GST अधिकारी से विवाद के बाद ट्रांसपोर्टर की मौत:आगरा में सड़क पर मिला शव; कॉन्फ्रेंस कर लगाया था वसूली का आरोप

आगरा में एक ट्रांसपोर्टर की लाश शनिवार सुबह 5 बजे सड़क पर मिली। सिर पर चोट के निशान थे। ट्रांसपोर्टर अजहर का कुछ महीनों से GST अधिकारी से विवाद चल रहा था। उन्होंने जीएसटी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अजहर के बेटे सजमल ने बताया- पिता ने गुरुवार को जीएसटी अधिकारी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे कॉल आ रहे थे। उनपर दबाव बनाया जा रहा था कि शिकायत वापस ले लो, नहीं तो तुमको मार दिया जाएगा। पिता शुक्रवार की रात जयपुर जूता ट्रांसपोर्ट करने के लिए निकले थे। इस दौरान उनकी हत्या की गई है। रात में फोन करके बताया था कि GST अधिकारी ने गाड़ी पकड़ ली है, इसके बाद से उनका पता नहीं चला। बॉडी को देख सड़क पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। लाश भोगीपुरा के प्रकाश नगर में मिली थी। अब पढ़िए पूरा मामला… 55 साल के अजहर अली मेवाती गली में अपनी पत्नी और बेटा सजमल के साथ रहते थे। अजहर अली ट्रांसपोर्ट का काम करते थे। उनका जिला जीएसटी अधिकारी से विवाद चल रहा था। उनका कहना था कि जीएसटी अधिकारी आए दिन घुसखोरी करते हैं, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसको लेकर उन्होंने 2 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। भतीजे अरशद ने बताया- चाचा अजहर अली हर बार की तरह शुक्रवार की रात जयपुर के लिए जूता ट्रांसपोर्ट करने के लिए निकले थे। उनका रात 2 बजे फोन आया था। बताया कि GST अधिकारी ने गाड़ी को पकड़ लिया है, वे अब GST ऑफिस जा रहे हैं। इसके बाद कोई फोन नहीं आया, गाड़ी छूट गई या नहीं। ये भी नहीं पता चला। कुछ देर बाद हमने फोन किया तो बंद जा रहा था। अरशद ने बताया- जहां हमारी ट्रांसपोर्ट कंपनी है, वहां से तीन घंटे बाद करीब 5 बजे फोन आया कि चाचा का शव पड़ा है। इसके बाद हम सभी लोग पहुंच गए। मौके पर जब पहुंचे तो देखा की चाचा के सिर में चोट के निशान हैं। उनकी मौत हो चुकी है। पुलिस के पास एक वीडियो है, उसमें लग रहा कि चाचा को एक कार फेंक कर गई है और किसी ने उनकी हत्या की है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्र के CCTV देखे जा रहे हैं, जिससे पता चल सके कि कार से एक्सीडेंट हुआ है, या फिर कार में से अजहर को फेंका गया है। कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे बाद ही लाश मिली गुरुवार को अजहर ने जीएसटी अधिकारी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसमें पीड़ित रवि मोहन और अजहर अली ने पूरी जानकारी दी थी। दोनों पीड़ितों ने दावा किया था कि जिन जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है, वे अब शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के 24 घंटे बाद ही दोनों पीड़ितों में से एक अजहर अली की लाश आज सड़क किनारे मिली। बेटे ने कहा- जीएसटी अधिकारी के साथ गए थे पिता अजहर के बेटे सजमल ने कहा- उनका परिवार ट्रांसपोर्ट का काम करता है। उनके पिता अजहर अली जीएसटी अधिकारी रेशु त्रिपाठी द्वारा अपनी गाड़ी रोके जाने पर पेपर चेक कराने गए थे, लेकिन अधिकारी गाड़ी लेकर चली गईं। अजहर