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तेज हवाओं के साथ बारिश, आकाशीय बिजली से 2 मौतें:सिवनी में आंधी से पेड़-पोल गिरे; ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

तेज हवाओं के साथ बारिश, आकाशीय बिजली से 2 मौतें:सिवनी में आंधी से पेड़-पोल गिरे; ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान

सिवनी जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। शनिवार सुबह से हल्की रिमझिम बारिश जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। हालांकि, इस मौसमी बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिले के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत इस मौसमी गतिविधि के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। बरघाट क्षेत्र के मंडी गांव में छह वर्षीय प्रांशू मरकाम की घर के बाहर खेलते समय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी घटना डूंडासिवनी क्षेत्र के उड़ेपानी और बंजारी गांव के पास हुई, जहां रमजान खान खेत से लौटते समय आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए और उनकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। तेज आंधी से पेड़-पोल गिरे, कई गांवों में बिजली गुल शुक्रवार शाम को बरघाट क्षेत्र में तेज आंधी चली, जिससे कई स्थानों पर पेड़ और बिजली पोल गिर गए। सिवनी-बालाघाट मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। धारना, आष्टा, बोरी, जेवनारा और खारी सहित कई गांवों में बिजली के तार टूटने और पोल गिरने के कारण विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तेज हवाओं से कई दुकानों और मकानों के शेड भी उड़ गए। धूमा थाना क्षेत्र के धनककड़ी गांव में चने के आकार के ओले गिरने की सूचना मिली है। ओलावृष्टि और तेज बारिश से गेहूं सहित अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों में चिंता है। हालांकि, फसलों के वास्तविक नुकसान का आकलन अभी किया जाना बाकी है। मौसम विभाग ने बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी मौसम विभाग ने जिले में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी पहले ही जारी कर दी थी। शुक्रवार रात भर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होती रही। शनिवार सुबह से जारी हल्की बारिश ने मौसम को ठंडा और सुहावना बनाया है, लेकिन किसानों के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे मौसम को देखते हुए कलेक्टर शीतला पटले ने लोगो से कहा है कि सावधानी बरतें। बारिश के समय जो किसान खेत मे काम कर रहे हैं वह सुरक्षित स्थान में चले जाएं, क्योकि आसमानी बिजली गिरने का खतरा बना रहता है।

कभी खाया है गेहूं का होला? फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम से भरपूर, वेट लॉस में भी करता जबरदस्त काम

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Last Updated:April 04, 2026, 08:25 IST Gehu Hola ke Fayde: छतरपुर में गेहूं का होला खाने की परंपरा हिंदू नववर्ष से जुड़ी हुई है और इसे खास महत्व दिया जाता है. गेहूं की हरी बालियों को भूनकर तैयार किया गया होला स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा और पाचन को बेहतर बनाते हैं. गांवों में इसे गुड़, मिर्च और आंवले के साथ खाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है. जानिए इस देसी सुपरफूड के फायदे और क्यों आज भी यह परंपरा लोगों के दिलों में जिंदा है. Gehu Hola Health Benefits: छतरपुर जिले में गेहूं का होला सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि एक परंपरा और सेहत का अनोखा संगम है. जैसे ही चैत्र मास में हिंदू नववर्ष शुरू होता है, गांवों में खेतों से ताजा गेहूं लाकर उसकी बालियों को भूनकर खाने की परंपरा निभाई जाती है. यह सालों पुरानी परंपरा आज भी उतनी ही उत्साह के साथ निभाई जाती है. क्या होता है गेहूं का होला?गेहूं की हरी बालियों को आग में हल्का भूनकर जो दाने निकाले जाते हैं, उन्हें ही “होला” कहा जाता है. खास बात यह है कि बाली पूरी तरह पकी नहीं होती, अंदर का दाना हल्का हरा और नरम रहता है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट लगता है. स्वाद में देसी ट्विस्टगांवों में इसे आंवला, मिर्च या खासतौर पर गुड़ के साथ खाया जाता है. गुड़ के साथ इसका स्वाद लाजवाब हो जाता है मीठा, हल्का कुरकुरा और देसी फ्लेवर से भरपूर. यही वजह है कि लोग हर साल इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं. सेहत के लिए क्यों फायदेमंद?गेहूं का होला पोषण से भरपूर होता है. इसमें फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यह पाचन को बेहतर बनाता है, शरीर को ऊर्जा देता है और वजन कंट्रोल करने में भी मददगार माना जाता है. यानी स्वाद के साथ सेहत का भी पूरा ख्याल. इससे बनते हैं कई देसी व्यंजनसिर्फ होला ही नहीं, बल्कि गेहूं की बालियों से हलवा, पुआ और लपसी जैसे कई पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं. गांव के लोगों के लिए यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि बचपन की यादों और खुशी का हिस्सा है. पुराने दिनों की यादेंपहले जब मशीनें नहीं थीं, तब गेहूं को खेत से घर लाने में महीनों लग जाते थे. कटाई, मड़ाई और सफाई की लंबी प्रक्रिया के कारण लोग पहले ही बालियां तोड़कर ले आते थे और उनसे होला बनाकर खाते थे. यही परंपरा आज भी जारी है. About the Author Shweta Singh Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : April 04, 2026, 08:25 IST

