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MP के कोतमा में 4 मंजिला लॉज गिरी, 1 मौत:3 लोग गंभीर, कई लोग मलबे में दबे, रातभर चलेगा रेस्क्यू; बिल्डिंग गिरने का VIDEO

MP के कोतमा में 4 मंजिला लॉज गिरी, 1 मौत:3 लोग गंभीर, कई लोग मलबे में दबे, रातभर चलेगा रेस्क्यू; बिल्डिंग गिरने का VIDEO

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम करीब 5:30 बजे चार मंजिला अग्रवाल लॉज अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं।शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। कई लोग मलबे में दबे हैं। हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी बिल्डिंग ढहती नजर आ रही है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान हनुमान दीन यादव (55) के रूप में हुई है, जो टाइल्स लगाने का काम करता था। लॉज की चौथी मंजिल में काम कर रहा था। मुंह से खून निकल रहा था। शरीर की कई हड्डियां टूट चुकी थीं। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कलेक्टर हर्षल पंचोली और एसपी मोती उर रहमान मौके पर पहुंचे। 3 घायलों को शहडोल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। वहीं शव मॉर्च्यूरी में रखे गए हैं। घटनास्थल पर 10-12 एंबुलेंस मौजूद हैं। वहीं हादसे पर CM मोहन यादव ने दुख जताया। हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… 100 लोगों की टीम रेस्क्यू में जुटी SDRF और प्रशासन की करीब 100 लोगों की टीम मलबा हटाने में लगी है। 3 क्रेन और जेसीबी की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है। लॉज के गिरने से आसपास की कई दुकानें भी चपेट में आ गई हैं। अफरा-तफरी और जान बचाकर भागते लोग बिल्डिंग गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ लोग मलबे की चपेट में आ गए। लॉज के सामने खड़ा एक ट्रैक्टर भी फुटेज में दिखाई देता है, जिसे चालक ने बिल्डिंग गिरते ही तुरंत स्टार्ट कर भाग गया प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर प्रत्यक्षदर्शी अरुण सोनी के मुताबिक, बिल्डिंग एकतरफा गड्ढे की ओर गिरी। हादसे के बाद पूरा इलाका धुआं-धुआं हो गया और चीख-पुकार मच गई। उन्होंने बताया कि कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कुछ की मौत भी हुई है। मलबे के अंदर से लोगों के फंसे होने और चीखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। 12 फीट गहरी खुदाई बनी वजह नगर पालिका उपाध्यक्ष बद्री प्रसाद ताम्रकार ने बताया कि लॉज के ठीक बगल में करीब 20 बाई 50 फीट के प्लॉट पर निर्माण कार्य के लिए लगभग 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इस गड्ढे में पानी भर गया था, जिससे लॉज की नींव कमजोर हो गई। इसके बाद इमारत का एक हिस्सा उसी दिशा में धंस गया और पूरी बिल्डिंग गिर गई। कलेक्टर बोले- CM मोहन करेंगे मुआवजे का ऐलान कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तत्परता से जारी है। अब तक 4 लोगों को मलबे से निकाला गया है, जिनमें एक की मौत हो गई है। घायलों का इलाज जारी है। मुख्यमंत्री जल्द मुआवजे का ऐलान करेंगे। वहीं, मंत्री दिलीप जायसवाल ने हादसे को दुखद बताते हुए कहा कि प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीमें पूरी क्षमता के साथ राहत कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल प्राथमिकता रेस्क्यू ऑपरेशन है, जांच बाद में की जाएगी। हादसे पर CM मोहन यादव ने जताया दुख वहीं हादसे पर CM मोहन यादव ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि हादसे में एक व्यक्ति की मौत होना पीड़ादायक है। जिला प्रशासन, पुलिस एवं SECL द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक तीन नागरिकों को रेस्क्यू कर सकुशल निकाला गया है, जबकि NDRF की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। लॉज हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

जज पर एडिशनल सेशन जज के घर चोरी के आरोप:पटियाला में सिविल जज के खिलाफ 7 महीने बाद FIR, कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की

जज पर एडिशनल सेशन जज के घर चोरी के आरोप:पटियाला में सिविल जज के खिलाफ 7 महीने बाद FIR, कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की

