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ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट:24 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया, ट्रम्प बोले- यह इतिहास का सबसे साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन

ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट:24 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया, ट्रम्प बोले- यह इतिहास का सबसे साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन

अमेरिका के एक F-15 फाइटर जेट को ईरान के ऊपर मार गिराए जाने के बाद उसके दोनों क्रू मेंबर्स को अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने बचा लिया है। शनिवार को स्पेशल कमांडो यूनिट ने दर्जनों लड़ाकू विमानों के साथ ईरान में ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी फोर्स को उस इलाके तक पहुंचने से रोकने के लिए हमले भी किए। इस दौरान भारी गोलीबारी हुई, लेकिन अंत में अमेरिकी टीम अधिकारी को सुरक्षित निकालने में सफल रही और सभी सैनिक ईरान से बाहर आ गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन करार दिया है। पैराशूट से उतरने के बाद घायल हुआ था अफसर अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने 3 अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान ने शुक्रवार को F-15 विमान गिरा दिया था। उसमें दो लोग थे। एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर (जो हथियारों को ऑपरेट करता है)। पायलट को कुछ घंटों के भीतर ही बचा लिया गया था। लेकिन दूसरा क्रू मेंबर, जो वेपन सिस्टम ऑफिसर था, पैराशूट से उतरने के बाद घायल हो गया। चोट लगने के बावजूद वह चलने की हालत में था। इसके बाद वह ईरान के पहाड़ी इलाके में छिप गया और वहां एक दिन से ज्यादा समय तक पकड़ से बचता रहा। उसने अपनी SERE ट्रेनिंग (जिंदा रहना, बचना, विरोध करना और निकलना) का इस्तेमाल करते हुए कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के कठिन पहाड़ी इलाके में खुद को छिपाए रखा। CIA ने अफवाह फैलाकर ईरान को भटकाया अमेरिका और ईरान दोनों उसे ढूंढ रहे थे। ईरान की IRGC (रेवोल्यूशनरी गार्ड) भी उसे पकड़ने के लिए वहां पहुंच गई थी। दूसरे अधिकारी को ढूंढना बहुत मुश्किल था। इसके लिए CIA ने एक चाल चली। उन्होंने ईरान के अंदर गलत जानकारी फैलाई कि अमेरिकी सेना उसे पहले ही ढूंढ चुकी है और उसे निकालने की तैयारी कर रही है। इससे ईरान की खोज की दिशा भटक गई। इसी दौरान CIA ने अपनी खास तकनीक का इस्तेमाल करके उस अधिकारी की सही लोकेशन पता कर ली। यह लोकेशन पेंटागन, अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस को दी गई। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन का आदेश दिया। अफसर के पास सिर्फ 1 पिस्तौल थी शनिवार को स्पेशल कमांडो यूनिट ने भारी हवाई सुरक्षा के साथ ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी फोर्स को उस इलाके तक पहुंचने से रोकने के लिए हमले भी किए। घायल अफसर के पास सिर्फ एक पिस्तौल थी। जब अमेरिकी फोर्स उस एयरमैन तक पहुंचने लगी, तब गोलीबारी भी हुई। लेकिन अंत में अमेरिकी टीम अधिकारी को सुरक्षित निकालने में सफल रही और सभी सैनिक ईरान से बाहर आ गए। अमेरिका के पूर्व सेना अधिकारी मेजर जनरल (रिटायर्ड) मार्क मैक्कार्ली ने CNN से कहा कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वह पहाड़ी था और पूरी तरह सुनसान था। इसके