।

टीएमसी ने उर्दू में जारी मेनिफेस्टो तो भड़के ओसासी में कहा- दादी को लेकर ममता बनर्जी का दोहरा किरदार

टीएमसी ने उर्दू में जारी मेनिफेस्टो तो भड़के ओसासी में कहा- दादी को लेकर ममता बनर्जी का दोहरा किरदार

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति जोरों पर है। सभी राजनीतिक एंटरप्राइजेज को अपना पक्ष रखने के लिए एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी डेमोक्रेटिक कांग्रेस (टीएमसी) की ओर से जारी की गई मुर्कीम मैनिफेस्टो को लेकर भी बंगाल का तानाशाही माहौल है, जिसे लेकर अब एआईएमआईएम प्रमुख और कम्युनिस्ट असदुद्दीन सोसा नेतीखा पर हमला किया है। ममता बनर्जी को लेकर क्या बोले AIMIM प्रमुख? बिहार की राजधानी पटना में रहने वाले राजद नेता और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बांग्लादेश को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का दोहरा चरित्र है। उन्होंने कहा कि पिछले साल कोलकाता हाई कोर्ट ने राज्य के 5 लाख बैकवर्ड रेस्तरां को कैंसिल कर दिया था, जिसे ममता सरकार की ओर से जारी किया गया था. उन पांच लाख बैकवर्ड दुकानों में से तीन लाख बैकवर्ड शॉप्स के थे। जिस पर अभी तक कोई बात ही नहीं हो रही है। #घड़ी | पटना, बिहार | 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी के घोषणापत्र पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का कहना है, “ममता बनर्जी का दोहरा चेहरा है। पिछले साल, उच्च न्यायालय ने 5 लाख पिछड़ा प्रमाणपत्र रद्द कर दिए थे। इसमें लगभग 3 लाख पिछड़ा प्रमाणपत्र शामिल थे… pic.twitter.com/EAz7RxydoH – एएनआई (@ANI) 5 अप्रैल 2026 मालदा-मुर्शिदाबाद के मुसलमान बेहद गरीब: सोसाइ असदुद्दीन ओसाही ने कहा, ‘ममता बनर्जी फैजाबाद में अपनी तानाशाही छाप क्या कर लेंगी? पश्चिम बंगाल की कुल जनसंख्या में 29 प्रतिशत भाग में मुस्लिम समुदाय आते हैं, फिर भी राज्य के सरकारी स्वामित्व में मूर्ति का प्रतिशत 7 प्रतिशत है। बंगाल में स्कूल ड्रॉपआउट करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। तला की अनूठी दर में बेहद कम है। अगर बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिले में रहने वाले लोग को देखें तो राज्य के अन्य मंडलों के लोग वहां रहने वाले लोग अधिकतर गरीब हैं।’ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने टीएमसी पर सार विश्लेषण दिया इससे पहले केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने भी ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस के अरबी भाषा में मैनिफेस्टो जारी करने पर कोरिया की टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि प्रशांत महासागर (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में भाषा और तुष्टिकरण की राजनीति कर रही हैं, लेकिन अब बंगाल की जनता ने उनका असली चेहरा देख लिया है। इस बार के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने उन्हें अपनी तुष्टीकरण की राजनीति का जवाब एकजुटता से सत्ता परिवर्तन करके दिया। यह भी पढ़ें: असम विधानसभा चुनाव 2026: ‘हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट कैसे?’ कांग्रेस पर भड़के असम के सीएम, कहा- 48 घंटे के अंदर…

खिलचीपुर में गैस वितरण विवाद पर कर्मचारियों से सरेआम मारपीट:वीडियो बनाने पर 7-8 बदमाशों ने घेरा, लात-घूंसों से पीटा, भाग गए; दो नामजद पर FIR

खिलचीपुर में गैस वितरण विवाद पर कर्मचारियों से सरेआम मारपीट:वीडियो बनाने पर 7-8 बदमाशों ने घेरा, लात-घूंसों से पीटा, भाग गए; दो नामजद पर FIR

