मैंगो राइस रेसिपी: घर पर सिर्फ 10 मिनट में बनाएं मैंगो राइस, एक बार खाएंगे तो बार-बार मिर्च; नोट करें रेसिपी

मैंगो राइस रेसिपी: गर्मियों का मौसम आते ही मन कुछ ठंडा और ताज़ा खाना लाता है। वैसे तो आम को फलों का शेक राजा कहा जाता है और लोग इसे फलों का शेक के रूप में खाना पसंद करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी आम का इस्तेमाल करके इसका मुख्य भोजन तैयार किया है? दक्षिण भारत का प्रसिद्ध व्यंजन ‘मैंगो पिक्चराना’ या ‘मैंगो राइस’ एक ऐसी ही रेसिपी है जो स्वाद और सेहत में लाजवाब है। अगर आपके पास समय कम है और आप कुछ स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए असरदार है। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि। मैंगो राइस के लिए आवश्यक सामग्री चावल उगायेकच्चा आममूंहचना दाल और उड़द दालकैरी पत्ताहरी मिर्चराय हल्दी पाउडरनमकतेलहरा धनियाहींग सबसे पहले एक कड़ाही में तेल गरम करें। इसमें राय डालें और उसे चटकने दें। अब हींग, चना दाल, उड़द दाल और मूंगफली। एक्सपोज़ को स्पेक्ट्रम होने से लेकर पोर्टफोलियो तक।अब कटी हुई हरी मिर्च और कैरी के पत्ते डालें। इसके बाद हल्दी पाउडर लगाएं। ध्यान रहे कि हल्दी जलनी नहीं चाहिए।अब कद्दूकस किया हुआ रॉ आम कैडी में डाल दिया गया। इसे 1-2 मिनट तक सलाह दें जब तक कि आम का कच्चापन थोड़ा कम न हो जाए। आम को बहुत ज्यादा गलाना नहीं है, माइक पिक्चर क्रंच बनाना चाहिए।अब सबसे पहले इसमें चावल और स्वाद नमक का लेखा-जोखा दिया गया है। हाथों से पकौड़े ताकि चावल के दाने न टूटे और मसाला समान रूप से मिल जाए।बंद कर दें और ऊपर से ताज़ा कटा हुआ हरा धनिया डालें। अगर आपको तीखा पसंद है तो आप ऊपर से थोड़ा और लाल मिर्च भी छिड़क सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट) मैंगो चित्रन्ना रेसिपी (टी) कच्चे आम चावल (टी) दक्षिण भारतीय चावल रेसिपी (टी) कर्नाटक भोजन (टी) ग्रीष्मकालीन स्वस्थ रेसिपी (टी) आसान चावल रेसिपी (टी) आम चित्रन्ना (टी) कच्चा आम चावल (टी) त्वरित भारतीय रेसिपी
ट्यूमर-कैंसर से लड़ने में कारगर किचन की दो इंच की यह चीज, चेहरे की समस्या की भी दुश्मन! जानें आयुर्वेदिक फायदे

