Sunday, 11 Oct 2026 | 07:56 AM

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DMK-कांग्रेस ‘भ्रमित गठबंधन’, AINRC-भाजपा गठबंधन ‘थक गया’: पुडुचेरी रैली में विजय | राजनीति समाचार

DC Vs MI Live Score: Follow latest updates from IPL 2026 match today. (PTI Photo)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 14:22 IST अभिनेता से नेता बने और तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय, जो चुनावी शुरुआत करने जा रहे हैं, ने पुडुचेरी में एक सार्वजनिक रैली में अपने प्रतिद्वंद्वियों पर कटाक्ष किया। अभिनेता से नेता बने और टीवीके प्रमुख विजय की फाइल फोटो अभिनेता से नेता बने और तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय, जो चुनावी शुरुआत करने जा रहे हैं, ने पुडुचेरी में एक सार्वजनिक रैली में अपने प्रतिद्वंद्वियों पर कटाक्ष किया। विजय, जिन्होंने पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला किया है, ने DMK-कांग्रेस गठबंधन को “भ्रमित गठबंधन” और AINRC-भाजपा गठबंधन को “थका हुआ गठबंधन” करार दिया। उन्होंने मतदाताओं से पुदुचेरी में पार्टी के “सीटी” चिन्ह का समर्थन करने का आग्रह किया ताकि “एक-उंगली क्रांति” शुरू की जा सके, जो उनकी एक फिल्म के संवाद का स्पष्ट संदर्भ था। पीटीआई सूचना दी. इससे पहले टीवीके ने पुडुचेरी में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी और 30 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी. पुडुचेरी में मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। न्यूज़18 ने यह भी कवर किया: क्या कांग्रेस जीत सकती है? संख्याएँ, इतिहास और प्रमुख चुनौतियाँ पुडुचेरी 2021 चुनाव में क्या हुआ? मुख्यमंत्री और एआईएनआरसी के संस्थापक-अध्यक्ष एन रंगासामी के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार दूसरे कार्यकाल पर नजर गड़ाए हुए है। कांग्रेस और द्रमुक केंद्र शासित प्रदेश में सत्ता हासिल करने के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं। पुडुचेरी विधानसभा चुनाव 2026: देखें कि कौन से उम्मीदवार कौन सी सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं 2021 पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में AINRC 10 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। द्रमुक को छह सीटें मिलीं, जबकि भाजपा और कांग्रेस ने छह-छह सीटें जीतीं। पुडुचेरी की 33 सदस्यीय विधान सभा में 30 निर्वाचित सीटें शामिल हैं, जहां तीन सदस्यों को केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाता है। जगह : पुडुचेरी (पांडिचेरी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 14:21 IST समाचार राजनीति द्रमुक-कांग्रेस ‘भ्रमित गठबंधन’, एआईएनआरसी-भाजपा गठबंधन ‘खत्म’: पुडुचेरी रैली में विजय अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)विजय पुडुचेरी चुनाव(टी)तमिलगा वेट्री कड़गम(टी)टीवीके विजय का राजनीतिक पदार्पण(टी)पुडुचेरी विधानसभा चुनाव(टी)डीएमके कांग्रेस गठबंधन(टी)एआईएनआरसी बीजेपी गठबंधन(टी)व्हिसल सिंबल पार्टी(टी)पुडुचेरी 2021 चुनाव परिणाम

IPBL शुरू, बैडमिंटन में एंटरटेनमेंट और स्टार्स का संगम:टीवी स्टार्स बनीं टीम ओनर, युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच, मुकाबले होंगे रोमांचक और ग्लैमरस

IPBL शुरू, बैडमिंटन में एंटरटेनमेंट और स्टार्स का संगम:टीवी स्टार्स बनीं टीम ओनर, युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच, मुकाबले होंगे रोमांचक और ग्लैमरस