पंजाब के पटियाला में सिविल जज पर एडिशनल सेशन जज के घर में चोरी करने के आरोप लगे हैं। सिविल जज के खिलाफ घटना के सात महीने बाद 21 मार्च को FIR दर्ज की गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए सिविल जज द्वारा लगाई गई बेल भी कोर्ट ने रद्द कर दी। एडिशनल सेशन जज हरिंदर सिद्धू ने आरोपों को गंभीर मानते हुए सिविल जज की बेल को रिजेक्ट कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक मृतक सहकर्मी के आवास से संदिग्ध परिस्थितियों में भारी मात्रा में सोना और अभूषण निकालना गंभीर आरोप है। पटियाला के एडिशनल सेशन जज कंवलजीत सिंह की एक अगस्त 2025 को अस्पताल में मौत हो गई थी। सिविल जज विक्रमदीप और अन्य लोगों पर आरोप है कि उसी दिन रात को उन्होंने एडिशनल सेशन जज के घर से सोना व आभूषण चोरी किए। सीसीटीवी फुटेज और वाट्सएप चैट के टाइम में अंतर सुनवाई के दौरान अदालत ने नोट किया कि विक्रमदीप और मृतक के बेटे अंगदपाल सिंह के बीच वाट्सऐप चैट और कॉल रात 10:15 बजे के बाद की है, जबकि CCTV फुटेज रात 9:50 बजे तक के हैं। इससे प्रथम दृष्टया यह पता चलता है कि सामान मृतक के बेटे से संपर्क करने से पहले ही हटा लिया गया था। एडिशनल सेशन जज के दोस्त की शिकायत पर हुई FIR सिविल जज व उसके सहयोगियों के खिलाफ मृतक एडिशनल सेशन जज के दोस्त व पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भूपिंदर सिंह विर्क की शिकायत पर 21 मार्च को FIR दर्ज हुई। उनके बेटे ने इस केस को प्रोसीड करने के लिए डॉ भूपिंदर सिंह विर्क को पावर ऑफ अटॉर्नी दी है। शिकायत में लगाए गए ये आरोप FIR के अनुसार, 1 अगस्त 2025 को जब कंवलजीत सिंह का अमर अस्पताल पटियाला में निधन हो गया, उसी रात लगभग 8:46 बजे बिक्रमदीप सिंह ने मृतक के घर नंबर 74C, विकास कॉलोनी, पटियाला में साजिश रचकर घुसपैठ की। उनके साथ घरेलू नौकरानी अमरजोत कौर उर्फ पिंकी, गौरव गोयल (पूर्व सहयोगी) और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल थे। CCTV फुटेज में तीनों को घर में घुसते, सामान की तलाशी लेते और बॉक्स-बैग में पैतृक सोना, आभूषण तथा नकदी लेकर निकलते दिखाया गया है। शिकायतकर्ता डॉ. भूपिंदर सिंह विर्क ने आरोप लगाया कि यह चोरी बिना किसी कानूनी अधिकार के और बेईमानी के इरादे से की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत दर्ज है। आरोपों पर आरोपी के वकीलों ने दे यह सफाई बिक्रमदीप सिंह की ओर से वकीलों अनीश जैन और अमित जैन ने अदालत में कहा FIR पूरी तरह झूठी और बदनाम करने के मकसद से 7 महीने बाद दर्ज कराई गई। मृतक कंवलजीत सिंह से पारिवारिक संबंध थे। लुधियाना में एक साथ पोस्टिंग के दौरान मृतक उन्हें परिवार का सदस्य मानते थे। उनकेनिधन की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे। वहां मृतक के पुत्र अंगदपाल सिंह ने फोन पर अनुरोध किया कि घर जाकर कीमती सामान सुरक्षित रख लें। भरोसेमंद नौकरानी पिंकी भी मदद करेगी। घर पहुंचकर अंगदपाल सिंह को वीडियो कॉल की और पूरे समय संपर्क में रहे। बाद में सामान अंगदपाल सिंह को सौंप दिया। अदालत को बताया कि अगर बेईमानी का इरादा होता तो खुद न जाते, गनमैन के साथ न जाते, कॉल पर न रहते और CCTV DVR भी ले जाते। वे न्यायिक अधिकारी हैं, पिता-दादा भी जज रह चुके हैं। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों (दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन केस) का हवाला देते हुए विशेष संरक्षण की मांग की। जांच में शामिल होने को तैयार हैं। कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत, जानिए… अदालत ने जांच रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, व्हाट्सएप चैट और दोनों पुत्रों के बयान देखने के बाद याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं। एक न्यायिक अधिकारी पर सहकर्मी जज के घर से चोरी का आरोप है, जो न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करता है। CCTV फुटेज में याचिकाकर्ता की उपस्थिति और सामान निकालने का तरीका प्रथम दृष्टया गुप्त और संदिग्ध दिखता है। मृतक के बेटे से व्हाट्सएप चैट और कॉल का समय रात 10:15 बजे के बाद का है, जबकि CCTV फुटेज में सामान 9:50 बजे तक निकाल लिया गया था यानी संपर्क बाद में हुआ। सिविल जज की तरफ से पेश की गई चैट में किसी भी प्रकार की अनुमति या सौंपने का जिक्र नहीं है। पुत्रों के बयान भी याचिकाकर्ता के दावे का खंडन करते हैं। चोरी गई संपत्ति की रिकवरी अभी बाकी है। हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो। न्यायिक अधिकारियों को गिरफ्तारी से पूर्ण छूट नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित होगी।अदालत ने साफ कहा कि यह फैसला केवल जमानत याचिका पर है और मामले के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं। बिक्रमदीप सिंह अब नियमित जमानत या अन्य राहत के लिए उच्च न्यायालय जा सकते हैं।