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर में रविवार शाम गैस सिलेंडर वितरण को लेकर विवाद के बीच भारत गैस एजेंसी के तीन कर्मचारियों के साथ बीच सड़क पर मारपीट का मामला सामने आया है। बदमाशों ने रास्ता रोककर मैनेजर, अकाउंटेंट और कंप्यूटर ऑपरेटर को लात-घूंसों से जमकर पीटा। पूरी घटना सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना के बाद आरोपी बाइक से मौके से फरार हो गए। पीड़ितों की शिकायत पर खिलचीपुर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो बनाने गर्दन पकड़कर धमकाया फरियादी सतीश नामदेव (44) निवासी खिलचीपुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह बस स्टैंड स्थित अपनी भारत गैस एजेंसी पर बैठे थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि भोजपुर स्थित गोविंद भारत गैस एजेंसी के कर्मचारी खिलचीपुर के श्रीनाथ लॉज के सामने गैस सिलेंडरों का वितरण कर रहे हैं। जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचे और मोबाइल से वीडियो बनाने लगे, ताकि कम्पनी में उनकी शिकायत की जा सके। सतीश नामदेव का आरोप है कि वीडियो बनाते देख भोजपुर एजेंसी से जुड़े गोविंद सौंधिया, कंवरलाल सौंधिया और अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया, गर्दन पकड़कर धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने अपनी दुकान पर फोन कर अकाउंटेंट करण सोनी और कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप मालाकार को बुलवाया। चार तस्वीरों में देखिए घटनाक्रम 7-8 लोगों ने घेरा, लात-घूंसों से मारपीट फरियादी के मुताबिक तीनों कर्मचारी पैदल एजेंसी की ओर लौट रहे थे और कंपनी को शिकायत करने जा रहे थे। इसी दौरान श्रीनाथ लॉज यह पिछले से बाइक से आए आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया। कुछ लोग दौड़कर भी आए और 7 से 8 लोगों ने तीनों कर्मचारियों को बीच सड़क पर घेरकर लात-घूंसों से मारपीट करने लगे। मारपीट की यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ लोग बाइक से उतरकर पैदल जा रहे युवकों का रास्ता रोकते हैं और फिर उनके साथ मारपीट शुरू कर देते हैं। घटना के बाद आरोपी मौके से बाइक से फरार हो गए। दो नामजद समेत अन्य के खिलाफ FIR पीड़ित सतीश नामदेव का कहना है कि भोजपुर स्थित गोविंद भारत गैस एजेंसी के संचालक खिलचीपुर नगर में आकर गैस सिलेंडरों का वितरण करते हैं, जबकि यह क्षेत्र खिलचीपुर भारत गैस एजेंसी के अंतर्गत आता है। उनके अनुसार उनके पास यहां सिलेंडर वितरण करने का कोई लिखित आदेश नहीं है। इसी कारण उन्होंने वीडियो बनाकर कंपनी में शिकायत करने की बात कही थी। मारपीट के बाद तीनों पीड़ित खिलचीपुर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने उनका मेडिकल परीक्षण करवाया। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर दो नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट और धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

रीवा में हिंदू एकता के लिए भव्य शोभायात्रा:जनप्रतिनिधियों समेत 5 हजार लोग शामिल हुए, 10 किमी मार्ग पर पुष्पवर्षा और स्वागत

रीवा में हिंदू एकता के लिए भव्य शोभायात्रा:जनप्रतिनिधियों समेत 5 हजार लोग शामिल हुए, 10 किमी मार्ग पर पुष्पवर्षा और स्वागत

रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान में रविवार को श्री राम जन्मोत्सव समिति के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। हिंदू एकता और सामाजिक समरसता के उद्देश्य से आयोजित इस यात्रा में करीब 5 हजार लोग शामिल हुए। आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न समाजों और संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। यात्रा की शुरुआत शाम को जनपद कार्यालय से हुई, जहां से यह लगभग 10 किलोमीटर लंबा सफर तय करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। पूरे मार्ग में जय श्री राम के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत, पुष्पवर्षा और जलपान की व्यवस्था भी की गई थी। इस आयोजन में गुढ़ विधायक नागेंद्र सिंह भी शामिल हुए। उनके साथ अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही। व्यापारी संगठन, सर्व समाज के लोग और युवा आर्मी के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह आयोजन पिछले 5 वर्षों से लगातार किया जा रहा है और हर साल इसमें लोगों की भागीदारी बढ़ती जा रही है। समरसता बढ़ाने के लिए निकाली जाती है यात्रा बालकृष्ण द्विबेदी ने बताया कि श्री राम जन्मोत्सव समिति द्वारा यह यात्रा हिंदू एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निकाली जाती है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों से यह आयोजन लगातार किया जा रहा है और हर वर्ष इसमें लोगों की भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने सभी समाज और संगठनों का आभार जताया, जिन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आगे भी इस तरह के आयोजन और बड़े स्तर पर करने की बात कही। विधायक नागेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों की सराहना की। साथ ही ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की बात कही।