स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट का अनोखा संगम लेकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग (IPBL) सुर्खियों में है। इस लीग की सबसे खास बात यह है कि इसमें खेल के साथ टीवी इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्रियां टीम ओनर के रूप में नजर आएंगी, जिससे लीग को ग्लैमरस टच मिला है। लीग के कमीश्नर पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह हैं, जबकि संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी इस पूरी पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। टीम ओनर्स में उर्वशी ढोलकिया, सुमोना चक्रवर्ती, उपासना सिंह, दीपशिखा नागपाल, गीतांजलि मिश्रा, आस्था चौधरी, फलाक नाज और गुरप्रीत कौर चड्ढा जैसे नाम शामिल हैं। प्लेयर ऑक्शन में 142 खिलाड़ियों में से 63 खिलाड़ियों को 8 टीमों ने खरीदा। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि स्टार पावर की भी रही। उर्वशी ढोलकिया ने कहा, “ इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग एक पावरफुल मूवमेंट है, जो टैलेंट को पहचान देने के साथ उसे बड़े मंच तक पहुंचाएगा।” सुमोना चक्रवर्ती ने इसे एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स का बेहतरीन कॉम्बिनेशन बताया। उपासना सिंह ने कहा, “यह लीग भारतीय बैडमिंटन को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।” आस्था चौधरी ने इसे स्पोर्ट्स रिवोल्यूशन का हिस्सा बनने का मौका बताया। वहीं गुरप्रीत कौर चड्ढा ने कहा, “यह एक शानदार अवसर है, जहां हम देशभर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और बैडमिंटन को प्रमोट करने में योगदान दे सकते हैं।” फाउंडर और संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी ने कहा, “ इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग भारतीय खेलों के भविष्य में एक लंबी अवधि का निवेश है, जिसका उद्देश्य उभरती प्रतिभाओं को पहचान और मंच देना है।” इस लीग में मुंबई, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पंजाब, गुजरात, हैदराबाद और कोलकाता की टीमें हिस्सा लेंगी। हर टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का ग्लैमर भी जुड़ा होगा, जिससे मुकाबले और भी रोमांचक बनेंगे। कमिश्नर हरभजन सिंह ने कहा, “ इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट को जोड़ने वाला एक खास मंच है, जो खिलाड़ियों को नए मौके देगा।” कुल मिलाकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग अब सिर्फ बैडमिंटन लीग नहीं, बल्कि एक ग्लैमरस स्पोर्ट्स शो बनती नजर आ रही है, जहां खेल के साथ-साथ स्टार्स का जलवा भी देखने को मिलेगा।

IPBL शुरू, बैडमिंटन में एंटरटेनमेंट और स्टार्स का संगम:टीवी स्टार्स बनीं टीम ओनर, युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच, मुकाबले होंगे रोमांचक और ग्लैमरस

IPBL शुरू, बैडमिंटन में एंटरटेनमेंट और स्टार्स का संगम:टीवी स्टार्स बनीं टीम ओनर, युवा खिलाड़ियों को मिला बड़ा मंच, मुकाबले होंगे रोमांचक और ग्लैमरस