अली भी उनके साथ गए। आज सुबह करीब 5 बजे उन्हें पिता की लाश मिलने की सूचना मिली। एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया- सीसीटीवी में एक कार ट्रांसपोर्टर को टक्कर मारते दिख रही है। परिजन के कहने पर वीडियोग्राफी के साथ चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया है। कार और चालक का पता लगाया जा रहा है। परिजन जो तहरीर देंगे, उसके आधार पर भी जांच की जाएगी। ———————- आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ये खबर भी पढ़ें… काशी में योगी ने फिल्म धुरंधर की तारीफ की; कहा- अब फिल्मों में ‘डकैत’ दिखाए जा रहे, MP के सीएम ने गिफ्ट की वैदिक घड़ी सीएम योगी ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की। मौका था, काशी में शुक्रवार को चल रहे विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का। योगी ने कहा- आज की फिल्मों में ‘डकैतों’ को दिखाया जा रहा है। आज की फिल्में बदली हैं। पहले तो सही को गलत और गलत को सही दिखाया जा रहा था। अब सही को सही दिखाया जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर
ग्वालियर में मौसम बदला, गर्मी से राहत:बूंदाबांदी से फीकी पड़ रही गेहूं की चमक,न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री पर पहुंचा, आज बारिश का येलो अलर्ट

ग्वालियर में जम्मू-कश्मीर से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दे रहा है। शुक्रवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई और दिनभर बादल छाए रहे, जिससे गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान गिरकर 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शनिवार का न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विभाग ने 4 अप्रैल के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 7 अप्रैल तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि, बदला हुआ मौसम किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है। लगातार नमी और बूंदाबांदी के कारण गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। बालियां भीगने से फीकी पड़ रही गेहूं की चमक खेतों में खड़ी गेहूं की बालियां भीगने से दाने काले पड़ने लगे हैं और उनकी चमक कम हो रही है। इससे बाजार में गेहूं की कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मौसम इसी तरह बदलता रहा, तो फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम में फिर से जल्द ही बदलाव होने वाला है, वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटे में बूंदाबांदी के साथ तेज बारिश आंधी चलने की संभावना जताई है। एक दिन पहले गर्मी से बेहाल थे लोग अगर पिछले दो दिनों की बात करें तो शहर में तेज धूप और गर्मी से लोग बेहाल हो रहे थे, लोग घर से निकलने से पहले चेहरा, हाथ और पैरों को पूरे कपड़े से ढंककर निकल रहे थे। सूर्य की तपिश इतनी तेज थी कि लोग इनसे बचने के लिए पेड़ों की छांव ढूंढ रहे थे, लेकिन बीते रात हुई हल्की बनाई और तेज हवाओं के चलते लोगों को बड़ी राहत मिली है।
खाकर फेंकिए मत तरबूज के छिलके! बहुत फायदेमंद हैं ये सेहत के लिए, जानें डाइट में कैसे करें शामिल

