Sunday, 11 Oct 2026 | 10:49 AM

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अब PNG लाइन में नहीं आएगी दिक्कत:राजधानी में नेटवर्क विस्तार को लेकर फैसला; नगर निगम देगा अनुमति

अब PNG लाइन में नहीं आएगी दिक्कत:राजधानी में नेटवर्क विस्तार को लेकर फैसला; नगर निगम देगा अनुमति

राजधानी में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क के विस्तार को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। नए निर्देशों के तहत अब पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खुदाई की अनुमति नगर निगम को तुरंत देनी होगी। अब तक अनुमति प्रक्रिया में देरी ही काम की सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई थी। कई इलाकों में सोसायटी और कॉलोनियां भी अनुमति देने में आनाकानी करती थीं, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद अब कोई भी सोसायटी पीएनजी लाइन बिछाने से इनकार नहीं कर सकेगी। हालांकि, जमीन पर काम के दौरान सीवर, पानी और बिजली की मौजूदा लाइनों से टकराव अभी भी बड़ी तकनीकी चुनौती बना हुआ है, जिससे काम की गति प्रभावित हो रही है। 40 हजार से 5.5 लाख कनेक्शन तक कैसे पहुंचेगा लक्ष्य? भोपाल में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट को वर्ष 2018 में मंजूरी मिली थी और 2021 में पहला कनेक्शन जारी किया गया। अब तक केवल 40 हजार घरों तक ही पीएनजी पहुंच पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगले 6 वर्षों में 5.50 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य किस तरह हासिल किया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के अनुसार, केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत अब पाइपलाइन बिछाने के लिए सभी जरूरी अनुमतियां नियमानुसार और समय पर दी जाएंगी।

भोपाल में हनुमान जयंती जुलूस पर विवाद गहराया:आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोप; कुरैशी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की

भोपाल में हनुमान जयंती जुलूस पर विवाद गहराया:आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोप; कुरैशी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की

भोपाल में हनुमान जयंती के जुलूस को लेकर विवाद अब और गहरा गया है। ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश (एमपी) की ओर से थाना तलैया पुलिस को दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर ‘भानु हिंदू’ नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है कि उसने जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। संगठन के प्रदेश महासचिव मोहम्मद रफीक कुरैशी ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को इस्लामपुरा-बुधवारा क्षेत्र से निकले धार्मिक जुलूस के दौरान यह घटना हुई। आरोप है कि जैसे ही जुलूस मुस्लिम बाहुल्य इलाके में पहुंचा, भानु ने समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए नारेबाजी की और अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के जरिए नफरत फैलाने और दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब के लिए खतरा है। संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी भानु के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, वायरल वीडियो की जांच कर उन्हें हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

ग्वालियर में बदमाशों की फायरिंग का VIDEO:गली में जाते हुए कहे अपशब्द; पीछे से एक बदमाश बना रहा था वीडियो

ग्वालियर में बदमाशों की फायरिंग का VIDEO:गली में जाते हुए कहे अपशब्द; पीछे से एक बदमाश बना रहा था वीडियो

ग्वालियर में बदमाशों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। उपनगर ग्वालियर में दो बदमाशों ने फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया है। एक बदमाश ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। घटना शुक्रवार रात राय कॉलोनी की बताई जा रही है। वहीं, वायरल वीडियो पुलिस के पास पहुंचने के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है। हाथ में अवैध कट्‌टा लिए घूमते आए नजर 18 सेकेंड के वीडियो में दो बदमाश एक गली के अंदर हाथ में अवैध कट्टा लेकर जा रहे हैं। गली में जाते-जाते बदमाश फायरिंग कर रहे हैं और गाली-गलौज भी कर रहे हैं। इन दोनों बदमाशों का तीसरा साथी मोबाइल से पूरा घटनाक्रम शूट करता नजर आ रहा है। वीडियो अब पुलिस अधिकारियों तक पहुंच चुका है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। यह वीडियो काली माता मंदिर, राय कॉलोनी इलाके का है। इसमें फायरिंग करने वाले बदमाशों को पुलिस ने चिन्हित कर लिया है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी होगी एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।

इंदौर में 30 से ज्यादा वूमन अचीवर्स का हुआ सम्मान:घर की जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर पहचान बनाने का संदेश

इंदौर में 30 से ज्यादा वूमन अचीवर्स का हुआ सम्मान:घर की जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर पहचान बनाने का संदेश