स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट का अनोखा संगम लेकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग (IPBL) सुर्खियों में है। इस लीग की सबसे खास बात यह है कि इसमें खेल के साथ टीवी इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्रियां टीम ओनर के रूप में नजर आएंगी, जिससे लीग को ग्लैमरस टच मिला है। लीग के कमीश्नर पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह हैं, जबकि संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी इस पूरी पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। टीम ओनर्स में उर्वशी ढोलकिया, सुमोना चक्रवर्ती, उपासना सिंह, दीपशिखा नागपाल, गीतांजलि मिश्रा, आस्था चौधरी, फलाक नाज और गुरप्रीत कौर चड्ढा जैसे नाम शामिल हैं। प्लेयर ऑक्शन में 142 खिलाड़ियों में से 63 खिलाड़ियों को 8 टीमों ने खरीदा। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि स्टार पावर की भी रही। उर्वशी ढोलकिया ने कहा, “इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग एक पावरफुल मूवमेंट है, जो टैलेंट को पहचान देने के साथ उसे बड़े मंच तक पहुंचाएगा।” सुमोना चक्रवर्ती ने इसे एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स का बेहतरीन कॉम्बिनेशन बताया। उपासना सिंह ने कहा, “यह लीग भारतीय बैडमिंटन को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।” आस्था चौधरी ने इसे स्पोर्ट्स रिवोल्यूशन का हिस्सा बनने का मौका बताया। वहीं गुरप्रीत कौर चड्ढा ने कहा, “यह एक शानदार अवसर है, जहां हम देशभर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और बैडमिंटन को प्रमोट करने में योगदान दे सकते हैं।” फाउंडर और संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी ने कहा, “इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग भारतीय खेलों के भविष्य में एक लंबी अवधि का निवेश है, जिसका उद्देश्य उभरती प्रतिभाओं को पहचान और मंच देना है।” इस लीग में मुंबई, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पंजाब, गुजरात, हैदराबाद और कोलकाता की टीमें हिस्सा लेंगी। हर टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का ग्लैमर भी जुड़ा होगा, जिससे मुकाबले और भी रोमांचक बनेंगे। कमिश्नर हरभजन सिंह ने कहा, “इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट को जोड़ने वाला एक खास मंच है, जो खिलाड़ियों को नए मौके देगा।” कुल मिलाकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग अब सिर्फ बैडमिंटन लीग नहीं, बल्कि एक ग्लैमरस स्पोर्ट्स शो बनती नजर आ रही है, जहां खेल के साथ-साथ स्टार्स का जलवा भी देखने को मिलेगा।

बजरंगगढ़ में नदी में मिला लापता युवक का शव:हनुमान जयंती के दिन टेकरी पर दर्शन करने का कहकर निकला था; नदी के पास मिली थी बाइक

बजरंगगढ़ में नदी में मिला लापता युवक का शव:हनुमान जयंती के दिन टेकरी पर दर्शन करने का कहकर निकला था; नदी के पास मिली थी बाइक

गुना के बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में लापता युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। आरोन निवासी 28 वर्षीय कमल साहू, जो 2 अप्रैल से लापता था, उसका शव शनिवार सुबह चौपेट नदी में तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। थाना प्रभारी कृपाल सिंह परिहार के अनुसार, कमल साहू 2 अप्रैल की शाम घर से यह कहकर निकला था कि वह अपनी ससुराल सेमरी और हनुमान टेकरी दर्शन के लिए जा रहा है। लेकिन 3 अप्रैल तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आरोन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पुलिस को बजरंगगढ़ के पास चौपेट नदी किनारे एक लॉक लगी बाइक मिली, जिसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और आसपास सर्चिंग शुरू की गई। शनिवार सुबह सर्चिंग के दौरान मृतक के ससुर सहित अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे, तभी नदी में युवक का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। मृतक के भाई अंकित साहू ने बताया कि कमल ने घर से निकलते समय किसी प्रकार की परेशानी का जिक्र नहीं किया था और न ही उसकी किसी से कोई रंजिश थी। उसका मोबाइल भी अगले दिन से बंद आ रहा था। मृतक के परिवार में पत्नी और दो साल की एक बेटी है। वह परिवार के साथ गल्ले के व्यापार से जुड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

हरियाणवी-मलयालम जैसी भाषाओं के रैप भी वायरल:धुरंधर में मेघालय की सिंगर रेबल के तीन गाने हिट; अब नॉर्थईस्ट-केरल के सिंगर भी वायरल

हरियाणवी-मलयालम जैसी भाषाओं के रैप भी वायरल:धुरंधर में मेघालय की सिंगर रेबल के तीन गाने हिट; अब नॉर्थईस्ट-केरल के सिंगर भी वायरल