‘सार्वजनिक मुद्दे उठाए’: AAP की राज्यसभा में हार के बाद बीजेपी राघव चड्ढा की तारीफ क्यों कर रही है | राजनीति समाचार

Nehal Wadhera and Shreyas Iyer are building a partnership (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 08:02 IST आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद और कभी अरविंद केजरीवाल के चहेते राघव चड्ढा अपने साथी पार्टी नेताओं के निशाने पर आ गए, जिन्होंने उन पर “पीएम मोदी से डरने” का आरोप लगाया। आप सांसद राघव चड्ढा (छवि क्रेडिट: पीटीआई) आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद और कभी अरविंद केजरीवाल के चहेते राघव चड्ढा अपने साथी पार्टी नेताओं के निशाने पर आ गए, जिन्होंने उन पर “प्रधानमंत्री मोदी से डरने” और पार्टी की नीतियों के अनुरूप काम नहीं करने का आरोप लगाया। राज्यसभा सांसद चड्ढा को उच्च सदन में उपनेता के पद से हटा दिया गया। हालांकि, पार्टी के साथ उनकी अनबन की अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही थीं। द रीज़न? पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों में उनकी अनुपस्थिति ने आप में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा तेज कर दी थी। ‘चुप हूं, हारा नहीं’ राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने पार्टी पर संसद में सार्वजनिक मुद्दे उठाने के लिए उन्हें “खामोश” करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, “पार्टी ने औपचारिक रूप से राज्यसभा सचिवालय से उन्हें आप कोटे के तहत बोलने से रोकने का अनुरोध किया है। क्या लोगों के लिए बोलना गलत है? मैं यह इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि मेरी अपनी पार्टी ने अब औपचारिक रूप से राज्यसभा सचिवालय से मुझे बोलने से रोकने का अनुरोध किया है।” खामोश हूं, हारा नहीं’आम आदमी’ को मेरा संदेश- खामोश हो गया हूं, हारा नहीं हूं ‘मैं आदमी हूं’ को मेरा मैसेज pic.twitter.com/poUwxsu0S3 – राघव चड्ढा (@raghav_chadha) 3 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “इन चर्चाओं से जनता को मदद मिली, लेकिन उन्होंने आम आदमी पार्टी को कैसे परेशान किया? मैं चुप हूं, हारा नहीं।” बीजेपी ने किया चड्ढा का समर्थन दरार अब आंतरिक नहीं है, क्योंकि इस कदम पर प्रतिक्रिया के बाद AAP नेताओं ने राघव चड्ढा पर हमला बोल दिया। आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा ने कहा कि चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और प्रधानमंत्री के संसद संबोधन के लिए तब भी बैठे रहे जब पार्टी के अन्य सदस्यों ने वाकआउट किया। उन्होंने कहा, “क्या संसद साहब ने गुजरात पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सैकड़ों आप कार्यकर्ताओं के लिए बात की थी? जब आप सांसद वॉकआउट करेंगे तो वह संसद में मौजूद रहेंगे।” जहां आप नेताओं ने चड्ढा पर हमले जारी रखे, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उनके समर्थन में उतर आई। उन्होंने संसद में सार्वजनिक मुद्दों को उठाने के लिए नेता की सराहना की और आप सुप्रीमो केजरीवाल पर “लोगों का इस्तेमाल करने और उनसे छुटकारा पाने” का आरोप लगाया। दिल्ली बीजेपी प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया, “केजरीवाल दूसरों की क्षमता से भयभीत हैं।” सचदेवा ने कहा, “राघव चड्ढा को बहुत पहले ही अपनी चुप्पी तोड़ देनी चाहिए थी; अरविंद केजरीवाल के पास एक प्रतिभा है, पहले वह लोगों का इस्तेमाल करते हैं और