राजगढ़ में ओलावृष्टि से लोहे-सीमेंट की चद्दरों में छेद हुए:खेतों में फसलों को ढकने वाले त्रिपाल भी फटे, 15 मिनट ओला गिरने से भारी नुकसान

राजगढ़ जिले में शनिवार शाम तेज आंधी और बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। बड़े-बड़े ओले गिरने से कई घरों की लोहे और सीमेंट की चद्दरें टूट गईं, जिनमें बड़े छेद हो गए। कुछ ही देर में जमीन पर ओलों की सफेद परत बिछ गई। जिले के माचलपुर के बाढ़गांव, रामगढ़, कोड़क्या और पीपल्या कुल्मी और खिलचीपुर क्षेत्र के ढाबली, सतनखेड़ी, ढाबला, मोखमपुरा, सेदरी, सहित कुरावर, सुठालिया, गिंदौरहाट, सहित कई गांवों में शाम करीब 6 बजे के बाद ओलावृष्टि शुरू हुई। लगभग 15 मिनट तक लगातार ओले गिरे, जिसके साथ तेज बारिश भी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों और खलिहानों में फसलों को बचाने के लिए डाले गए त्रिपाल भी ओलों की तेज मार से फट गए। घरों की छतों पर लगी लोहे और सीमेंट की चद्दरों को भी भारी नुकसान पहुंचा, जिससे वे टूट गईं और उनमें छेद हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवाएं लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। शनिवार को राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मध्यप्रदेश में सबसे कम था। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
छतरपुर के नौगांव में दो घंटे में दो बार ओलावृष्टि:पक्षियों की मौत; तेज आंधी-बारिश से फसल और भूसा बर्बाद

छतरपुर जिले के नौगांव में शनिवार को शाम 5 बजे तेज आंधी के साथ बारिश हुई, इसके बाद 7:30 बजे ओलों के साथ मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई। इस दौरान पक्षियों की मौत हो गई और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा। जानकारी के अनुसार, नौगांव में शाम करीब 5 बजे तेज आंधी और बारिश का दौर शुरू हुआ। लगभग 10 मिनट तक चली। इस बारिश के बाद मौसम साफ हो गया, जिससे लोगों ने कुछ देर के लिए राहत महसूस की। लेकिन शाम करीब 7:30 बजे अचानक मौसम ने फिर करवट ली। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और इस बार बड़े-बड़े ओले गिरे। लगभग 15 मिनट तक हुई इस ओलावृष्टि ने क्षेत्र में व्यापक नुकसान पहुंचाया। जमीन पर गिर पड़े पक्षी दूसरे दौर की ओलावृष्टि का सबसे अधिक प्रभाव वन्यजीवों पर पड़ा। बड़े ओलों की चपेट में आकर बड़ी संख्या में पक्षी जमीन पर गिर पड़े। इनमें से कई पक्षियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ घायल अवस्था में तड़पते देखे गए। तेज हवाओं और ओलों की मार से पेड़ों की पत्तियां झड़ गईं और कई टहनियां टूटकर गिर गईं। किसानों के खेतों में रखा भूसा पहले आंधी में उड़ गया और जो बचा, वह बारिश में भीगकर खराब हो गया। फसल कटाई के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को यह भारी नुकसान हुआ है।
पिता की मौत के बाद बेटे ने लगाई फांसी:छतरपुर में मामूली विवाद के बाद परिवार में दो मौतें

छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा क्षेत्र के बमनोरा थाना इलाके के ग्राम मबई में पिता और बेटे ने आत्महत्या कर ली। इस घटना से असाटी परिवार में दो लोगों की जान चली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह रामप्रसाद असाटी (50) और उनके बेटे शिवम असाटी (22) के बीच किसी बात पर झगड़ा हो गया था। इसके बाद रामप्रसाद खेत पर गए और जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार वाले उन्हें शाहगढ़ अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें सागर जिला अस्पताल भेजा