धुरंधर की सफलता के पीछे उसका साउंडट्रैक भी है। मेघालय की 22 वर्षीय सिंगर रेबल (डायाफी लामारे) धुरंधर में अपने गानों से वायरल हुई हैं। रेबल ने नाल नचना, रन डाउन द सिटी और आरी आरी जैसे हिट ट्रैक्स फिल्म को दिए। ये एक नया ट्रेंड है, तमिल हो या मराठी, अब हर राज्य के अपने रैप वायरल हो रहे हैं। श्रेयस सागवेकर आज मराठी रैप का बड़ा चेहरा हैं। उनके मराठी ट्रैक ‘तांबडी चामडी’ को 5 करोड़ से अधिक यूट्यूब व्यूज मिले। इसी तरह मलयालम रैप भी केरल में पॉपुलर है। रैपर डैब्जी (मोहम्मद फासिल) का ‘इलूमिनाटी’ इसका उदाहरण है। यूट्यूब पर इसके 41 करोड़ व्यूज हैं। कश्मीर में ‘कोशूर रैप’ है, जिसमें वहां की जिंदगी को रैप के जरिए सुनाते हैं। रेबल: 24 वर्षीय रैपर; धुरंधर में इनके गाने वायरल 24 वर्षीय रेबल मेघालय में जन्मी हैं। उन्हें 10 की उम्र से म्यूजिक का शौक है। बेंगलुरु से इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने पारंपरिक करियर की बजाय म्यूजिक को ही चुना। हाल ही में रेबल ने मलयालम फिल्म लोकह चैप्टर 1 चंद्रा में भी काम किया है। धुरंधर में 3 गाने गाए हैं। ढांडा न्योलीवाला – पहले जैवलिन थ्रोअर थे ढांडा न्योलीवाला 1998 में हरियाणा के हिसार जिले के न्योली कलां गांव में जन्मे। एक सरकारी स्कूल टीचर के बेटे हैं। म्यूजिक से पहले वह राष्ट्रीय स्तर के जैवलिन थ्रोअर रह चुके हैं। सितंबर 2022 में ‘अप टु यू’से उन्हें सक्सेस मिली। अब हरियाणवी रैप को पॉपुलर बना रहे। पाल डब्बा – पहले डांसर थे, अब तमिल के बड़े रैपर इनका असली नाम अनीश है। उनका स्टेज नाम पाल डब्बा है, तमिल में जिसका मतलब ‘दूध पाउडर का डिब्बा’ होता है। उन्होंने अपनी जड़ों और नॉर्थ चेन्नई की संस्कृति को सम्मान देने के लिए चुना। रैपर बनने से पहले वे एक डांसर थे। स्पॉटिफाई पर 54 लाख मंथली लिसनर्स हैं। हनुमानकाइंड – कॉर्पोरेट जॉब छोड़ रैपर बने 2024 में ‘बिग डॉग्स’ जैसे वायरल हिट से ग्लोबल पहचान हासिल की, जो बिलबोर्ड हॉट 100 में 23वें स्थान तक पहुंचा। म्यूजिक इंडस्ट्री में आने से पहले वह 2014 में गोल्डमैन सैक में काम कर चुके हैं। कोरियन वेब सीरीज स्किव्ड गेम में भी इनका ट्रैक लिया गया था। असर – रीजनल रैप में 118% तक की उछाल- केन रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में भारत में कुल म्यूजिक कंजम्पशन का 34% हिस्सा रीजनल म्यूजिक का रहा। वहीं स्पॉटिफाई के डेटा के अनुसार हरियाणवी और मलयालम जैसी भाषाओं में रीजनल हिप-हॉप में 500 से 600% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कॉकरोच हटाने के उपाय: कॉकरोच ने किचन-बाथरूम की नाल पर कब्ज़ा कर लिया है? इन 2 उपायों से एक मिनट में हो जाएंगे रफूचक्कर

हल्दी नीम पाउडर और बेकिंग सोडा का उपयोग करके रसोई और बाथरूम की जल निकासी से कॉकरोच से कैसे छुटकारा पाएं कॉकरोच भगाने के देसी उपाय