Watermelon Rind Benefit : गर्मी का मौसम आते ही लाल-लाल और रसीले तरबूज की याद आने लगती है. हम सब बड़े चाव से तरबूज खाते हैं और उसके लाल हिस्से का लुत्फ़ उठाते हैं, लेकिन जैसे ही सफेद और हरा छिलका सामने आता है, उसे ‘कचरा’ समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो रुक जाइए! क्योंकि जिस छिलके को आप फेंक रहे हैं, असल में वह सेहत का खजाना है. हेल्थलाइन के मुतााबिक, तरबूज का 92% हिस्सा पानी होता है, लेकिन इसके छिलके में ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो आपकी बॉडी के लिए किसी ‘सुपरफूड’ से कम नहीं हैं. आइए जानते हैं आखिर क्यों ये छिलके आपके लिए कीमती हैं. क्यों खाएं तरबूज के छिलके(Why eat watermelon peel)? ब्लड प्रेशर रहेगा कंट्रोल: अगर डॉक्टर ने आपको बीपी कंट्रोल करने की सलाह दी है, तो तरबूज का छिलका आपकी मदद कर सकता है. रिसर्च कहती है कि इसके छिलके का अर्क मोटापे से जूझ रहे लोगों में ब्लड प्रेशर को काबू करने में मदद करता है. वर्कआउट में मिलेगी एनर्जी: जिम जाने वालों के लिए यह कमाल की चीज़ है. इसमें ‘सिट्रलाइन’ (Citrulline) नाम का एमिनो एसिड होता है, जो नसों को फैलाता है और मांसपेशियों तक ऑक्सीजन पहुँचाता है. इससे आप एक्सरसाइज के दौरान जल्दी थकते नहीं हैं. पेट की समस्याओं का काल (Fiber Rich): तरबूज के छिलके में भरपूर फाइबर होता है. यह न सिर्फ आपका पेट साफ रखता है, बल्कि कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को भी कम करने में मदद करता है. इसे खाने से पेट भरा-भरा लगता है, जिससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है. शादीशुदा जिंदगी में लाएगा मिठास: यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन रिसर्च बताती है कि इसके छिलके में मौजूद सिट्रलाइन पुरुषों में लिबिडो बढ़ाने और कुछ गुप्त समस्याओं को दूर करने में भी मददगार हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. कैसे करें खाने में इस्तेमाल? मसालेदार स्नैक: तरबूज के सफेद हिस्से को पतले टुकड़ों में काट लें. इस पर थोड़ा नींबू का रस, चाट मसाला या लाल मिर्च छिड़कें. इसका स्वाद बिल्कुल ताजे खीरे जैसा क्रंची और चटपटा लगता है. यह शाम की हल्की भूख के लिए बेस्ट है. देसी सब्जी या अचार: बहुत कम लोग जानते हैं कि तरबूज के छिलके की सब्जी लाजवाब बनती है. आप इसे आलू के साथ या मसालों में भूनकर सूखी सब्जी की तरह बना सकते हैं. इसके अलावा, इसका खट्टा-मीठा अचार भी लंबे समय तक चलता है और खाने का स्वाद बढ़ा देता है. ठंडी फ्रूट कैंडी: गर्मियों में कुछ ठंडा खाने का मन हो, तो तरबूज के स्लाइस को छिलके समेत फ्रीजर में रख दें. जमने के बाद इसे बाहर निकालें और किसी ठंडी कैंडी या आइसक्रीम की तरह खाएं. यह बच्चों को भी खूब पसंद आता है. हेल्दी स्मूदी और जूस: अगर आप जूस या स्मूदी के शौकीन हैं, तो छिलके के सफेद हिस्से को छीलकर मिक्सर में डाल दें. इससे आपके ड्रिंक में एक्स्ट्रा फाइबर जुड़ जाएगा, जो पेट साफ रखने और वजन घटाने में मदद करता है. अगली बार जब घर में तरबूज आए, तो छिलकों को बेकार समझकर फेंकने की गलती न करें. इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं और कम खर्च में अपनी सेहत को बनाएं फौलादी!