साथ ही ईरान की तरफ से उस सैनिक को पकड़ने पर इनाम भी घोषित किया गया था। इन सभी हालात को देखते हुए यह मिशन बेहद खतरनाक था। मैक्कार्ली ने यह भी बताया कि उस सैनिक की लोकेशन एक इमरजेंसी बीकन (सिग्नल देने वाला उपकरण) के जरिए पता चली होगी। जब फाइटर जेट गिरता है, तो यह बीकन लगातार कमांड सेंटर को लोकेशन भेजता रहता है। पहली बार दुश्मन ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट इस रेस्क्यू मिशन की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जब F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को ईरान की सेना ने मार गिराया। यह इस एक महीने से चल रही जंग में पहला मौका था, जब किसी अमेरिकी फाइटर जेट को दुश्मन की फायरिंग से गिराया गया। F-15E विमान में दो लोग थे, जो इजेक्ट होकर बाहर निकले। पायलट को जल्दी बचा लिया गया, लेकिन वेपन्स सिस्टम ऑफिसर का पता नहीं चल पाया, जिससे तुरंत बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया गया। अमेरिका ने निकलने से पहले अपने दो विमान जलाए द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से एक बचाए गए अमेरिकी एयरमैन और कमांडो को निकालने वाले दो ट्रांसपोर्ट विमान वहीं फंस गए थे। इसके बाद अमेरिका को तीन नए विमान भेजने पड़े, ताकि एयरमैन और सैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, बाद में अमेरिकी सेना ने उन फंसे हुए ट्रांसपोर्ट विमानों को उड़ा दिया, ताकि वे ईरान के हाथ न लगें। ईरान के अंदर से आई तस्वीरों से संकेत मिलता है कि ये विमान एक अस्थायी एयरस्ट्रिप पर फंस गए थे, जिसे अमेरिकी सेना ने देश के एक दूरदराज इलाके में बनाया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इस पूरे रेस्क्यू मिशन में सैकड़ों स्पेशल ऑपरेशंस सैनिक शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बचाए गए वेपन्स ऑफिसर को रेस्क्यू के बाद इलाज के लिए कुवैत ले जाया गया। ट्रम्प बोले- पहली बार एक साथ दो सफल रेस्क्यू ऑपरेशन हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि इस सैनिक को बचाने के लिए अमेरिकी सेना ने दर्जनों विमान भेजे, जिनमें दुनिया के सबसे खतरनाक हथियार लगे थे। उन्होंने बताया कि सैनिक घायल जरूर हुआ है, लेकिन वह ठीक हो जाएगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन एक और पायलट के सफल रेस्क्यू के बाद हुआ, जिसे एक दिन पहले बचाया गया था। उस समय इसकी जानकारी इसलिए नहीं दी गई थी, ताकि दूसरे ऑपरेशन पर खतरा न आए। ट्रम्प के मुताबिक, सैन्य इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि दुश्मन के इलाके के अंदर, दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग ऑपरेशन में सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि अमेरिका का ईरान के आसमान पर पूरा दबदबा है, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि F-15 जेट को ईरान ने कैसे मार गिराया। ट्रम्प ने इस ऑपरेशन को पूरे अमेरिका के लिए गर्व का पल बताया और कहा कि देश को इस पर एकजुट होना चाहिए। —————————- ये खबर भी पढ़ें… 23 साल बाद दुश्मन ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट:ट्रम्प का ईरानी आसमान पर कब्जे का दावा गलत; अब तक अमेरिका के 7 विमान तबाह ईरान जंग के एक महीने बाद ट्रम्प ने 2 अप्रैल को अमेरिकी जनता को संबोधित किया। 19 मिनट के भाषण में उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की हवाई सेना को तबाह कर दिया है और

ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट:24 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया, ट्रम्प बोले- यह इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन

ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट:24 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया, ट्रम्प बोले- यह इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन

अमेरिका के एक F-15 फाइटर जेट को ईरान के ऊपर मार गिराए जाने के बाद उसके दोनों क्रू मेंबर्स को अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने बचा लिया है। शनिवार को स्पेशल कमांडो यूनिट ने दर्जनों लड़ाकू विमानों के साथ ईरान में ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी फोर्स को उस इलाके तक पहुंचने से रोकने के लिए हमले भी किए। इस दौरान भारी गोलीबारी हुई, लेकिन अंत में अमेरिकी टीम अधिकारी को सुरक्षित निकालने में सफल रही और सभी सैनिक ईरान से बाहर आ गए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन करार दिया है। पैराशूट से उतरने के बाद घायल हुआ था अफसर अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने 3 अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ईरान ने शुक्रवार को F-15 विमान गिरा दिया था। उसमें दो लोग थे। एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर (जो हथियारों को ऑपरेट करता है)। पायलट को कुछ घंटों के भीतर ही बचा लिया गया था। लेकिन दूसरा क्रू मेंबर, जो वेपन सिस्टम ऑफिसर था, पैराशूट से उतरने के बाद घायल हो गया। चोट लगने के बावजूद वह चलने की हालत में था। इसके बाद वह ईरान के पहाड़ी इलाके में छिप गया और वहां एक दिन से ज्यादा समय तक पकड़ से बचता रहा। उसने अपनी SERE ट्रेनिंग (जिंदा रहना, बचना, विरोध करना और निकलना) का इस्तेमाल करते हुए कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के कठिन पहाड़ी इलाके में खुद को छिपाए रखा। CIA ने अफवाह फैलाकर ईरान को भटकाया अमेरिका और ईरान दोनों उसे ढूंढ रहे थे। ईरान की IRGC (रिवोल्यूशनरी गार्ड) भी उसे पकड़ने के लिए वहां पहुंच गई थी। दूसरे अधिकारी को ढूंढना बहुत मुश्किल था। इसके लिए CIA ने एक चाल चली। उन्होंने ईरान के अंदर गलत जानकारी फैलाई कि अमेरिकी सेना उसे पहले ही ढूंढ चुकी है और उसे निकालने की तैयारी कर रही है। इससे ईरान की खोज की दिशा भटक गई। इसी दौरान CIA ने अपनी खास तकनीक का इस्तेमाल करके उस अधिकारी की सही लोकेशन पता कर ली। यह लोकेशन पेंटागन, अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस को दी गई। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन का आदेश दिया। अफसर के पास सिर्फ 1 पिस्तौल थी शनिवार को स्पेशल कमांडो यूनिट ने भारी हवाई सुरक्षा के साथ ऑपरेशन चलाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी फोर्स को उस इलाके तक पहुंचने से रोकने के लिए हमले भी किए। घायल अफसर के पास सिर्फ एक पिस्तौल थी। जब अमेरिकी फोर्स उस एयरमैन तक पहुंचने लगी, तब गोलीबारी भी हुई। लेकिन अंत में अमेरिकी टीम अधिकारी को सुरक्षित निकालने में सफल रही और सभी सैनिक ईरान से बाहर आ गए। अमेरिका के पूर्व सेना अधिकारी मेजर जनरल (रिटायर्ड) मार्क मैककार्ली ने CNN से कहा कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वह पहाड़ी था और पूरी तरह सुनसान था। इसके साथ ही ईरान की तरफ से उस सैनिक को पकड़ने पर इनाम भी घोषित किया गया था। इन सभी हालात को देखते हुए यह मिशन बेहद खतरनाक था। मैककार्ली ने यह भी बताया कि उस सैनिक की लोकेशन एक इमरजेंसी बीकन (सिग्नल देने वाला उपकरण) के जरिए पता चली होगी। जब फाइटर जेट गिरता है, तो यह बीकन लगातार कमांड सेंटर को लोकेशन भेजता रहता है। पहली बार दुश्मन ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट इस रेस्क्यू मिशन की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जब F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को ईरान की सेना ने मार गिराया। यह इस एक महीने से चल रही जंग में पहला मौका था, जब किसी अमेरिकी फाइटर जेट को दुश्मन की फायरिंग से गिराया गया। F-15E विमान में दो लोग थे, जो इजेक्ट होकर बाहर निकले। पायलट को जल्दी बचा लिया गया, लेकिन वेपन्स सिस्टम ऑफिसर का पता नहीं चल पाया, जिससे तुरंत बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया गया। हालांकि, मिशन के दौरान एक बड़ी रुकावट भी आई। दो ट्रांसपोर्ट विमान, जो कमांडो और एयरमैन को निकालने वाले थे, ईरान के एक दूरदराज बेस पर खराब हो गए। इसके बाद तीन नए विमान भेजे गए। अमेरिकी फोर्स ने उन खराब विमानों को उड़ा दिया, ताकि वे ईरान के हाथ न लगें। ट्रम्प बोले- पहली बार एक साथ दो सफल रेस्क्यू ऑपरेशन हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि इस सैनिक को बचाने के लिए अमेरिकी सेना ने दर्जनों विमान भेजे, जिनमें दुनिया के सबसे खतरनाक हथियार लगे थे। उन्होंने बताया कि सैनिक घायल जरूर हुआ है, लेकिन वह ठीक हो जाएगा। ट्रम्प ने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन एक और पायलट के सफल रेस्क्यू के बाद हुआ, जिसे एक दिन पहले बचाया गया था। उस समय इसकी जानकारी इसलिए नहीं दी गई थी, ताकि दूसरे ऑपरेशन पर खतरा न आए। ट्रम्प के मुताबिक, सैन्य इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि दुश्मन के इलाके के अंदर, दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग ऑपरेशन में सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि अमेरिका का ईरान के आसमान पर पूरा दबदबा है, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि F-15 जेट को ईरान ने कैसे मार गिराया। ट्रम्प ने इस ऑपरेशन को पूरे अमेरिका के लिए गर्व का पल बताया और कहा कि देश को इस पर एकजुट होना चाहिए।

जयारोग्य न्यूरोसर्जरी ओपीडी में छत का प्लास्टर गिरा:ओपीडी शुरू होने से पहले हादसा; ग्वालियर में अस्पताल की 50 साल पुरानी इमारत

