जबलपुर आंदोलन की तैयारी में जुटी युवा कांग्रेस:सीधी पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार को घेरा; कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली

सीधी में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पहुंचे। उनके आने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। घनघोरिया 16 अप्रैल को जबलपुर में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय बड़े आंदोलन की तैयारियों को लेकर विभिन्न जिलों के प्रवास पर हैं। जमोड़ी बाईपास पर युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने उनके नेतृत्व में एक रैली निकाली, जिसके बाद जिला कांग्रेस कार्यालय में बैठक संपन्न हुई। 16 अप्रैल को बड़ा आंदोलन बैठक को संबोधित करते हुए यश घनघोरिया ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही है और शिक्षा नीति में सुधार के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। घनघोरिया ने घोषणा की कि इन जनविरोधी नीतियों और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ 16 अप्रैल को जबलपुर में युवा कांग्रेस एक विशाल आंदोलन करेगी। 10 दिनों से प्रदेश का दौरा कर रहे यश घनघोरिया ने बताया कि वे पिछले 10 दिनों से लगातार प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद कर उन्हें जबलपुर आंदोलन के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने वाली सरकार को जगाने के लिए यह आंदोलन मील का पत्थर साबित होगा। सीधी में कार्यकर्ताओं ने दिखाई एकजुटता इस दौरान युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष करुण सिंह, विधानसभा अध्यक्ष विकास सिंह परिहार और एनएसयूआई प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार मुख्य रूप से मौजूद रहे। जमोड़ी बाईपास से लेकर जिला कार्यालय तक हुए शक्ति प्रदर्शन में सैकड़ों युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। स्थानीय नेताओं ने भरोसा दिलाया कि सीधी जिले से बड़ी संख्या में युवा जबलपुर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएंगे।
भाई बताकर जमीन में हिस्सा मांगने पर की हत्या:कटनी में युवक की अधजली लाश मिली थी, आरोपी गिरफ्तार

कटनी पुलिस ने कुठला थाना क्षेत्र के कन्हवारा गांव में हुई हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। शुक्रवार शाम को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी वारदात जमीन-जायदाद के पुराने पारिवारिक विवाद का नतीजा निकली। 1 अप्रैल को कन्हवारा के एक खेत में एक युवक की अधजली लाश मिली थी। मृतक की पहचान 24 साल के छब्बू कोल के रूप में हुई। पुलिस ने शक के आधार पर खेत मालिक के बेटे आकाश लोधी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आकाश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर था पुराना झगड़ा आरोपी आकाश ने बताया कि उसके पिता और मृतक छब्बू की मां पिछले 20 सालों से साथ रह रहे थे। इसी वजह से छब्बू खुद को आकाश का भाई बताता था और खानदानी जमीन में आधे हिस्से की मांग करता था। इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर गाली-गलौज और मारपीट होती रहती थी। शराब के नशे में विवाद घटना वाले दिन छब्बू शराब के नशे में था और उसने फोन करके आकाश को खेत पर बुलाया। वहां फिर से जमीन को लेकर बहस शुरू हो गई और छब्बू ने आकाश पर डंडे से हमला कर दिया। गुस्से में आकर आकाश ने पास पड़ी ईंट से छब्बू के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सबूत मिटाने के लिए आकाश ने लाश को जलाने की कोशिश भी की थी। आरोपी को भेजा गया जेल कटनी सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने बताया कि आरोपी आकाश लोधी को ने कड़ाई से पूछताछ करने पर गुनाह मान लिया, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
श्योपुर बाढ़ राहत घोटाला, 18 पटवारियों पर चलेगा मुकदमा:कलेक्टर ने दी अभियोजन स्वीकृति; राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और धोखाधड़ी की थी