फिर उनसे छुटकारा पा लेते हैं।” वीडियो | दिल्ली: “राघव चड्ढा को बहुत पहले ही अपनी चुप्पी तोड़ देनी चाहिए थी; अरविंद केजरीवाल के पास एक प्रतिभा है, पहले वह लोगों का इस्तेमाल करते हैं और फिर उनसे छुटकारा पा लेते हैं”, चड्ढा की एक्स पोस्ट पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा कहते हैं। (पूरा वीडियो पीटीआई वीडियो पर उपलब्ध है – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/rc0XoepDjD – प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 3 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाना उनकी पार्टी द्वारा लिया गया निर्णय है और सभी दल इस तरह के निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, आपत्ति राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अनुरोध करने पर है कि राघव चड्ढा को बोलने की अनुमति नहीं दी जाए। अरविंद केजरीवाल एक डरे हुए, कमजोर आदमी हैं; वह विपक्ष को नापसंद करते हैं और दूसरों की क्षमता से भयभीत हैं।” भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने सार्वजनिक मुद्दे उठाने के लिए चड्ढा की सराहना की और उन्हें संसद में बोलने से रोकने के लिए केजरीवाल की आलोचना की। उन्होंने कहा, “जब मैं दिल्ली विधानसभा में विपक्ष का नेता था, तब राघव चड्ढा वहां विधायक थे। वह अच्छा बोलते थे और उन्हें सुनना अच्छा लगता था। बाद में वह राज्यसभा चले गए, जहां उन्होंने जनता के मुद्दे उठाना जारी रखा। यह मेरी समझ से परे है कि अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा पर बोलने पर प्रतिबंध क्यों लगाया है।” वीडियो | AAP द्वारा पार्टी सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाने पर बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी का कहना है, “जब मैं दिल्ली विधानसभा में विपक्ष का नेता था, तब राघव चड्ढा वहां विधायक थे. वह अच्छा बोलते थे और उन्हें सुनना अच्छा लगता था. बाद में वह चले गए… pic.twitter.com/00chN706bu– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 2 अप्रैल 2026 बिधूड़ी ने कहा, “अगर एक वरिष्ठ सदस्य और सांसद को बोलने से रोका जा रहा है, तो मेरा मानना ​​है कि यह लोकतंत्र को पूरी तरह से कमजोर करने जैसा है। अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी नेतृत्व को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।” न्यूज़ 18 ने भी कवर किया: प्रमुख कार्यक्रमों से राघव चड्ढा की अनुपस्थिति ने दरार की अटकलों को हवा दी बीजेपी क्यों कर रही है चड्ढा का समर्थन? राज्यसभा में राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने के आप के फैसले के बाद, भाजपा आप के भीतर बढ़ती आंतरिक दरार को उजागर करने के लिए सांसद की प्रशंसा कर रही है। सूत्रों का कहना है कि चड्ढा आने वाले महीनों में भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, राज्यसभा में उनकी जगह लेने वाले आप के अशोक मित्तल ने दावों का खंडन किया। पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद, चड्ढा को अप्रैल 2022 में पंजाब विधान सभा द्वारा चुना गया था, उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 में समाप्त होगा। पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 08:00 IST समाचार राजनीति ‘सार्वजनिक मुद्दे उठाए’: AAP की राज्यसभा में हार के बाद बीजेपी राघव चड्ढा की तारीफ क्यों कर रही है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक

पर्यटकों के लिए सालभर खुली रहेगी नेलांग घाटी:भारत-चीन सीमा पर बढ़ेगा टूरिज्म, उत्तराखंड में मिलेगा लद्धाख जैसा अनुभव

पर्यटकों के लिए सालभर खुली रहेगी नेलांग घाटी:भारत-चीन सीमा पर बढ़ेगा टूरिज्म, उत्तराखंड में मिलेगा लद्धाख जैसा अनुभव

उत्तराखंड की फेमस नेलांग घाटी का अब पर्यटक पूरे साल लुत्फ उठा सकेंगे। सरकार के इस फैसले से सीमांत इलाके में जहां पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ, बदलते मौसम और लद्दाख जैसा अनुभव लेने का मौका मिलेगा, वहीं स्थानीय लोगों को पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। अब तक सीमित समय के लिए खुलने वाली यह घाटी अब हर मौसम में पर्यटकों को प्रकृति की अलौकिक अनुभव उपलब्ध कराएगी। यहां आने वाले पर्यटक मौसम के बदलते हर पल के साथ सर्दियों में बर्फीले नजारों का आनंद ले सकेंगे। भारत-चीन सीमा के पास स्थित यह घाटी पर्यटकों को अपनी अनोखी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण का अनुभव कराएगी। अनौखी भौगोलिक संरचना के कारण यह जगह एडवेंचर और फोटोग्राफी के शौकीनों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहेगी। सालभर खुलने से अब यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्रशासन ने इस फैसले को लागू करने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम और नियम तय किए हैं। पर्यटकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही घाटी में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। चीन सीमा से सटे इस संवेदनशील जगह को देखते हुए निगरानी और गाइडलाइन का पालन भी पर्यटकों के लिए अनिवार्य होगा। इस पहल से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा। पहले जानिए नेलांग घाटी क्यों है खास… शांत माहौल के लिए बेहद खास नेलांग घाटी अपनी अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल के लिए बेहद खास मानी जाती है। भारत-चीन सीमा के पास स्थित यह घाटी बर्फ से ढकी चोटियों, चौड़ी घाटियों और साफ आसमान के कारण किसी विदेशी लोकेशन जैसी अनुभूति देती है। इसकी भौगोलिक बनावट लद्दाख जैसी होने के कारण यह और भी आकर्षक बन जाती है। हर पल बदलता है मौसम यह घाटी एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। यहां ट्रैकिंग, नेचर वॉक और फोटोग्राफी का अलग ही रोमांच देखने को मिलता है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां का मौसम और नजारे हर पल बदलते रहते हैं, जो पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव देते हैं। बर्फबारी के बीच मिलेगा अद्भुत अनुभव पर्यटक यहां का रोमांच तय नियमों के तहत आसानी से उठा सकते हैं। प्रशासन द्वारा निर्धारित परमिट लेकर और गाइड के साथ यात्रा करने से सफर सुरक्षित और सुविधाजनक बनता है। खासकर सर्दियों में बर्फबारी के बीच 4×4 वाहनों से यात्रा करना एक अद्भुत अनुभव देता है। प्रकृति के करीब समय बिताने का मिलता है मौका इसके अलावा यहां का शांत और भीड़-भाड़ से दूर वातावरण सुकून की तलाश करने वालों के लिए भी खास है। प्रकृति के करीब समय बिताने, नई जगहों को एक्सप्लोर करने और एडवेंचर का आनंद लेने के लिए नेलांग घाटी तेजी से पर्यटकों की पसंद बनती जा रही है। संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र होने के लिए परमिट जरूरी नेलांग घाटी जाने के लिए प्रशासन द्वारा तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। यह इलाका संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में आता है, इसलिए बिना परमिट किसी भी पर्यटक को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती। परमिट जारी करने की जिम्मेदारी उत्तराखंड वन विभाग के पास है। इसके लिए पर्यटक उत्तरकाशी के वन प्रभाग कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। साथ ही जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा शुरू होने की संभावना है। परमिट के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इनमें वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी शामिल हैं। इसके अलावा वाहन की जानकारी, यात्रा करने वाले पर्यटकों की सूची, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क विवरण भी देना होगा। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही परमिट जारी किया जाता है। तय नियमों और समय सीमा के भीतर ही पर्यटकों को घाटी में प्रवेश और वापसी की अनुमति दी जाती है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे। सुबह मिलेगा घाटी में प्रवेश नेलांग घाटी जाने के लिए प्रशासन ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं। प्रतिदिन सीमित संख्या में ही पर्यटकों को अनुमति दी जाएगी, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और सुरक्षा बनी रहे। घाटी में प्रवेश केवल सुबह निर्धारित समय पर ही दिया जाएगा और सभी पर्यटकों को शाम तक वापस लौटना अनिवार्य होगा। इससे संवेदनशील क्षेत्र में निगरानी आसान बनी रहती है। यात्रा के दौरान गाइड और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। साथ ही कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में फोटोग्राफी पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। सर्दियों में यात्रा के लिए विशेष नियम होंगे लागू शीतकालीन पर्यटन को ध्यान में रखते हुए SOP में अतिरिक्त नियम भी जोड़े गए हैं। बर्फबारी के दौरान केवल 4×4 या अधिकृत वाहनों को ही घाटी में जाने की अनुमति दी जाएगी। खराब मौसम की स्थिति में परमिट को अस्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है। यह फैसला पूरी तरह पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। पर्यटकों को गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और सुरक्षा उपकरण साथ रखना अनिवार्य होगा। ऊंचाई और ठंड को देखते हुए यह तैयारी बेहद जरूरी मानी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से रेस्क्यू टीम भी तैनात रहेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। परमिट व्यवस्था से पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी यह इलाका भारत-चीन सीमा के पास स्थित एक रणनीतिक क्षेत्र है, जहां सुरक्षा के लिहाज से सख्त निगरानी जरूरी होती है। साथ ही घाटी की अनछुई प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को सुरक्षित रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। सीमित संख्या में पर्यटकों को अनुमति देने से पर्यावरण पर दबाव कम रहता है और प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। परमिट सिस्टम का एक अहम उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बदलते मौसम को देखते हुए नियंत्रित और व्यवस्थित यात्रा जरूरी मानी जाती है। अब पर्यटक तय नियमों का पालन करते हुए हर मौसम में इस खूबसूरत घाटी का आनंद ले सकेंगे। ऐसे पहुंचे नेलांग घाटी नेलांग घाटी पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको देहरादून पहुंचना होगा, जो इसका सबसे नजदीकी बड़ा शहर है। देहरादून देश के प्रमुख शहरों से सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। देहरादून से सड़क मार्ग के जरिए उत्तरकाशी तक

हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश:24 घंटे में 4.6॰C गिरा तापमान, 9 अप्रैल तक ओलावृष्टि-तूफान की चेतावनी

हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी, निचले इलाकों में बारिश:24 घंटे में 4.6॰C गिरा तापमान, 9 अप्रैल तक ओलावृष्टि-तूफान की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले के ऊंचे पहाड़ों पर अप्रैल में भी बर्फबारी हो रही है। बीती रात को अटल टनल, दारचा, रोहतांग दर्रा, शिंकुला दर्रा और स्पीति वैली में ताजा हिमपात हुआ। राज्य के अन्य क्षेत्रों में बीती रात को बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक- अगले छह दिन भी बारिश से राहत के आसार नहीं है। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ओलावृष्टि व तूफान का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है, जबकि लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी दी गई। 7 अप्रैल को 10 जिलों में येलो अलर्ट पांच और छह अप्रैल को 6-6 जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी है, जबकि सात अप्रैल को 10 जिलों को अलर्ट जारी किया गया। आठ अप्रैल को फिर से ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। यह अलर्ट ओलावृष्टि और तूफान को लेकर दिया गया है। प्रदेशवासियों को सतर्क रहने की एडवाइजरी मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क और अधिक ऊंचे क्षेत्रों की यात्रा टालने की सलाह दी है। विशेषकर अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल क्षेत्र में हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगा दी है। ऊंचे पहाड़ों पर जनवरी जैसी ठंड लौटी मौसम में बदलाव के बाद ऊंचे पहाड़ों पर जनवरी जैसी ठंड लौट आई है। बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य 4.6 डिग्री कम हुआ है। इसके बाद प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरा है। अगले एक सप्ताह तक भी ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं है। पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी जारी रहने से तापमान में अभी तीन से चार डिग्री की और गिरावट आएगी। मंडी का अधिकतम तापमान 24 घंटे में 7.4 डिग्री नीचे गिरने के बाद 23.5 डिग्री, भुंतर का 7.2 डिग्री कम होने के बाद 21.4, सुंदरनगर का 7.1 डिग्री कम होने के बाद 23.7, मनाली का 6.4 डिग्री लुढ़कने के बाद 15.2 डिग्री, शिमला का अधिकतम तापमान 3.0 डिग्री कम होने के बाद 20.4 डिग्री सेल्सियस रह गया है। अगले छह दिन के दौरान तापमान में और ज्यादा गिरावट आएगी।

भास्कर अपडेट्स:दादरा-नगर हवेली के सिलवासा के गोदाम में धमाका; 4 की मौत, दो घायल

भास्कर अपडेट्स:दादरा-नगर हवेली के सिलवासा के गोदाम में धमाका; 4 की मौत, दो घायल

दादरा और नगर हवेली के सिलवासा में शनिवार सुबह गोदाम में धमाके के बाद 4 लोगों की मौत हो गई और 2 घायल हैं। घायलों का इलाज नमो अस्पताल, सिलवासा में चल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोदाम में नाइट्रोजन गैस भरी जा रही थी जिस दौरान धमाका हुआ। शुरुआती जांच में पता चला है कि प्रेशर ब्लास्ट था, जो एक स्टील टैंक फटने से हुआ। घटना के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और एम्बुलेंस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षा के लिए आसपास के लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया। मामले की जांच के लिए जांच समिति बनाई गई है। मणिपुर में हिंसा के 3 साल बाद सबसे संवेदनशिल जिले जिरीबाम पहुंचे सीएम खेमचंद मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह शनिवार को जिरीबाम जिले के तीन दिन के दौरे पर निकले। यह इलाका जातीय हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है। मुख्यमंत्री के साथ बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी, कई विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। यह रास्ता कांगपोकपी जिले से होकर जाता है, जहां कुकी समुदाय की संख्या ज्यादा है। मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हिंसा के कारण यह इलाका तनाव में रहा है। आज की अन्य बड़ी खबरें… ओडिशा के गंजाम में जिला प्रशासन ने सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए फ्री कोचिंग शुरू की ओडिशा के गंजाम में शनिवार को UPSC और OPSC परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए फ्री कोचिंग सेंटर शुरु हुए। कुल तीनों सेंटरों में 170 अभ्यर्थियों को कोचिंग दी जाएगी, जिनमें 85 महिलाएं हैं। अधिकारियों के मुताबिक, फ्री कोचिंग पाने वाले सभी अभ्यर्थियों का चयन परीक्षा के जरिए किया गया है। जिला प्रशासन ने दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान के साथ एमओयू भी साइन किया है। दादरा और नगर हवेली के गोदाम में धमाका, 4 की मौत, 4 घायल दादरा और नगर हवेली के डेमनी स्कूल फलिया में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन गैस के एक गोदाम में धमाका हो गया। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 8 लोग जख्मी हुए थे। इन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बाद में 4 घायलों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का इलाज अभी भी जारी है। दिल्ली में पिता-भाई ने 19 साल की बेटी की हत्या की, शव दफनाने से पहले पकड़े गए; ऑनर किलिंग का शक दिल्ली के हरि नगर इलाके में 19 साल की युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने इसे ऑनर किलिंग मानते हुए पिता और बेटे को गिरफ्तार किया है। घटना 1 अप्रैल को सामने आई, जब पुलिस को दोपहर करीब 2 बजे PCR कॉल मिली कि एक युवती की हत्या कर दी गई है और उसका शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवाया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा। जांच में सामने आया कि युवती पिछले दो साल से अपने गांव के एक युवक के साथ रिश्ते में थी, जिसका परिवार विरोध कर रहा था। आरोप है कि इसी वजह से पिता मोहम्मद मनीर और भाई मेराज अली ने उसकी हत्या कर दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घोंटना बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, युवती को पहले पीटा गया और कुछ दिनों तक घर में बंद भी रखा गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। मुंबई हाई में ONGC प्लेटफॉर्म पर आग: 10 कर्मचारी घायल, हालात काबू में मुंबई हाई ऑयलफील्ड में ONGC के SHP प्लेटफॉर्म पर शुक्रवार शाम आग लग गई। इस हादसे में 10 कर्मचारी घायल हुए हैं, हालांकि सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। ONGC के अनुसार, आग शाम करीब 5:45 बजे लगी। घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय किया गया और आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। कंपनी ने बताया कि सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है। आग बुझने के बाद प्लेटफॉर्म पर संचालन सामान्य कर दिया गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच जारी है।