जयारोग्य न्यूरोसर्जरी ओपीडी में छत का प्लास्टर गिरा:ओपीडी शुरू होने से पहले हादसा; ग्वालियर में अस्पताल की 50 साल पुरानी इमारत

ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल समूह (जेएएच) की न्यूरोसर्जरी ओपीडी में ओपीडी शुरू होने से ठीक पहले शनिवार को छत का भारी प्लास्टर गिर गया। घटना न्यूरोसर्जरी विभाग के कमरा नंबर 1 में हुई, जहां विभागाध्यक्ष की ओपीडी लगनी थी। उस समय मरीज और डॉक्टर मौजूद थे, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। प्लास्टर जूनियर डॉक्टरों के बैठने की जगह के ठीक पीछे गिरा। घटना के समय वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। 60 से 80 साल पुराने भवन जर्जर जेएएच के न्यूरोसर्जरी-न्यूरोलॉजी और केआरएच भवन 60 से 80 साल पुराने हैं। जर्जर हालत के कारण यहां अक्सर प्लास्टर और छज्जे टूटकर गिरते रहते हैं। 2 अप्रैल 2026 को कमलाराजा अस्पताल में छज्जे का बड़ा हिस्सा गिरा था। प्रभावित क्षेत्र को पहले ही बंद कर दिया गया था, इसलिए कोई घायल नहीं हुआ। चार साल में 11 बार भेजे गए प्रस्ताव अस्पताल प्रबंधन ने भवन मरम्मत और वायरिंग बदलने के लिए पिछले चार साल में 11 बार शासन को प्रस्ताव भेजे हैं। अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। गायनिक और पीडियाट्रिक विभागाध्यक्ष एक साल पहले नए भवन की मांग कर चुके हैं। डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने पुनर्निर्माण प्रक्रिया तेज होने की बात कही है। 5 मार्च 2026 को न्यूरोलॉजी वार्ड, 12 मार्च को न्यूरोसर्जरी वार्ड और 30 मार्च को शौचालय में प्लास्टर गिरा। इन घटनाओं में भी कोई घायल नहीं हुआ। 2024 से अब तक कई संरचनात्मक हादसे 4 जुलाई 2024 को एसएनसीयू की फॉल्स सीलिंग और 27 दिसंबर 2025 को गलियारे की बीम गिरी थी। 25 फरवरी 2026 को लेबर रूम के शौचालय की दीवार धंस गई थी। 2022 के फायर ऑडिट में फायर सेफ्टी सिस्टम में कई खामियां मिली थीं। सुधार के लिए प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन कार्रवाई लंबित है।

EC की कार्रवाई, सुवेंदु अधिकारी की रैली में सुरक्षा में चूक, चुनाव आयोग ने 4 पुलिस अधिकारियों को किया गिरफ्तार

EC की कार्रवाई, सुवेंदु अधिकारी की रैली में सुरक्षा में चूक, चुनाव आयोग ने 4 पुलिस अधिकारियों को किया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल में मोरचा के बीच चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है. निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 2 अप्रैल को भवानीपुर में सुवेन्दु अधिकारी की नामांकन रैली के दौरान कानून-व्यवस्था के तहत जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल किये गये थे. वहीं ईसी की कार्रवाई पर सैद्धांतिक कांग्रेस ने पूर्व-पूर्व विचारधारा का आरोप लगाया है। इन सिपाहियों पर गिरी गाज इलेक्शन कमीशन ने जिन पुलिस कमिश्नरी पर एक्शन लिया है, उनमें सिद्धार्थ सिद्धार्थ (डीसी-II, साउथ डिवीजन, कोलकाता पुलिस), प्रियंकर दलाल (ऑफिसर-इन-चार्ज, अलीपुर), चंडी चरण बिल्डर (एडिशनल ओएमआई, अलीपुर) और सौरभ चटर्जी (सार्जेंट, अलीपुर) शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई है। पूरा मामला क्या है? चुनाव आयोग की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा के नामांकित नेता सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के काफिले के पास 1 अप्रैल को तनाव के संबंध में बड़ी कार्रवाई की है। उनका काफिला दक्षिणी कोलकाता के अलीपुर सर्वे भवन की ओर कूज कर रहा था। सुवेंदु अधिकारी अपना नामांकन भरने वाले थे। इस दौरान सुरक्षा में गड़बड़ी हो गई थी. दो प्रारंभिक चुनाव लड़ रहे सुवेंदु अधिकारी ईसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव डॉ. नारियाला को चार आतंकियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। बंगाल की हॉट सीट से एक भवानीपुर से बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। 2 अप्रैल को उन्हें अपना नामांकन नियुक्त किया गया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. बता दें कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरणों में भवानीपुर और नंदीग्राम में चुनावी मैदान से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं. पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होगी वोटिंग पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी होंगे. वहीं, विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक विचारधारा के वरिष्ठ नेता बंगाल का दौरा कर रहे हैं। अलग-अलग संप्रदाय के नेताओं के बीच जंजी जंग भी देखने को मिल रही है। (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी(टी)ईसी(टी)ईसीआई(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)चुनाव आयोग(टी)चुनाव आयोग एक्शन

