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गर्मियों में शरीर को ठंडा रखते हैं ये 8 फ्रूट्स, इनमें कूट-कूटकर भरे पोषक तत्व, स्वाद भी लाजवाब

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Last Updated:April 05, 2026, 14:56 IST Best Summer Fruits: गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड और ठंडा रखना काफी चैलेंजिंग होता है. इसके लिए हेल्थ एक्सपर्ट खूब पानी पीने और पानी से भरपूर चीजें खाने की सलाह देते हैं. अगर आप गर्मी में कूल और हेल्दी रहना चाहते हैं, तो मौसमी फलों का खूब सेवन करें. तरबूज, अंगूर, पपीता और आम समेत कई स्वादिष्ट फल आपकी सेहत के लिए वरदान साबित हो सकते हैं. इन फलों में पानी की मात्रा खूब होती है और पोषक तत्वों का भी भंडार होता है. ये फल न केवल प्यास बुझाते हैं, बल्कि पसीने के माध्यम से शरीर से निकलने वाले आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई भी करते हैं. तरबूज : गर्मियों का नाम आते ही सबसे पहला नाम तरबूज का आता है. इसमें लगभग 92% पानी होता है, जो शरीर को तुरंत हाइड्रेट करने का काम करता है. तरबूज में लाइकोपीन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो त्वचा को सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाने में मदद करता है. इसके सेवन से शरीर में ताजगी बनी रहती है और यह किडनी की सफाई के लिए भी बेहतरीन माना जाता है. खरबूज : हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक स्वाद में मीठा और खुशबूदार खरबूज पानी का एक अच्छा सोर्स होने के साथ-साथ विटामिन A और C से भरपूर होता है. यह न केवल शरीर की गर्मी को कम करता है, बल्कि आंखों की रोशनी और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सहायक है. खरबूजे में मौजूद बीटा-कैरोटीन त्वचा की चमक बरकरार रखता है और इसके बीज भी सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. आम : फलों का राजा आम गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल है. हालांकि इसकी तासीर गर्म मानी जाती है, लेकिन इसे पानी में भिगोकर या आम पन्ना के रूप में लेने से यह शरीर को लू से बचाता है. आम में विटामिन C, विटामिन-A और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और पाचन प्रक्रिया को सुचारू रखने में मदद करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google लीची : लीची अपनी मिठास और रसीलेपन के लिए जानी जाती है. इसमें विटामिन C, पोटैशियम और फाइटोकेमिकल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. लीची का सेवन शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखने के साथ-साथ लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है. यह आपके दिल की सेहत और स्किन के लिए बेहतरीन फल है. अंगूर : अंगूर छोटे होने के साथ-साथ पोषक तत्वों का पावरहाउस हैं. इनमें पानी और फाइबर की अधिकता होती है, जो गर्मियों में कब्ज जैसी समस्याओं को दूर रखती है. अंगूर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स थकान कम करने और शरीर को इंस्टेंट एनर्जी प्रदान करने में प्रभावी होते हैं. विशेष रूप से काले और हरे अंगूर शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करते हैं. आलूबुखारा : आलूबुखारा विटामिन K, विटामिन A और डाइटरी फाइबर का एक अच्छा सोर्स है. यह फल शरीर की गर्मी को नियंत्रित करने और पाचन तंत्र को ठंडा रखने में बहुत लाभकारी है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं और हार्ट हेल्थ को बढ़ावा देते हैं. खट्टा-मीठा स्वाद होने के कारण यह गर्मियों में भूख बढ़ाने का काम भी करता है. पपीता : पपीता सालभर उपलब्ध रहता है, लेकिन गर्मियों में इसका सेवन पेट की ठंडक के लिए विशेष रूप से किया जाता है. इसमें पपेन नामक एंजाइम होता है, जो भारी भोजन को पचाने में मदद करता है. विटामिन A और C से भरपूर होने के कारण यह त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है और शरीर की गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है. अनानास : अनानास गर्मियों के लिए एक ताजगी भरा फल है, जिसमें ब्रोमेलैन नामक एंजाइम होता है. यह एंजाइम शरीर में सूजन को कम करने और पाचन को बेहतर बनाने में सहायक है. अनानास में पानी की अच्छी मात्रा और कैलोरी कम होती है, जो इसे वजन घटाने वालों के लिए एक परफेक्ट स्नैक बनाती है. इसका नियमित सेवन लू लगने की आशंका कम करता है. (All Images – AI) First Published : April 05, 2026, 14:56 IST