भोपाल के अवधपुरी में शराब दुकान का विरोध:रहवासी सड़क पर उतरे; बोले-ठेके की वजह से अपराध बढ़े

भोपाल के अवधपुरी में शराब दुकान का विरोध:रहवासी सड़क पर उतरे; बोले-ठेके की वजह से अपराध बढ़े

भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग के मामले तूल पकड़ रहे हैं। कोलार रोड के मंदाकिनी चौराहे, ईंटखेड़ी और सेमराकलां के बाद अब अवधपुरी में शराब दुकान का विरोध शुरू हो गया है। रविवार शाम 7 बजे कई लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शराब का ठेका खुलने से इलाके में अपराधिक बढ़ गए हैं। अवधपुरी में ऋषिपुरम् के 80 फीट रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग की गई। इसे लेकर ही स्थानीय रहवासियों ने विरोध-प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि दुकान के कारण इलाके का माहौल बिगड़ रहा है और आए दिन आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है रहवासी रमन तिवारी ने बताया कि मोहल्ले के लोग लंबे समय से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है। रहवासियों ने आरोप लगाया कि यहां से गुजरने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके अलावा झगड़े और अन्य अपराध भी बढ़ गए हैं। जिससे आम लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। पुलिस भी मौके पर पहुंचे लोगों ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके चलते अवधपुरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। लोगों ने मांग की कि जल्द इस शराब दुकान को हटाया जाए। ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल बहाल हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस अवसर पर सोहन सिंह राजपूत, सारिका दिवाकर, अरुण सिंह, दिलीप कुमार दिवाकर, कमलेश सोलंकी आदि रहवासी मौजूद थे। कोलार रोड की दुकान को लेकर अफसरों से मिलेंगे लोग कोलार रोड के मंदाकिनी चौराहा स्थित शराब दुकान को लेकर लोग सोमवार को कलेक्टर और आबकारी अधिकारी से मिलेंगे। कोलार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल दुकान हटाने की मांग करेगा। अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ ने बताया कि जिस जगह पर दुकान शिफ्ट की गई है, उसके ठीक पीछे जैन मंदिर और आसपास रहवासी इलाके हैं। इसके चलते ही लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

इंदौर में कॉमन वॉशरूम में लगाया हिडन कैमरा:फोटो-वीडियो वायरल होने पर स्वीपर पकड़ाया, ब्लैकमेल करने का था इरादा

इंदौर में कॉमन वॉशरूम में लगाया हिडन कैमरा:फोटो-वीडियो वायरल होने पर स्वीपर पकड़ाया, ब्लैकमेल करने का था इरादा

शहर के तुकोगंज थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक बिल्डिंग के कॉमन वॉशरूम में हिडन कैमरा लगाकर लोगों के निजी फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए जा रहे थे। मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी उसी बिल्डिंग में स्वीपर का काम करता था। उसने बाथरूम में छिपाकर हिडन कैमरा लगा दिया था। कुछ समय बाद वहां से रिकॉर्ड किए गए फोटो और वीडियो वायरल होने लगे, जिससे बिल्डिंग में रहने वाले लोग सकते में आ गए। जांच के दौरान लोगों को स्वीपर पर शक हुआ। उन्होंने उससे पूछताछ की और बाद में पुलिस को सूचना दी। तुकोगंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी शुभम पुत्र सुनील वानखेड़े, निवासी अमर टेकरी, को गिरफ्तार कर लिया। टीआई जितेंद्र यादव के अनुसार आरोपी ने जंजीरवाला चौराहे स्थित एक बिल्डिंग के कॉमन वॉशरूम में कैमरा लगाया था। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वॉशरूम से हिडन कैमरा भी जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी इन वीडियो का इस्तेमाल लोगों को ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने के लिए करना चाहता था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसने वीडियो किन-किन लोगों को भेजे या वायरल किए।

सिंगर करण औजला बोले-आज बहुत मजा आ रहा है:जयपुर में फैंस ने बनवाए चेहरे पर टैटू, कॉन्सर्ट में परमिश वर्मा की होगी स्पेशल एंट्री