पंजाब ने टी-20 में भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:9वीं बार 200+ चेज किए, चेन्नई ने IPL में 36वीं बार 200 रन बनाए; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

पंजाब ने टी-20 में भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:9वीं बार 200+ चेज किए, चेन्नई ने IPL में 36वीं बार 200 रन बनाए; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

IPL के 7वें मैच में पंजाब किंग्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हरा दिया। चेपॉक में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई ने 5 विकेट पर 208 रन बनाए। टीम के लिए आयुष म्हात्रे ने 73 रन की पारी खेली, हालांकि उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला। जवाब में पंजाब ने 18.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ पंजाब ने टी-20 क्रिकेट में भारत का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए 9वीं बार 200+ रनचेज किया। वहीं चेन्नई ने इस मैच में 36वीं बार 200+ स्कोर बनाया। PBKS Vs CSK मैच के मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. पंजाब ने 9वीं बार 200+ रनचेज किया पंजाब किंग्स ने टी-20 क्रिकेट में भारत का रिकॉर्ड तोड़ दिया। टीम ने 200+ रनचेज के मामले में 9वीं जीत दर्ज की। इससे पहले भारत की टीम ने 8 बार 200+ रनचेज किया था। ऑस्ट्रेलिया ने 7 और मुंबई इंडियंस ने 6 बार यह कारनामा किया है। 2. पंजाब किंग्स का दूसरा सबसे बड़ा रनचेज पंजाब किंग्स ने अपना दूसरा सबसे बड़ा रनचेज किया। टीम ने 210 रन का टारगेट 18.4 ओवर में हासिल किया। टीम का सबसे बड़ा रनचेज 262 रन का है। इसे पंजाब ने 2024 में ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ हासिल किया था। 3. चेन्नई ने IPL में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाए चेन्नई सुपर किंग्स IPL में सबसे ज्यादा 200+ स्कोर बनाने वाली टीम बन गई। टीम ने अब तक 36 बार 200 का आंकड़ा पार किया है। इसके बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 35 बार इस स्कोर तक पहुंची है। यहां से मैच के टॉप-8 मोमेंट्स… 1. चौका लगाने के बाद संजू आउट दूसरे ओवर में चेन्नई का पहला विकेट गिरा। ओवर की छठी गेंद जेवियर बार्टलेट ने ऑफ स्टंप के बाहर फेंकी। संजू सैमसन ड्राइव खेलने के लिए पीछे हटे, लेकिन गेंद की मूवमेंट को कवर नहीं कर सके और बल्ले का हल्का किनारा लग गया। गेंद सीधे विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह के पास गई, जिन्होंने आसान कैच लपक लिया। संजू 7 रन बनाकर आउट हुए। 2. आयुष की सिक्स से फिफ्टी नौवें ओवर में चेन्नई के बल्लेबाज आयुष म्हात्रे ने सिक्स लगाकर अर्धशतक पूरा किया। ओवर की पहली गेंद मार्कस स्टोयनिस ने धीमी फेंकी। म्हात्रे ने आगे बढ़कर शॉट खेला और गेंद को लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से सिक्स के लिए भेज दिया। 3. म्हात्रे का वैशाख और शशांक से कैच छूटा मिडिल ओवर्स में चेन्नई के बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को दो बड़े जीवनदान मिले। 