इंदौर में शुक्रवार को संस्था ‘आकार विमेन ग्रुप’ द्वारा अभिवन कला केंद्र में “मंजिलें और हम” (वूमन अचीवर्स अवार्ड सेरेमनी) का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 30 से अधिक महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. निकिता कुशवाह ने कहा कि यह आयोजन पूर्णतः महिलाओं और उनके बच्चों के समग्र विकास पर केंद्रित था। उन्होंने बताया कि संस्था केवल उपलब्धियों पर अवार्ड देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की पूरी जर्नी, उनकी सफलता और आगे कैसे आगे बढ़ा जाए, इस पर गहराई से काम करती है। महिलाओं को यह समझाया जाता है कि वे किस तरह अपनी क्षमताओं को पहचानकर सफलता प्राप्त कर सकती हैं। डॉ. निकिता वर्ष 2024 में मिसेस एशिया पैसिफिक विनर रह चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, पेरिस में फैशन शो में भागीदारी की और कांस्य सम्मान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए कोई रुकावट नहीं है, जरूरत सिर्फ आगे बढ़ने के हौसले की है। जो महिलाएं घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं, उनके लिए घर से बाहर भी अवसरों की एक दुनिया है, बस पहला कदम उठाने की जरूरत है। संस्था अध्यक्ष मोहिब उन्नीसा ने बताया कि बचपन से उन्होंने यह विचार सुना था कि यदि एक पुरुष शिक्षित होता है तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन यदि एक महिला शिक्षित होती है तो पूरी दुनिया शिक्षित हो सकती है। इसी उद्देश्य के साथ आकार ग्रुप की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि उनके साथ डिजिटल एंटरप्रिनर प्रियंका सूर्यवंशी और भोपाल की अल्मास जुड़ी हैं तथा जल्द ही जबलपुर में भी संस्था की गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। इवेंट एंबेसेडर प्रियंका सूर्यवंशी ने कहा कि संस्था महिलाओं को केवल मंच ही नहीं देती, बल्कि उन्हें स्किल ट्रेनिंग, ग्रूमिंग सेशन्स और पर्सनालिटी डेवलपमेंट के माध्यम से आगे बढ़ने की दिशा भी प्रदान करती है। महिलाओं और उनके बच्चों के लिए नियमित ग्रूमिंग सेशन आयोजित किए जाते हैं, जिनमें उन्हें आत्मविश्वास के साथ बोलना, आगे बढ़ना और समाज में अपनी पहचान बनाना सिखाया जाता है। कार्यक्रम में पैनल डिस्कक्शन भी हुआ। इस मौके पर सीए, कॉलेज आर्टिस्ट, योग प्रशिक्षक, वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी प्रोफेशनल्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं और उनके बच्चों को सम्मानित किया गया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि नारी शक्ति को अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वह हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकती है।

गर्मियों में जरूर खाएं ये 5 फल, स्किन पर आएगी नेचुरल ग्लो, रेगुलर सेवन से गुलाब की तरह खिल उठेगा चेहरा

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Last Updated:April 03, 2026, 23:44 IST These fruits will give skin glow in summer: गर्मियों में कई ऐसे फल मिलते हैं, जो ना सिर्फ संपूर्ण सेहत को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं, बल्कि ये त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. कौन-कौन से हैं ये फल, जिसके सेवन से आप पा सकते हैं ग्लोइंग, शाइनी, हेल्दी और सॉफ्ट निखरी स्किन, जानें यहां… गर्मियों में स्किन को हेल्दी रखने के लिए कौन सा फल खाना है बेस्ट? which fruits will give your skin natural glow: गर्मियों के आगमन के साथ तापमान अधिक होने से चेहरे की रंगत उड़ जाती है. चेहरे का ग्लो, तापमान की वजह से टेनिंग में बदल जाता है. टेनिंग से बचने और ग्लो पाने के लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रकृति ने गर्मियों में हमें ऐसे फल दिए हैं, जो हमारी प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखने में मदद करते हैं? आज हम आपको गर्मियों में मिलने वाले ऐसे फलों के बारे में बताएंगे, जो आपकी स्किन को नेचुरल ग्लो देंगे. गर्मियों के ये फल त्वचा पर लाते हैं नेचुरल निखार नारियल पानी नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने और त्वचा को ग्लोइंग एवं मुलायम रखने में मदद करता है. अगर गर्मियों में रोजाना एक नारियल पी लिया जाए तो पेट से लेकर त्वचा दोनों ही स्वस्थ महसूस करते हैं. तरबूज तरबूज में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, फाइबर और पानी होता है. विटामिन सी टेनिंग हटाने में मददगार होता है. अगर गर्मियों में टैनिंग से परेशान रहते हैं तो अपने आहार में तरबूज को जरूर शामिल करें. चेहरे को ग्लोइंग बनाने से लेकर तरबूज शरीर के तापमान को भी संतुलित रखने में मदद करता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. खीरा खीरा सिर्फ सलाद का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह पेट और त्वचा दोनों के लिए सेहत का खजाना है. खीरा पूरे शरीर को हाइड्रेट रखता है और चेहरे के रूखेपन को भी कम करने में मदद करता है. कई स्किन ट्रीटमेंट में खीरे का इस्तेमाल किया जाता है. आम आम की तासीर भले ही गर्म होती है, लेकिन यह स्किन के लिए फायदेमंद होता है. आम में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो चेहरे का खोया निखार वापस लाने में मददगार होते हैं. अगर सही मात्रा में आम का सेवन किया जाए तो यह पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है. संतरा संतरे में भरपूर विटामिन सी होता है. इसका छिलके से लेकर गूदा तक त्वचा के लिए लाभकारी है. संतरा न सिर्फ चेहरे को गहराई से पोषण देता है, बल्कि गहरे दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है. संतरे के छिलके का इस्तेमाल भी फेसपैक में किया जाता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : April 03, 2026, 23:44 IST