सिंगर करण औजला बोले-आज बहुत मजा आ रहा है:जयपुर में फैंस ने बनवाए चेहरे पर टैटू, कॉन्सर्ट में परमिश वर्मा की होगी स्पेशल एंट्री

जयपुर में मशहूर पंजाबी सिंगर करण औजला का कॉन्सर्ट शुरू हो गया है। खम्मा घणी के साथ सभी का अभिवादन करते हुए करण औजला ने कहा कि वे बहुत दिनों बाद जयपुर आए हैं और आज उन्हें बहुत मजा आ रहा है। मेरे साथ आपको भी मजे करने है। सिंगर करण औजला, जिन्हें प्यार से ‘गीतों की मशीन’ भी कहा जाता है। कॉन्सर्ट का आयोजन सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में किया गया है। कॉन्सर्ट में परमिश वर्मा की स्पेशल एंट्री होगी। करण औजला को सुनने के लिए न केवल राजस्थान, बल्कि गुजरात, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी लोग पहुंचे हैं। करण शनिवार रात जयपुर पहुंचे थे। एयरपोर्ट से सीधे वेन्यू पर साउंड चेक के लिए गए। इसके बाद वे गोनेर रोड स्थित राजविलास होटल में रुके। उनके साथ परमिश वर्मा भी होटल में दिखाई दिए। एक साल पहले भी करण औजला ने जयपुर में लाइव परफॉर्मेंस दी थी, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया था। अब देखिए, कॉन्सर्ट से जुड़ी PHOTOS…

21 किलो गांजा के साथ तीन तस्कर पकड़ाए:दो आरोपी ओडिशा और एक बालाघाट का; कई राज्यों में करते थे सप्लाई

21 किलो गांजा के साथ तीन तस्कर पकड़ाए:दो आरोपी ओडिशा और एक बालाघाट का; कई राज्यों में करते थे सप्लाई

बालाघाट की रामपायली पुलिस ने तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 5 लाख रुपए कीमत का 21 किलो गांजा बरामद किया है। पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया है कि वे ओडिशा के एक गिरोह से जुड़े हैं, जो मध्य प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करता है। यह कामयाबी रामपायली पुलिस को 5 अप्रैल को वाहन चेकिंग के दौरान मिली। दिनी-लिंगमारा रोड पर एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्धों को जब रोका गया, तो तलाशी में उनके पास से भारी मात्रा में गांजा मिला। पुलिस ने तुरंत गांजा और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी पकड़े गए आरोपियों में दो ओडिशा के रहने वाले हैं और एक स्थानीय व्यक्ति है। मिकेन्द्र उर्फ मुकेश देव (28 वर्ष), निवासी ओडिशा। दिलीप सुना (32 वर्ष), निवासी ओडिशा। मुन्ना बर्वे (54 वर्ष), निवासी भटेरा, बालाघाट। पुलिस रिमांड पर आरोपी एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई नशे के कारोबार पर एक बड़ा प्रहार है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने पूछताछ के लिए उन्हें 13 अप्रैल तक रिमांड पर लिया है। नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस पुलिस अब तस्करों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि वे ओडिशा में किससे गांजा खरीदते थे और आगे किन-किन लोगों को बेचते थे। इस गिरोह के बाकी सदस्यों की भी तलाश की जा रही है ताकि नशे के इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।

स्‍कूल में अपना सरनेम छिपाती थीं अनन्‍या बिड़ला:बिजनेस-म्‍यूजिक स्विच करने को कपड़े बदलती हैं, स्‍टाफ के लिए मेंटल हेल्‍थ लीव; जानें प्रोफाइल

स्‍कूल में अपना सरनेम छिपाती थीं अनन्‍या बिड़ला:बिजनेस-म्‍यूजिक स्विच करने को कपड़े बदलती हैं, स्‍टाफ के लिए मेंटल हेल्‍थ लीव; जानें प्रोफाइल