गर्मी में शरीर को ठंडा रखने वाली 5 पत्तियां | 5 Cooling Leaves for Summer Health Tips

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Last Updated:April 05, 2026, 10:57 IST 5 Cooling Leaves for Summer Health Tips: अप्रैल की बढ़ती गर्मी और लू से बचने के लिए शरीर को अंदर से ठंडा रखना अनिवार्य है. इसके लिए 5 हरी पत्तियां—पुदीना, बेल के पत्ते, हरा धनिया, लेमन ग्रास और पान के पत्ते—अत्यंत लाभकारी हैं. पुदीना अपनी ठंडी तासीर से पेट की जलन और एसिडिटी को खत्म करता है, जबकि बेल की पत्तियां पाचन तंत्र को मजबूत कर लू से बचाती हैं. हरा धनिया शरीर को हाइड्रेटेड और डिटॉक्स रखने में मदद करता है. लेमन ग्रास चाय के रूप में ताजगी प्रदान करती है और ब्लोटिंग कम करती है. वहीं, पान के पत्ते पेट की समस्याओं और त्वचा के संक्रमण में राहत देते हैं. इन प्राकृतिक पत्तियों का नियमित सेवन गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और बीमारियों से बचने का सबसे आसान और प्रभावी घरेलू उपाय है. गर्मियों की शुरुआत के साथ ही अप्रैल में पारा तेजी से चढ़ने लगा है. ऐसे में शरीर को लू और तपिश से बचाने के लिए खान-पान में बदलाव करना बेहद जरूरी है. इस मौसम में ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जिनकी तासीर ठंडी हो और जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करें. खासकर 5 औषधीय हरी पत्तियां गर्मियों में पेट की जलन और त्वचा की समस्याओं के लिए रामबाण मानी जाती हैं. ये पत्तियां न केवल शरीर को अंदरूनी ठंडक देती हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती हैं. गर्मी के मौसम में पुदीना सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली पत्तियों में से एक है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जो शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करती है. पुदीने की चटनी, छाछ, ड्रिंक्स और सलाद में इसका नियमित सेवन किया जा सकता है. यह पेट की गर्मी, गैस, एसिडिटी और जलन को कम करने में बेहद असरदार है. साथ ही इसे त्वचा पर लगाने से मुंहासे और रैशेज जैसी समस्याओं में भी तुरंत राहत मिलती है. गर्मियों में बेल का शरबत तो लोकप्रिय है ही, लेकिन इसके पत्तों का सेवन भी शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. सुबह खाली पेट 2 से 3 बेल की पत्तियां चबाने से न केवल शरीर को आंतरिक ठंडक मिलती है, बल्कि यह भीषण लू से बचाने में भी सुरक्षा कवच का काम करता है. पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के साथ-साथ बेल की पत्तियों की चाय या रस का सेवन कब्ज और एसिडिटी जैसी पुरानी समस्याओं में भी जादुई राहत प्रदान करता है. Add News18 as Preferred Source on Google हरा धनिया भी गर्मी के मौसम में बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होने के कारण इसकी चटनी, चाय या सब्जियों में इसका इस्तेमाल शरीर को अंदरूनी ठंडक देता है. यह न केवल पाचन में सुधार करता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, बल्कि भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाने में भी कारगर है. साथ ही, यह शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स कर त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में सहायक होता है. लेमन ग्रास की चाय गर्मियों में काफी फायदेमंद होती है. यह शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाती है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की गर्मी, मानसिक तनाव और ब्लोटिंग (पेट फूलना) जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होते हैं. इसे न केवल चाय, बल्कि डिटॉक्स वॉटर, सूप और सलाद में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है. पान हमारी सांस्कृतिक परंपरा का एक अहम हिस्सा होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जो विशेष रूप से भीषण गर्मी में पेट की समस्याओं जैसे गैस, अपच और एसिडिटी से तुरंत राहत प्रदान करती है. गर्मी के दिनों में पान का शेक न केवल स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट रखने और अंदरूनी ठंडक पहुँचाने में भी मदद करता है. इसके अलावा, पान के पत्तों का पेस्ट त्वचा की जलन और सामान्य संक्रमण (इन्फेक्शन) को दूर करने में भी बेहद लाभकारी साबित होता है. First Published : April 05, 2026, 10:57 IST