इंदौर में कलेक्टोरेट पर किसानों का कल जमावड़ा:भूमि अधिग्रहण में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग, 4 मांगों को लेकर प्रदर्शन

इंदौर में कलेक्टोरेट पर किसानों का कल जमावड़ा:भूमि अधिग्रहण में बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग, 4 मांगों को लेकर प्रदर्शन

इंदौर में 6 अप्रैल को किसान अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों ने अपील जारी करते हुए कहा है कि वर्तमान में कई मुद्दों को लेकर किसान वर्ग परेशान है, जिनका त्वरित निराकरण आवश्यक है। किसानों की मांग है कि गेहूं की पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे प्रकरणों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में उन्हें दंडित किया जा रहा है। इसके अलावा, समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जल्द से जल्द शुरू करने और मंडियों में तौल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की गई है, ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो। किसानों का कहना है कि 28 मार्च को अंतिम तारीख मानते हुए लगभग 60 प्रतिशत किसानों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ाई जाए और लगाए गए दंड व ब्याज को माफ किया जाए। किसानों ने भूमि अधिग्रहण योजनाओं में वास्तविक बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स 15-20 दिन में शूट हुआ:48 डिग्री तापमान में रणवीर सिंह ने लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी

धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स 15-20 दिन में शूट हुआ:48 डिग्री तापमान में रणवीर सिंह ने लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी

फिल्म धुरंधर 2 के क्लाइमेक्स सीन को शूट करने के लिए एक्टर रणवीर सिंह ने 47–48 डिग्री तापमान में लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी। यह जानकारी फिल्म के मेकअप आर्टिस्ट करनदीप सिंह ने हाल ही में दी। फिल्म की मेकिंग को लेकर मेकअप और प्रोस्थेटिक आर्टिस्ट करनदीप सिंह ने NDTV के साथ बातचीत में बताया कि फिल्म के क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग में रिहर्सल समेत 15 से 20 दिन का समय लगा। उन्होंने बताया कि शूटिंग लुधियाना के बाहरी इलाके में हुई, जहां तापमान 47–48 डिग्री तक पहुंच गया था। आसपास कोई छांव या पेड़ नहीं था, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए थे। क्लाइमेक्स सीन एक इंडस्ट्रियल सेटअप में फिल्माया गया था। सेट के चारों ओर मेटल कंटेनर, गाड़ियां और खड़ी मालगाड़ियां थीं, जिनसे लगातार गर्मी निकल रही थी। टीम को इन्हीं के बीच शूटिंग करनी पड़ी। जलते कंटेनरों पर कूदने वाला सीन किया करनदीप के मुताबिक, रणवीर सिंह ने इस दौरान भारी पठानी सूट, लेदर जैकेट और ओवरकोट पहनकर एक्शन सीन किए। एक सीन में उन्हें जलते हुए कंटेनरों पर कूदना था, जो गर्मी की वजह से बेहद तप रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान एक हफ्ते में एक बाल्टी खून (प्रॉप्स) इस्तेमाल किया गया। अत्यधिक गर्मी के बावजूद रणवीर सिंह पूरे समय शांत और धैर्यवान बने रहे। करनदीप ने कहा कि वहां पंखे और एसी मौजूद थे, लेकिन तेज गर्मी के कारण वे प्रभावी नहीं थे। टीम के लिए खाना खाना भी मुश्किल हो गया था। रणवीर को शूटिंग के दौरान विग भी पहननी पड़ी, जो गर्मी में ऊनी टोपी जैसा महसूस हो रहा था।

धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स 15-20 दिन में शूट हुआ:48 डिग्री तापमान में रणवीर सिंह ने लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी

धुरंधर 2 का क्लाइमेक्स 15-20 दिन में शूट हुआ:48 डिग्री तापमान में रणवीर सिंह ने लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी

फिल्म धुरंधर 2 के क्लाइमेक्स सीन को शूट करने के लिए एक्टर रणवीर सिंह ने 47-48 डिग्री तापमान में लेदर जैकेट और विग पहनकर शूटिंग की थी। यह जानकारी फिल्म के मेकअप और प्रोस्थेटिक आर्टिस्ट करनदीप सिंह ने दी। फिल्म की मेकिंग को लेकर करनदीप ने NDTV के साथ बातचीत में बताया कि फिल्म के क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग में रिहर्सल समेत 15 से 20 दिन का समय लगा था। उन्होंने बताया कि शूटिंग लुधियाना के बाहरी इलाके में हुई, जहां तापमान 47-48 डिग्री तक पहुंच गया था। आसपास कोई छांव या पेड़ नहीं था, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए थे। क्लाइमेक्स सीन एक इंडस्ट्रियल सेटअप में फिल्माया गया था। सेट के चारों ओर मेटल कंटेनर, गाड़ियां और खड़ी मालगाड़ियां थीं, जिनसे लगातार गर्मी निकल रही थी। टीम को इन्हीं के बीच शूटिंग करनी पड़ी। जलते कंटेनरों पर कूदने वाला सीन किया करनदीप ने बताया कि रणवीर ने इस दौरान भारी पठानी सूट, लेदर जैकेट और ओवरकोट पहनकर एक्शन सीन किए। एक सीन में उन्हें जलते हुए कंटेनरों पर कूदना था, जो गर्मी की वजह से बेहद तप रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान एक हफ्ते में एक बाल्टी खून (प्रॉप्स) इस्तेमाल किया गया। अत्यधिक गर्मी के बावजूद रणवीर सिंह पूरे समय शांत रहे। करनदीप ने बताया कि सेट पर पंखे और एसी थे, लेकिन भीषण गर्मी के चलते वे ज्यादा असरदार साबित नहीं हो रहे थे। टीम के लिए खाना खाना भी मुश्किल हो गया था। रणवीर को शूटिंग के दौरान विग भी पहननी पड़ी, जो गर्मी में ऊनी टोपी जैसी महसूस हो रही थी।

दमोह में अस्पताल के पास जोरदार धमाका:दहशत में आए लोग, ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूटा

दमोह में अस्पताल के पास जोरदार धमाका:दहशत में आए लोग, ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूटा

दमोह में रविवार दोपहर जिला अस्पताल के पास एक गैस वेल्डिंग की दुकान में ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूटने से जोरदार धमाका हुआ। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना अस्पताल के सामने संचालित ‘बबला गैस वेल्डिंग’ दुकान पर हुई। दोपहर में एक ऑटो की वेल्डिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक ऑक्सीजन सिलेंडर का वाल्व टूट गया। वाल्व टूटते ही तेज धमाके के साथ ऑक्सीजन का तेजी से रिसाव शुरू हो गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दहशत में आ गए और तुरंत दुकान पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दुकान संचालक ने बताया कि वाल्व टूटने के कारण धमाका हुआ और सिलेंडर की पूरी ऑक्सीजन बाहर निकल गई। दुकान के ऊपर टीन शेड लगा हुआ है, और यदि धमाका और तेज होता तो टीन शेड भी उड़ सकते थे। समय रहते ऑक्सीजन का रिसाव होने से एक बड़ा हादसा टल गया।

रायसेन में 5 पुलिस अधिकारियों के तबादले:सिलवानी थाना प्रभारी सहित अन्य को नई जिम्मेदारी