5 अप्रैल से 9 दिवसीय श्रीरामकथा का आयोजन:जगद्गुरु रामभद्राचार्य अवधपुरी ग्वारीघाट में सुनाएंगे कथा

5 अप्रैल से 9 दिवसीय श्रीरामकथा का आयोजन:जगद्गुरु रामभद्राचार्य अवधपुरी ग्वारीघाट में सुनाएंगे कथा

जबलपुर के अवधपुरी आयुर्वेदिक कॉलेज) परिसर ग्वारीघाट में 5 अप्रैल से 9 दिवसीय श्रीरामकथा का आयोजन किया जाएगा। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य इस कथा का वाचन करेंगे। कथा का विषय ‘श्रीराम जन्म जग मंगल हेतु’ रखा गया है। यह आयोजन 13 अप्रैल तक चलेगा। समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष संदीप जैन ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित करना है। समापन दिवस पर संगठन की तीसरी वर्षगांठ भी मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कथा में 35 से अधिक समाजों के प्रतिनिधि यजमान के रूप में शामिल होंगे। कथा पंडाल में सभी वर्गों और जातियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे श्रीराम सबके हैं, सब श्रीराम के हैं” का भाव साकार हो सके। कथा के दौरान प्रतिदिन 10 से 15 मिनट की नाट्य प्रस्तुतियां भी होंगी। इन प्रस्तुतियों में शबरी, रानी दुर्गावती, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा। कथा के शुभारंभ दिवस, 5 अप्रैल को नर्मदा मैया का पूजन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे ग्वारीघाट से एक शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो अवधपुरी स्थित कथा स्थल पर समाप्त होगी।

कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

बारदानों की कमी को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि मोहन सरकार किसान शोषण वर्ष मना रही है और किसानों को सुविधा नहीं दे रही है। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि किसानों को इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। मंत्री राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। “किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष”- पटवारी दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के नाम पर “किसान शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, लाठियां चलीं और कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार लगातार खाद की कमी से इनकार करती रही। पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीदी में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का ही आवेदन किया। लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। पटवारी ने कहा कि बारदाना (जूट बैग) की कमी को लेकर सरकार युद्ध का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, यह कमी किसी युद्ध या बाहरी कारण से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा प्रदेश के किसान भुगत रहे हैं। कांग्रेस करेगी मंडियों में प्रदर्शन पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ी,लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।

कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

कांग्रेस बोली- किसान कल्याण नहीं किसान शोषण वर्ष मना रहे:खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- पश्चिम एशिया में युद्ध के हालातों के बाद भी 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी करेंगे

बारदानों की कमी को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए इस वर्ष 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। उधर, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा है कि मोहन सरकार किसान शोषण वर्ष मना रही है और किसानों को सुविधा नहीं दे रही है। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि किसानों को इस वर्ष 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केंद्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। मंत्री राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। “किसान कल्याण वर्ष नहीं, किसान शोषण वर्ष”- पटवारी दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में “किसान कल्याण वर्ष” के नाम पर “किसान शोषण वर्ष” मनाया जा रहा है। प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ा, जहां महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की हुई, लाठियां चलीं और कई बुजुर्गों की जान तक चली गई, जबकि सरकार लगातार खाद की कमी से इनकार करती रही। पटवारी ने कहा कि सरकार युद्ध का हवाला देकर गेहूं खरीदी में देरी कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2026 में 10 करोड़ बारदाने की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख बारदाने का ही आवेदन किया। लगभग 7.5 करोड़ बारदाने की कमी सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाती है। पटवारी ने कहा कि बारदाना (जूट बैग) की कमी को लेकर सरकार युद्ध का हवाला देकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने कहा, यह कमी किसी युद्ध या बाहरी कारण से नहीं, बल्कि सरकार की अकर्मण्यता और लापरवाही का परिणाम है, जिसका खामियाजा प्रदेश के किसान भुगत रहे हैं। कांग्रेस करेगी मंडियों में प्रदर्शन पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीखें लगातार आगे बढ़ाई जा रही हैं। पहले 16 मार्च, फिर 1 अप्रैल और अब 10 अप्रैल, और आगे भी बढ़ने की संभावना है। इस कुप्रबंधन के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर व्यापारियों को बेचनी पड़ी,लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में प्रदेशभर की मंडियों में प्रदर्शन करेगी। भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता एक दिन के उपवास पर बैठेंगे और कृषि मंत्री के निवास के बाहर धरना देकर किसानों की आवाज बुलंद करेंगे।