जंग के बीच पैसा बनाने में जुटे ट्रम्प के बेटे:ड्रोन बनाने वाली कंपनी से जुड़े, एक्सपर्ट बोले- युद्ध से फायदा कमाने वाले पहले राष्ट्रपति

जंग के बीच पैसा बनाने में जुटे ट्रम्प के बेटे:ड्रोन बनाने वाली कंपनी से जुड़े, एक्सपर्ट बोले- युद्ध से फायदा कमाने वाले पहले राष्ट्रपति

अमेरिका में एक ड्रोन स्टार्टअप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर जुड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लोरिडा की पावरस कंपनी मिडिल ईस्ट के देशों को अपने ड्रोन सिस्टम बेचने की कोशिश कर रही है। ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर फरवरी के अंत में इस कंपनी से सलाहकार के तौर पर जुड़े थे, ये वही समय था जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था। हालांकि दोनों को कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। पावरस से जुड़े अधिकारियों ने अबू धाबी में अधिकारियों से मुलाकात की है। बातचीत इस बात पर हुई कि UAE को हथियार और ड्रोन डिफेंस सिस्टम बेचे जा सकते हैं, क्योंकि वह ईरान के खिलाफ अपने डिफेंस को और मजबूत करना चाहता है। इस घटना के बाद आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमा रहे हैं। पावरस के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने बताया कि उनकी टीम खाड़ी के कई देशों में ड्रोन डेमो दिखा रही है, ताकि यह समझाया जा सके कि उनके इंटरसेप्टर ड्रोन ईरानी हमलों से बचाव में कैसे मदद कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन देशों में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। वेलिकोविच ने कहा कि अमेरिका को चीन और रूस जैसे देशों से मुकाबले के लिए तेजी से ड्रोन तकनीक विकसित करनी होगी, नहीं तो वह पीछे रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। पावरस ने गार्डियन-1 ड्रोन लॉन्च किया इस पूरे मामले से यह साफ होता है कि ईरान युद्ध के चलते ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की मांग बढ़ रही है। ईरान सस्ते ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी महंगे मिसाइल सिस्टम से उन्हें गिराने की कोशिश करते हैं। इससे लागत का बड़ा अंतर पैदा हो रहा है। यही वजह है कि सस्ते और असरदार एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा मौका बन रहा है। पावरस ने हाल ही में ‘गार्डियन-1’ नाम का एक इंटरसेप्टर लॉन्च किया है, जो खास तौर पर आत्मघाती ड्रोन, जैसे ईरान के शाहेद-136 को गिराने के लिए बनाया गया है। पावरस की 1.1 अरब डॉलर के फंड पर नजर द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, पावरस की नजर पेंटागन द्वारा ड्रोन निर्माण के लिए रखे गए 1.1 अरब डॉलर के फंड पर है। यह फंड अमेरिका में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए रखा गया है। इस कंपनी का कहना है कि यह समय तेजी से तकनीक विकसित करने का है, क्योंकि दुनिया एक तरह की हथियारों की दौड़ में है। पावरस के साथ कुछ पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी भी जुड़े हैं। इनमें जनरल चार्ल्स क्यू. ब्राउन और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग जैसे नाम शामिल हैं, जो कंपनी को रणनीतिक सलाह दे रहे हैं। शेयर मार्केट में लिस्ट होने की तैयारी कर रही पावरस पावरस कंपनी जल्द ही शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। इसके लिए वह एक नैस्डैक में लिस्टेड कंपनी के साथ मर्ज करने जा रही है। इस बिजनेस में ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प ने निवेश किया है। दोनों भाई ड्रोन सेक्टर में सक्रिय निवेशक हैं और अमेरिकन वेंचर्स नाम के फंड से जुड़े हैं, जिसने ड्रोन कंपनियों में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश किया हुआ है। वे ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एरिक ट्रम्प ने इस निवेश का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें उन कंपनियों में निवेश करने पर गर्व है, जिन पर उन्हें भरोसा है। उनके मुताबिक, ड्रोन भविष्य की बड़ी तकनीक है। विपक्षी नेता ने रक्षा मंत्री को शिकायती चिट्ठी लिखी पूर्व अमेरिकी एथिक्स अधिकारी रिचर्ड पेंटर ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा- यह पहली बार हो सकता है जब किसी राष्ट्रपति का परिवार युद्ध से इतना पैसा कमाए। पेंटर ने कहा कि खाड़ी देशों पर दबाव हो सकता है कि वे राष्ट्रपति के परिवार से जुड़ी कंपनी से खरीदारी करें, ताकि उन्हें अमेरिकी समर्थन मिलता रहे। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के बेटों की कंपनी ऐसे समय में बिजनेस कर रही है, जब उनके पिता के फैसलों से ही युद्ध की स्थिति बनी। इससे हितों के टकराव का मुद्दा उठ रहा है। ट्रम्प जूनियर के इन निवेशों पर विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि क्या इन कंपनियों को सरकारी ठेके सही तरीके से दिए जा रहे हैं, या फिर राष्ट्रपति के परिवार को फायदा पहुंचाया जा रहा है। क्या करती है पॉवरस कंपनी पॉवरस की स्थापना 2025 में की गई थी। यह कंपनी पूर्व सैन्य अधिकारियों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों ने शुरू की है। शुरुआत से ही इसका फोकस एडवांस ड्रोन और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी पर रहा है। यह कंपनी आधुनिक ड्रोन, ऑटोनॉमस सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े उपकरण बनाती है। इसके ड्रोन सेना, निगरानी, बॉर्डर सुरक्षा और आपदा राहत जैसे कामों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कंपनी के को-फाउंडर ब्रेट वेलिकोविच हैं, जो अमेरिकी सेना से जुड़े रहे हैं। कंपनी अलग-अलग यूनिट्स के जरिए काम करती है, जो एयर, डिफेंस और समुद्री ड्रोन सिस्टम पर फोकस करती हैं। पॉवरस को अब तक करीब 50 से 60 मिलियन डॉलर का निवेश मिल चुका है। कंपनी में एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जैसे बड़े नाम भी निवेशक के रूप में जुड़े हैं। कंपनी अभी नई है, इसलिए इसकी कमाई (रेवेन्यू) से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। फिलहाल कंपनी का ध्यान प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर है। होटल से लेकर टेक्नोलॉजी तक फैला ट्रम्प परिवार का कारोबार डोनाल्ड ट्रम्प का परिवार लंबे समय से बड़े बिजनेस साम्राज्य के लिए जाना जाता है। ट्रम्प परिवार का मुख्य कारोबार ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन के जरिए चलता है, जो कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। ट्रम्प परिवार का पारंपरिक बिजनेस रियल एस्टेट और होटल सेक्टर में रहा है। दुनिया के कई शहरों में उनके लग्जरी होटल, रिसॉर्ट और गोल्फ कोर्स हैं। इसके अलावा वे बड़े-बड़े कमर्शियल बिल्डिंग और प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट्स में भी निवेश करते हैं। हाल के वर्षों में

