श्योपुर में ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलें:भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया दौरा, किसानों ने की मुआवजे के लिए सर्वे की मांग

श्योपुर में जिले में शनिवार को हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मानपुर क्षेत्र सहित कई गांवों में गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों में 100% तक नुकसान मानपुर क्षेत्र के बगडुआ, चिमल्का, भोगीका, जावदेश्वर, सोंठवा, रामबड़ोदा, इच्छाखेड़ी और जैनी गांवों में ओलों की मार से गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि ने सब कुछ नष्ट कर दिया। कई किसानों ने 100 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात कही है। जल्द सर्वे कराकर मुआवजे का दिया आश्वासन घटना के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हालात का जायजा लिया। शशांक भूषण ने किसानों को भरोसा दिलाया कि नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाएगा और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में यह आपदा उनके लिए और कठिनाई लेकर आई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने खेतों में जाकर देखी फसल नायब तहसीलदार टी.एस. लकड़ा ने बताया कि फसल के पूरी तरह सूखने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद विधिवत सर्वे शुरू किया जाएगा और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि किसानों को राहत मिल सके। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाट और पूर्व विधायक ब्रजराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने खेतों में जाकर फसल की स्थिति देखी और किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है।
आज IPL में LSG-SRH का मैच: ईशान की कप्तानी में तीसरा मुकाबला, कहा था- हर मैच के साथ अपनी कमियों को जान रहा – Patna News

पटना15 मिनट पहले कॉपी लिंक आज IPL में पहला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे खेला जाएगा। SRH की कप्तानी बिहार के ईशान किशन कर रहे हैं। उन्होंने कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में ही 80 रन बनाए थे। हालांकि, पिछले मैच में KKR के खिलाफ उनका बल्ला नहीं चल पाया था। वह 14 रन बनाकर आउट हो गए थे। मगर 8वें ओवर में लगातार 3 चौके जड़े थे। हर मैच के साथ अपनी कमियों को जान रहे जब KKR के खिलाफ मैच के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान ईशान किशन आए तो उन्होंने कहा था कि वह अपने खेल से संतुष्ट नहीं है, मगर टीम की उन्होंने काफी तारीफ की। ईशान ने ये भी कहा कि, उन्हें लगता है कि वो हर मैच के साथ अपनी कमियों को जान रहे हैं। एक टीम के रूप में उन्हें अपनी फील्डिंग पर काम करने की जरूरत है, क्योंकि हर मैच में 20 अतिरिक्त रन नहीं लुटा सकते। टीम को इस पर काम करना होगा क्योंकि आईपीएल जैसे टी20 खेल में 10 या 20 रन बहुत बड़ा अंतर पैदा कर देते हैं। तो हम इस पर काम करेंगे। ईशान ने IPL में 3000 रन पूरे किए पहले मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए। ईशान तीसरे ऐसे बल्लेबाज बने, जिन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए कप्तानी करते हुए डेब्यू मैच में 50 से ज्यादा रन बनाए। उनसे पहले मनीष पांडे और डेविड वॉर्नर ऐसा कर चुके हैं। उन्होंने सिर्फ 2180 गेंदों में 3000 IPL रन पूरे किए थे। वे सबसे तेज 3 हजार रन बनाने वाले प्लेयर्स में छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। ईशान की चौके से पूरी की थी फिफ्टी ईशान ने RCB के खिलाफ अपने पहले मैच में चौके से फिफ्टी पूरी की थी। उन्होंने 12वें ओवर में फिफ्टी लगा दी। ओवर की दूसरी गेंद पर उन्होंने सामने की दिशा में चौका लगाया और 27 गेंद पर हाफ सेंचुरी पूरी कर ली थी। अगली ही गेंद पर उन्होंने कवर्स की दिशा में बाउंड्री लगाई और टीम की सेंचुरी पूरी करा दी। 16वें ओवर में ईशान 80 रन बनाकर आउट हुए।फुल टॉस गेंद को ईशान ने कवर्स की दिशा में शॉट खेला, मगर फिल सॉल्ट ने कैच पकड़ लिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
दतिया हाईवे पर सड़क हादसे में युवक की मौत:डोंगरपुर निवासी सुमित अहिरवार की पहचान, कार डिवाइडर पार कर गलत साइड से आई