वाहन चोर पकड़ा, 16 FIR हैं दर्ज:ग्वालियर-मुरैना-शिवपुरी में कर चुका है चोरियां, पहाड़ी के पीछे करता था बाइक डंप

वाहन चोर पकड़ा, 16 FIR हैं दर्ज:ग्वालियर-मुरैना-शिवपुरी में कर चुका है चोरियां, पहाड़ी के पीछे करता था बाइक डंप

ग्वालियर में शुक्रवार शाम पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी चोरी की बाइक बेचने आया था, लेकिन समय पर सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। उसके कब्जे से 5 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। वह मास्टर की के जरिए किसी भी वाहन का लॉक खोल लेता था। आरोपी चोरी के वाहनों को तिघरा पहाड़ियों के पीछे झाड़ियों में छिपाकर रखता था। उसके खिलाफ ग्वालियर के विभिन्न थानों में 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह ग्वालियर के अलावा शिवपुरी और मुरैना में भी वाहन चोरी कर चुका है। पुलिस को आशंका है कि उससे कई अन्य वारदातों का खुलासा हो सकता है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। इसी दौरान कोतवाली थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति बिना नंबर की काले रंग की अपाचे बाइक बेचने की फिराक में गुप्तेश्वर मंदिर के पास खड़ा है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। शिवपुरी और मुरैना से भी वाहन चोरी किए पकड़े गए आरोपी की पहचान 25 वर्षीय दीपा उर्फ दीपू पिता प्रीतम सिंह यादव निवासी ग्राम कुलैथ खेरिया तिघरा के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने अपाचे बाइक चोरी करना स्वीकार किया। चेसिस नंबर मिलान में बाइक चोरी की पाई गई, जिसे बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने ग्वालियर के अलावा शिवपुरी और मुरैना से भी वाहन चोरी करना कबूल किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने स्टेडियम रोड स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास झाड़ियों से अपाचे बाइक की नंबर प्लेटें और मास्टर चाबी बरामद की। साथ ही चार अन्य बाइक भी जब्त की गईं, जिनमें स्प्लेंडर प्लस और प्लेटिना शामिल हैं। नकबजनी और आर्म्स एक्ट सहित 16 मामले दर्ज आठ दिन पहले आरोपी ने माधवनगर से एक अपाचे बाइक चोरी की थी। फरियादी नीतेश सोलंकी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 25 मार्च को उसने अपनी बाइक सिंधी धर्मशाला के सामने पार्किंग में खड़ी की थी, जो रात में चोरी हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ ग्वालियर के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी और आर्म्स एक्ट सहित 16 मामले दर्ज हैं।

घर में चोरी के 5 आरोपी पकड़ाए:सोने-चांदी के जेवर और पैसे मिले, मऊगंज में 9 दिन पहले की थी वारदात

घर में चोरी के 5 आरोपी पकड़ाए:सोने-चांदी के जेवर और पैसे मिले, मऊगंज में 9 दिन पहले की थी वारदात

मऊगंज जिले की हनुमना थाना पुलिस ने घर का ताला तोड़कर चोरी करने वाले पांच चोरों को पकड़ा है। पुलिस को इन आरोपियों के पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और नकदी भी मिली है। यह मामला 24 मार्च 2026 का है, जब बसौड़ी गांव की रहने वाली रानी यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जब वे खेत पर काम करने गई थीं, तब चोरों ने उनके सूने घर का ताला तोड़कर अलमारी से सोने की लॉकेट, चांदी की पायल और 40 हजार रुपए नकद पार कर दिए थे। संदेही ‘सोनू’ ने बताई वारदात, साथी भी चढ़े हत्थे पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो गांव के ही सोनू साकेत पर शक हुआ। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की बात मान ली। इसके बाद पुलिस ने अजय साकेत, सुभाष उर्फ ‘सिस्टम’, श्यामशंकर उर्फ ‘शंखू’ और राजबहोर उर्फ ‘टकला’ को भी गिरफ्तार कर लिया। जेवर और नकदी मिली, आरोपी पहुंचे जेल हनुमना थाना प्रभारी अनिल काकड़े ने बताया कि आरोपियों के पास से सोने की लॉकेट, चांदी की पायल और साढ़े चार हजार रुपए से ज्यादा नकद मिले हैं। सामान की कुल कीमत करीब 42 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।