रायसेन में 5 पुलिस अधिकारियों के तबादले:सिलवानी थाना प्रभारी सहित अन्य को नई जिम्मेदारी

रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने प्रशासनिक कारणों से जिले के पांच पुलिस अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। ये तबादले रिक्त पदों की पूर्ति के लिए किए गए हैं और अगले आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेंगे। आदेश शनिवार दिन रात जारी किए गए थे। रक्षित केंद्र रायसेन में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक संजीत परते को सिलवानी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, सिलवानी थाना प्रभारी पूनम सविता को अब अजाक थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, अजाक थाना प्रभारी कार्यवाहक निरीक्षक सुरेश दुबे को रक्षित केंद्र रायसेन भेजा गया है। रक्षित केंद्र में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक नितिन अहिरवार को रायसेन कंट्रोल रूम का प्रभारी नियुक्त किया गया है। कोतवाली थाना में पदस्थ उप निरीक्षक रोहित कुशवाह को भारकच्छ का थाना प्रभारी बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारियों को प्रशासनिक आवश्यकताओं के चलते तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। ये पदस्थापनाएं अस्थायी प्रकृति की हैं।

इवेंट में फटे जूते पहनकर पहुंचे सलमान खान:लोगों ने सादगी की तारीफ की; बाद में पता चला ये लाखों के लग्जरी शूज

इवेंट में फटे जूते पहनकर पहुंचे सलमान खान:लोगों ने सादगी की तारीफ की; बाद में पता चला ये लाखों के लग्जरी शूज

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान हाल ही में अपनी भांजी अलीजेह अग्निहोत्री की डेब्यू फिल्म ‘फर्रे’ की स्क्रीनिंग पर पहुंचे। इस दौरान सलमान ब्लैक शर्ट और जींस में बेहद सिंपल लुक में नजर आए। लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी एक फोटो वायरल हो गई, जिसमें उनके जूते आगे से फटे हुए दिख रहे हैं। इसे देखकर लोग सलमान की सादगी की तारीफ करने लगे। हालांकि अब इन जूतों की असलियत और कीमत सामने आ गई है। वायरल फोटो में दिखा जूतों का बुरा हाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो में सलमान खान अपनी ‘टाइगर-3’ को-स्टार कैटरीना कैफ और एक पत्रकार के साथ बेंच पर बैठे दिख रहे हैं। फोटो को ध्यान से देखने पर नजर आता है कि सलमान के जूतों का लेदर आगे से निकला हुआ है और उनमें बड़ा सा छेद भी है। इसे देखकर फैन्स ने सोशल मीडिया पर उनकी सादगी की तारीफ करना शुरू कर दी। कई लोगों ने लिखा कि इतना बड़ा सुपरस्टार होने के बावजूद सलमान फटे जूते पहनने में शर्म महसूस नहीं करते। फटे नहीं, ये ‘डिस्ट्रेस्ड’ लग्जरी शूज हैं जूतों को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच उस पत्रकार ने सच्चाई बताई जिन्होंने सलमान से मुलाकात की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर साफ किया कि भाईजान ने ‘फटे हुए जूते’ नहीं, बल्कि एक इंटरनेशनल लग्जरी ब्रांड के महंगे जूते पहने थे। दरअसल, ये शूज ‘डिस्ट्रेस्ड’ लुक (distressed look) कैटेगरी के हैं। फैशन की दुनिया में आजकल जानबूझकर कपड़ों और जूतों को फटा हुआ या गंदा दिखाने का ट्रेंड है, जिसकी कीमत लाखों में होती है। कंफर्ट के लिए फटे जूते पहनते हैं सलमान एक इंटरव्यू के दौरान सलमान के साथ काम कर चुकी एक्ट्रेस पलक तिवारी और एक्टर जस्सी गिल ने बताया की सलमान कंफर्ट के लिए फटे हुए जूते पहनते हैं। पलक तिवारी ने बताया कि लोगों को लगता है कि सलमान खान इतने बड़े स्टार हैं और उनके पास बहुत पैसा है, इसलिए उनके जूतों में कभी खराबी नहीं हो सकती। इस पर जस्सी ने कहा कि वह भी यही बताना चाहता था कि सलमान खान अक्सर वही लेदर के जूते पहनते हैं, जो काफी पुराने और फटे हुए होते हैं। वह उन्हीं जूतों में शूटिंग भी कर लेते हैं, क्योंकि उन्हें सबसे ज्यादा आराम उन्हीं में मिलता है। इसलिए वे बार-बार वही जूते पहनना पसंद करते हैं।