4 अप्रैल 2026 को 12:52 IST पर अपडेट किया गया कॉकरोच भगाने के उपाय: किचन और किचन की नालियों में कॉकरोच का होना बहुत आम समस्या है। ये न सिर्फ गाय-बैल फैले हुए हैं, बल्कि स्थैतिक का कारण भी बन सकते हैं। अगर आप भी परेशान हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद हल्दी से ही आप आसानी से भाग सकते हैं। तो जानें जानें यहां भागने के आसान उपाय- अनुसरण करना : उपाय 1: हल्दी और फर्म सोडा का मिश्रण: 1 माइनॉर्ज़ लें हल्दी और 1 मेरिक्स सोडा स्टॉक्स। इसमें थोड़ा सा पानी स्टेरॉयड पेस्ट बना लें। इससे कॉकरोच जल्दी भाग जाते हैं। छवि: फ्रीपिक इस पेस्ट को किचन और किश्ती की नाल के आसपास लगाया गया। रात भर ऐसे ही निकल जाना। हल्दी में एंटी-एसिड गुण होते हैं और सोडा कॉकरोच को खत्म करने में मदद मिलती है। छवि: फ्रीपिक उपाय 2: हल्दी और नीम पाउडर: 1 माइक्रो हल्दी और 1 माइक्रो नीम का पाउडर इस मिश्रण को सूखा ही नालो और देशी में छिड़कें। जहां कॉकरोच प्रमुख दिग्दर्शन हैं, वहां विशेष ध्यान हैं। छवि: फ्रीपिक नीम और हल्दी दोनों ही प्राकृतिक कीट-नाशक हैं। यूक्रेनी गंध कॉकरोच को दूर भगाएं। छवि: एआई किचन और किचन को हमेशा साफ रखें। नालो में जमी गंदगी को समय-समय पर साफ करें। खाने की चीज़ें खुली न छोड़ें। रात में एक साथ रहने की कोशिश करें। छवि: फ्रीपिक कॉकरोच से निःशुल्क प्राप्त करने के लिए महिंद्रा केमिकल्स की आवश्यकता नहीं है। हल्दी जैसे घरेलू उपाय से भी आप आसानी से आराम पा सकते हैं। छवि: एआई बस थोड़ी सी नियमितता और सफाई साफ-सुथरा ताकि आपका घर रहे साफ और किट-मुक्त रहे। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 4 अप्रैल 2026 12:52 IST

रामायण में भगवान परशुराम के रोल में भी दिखेंगे रणबीर:एक्टर ने खुद किया कन्फर्म, बोले- यह किरदार निभाना भी मेरे लिए खास अनुभव रहा

रामायण में भगवान परशुराम के रोल में भी दिखेंगे रणबीर:एक्टर ने खुद किया कन्फर्म, बोले- यह किरदार निभाना भी मेरे लिए खास अनुभव रहा

एक्टर रणबीर कपूर ने कन्फर्म किया है कि वह फिल्म रामायण में भगवान राम के साथ भगवान परशुराम के किरदार में भी दिखेंगे। लॉस एंजेलिस में ‘कोलाइडर’ को दिए इंटरव्यू में जब रणबीर से सवाल पूछा गया कि वह भगवान राम और परशुराम जैसे दो अलग-अलग स्वभाव वाले किरदारों को बॉडी लैंग्वेज और आवाज से कैसे अलग दिखा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के कई अवतार रहे हैं, जिनमें भगवान राम एक अवतार हैं, जबकि उनसे पहले भगवान परशुराम भी अवतार थे। रणबीर ने कहा कि भगवान राम का किरदार निभाने का मौका मिलना ही बड़ी बात थी, लेकिन साथ ही भगवान परशुराम का रोल निभाना उनके लिए और भी खास अनुभव रहा। उन्होंने आगे कहा कि एक एक्टर के रूप में केवल बॉडी लैंग्वेज ही नहीं, बल्कि रोल की आध्यात्मिकता और उसकी भावनाओं को गहराई से समझना जरूरी होता है। उनका मानना है कि एक्टिंग की शुरुआत यहीं से होती है। रणबीर ने यह भी कहा कि फिल्म रामायण की शूटिंग से पहले उन्होंने पूरे एक साल तक इन किरदारों को समझने पर काम किया। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि ये पात्र कौन हैं, उनकी सोच क्या है और उनके उद्देश्य क्या हैं। बेटी को रामायण की कहानियां सुनाते थे रणबीर लॉस एंजेलिस में रणबीर ने मीडिया इंटरेक्शन में यह भी बताया कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें फिल्म रामायण का हिस्सा बनने का मौका मिला। यह मौका उन्हें उसी समय मिला, जब वह पिता बने थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी साढ़े तीन साल की है। जब वह भगवान राम का किरदार निभा रहे थे, तब घर लौटकर वह अपनी बेटी को रामायण की कहानियां सुनाते थे। रणबीर ने कहा कि उनकी बेटी इस विषय को लेकर काफी उत्सुक रहती है। वह उनसे पूछती थी कि क्या उन्होंने आज हनुमान जी या सीता जी के साथ शूट किया। उन्होंने बताया कि यह उसकी रामायण के प्रति दिलचस्पी को दर्शाता है।