इंडियन प्रीमियर लीग के पहले मैच से ही अनन्या बिड़ला ट्रेंड कर रही हैं। क्रिकेट फैंस ऑनलाइन उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बैंगलॉर की ‘लकी चार्म’ कह रहे हैं तो कभी उन्हें ‘नेशनल क्रश’ बता रहे हैं। आदित्य बिड़ला ग्रुप के लगभग 16 हजार 6 सौ करोड़ रुपए की सबसे महंगी डील में RCB फ्रेंचाइजी खरीदने के बाद से ही वो चर्चा में थीं। इस दौरान वो अपनी टीम RCB को सपोर्ट करने भी आईं। इसके बाद से ही वो ट्विटर पर ट्रेंड करने लगीं। इंस्टाग्राम पर मीम और फैन पेज बनने लगे। इसी बीच इंस्टा पर अनन्या के फॉलोअर्स में 485 हजार से सीधे 2.9 मिलियन (खबर लिखने तक) का बड़ा जंप आया। अनन्यश्री उर्फ अनन्या बिड़ला बिलियनेयर इंडस्ट्रलिस्ट कुमार मंगलम बिड़ला की बेटी हैं। बिड़ला ग्रुप से जुड़ी विरासत मिलने के बावजूद अनन्या ने अपनी राह खुद बनाई है, चाहे वो बिजनेस हो या फिर म्यूजिक इंडस्ट्री। अनन्या आंत्रप्रेन्योर हैं, सिंगर-लिरिसिस्ट हैं और आदित्य बिड़ला ग्रुप की लीडर होने के साथ ही मेंटल हेल्थ एडवोकेट भी हैं। स्‍कूल में अपना सरनेम नहीं लिखती थीं अनन्‍या बिड़ला परिवार में जन्‍मीं अनन्या की जिन्दगी घर में जितनी आसान थी, स्कूल में उतनी ही मुश्किल। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बिड़ला सरनेम के साथ उन्हें एक बड़ी लेकिन भारी पहचान मिली। ऐसे में वो स्कूल में अपना सरनेम छुपाने लगीं, ताकि किसी को पता न चले कि वो बिड़ला की बेटी हैं। लोग उन्हें अमीर परिवार की लड़की समझकर अलग तरह से ट्रीट न करें। उन्होंने बताया कि एग्जाम पेपर पर बिड़ला सरनेम नहीं लिखती थीं। अपने दोस्तों के सरनेम में से कभी शाह तो कभी मर्चेंट लिखती थीं। उन्हें हमेशा अपने आसपास वालों के जजमेंट का डर सताता था। लेकिन ये तरीका भी काम नहीं आया। आखिर में उन्हें स्कूल से ड्रॉपआउट लेना पड़ा। 10,000 से कंपनी शुरु की, अब 60 हजार करोड़ की अनन्या बताती हैं कि एक दिन स्कूल से घर लौटते वक्‍त उन्‍हें माइक्रो-फाइनेंस स्टार्टअप कंपनी का आइडिया आया। 2012 में 17 साल की उम्र में 10 हजार से ‘स्वतंत्र माइक्रोफिन’ कंपनी की शुरुआत की, जो अब 60 हजार करोड़ की है। इस स्टार्टअप के लिए उन्होंने कोटक महिंद्रा बैंक से लोन लिया था। अब ये देश की दूसरी सबसे बड़ी माइक्रो फाइनेंस कंपनी है, जिसे अनन्या ने गांवों और कस्बों की विमेन आंत्रप्रेन्योर्स को आत्मनिर्भर बनाने के आइडिया के साथ शुरू किया था। ऑक्सफोर्ड से ड्रॉपआउट लिया, इंटरनेशनल पॉप आर्टिस्ट बनीं अनन्या 8 साल की थी जब उन्होंने पहली बार संतूर म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट बजाया था। 11 साल की उम्र में लेडी गागा के एक कॉन्सर्ट में म्यूजिक को लेकर प्यार जगा, तभी तय किया कि म्यूजिशियन बनना है।13 साल की उम्र से कविताएं लिखने और गाने लगी थीं। उन्हें शुरू से ही म्यूजिक से प्यार रहा। म्यूजिक के लिए उनका ये प्यार ऑक्सफॉर्ड जाकर परवान चढ़ा। 2014 में अनन्या लंदन में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पढ़ने गईं। वहां खाली समय में यूट्यूब से गिटार बजाना सीखा। वो यूनिवर्सिटी की गैदरिंग्स और ओपन माइक्स में गाने लगीं। खाली समय में पब्स और क्लब्स में जाकर परफॉर्म करने लगीं। वो एक इंटरव्यू में कहती हैं कि लोगों का रिस्पॉन्स देखकर लगा कि उन्‍हें बस यही करना है। ऐसे दो साल बीते गए। 