गर्मियों में अमृत है गन्ने का रस! ऊर्जा से भरपूर… पाचन को रखता है फिट, जानें इसके कई फायदे

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Last Updated:April 05, 2026, 13:26 IST Benefits of Sugarcane Juice: गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और तुरंत ऊर्जा देने वाले पेय की मांग तेजी से बढ़ जाती है. ऐसे में गन्ने का रस लोगों की पहली पसंद बनकर उभरता है, क्योंकि यह न सिर्फ सस्ता और आसानी से उपलब्ध है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी कई फायदे देता है. आयुर्वेद में भी इसे शरीर को ठंडक देने और ऊर्जा बढ़ाने वाला प्राकृतिक पेय माना गया है. वैद्य मालती देवी के अनुसार अगर गन्ने का रस साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए पिया जाए तो यह शरीर के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है. यह गर्मी में होने वाली कमजोरी, डिहाइड्रेशन और पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है. हालांकि उन्होंने यह भी सलाह दी है कि हमेशा स्वच्छ स्थान से ताजा रस ही पिएं और मधुमेह के मरीज सेवन से पहले डॉक्टर की राय जरूर लें. गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक और ऊर्जा की जरूरत बढ़ जाती है. तेज धूप, लू और पसीने की वजह से शरीर जल्दी थक जाता है, और पानी की कमी भी हो जाती है. ऐसे में गन्ने का रस एक सस्ता प्राकृतिक और सेहतमंद पेय माना जाता है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य मालती देवी बताती है कि अगर सही तरीके से गन्ने का रस पिया जाए तो यह शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित होता है.  मालती देवी बताती है कि सबसे बड़ा फायदा यह है कि गन्ने का रस शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. इसमें प्राकृतिक शुगर (ग्लूकोज) होती है, जो शरीर में जल्दी अवशोषित होकर ऊर्जा प्रदान करती है गर्मी में जब कमजोरी या चक्कर जैसा महसूस होता है, तब एक गिलास गन्ने का रस तुरंत राहत देता है. मालती देवी बताती है कि गन्ने का रस गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक पेय है. यह शरीर के तापमान को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है और तेज गर्मी के असर को कम करता है. जब लू चलती है, तब गन्ने का रस शरीर को अंदर से ठंडक देता है और हीट स्ट्रोक से बचाने में सहायक होता है. इसमें भरपूर मात्रा में पानी और प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ हाइड्रेट भी रखती है. यही वजह है कि गर्मियों में गांवों से लेकर शहरों तक लोग गन्ने का रस बड़े शौक से पीते हैं और इसे अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बना लेते है. Add News18 as Preferred Source on Google वैद्य मालती देवी बताती हैं कि गन्ने का रस डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से बचाने में बेहद कारगर होता है. इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. साथ ही गन्ने के रस में पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते है. ये मिनरल्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं, जिससे कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं कम होती हैं. गर्मियों में नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर तरोताजा बना रहता है और पानी की कमी नहीं होने पाती. पेट के लिए फायदेमंद: वैद्य मालती देवी बताती है कि गन्ने का रस पाचन तंत्र के लिए भी काफी लाभकारी होता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं. इसके अलावा अगर किसी को पेट में जलन या एसिडिटी की परेशानी रहती है, तो गन्ने का रस उसे शांत करने में सहायक होता है. यह पेट को ठंडक पहुंचाता है और अंदरूनी गर्मी को कम करता है, जिससे व्यक्ति को आराम महसूस होता है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से पाचन से जुड़ी दिक्कतों में सुधार देखा जा सकता है. लिवर के लिए फायदेमंद: गन्ने का रस लिवर की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर से विषैले तत्व (टॉक्सिन्स) बाहर निकालने में मदद करता है. जिससे लिवर की कार्यक्षमता बेहतर होती है. पीलिया (जॉन्डिस) के मरीजों के लिए भी गन्ने का रस लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह लिवर को मजबूती देता है और शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है. हालांकि, डॉक्टर भी इसे सीमित मात्रा में ही पीने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को फायदा मिले और कोई नुकसान न हो. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक: मालती देवी बताती है कि गन्ने का रस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने में भी मदद करता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते है और बीमारियों से लड़ने की ताकत देते है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में गन्ने का रस पीने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और संक्रमण का खतरा भी कम हो सकता है. यही वजह है कि गर्मियों में इसे सेहत के लिए एक फायदेमंद प्राकृतिक पेय माना जाता है. त्वचा के लिए फायदेमंद: गन्ने का रस त्वचा की सेहत के लिए भी काफी लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को अंदर से नमी प्रदान करते हैं, जिससे त्वचा मुलायम और हाइड्रेटेड बनी रहती है. इसके नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और चेहरा ताजा दिखता है. खासकर गर्मियों में होने वाली समस्याएं जैसे रूखापन, जलन और बेजान त्वचा को कम करने में गन्ने का रस मददगार साबित होता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है. First Published : April 05, 2026, 13:26 IST