सिन्दूर के विरोध में ईरान युद्ध: कांग्रेस नेता जिन्होंने पार्टी लाइन का पालन नहीं किया, केंद्र के रुख का समर्थन किया | भारत समाचार

Nehal Wadhera and Shreyas Iyer are building a partnership (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 12:24 IST राहुल गांधी ने पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति को समझौतावादी बताया। इसके विपरीत, शशि थरूर ने इसे “जिम्मेदार शासनकला” कहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने विदेश नीति, एलपीजी पर राहुल गांधी का विरोध किया ईरान युद्ध और एलपीजी आपूर्ति पर चिंताओं ने कांग्रेस पार्टी के भीतर दरारें उजागर कर दी हैं। कमलनाथ, आनंद शर्मा, शशि थरूर और मनीष तिवारी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के पश्चिम एशिया संघर्ष और भारत में ईंधन की स्थिति से निपटने के तरीके पर राहुल गांधी से अलग रुख अपनाया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध पर सरकार के कूटनीतिक दृष्टिकोण की बार-बार आलोचना की है। हालाँकि, उनकी अपनी पार्टी के कई नेताओं ने सरकार के कार्यों के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति को समझौतावादी बताया। इसके विपरीत, शशि थरूर ने इसे “जिम्मेदार शासनकला” कहा। राहुल गांधी ने सरकार से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा करने का भी आग्रह किया. खामेनेई की मृत्यु के कुछ दिनों बाद, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली में ईरानी दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए, जो देश की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया थी। मनीष तिवारी ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा कि सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति को संभालने में “संभवतः सही काम” कर रही है। वरिष्ठ नेता सरकार के समर्थन में आनंद शर्मा ने सरकार के कूटनीतिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इसे “परिपक्व और कुशल” बताया। पोस्ट की एक श्रृंखला में, उन्होंने राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि भारत की प्रतिक्रिया सर्वसम्मति से निर्देशित होनी चाहिए। एलपीजी मुद्दे पर भी कमल नाथ पार्टी की लाइन से अलग हो गए। जबकि कांग्रेस कथित कमी को लेकर सरकार पर हमला कर रही है, उन्होंने कहा कि ऐसा कोई संकट नहीं है और कमी की धारणा बनाई जा रही है। बीजेपी का कांग्रेस पर पलटवार बीजेपी ने इन बयानों का इस्तेमाल कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए किया. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कमल नाथ की टिप्पणी से पता चलता है कि पेट्रोल, डीजल या गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक कारणों से डर फैलाने का आरोप लगाया. अब तो कांग्रेस नेता निकोलस जी ने भी खुद कहा है कि देश में पेट्रोल-डीज़ल और गैस की कोई कमी नहीं है। झूठ और भ्रम के बलबूते जनता को इतने दिनों तक अनाड़ी कर रही है अब शर्म आनी चाहिए। अब समय आ गया है कि कांग्रेस पार्टी में डर और शैतान पैदा होकर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकना… https://t.co/z0VXHSvKj0 -ज्योतिरादित्य एम.