क्या 'रामायण' के सीन हॉलीवुड फिल्मों की कॉपी हैं?:टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स जैसे विजुअल्स को लेकर सवाल उठे

नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही फिल्म रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया। टीजर में वॉर सीन और शानदार VFX भी दिखा, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया। टीजर में दिखाया गया वॉर सीन (लंका में तबाही का माहौल) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसा लगा। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर एक यूजर ने लिखा, “रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ़ बनाया जा रहा है?” वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, “समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले।” जब एक यूजर ने कहा कि रामायण के सीन गेम ऑफ़ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं।
उच्च मतदान प्रतिशत: क्यों केरल में लगातार राष्ट्रीय औसत से ऊपर मतदान हो रहा है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 10:36 IST उच्च साक्षरता, मजबूत जमीनी स्तर की राजनीति और करीबी एलडीएफ यूडीएफ प्रतियोगिताओं के कारण केरल में 70 से 80 के बीच मतदान हुआ, जो 2024 के राष्ट्रीय 65.79 से कहीं अधिक है। केरल में एक चरण में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी. (फोटो: पीटीआई फाइल) केरल में उच्च मतदान प्रतिशत: केरल में नियमित रूप से राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया जा रहा है। जबकि 2024 के लोकसभा चुनावों में भारत का कुल मतदान 65.79% था, केरल में ऐतिहासिक रूप से चुनावों में भागीदारी का स्तर 70% से लगभग 80% के बीच देखा गया है। यह सुसंगत पैटर्न आकस्मिक नहीं है – यह उन सामाजिक, राजनीतिक और संस्थागत कारकों के संयोजन का परिणाम है जिन्होंने दशकों से राज्य की लोकतांत्रिक संस्कृति को आकार दिया है। केरल में ऐतिहासिक रूप से हर पांच साल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के बीच सत्ता का आदान-प्रदान देखा गया है। हालाँकि, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 2021 के विधानसभा चुनावों में एलडीएफ को लगातार जीत दिलाकर इतिहास रचते हुए लंबे समय से चली आ रही इस प्रवृत्ति को तोड़ दिया। अब यह देखना बाकी है कि क्या विजयन इस चुनाव में एक बार फिर राज्य की मजबूत सत्ता विरोधी लहर पर काबू पा पाते हैं या नहीं। केरल में एक चरण में विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी. राजनीतिक रूप से जागरूक एवं शिक्षित मतदाता 96.2% की साक्षरता दर के साथ, केरल भारत के सबसे शिक्षित राज्यों में से एक है। शिक्षा के अलावा, यहां के लोग राजनीतिक रूप से गहराई से जागरूक हैं- यह प्रमुख कारणों में से एक है कि राज्य चुनावों में लगातार उच्च मतदान दर्ज करता है। विश्लेषकों का कहना है कि केरल में, मतदान को एक निष्क्रिय कार्य के बजाय एक नागरिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाता है, जहां नागरिक राजनीतिक बहस, सार्वजनिक मुद्दों और चुनावी प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से शामिल होते हैं। मजबूत जमीनी स्तर की राजनीतिक लामबंदी केरल की राजनीति जमीनी स्तर पर गहरी जड़ें जमा चुकी है। स्थानीय स्व-सरकारी संस्थानों से लेकर वार्ड-स्तरीय अभियानों तक, राजनीतिक दल मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क बनाए रखते हैं जो मतदाताओं को सक्रिय रूप से संगठित करते हैं। स्थानीय निकाय चुनावों में अक्सर 70% से अधिक मतदान दर्ज किया जाता है, जो दर्शाता है कि राजनीतिक भागीदारी सामुदायिक स्तर पर कैसे शुरू होती है। द्विध्रुवीय राजनीतिक प्रतियोगिता मतदाताओं को जोड़े रखती है खंडित राजनीतिक परिदृश्य वाले कई राज्यों के विपरीत, केरल में दो प्रमुख गठबंधनों- लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच बड़े पैमाने पर द्विध्रुवीय मुकाबला है। यह