2016 में उन्होंने अपने माता-पिता से बात की और ऑक्सफोर्ड से ड्रॉपआउट लिया। बतौर सिंगर और लिरिसिस्ट यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप जॉइन किया। इसी साल ‘Livin’ the Life’ म्यूजिक वीडियो के साथ 20 साल की उम्र में म्यूजिक इंटस्ट्री में डेब्यू किया। बड़े इंटरनेशनल आर्टिस्ट्स के साथ परफॉर्म किया अनन्या ने यूनिवर्सल म्यूजिक के साथ कई हिट गाने दिए। उनके गाने ‘मेंट टू बी’ और ‘सरकस गोइंग’ को प्लैटिनम तो ‘बैटल गोइंग’ को डबल प्लैटिनम अवॉर्ड मिला। इसके साथ ही वो इंग्लिश गाने के लिए प्लैटिनम पाने वाली पहली इंडियन बन गईं। 2019 तक अनन्या ने यूनिवर्सल म्यूजिक के साथ काम किया। इस दौरान कई इंटरनेशनल आर्टिस्ट्स के साथ काम किया। वो पहली इंडियन आर्टिस्ट बनीं जिसके गाने को पीएम:एएम रिकॉर्डिंग्स (PM:AM Recordings) ने वर्ल्डवाइड रिलीज किया। अनन्या ग्लोबल सिटीजन फेस्टिवल, अक्टूबरफेस्ट और सनबर्न एरिना जैसे बड़े म्यूजिक इवेंट्स में परफॉर्म कर चुकी हैं। 2018 और 2019 में अक्टूबरफेस्ट में बतौर स्पेशल गेस्ट शॉन किंग्स्टन के साथ परफॉर्म किया। इसके साथ ही सितंबर 2019 में विज खलीफा के इंडिया टूर इवेंट सनबर्न एरिना में ओपन किया। नवंबर 2022 में DJ Snake के सनबर्न एरिना इंडिया टूर में उनके साथ परफॉर्म किया। 2021 में टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए अनन्या और ए.आर. रहमान ने टीम इंडिया के लिए ऑफिशियल चियर सॉन्ग ‘हिंदुस्तानी वे’ रिलीज किया। ‘मेरा दिल-दिमाग बिजनेस में है लेकिन आत्मा म्यूजिक में’ अनन्या कई इंटरव्यूज में बता चुकी हैं कि वो पूरे बिड़ला खानदान में पहली और इकलौती लड़की है जिसने बिजनेस वर्ल्ड में कदम रखा। ‘स्वतंत्र माइक्रोफिन’ स्टार्टअप से अपने बिजनेस करियर की शुरुआत की और फिर ‘इकाई एसाई’ स्टार्टअप और ‘अनन्या बिड़ला फाउंडेशन’ शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने बिड़ला के कई वेन्चर्स संभाले। हालांकि, म्यूजिक हमेशा अपनी ओर खींचता रहा। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैंने बिजनेस किया, लेकिन म्यूजिक मेरे लिए ऐसा स्पेस है जहां मैं फिट होती हूं। यही वो है जिसने मेरे अकेलेपन को दूर किया और मुझे कुछ ऐसा दिया जिसे मैं अपना कह सकूं।’ अनन्या अक्सर अपने खास लोगों और अपने एक्सपीरिएंसेस के बारे में गाने लिखती हैं। वो मानती हैं कि वो चाहकर भी हैप्पी सॉन्ग्स नहीं लिख सकतीं। स्‍टूडियो आकर सबसे पहले कपड़े बदलती हैं अनन्या ने बिजनेसवुमन होने के साथ-साथ 8 साल तक अपना म्यूजिक करियर भी संभाला है। वो हर सुबह उठकर रियाज करतीं और दिन में ऑफिस संभालती हैं। ऑफिस के बाद रात लगभग दो बजे तक स्टूडियो में गाने कंपोज करते बितातीं। अनन्या आमतौर पर गाने गिटार पर कंपोज करती हैं। वो बताती हैं कि जब वो ऑफिस में होती हैं तो सूट में बिजनेसवुमन के रोल में होती हैं और दिमाग का ज्यादा इस्तेमाल कर रही होती हैं। वहीं, जब गाना लिखना या कंपोज करना होता है तो स्टूडियो जाते हूडी और पजामा पहन लेती हैं। ऐसे वो अपने मूड और दिमाग को ट्रांजिशन के लिए तैयार करती हैं। हालांकि, म्यूजिक के प्रति इतना लगाव होने के बावजूद अनन्या ने साल 2025 में

