Sunday, 11 Oct 2026 | 05:04 AM

Trending :

EXCLUSIVE

दिल्ली में खुला सस्ता कैंसर इलाज वाला अस्पताल, 20 लाख का इलाज अब 2-3 लाख में…गरीबों और किसानों के लिए राहत

ask search icon

होमफोटोDelhi दिल्ली में खुला सस्ता कैंसर इलाज वाला अस्पताल, 20 लाख का इलाज अब 2-3 लाख में Last Updated:April 04, 2026, 20:12 IST Delhi Divine Multispeciality Hospital: भारत में कैंसर का इलाज बेहद महंगा है. प्राइवेट अस्पताल में कैंसर का इलाज 20 लाख रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक होता है, जितना गंभीर कैंसर, उतनी महंगी कीमत और सरकारी अस्पतालों में कैंसर का इलाज सस्ता तो है लेकिन वहां मरीजों की इतनी लंबी लाइन है कि नंबर आने तक कैंसर मरीज की मृत्यु हो जाती है. इन सबको देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसा अनोखा हॉस्पिटल खोला गया है. जो कि वजीराबाद बुराड़ी में है. इस अस्पताल का नाम डिवाइन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल है, जिसके मालिक डॉ. राजेंद्र कुमार हैं. जो कि वर्तमान में शालीमार बाग दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में रेडिएशन ऑकोलॉजी डिपार्मेंट के निदेशक हैं और मुख्य रूप से बड़ौत के रहने वाले हैं. डॉ. राजेंद्र कुमार का पूरा परिवार पिता समेत इंडियन आर्मी में रहा है. पिता 16 जाट रेजीमेंट में थे और 1963-78 तक उन्होंने आर्मी में अपनी सेवाएं दी और पाकिस्तान-चीन के युद्ध में भी वह शामिल रहे. यही वजह है कि डॉक्टर राजेंद्र कुमार के अंदर देश प्रेम है. इसीलिए उन्होंने सस्ता कैंसर इलाज शुरू किया है ताकि हर मरीज की जान बचाई जा सके. डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि उनका जन्म बरेली में हुआ था. उसके बाद बड़ौत आ गए. बड़ौत में उन्होंने कक्षा एक से लेकर कक्षा 8 तक की पढ़ाई की. इसके बाद दिल्ली आ गए और दिल्ली में कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई की. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी केजीएमयू लखनऊ से उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की. कैंसर की ट्रेनिंग उन्होंने दिल्ली के रोहिणी स्थित राजीव गांधी कैंसर इंस्टिट्यूट से की. Add News18 as Preferred Source on Google जहां साल 2010 से वह मैक्स शालीमार बाग दिल्ली में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. साथ में उन्होंने वजीराबाद बुराड़ी में अपना खुद का एक अस्पताल खोला है. जहां पर गरीब मरीज और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के साथ-साथ किसानों को सस्ते में कैंसर इलाज दिया जा रहा है. दवाएं भी सस्ते में दी जा रही हैं, क्योंकि कई फार्मा कंपनी हैं. जो इस अस्पताल में अपनी सस्ती दवाएं देकर योगदान कर रही हैं. उन्होंने बताया कि जो कैंसर का इलाज बाहर किसी भी प्राइवेट अस्पताल में 15 से 20 लाख रुपए में होगा. वही यहां पर 2-3 लाख रुपए में आराम से हो जाएगा. हर कैंसर की कीमत अलग-अलग होती है, लेकिन उनके यहां हर तरह के कैंसर का इलाज सस्ते में ही होता है. एडवांस ट्रीटमेंट के लिए वह मैक्स शालीमार बाग का सहारा लेते हैं. डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों किसानों में सबसे ज्यादा पाए जाने वाला कैंसर पेट फेफड़े और मुंह का है. क्योंकि पेस्टिसाइड का इस्तेमाल किसान करते हैं, जिस वजह से उनको इस तरह के कैंसर से जूझना पड़ता है. उनके अस्पताल में किसानों की संख्या भी बहुत ज्यादा है, जिनको सस्ता इलाज दिया जा रहा है. इसके अलावा महिलाओं की बात करें तो महिलाओं में ब्रेस्ट और गायनीका कैंसर बहुत ही सामान्य हो गया है. जो बहुत बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि उनके बुराड़ी स्थित डिवाइन हॉस्पिटल में 70 से 80% गरीब मरीज ही आते हैं. क्योंकि उनको पता है कि वहां पर उनका इलाज सस्ता होगा. उन्होंने बताया कि वह अपने गांव में भी ओपीडी करते हैं. बड़ौत में हर रविवार को वह ओपीडी करते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : April 04, 2026, 20:12 IST