करीबी प्रतिस्पर्धा यह सुनिश्चित करती है कि चुनाव में जोरदार मुकाबला हो, जिससे मतदाताओं को यह मजबूत एहसास हो कि उनका वोट परिणाम को प्रभावित कर सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि केरल में उच्च मतदान अक्सर कड़े मुकाबले वाले चुनावों से मेल खाता है। हालाँकि, भाजपा त्रिकोणीय मुकाबले को मजबूर करने के लिए तटीय राज्य में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। हालाँकि, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों पर शासन करने वाली पार्टी अब तक अपने प्रयासों में विफल रही है। सामाजिक विकास और समावेशिता उच्च साक्षरता, बेहतर स्वास्थ्य सेवा और अपेक्षाकृत कम असमानता वाले केरल के सामाजिक विकास मॉडल ने अधिक समावेशी राजनीतिक संस्कृति बनाने में मदद की है। लिंग और समुदायों के बीच भागीदारी में कटौती होती है। कई चुनावों में, महिला मतदाताओं ने पुरुष मतदान के बराबर या उससे भी अधिक मतदान किया है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में व्यापक सामाजिक समावेशन को दर्शाता है। एक सामाजिक मानदंड के रूप में मतदान संस्कृति केरल में मतदान केवल एक व्यक्तिगत कार्य नहीं बल्कि एक सामूहिक सामाजिक व्यवहार है। परिवार और समुदाय अक्सर मतदान दिवस को एक महत्वपूर्ण नागरिक अवसर के रूप में मानते हैं। मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें आम हैं और मतदाताओं की भागीदारी को अक्सर राजनीतिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रतिबिंब के रूप में देखा जाता है। निष्कर्ष उच्च साक्षरता और राजनीतिक जागरूकता से लेकर प्रतिस्पर्धी चुनावों और मजबूत जमीनी स्तर के नेटवर्क तक, कई कारक मिलकर केरल को भारत का सबसे अधिक मतदान वाला राज्य बनाते हैं। यहां तक कि जब मतदान थोड़ा कम हो जाता है – जैसा कि 2024 के चुनावों के कुछ हिस्सों में देखा गया है – तब भी यह राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर रहता है, जो राज्य की गहरी जड़ें जमा चुकी लोकतांत्रिक संस्कृति को रेखांकित करता है। केरल के मतदान पैटर्न से पता चलता है कि सूचित नागरिक, प्रतिस्पर्धी राजनीति और मजबूत संस्थान मिलकर उच्च चुनावी भागीदारी को आगे बढ़ा सकते हैं – जो शेष भारत के लिए एक मॉडल पेश कर सकता है। जगह : तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 10:36 IST समाचार चुनाव उच्च मतदान प्रतिशत: केरल में लगातार राष्ट्रीय औसत से ऊपर मतदान क्यों हो रहा है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
सुनंदा शर्मा के पैरों में गिरा फैन:डरकर चिल्लाई सिंगर, स्टेज छोड़ा, बाउंसरों ने युवक को स्टेज से नीचे फेंका; शो बीच में ही कैंसिल

पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा ने गाजियाबाद में बीच में ही लाइव शो कैसिंल कर दिया और परफॉर्मेंस छोड़कर चली गईं। 3 अप्रैल की रात आरकेजीआईटी कॉलेज में चल रहे शो के दौरान अचानक एक युवक स्टेज पर चढ़ गया और उन्हें छूने की कोशिश करने लगा और उनके पैरों में गिर पड़ा। अचानक हुई इस घटना से सुनंदा घबरा गईं। जैसे ही युवक ने उन्हें छुआ, वह जोर से चीखीं और भागकर स्टेज के पीछे चली गईं। माइक ऑन होने की वजह से उनकी चीख साफ सुनाई दी, जिससे माहौल अफरा-तफरी में बदल गया। युवक करीब 2 मिनट तक स्टेज पर रहा और शाहरुख खान के सिग्नेजर स्टाइल में वाहें फैलाकर स्टूडेंट्स की तरफ देखने लगा। आवाज सुनते ही पुलिस तुरंत स्टेज पर पहुंची और युवक को वहां से हटाया। बाउंसरों ने भी उसे पकड़कर स्टेज से नीचे उतारा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि युवक उसी कॉलेज का छात्र है। इस घटना के बाद सुनंदा इतनी डर गईं कि दोबारा स्टेज पर नहीं लौटीं। नीचे मौजूद लोग उन्हें वापस बुलाते रहे, लेकिन उनकी टीम ने शो को बीच में ही कैंसिल करने का फैसला लिया। शो रद्द होने की घोषणा के बाद छात्र निराश होकर वापस लौट गए। स्टेज पर सुनंदा के साथ क्या हुआ… शो को नेक्सट लेवल का बनाने की जानकारी की थी साझा शो शुरु होने से पहले सुनंदा काफी एक्साइटेड दिखीं। उन्होंने खुद वीडियो शेयर कर कहा कि मेरा आज गाजिबाद में शो है। इसके बाद वह स्टेज पर आने के बाद कहने लगीं कि आज मैं गाजियाबाद में आई हूं और ऐसा कैसे हो सकता है कि गाजियाबाद वाले मेरे साथ न गुनगुनाएं। सुनंदा ने कहा कि आज का शो नेक्सट लेवल का होने वाला है।