10वें ओवर की दूसरी गेंद पर युजवेंद्र चहल ने लेग ब्रेक डाली, जिस पर म्हात्रे स्लॉग स्वीप खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी किनारे से लगकर हवा में चली गई। वैशाख आगे दौड़ते हुए पहुंचे, डाइव भी लगाई, लेकिन गेंद हाथ में आने के बाद छिटक गई और कैच छूट गया। इसके बाद 12वें ओवर की चौथी गेंद पर चहल ने फिर मौका बनाया। उन्होंने गेंद को फ्लाइट देकर बल्लेबाज को बड़ा शॉट खेलने के लिए ललचाया। म्हात्रे आगे बढ़कर शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद टर्न होकर बल्ले का किनारा लेती हुई एक्स्ट्रा कवर की ओर गई। शशांक दौड़ते हुए आए, स्लाइड करते हुए दोनों हाथों से कैच पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गेंद हाथ से निकल गई। इस तरह म्हात्रे को लगातार दूसरा जीवनदान मिला। 4. पंजाब के रिव्यू से कार्तिक आउट 14वें ओवर में चेन्नई ने चौथा विकेट गंवाया। ओवर की चौथी बॉल मार्को यानसन ने गुड लेंथ पर इन स्विंगर फेंकी। गेंद कार्तिक शर्मा के पैड्स पर लगी। PBKS ने LBW की अपील की, लेकिन अंपायर ने आउट नहीं दिया। कप्तान श्रेयस अय्यर ने रिव्यू लिया, रिप्ले में कार्तिक आउट नजर आए। वे 1 रन ही बना सके। 5. सरफराज ने अर्शदीप पर हैट्रिक चौके लगाए 14वें ओवर में सरफराज खान ने अर्शदीप सिंह पर लगातार तीन चौके जड़ दिए। ओवर की दूसरी गेंद पर सरफराज ने आगे बढ़कर जगह बनाई और मिड-ऑफ के ऊपर से शानदार शॉट खेलते हुए चौका बटोर लिया। अगली गेंद पर अर्शदीप ने शॉर्ट लेंथ डाली। सरफराज ने शॉट खेला और गेंद को विकेटकीपर के ऊपर से बाउंड्री तक पहुंचा दिया। फिर चौथी गेंद पर सरफराज ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद को लेट खेलते हुए थर्ड मैन की दिशा में गाइड किया और चौका पूरा किया। 6. प्रशांत वीर ने डेब्यू पर चौके से खाता खोला चेन्नई सुपर किंग्स के अनकैप्ड ऑलराउंडर प्रशांत वीर ने इस मैच से IPL डेब्यू किया। टीम ने उन्हें मेगा ऑक्शन में 14.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। 17वें ओवर की तीसरी गेंद पर मार्को यानसन ने ऑफ स्टंप के आसपास शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली। प्रशांत ने शॉट खेला। गेंद तेजी से आई और ग्लव्स का हल्का किनारा लेकर फाइन लेग की दिशा में निकल गई। इसी चौके के साथ प्रशांत ने IPL में अपना खाता खोला। 7. प्रियांश ने बाउंड्री से पहले रन बनाए पंजाब की पारी की शुरुआत प्रियांश आर्या ने लगातार दो बाउंड्री से की। ओवर की पहली गेंद पर खलील अहमद ने इनस्विंगर डाली। प्रियांश ने सीधे बल्ले से नॉन-स्ट्राइकर के पास से चौके के लिए भेज दिया। अगली ही गेंद पर खलील ने शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद डाली। प्रियांश ने जल्दी से लेंथ पहचानी, घूमकर पुल शॉट खेला और गेंद को मिड-विकेट के ऊपर से सिक्स के लिए भेज दिया। 8. प्रभसिमरन रनआउट हुए नौवें ओवर में पंजाब को बड़ा झटका लगा, जब प्रभसिमरन सिंह रनआउट हो गए। ओवर की पांचवीं गेंद पर नूर अहमद की गेंद को उन्होंने मिड-विकेट की ओर सॉफ्ट हैंड्स से खेला और पहला रन आसानी से पूरा किया। इसके बाद प्रभसिमरन ने दूसरे रन के लिए कॉल किया, लेकिन उनके साथी बल्लेबाज तैयार नहीं थे। कन्फ्यूजन के बीच प्रभसिमरन वापस लौटने लगे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सरफराज खान ने मिड-विकेट से तेज थ्रो फेंका और ऋतुराज गायकवाड़ ने स्टंप्स बिखेर दिए। प्रभसिमरन क्रीज से काफी दूर रह गए और 43 रन बनाकर रनआउट हो गए। ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL-2026 का पहला डबल हेडर आज:पहले मैच में दिल्ली का सामना मुंबई से, MI से जुड़े कीवी कप्तान मिचेल सैंटनर IPL में 19वें सीजन का पहला डबल हेडर आज खेला जाएगा। पहला मैच