Weight Loss Tips: वेट लॉस के लिए 8 बेस्ट सलाद, फैट को जलाकर शरीर में भरते हैं न्यूट्रिएंट्स

perfGogleBtn

Last Updated:April 04, 2026, 20:10 IST Weight Loss Salads: मोटापा लाइफस्टाइल की आदतों से ट्रिगर होने वाला एक सीरियस हेल्थ इश्यू है. ये समस्या अपने साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज जैसे कई जानलेवा बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है. ऐसे में इसे कंट्रोल करने के लिए डाइट में सुधार जरूरी होता है. यहां हम आपको 8 तरह के सलाद के बारे में बता रहे हैं, जो आपकी वेट लॉस जर्नी को आसान बना सकते हैं. वेट लॉस आसान नहीं होता है. लेकिन वजन कम करने के लिए खाना छोड़ना कोई विकल्प नहीं है, बल्कि इसके लिए अच्छे खाने का चुनाव करना ज्यादा जरूरी है. अच्छा खाना वजन को कंट्रोल करने के साथ-साथ शरीर को पूरा पोषण भी देता है. सलाद पोषक तत्वों से भरा ऐसा ही एक हेल्दी रेसिपी है. वेट लॉस के लिए लो कैलोरी और प्रोटीन, फाइबर से भरपूर सलाद बहुत कारगर साबित होते हैं. ककड़ी-टमाटर सलाद- कटी हुई ककड़ी, टमाटर और प्याज लें. इसमें नींबू रस, काला नमक और थोड़ा चाट मसाला डालें. सलाद की ये रेसिपी हल्का और पेट भरने वाला होता है. इसे आप लंच के साथ या शाम के समय खा सकते हैं. स्प्राउट्स सलाद- अंकुरित मूंग या चना लें. इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और नींबू मिलाएं. इस तरह से तैयार सलाद प्रोटीन से भरपूर, वजन घटाने में मददगार होता है. Add News18 as Preferred Source on Google पत्ता गोभी गाजर सलाद- कद्दूकस की हुई पत्ता गोभी और गाजर लें. इसमें नमक, नींबू और थोड़ा भुना जीरा डालें. इस तरह से बनाया गया सलाद फाइबर से भरपूर होता है, जो डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद होता है. चना सलाद- उबले हुए काले चने में प्याज, टमाटर, खीरा मिलाएं. ऊपर से नींबू और मसाले डालें. इस सलाद को खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. ये सलाद उन लोगों के लिए बहुत ही फायदेमंद है जो बार-बार अपने खाने की आदत से परेशान रहते हैं. फ्रूट सलाद- सेब, पपीता, अमरूद जैसे फल काटकर मिलाएं. ऊपर से चाट मसाला डाल सकते हैं. इसे खाने से मीठा खाने की क्रेविंग भी कम होती है. इस सलाद को आप लंच से पहले नाश्ता के साथ भी खा सकते हैं. कॉर्न और खीरा सलाद- उबला हुआ कॉर्न, खीरा और टमाटर मिलाएं. नींबू और काली मिर्च डालें. ये वेट लॉस के लिए हल्का और स्वादिष्ट ऑप्शन है. पालक और पनीर सलाद- ताजा पालक के पत्ते, हल्का भुना पनीर और टमाटर मिलाएं. नींबू और काली मिर्च डालें. इस तरह से तैयार किया गया सलाद हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर होता है. हालांकि इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि सिर्फ सलाद खाकर वेट लॉस नहीं किया जा सकता है. रेगुलर फीजिकल एक्सरसाइज भी जरूरी है. छोले सलाद- इसे बनाने के लिए छोले को उबाल लें, इसमें चेरी टमाटर, खीरा, हरी मिर्च, नमक, चिपौतले, मोजर्रिला चीज, ऑरिगेनो, और केल लिव्स को मिला लें. इस तरह से तैयार किया सलाद प्रोटीन रिच होता है, ये जिम करने वाले लोगों के लिए बहुत हेल्दी होता है. First Published : April 04, 2026, 19:27 IST

रबड़ी रेसिपी: दूध से घर पर बनी मीठी-मीठी रबड़ी, 30 मिनट में हलवाई जैसी गाढ़ी और लच्छेदार बनेगी; जानिए सीक्रेट रेसिपी स्टेप-बाय-स्टेप

रबड़ी रेसिपी: दूध से घर पर बनी मीठी-मीठी रबड़ी, 30 मिनट में हलवाई जैसी गाढ़ी और लच्छेदार बनेगी; जानिए सीक्रेट रेसिपी स्टेप-बाय-स्टेप