सिंधिया (@JM_Scindia) 2 अप्रैल 2026 पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन्हें अवसरवादी बताया. ऑपरेशन सिन्दूर के बाद से पैटर्न में बदलाव ऐसे मतभेद नये नहीं हैं. जम्मू-कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद 7 मई, 2025 को शुरू किए गए ऑपरेशन सिन्दूर के बाद भी ऐसी ही स्थिति सामने आई थी। उस समय, शशि थरूर ने सरकार के कार्यों का समर्थन किया, जबकि राहुल गांधी ने इसकी “राजनीतिक इच्छाशक्ति” की आलोचना की। मनीष तिवारी ने भी ऑपरेशन और सशस्त्र बलों की भूमिका की सराहना की. बाद में सरकार ने विदेश में भारत का पक्ष रखने के लिए 59 सांसदों का एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल बनाया। कांग्रेस ने थरूर और तिवारी को शामिल करने पर आपत्ति जताई और कहा कि उसके नेतृत्व से सलाह नहीं ली गई। थरूर को अमेरिका और लैटिन अमेरिका का दौरा करने वाले प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व करने के लिए भी चुना गया था। ऑपरेशन सिन्दूर पर संसदीय बहस के दौरान थरूर और तिवारी दोनों को बोलने का मौका नहीं दिया गया। ईरान युद्ध पर ताजा मतभेद चल रहे यूएस-इजरायल-ईरान संघर्ष ने पार्टी के भीतर विभाजन को फिर से उजागर कर दिया है। आनंद शर्मा ने सरकार के दृष्टिकोण का समर्थन किया है, जबकि कमल नाथ ने एलपीजी की कमी के दावों को खारिज कर दिया है, जबकि कांग्रेस इस मुद्दे को उठा रही है। आनंद शर्मा ने कहा कि भारत ने संकट से निपटने के लिए “संभावित बारूदी सुरंगों” को टाल दिया है और निरंतर राष्ट्रीय संवाद की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने फारस के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंधों और ऊर्जा संकट से उत्पन्न चुनौतियों की ओर भी इशारा किया। दूसरी ओर, कमल नाथ ने कुछ समूहों पर राजनीतिक लाभ के लिए रसोई गैस को लेकर दहशत पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि मध्य प्रदेश में कोई कमी नहीं है। ये घटनाक्रम कांग्रेस नेतृत्व और उसके कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच बढ़ती खाई को रेखांकित करते हैं। विदेश नीति और घरेलू ईंधन आपूर्ति से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं, कई नेता ऐसे रुख अपना रहे हैं जो राहुल गांधी के रुख से मेल नहीं खाते। जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 12:11 IST न्यूज़ इंडिया सिन्दूर के विरोध में ईरान युद्ध: कांग्रेस नेता जिन्होंने पार्टी लाइन का पालन नहीं किया, उन्होंने केंद्र के रुख का समर्थन किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस के आंतरिक मतभेद(टी)राहुल गांधी बनाम वरिष्ठ नेता(टी)ईरान युद्ध भारत प्रतिक्रिया(टी)एलपीजी कमी विवाद(टी)कमलनाथ एलपीजी टिप्पणी(टी)आनंद शर्मा विदेश नीति(टी)शशि थरूर सरकार का समर्थन करते हैं(टी)मनीष तिवारी ऑपरेशन सिन्दूर

हंसने से दिमाग में ‘फील गुड’ हॉर्मोन रिलीज होते हैं:अपनी गलतियों पर हंसना सीखें, मानसिक सेहत बेहतर और घबराहट कम होगी

हंसने से दिमाग में ‘फील गुड’ हॉर्मोन रिलीज होते हैं:अपनी गलतियों पर हंसना सीखें, मानसिक सेहत बेहतर और घबराहट कम होगी