गया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। रामप्रसाद का पोस्टमार्टम बंडा थाना क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ और शुक्रवार शाम को गांव मबई में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसी दौरान उनका बड़ा बेटा शिवम बंडा से गायब हो गया। परिवार और पुलिस ने पूरी रात उसकी तलाश की। पेड़ से लटका मिला बेटे का शव शनिवार सुबह बंडा नगर के पास एक अमरूद के पेड़ पर शिवम का शव लटका मिला। उसने अपना और अपने पिता का मोबाइल नीचे रख दिया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और फिर परिवार को सौंप दिया। शनिवार को छोटे भाई अनुराग असाटी ने शिवम का अंतिम संस्कार किया। इस घटना के बाद परिवार में मृतक की पत्नी, मां छोटी बाई, बहू ललिता असाटी, एक बहन और छोटा भाई अनुराग ही बचे हैं। अब तक विवाद को लेकर असल वजह की पुष्टि नहीं हो सकी है।
शरबत-चटनी या फिर सलाद, किसी भी तरह से खा लें हरे पत्ते, गर्मियों में नहीं फटकेंगी आसपास भी बीमारियां

Last Updated:April 04, 2026, 20:54 IST Mint Leaves Benefits: देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है. तेज धूप और गर्म हवाओं में राहत पाने के लिए पुदीना एक बहुत आसान और प्राकृतिक उपाय है. पुदीने की हरी पत्तियां न सिर्फ खुशबूदार होती हैं, बल्कि शरीर और मन दोनों को ठंडक देती हैं. यहां आप पुदीना के फायदों के बारे में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट Pudina Ke Fayde: गर्मियों में पुदीना खाने से कई बीमारियों से बचाव होता है. इसमें भरपूर पोषक तत्व होते हैं और इसमें मौजूद मेंथॉल शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. आप पुदीना को चटनी, रायता, जूस, आम पन्ना, सलाद या पानी में मिलाकर आसानी से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं. इसके सेवन से गर्मी का असर कम होता है और शरीर का तापमान संतुलित रहता है. आयुर्वेद के अनुसार, पुदीना पाचन के लिए बहुत फायदेमंद होता है.यह गैस, एसिडिटी, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. साथ ही पेट को हल्का रखता है और भूख बढ़ाने में मदद करता है. पुदीना के पत्तों का सेवन करने से क्या होता है? डिहाइड्रेशन के लिए नेचुरल उपायगर्मियों में ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है. ऐसे में पुदीने का पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है. इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और दिनभर ताजगी बनी रहती है. स्ट्रेस दूर करने का आसान तरीकापुदीना सिरदर्द और तनाव कम करने में भी मदद करता है. ऐसे में यदि आप जीवन के भागदौड़ से परेशान होकर थक गए हैं, तो पुदीने की चाय पिएं. इससे दिमाग शांत होता है. अगर आप सुबह खाली पेट पुदीने वाला पानी पीते हैं, तो पूरे दिन एनर्जी महसूस होती है. वजन घटान में फायदेमंद पुदीना एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाते हैं. यह मौसमी बीमारियों से बचाव करता है. इसके अलावा, पसीने की बदबू कम करने, वजन घटाने, सूजन कम करने और बैक्टीरिया से लड़ने में भी मदद करता है. यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. गर्मियों के लिए उपयोगी आयुर्वेद में पुदीने को गर्मियों के लिए खास तौर पर उपयोगी बताया गया है. कई रिसर्च में भी इसके एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुणों की पुष्टि हुई है. गर्मियों में पुदीना आसानी से मिल जाता है और यह सस्ता भी होता है. इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि इसे रोज़ अपने खाने में शामिल करें, जैसे—पुदीने की चटनी, दही का रायता, नींबू-पुदीना पानी या सलाद. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 20:53 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…
जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…
आयुर्वेद की पुरानी पांडुलिपि से तैयार आधुनिक दवा, 60 साल की उम्र में उगने लगे बाल, आयुष मंत्रालय का मिला लाइसेंस

Last Updated:April 04, 2026, 20:45 IST Satvik Ayurveda Brand: अंग्रेजों के दौर में एक हेड मास्टर दादा ने अपनी कलम से आयुर्वेदिक नुस्खों का खजाना तैयार किया था, जिसे परिवार ने सालों तक संभालकर रखा. समय बदला, लेकिन उस विरासत की अहमियत नहीं बदली. दादा की उसी लिखी हुई किताब को आधार बनाकर पोते ने करीब 20 साल तक गहन रिसर्च किया और आखिरकार उसे आधुनिक दौर की आयुर्वेदिक दवाओं में बदल दिया. अब इस अनोखी पहल को आयुष मंत्रालय का लाइसेंस भी मिल गया है. यह कहानी कुलदीप पांचाल की है. जो कि इन दिनों दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे और ऑर्गेनिक एक्सपो में आए हुए हैं. कुलदीप गाजियाबाद के मोदीनगर के रहने वाले हैं. मोदीनगर में ही इनकी ऑनलाइन और ऑफलाइन आयुर्वेदिक क्लिनिक चलती है. कुलदीप पांचाल ने बताया कि उन्होंने सात्विक आयुर्वेद के नाम से खुद का ब्रांड शुरू किया है. कुलदीप पांचाल ने बताया कि 1944 में जब भारत पर अंग्रेजों का राज था. उस समय उनके दादा हेड मास्टर थे और रोजाना 19 मील पैदल चलकर वह आते जाते थे. दादा ने लंबी रिसर्च कर उस वक्त जब गूगल नहीं था और लाइब्रेरियन नहीं थी. जो रिसर्च उन्होंने अंग्रेजों के वक्त की. उस समय के आयुर्वेदिक डॉक्टर के साथ मिलकर उसे ही वह किताब में लिखते रहते थे. हालांकि उनके दादा गुजर गए. अंग्रेजों का जमाना चला गया और जब यह किताब उनके हाथ लगी तो उन्होंने सबसे पहले इसे लेमिनेट करवाया और इस किताब की रिसर्च शुरू की. उन्होंने 20 साल तक इस किताब पर रिसर्च किए. इस दौरान उन्होंने अथर्ववेद 6 बार पढ़ा और सभी वेदों को हिंदी और इंग्लिश दोनों में पढ़ा. तब कहीं जाकर उन्होंने सात्विक आयुर्वेद ब्रांड बनाया है, जिसे आयुष मंत्रालय ने जांच के बाद लाइसेंस दे दिया है. और तो और उनकी बनाई हुई सारी दवाएं एफएसएसएआई से अप्रूव्ड हैं. ऐसे में आज उनके दादा की वजह से उनका खुद का ब्रांड शुरू हुआ है. Add News18 as Preferred Source on Google कुलदीप पांचाल ने बताया कि उन्होंने एक ऐसा तेल बनाया है. जो गंजे सिर में बाल उग देगा. चाहे उम्र कोई भी हो. उनकी 60 साल की उम्र है और बाल उनके झड़ गए थे, लेकिन अब उनके भी बाल उग रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने घुटने का तेल बनाया है. दंत मंजन बनाया है. और तो और गैस की दवा से लेकर उन्होंने फेस पाउडर तक बनाए हैं. उनका बनाया हुआ तेल लोगों को पसंद आ रहा है. उसकी डिमांड सबसे ज्यादा है. लोगों के झड़ते बाल भी रुक गए हैं. उन्होंने बताया कि वह खुद 20 साल एजुकेशन डिपार्टमेंट से जुड़े रहे. टीचर और प्रिंसिपल दोनों रहे. साथ ही साथ आयुर्वेद की रिसर्च भी करते रहे. तब कहीं जाकर यह संभव हो सका है. उनके दो बेटे हैं, दोनों नौकरी करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वह पत्नी के साथ मिलकर काम करते हैं. मोदीनगर में उनकी मैन्युफैक्चरिंग है और उनकी बनाई हुई दवा लोगों को खूब पसंद आ रही हैं. वह अपनी हर दवा को पहले खुद पर प्रयोग करते हैं, फिर मार्केट में उतारते हैं. First Published : April 04, 2026, 20:45 IST
Glowing Skin Diet Summer: गर्मी में त्वचा को चमकाने वाली 5 चीजें, रोजाना शामिल करें; चेहरे की चमक 10 गुना बढ़ जाएगी