श्योपुर जिले में हुए बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने इस मामले में संलिप्त 18 पटवारियों के खिलाफ अभियोजन (मुकदमा चलाने) की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब इन राजस्व कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय में कानूनी कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस ने जांच में पाया था कि राहत राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा किया गया है। थाना बड़ौदा में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस यह पूरा प्रकरण थाना बड़ौदा में अपराध क्रमांक 439/23 के तहत दर्ज है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी), 409 (अमानत में ख्यानत) और 120-बी (साजिश) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में राजस्व रिकॉर्ड में फर्जी प्रविष्टियां करने और अपात्रों को लाभ पहुंचाने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद अभियोजन की मांग की गई थी। इन 18 पटवारियों पर होगी अदालती कार्रवाई प्रशासन द्वारा जिन पटवारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई है, उनमें मेवाराम गौरछिया, हेमन्त मित्तल, राजकुमार शर्मा, महेन्द्र सिंह जाटव, सुमित देशलेहरा, योगेश जिंदल, विनोद भूषण, अखिलेश जैन, भोलाराम गुप्ता, हुकुमचंद बिसारिया, राजवीर जाटव, बृजराज मीणा, रामनरेश जाटव, रामदयाल जागा, सोनेराम धाकड़, नीतेश मीणा, संजय रावत और शंकरलाल मर्सकोले शामिल हैं। इस घोटाले में पटवारियों के अलावा अन्य कर्मचारियों सहित कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जल्द दाखिल होगा आरोप पत्र, गिरफ्तारी की संभावना अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद अब पुलिस संबंधित पटवारियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान (आरोप पत्र) पेश करेगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आपराधिक मामले के साथ-साथ इन कर्मचारियों पर विभागीय जांच और निलंबन जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। जिले के राजस्व विभाग में इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे विभाग के अन्य संदिग्ध मामलों की परतें भी खुलने की संभावना है।
केरलम विधानसभा चुनाव 2026: ‘तेलंगाना जनता से सवाल…’, केरलम में चुनावी प्रचार के बीच सीएम रेवंत रेड्डी बड़ा का बयान

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केरलम विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अपनी सरकार की मंजूरी का जिक्र करते हुए सारांश सार पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने जनता से सीधे-सीधे साक्षात्कार की भी बात कही. केरल विधानसभा चुनाव के दौरान चल रहे प्रचार अभियान के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार के कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में दिए गए वादों को पूरी ईमानदारी से लागू किया है और अगर किसी को संदेह है, तो वह तेलंगाना ज्ञान खुद जनता से पूछ सकते हैं। किसानों को हर साल 18 हजार की मदद मिलती है सरकारः रेवंत रेवंत रेड्डी ने अपनी किताब में कहा, ‘तेलंगाना में 6 गारंटी को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है। यदि आप आश्वस्त नहीं हैं, तो आप वहां के लोगों से पूछ सकते हैं कि सरकार ने क्या काम किया है।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता के हित में लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए अनुदान जा रही मंजूरी का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर साल करीब 18,000 करोड़ रुपये की रतु भरोसेमंद योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता के रूप में दे रही है। उनका कहना था कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति को मिली है और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आई है। रोज़गार के मुद्दे पर सरकार की उपलब्धियाँ इसके अलावा, उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी अपनी सरकार की आवश्यकताओं को पूरा किया। रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार ने केवल एक साल में 67,173 सरकारी रोजगार उपलब्ध कराए हैं, जो युवाओं के लिए एक बड़ी राहत है। उन्होंने इसे अपने शासन की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह सरकार के सिद्धांतों को बहुत गंभीर बताता है। रेवंत रेड्डी ने सैद्धांतिक संरचना पर काम किया अपने भाषण के दौरान रेवंत रेड्डी ने भी अर्थशास्त्र पर बहस की और कहा कि कुछ लोग केवल आरोप लगाते रहते हैं, जबकि उनकी सरकार जमीन पर काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने अपील की कि वे विकास और काम के आधार पर निर्णय लें। रेवंत रेड्डी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब केरलम में एंबेल्ट मोनाको हॉटाया हुआ है और विभिन्न राजनीतिक दल जनता को एकजुट करने के लिए प्रचार कर रहे हैं। उनके इस बयान में राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी गई है। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘एआईएमआईएम-आईएसएफ के दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी’, मालदा में हुई घटना पर सीएम ममता बनर्जी का आरोप
विदिशा में गुड फ्राइडे विशेष प्रार्थना सभाएं:रैली भी निकली; प्रभु यीशु के बलिदान को याद कर प्रेम और शांति का संदेश दिया

विदिशा में गुड फ्राइडे के अवसर पर ईसाई समाज ने श्रद्धा और आस्था के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन किए। सुबह से ही चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जहां श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह को याद करते हुए उपवास रखकर प्रार्थनाएं कीं। शाम करीब 6 बजे चर्च परिसर से अहमदपुर चौराहा तक एक शांतिपूर्ण यात्रा निकाली गई। इस रैली में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ग्रंथ लेकर प्रार्थना करते हुए चल रहे थे, वहीं कई लोग क्रॉस लेकर प्रभु यीशु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रहे थे। रैली के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को स्मरण किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान प्रार्थना और भजनों के माध्यम से मानवता, प्रेम, शांति और क्षमा का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह ने मानव समाज के उद्धार के लिए क्रूस पर अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कष्ट सहते हुए भी अपने विरोधियों को क्षमा किया और पूरी दुनिया को क्षमाशीलता का संदेश दिया। गुड फ्राइडे के इस अवसर पर निकली यह रैली शहर में शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देती नजर आई। शहर के अन्य चर्चों में भी विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
बैतूल में ट्रैक्टर ठगी गिरोह से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार:26 लाख के चार वाहन बरामद; धोखे से महाराष्ट्र ले जाकर बेच दिया था

बैतूल जिले में किसानों के साथ ट्रैक्टर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भैंसदेही पुलिस ने शुक्रवार देर शाम पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 26 लाख रुपए कीमत के चार ट्रैक्टर बरामद किए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 7 फरवरी 2026 को भैंसदेही थाने में किसानों ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी राजेश विजयकर ने ट्रैक्टर को महाराष्ट्र में कुछ समय चलाने के बहाने लिया और बाद में धोखाधड़ी कर बेच दिया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेश विजयकर (43) निवासी कौडीढाना, भैंसदेही और उसके साथी योगेश पाटिल उर्फ उमेश खरण (45) निवासी बडुरा, जिला अमरावती (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चार ट्रैक्टर जब्त किए पूछताछ में आरोपियों ने किसानों से ट्रैक्टर लेकर उन्हें महाराष्ट्र में बेचने की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो सोनालिका और दो मैसी कंपनी के ट्रैक्टर जब्त किए हैं। बरामद किए गए इन ट्रैक्टरों की कुल कीमत लगभग 26 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। इस गिरोह के तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सातनकर सहित पुलिस टीम और साइबर सेल के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गर्मी में मिलने वाला 10रु का ये काला फल, कंट्रोल रखता है ब्लड शुगर-BP, स्किन के लिए भी फायदेमंद