दतिया में ग्वालियर-झांसी हाईवे पर शनिवार शाम एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान देर रात डोंगरपुर निवासी 19 वर्षीय सुमित पुत्र पंजाब सिंह अहिरवार के रूप में हुई है। कोतवाली पुलिस के अनुसार, सुमित दतिया से अपने गांव डोंगरपुर लौट रहा था। असनई चौराहे के पास उसकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई। कार डिवाइडर पार करते हुए रॉन्ग साइड में जा घुसी और सामने से आ रहे एक वाहन से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सुमित की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हादसा शाम करीब 5 बजे हुआ था। झांसी की ओर से ग्वालियर जा रही कार अचानक चालक का संतुलन बिगड़ने से डिवाइडर से टकराई और उछलकर दूसरी लेन में पहुंच गई थी। सूचना मिलते ही डायल 112 और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल युवक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना के समय युवक की पहचान नहीं हो पाई थी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कार का नंबर DL 9 CAC 0603 है, जो राजकुमार सोनी के नाम पर दर्ज है। हादसे में शामिल दूसरा वाहन एक क्रेन (क्रमांक MP 07 GA 9144) था, जिसका चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
पुडुचेरी में 2026 में मतदान कैसे करें: बूथ लोकेटर, समय, मतदाता पहचान नियम: एक संपूर्ण गाइड | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:05 अप्रैल, 2026, 12:44 IST पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026: पुडुचेरी में 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होगा। यहां आपकी पूरी मार्गदर्शिका है: मतदान का समय, अपना बूथ कैसे खोजें, स्वीकृत आईडी दस्तावेज़ और मतदाता नियम। पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026: 9 अप्रैल से पहले जानें अपने अधिकार, दस्तावेज़ और मतदान विवरण। पुडुचेरी 9 अप्रैल, 2026 को अपनी नई विधान सभा का चुनाव करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि आप केंद्र शासित प्रदेश में एक पंजीकृत मतदाता हैं और पहली बार मतदान केंद्र पर जा रहे हैं या आपको बस यह जानने की ज़रूरत है कि क्या ले जाना है और कहाँ जाना है, तो इस व्यापक मार्गदर्शिका में वह सब कुछ शामिल है जो मतदान के दिन बाहर निकलने से पहले आपको जानना आवश्यक है। मतदान की तारीख और समय गुरुवार, 9 अप्रैल, 2026 को एक ही चरण में सभी 30 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा। मतदान केंद्र सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुले रहेंगे। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के दिशानिर्देशों के अनुसार, एग्जिट पोल पर रोक 9 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे शुरू होगी और मतदान पूरा होने तक लागू रहेगी। पुडुचेरी और अन्य चुनावी राज्यों के लिए वोटों की गिनती 4 मई, 2026 को सुबह 8:00 बजे से शुरू होगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135बी के तहत, 9 अप्रैल को उन सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है, जिनके नाम पुडुचेरी मतदाता सूची में हैं। इस अवकाश के लिए वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। अपना पोलिंग बूथ कैसे खोजें आप चुनाव आयोग के आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल मतदाता.eci.gov.in के माध्यम से अपने मतदान केंद्र का आसानी से पता लगा सकते हैं। अपना बूथ नंबर, पता और भाग संख्या देखने के लिए अपना ईपीआईसी नंबर, मोबाइल नंबर या नाम, जन्म तिथि और निर्वाचन क्षेत्र जैसे विवरण दर्ज करें। यह भी पढ़ें: पुडुचेरी की फ्रांसीसी विरासत: मतदाता मतपेटी में इसकी परवाह क्यों करते हैं मतदाताओं को अपनी मतदाता सूचना पर्ची (मतदाता पर्ची) भी उसी पोर्टल से डाउनलोड करने की सलाह दी जाती है। पर्ची में आपका नाम, क्रमांक, भाग संख्या, निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र का पता होता है। हालांकि मतदान के लिए यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसे ले जाने से पहचान प्रक्रिया में काफी तेजी आ सकती है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पुडुचेरी वेबसाइट 2026 के लिए एकीकृत अंतिम मतदाता सूची भी होस्ट करती है। आप वहां अपना नाम देख सकते हैं। किसी भी प्रश्न के लिए मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल करें। कौन मतदान कर सकता है? 