4 अप्रैल 2026 को 20:38 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों में चेहरे का निखार गायब हो जाता है। ऐसे में कुछ खास चीजों को शामिल करने से आपकी स्किन ग्लोइंग बन सकती है। जी हाँ, असली नक़्क़ाशी क्लैम्प क्रीम का सामान से नहीं बल्कि अंदर से दिखता है। इससे काफी फर्क पड़ता है कि आप क्या सोचते हैं। पढ़ें पूरी खबर। (टैग्सटूट्रांसलेट) गर्मियों में चमकती त्वचा के लिए आहार (टी) गर्मियों में चमकती त्वचा के लिए खाद्य पदार्थ (टी) चमकदार त्वचा के लिए आहार गर्मियों में (टी) त्वचा की चमक बढ़ाने के लिए ग्रीष्मकालीन आहार (टी) गर्मियों में त्वचा के स्वास्थ्य के लिए आहार (टी) गर्मियों में चमकती त्वचा के लिए 5 खाद्य पदार्थ (टी) गर्मियों में साफ त्वचा के लिए सर्वोत्तम आहार (टी) गर्मियों में चमकदार त्वचा पाने के तरीके (टी) स्वस्थ त्वचा के लिए ग्रीष्मकालीन आहार युक्तियाँ (टी) चमकदार त्वचा के लिए क्या खाएं
तमिल में चुनाव से पहले हिंदी फिर से नागरिकता! शिक्षा नीति को लेकर स्टालिन और डेमोक्रेट प्रधान में घटिया बहस

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर से हिंदी को लेकर विवाद शुरू हो गया है. इसी मामले पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री डेमोक्रेट प्रधान के बीच भी बहस हुई। सीएम स्टालिन ने नई शिक्षा नीति पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा था कि यह शिक्षा सुधार नहीं बल्कि एक चालाक तरीके से हिंदी को पूरे देश में फैलाने की कोशिश है। इसी पर जवाब देते हुए डेमोक्रेट प्रधान ने कहा कि ‘हिंदी पेंटिंग’ वाली बात पुरानी और थकी हुई राजनीति है। एनईपी में हिंदी को अनिवार्य नहीं किया गया है, यह स्टालिन की गलत व्याख्या है। यह मामला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का है, जिसे केंद्र सरकार ने लागू कर दिया है. इसी शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक नियम हैं- तीन भाषा सूत्र, यानी स्कूल के बच्चों को तीन भाषाएँ सिखानी चाहिए। इनमें से दो भारतीय समुद्र तटों का होना अनिवार्य है। दक्षिण भारत की राज्य केंद्र सरकार पर आरोप लगाया गया है कि नई शिक्षा नीति के जरिए वे अपने ऊपर हिंदी गैजेट की कोशिश कर रही हैं। नई शिक्षा नीति पर क्या बोले सीएम स्टाइलिस्ट? तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और शिक्षकों के प्रमुख एमके स्टालिन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह शिक्षा सुधार नहीं बल्कि एक चालाक तरीके से हिंदी को पूरे देश में फैलाने की कोशिश है। उन्होंने प्रश्न किया कि यह नियम अप्रासंगिक क्यों है? दक्षिण के बच्चों को हिंदी सीखनी है, लेकिन हिंदी भाषा वाले राज्यों में तमिल या माध्यमिक पढ़ाई कैसे की जाती है? उत्तर है नहीं. स्टालिन ने आरोप लगाया कि सेंट्रल स्कूल में तमिल मछुआरों के लिए सचिवालय तक नहीं हैं। फिर लेखकों को भारतीय भाषा सीखने का उपदेश देना ठीक नहीं लगता। टीचर्स के प्रमुख ने कहा कि बिना पैसा और बिना तैयारी के टीचर्स के लिए यह नीतिगत ताकत जा रही है। इससे दस्तावेज़ में भी नुकसान होगा. अंग्रेजी वाले राज्यों के बच्चों को फायदा होगा और राज्यों के बच्चे पीछे रह जाएंगे। तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री, थिरु @एमकेस्टालिन जी, “थोपने” की आपकी कहानी राजनीतिक विफलताओं को छुपाने का एक थका देने वाला प्रयास है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वास्तव में भाषाई मुक्ति का घोषणापत्र है। यह मातृभाषा को प्राथमिकता देता है ताकि