महाराष्ट्र के नासिक में कुएं में कार गिरी, 9 मौतें:सभी एक ही परिवार के, इनमें 6 बच्चे भी शामिल

महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक कार के कुएं में गिरने से एक परिवार के छह बच्चों समेत 9 लोगों की मौत हो गई। हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी शहर के शिवाजी नगर इलाके में हुआ। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवार एक बैंक्वेट हॉल में फंक्शन में शामिल होने के बाद घर जा रहे थे, तभी उनकी कार वेन्यू के पास एक कुएं में गिर गई। लोग मौके पर पहुंचे और आधी रात को दो क्रेन और तैराकों की मदद से कार और उसमें सवार लोगों को बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, मरने वालों की पहचान सुनील दत्तू दरगुडे (32), उनकी पत्नी रेशमा, एक अन्य महिला आशा अनिल दरगुडे (32) और परिवार के छह बच्चों (पांच लड़कियां और एक लड़का) के रूप में हुई है। हादसे से जुड़ी 2 तस्वीरें… ——————- ये खबर भी पढ़ें… आंध्र प्रदेश-डंपर से टकराकर बस में आग, 14 जिंदा जले: 22 घायल आंध्र प्रदेश के मरकापुरम जिले में रायवरम के पास 8 दिन पहले एक सड़क हादसा हुआ था। एक प्राइवेट ट्रैवल बस और डंपर में टक्कर हो गई थी। टक्कर लगते ही बस में आग लग गई। बस में सवार 14 यात्री जिंदा जल गए थे। पूरी खबर पढ़ें…
IPL में आज GT-RR का मैच:पिछले मैच में वैभव ने 15 बॉल में जड़ा था अर्धशतक, राजस्थान के लिए बनाई दूसरी सबसे तेज फिफ्टी

IPL में आज नौवां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। आज मैच में सभी की निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी, जिन्होंने पिछले मैच में CSK के खिलाफ मात्र 15 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। उन्होंने 17 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह राजस्थान के लिए वैभव की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। वहीं, पूरे आईपीएल में फास्टेस्ट 50 में वैभव पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं। टॉप पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने 2023 में कोलकाता के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। वैभव ने सिक्स लगाकर की थी फिफ्टी पूरी चेन्नई के खिलाफ मैच खेलने आए वैभव का पहली ही गेंद पर कैच छूट गया था। वैभव सूर्यवंशी अपनी पहली बॉल पर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में खड़ी हो गई थी। कार्तिक शर्मा गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। अगली गेंद पर सूर्यवंशी ने छक्का भी लगा दिया था। वैभव ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में 6 लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। इस मैच के दौरान इंट्रेस्टिंग मोमेंट भी देखने को मिला। CSK से डेब्यू करने आए कार्तिक शर्मा ने वैभव सूर्यवंशी के जूतों की लेस बांधी थी। IPL में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं वैभव पिछले सीजन के आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र महज 13 साल 8 महीने थी, जिससे वे ऑक्शन में बिकने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इस साल टीम ने उन्हें रिटेन किया है। वैभव सूर्यवंशी पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केवल 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़ा था। इसी के साथ वो क्रिस गेल के बाद दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। यह किसी भी भारतीय द्वारा आईपीएल में सबसे तेज शतक था। वैभव सूर्यवंशी ने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था।