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक जिसका नाम 2026 के लिए अंतिम मतदाता सूची में है, मतदान करने के लिए पात्र है। पुडुचेरी में कुल पंजीकृत मतदाता 9,44,211 हैं, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश के चार क्षेत्रों में 4,43,595 पुरुष मतदाता, 5,00,477 महिला मतदाता और 139 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं। यह भी पढ़ें: पुडुचेरी का राज्य का दर्जा: कैसे दशकों पुरानी मांग मतदान से पांच दिन पहले एनडीए को हिला रही है आपका नाम आपके निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में मौजूद होना चाहिए। वैध दस्तावेजों के साथ भी, यदि आपका नाम सूची में नहीं है तो आप मतदान नहीं कर सकते। क्या ले जाएं: मतदाता पहचान पत्र और विकल्प निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी), जिसे आमतौर पर मतदाता पहचान पत्र के रूप में जाना जाता है, मतदान केंद्रों पर स्वीकार किया जाने वाला प्राथमिक दस्तावेज है। हालाँकि, यदि आपके पास अपना भौतिक ईपीआईसी नहीं है, तो चुनाव आयोग ने निम्नलिखित 12 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक के उपयोग की अनुमति दी है (7 अक्टूबर, 2025 की अधिसूचना के अनुसार): आधार कार्ड मनरेगा जॉब कार्ड बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक श्रम मंत्रालय की योजनाओं या आयुष्मान भारत के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस पैन कार्ड राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के तहत भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड भारतीय पासपोर्ट फोटो सहित पेंशन दस्तावेज़ केंद्र/राज्य सरकार, पीएसयू या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र सांसदों, विधायकों या एमएलसी को जारी किया गया आधिकारिक पहचान पत्र सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी अद्वितीय विकलांगता आईडी (यूडीआईडी) कार्ड धारा 20ए के तहत पंजीकृत विदेशी मतदाताओं को पहचान के लिए अपना मूल भारतीय पासपोर्ट रखना होगा। डिजिटल वोटर आईडी (ई-ईपीआईसी) जिन मतदाताओं के पास भौतिक ईपीआईसी नहीं है, वे मतदाता.ईसीआई.जीओवी.इन से डिजिटल ई-ईपीआईसी डाउनलोड कर सकते हैं। अपने ईपीआईसी नंबर या पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉग इन करें, और अपने फोन पर पीडीएफ कॉपी डाउनलोड करें। मतदान केंद्रों पर डिजिटल संस्करण स्वीकार किया जाता है। बूथ पर क्या होता है आपके निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुंचने पर, मतदान अधिकारी मतदाता सूची के अनुसार आपकी पहचान का सत्यापन करेंगे। डुप्लिकेट वोटिंग को रोकने के लिए आपकी बायीं तर्जनी पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। फिर आप अपना वोट डालने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की ओर बढ़ेंगे। वोटर वेरिफ़िएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीन कुछ सेकंड के लिए आपके चुने हुए उम्मीदवार को दिखाने वाली एक पर्ची प्रिंट करेगी, जिससे आप यह सत्यापित कर सकेंगे कि आपका वोट सही ढंग से दर्ज किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों, विकलांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) और महिलाओं, जिन्हें पहचान के दौरान गोपनीयता की आवश्यकता होती है, के लिए सभी बूथों पर विशेष व्यवस्था की गई है। जगह : पुडुचेरी (पांडिचेरी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 05 अप्रैल, 2026, 12:44 IST समाचार चुनाव पुडुचेरी में 2026 में मतदान कैसे करें: बूथ लोकेटर, समय, मतदाता पहचान नियम: एक संपूर्ण गाइड अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
होममेड फुट क्रीम: गर्मियों में फटी एड़ियों का रामबाण इलाज, ये घरेलू आसान नुस्खे चुकियों में राहत