रबड़ी रेसिपी: भारतीय मिठाइयों में रबड़ी ने अपनी खास जगह हासिल की है। दूध से इसे धीरे-धीरे-धीरे-धीरे पकाकर बनाया जाता है, यह पारंपरिक मिठाई अपनी मलाईदार ताकत और लच्छेदार स्वाद के लिए जानी जाती है। रॉयल स्लाइस, जलेबी, आइसक्रीम या फिर अकेले भी रबड़ी खाई जाती है। ये हर मशीन पर फिट बैठती है। उत्तर भारत के प्रकाशन और त्योहारों में रम्मी खूब देखने को मिलती है। बनारस की डायरी से लेकर दिल्ली के फ्लैट तक इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। लेकिन आज कल बाजार की रबड़ी में अक्सर उत्पाद देखने को मिल रही है। ऐसे में आपकी सेहत के लिए अच्छा यही है कि आप इसे घर पर ही बना लें। घर पर बनी रबरी न सिर्फ शुद्ध होगी, बल्कि इसका स्वाद भी कहीं ज्यादा बेहतर होगा। रबड़ी बनाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए? सबसे पहले एक भारी-भरकम मजबूत वाली स्ट्राबेरी में 1.5 लीटर दूध डाला गया और कीमत लें पर तेज दाम दिया गया। वॉल्यूम आने के बाद नामांकित कर दें। जब दूध के ऊपर मलाई की परत बन जाए, तो लकड़ी की कढ़ी या मसाले से उसे केकड़े पर चिपकाते रहें। समुद्रतट-समुद्र तट पर दूध को हिलाते रहें ताकि जले नहीं, बल्कि ऊपर की ओर मलाई को ज्यादा डिस्टर्ब भी ना करें, उसे किनारे में चिपकाते रहें। दूध को तब तक क्षमता जब तक वह अपनी मूल मात्रा का लगभग एक घटक (लगभग 500 मिली) रह जाये। अब इसमें चीनी, केसर वाला दूध और इलायची पाउडर शामिल है। चीनी बढ़िया से बढ़िया। अब स्टैण्डर्ड पर चिपकने वाली सारी मलाई को खरचकर गाधे दूध में डाल दीजिए। यही स्टेप रबरी को असली लच्छेदार मजबूत बनाता है। आखिरी बार नॉटआउट केट मेवे स्टोइक दो मिनट और अंतिम। गैस बंद कर दें। फ्लाइट तो आप इसमें गुलाब जल भी डाल सकते हैं। रबरी को गर्म-गर्म घरों में या फ़र्ज़ी में ठंडा करके देखें। यह रॉयल स्लाइस और जलेबी के साथ कमाल का कॉम्बिनेशन बनता है। हमेशा फुल क्रीम दूध ही इस्तेमाल करें, इससे रबड़ी ज्यादा मलाईदार रहेगी। पूरी तरह से प्रक्रियागत दाखिले पर ही करें, स्पंज से स्वीकृत। मलाई को बार-बार साथी पर चिपकाते रहना रबड़ी का सबसे बड़ा राज है। यह पारंपरिक विधि हलवाई स्टाइल्स रबरी बनाने में मदद करती है। घरेलू रेसिपी में आसानी से तैयार होने वाली यह रेसिपी त्योहारों और परेशानियों के लिए प्रभावित करती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)रबड़ी रेसिपी(टी)घर की बनी मिठाई(टी)भारतीय मिठाई(टी)गाढ़ी रबड़ी(टी)लछेदार रबड़ी(टी)पारंपरिक भारतीय मिठाई(टी)दूध मिठाई(टी)रबडी रेसिपी(टी)उत्सव मिठाई(टी)स्वस्थ मिठाई

गर्मियों में हर दिन खरबूजा खाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? जानकर होंगे हैरान

ask search icon

Last Updated:April 04, 2026, 19:27 IST Summer superfruit muskmelon benefits: खरबूजा गर्मियों का फल है, जो पानी से भरपूर होता है. काफी लोग इसे इसलिए नहीं खाते हैं, क्योंकि इसकी स्मेल थोड़ी अजीब सी होती है. लेकिन, आपको ये फल काटकर खाना पसंद नहीं है तो आप इसका जूस भी बनाकर पी सकते हैं. यह गर्मियों में शरीर को कई लाभ पहुंचाता है. डिहाइड्रेशन से बचे रहने के लिए आप पानी तो पीते हैं, लेकिन पानी से भरपूर इस फल का भी सेवन रेगुलर करें और पाएं इसके ये ढेरों फायदे. खरबूजा गर्मियों का सुपरफ्रूट है, क्योंकि ये शरीर को ठंडक पहुंचाता है. पानी होने के कारण शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखता है. आयुर्वेद में इसे गर्मियों के लिए वरदान बताया गया है, क्योंकि ये फल प्यास तो बुझाता ही है, साथ ही शरीर डिहाइड्रेशन से भी बचाए रखता है. खरबूजे में कौन से पोषक तत्व होते हैं- तरबूज की ही तरह, खरबूजे में भी पानी की मात्रा सबसे अधिक होती है. इस फल में 90-95 प्रतिशत तक पानी होता है. इसके साथ ही, ये फल फाइबर, विटामिन ए, सी, फाइबर, पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं. ये लो कैलोरी और लो फैट वाला फल है. खरबूजे में लगभग 90-95 फीसदी पानी होता है, जो गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाता है. अधिक मात्रा में फाइबर होने के कारण ये पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. पेट साफ होता है. कब्ज की समस्या दूर होती है. पेट साफ रहता है तो संपूर्ण शरीर स्वस्थ रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google खरबूजे एक सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है. यदि आपको डायबिटीज है तो इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें. इसमें विटामिन ए होने के कारण आंखों को भी हेल्दी रखता है. विटामिन सी होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करता है, जिससे आप इंफेक्शन, छोटी-मोटी बीमारियों से बचे रहते हैं. आयुर्वेद में खरबूजे को ठंडा और पित्त शामक माना गया है. शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है. पेट को ठंडक पहुंचाता है. इस फल में बीटा-कैरोटीन, कुछ अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स होने के कारण ये फ्री रैडिकल्स से लड़कर शरीर को गंभीर रोगों से बचाए रखते हैं. खरबूजा में मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करने के साथ ही वजन भी कंट्रोल करता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि फाइबर युक्त चीजों को खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है. आप कुछ भी उल्टा-सीधा खाने से बचे रहते हैं, जिससे वजन को कम करना आसान हो जाता है. खरबूजा में विटामिन ए और सी पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं. गर्मी में धूप और पसीने से त्वचा काफी प्रभावित होती है. स्किन टैन हो जाता है. खरबूजा इन परेशानियों को दूर करने में काफी हद तक कारगर साबित हो सकता है. First Published : April 04, 2026, 19:27 IST