आंखों में जलन, ड्राईनेस और थकान से परेशान? ये आसान देसी तरीके देंगे तुरंत राहत और नजर भी होगी तेज!

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Last Updated:April 04, 2026, 18:04 IST गर्मी और बढ़ते स्क्रीन टाइम की वजह से आजकल आंखों में थकान, ड्राईनेस और जलन जैसी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं. लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे नजर पर भी असर पड़ने लगता है. ऐसे में कुछ आसान उपाय जैसे आंखों की एक्सरसाइज, सनगैजिंग, खीरे के स्लाइस, त्राटक क्रिया और स्क्रीन टाइम कम करना आंखों को राहत देने के साथ उनकी सेहत सुधारने में मदद कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट मौसम में बदलाव के साथ शरीर के अन्य अंगों की तरह आंखों की देखभाल करना भी बेहद जरूरी हो जाता है. खासकर गर्मियों या बदलते मौसम में आंखों में चिपचिपापन, जलन और पानी आने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. इसके अलावा आज के डिजिटल दौर में लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी देखने की आदत ने आंखों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है, जिससे आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है. ऐसे में जरूरी है कि हम समय रहते कुछ आसान और प्राकृतिक तरीकों को अपनाएं, ताकि आंखों को आराम मिले और उनकी सेहत बेहतर बनी रहे. आजकल स्क्रीन टाइम बढ़ने की वजह से आंखें जल्दी थक जाती हैं और ड्राईनेस की समस्या भी बढ़ने लगती है. इससे बचने के लिए आंखों के व्यायाम बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं. आप रोजाना कुछ मिनट निकालकर आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाने की एक्सरसाइज करें. इसके बाद कुछ देर आंखें बंद करके उन्हें आराम दें. इस प्रक्रिया को दिन में 4-5 बार दोहराने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और थकान कम होती है. इसके साथ ही सनगैजिंग यानी सूरज को देखने की प्रैक्टिस भी की जा सकती है, लेकिन इसे केवल सूर्योदय या सूर्यास्त के समय ही करना चाहिए. इस दौरान कुछ मिनट तक सूरज की ओर देखें और फिर हथेलियों को रगड़कर आंखों पर रखें, जिससे आंखों को गहरा आराम मिलता है. गर्मियों में आंखों का सूखापन और जलन बढ़ जाना एक आम समस्या है. ऐसे में खीरा या ककड़ी का इस्तेमाल एक प्राकृतिक उपाय के रूप में किया जा सकता है. खीरे की ठंडी तासीर आंखों को सुकून देती है और थकान को दूर करती है. इसके लिए आप खीरे या ककड़ी के स्लाइस काटकर आंखों पर रखें और कुछ देर रिलैक्स करें. इससे न केवल आंखों की जलन कम होती है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे आंखें ताजगी महसूस करती हैं. इसके अलावा, आंखों की सेहत के लिए स्क्रीन टाइम को सीमित करना भी बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि रात में एक निश्चित समय के बाद मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल बंद कर दें, ताकि आंखों को पर्याप्त आराम मिल सके. ज्यादा स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सिरदर्द और नजर कमजोर होने की समस्या हो सकती है. इसलिए दिनचर्या में यह छोटा सा बदलाव भी बड़ा असर डाल सकता है. आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए त्राटक क्रिया भी एक प्रभावी योग अभ्यास माना जाता है. इसके लिए अंधेरे कमरे में एक दीपक या मोमबत्ती जलाकर उसकी लौ पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. लगातार कुछ देर तक देखने से आंखों की सफाई होती है और आंसुओं के माध्यम से आंखों की गंदगी बाहर निकलती है. साथ ही यह अभ्यास एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है. अगर इन सभी उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो कुछ ही समय में आंखों की थकान कम होने लगती है, नजर में सुधार आता है और आंखों का नंबर बढ़ने की समस्या भी धीरे-धीरे नियंत्रित हो सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 18:04 IST