घर पर बनी फुट क्रीम: गर्मी का मौसम शुरू ही हो गया है, शरीर से जुड़ी कई तस्वीरें सामने आ रही हैं। इस दौरान लोग चेहरे की देखभाल तो अच्छे से करते हैं, लेकिन बेघरों को बार-बार मनाही कर देते हैं। कूड़े-कचरे, अनाज और गर्मी का प्रभाव सबसे ज्यादा लोगों पर पड़ता है, जिससे वे रूखी और विचारशील हो जाती हैं। यही कारण है कि फैटी एडायर्स की समस्या गर्मियों में काफी आम है। मोटी एड़ियों की समस्या से महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान रहती हैं। कई बार मझारी उत्पादों का उपयोग करने से भी कोई फ़ायदा नहीं होता। इसके अलावा केमिकल युक्त उत्पादों के इस्तेमाल से त्वचा को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में घरेलू उपाय ज्यादा सुरक्षित और असरदार साबित हो सकते हैं। अगर आप इस समस्या से राहत पाना चाहते हैं, तो घर पर ही फुट क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे बनाना बेहद आसान है और इसे बनाने में ज्यादा खर्च करने की भी जरूरत नहीं है। इसके लिए आपको एलोवेरा जेल, सरसों का तेल, आलू का रस और ग्लिसरीन जैसे तत्वों की जरूरत होगी। फ़ुट क्रीम बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी में ताज़ा एलोवेरा जेल निकाल कर रख लें। इसके बाद इसमें आलू का रस, सरसों का तेल और ग्लिसरीन मिलाकर अच्छे से मिलाया जा सकता है। ध्यान रखें कि मिक्स की गई नीई को मैजेंटा रेजोल्यूशन न हो। अब इस तैयार क्रीम को एक एयर टाइट नवीन में स्टोर कर लें। रात में सोने से पहले इसे एड़ियों पर रखें ढीले हाथों से मिला कर लें। इस घरेलू फुट क्रीम का रोजाना इस्तेमाल करने से फैट एडियों में होने वाला दर्द और जलन कम हो सकती है। यह एकैरी की डार्कों को डिक्लेरेशन में मदद करता है और सिनका को प्रस्तावना देता है। साथ ही एरीज़ का पीलापन भी धीरे-धीरे कम होने लगता है। कम खर्च में तैयार करने वाला यह यात्रा समरसाइल में यात्रियों की देखभाल के लिए बेहद शानदार साबित हो सकती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)फटी एड़ियों का इलाज(टी)घर पर बनी फुट क्रीम(टी)गर्मियों में पैरों की देखभाल(टी)मुलायम एड़ियों के टिप्स(टी)पैरों के लिए एलोवेरा(टी)ग्लिसरीन त्वचा के लिए फायदेमंद(टी)सरसों के तेल का इलाज(टी)सूखी एड़ियों का इलाज(टी)प्राकृतिक त्वचा देखभाल भारत(टी)पैरों के लिए घरेलू उपचार
बाउंड्री विवाद में मारपीट, दंपति सहित 3 घायल:गंभीर हालत में पति-पत्नी रीवा रेफर; बहस के बाद मारपीट

सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में बाउंड्री निर्माण को लेकर हुए विवाद में एक दंपती सहित तीन लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से पति-पत्नी को गंभीर हालत में रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना शनिवार देर शाम ट्रांसपोर्ट नगर में हुई। जेल रोड निवासी 56 वर्षीय राजकुमार गुप्ता अपनी घर के पीछे की जमीन पर बाउंड्री का निर्माण करवा रहे थे। इसी दौरान, लगभग 7 बजे जगदीश गुप्ता अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे और काम रुकवाने का प्रयास किया। काम रुकवाने को लेकर राजकुमार गुप्ता और जगदीश गुप्ता के बीच बहस शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने राजकुमार गुप्ता के घर में घुसकर हमला कर दिया। इस मारपीट में राजकुमार गुप्ता, उनकी 52 वर्षीय पत्नी अनीता गुप्ता और उनके कर्मचारी दिलराज गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा। देर रात राजकुमार गुप्ता और अनीता गुप्ता की हालत गंभीर होने पर उन्हें रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं, कर्मचारी दिलराज बैगा का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इंदौर में युवक ने लगाई फांसी:दुकान से घर पहुंचा, फिर फंदे पर झूल गया, छोटे भाई ने परिवार को बताया

इंदौर के निरंजनपुर में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगा ली। वह रात में किराना दुकान से अपने घर आया और यह कदम उठा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लसूड़िया पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय नयन पिता राम सिंह राय ने अपने घर में फांसी लगा ली। रिश्तेदारों ने बताया कि नयन रात में अपनी दुकान से घर पहुंचा था। करीब रात साढ़े नौ बजे उसके भाई मयंक ने उसे फंदे पर लटका हुआ देखा। नयन को फंदे से उतारने पर उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के लोगों ने बताया कि कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला। पत्नी नहीं थी घर पर परिवार के अनुसार, नयन ने करीब एक साल पहले ही इलाके में रहने वाली युवती से प्रेम विवाह किया था। जब वह घर पहुंचा, तब उसकी पत्नी मायके में थी। वहीं, माता-पिता एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। पुलिस के मुताबिक, संभवतः पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद नयन ने यह कदम उठाया। फिलहाल, परिवार के बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्या मटके का पानी सेहत के लिए फायदेमंद? इस बारे में क्या है आयुर्वेद की राय, एक्सपर्ट से समझ लीजिए