चार साल बाद अमेरिकी रैपर की वापसी:घूमती पृथ्वी के स्टेज पर हुआ कान्ये का कॉन्सर्ट, अगले महीने दिल्ली में करेंगे परफॉर्म

चार साल बाद अमेरिकी रैपर की वापसी:घूमती पृथ्वी के स्टेज पर हुआ कान्ये का कॉन्सर्ट, अगले महीने दिल्ली में करेंगे परफॉर्म

अमेरिकी रैपर और हिप-हॉप के दिग्गज कलाकार कान्ये वेस्ट ने हाल ही में लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में घूमती हुई पृथ्वी के स्टेज पर परफॉर्म किया। इसे कॉन्सर्ट के इतिहास का सबसे शानदार सेट डिजाइन माना जा रहा है। डार्क लाइट, फॉग और स्पॉट लाइट्स के इस्तेमाल से स्टेज ऐसा दिख रहा था मानो वे अंतरिक्ष में घूमती पृथ्वी पर खड़े हों। एल्युमिनियम फ्रेम से बने स्टेज को केबल और मोटराइज्ड रिगिंग सिस्टम से लटकाया गया था। कान्सर्ट में 70 हजार दर्शक मौजूद थे। टिकट 13 हजार से 65 हजार रुपए तक थे। 23 मई को आ रहे भारत कान्ये ने चार साल बाद स्टेज पर वापसी की है। ‘ये’ नाम से मशहूर कान्ये की पहली पत्नी किम कार्दशियन थीं। कान्ये 23 मई को भारत भी आ रहे हैं और नई दिल्ली में कॉन्सर्ट करेंगे। पहले यह शो 29 मार्च को होना था, लेकिन बाद में इसे 23 मई, 2026 के लिए रिशेड्यूल किया गया। रैपर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस बदलाव की जानकारी देते हुए फैंस के साथ अपडेट शेयर किया था। ईरान और इजराइल के बीच तनाव भारत में इस कॉन्सर्ट के टलने के पीछे ग्लोबल लेवल पर चल रहा युद्ध मुख्य कारण है। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमला किया था, जिसमें वहां के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है, जिसका असर इंटरनेशनल इवेंट्स और कॉन्सर्ट्स पर भी दिख रहा है।

आंतरायिक उपवास: आंतरायिक उपवास क्या है? वेट लॉस के चक्कर में हो सकता है नुकसान, ये नहीं करना चाहिए