चुनावी रेवड़ियों से राज्यों का कर्ज बढ़ रहा:लाड़ली बहना के कारण MP का कर्ज रेड लाइन में, महाराष्ट्र में राशन किट योजना बंद

चुनावी रेवड़ियों से राज्यों का कर्ज बढ़ रहा:लाड़ली बहना के कारण MP का कर्ज रेड लाइन में, महाराष्ट्र में राशन किट योजना बंद

चुनाव में फ्री राशन, महिलाओं को नकदी जैसी ‘मुफ्त की रेवड़ियों’ वाली योजनाएं राज्यों के लिए बड़ा बोझ बन रही हैं। हालत यह है कि इनको पूरा करने के लिए राज्य न पर्याप्त संसाधन जुटा पा रहे हैं और न संतुलित बजट बना पा रहे हैं। कुछ राज्यों में तो इन घोषणाओं का बोझ कुल राजस्व प्राप्तियों के 30 से 40% तक पहुंच गया है। हिमाचल जैसे छोटे राज्य में नकदी संकट की विकट स्थिति है। राज्य में सीएम, मंत्री, विधायकों समेत अफसरों के वेतन-पेंशन टालने पड़े। तेलंगाना को चुनावी घोषणाओं के लिए हर साल 1 लाख करोड़ चाहिए, पर बजट की कमी से कई योजनाएं अटकी हैं। मप्र में लाड़ली बहना योजना के चलते GSDP के मुकाबले कर्ज 27% से बढ़कर 32% पहुंच गया। महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना के दबाव के कारण त्योहारों में मिलने वाली रा​शन किट योजना बंद कर दी गई है। एक्सपर्ट कमेंट… कैश ट्रांसफर जैसे चुनावी वादे जारी रहे तो भले देश की इकोनॉमी बेहतर रहे, पर राज्य डिफॉल्ट कर सकते हैं। हिमाचल के जैसे ही दूसरे राज्य भी खर्च में कटौती कर रहे हैं। डॉ. अमरजीत सिंह सेठी, इंडियन एसोसिएशन फॉर रिसर्च इन नेशनल इनकम एंड वेल्थ के एडिटर संकट क्यों: घोषणाएं ज्यादा, कमाई कम

सागर में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि:देर रात हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश; जैसीनगर, बंडा समेत आधे जिले में गेहूं की फसल को नुकसान

सागर में आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि:देर रात हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश; जैसीनगर, बंडा समेत आधे जिले में गेहूं की फसल को नुकसान

सागर में इस समय मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कभी धूप-छांव तो कभी हवा-आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। शनिवार को सुबह से सागर के आसमान में बादलों की आवाजाही रही। शाम को अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हुई। तेज हवा-आंधी के साथ कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई। इसके बाद देर रात शहर समेत ग्रामीण इलाकों में हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। साथ ही कुछ स्थानों पर चना-बेर के आकार के ओले गिरे। बेमौसम बारिश और ओलावृष्ट होने से खेतों में रखी किसानों की गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। शनिवार को सागर का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम पारा 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर मौसम पर देखने को मिल रहा है। बादल, हवा-आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि का दौर बना हुआ है। रविवार को भी आसमान में बादल छाने की संभावना है। इसके अलावा 7 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय होगा। इसके असर से 10 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश हो सकती है। उसके बाद सिस्टम लौट जाएगा। जिसके बाद गर्मी का दौर शुरू होगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी पड़ना शुरू हो सकती है। बारिश और ओले से फसल को नुकसान सागर में शनिवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। क्योंकि जिले में ज्यादातर किसानों की गेहूं की फसल खेतों में खड़ी और कटी रखी है। अचानक हुई बारिश से फसल भीगी है। इस दौरान जैसीनगर, बंडा, रहली, गौरझामर, देवरी समेत अन्य स्थानों पर बारिश और ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान बताया जा रहा है।

एक गलती से बढ़ेगा पित्त-कफ! बैसाख में अपनाएं ये देसी डाइट प्लान, एक्सपर्ट से समझें सब