गर्मियों में गेहूं नहीं, बल्कि इन आटे की रोटी पेट के हीरा! कैल्शियम और फाइबर से भरपूर, कई रोगों में कारगर

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Last Updated:April 04, 2026, 17:51 IST सभी घरों में आमतौर पर रोटी के लिए गेहूं के आटे का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन गर्मियों के दिनों में हमें ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जो आसानी से डाइजेस्ट हो सके और पेट का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहे. इसके लिए आज हम आपको गेहूं के अतिरिक्त कुछ ऐसे आटे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बेहद सुपाच्य होते हैं और गर्मियों के दिनों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचाव करते हैं. रोटी एक ऐसी चीज है, जो भारत के सभी घरों में खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है या लगभग हर दिन खाने में उपयोग की जाती है. ज्यादातर लोग इस दाल या सब्जी के साथ खाना बेहद पसंद करते हैं. आमतौर पर घरों में रोटी बनाने के लिए गेहूं के आटे का उपयोग किया जाता है, लेकिन हर तरह के मौसम में हर तरह की रोटी फायदेमंद नहीं होती है. आयुर्वेदिक दवाओं के सलाहकार डॉक्टर आशीष बताते हैं कि गर्मी में खानपान का ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है. इस मौसम में हमें ऐसे खाने की आवश्यकता होती है, जो आसानी से पच सके और शरीर को ठंडा रखने में भी मददगार हो. गर्मी के तपिश में शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए हल्के अनाज का चुनाव करना चाहिए. गर्मियों के दिनों में चावल के आटे की रोटी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसकी तासीर ठंडी होती है. इसके कारण इसके सेवन से शरीर अंदर से ठंडा रहता है और यह बेहद सुपाच्य होता है. खाने के बाद यह आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है. इसके अलावा यह पेट को लंबे समय तक भरा रखने में भी मददगार होता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा गर्मी के मौसम में जौ के आटे की रोटी खाने के लिए अच्छी मानी जाती है. इसकी तासीर भी ठंडी होती है, जो गर्मी के दिनों में शरीर के तापमान को बैलेंस करने में मदद करती है. यह रोटी फाइबर से भरपूर होती है. इसके कारण डाइजेशन बेहतर बना रहता है. रागी की रोटी बेहद हल्की और पौष्टिक मानी जाती है. इसे गर्मी के दिनों में लंच या डिनर के समय में उपयोग किया जा सकता है. इसमें कैल्शियम और फाइबर की मात्रा भरपूर होती है, जो शरीर को गर्मी के दिनों में ठंडा रखने में और हल्का महसूस करने में मददगार साबित हो सकती है. सबसे खास बात यह है कि यह वजन कंट्रोल करने के साथ-साथ शरीर को पूरा दिन एनर्जेटिक बनाए रखती है. गर्मियों के दिनों में हम अपने डाइट में मल्टीग्रेन आटे का उपयोग कर सकते हैं. इसमें कई तरह के आते मौजूद होते हैं, जैसे गेहूं, ज्वार, रागी, जौ, बेसन आदि कई तरह के ऑटो के मिश्रण के कारण इसमें फाइबर और प्रोटीन की प्रचुर मात्रा उपलब्ध होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में और शरीर को कई तरह के रोगों से बचाने में बेहद मददगार होती है. गेहूं एक ऐसा आटा है, जो भारत में रोटी के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जाता है. इसमें फाइबर की प्रचुर मात्रा मौजूद होती है, जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में फायदेमंद होती है. गर्मी के दिनों में इसे अपने लंच और डिनर दोनों में शामिल किया जा सकता है. यह पेट को हल्का बनाए रखने में फायदेमंद होती है. First Published : April 04, 2026, 17:51 IST