आंतरायिक उपवास: आंतरायिक उपवास क्या है? वेट लॉस के चक्कर में हो सकता है नुकसान, ये नहीं करना चाहिए

आंतरायिक उपवास: आज के समय में वजन कम करने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग तेजी से बढ़ रही है। लोग फिट और टिकाऊ बने रहने के लिए इस सामग्री को अपना रहे हैं, जिसमें लंबे समय तक उपवास के बाद एक निश्चित समय में खाना खाया जाता है। हालाँकि, इसके फायदों पर चर्चा की गई है, पतंग ही जरूरी है कि यह किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं है। बिना सही जानकारी के इसे अपनाना स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि इंटरमीटेंट फास्टिंग को कैसे अपनाना चाहिए और किसे नहीं। रुक-रुक कर फास्टिंग का नुकसान रुक-रुक कर फास्टिंग शुरू होने से शरीर में तरह-तरह के गाने देखने को मिलते हैं। ये बदलाव कुछ लोगों के लिए विनाशकारी साबित होते हैं, तो कुछ लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहना और फिर अचानक भारी भोजन करना से पाचन संबंधी विकार जैसे कब्ज, दस्त और पेट फूलना हो सकता है। इसके अलावा शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है। इससे थकान, चक्कर आना, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। कई मामलों में यह ईटिंग डिसऑर्डर को भी बढ़ावा दे सकता है, खासकर उन लोगों में जो पहले इस समस्या से ग्रस्त हैं। महिलाओं में इसका असर हार्मोन पर भी पड़ सकता है, जिससे रेस्तरां बाजार में उतर सकते हैं। वहीं, खाली पेट रहने से नींद पर भी असर पड़ता है और नींद की कमी से थकान की समस्या बढ़ सकती है। फास्टिंग के दौरान इन बातों पर रखें ध्यान अगर आप इंटरमीटेंट फास्टिंग अपनाना चाहते हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना काफी जरूरी है। सबसे पहले शरीर को सीलबंद रखना जरूरी है, इसलिए सुपरमार्केट पर्याप्त मात्रा में पानी रखें। ईटिंग लिपि के अंतर्गत दस्तावेज़ और पोषण से भरा हुआ खाना ही सामग्री। जंक फूड्स से डिस्ट्रिब्यूट और प्रोटीन, फूड्स और पैकेट्स को शामिल करें। व्रत की शुरुआत धीरे-धीरे करें। शुरुआत में 12 घंटे की तेज़ गति और फिर धीरे-धीरे-धीरे-धीरे समय की भूमिकाएँ। साथ ही, अपने शरीर के भोज्य पदार्थों को अंतिम रूप न दें। अगर कमजोरी या चक्कर महसूस हो तो तुरंत करें उपाय। इंटरमिटेंट फास्टिंग किसे नहीं करनी चाहिए कुछ लोगों के लिए आंतरायिक फास्टिंग क्षति साबित हो सकती है। गर्भवती या स्तन स्तन वाली महिलाओं को परहेज से बचना चाहिए। सर्दी, दिल की बीमारी या लो ब्लड डिसऑर्डर को भी बिना डॉक्टर की सलाह के अपनाना नहीं चाहिए। इसके अलावा, जिन लोगों का वजन पहले से कम है या जो बच्चे और जवान हैं, उनके लिए भी यह तरीका सही नहीं माना जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)आंतरायिक उपवास के दुष्प्रभाव(टी)किसे रुक-रुक कर उपवास करने से बचना चाहिए(टी)वजन घटाने के जोखिम(टी)आंतरायिक उपवास के नुकसान(टी)उपवास स्वास्थ्य जोखिम(टी)वजन घटाने के लिए आहार युक्तियाँ(टी)आंतरायिक उपवास के नुकसान(टी)स्वास्थ्य और फिटनेस युक्तियाँ(टी)सुरक्षित वजन घटाने के तरीके(टी)उपवास और चयापचय