विदिशा में शराब दुकान गली में शिफ्ट:मुख्य मार्ग से हटने पर रहवासियों ने जताया आभार, वापसी पर आंदोलन की चेतावनी

विदिशा में शराब दुकान गली में शिफ्ट:मुख्य मार्ग से हटने पर रहवासियों ने जताया आभार, वापसी पर आंदोलन की चेतावनी

विदिशा के पीतल मिल चौराहे पर पिछले तीन वर्षों से संचालित हो रही शराब दुकान को इस बार नए ठेके के साथ मुख्य मार्ग से हटाकर गली के अंदर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र के रहवासियों और दुकानदारों ने राहत महसूस की है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और इस बदलाव के लिए आभार व्यक्त किया। रहवासियों के अनुसार, मुख्य सड़क पर शराब दुकान होने से अक्सर अव्यवस्था और जाम की स्थिति बनती थी। इस मार्ग से बच्चों और महिलाओं का लगातार आवागमन रहता है, और पास में एक मंदिर भी है, जिससे धार्मिक गतिविधियां होती रहती हैं। ऐसे में दुकान के कारण कई बार असहज माहौल बन जाता था। स्थानीय निवासी प्रेम सिंह दांगी ने बताया कि मुख्य मार्ग पर दुकान होने से सामाजिक और यातायात संबंधी समस्याएं बढ़ रही थीं। अब दुकान को गली में शिफ्ट किए जाने से इन समस्याओं में काफी कमी आई है। हालांकि, क्षेत्र के लोगों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि शराब ठेकेदार दुकान को फिर से पुराने स्थान पर शुरू कराने का प्रयास कर सकता है। इस पर उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी कि यदि दुकान को दोबारा मुख्य मार्ग पर खोला गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान को वर्तमान स्थान पर ही रखा जाए और उसे पुराने स्थान पर दोबारा संचालित करने की अनुमति न दी जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रहे।

प्रेग्नेंसी में खांसी से परेशान? बिना दवा के ये आसान घरेलू उपाय देंगे तुरंत राहत, मां और बेबी दोनों रहेंगे सेफ

authorimg

Last Updated:April 04, 2026, 19:18 IST प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं, जिससे इम्युनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है और खांसी जैसी समस्याएं आसानी से हो सकती हैं. हालांकि यह एक आम परेशानी है, लेकिन इस समय इसका सही और सुरक्षित इलाज करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि किसी भी दवा या लापरवाही का असर मां के साथ-साथ बच्चे पर भी पड़ सकता है. इसलिए खांसी होने पर घबराने की बजाय सही घरेलू उपाय और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है. प्रेग्नेंसी में कैसे रखें खुद का ध्यान. प्रेग्नेंसी के दौरान खांसी होना एक आम समस्या है, लेकिन इस समय किसी भी दवा का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना जरूरी होता है. क्योंकि मां जो भी लेती है, उसका असर सीधे बच्चे पर पड़ सकता है. आमतौर पर सर्दी, एलर्जी, मौसम में बदलाव या इम्युनिटी कमजोर होने की वजह से खांसी हो सकती है. ऐसे में सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि खांसी हल्की है या लगातार बनी हुई है, ताकि सही तरीके से इसका इलाज किया जा सके. सबसे पहले घरेलू और सुरक्षित उपाय अपनाना बेहतर माना जाता है. गुनगुना पानी पीना खांसी में काफी राहत देता है, क्योंकि यह गले को हाइड्रेट रखता है और जलन कम करता है. शहद और अदरक का सेवन भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इनमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गले की खराश को शांत करते हैं. आप चाहें तो गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पी सकती हैं या अदरक का हल्का काढ़ा भी ले सकती हैं, लेकिन बहुत ज्यादा मात्रा से बचें. भाप लेना (स्टीम इनहेलेशन) भी एक सुरक्षित और असरदार तरीका है. इससे गले और नाक की सूजन कम होती है और कफ ढीला होकर बाहर निकलने में मदद मिलती है. इसके अलावा नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करने से गले की इंफेक्शन और सूजन में राहत मिलती है. ये सभी उपाय बिना किसी साइड इफेक्ट के खांसी को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. प्रेग्नेंसी में खानपान का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. ठंडी चीजें, ज्यादा मसालेदार या तली-भुनी चीजों से दूरी बनाना बेहतर होता है, क्योंकि ये गले को और ज्यादा खराब कर सकती हैं. इसके बजाय गर्म सूप, हर्बल चाय और विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा या आंवला लेना इम्युनिटी को मजबूत करता है और शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है. हालांकि, हर खांसी को हल्के में लेना सही नहीं है. अगर खांसी एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे, बुखार के साथ हो, सांस लेने में दिक्कत हो या बलगम में खून दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है. सही समय पर सही इलाज से मां और बच्चे दोनों की सेहत सुरक्षित रखी जा सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 19:18 IST

पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के आरोपों की व्याख्या: स्कूल नौकरी घोटाले से लेकर ‘चार्जशीट’ की राजनीति तक | चुनाव समाचार

Gujarat Titans vs Rajasthan Royals Live Score: IPL 2026 Match Today Updates From Narendra Modi Stadium Ahmedabad. (Picture Credit: AP)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 19:08 IST 2026 के चुनावों से पहले टीएमसी और बीजेपी के व्यापार आरोपों के कारण पश्चिम बंगाल की राजनीति में भ्रष्टाचार के घोटाले हावी हैं, प्रमुख टीएमसी नेता जमानत पर हैं और बीजेपी आक्रामक अभियान हमले कर रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी कोलकाता में नादिया के पार्टी नेताओं के साथ बैठक के दौरान पार्टी नेता पार्थ चटर्जी (आर) के साथ। (छवि: पीटीआई फ़ाइल) पश्चिम बंगाल की राजनीतिक लड़ाई में भ्रष्टाचार के आरोप एक मुख्य मुद्दा बन गए हैं, क्योंकि राज्य 2026 के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है, इसलिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों मामलों, अदालती घटनाक्रमों और जवाबी आरोपों को हथियार बना रही हैं। विवाद के केंद्र में शिक्षा, खाद्य वितरण और कथित अवैध व्यापार नेटवर्क जैसे क्षेत्रों से जुड़े वरिष्ठ टीएमसी नेताओं से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों की एक श्रृंखला है। राजनीतिक रूप से सबसे अधिक नुकसानदायक स्कूल भर्ती घोटाला रहा है, जहां अदालत के हस्तक्षेप के बाद 25,000 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण नौकरियां रद्द कर दी गईं। पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी, जो कभी टीएमसी में एक प्रमुख संगठनात्मक व्यक्ति थे, को 2022 में उनके सहयोगी से जुड़ी संपत्तियों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। मामले का दायरा बढ़कर माणिक भट्टाचार्य, जिबनकृष्ण साहा और कुंतल घोष जैसे पार्टी के अन्य नेताओं को भी इसमें शामिल कर लिया गया। इसके समानांतर, राशन वितरण घोटाले में वरिष्ठ नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक की गिरफ्तारी हुई, जबकि मवेशी तस्करी मामले में कद्दावर नेता अणुब्रत मंडल को केंद्रीय एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। कल्याण वितरण और कथित अवैध व्यापार से जुड़े ये मामले विपक्ष के प्रणालीगत भ्रष्टाचार के व्यापक आख्यान में शामिल हो गए। राजनीतिक प्रभाव स्पष्ट रहा है। विशेष रूप से, स्कूली नौकरियों के मामले ने एक संवेदनशील तंत्रिका पर प्रहार किया, जिसने हजारों उम्मीदवारों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित किया, भ्रष्टाचार को एक अमूर्त आरोप से एक जीवित शिकायत में बदल दिया। कल्याण से जुड़े आरोप, जैसे कि राशन वितरण से जुड़े आरोप, ने गरीब वर्गों के बीच चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है। हालाँकि, हाल के महीनों में कथा विकसित हुई है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, चटर्जी, मल्लिक और मोंडल सहित कई प्रमुख टीएमसी नेता अब अदालत के आदेश के बाद जमानत पर बाहर हैं। पश्चिम बंगाल को लंबित मनरेगा फंड जारी करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को भी टीएमसी ने केंद्र के साथ अपने झगड़े में पुष्टि के रूप में पेश किया है। एक वरिष्ठ टीएमसी नेता ने प्रकाशन को बताया कि “राजनीति पूरी तरह से धारणा के बारे में है”, उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी नेताओं की जमानत को समर्थकों द्वारा बरी नहीं तो राहत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने इन घटनाक्रमों का इस्तेमाल यह तर्क देने के लिए किया है कि भाजपा के आरोप राजनीति से प्रेरित थे, अभिषेक बनर्जी ने फंड रोकने को बंगाल को “दंडित” करने का प्रयास बताया। आरोपों का सामना कर रहे नेताओं ने भी बगावती सुर छेड़ दिया है. ज्योतिप्रिय मल्लिक ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि आगामी चुनावों में “रिकॉर्ड जीत” उनकी गिरफ्तारी के पीछे एक साजिश के रूप में वर्णित उनकी प्रतिक्रिया होगी, यह संकेत देते हुए कि आरोपी राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और पार्टी संरचना के भीतर अंतर्निहित हैं। हालाँकि, भाजपा ने अपना हमला दोगुना कर दिया है। पार्टी के नेता टीएमसी को “पूरी तरह से भ्रष्ट” बताते रहे, उनका तर्क है कि जमानत क्लीन चिट नहीं है। ज़मीनी स्तर पर, यह लक्षित अभियानों में तब्दील हो गया है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने हाल ही में मालदा और मुर्शिदाबाद में छह टीएमसी विधायकों के खिलाफ “चार्जशीट” जारी की, जिसमें भ्रष्टाचार, शासन विफलताओं और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप लगाया गया। टीएमसी ने इन्हें राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है और बीजेपी पर मतदाताओं के ध्रुवीकरण की कोशिश का आरोप लगाया है. भ्रष्टाचार की बहस टीएमसी तक ही सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों और राजनीतिक गठजोड़ से जुड़े सवाल भी चर्चा में आ गए हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच में पाया गया कि विभिन्न दलों के कई विपक्षी नेताओं – जिनमें बंगाल के लोग भी शामिल हैं – ने देखा कि भाजपा में शामिल होने के बाद मामले धीमे हो गए या रुक गए, इस घटना को विपक्षी दल अक्सर “वॉशिंग मशीन” प्रभाव के रूप में वर्णित करते हैं। भाजपा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और कहा है कि एजेंसियां ​​सबूतों के आधार पर काम करती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, जो कभी टीएमसी के वरिष्ठ नेता थे, जो 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे, नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में आरोपी बने हुए हैं, और मामला अभियोजन की मंजूरी के लिए लंबित है। इसी तरह, कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी, जो छोड़ने से पहले कुछ समय के लिए भाजपा में शामिल हुए थे, को बाद में उसी मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वह जमानत पर बाहर हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए, इस इलाके में नेविगेट करने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति की आवश्यकता है। 2023 की एक रिपोर्ट में, इंडियन एक्सप्रेस ध्यान दें कि टीएमसी ने न केवल आरोपों का विरोध करके बल्कि राजनीतिक प्रवचन को फिर से तैयार करके भ्रष्टाचार की कहानी का मुकाबला करने की कोशिश की। इसमें पिछले शासनों के तहत कथित प्रथाओं के साथ समानताएं बनाने के प्रयास शामिल हैं। एक उदाहरण में, टीएमसी नेता उदयन गुहा ने सार्वजनिक रूप से अपने ही पिता, जो वामपंथी सरकार में पूर्व मंत्री थे, पर अनियमित नौकरी नियुक्तियों का आरोप लगाया, जो वर्तमान व्यवस्था से परे भ्रष्टाचार की बहस को व्यापक बनाने के प्रयास का संकेत है। साथ ही, पार्टी ने आरोपों से ध्यान हटाकर शासन पर केंद्रित करने के लिए कल्याण वितरण और प्रत्यक्ष मतदाता पहुंच को दोगुना कर दिया है। लक्ष्मी भंडार और कन्याश्री जैसी योजनाओं पर निरंतर जोर इस दृष्टिकोण को दर्शाता है, भले ही विपक्ष भ्रष्टाचार के मामलों पर ध्यान