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की टिप्पणी खाड़ी संबंधों को खतरे में डालती है, केरल प्रवासियों के विश्वास को धोखा देती है | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 17:41 IST पीएम मोदी ने कांग्रेस पर अनावश्यक दहशत पैदा करने और भारत के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर अपने बयानों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और पार्टी पर भारतीयों, विशेषकर क्षेत्र में काम करने वाले केरल के लोगों की जान जोखिम में डालने का आरोप लगाया। केरलम के तिरुवल्ला में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि विपक्षी नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों के संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने खाड़ी देशों में काम करने वाले केरल के लोगों के विश्वास को “धोखा” दिया है, उन्होंने कहा कि इस संकट ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों की मानसिकता को उजागर कर दिया है। “केरल के लाखों निवासी इस क्षेत्र में काम करते हैं, फिर भी कांग्रेस नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयान उनकी सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। मैं कांग्रेस नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे ऐसी टिप्पणियां करने से बचें जो पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों को खतरे में डाल सकती हैं।” यह भी पढ़ें: ‘एलडीएफ सत्ता से बाहर हो जाएगा’: पीएम मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार केरल के विकास में सबसे बड़ी बाधा है प्रधान मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि खाड़ी देशों के साथ भारत के राजनयिक संबंध संकट के दौरान अपने नागरिकों की सुरक्षा में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “खाड़ी देशों के साथ हमारी सरकार के मजबूत संबंध ही हैं जो इस कठिन समय में हमारे लोगों की रक्षा करने में मदद कर रहे हैं।” पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला हमला उन्होंने कांग्रेस पर अनावश्यक दहशत पैदा करने और भारत के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। “कांग्रेस ऐसे बयान दे रही है जिससे पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत के संबंधों में तनाव आने का खतरा है, अनावश्यक घबराहट पैदा हो रही है। यह केवल मोदी पर राजनीतिक हमलों के लिए किया जा रहा है।” मछुआरे फंसे हुए हैं, सरकार निकासी पर काम कर रही है पीएम मोदी ने कहा कि कई तटीय राज्यों के भारतीय मछुआरे संघर्ष के कारण फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा, “गोवा, केरलम, तमिलनाडु और अन्य राज्यों के भारतीय मछुआरे वर्तमान में ईरान और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में चल रहे संघर्ष के कारण फंसे हुए हैं। हम उन्हें सुरक्षित वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।” केरलम विधानसभा चुनाव केरलम में चुनाव प्रचार तेज हो गया है क्योंकि राज्य विधानसभा चुनाव में एक हफ्ते से भी कम समय रह गया है। मतदान 9 अप्रैल को होंगे और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 17:29 IST समाचार चुनाव पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की टिप्पणी खाड़ी संबंधों को खतरे में डालती है, केरल प्रवासियों के विश्वास को धोखा देती है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया संघर्ष(टी)मोदी ने कांग्रेस पर हमला किया(टी)भारत पश्चिम एशिया संकट(टी)केरल श्रमिक खाड़ी(टी)भारतीय मछुआरे फंसे(टी)भारत खाड़ी संबंध(टी)कांग्रेस विदेश नीति आलोचना(टी)मोदी केरल रैली

हरे सांप जैसा दिखने वाला ये फल गर्मियों में तन-मन को दे शीतलता, लू से बचाए, पाचन तंत्र रखे दुरुस्त