9.90 लाख साइबर फ्रॉड मामले में दो आरोपी गिरफ्तारी:महाराष्ट्र पुलिस ने मैहर से दोनों को पकड़ा; धोखाधड़ी से खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए

महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने 9.90 लाख रुपए के साइबर फ्रॉड के मामले में मैहर के रामनगर कस्बे से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई में आशू खरे और अमित पटेल को महाराष्ट्र ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, यह साइबर फ्रॉड 26 फरवरी को महाराष्ट्र के ठाणे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुआ था। फरियादी की शिकायत के बाद 27 फरवरी को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने दो आरोपियों किया गिरफ्तार 28 फरवरी को ठाणे में बीएनएस की धारा 318(4), 319 (2), 336 (2), 336(3), 340(2), 3(5) समेत साइबर फ्रॉड की अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान इन दोनों आरोपियों के नाम सामने आए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि 9.90 लाख रुपए की धोखाधड़ी की रकम का पहला ट्रांजेक्शन 1.65 लाख रुपए आरोपी आशू खरे के खाते में हुआ था। दूसरे ट्रांजेक्शन में 60 हजार रुपए अमित पटेल के खाते में आए थे। पुलिस ने यह भी बताया कि अन्य खातों में भी रकम ट्रांसफर की गई थी और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
Cancer in Kids: बच्चों में बढ़ते कैंसर के मामलों ने उड़ाए विशेषज्ञों के होश, यहां जानें

Last Updated:April 04, 2026, 09:43 IST Cancer in Kids: भारत में 5 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों और युवाओं में मृत्यु के शीर्ष 10 कारणों में कैंसर भी शामिल है यह एक ऐसा खुलासा है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. भारत में 5 से 19 साल के बच्चों और युवाओं की मौत के 10 बड़े कारणों में कैंसर भी शामिल है, जिससे लोग हैरान हैं. मशहूर ‘दि लान्सेट’ मेडिकल जर्नल में छपी ‘सुमायागुम वर्ल्डवाइड डिजीजेज – 2023’ रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल और सेंट जूड चिल्ड्रन रिसर्च हॉस्पिटल के हेल्थ मेट्रिक्स इवैल्युएशन इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स की टीम ने यह स्टडी की है. इस स्टडी के मुताबिक, सिर्फ 2023 में दुनिया भर में 3.77 लाख बच्चों को कैंसर हुआ है. इसके अलावा 1.44 लाख बच्चों की मौत भी हुई है. बच्चों की मौत के कारणों में दुनिया भर में कुपोषण, टीबी, एचआईवी/एड्स के बाद आठवें नंबर पर कैंसर आता है. भारत में बच्चों की मौत के कारणों में कैंसर दसवें नंबर पर है. Add News18 as Preferred Source on Google दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों में से 20.5% सिर्फ दक्षिण एशिया में होती हैं. 1990 से 2023 के बीच, दक्षिण एशिया में बच्चों की कैंसर से मौत की दर दुनिया के मुकाबले 16.9% कम हुई है. सिर्फ भारत में 2023 में करीब 17,000 बच्चों की मौत कैंसर से हुई है. सबसे ज्यादा असर करने वाले कैंसर में ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर, दिमाग और नसों का कैंसर, लिम्फ कैंसर, और शरीर की इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने वाला कैंसर शामिल हैं. दुनिया भर में कैंसर से मरने वाले बच्चों में 12% भारत के और 20.5% दक्षिण एशिया के हैं. यह बहुत ज्यादा संख्या मानी जाती है. मौत की दर में गिरावट: 1990 से 2023 तक भारत में बच्चों के कैंसर से मौत की दर 16.9% कम हुई है. ग्लोबल गिरावट से तुलना करें तो यह प्रगति दिखाता है, लेकिन असर अभी भी ज्यादा है. भले ही कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, बच्चों के कैंसर से मौत की दर कम हो रही है, यह राहत की बात है. फिर भी भारत और दक्षिण एशिया में इसका असर लगातार बढ़ना चिंता की बात है. भारत में पैदा होने वाले 10 लाख बच्चों में करीब 80 से 100 बच्चों को कैंसर होने का अनुमान है. First Published : April 04, 2026, 09:40 IST