प्रत्येक तमिल बच्चा… https://t.co/DhDP5ECM4e – धर्मेंद्र प्रधान (@dpradhanbjp) 4 अप्रैल 2026 डेमोक्रेट प्रधान ने स्टालिन को दिया ये जवाब तमिलनाडु के सीएम की ओर से दिए गए पोर्टफोलियो पर शिक्षा मंत्री पेट्रोलियम प्रधान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी पेंटिंग वाली बात पुरानी और थकी हुई राजनीति है। नई शिक्षा नीति में हिंदी को अनिवार्य नहीं किया गया है, यह स्टालिन की गलत व्याख्या है। उन्होंने कहा कि एनईपी से हर बच्चे को अपनी मातृभाषा में पढ़ने का मौका मिलता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तमिल भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर बहुत सम्मान मिला है। काशी तमिल संगमम जैसे आयोजन इसके जीते-जागते उदाहरण हैं। स्टालिन पर पलटवार करते हुए प्रधान ने कहा कि बच्चों के विकास में असली भेदभाव तो डीएमके सरकार ही है। तमिल ने अच्छे स्कूल निर्माण के लिए एक एक्ट पर हस्ताक्षर करने का वादा किया था, लेकिन बाद में वो खुद मुकर गया। न्यायालय के सर्वोच्च आदेश के बाद भी नवोदय अभिलेखों में कोई बदलाव नहीं हुआ। (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)एमके स्टालिन(टी)धर्मेंद्र प्रधान(टी)तमिलनाडु समाचार(टी)नई शिक्षा नीति(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)धर्मेंद्र प्रधान(टी)एमके स्टालिन(टी)नई शिक्षा नीति(टी)हिंदी विवाद
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने लिया शिविर का जायजा:नरसिंहपुर में बोले- 'संकल्प से समाधान' योजना से लाभ लें हितग्राही

मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और नरसिंहपुर जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शनिवार को नरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने ‘संकल्प से समाधान’ शिविर में हिस्सा लिया। मंत्री ने कई विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मंत्री राजपूत ने कहा कि सरकार गरीबों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि मुफ्त राशन सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाया जा रहा है। मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इन शिविरों में बड़ी संख्या में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। जनता की समस्याओं का समाधान मंत्री राजपूत ने स्पष्ट किया कि ‘संकल्प से समाधान’ जैसे शिविर जनहित को ध्यान में रखकर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने जनता की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि नरसिंहपुर जिले में इस अभियान के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं, जिससे बड़ी संख्या में समस्याओं का समाधान हुआ है। मंत्री राजपूत ने आयुष्मान कार्ड योजना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह योजना आम लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिसके तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इन शिविरों में बड़ी संख्या में आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिससे पात्र लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने नागरिकों से सरकार के ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। मंत्री ने बताया कि कई बार गांवों में शिविर लगने के बावजूद लोग अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं और बाद में आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि सक्रिय भागीदारी से सभी नागरिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा।