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Kakdi Health benefits: गर्मियों के मौसम में जब गर्मी और लू से परेशानी बढ़ जाती है, तब ककड़ी सबसे अच्छा और सस्ता उपाय साबित होती है. यह न सिर्फ शरीर और मन को ठंडक पहुंचाती है बल्कि कई बीमारियों से बचाव में भी कारगर होती है. ककड़ी को “शीतल फल” भी कहा जाता है क्योंकि इसमें 95 प्रतिशत से ज्यादा पानी होता है. गर्मियों में हेल्थ एक्सपर्ट ककड़ी के सेवन का सुझाव देते हैं, जिससे गर्मी संबंधित समस्याएं दूर रहती हैं और तन के साथ मन को भी कई फायदे मिलते हैं. ककड़ी शरीर में पानी की कमी दूर करती है. गर्मियों में पसीना ज्यादा आने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. ककड़ी खाने से शरीर को प्राकृतिक तरीके से पानी मिलता है. यह पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स और खनिजों से भरपूर होती है, जो पूरे दिन एनर्जी बनाए रखती है. गर्मी और लू से बचाव में मददगार है. ककड़ी का सेवन शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है. गर्मी में लू लगने की आशंका कम हो जाती है. इसे सलाद, रायता या जूस के रूप में लिया जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. वजन घटाने में भी ककड़ी सहायक है. ककड़ी में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है. इसमें फाइबर भरपूर होता है, जो भूख को कंट्रोल करता है. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए ककड़ी रोजाना का आहार बन सकती है. यही नहीं ककड़ी के सेवन से पाचन शक्ति मजबूत होती है. ककड़ी पाचन तंत्र को सुधारती है. इसमें मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करता है और गैस व ब्लोटिंग से राहत देता है. नियमित सेवन से पेट स्वस्थ रहता है. यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है. ककड़ी त्वचा को साफ और चमकदार बनाती है. इसमें मौजूद पानी और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की सूजन कम करते हैं. गर्मियों में चेहरे पर ककड़ी के टुकड़े रखने से ठंडक मिलती है और सनबर्न से बचाव होता है. ककड़ी के सेवन के अन्य लाभ की बात करें तो यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मददगार और हड्डियों को मजबूत बनाती है, आंखों की थकान कम करती है और इम्युनिटी बढ़ाती है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ककड़ी का जूस लें, सलाद में टमाटर, प्याज और नींबू के साथ मिलाकर खाएं. इसे दही के साथ रायता बनाकर ले सकते हैं, साथ ही सैंडविच या रोल्स में इस्तेमाल कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि गर्मियों में रोजाना कम से कम एक ककड़ी जरूर खाएं. इसे अच्छी तरह धोकर, छीलकर या बिना छीले दोनों तरह से खा सकते हैं. ककड़ी सस्ती, आसानी से उपलब्ध और बिना किसी साइड इफेक्ट वाली होती है. गर्मी के मौसम में इसे अपने आहार में शामिल करके आप तन और मन दोनों को शीतल रख सकते हैं साथ ही कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं.

किचन हैक्स: फर्म की फैक्ट्री को 10 मिनट में छोड़ें, सोडा सोडा, सिरका और ऐसे करें डीप क्लीनिंग; कोना-कोना चमक उठेगा

किचन हैक्स: फर्म की फैक्ट्री को 10 मिनट में छोड़ें, सोडा सोडा, सिरका और ऐसे करें डीप क्लीनिंग; कोना-कोना चमक उठेगा

4 अप्रैल 2026 को 17:11 IST पर अपडेट किया गया किचन हैक्स: गर्मियों में फ्रिज से रेस्तरां में आने को लोग आम समझ लेते हैं। लेकिन फ़िरोज़ की स्वच्छता सीधे तौर पर हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है। फ़िरोज़ से निकलने की आसान ट्रिक। इन घरेलू सामानों से करें डीप क्लीनिंग, पढ़ें पूरी खबर। (टैग्सटूट्रांसलेट)रेफ्रिजरेटर को प्राकृतिक रूप से साफ करें(टी)फ्रिज की गंध को दूर करें(टी)बेकिंग सोडा फ्रिज की सफाई(टी)प्राकृतिक फ्रिज डिओडोराइजर(टी)फ्रिज को गहराई से साफ करने के टिप्स

कचरे में ​मिले स्पीकर ने जेन-जी भाईयों को बनाया करोड़प​ति:3.5 लाख रुपए में ट्रक खरीदा, घर-ऑफिस से कचरा उठाया, रीसेल कर बढ़ाया बिजनेस

कचरे में ​मिले स्पीकर ने जेन-जी भाईयों को बनाया करोड़प​ति:3.5 लाख रुपए में ट्रक खरीदा, घर-ऑफिस से कचरा उठाया, रीसेल कर बढ़ाया बिजनेस