चमकती स्किन और मजबूत बालों का सीक्रेट छुपा है आपके आंगन में, एक्सपर्ट से जानें एलोवेरा इस्तेमाल करने का सही तरीका

ask search icon

Last Updated:April 04, 2026, 19:05 IST Aloe Vera Benefits: प्रकृति ने हमें औषधीय पौधों के रूप में अनमोल खजाना दिया है, जो न केवल गंभीर बीमारियों को दूर रखने में सक्षम हैं, बल्कि हमारी सुंदरता को भी चार चांद लगा सकते हैं. आज के दौर में जब हर कोई बेदाग और चमकदार त्वचा की चाहत में महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च कर रहा है, तब आपके घर के आंगन में लगा एक छोटा सा पौधा ‘एलोवेरा’ गेम चेंजर साबित हो सकता है. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि एलोवेरा का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो भीषण गर्मी में भी आपकी त्वचा और बाल कुदरती रूप से चमकते रहेंगे. प्रकृति ने हमें औषधीय पौधों के रूप में अनमोल खजाना दिया है, जो न केवल गंभीर बीमारियों को दूर रखने में सक्षम हैं, बल्कि हमारी सुंदरता को भी चार चांद लगा सकते हैं. हमें विभिन्न प्रकार की दवाइयां की आवश्यकता नहीं होगी. वहीं, दूसरी ओर हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा अच्छी रहे, वह सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखें. इसके लिए वह विभिन्न प्रकार के बाजार के प्रोडक्ट का भी उपयोग करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर आंगन में ही एक ऐसा औषधीय पौधा भी मौजूद है. जिसका उपयोग अगर आप करते हैं, तो आपकी त्वचा में गिलोय भी बना रहेगा. आप गर्मी के मौसम में भी काफी खूबसूरत दिखेंगे. दरअसल, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बॉटनी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एवं आयुर्वेदिक मेडिसिन प्लांट के एक्सपर्ट प्रोफेसर विजय मलिक के अनुसार आयुर्वेद की दृष्टि से एलोवेरा काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. बाजार में मिलने वाले सभी सौंदर्य प्रोडक्ट में एलोवेरा का उपयोग किया जाता है. ऐसे में अगर आप नॉरमल फॉर्म में एलोवेरा का उपयोग करेंगे तो निश्चित तौर पर आपकी त्वचा के लिए काफी बेहतर है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि एलोवेरा के अंदर विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जो पोषण देता है, ऐसे मगर आप एलोवेरा की जेल को अपनी त्वचा पर लगाएंगे. तो इससे आपकी त्वचा काफी बेहतर रहेगी. उन्होंने बताया कि एलोवेरा का उपयोग करने से पहले एलोवेरा के ऊपरी हिस्से को आप किसी भी नुकीली चीज से अच्छे से कांटे. उसके बाद उसकी ऊपरी परत को हटाए, लेकिन ध्यान रहे इसमें कांटे होते हैं. वह आपके ना लगे जब आप इसकी ऊपरी परत को अच्छे से निकाल देंगे. तब इसके अंदर जो सफेद जेल निकलता है. उसका आप उपयोग कर सकते हैं. इसका उपयोग आपकी त्वचा के लिए काफी बेहतर हो सकता है. उन्होंने बताया कि यह आपकी त्वचा की गिलोय के साथ ही वालों को भी काफी मजबूती प्रदान करता है. बालों में खूबसूरत शाइनिंग एवं चेहरे की गिलोय के माध्यम से आप काफी सुंदर दिख सकते हैं. वहीं गर्मी के मौसम में विभिन्न प्रकार के फंगस के कारण त्वचा को नुकसान होता है, उसमें भी यह आपका बचाव करेगा. उन्होंने बताया कि एलोवेरा जेल जलन और खुजली को भी कम करने में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. वही भीषण गर्मी में धूप के नुकसान से भी बचाने में आपकी मदद करेगा. इसके साथ ही बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में यह मदद करता है. साथ ही, एलोवेरा के जेल का जूस पेट की समस्याओं का भी समाधान करता है. क्योंकि इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और इम्यून सिस्टम से संबंधित औषधि गुण भी पाए जाते हैं. बताते चलें कि आयुर्वेदिक औषधियां का उपयोग सीमित मात्रा में ही किया जाता है. ऐसे में अगर आप भी एलोवेरा का उपयोग करना चाहते हैं. तो इससे पहले आप आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह अवश्य कर ले. जिससे कि एलोवेरा के अनेकों फायदे उठा सके. साथ ही इसका उपयोग करते समय कुछ सावधानी बरतनी होती है. जो आपको एक्सपर्ट अच्छे सेबता सकते हैं. First Published : April 04, 2026, 19:05 IST

‘रामायण’ में रणबीर के लुक और कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल:डिजाइनर्स बोलीं- टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद डिजाइन ज्यादा समृद्ध और जीवंत था

‘रामायण’ में रणबीर के लुक और कॉस्ट्यूम पर उठे सवाल:डिजाइनर्स बोलीं- टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद डिजाइन ज्यादा समृद्ध और जीवंत था

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके हर पहलू पर बहस शुरू हो गई है। इस बीच, टीवी की पौराणिक शृंखलाओं पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने फिल्म में भगवान राम के लुक पर अपनी राय दी है और इसे एक चूक गया अवसर बताया है। Variety India की रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी के सुपरहिट शो ‘श्रीमद् रामायण’ और ‘राधाकृष्ण’ पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबप्रिया सेन ने कहा कि फिल्म का पहला टीजर उम्मीद के मुताबिक विस्मयकारी नहीं लगा। उनके अनुसार, टीवी पर राम और अन्य पात्रों के परिधानों की प्रेरणा भारतीय संस्कृति, मंदिरों और मूर्तियों से ली जाती थी। जैसे राम के मुकुट में सूर्य रथ का चक्र और पीला रंग, सीता के लिए मधुबनी छाप, और हनुमान के लिए अजंता, एलोरा और हम्पी की मूर्तियां। सेन के अनुसार, राम भारत की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए परिधानों में प्रयोग करते समय उनके दिव्य स्वरूप का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद उनके डिजाइन बहुत समृद्ध और जीवंत थे। दूसरी ओर, ‘हातिम’, ‘सिया के राम’ और ‘देवों के देव…महादेव’ जैसी पौराणिक शृंखलाओं में काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर नीरूषा निकहत ने कहा कि फिल्म में सौंदर्य और नवाचार की कमी है। उनका मानना है कि निर्माता नामित मल्होत्रा अधिक प्रयोगात्मक और यादगार डिजाइन ला सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट में अनुभवहीन लोगों को शामिल किया गया, जबकि ऐसी परियोजना में अनुभवी डिजाइनर्स की जरूरत थी। डिजाइनर्स का कहना है कि बड़े बजट और तकनीकी स्वतंत्रता के बावजूद फिल्म में परिधानों और आभूषणों में और अधिक सांस्कृतिक और रचनात्मक गहराई हो सकती थी। यह परियोजना दर्शकों के लिए एक चूक गया रचनात्मक अवसर साबित हुई। फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन पहले लुक से साफ है कि इसमें और अधिक प्रामाणिक और यादगार सौंदर्यबोध दिखाया जा सकता था।