सोचिए, आप एक भरी मीटिंग में अपनी कुर्सी से फिसल जाएं या किसी नए इंसान को गलत बात बोल दें। ऐसे में हम अक्सर शर्म से लाल हो जाते हैं और उस पल को याद कर-कर के घंटों परेशान होते हैं। लेकिन जर्नल ऑफ पर्सनैलिटी एंड सोशल साइकोलॉजी की नई रिसर्च कहती है कि उस पल में अगर आप खुद पर हंसना सीख लें, तो यह आपके मानसिक स्वास्थ्य और सोशल इमेज दोनों के लिए फायदेमंद है। मनोविज्ञान में इसे ‘सेल्फ-डेप्रेकेटिंग ह्यूमर’ कहा जाता है। इसका मतलब है अपनी छोटी-मोटी गलतियों को हंसी में उड़ा देना। इसके लिए खुद को ट्रेंड करें विशेषज्ञ कहते हैं कि हमारी किसी गलती पर लोग हमें उतना जज नहीं करते, जितना हम दिमाग में सोच लेते हैं। किसी गलती पर दिमाग को कहें कि अगर इससे किसी को नुकसान नहीं हुआ, तो ये कोई बड़ी बात नहीं। ऐसे अभ्यास से खुद पर आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। किस स्थिति में न हंसे खुद पर हंसना तभी तक ठीक है जब तक आपकी गलती से किसी का नुकसान न हो। अगर आपकी वजह से किसी को चोट लगती है या किसी का दिल दुखता है, तो वहां हंसना आपको लापरवाह दिखाता है।

गुना में चोरों ने पांच सूने घरों के चटकाए ताले:काले रंग की स्कॉर्पियो से आए थे बदमाश; किसी भी घर में नहीं लगा था CCTV कैमरा

गुना में चोरों ने पांच सूने घरों के चटकाए ताले:काले रंग की स्कॉर्पियो से आए थे बदमाश; किसी भी घर में नहीं लगा था CCTV कैमरा

गुना की भगत सिंह कॉलोनी में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात बदमाशों ने पांच सूने घरों के ताले चटकाकर लगभग दो लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के गहने चोरी कर लिए। स्कूलों की छुट्टियों के कारण इन सभी घरों में रहने वाले किराएदार अपने गांव गए हुए थे, जिसका फायदा उठाकर स्कॉर्पियो सवार चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही कैंट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। किराएदार गांव गए थे, एक ही गली के 5 घरों को बनाया निशाना भगत सिंह कॉलोनी में बदमाशों ने जिन पांच घरों पर धावा बोला, उनके मकान मालिक वहां नहीं रहते हैं और सभी घर किराए से चल रहे थे। इन दिनों स्कूलों की छुट्टियों के कारण सभी किराएदार अपने गांव गए हुए थे और घरों में ताले लटके हुए थे। बदमाशों ने एक ही गली में इन पांच घरों को निशाना बनाया और अलमारियों का सामान बिखेर दिया। हालांकि, चोरों को अन्य घरों से ज्यादा सामान नहीं मिल पाया, लेकिन केवल एक घर से उन्हें डेढ़ लाख नकद और कुछ गहने मिल गए, जिन्हें लेकर वे फरार हो गए। काले रंग की स्कॉर्पियो से आए थे बदमाश, RTO साइट पर रंग सफेद शुरुआती जानकारी के अनुसार, चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश जिस स्कॉर्पियो से आए थे, उसका रंग काला बताया जा रहा है और उस पर MP08T2390 नंबर प्लेट लगी थी। जबकि, आरटीओ (RTO) की साइट पर इस नंबर की स्कॉर्पियो का रंग सफेद दर्ज है। जिन घरों में चोरी हुई, उनमें से किसी भी घर में कैमरे नहीं लगे हुए थे, इसलिए कैंट पुलिस अब यह पता लगाने के लिए सीसीटीवी खंगालने में लगी हुई है कि बदमाश किस तरफ से आए थे। पीड़ित बोला- ताले टूटे हुए थे और सारा सामान बिखरा पड़ा था पीड़ित सईद खान ने बताया कि, “वह सुबह करीब 5 बजे सूचना मिलने पर अपनी बहन के घर पहुंचे तो देखा कि ताले टूटे हुए थे और घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। कॉलोनी के अन्य घरों में भी चोरों ने ताले तोड़े, लेकिन वहां से कोई खास सामान नहीं मिला, जिससे अंदेशा है कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे।”