कोई ‘दक्षिण की अयोध्या’ नहीं: कैसे टीवीके के सीटीआर निर्मल कुमार थिरुपरनकुंद्रम रेत में एक रेखा खींच रहे हैं | विशेष | चुनाव समाचार

RCB vs CSK Live Cricket Score, IPL 2026: Stay updated with Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Bengaluru. (Picture Credit: X/@ChennaiIPL)

आखरी अपडेट:05 अप्रैल, 2026, 19:15 IST निर्मल कुमार ने कहा कि इस चुनाव में तमिलनाडु में लड़ाई टीवीके और डीएमके के बीच है, जिसमें एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए ब्लॉक के पास कोई मौका नहीं है। कुमार का दावा है कि भाजपा तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में धार्मिक ध्रुवीकरण लाने का प्रयास कर रही है। फ़ाइल तस्वीर/एएनआई भाजपा और द्रमुक के बीच महत्वपूर्ण राजनीतिक टकराव देखने वाले मंदिरों के शहर थिरुपरनकुंड्रम के लिए लड़ाई चुनावी मौसम गर्म होने के साथ तेज होती जा रही है। “थलापति” जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के मैदान में उतरने और उसके उम्मीदवार और वरिष्ठ नेता सीटीआर निर्मल कुमार के वहां से चुनाव लड़ने के साथ, निर्वाचन क्षेत्र तेजी से एक प्रमुख राजनीतिक फ्लैशप्वाइंट में बदल रहा है। तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) एक सावधानीपूर्वक संतुलन बनाने का प्रयास कर रही है – खुद को शांति के लिए एक ताकत के रूप में पेश कर रही है, जबकि भाजपा और डीएमके दोनों पर मंदिर शहर के आसपास तनाव बढ़ाने का आरोप लगा रही है। टीवीके के उप महासचिव और थिरुपरनकुंड्रम से पार्टी के उम्मीदवार सीटीआर निर्मल कुमार अपने संदेश में स्पष्ट हैं। वे कहते हैं, ”थिरुपरनकुंड्रम पर टीवीके बहुत स्पष्ट है – हम शांति चाहते हैं। हम उत्तर के लोगों के साथ-साथ द्रमुक को भी बताना चाहते हैं, हम उन्हें यहां एक और अयोध्या बनाने की अनुमति नहीं देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा निर्वाचन क्षेत्र में ”एक और अयोध्या मुद्दा पैदा करने” की कोशिश कर रही है। कुमार ने कहा, ”वे इसे एक और अयोध्या बनाने की कोशिश कर रहे हैं और हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे।” उन्होंने दावा किया कि द्रमुक इसे साजिश रचने और राजनीति करने की इजाजत दे रही है। “टीवीके में हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। हम चाहते हैं कि दशकों से चली आ रही परंपराएं और प्रथाएं जारी रहें। मैंने अपने बचपन से थिरुपरनकुंड्रम देखा है और जानता हूं कि इसका क्या मतलब है। हम इसकी जगह को बाधित नहीं होने देंगे। डीएमके इसे रोक सकती थी; उन्होंने इसका राजनीतिकरण कर दिया।” उन्होंने कहा कि इस चुनाव में तमिलनाडु में लड़ाई टीवीके और डीएमके के बीच है, जिसमें एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए ब्लॉक को कोई मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि “उन्होंने जो किया है उसके लिए लोग उन्हें माफ नहीं करेंगे”। टीवीके की मूल बात थिरुपरनकुंद्रम विवाद को एक धार्मिक लामबंदी के रूप में नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक संतुलन में व्यवधान के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास है। मंदिर शहर में अपने बचपन को याद करते हुए कुमार कहते हैं, ”हमने थिरुपरनकुंड्रम में ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी।” “हम वहां कोई विवाद नहीं चाहते। वह स्थान एक पवित्र स्थान है और अत्यधिक सम्मानित है।” पार्टी की राजनीतिक दिशा भी दोनों द्रविड़ प्रतिद्वंद्वियों की आलोचना पर बहुत अधिक निर्भर करती है। कुमार ने द्रमुक पर महत्वपूर्ण क्षणों में आंखें मूंदने का आरोप लगाया। “डीएमके ने इसकी अनुमति तब दी जब उन्होंने रामनाथपुरम के सांसद को रोका और इसे एक मुद्दा बना दिया। वह पहली घटना थी,” वे कहते हैं, जब तनाव पैदा होना शुरू हुआ तो सत्तारूढ़ दल “मूक दर्शक बने रहे”। इस बीच, भाजपा तीखे हमले के लिए आती है। कुमार का दावा है कि पार्टी तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में धार्मिक ध्रुवीकरण लाने का प्रयास कर रही है। वे कहते हैं, “वे इसे ‘दक्षिण की अयोध्या’ कहते थे। भाजपा इसे दूसरी अयोध्या बनाकर राजनीति करना चाहती थी और हम इसकी इजाजत नहीं देंगे।” भले ही बयानबाज़ी तेज़ हो रही हो, टीवीके सचेत रूप से प्रत्यक्ष तनाव से बच रहा है। कुमार बताते हैं कि विजय ने अब तक इस मुद्दे पर आक्रामक बयान क्यों नहीं दिया है। “हम कोई स्थिति पैदा नहीं करना चाहते हैं। हम शांति और दशकों से चली आ रही परंपराओं को बनाए रखना चाहते हैं। हम भावनात्मक या धार्मिक मुद्दों के साथ खेलना नहीं चाहते हैं,” वे कहते हैं, “आप जानते हैं कि विजय कौन है – वह बिना किसी भेदभाव के सभी धर्मों, सभी लोगों, सभी जातियों में विश्वास करता है।” यह स्थिति टीवीके के बड़े राजनीतिक आख्यान से जुड़ी है – जो विजय की व्यापक अपील को व्यापक सत्ता-विरोधी लहर में परिवर्तित करना चाहती है। कुमार इस विचार को खारिज करते हैं कि तमिलनाडु त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ रहा है। वे कहते हैं, ”मैं इसे बिल्कुल भी त्रिकोणीय मुकाबले के रूप में नहीं देखता। एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए मुकाबले में ही नहीं है। पूरे तमिलनाडु में उनका प्रभुत्व कम हो गया है।” इसके बजाय, वह इस क्षण को राजनीतिक मंथन के रूप में प्रस्तुत करता है। वे कहते हैं, ”लोग एक गंभीर बदलाव चाहते हैं। तमिलनाडु इस बात का उदाहरण होगा कि कैसे गंभीर परिवर्तन एक राज्य में प्रतिबिंबित हो सकता है और बदलाव ला सकता है।” उन्होंने दावा किया कि टीवीके पहले ही महत्वपूर्ण प्रगति कर चुका है। “हमने पूरे तमिलनाडु में 40 प्रतिशत प्रभाव को पार कर लिया है। अगले कुछ दिनों में, हम उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे।” उस विश्वास का केंद्र वह है जिसे पार्टी राजनीतिक भागीदारी में स्वाभाविक उछाल कहती है। कुमार कहते हैं, ”पिछले कुछ सालों से राजनीति से दूर रहने वाले अस्सी से नब्बे फीसदी लोग अब टीवीके के आने के बाद राजनीति के बारे में बोलने लगे हैं।” “वे मोदी, द्रमुक और अन्नाद्रमुक से तंग आ चुके हैं। उनके पास कोई विकल्प नहीं है। अब, थलपति विजय के साथ, बच्चे और बुजुर्ग भी राजनीति के बारे में बोल रहे हैं और चाहते हैं कि वह बदलाव लाएं।” पार्टी प्रशासनिक पक्षपात का भी आरोप लगाती है, खासकर पुलिस की ओर से। कुमार का दावा है कि “डीएमके समर्थित पुलिस अधिकारी” टीवीके कार्यक्रमों में बाधाएं पैदा कर रहे हैं। “कोल्लूर में, हमने बैरिकेड्स बनाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने हमें अनुमति नहीं दी। आखिरी मिनट तक, हमें मंजूरी नहीं दी गई,” वह चुनाव आयोग से हस्तक्षेप करने का आह्वान करते हुए कहते हैं। “यदि पश्चिम बंगाल में वे 600 अधिकारियों को बदल सकते हैं, तो तमिलनाडु में क्यों नहीं?” टीवीके के लिए, थिरुपरनकुंड्रम मुद्दा सिर्फ एक स्थानीय फ्लैशप्वाइंट नहीं है, बल्कि एक परीक्षण मामला है कि क्या वह एक ऐसी पार्टी के रूप में अपनी