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कोरबा : 3 अप्रैल से बैसाख महीने की शुरुआत हो चुकी है जो की 1 मई तक चलेगा.बैसाख माह वसंत के अंत एवं ग्रीष्म की शुरुआत का संक्रमणकाल है.इस अवधि में मौसम धीरे‑धीरे गरम व शुष्क होता है, जिससे कफ‑पित्त दोनो दोष असंतुलित हो सकते हैं और संक्रामक रोगों की सम्भावना बढ़ती है.आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा, जो छत्तीसगढ़ के प्रख्यात नाड़ी वैद्य हैं, उन्होंने इस ऋतु में विशेष आहार‑विधान की महत्ता को बताया. वनस्पति तेल से परहेज, बेल‑सत्तू को प्राथमिकताडॉ. शर्मा के अनुसार, बैसाख माह मे भारी, तेलीय व मसालेदार भोजन से बचना चाहिए.वनस्पति तेल शरीर में कफ को बढ़ाता है और पित्त दोष को असंतुलित कर देता है.इस समय तेल‑रहित, हल्का एवं ताजा भोजन ही स्वास्थ्य के लिये लाभदायक है. वहीं, बेल साबूदाना और सत्तू को इस माह के प्रमुख पोषक माना गया है.बेल में आसानी से पचने वाले कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो गर्मी में शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं.सत्तू में प्रोटीन, फाइबर और आयरन की भरपूर मात्रा होती है, जिससे पाचन‑तंत्र मजबूत रहता है और शारीरिक शक्ति बनी रहती है. क्या खाएंजौ, दलिया, चावल, मक्क, मोंठ, मूंग, चना, तुअर दाल,बेल, संतरा, तरबूज, खरबुज, आम, मौसंबी, सेव, लौकी, ककड़ी, कद्दू, हरा धनिया, तरोई, करेला, जिमीकंद, सहजन की फली, पुदीना, चौलाई,जीरा, सूखा धनिया, मीठा नीम, हल्दी, इलायची, पतली दालचीनी.इन पदार्थों में जल संतुलन, एंटी‑ऑक्सीडेंट और पाचन‑सहायक गुण होते हैं, जो गर्मी के तापमान से शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं.गर्म मौसम में पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पानी एवं नारियल पानी सेवन करें, जिससे डिहाइड्रेशन से बचाव होगा.खाने में हल्का व ताज़ा रखना, देर रात का भोजन न करना और बासी भोजन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए. क्या न खाएंवनस्पति तेल, बाजरा, पुराना गेहूँ, उड़द दाल, मसूर, साथ ही मेथी, बैंगन, मूली, फूल‑गोभी, पत्ता‑गोभी, अरबी, पपीते तथा अधिक तीखा‑तेज़ मसालेदार व्यंजन.इनसे कफ‑पित्त की वृद्धि, अपच, उल्टी और डिहाइड्रेशन की शंका बढ़ती है. डॉ. शर्मा ने बताया की बैसाख में आयुर्वेदिक नियमों का पालन कर हम न केवल संक्रमण‑रोगों से बच सकते हैं, बल्कि शरीर को संतुलित रख कर गर्मी के सत्र में ऊर्जा भी बनाए रख सकते हैं.बेल, सत्तू और मौसमी फल‑सब्जियों को अपने थाली में शामिल कर स्वस्थ बेसाख का आनंद उठाएं.

अजमेर में SI भर्ती एग्जाम-फुल बाजू शर्ट को काटा,धागे हटाए:चेकिंग कर एन्ट्री, जूते भी खुलवाए; एक्सीडेन्ट के बावजूद पहुंचे कैंडिडेट्स

अजमेर में SI भर्ती एग्जाम-फुल बाजू शर्ट को काटा,धागे हटाए:चेकिंग कर एन्ट्री, जूते भी खुलवाए; एक्सीडेन्ट के बावजूद पहुंचे कैंडिडेट्स

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से एसआई भर्ती एग्जाम अजमेर में 64 परीक्षा केंद्रों पर हो रहा है। पहले दिन 20 हजार कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड है। एक घंटे पहले 10 बजे तक एन्ट्री दी गई। एन्ट्री से पहले चेकिंग की गई। सुरक्षा के लिए लिए सेंटर पर पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात रहा। इस दौरान फुल बाजू पहनकर आए कैंडिडेट्स की कैंची से बाजू काटे गए। वहीं धागे भी हटाए गए। जूते भी खुलवाए गए। एक्सीडेन्ट में घायल होने के बावजूद कैंडिडेट्स एग्जाम देने के लिए पहुंचे। रविवार और सोमवार को दो दिन परीक्षा ली जाएगी। दोनों दिन में करीब 40 हजार अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। पहली पारी में 11 से दोपहर 1 बजे तक सामान्य हिंदी का पेपर हो रहा है, वहीं दूसरी पारी में अपराह्न 3 से शाम 5 बजे तक जनरलनॉलेज एंड जनरल साइंस का पेपर होगा। कल 11 से दोपहर 1 बजे तक सामान्य हिंदी और अपराह्न 3 से शाम 5 बजे जनरल नॉलेज एंड जनरल साइंस का पेपर है। एसआई भर्ती परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। परीक्षा के दौरान व्यवस्था संभालने के लिए 800 पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया। इनमें पुलिस अधिकारियों से लेकर सादी वर्दी धारी पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इसमें 100 पुलिसकर्मी दूसरे जिलों से भी बुलाए गए हैं। परीक्षा सेंटरों के बाहर और अंदर सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए है। एसआई भर्ती एग्जाम राजस्थान के 1174 सेंटर पर हो रहा…पढें ये खबर …