TMC का आरोप-भवानीपुर के रिटर्निंग ऑफिसर शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी:हटाने की मांग की; इस सीट से भाजपा नेता और CM ममता में मुकाबला

TMC का आरोप-भवानीपुर के रिटर्निंग ऑफिसर शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी:हटाने की मांग की; इस सीट से भाजपा नेता और CM ममता में मुकाबला

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कोलकाता की भवानीपुर सीट के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को हटाने की मांग की है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को शिकायत पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी बीजेपी नेता शुवेंदु अधिकारी के नजदीकी है। TMC के मुताबिक, RO की शुवेंदु अधिकारी से नजदीकी से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं और वे नंदीग्राम से भी उम्मीदवार हैं। चुनाव से जुड़े अपडेट्स

ग्वालियर में पति ने पत्नी में मारे चाकू:नशे की हालत में घर पहुंचा और करने लगा विवाद, बच्चियों ने शोर मचाकर मां को बचाया

ग्वालियर में पति ने पत्नी में मारे चाकू:नशे की हालत में घर पहुंचा और करने लगा विवाद, बच्चियों ने शोर मचाकर मां को बचाया

ग्वालियर के उपनगर मुरार में मामूली कहासुनी के बाद एक सनकी पति ने अपनी पत्नी पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घटना के समय मौजूद बेटियों के शोर मचाने पर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिससे महिला की जान बच गई। आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। यह घटना शुक्रवार को पीतल कारखाने के पीछे सिंहपुर रोड इलाके में हुई। घायल महिला सुनीता बाथम अपने परिवार के साथ रहती है और सिलाई का काम कर परिवार का पालन-पोषण करती है। उसका पति कल्लू बाथम नशे का आदी बताया जा रहा है और अक्सर विवाद करता रहता था। शुक्रवार को वह नशे की हालत में घर पहुंचा और पत्नी से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने चाकू उठाकर सुनीता पर कई वार कर दिए। इस दौरान उनकी बेटियां भी मौके पर मौजूद थीं, जिन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। हमले में सुनीता को पेट और हाथ में चोट आई है। घायल महिला को तुरंत पड़ोसियों ने मुरार स्थित माधवराव सिंधिया जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे वार्ड नंबर-6 में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस ने जानकारी जुटाकर उसे पकड़ लिया और मुरार थाना पुलिस के हवाले कर दिया। घटना सुबह की बताई जा रही है, लेकिन घायल की हालत को देखते हुए पुलिस ने रात में जिला अस्पताल पहुंचकर उसके बयान दर्ज किए और देहाती नालसी के आधार पर एफआईआर दर्ज की। मुरार थाना पुलिस के अनुसार आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को ही हमले की वजह माना जा रहा है।

अब PNG लाइन में नहीं आएगी दिक्कत:राजधानी में नेटवर्क विस्तार को लेकर फैसला; नगर निगम देगा अनुमति

अब PNG लाइन में नहीं आएगी दिक्कत:राजधानी में नेटवर्क विस्तार को लेकर फैसला; नगर निगम देगा अनुमति

राजधानी में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क के विस्तार को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। नए निर्देशों के तहत अब पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खुदाई की अनुमति नगर निगम को तुरंत देनी होगी। अब तक अनुमति प्रक्रिया में देरी ही काम की सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई थी। कई इलाकों में सोसायटी और कॉलोनियां भी अनुमति देने में आनाकानी करती थीं, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद अब कोई भी सोसायटी पीएनजी लाइन बिछाने से इनकार नहीं कर सकेगी। हालांकि, जमीन पर काम के दौरान सीवर, पानी और बिजली की मौजूदा लाइनों से टकराव अभी भी बड़ी तकनीकी चुनौती बना हुआ है, जिससे काम की गति प्रभावित हो रही है। 40 हजार से 5.5 लाख कनेक्शन तक कैसे पहुंचेगा लक्ष्य? भोपाल में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट को वर्ष 2018 में मंजूरी मिली थी और 2021 में पहला कनेक्शन जारी किया गया। अब तक केवल 40 हजार घरों तक ही पीएनजी पहुंच पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगले 6 वर्षों में 5.50 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य किस तरह हासिल किया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के अनुसार, केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत अब पाइपलाइन बिछाने के लिए सभी जरूरी अनुमतियां नियमानुसार और समय पर दी जाएंगी।