Last Updated:April 03, 2026, 20:26 IST Indian Blackberry Benefits: गर्मियों में बिकने वाला काला जामुन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. ये फल किफायती होने के साथ डायबिटीज-ब्लड प्रेशर पेशेंट के लिए बहुत असरदार साबित होता है. आयुर्वेद में इसे गर्मी नाशक फल भी माना गया है, जिससे ये बॉडी को ठंडा भी रखता है. ख़बरें फटाफट Jamun Khane ke Fayde: गर्मियों के मौसम में कई सारे मौसमी फल मार्केट में आने लगते हैं. जामुन इनमें से ही एक है.ये स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही जामुन को गर्मियों का एक बेहतरीन सुपरफूड मानते हैं. आयुर्वेद में जामुन को खासतौर पर डायबिटीज और पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए उपयोगी बताया गया है. इसके फल ही नहीं, बल्कि पत्तियां भी औषधि बनाने में काम आती हैं. यहां तक कि जामुन की टहनी से दातून करने से मुंह से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती हैं और दांत- मसूड़े स्वस्थ रहते हैं. पित्त नाशक फल जामुनजामुन की तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए यह गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है और पित्त को शांत करता है. यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने में मदद करता है और पेट को भी ठंडा रखता है. इसलिए इसे आयुर्वेद में पित्त नाशक भी कहते हैं. आप इसे सीधे फल के रूप में खा सकते हैं, जूस बनाकर पी सकते हैं या सलाद में मिलाकर भी खा सकते हैं. यह सस्ता, आसानी से मिलने वाला और शरीर को हाइड्रेट रखने वाला फल है, जो आपको दिनभर ऊर्जा देता है. जामुन के स्वास्थ्य लाभ जामुन ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करता है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता. गर्मियों में जब शुगर बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है, तब जामुन का सेवन मददगार साबित होता है. जामुन में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और पेट को स्वस्थ रखता है. गर्मियों में भारी या तला-भुना खाने से पाचन बिगड़ जाता है, ऐसे में जामुन इसे सुधारने में मदद करता है. जामुन में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भी भरपूर होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इससे गर्मी में होने वाली आम बीमारियों से बचाव होता है. जामुन में कैलोरी कम होता है, इसलिए वेट कंट्रोल रखने में भी सहायक है. फाइबर अधिक होने के कारण पेट जल्दी भरता है और बार-बार भूख नहीं लगती. दिल की सेहत के लिए भी जामुन फायदेमंद है. इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक होता है, जिससे दिल स्वस्थ रहता है. इतना ही नहीं, जामुन त्वचा के लिए भी अच्छा होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं. गर्मियों में धूप और पसीने से त्वचा पर जो असर पड़ता है, जामुन उसे कम करने और त्वचा को निखारने में मदद करता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 03, 2026, 20:26 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
घर के आंगन में उगने वाला यह मामूली पौधा कई बीमारियों के लिए काल! कई गंभीर बीमारियों में कारगर

Last Updated:April 03, 2026, 20:26 IST Barabanki News: पत्थरचट्टा का पौधा सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. पत्थरचट्टा का उपयोग लंबे समय से पारंपरिक घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है. इसकी पत्तियों और तने में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से राहत देने में मददगार माने जाते हैं. बाराबंकी: हमारे आसपास कई ऐसे पेड़-पौधे पाए जाते हैं, जिनमें प्राकृतिक औषधीय गुण भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. इन्हीं में से एक है पत्थरचट्टा का पौधा, जिसे आयुर्वेद में बेहद उपयोगी माना जाता है. यह पौधा आसानी से घरों, बगीचों, पार्कों और खुले स्थानों पर देखने को मिल जाता है. पत्थरचट्टा का उपयोग लंबे समय से पारंपरिक घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है. इसकी पत्तियों और तने में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से राहत देने में मददगार माने जाते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसका सेवन सब्ज़ी और घरेलू नुस्खों के रूप में भी करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, यह पौधा शरीर को अंदर से मजबूत