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को धमकी:कहा- अगला युद्ध बॉर्डर तक नहीं रहेगा, कोलकाता तक पहुंचेंगे; उनके घरों में ही उन पर हमला करेंगे

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की भारत को धमकी:कहा- अगला युद्ध बॉर्डर तक नहीं रहेगा, कोलकाता तक पहुंचेंगे; उनके घरों में ही उन पर हमला करेंगे

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए भारत को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत कोई फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला) करता है, तो इस बार संघर्ष सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत अपने लोगों या हिरासत में बंद पाकिस्तानियों का इस्तेमाल करके झूठा ड्रामा रचने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि शवों को कहीं रखकर आतंकवाद का आरोप पाकिस्तान पर लगाया जा सकता है। लेकिन उन्होंने इस दावे के लिए कोई सबूत नहीं दिया। ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि पिछले साल की तरह इस बार भारत को और ज्यादा शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। भारतीय रक्षा मंत्री बोले थे- पाकिस्तान ने गंदा खेल खेला तो जवाब देंगे ख्वाजा आसिफ के इस बयान पर भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केरलम में एक कार्यक्रम में पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान फिर कोई गलत कदम उठाएगा तो भारतीय सेना निर्णायक जवाब देगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और अगर पाकिस्तान ने दोबारा गंदा खेल खेला तो भारतीय सैनिक ऐसा जवाब देंगे जो वे कभी नहीं भूलेंगे। भारत पर प्रॉक्सी वॉर चलाने का आरोप लगा चुके ख्वाजा आसिफ ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा था कि भारत और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर हमलों को लेकर नई दिल्ली और काबुल की सोच एक जैसी है। आसिफ ने कहा जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान अफगानिस्तान में दोबारा कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान की ओर से शांति की कोई ठोस गारंटी नहीं मिलती है, तो पाकिस्तान वहां नए हमले करने से पीछे नहीं हटेगा। आसिफ ने यह भी कहा कि भारत के साथ युद्ध की संभावना अभी भी खत्म नहीं हुई है। पूर्व पाक उच्चायुक्त मुंबई और दिल्ली पर हमले की बात कह चुके इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला कर दे, तो पाकिस्तान को बिना एक पल सोचे मुंबई और नई दिल्ली पर हमला कर देना चाहिए। बासित ने कहा, “अगर अमेरिका पाकिस्तान पर हमला करता है तो हम अमेरिका तक नहीं पहुंच सकते क्योंकि वह हमारे न्यूक्लियर रेंज में नहीं है। ऐसे में हमारा क्या विकल्प होगा? भारत। बाद में जो होगा देख लेंगे।” उन्होंने यह भी कहाकि यह सबसे खराब स्थिति है, जो संभव नहीं है, लेकिन अगर पाकिस्तान पर कोई खतरा मंडराए तो भारत पर हमला करना पाकिस्तान के पास विकल्प होगा। पहलगाम हमले से बढ़ा तनाव 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में आर्टिलरी, ड्रोन और मिसाइल का इस्तेमाल किया। दोनों देशों के बीच चार दिन तक तनाव रहा, जिसके बाद 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकाने तबाह किए थे भारत ने 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। सेना ने कहा था कि इस स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, भारत ने कोटली, बहावलपुर, मुरीदके, बाग और मुजफ्फराबाद में अटैक किया था। इसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वॉर्टर और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में डीजल 55% और पेट्रोल 43% महंगा: डीजल 184 महंगा होकर 520, पेट्रोल 137 बढ़कर 458 रुपया/लीटर हुआ; ईरान जंग का असर पाकिस्तान में डीजल-पेट्रोल सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। एक लीटर पेट्रोल 458 और डीजल 520 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) के पार पहुंच गया है। सरकार ने पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 55% का इजाफा किया है। पूरी खबर पढ़ें…