स्टालिन की डीएमके, विजय थलपति की टीवीके या एआईएडीएमके… तमिल में किस पार्टी को बहुमत? सर्वे के आंकड़े ने चौंकाया

स्टालिन की डीएमके, विजय थलपति की टीवीके या एआईएडीएमके... तमिल में किस पार्टी को बहुमत? सर्वे के आंकड़े ने चौंकाया

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित तमिलनाडु में 23 अप्रैल, 2026 को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी। इस बार के राज्य विधानसभा चुनाव में शॉफ़ल स्कूल्स और फ़्रांसीसी अन्नाद्रमुक को टक्कर देने के लिए मुख्य विपक्षी दल विजय पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) भी मैदान में उतरे हैं। हालाँकि, विधानसभा चुनाव से पहले जारी दो प्री-पोल सर्वे में सफ़ाई व्यापारी गठबंधन की जीत की संभावना जताई गई है। सर्वे में क्या हुआ खुलासा? लोक पोल की ओर से एक मार्च 2026 से एक अप्रैल 2026 तक किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन डीएमके राज्य की कुल 234 वोटों से लगभग 181 से 189 वोटों से जीत हासिल कर सकता है और उसे 40.1% वोट शेयर मीटिंग का अनुमान है। जबकि अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को राज्य में 38 से 42 सीटों पर जीत की संभावना जताई गई है। आइसलैंड वोट शेयर 29% है। वहीं, अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके), जो राज्य में पहली बार चुनाव लड़ रही है, को भी 8 से 10 सीटें और करीब 23.9% वोट शेयर मिलने का अनुमान है। इसके साथ-साथ एनटीके और अन्य संगठनों का प्रभाव सीमित रहने की संभावना है, बेंचमार्क वोट शेयर क्रमशः 4.9% और 2.1% है। जनता के बीच किस पार्टी का वर्चस्व ज्यादा है सर्वेक्षण के अनुसार, तमिलनाडु में मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा चेहरे वाले एमके स्टालिन हैं, इसके बाद टीवीके प्रमुख विजय और अन्नाद्रमुक के एडापड्डी के हैं। पलानीस्वामी का चेहरा है. सर्वेक्षण में कहा गया है कि शिक्षकों के गठबंधन को बढ़त मिलने का मुख्य कारण उनकी मजबूत जन कल्याण योजनाएं हैं, जिसमें कलनार मगलिर उरीमाई थोगोई, मुफ्त बस यात्रा और नाश्ता योजना शामिल हैं। इस अधिसूचना में ग्रामी और सेमी-अर्बन रीच की महिलाओं पर विशेष प्रभाव डाला गया है। साथ ही, टीचर्स को सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि फ़ोर्स वोट क्वेश्चन और टीवीके के बीच बंटे रह रहे हैं। वहीं, विक्ट्री की पार्टी टीवीके को विशेष रूप से युवा, पहली बार वोट देने वाले और सरकार से प्रभावित लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। हालाँकि, अकेले चुनावी लड़ाई के कारण यह समर्थक में अधिकांश परतें नहीं हो सकीं। जबकि सर्वे के मुताबिक, एडापडी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक आंतरिक अशांति जारी है। पार्टी में बँटवारे के कारण प्रमुख नेताओं की कमी और फ़्रांसीसी फ़्लोरिडा स्थिति, विशेष रूप से डेल्टा और दक्षिण अफ्रीका में, उनके प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है। पोलर ट्रैक के आंकड़ों में किस पार्टी का हाल है? पोल ट्रैकर (पोल ट्रैकर) सर्वे के अनुसार, डीएमके गठबंधन को फिर से सत्ता में आने का अनुमान है, जिसमें उसे 172 से 178 वोट और करीब 42.7% वोट शेयर मिल सकते हैं। वहीं, एआईएडीएमके को 46 से 52 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, जो कि काफी पीछे है। जबकि टीवीके को करीब 19.2% वोट शेयर के साथ 6 से 12 वोट मिल सकते हैं। इसके अलावा, एनटीके को 0 से 2 प्रतिशत और लगभग 5.1% वोट शेयर मीटिंग का अनुमान है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि अन्नाद्रमुक और भाजपा गठबंधन का कारण अल्पसंख्यक साझीदारों का गठबंधन है। इसके अलावा, मुदलियार, नायडू और मुस्लिम समुदाय सहित कई समुदाय व्यापक रूप से शिक्षक गठबंधन के पक्ष में सामने आ रहे हैं। यह भी पढ़ें: छत्र एयर स्पेशियलिटी टेकऑफ़ के 17 मिनट बाद ही टूट गया था एटीसी से संपर्क, एएआईबी रिपोर्ट में खुलासा