कचरे के ढेर से मिला स्पीकर दो जेन-जी भाइयों की जिंदगी बदल देगा, यह किसी ने नहीं सोचा होगा। अमेरिका के बोस्टन के पास स्थित नॉरवुड शहर के रहने वाले किर्क और जैकब मैकिन्नी ने इसी छोटे से अनुभव से प्रेरित होकर 2021 में ‘जंक टीन्स’ नाम का स्टार्टअप शुरू किया, जिसकी सालाना कमाई अब 28 करोड़ रुपए से ज्यादा है। दोनों भाइयों ने 3.5 लाख रुपए में पुराना पिकअप ट्रक खरीदकर इस बिजनेस को शुरू किया था। अब उनके पास पांच डंप ट्रक हैं और करीब 10-15 कर्मचारी उनके यहां काम करते हैं, जिनमें ज्यादातर छात्र हैं। इस सफल बिजनेस की शुरुआत भी एक छोटे से अनुभव से हुई। बड़ा भाई किर्क मैकिन्नी साइकिल से स्थानीय डंप यार्ड जाते थे, एक दिन उन्हें वहां एक वर्किंग कंडीशन में स्पीकर मिला। इसके बाद वे लगातार वहां जाने लगे और इस्तेमाल लायक सामान इकट्ठा कर सोशल मीडिया पर बेचने लगे। इसी दौरान उन्हें ऐसे लोग भी मिले, जो अपने घरों से कबाड़ हटवाने के लिए पैसे देने को तैयार थे। इसके बाद दोनों भाइयों ने अपनी बचत से पिकअप ट्रक खरीदा और घर-घर जाकर कबाड़ उठाने का काम शुरू किया। उन्होंने तकनीक का उपयोग करके बुकिंग और लॉजिस्टिक्स को इतना आसान बना दिया कि ग्राहकों के लिए कचरा हटवाना एक क्लिक का काम रह गया। शुरुआत में वे लैंडस्केपिंग और मूविंग जैसे काम करते थे, लेकिन धीरे-धीरे जंक रिमूवल (बेकार सामान उठाना) उनका सबसे सफल काम बन गया। अब जैकब मैकिन्नी कहते हैं, ‘शुरुआत में हमें नहीं पता था कि हम बिजनेस बना रहे हैं, लेकिन यही काम सबसे मजेदार और सबसे ज्यादा कमाई वाला साबित हुआ।’ आज “जंक टीन्स’ एक बड़ा जंक रिमूवल और रीसेलिंग बिजनेस बन चुका है। अब वे हर काम के लिए औसतन 40,000 से 50,000 हजार चार्ज करते हैं। ‘जंक रिमूवल’ इंडस्ट्री में आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से आ रहा बड़ा बदलाव इस बिजनेस की खूबी कचरे से कमाई वाला मॉडल है। कबाड़ हटाने के बदले वे फीस तो लेते ही हैं, साथ ही हटाए गए सामान में से रिसाइकिल करने योग्य वस्तुओं को बेचकर अतिरिक्त कमाई भी करते हैं। दोनों भाई ट्रक में आए सामान को सीधे डंप करने के बजाय पहले उसे छांटते है। वे पुराने स्पीकर, फर्नीचर, साइकिल, फ्रिज और ऐसी मशीनें ढूंढते, जिन्हें थोड़ा साफ या ठीक करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। इसके बाद वे ऑनलाइन साइट्स पर बेच देते। उनका लक्ष्य अब इस स्टार्टअप को पूरे देश में फैलाना है और ‘जंक रिमूवल’ इंडस्ट्री में तकनीक के माध्यम से बड़े बदलाव लाना है।

गर्मी में शहतूत है सेहत का खजाना! खून बढ़ाने से लेकर इम्यूनिटी तक फायदे, शरीर रहेगा ठंडा और बीमारियां रहेंगी दूर

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Last Updated:April 04, 2026, 16:54 IST गर्मियों में मिलने वाला शहतूत सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद आयरन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह खून बढ़ाने, पाचन सुधारने, इम्यूनिटी मजबूत करने के साथ-साथ त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी है. इसलिए इसे अपनी डाइट में शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. शहतूत में आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है. एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए यह खास तौर पर फायदेमंद है. नियमित सेवन से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर होता है और कमजोरी व चक्कर जैसी समस्याएं कम होती हैं. यह खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए उपयोगी है और खून बढ़ाने का सस्ता व प्राकृतिक उपाय है. डॉ. ऐजल पटेल के अनुसार, शहतूत में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. रोजाना सेवन से आंतें साफ रहती हैं और पेट हल्का महसूस होता है. गर्मियों में यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. शहतूत में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं. यह शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की ताकत देता है. नियमित सेवन से सर्दी-जुकाम और संक्रमण का खतरा कम होता है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, यह फल सभी के लिए प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर का काम करता है. Add News18 as Preferred Source on Google शहतूत में पोटेशियम और फ्लेवोनॉइड्स होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं. यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करता है. साथ ही, यह खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाकर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में सहायक है. नियमित सेवन से दिल मजबूत रहता है और हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है. शहतूत ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है और शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है. इससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा मिल सकता है. हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. संतुलित मात्रा में खाने से शुगर लेवल स्थिर रहता है और अचानक बढ़ने का खतरा कम होता है. शहतूत में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं. यह फ्री रेडिकल्स से बचाकर समय से पहले बूढ़ा होने से रोकता है. नियमित सेवन से त्वचा साफ, मुलायम और चमकदार बनती है. गर्मियों में यह धूप के असर से बचाने और दाग-धब्बों को कम करने में भी मदद करता है. शहतूत में विटामिन और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं. इसका सेवन करने से बाल झड़ने की समस्या कम होती है और बाल घने व चमकदार बनते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व स्कैल्प को पोषण देकर बालों की ग्रोथ बढ़ाते हैं. बालों की कमजोरी या रूखापन दूर करने के लिए शहतूत का सेवन फायदेमंद है. गर्मियों में शहतूत शरीर को ठंडक पहुंचाता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. इसके सेवन से शरीर तरोताजा और ऊर्जावान बना रहता है. यह लू के प्रभाव से बचाने में भी मदद करता है और थकान को दूर करता है. गर्मियों में स्वस्थ और एक्टिव रहने के लिए शहतूत को डाइट में शामिल करना फायदेमंद है. First Published : April 04, 2026, 16:54 IST