बनाने, सूजन कम करने और कई सामान्य परेशानियों से बचाव में सहायक माना जाता है. पत्थरचट्टा का पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होता है. ये जोड़ों के दर्द, गठिया, अल्सर, लीवर, चेहरे के दाग, धब्बे, एलर्जी, सूजन, पथरी और त्वचा संबंधित कई गंभीर बीमारियों में काफी कारगर है. पत्थरचट्टा पौधे के औषधीय गुणआयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा एमडी मेडिसिन ने बताया कि वैसे तो आयुर्वेद में पत्थरचट्टा का पौधा बेहद लाभकारी माना गया है. इसके पत्तों मे बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं. अगर किसी को जोड़ों मे दर्द या गठिया की समस्या है या स्वेलिंग आ जाती है, उन लोगों को इसके पत्तों को तीन से चार बार इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे काफी फायदा होता है. साथ ही साथ अगर किसी को घाव है या चेहरे पर रेशेज हैं या स्किन में जलन की समस्या है, वही मौसम बदलने से एलर्जी हो जाती है, वहां पर इसके पत्तों का लेप बनाकर लगाने से बहुत ही जल्दी राहत मिलती है. एक-दो घंटे बाद एक गिलास पानी का इस्तेमालवहीं अगर किडनी स्टोन है, तो इसकी 5 पत्तियों को खाली पेट सेवन करना चाहिए. दिनभर में एक-दो घंटे बाद एक गिलास पानी का इस्तेमाल जरूर करें, इससे किडनी स्टोन में काफी फायदा होता है. वहीं अगर किसी को अल्सर या लीवर की समस्या होती है, उन्हें इसके पत्तों का रस पानी के साथ सेवन करना चाहिए, जिससे काफी लाभ होता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Bara Banki,Uttar Pradesh First Published : April 03, 2026, 20:26 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
केरल में करीबी मुकाबले आम क्यों हैं: पांच सीटें जो दिखाती हैं कि मुकाबला कितना कड़ा है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 19:52 IST एलडीएफ की जीत, द्विध्रुवीय एलडीएफ यूडीएफ प्रतियोगिता, खंडित जनादेश, स्थानीय मुद्दे और गठबंधन अंकगणित के बावजूद केरल चुनावों में मामूली अंतर होता है, जो छोटे वोट स्विंग को निर्णायक बनाते हैं। केरल के तिरुवनंतपुरम में केरल स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के दौरान एक बुजुर्ग महिला ने अपना वोट डाला। (छवि: पीटीआई) केरल के चुनाव अक्सर व्यापक जनादेश से नहीं, बल्कि कम अंतर से तय होते हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों ने इस पैटर्न की याद दिला दी, जिसमें वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की निर्णायक समग्र जीत के बावजूद कई निर्वाचन क्षेत्रों में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई। मंजेश्वर को ही लें, जहां इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के एकेएम अशरफ ने महज 745 वोटों से जीत हासिल की, जो राज्य में सबसे कम अंतर से एक है। हाई-प्रोफाइल सीट त्रिशूर में सीपीआई के पी बालाचंद्रन ने 1,000 से कम वोटों से जीत हासिल की। राजधानी क्षेत्र में, वट्टियूरकावु में सीपीआई (एम) के वीके प्रशांत को लगभग 1,500 वोटों से जीत मिली, जबकि नेमोम, जिसे लंबे समय से एक प्रमुख युद्धक्षेत्र के रूप में देखा जाता था, सीपीआई (एम) के वी शिवनकुट्टी के पक्ष में लगभग 2,800 वोटों से तय हुआ। कुंडारा में भी करीबी अंत देखने को मिला, जहां कांग्रेस नेता पीसी विष्णुनाथ ने 2,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। ये केरल की राजनीति की संरचनात्मक विशेषता को दर्शाते हैं। इसके केंद्र में राज्य की मजबूत द्विध्रुवीय व्यवस्था है, जिस पर एलडीएफ और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का वर्चस्व है। अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों में दो गठबंधनों के बीच सीधा मुकाबला होने के कारण, वोटों का विखंडन सीमित है, जिससे मार्जिन कम हो रहा है। यहां तक कि जब छोटे दल या भाजपा मैदान में उतरते हैं, तब भी मुख्य लड़ाई काफी हद तक दोतरफा ही रहती है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के एक विश्लेषण के अनुसार, 2021 में केरल के 140 विधायकों में से 100 से अधिक विधायक 50 प्रतिशत से कम वोट शेयर के साथ चुने गए, जो खंडित जनादेश और करीबी मुकाबले की ओर इशारा करते हैं। चुनाव के अलग-अलग डेटा विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि कई सीटों का फैसला कुछ सौ वोटों से हुआ, जिनमें से अधिकांश विजेता एक संकीर्ण जीत बैंड के भीतर रहे। ऐसे में वोटों का छोटा सा उतार-चढ़ाव भी निर्णायक साबित हो सकता है. एलडीएफ और यूडीएफ के बीच एक से दो प्रतिशत अंकों का मामूली बदलाव अक्सर एक सीट पलटने के लिए पर्याप्त होता है। गठबंधन का अंकगणित इस कारक को और तीखा करता है। केरल की सामाजिक संरचना – जिसमें कई धार्मिक और जाति समूह चुनावी महत्व रखते हैं – यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी एक गुट हावी न हो। स्थानीय कारक एक और परत जोड़ते हैं। उन राज्यों के विपरीत जहां व्यापक आख्यान हावी हैं, केरल के मतदाता अक्सर निर्वाचन क्षेत्र-स्तरीय मुद्दों और उम्मीदवार प्रोफाइल पर दृढ़ता से प्रतिक्रिया देते हैं। उदाहरण के लिए, त्रिशूर जैसे निर्वाचन क्षेत्रों में प्रतियोगिताएं विकास के आख्यानों और शहरी मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर टिकी हुई हैं। ऐसे जिलों में एर्नाकुलम की तरह, स्थानीय शासन और बुनियादी ढाँचे की चिंताएँ मतदान निर्णयों को आकार देती हैं, जिससे अक्सर मार्जिन कड़ा हो जाता है। परिणाम एक राजनीतिक परिदृश्य है जहां निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर भूस्खलन अपेक्षाकृत दुर्लभ है, तब भी जब एक गठबंधन राज्यव्यापी जोरदार प्रदर्शन करता है। जगह : तिरुवनंतपुरम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 03 अप्रैल, 2026, 19:52 IST समाचार चुनाव केरल में करीबी मुकाबले आम क्यों हैं: पांच सीटें जो दिखाती हैं कि मुकाबला कितना कड़ा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल चुनाव(टी)केरल विधानसभा चुनाव(टी)संकीर्ण जीत का अंतर(टी)लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट(टी)यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट(टी)द्विध्रुवीय राजनीतिक प्रणाली(टी) करीबी मुकाबले वाली सीटें(टी)वोट शेयर विश्लेषण
महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री सिवनी पहुंचीं:बोलीं- स्कूलों में बालिकाओं के शौचालय का मुद्दा प्रदेश में उठाएंगी; संगठन विस्तार पर जोर

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री ज्योति नरेश सिंह राजपूत ने सिवनी के दो दिवसीय दौरे पर रही। इस दौरान उन्होंने छपारा और जिला मुख्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठकें लीं। बैठक में लखनादौन, घंसौर, केवलारी और कान्हीवाड़ा सहित जिले के विभिन्न मंडलों की महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुईं। प्रदेश स्तर पर गूंजेगा स्कूलों में शौचालय का अभाव शाम को आयोजित प्रेसवार्ता में जिले के स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालयों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। प्रदेश महामंत्री ने इस विषय पर गंभीरता जताते हुए आश्वस्त किया कि वे इस मामले को प्रदेश स्तर पर उठाएंगी। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा और सम्मान से जुड़े इस बुनियादी और जमीनी मुद्दे का समाधान करना संगठन की प्राथमिकता में शामिल है। निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी पर जोर बैठक के दौरान ज्योति नरेश सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया कि महिला मोर्चा का लक्ष्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबर का भागीदार बनाना ही संगठन का असली उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि सिवनी जिले में अब तक लगभग 5 हजार महिलाएं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर चुकी हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं प्रदेश महामंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे उज्ज्वला, सुकन्या समृद्धि, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और लखपति दीदी का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पात्र महिलाओं को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने में मदद करें। कार्यक्रम में पूर्व सांसद नीता पटेरिया और जिलाध्यक्ष मीना बिसेन सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहीं।