Last Updated:April 05, 2026, 12:09 IST Benefits of Clay Pot Water: गर्मी में अगर आप मटका का पानी पिएंगे, तो सेहत को फायदा होगा. आयुर्वेद के अनुसार मटके का पानी न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि यह पाचन सुधारने और शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह गर्मियों में हाइड्रेशन और मिनरल्स की कमी को पूरा करने का सुरक्षित उपाय है. मटका का पानी सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. Benefits of Matka Water: गर्मी में एक तरह जहां फ्रिज का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं कई लोग मटका का पानी पीना पसंद करते हैं. मटका नेचुरल तरीके से पानी को ठंडा रखता है और टेस्टी बना देता है. मटका मिट्टी से बना होता है और प्राचीन काल से ही पानी रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. आयुर्वेद के अनुसार मटके का पानी सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. यह न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि पेट की सेहत भी सुधार सकता है. अगर आप भी फ्रिज का पानी पीना पसंद नहीं करते हैं, तो बाजार से मटका खरीद लाइए और गर्मियों में ठंडे पानी का लाभ उठाइए. यूपी के अलीगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और आयुर्वेदाचार्य डॉ. पीयूष माहेश्वरी ने News18 को बताया कि मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है. मिट्टी की सतह में मौजूद छोटे-छोटे छिद्र पानी को शुद्ध और ठंडा बनाते हैं. आयुर्वेद में इसे शरीर की गर्मी को संतुलित करने और पाचन तंत्र को शांत करने वाला माना जाता है. खासकर गर्मियों में मटके का पानी पीना शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है और प्यास बुझाने में मदद करता है. मटके का पानी न केवल शरीर को ठंडक प्रदान करता है, बल्कि पाचन और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखने और प्राकृतिक मिनरल्स प्राप्त करने का एक सुरक्षित और असरदार माध्यम है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. आयुर्वेद के अनुसार मटके के पानी में कुछ मिनरल्स जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम प्राकृतिक रूप में हल्की मात्रा में मौजूद रहते हैं. ये मिनरल्स हार्ट, मांसपेशियों और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं. आयुर्वेद में इसे शुद्ध जल का स्रोत माना गया है, जो शरीर को एनर्जी और ताकत प्रदान करता है. मटके का पानी पित्त और कफ को संतुलित करने में मदद करता है. खाली पेट मटके का पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और भोजन आसानी से पचता है. इसे डिटॉक्सिफिकेशन के लिए भी उपयोगी माना जाता है, क्योंकि यह शरीर में जमा अतिरिक्त गर्मी और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. मटके का पानी पानी के अन्य साधारण स्रोतों की तुलना में अधिक ठंडा और ताज़ा लगता है. मिट्टी में प्राकृतिक फिल्ट्रेशन होने के कारण यह पानी कुछ हद तक शुद्ध रहता है. हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि मटके का पानी हमेशा साफ और स्वच्छ हो. गंदे मटके या लंबा रखा पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. मटके का पानी पीते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. मटके को हमेशा साफ रखें और हर दिन पानी बदलें. यदि पानी लंबे समय तक रखा हो या मटके में किसी तरह का फफूंद या बदबू हो, तो उसे इस्तेमाल न करें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 12:09 IST
विदिशा के हैदरगढ़ में ओलावृष्टि-आंधी:खड़ी फसलें बिछीं, खलिहानों में रखी उपज को भी नुकसान

विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील के हैदरगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शनिवार रात मौसम अचानक बदल गया। रात करीब 11 बजे तेज आंधी-तूफान के साथ बेर के आकार के ओले गिरे, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। खेतों में तैयार खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा और ओलावृष्टि से गेहूं और चने की खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गईं। जिन किसानों की फसलें कटकर खलिहानों में रखी थीं, उन्हें भी भारी नुकसान की आशंका है। बारिश और ओलों के कारण कटी हुई फसलें भीग गईं, जिससे उनकी गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल खेतों तक ही सीमित नहीं रहा। गांवों में तेज हवाओं ने रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचाया। कई कच्चे मकानों के कबेलू उड़ गए, जबकि टीन और फाइबर की चादरें हवा में उखड़कर दूर जा गिरीं। आंधी के कारण घरों की छतों पर रखा सामान भी बिखर गया। ग्रामीणों के अनुसार, हैदरगढ़ क्षेत्र के लगभग 4 से 5 गांव इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
मुफ्त में एचपीवी वैक्सीनेशन से होगी बेटियों की रक्षा, सर्वाइकल कैंसर से होगा बचाव, अंबाला में शुरू हुआ अभियान

Last Updated:April 05, 2026, 11:49 IST महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के खतरे को खत्म करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण अभियान को गति दे दी है. इस अभियान के तहत वे सभी किशोरियाँ पात्र हैं जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है और 15 वर्ष से कम हैं. क्योंकि भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसका मुख्य कारण HPV संक्रमण है. ख़बरें फटाफट अंबालाः बेटियों की मुस्कान को सुरक्षित रखने और उनके भविष्य को बीमारी के साये से बचाने के लिए अम्बाला में एक संवेदनशील और सराहनीय पहल शुरू हुई है. दरअसल महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के खतरे को खत्म करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण अभियान को गति दे दी है. बता दें कि इस अभियान के तहत वे सभी किशोरियाँ पात्र हैं जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है और 15 वर्ष से कम हैं. क्योंकि भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसका मुख्य कारण HPV संक्रमण है. ऐसे में मर्क एंड कंपनी द्वारा निर्मित गार्डासिल 4 टीका इस संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है, जिसे भारत सरकार ने कड़े वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद मंजूरी दी है. सर्वाइकल कैंसर के रोकथाम में कारगर साबित होगा टीकाकरण वहीं लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला सिविल सर्जन डॉ. रेनू बेरी पजनी ने बताया कि भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामले महिलाओं में काफी ज्यादा बढ़ रहे हैं, जिसकी रोकथाम को लेकर भारत सरकार ने प्रदेश भर के जिलों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) टीकाकरण का अभियान तेजी चला दिया है. उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर सबसे आम कैंसर बन चुका है, जिसका मुख्य कारण HPV संक्रमण है. ऐसे में टीकाकरण इस संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है, जिसे भारत सरकार ने कड़े वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद मंजूरी दी है. बताया कि यह टीकाकरण अंबाला जिले के नागरिक अस्पताल और सीएचसी, पीएचसी सभी जगह पर उपलब्ध हैं. वैसे निजी अस्पतालों में यह टीका लगभग 12000 रूपये में लगता है जोकि काफी महंगा होता है. लेकिन सरकारी कार्यक्रम के तहत यह सभी पात्र किशोरियों को निःशुल्क लगाया जा रहा है. अगले तीन महीनों तक चलने वाले इस अभियान में प्रत्येक पात्र किशोरी को टीके की केवल एक ही खुराक दी जाएगी. यह एक टीका जहां सर्वाइकल कैंसर से किशोरियों की रक्षा करेगा तो वही इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है. 31 मार्च तक अंबाला जिले में 139 किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जोकि काफी ज्यादा पहले से बेहतर महसूस कर रही है. सहमति और डिजिटल प्रमाण पत्र वहीं मिली जानकारी के अनुसार टीकाकरण के लिए OTP आधारित सहमति या अभिभावकों की लिखित सहमति अनिवार्य है. टीकाकरण के बाद लाभार्थी की जानकारी ऑनलाइन U-WIN पोर्टल पर दर्ज की जाएगी और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक लिंक भेजा जाएगा, जिससे डिजिटल प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकेगा. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें First Published : April 05, 2026, 11:49 IST