Last Updated:March 29, 2026, 16:39 IST Health Tips: जो लोग अक्सर सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं, तो पीपली का सेवन उनके लिए उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है. आइए एक्सपर्ट से पीपली के फायदों के बारे में जानते हैं. देहरादून: हमारे किचन में मौजूद रखी चीजें हमारे लिए कई तरह से उपयोगी होती हैं. सब्जियों का स्वाद बढ़ाने वाले गर्म मसाले कई बीमारियों के इलाज के तोड़ होते हैं. ऐसा ही है पीपली, जिसे आयुर्वेद के लिए वरदान माना गया है. आयुर्वेद के अनुसार, इसमें पाइपरलोंगुमाइन नाम का एक केमिकल कंपाउंड है, जो कैंसर की कोशिकाओं को खत्म में मदद करता है. यह अलग तरह के ट्यूमर की कोशिकाओं को भी नष्ट करता है, जिसमें से एक ब्रेन ट्यूमर भी है. पीपली कफ और सूजन को खत्म करती है. यह कील-मुंहासे, खुजली और कई त्वचा समस्याओं को दूर करती है. इन बीमारियों में कारगरआयुर्वेदिक चिकित्सक सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि पीपली को आयुर्वेद में बहुत लाभकारी बताया गया है, क्योंकि इससे कई फायदे हैं. यह ऐसा मसाला है, जो कफ दोष के इलाज में काम आता है. जिन लोगों को सर्दी, खांसी, जुकाम और सिर दर्द की समस्या होती है, उन्हें आधा चम्मच पीपली पाउडर को गुनगुने पानी से ले लेना चाहिए, इससे आराम मिलता है. उन्होंने बताया कि चेस्ट इनफेक्शन, टीबी और श्वसन तंत्र की समस्याओं में भी यह राहत देता है. लंग्स इनफेक्शन वाले भी इसका उपयोग कर सकते हैं. इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर कर सकते हैं यूजडॉ. सिराज सिद्दीकी बताते हैं कि जो लोग अक्सर सर्दी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ जाते हैं, तो पीपली का सेवन उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है. इसमें पाइपरीन नामक तत्व मौजूद होता है, जो शरीर में औषधियों के अवशोषण को बढ़ा देता है. इससे इसके चिकित्सकीय गुणों का प्रभाव ज्यादा होता है. हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन में कारगरइसके अलावा इसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और हिपैटोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं. कई रिसर्च में यह पाया गया है कि यह ट्यूमर, कैंसर कोशिकाओं को धीरे-शोर खत्म करता है. पीपली हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह रक्त संचार को बढ़ाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है. इसके साथ ही यह शरीर की कमजोरी को दूर कर ताकत देता है. खून साफ रहने से स्किन साफ रहती है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : March 29, 2026, 16:39 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
सिंगर अर्पित बाला ने कॉन्सर्ट में फैन पर थूका:स्टेज पर बोतल फेंकी तो भड़के, वेन्यू से बाहर निकाला

सिंगर और रैपर अर्पित बाला ने हैदराबाद में एक लाइव परफॉर्मेंस के दौरान एक दर्शक पर थूक दिया। शो के दौरान एक फैन ने स्टेज पर बोतल फेंक दी, जिससे अर्पित इतने नाराज हुए कि उन्होंने उस व्यक्ति की तरफ थूक दिया और उसे तुरंत वेन्यू से बाहर निकलवा दिया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 28 मार्च की रात हुआ विवाद यह घटना 28 मार्च को हैदराबाद के ‘किंगडम क्लब एंड किचन’ में हुई। अर्पित वहां अपना कॉन्सर्ट कर रहे थे और भारी भीड़ मौजूद थी। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि परफॉर्मेंस के दौरान अचानक दर्शकों के बीच से किसी ने स्टेज की तरफ बोतल फेंकी। बोतल देखते ही अर्पित ने अपना गाना बीच में ही रोक दिया और काफी गुस्से में आ गए। फैन की तरफ थूका और चेतावनी दी बोतल फेंकने वाले की पहचान होने के बाद अर्पित ने गुस्से में प्रतिक्रिया देते हुए उस व्यक्ति की ओर थूक दिया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि उस शख्स को तुरंत क्लब से बाहर निकाला जाए। अर्पित ने बोतल उठाकर वापस उसकी तरफ फेंकी और माइक पर कहा, “इधर देखना… क्या हुआ? लगा डर। ये अपनी बहन की शादी में दहेज में बांट देना।” अपनी परफॉर्मेंस दोबारा शुरू करने से पहले उन्होंने दर्शकों को चेतावनी दी कि ऐसी हरकतें दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। कौन हैं अर्पित बाला? अर्पित बाला एक भारतीय रैपर और कंटेंट क्रिएटर हैं। साल 2025 में उनका गाना ‘बरगद’ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे उन्हें रातोंरात बड़ी पहचान मिली। वह ‘फूसी गैंग’ ग्रुप के को-फाउंडर भी हैं। अर्पित अपनी डिजिटल कॉमेडी और देसी हिप-हॉप को जोड़ने के अनोखे स्टाइल के लिए युवाओं के बीच काफी पॉपुलर हैं।
आपके अस्पताल में भी तुलसी सुख क्या है? आज से ही इन ‘दुश्मन’ कंपनी के पास से कर दूर है

तुलसी के पौधे की देखभाल युक्तियाँ: तुलसी के उपाय हर घर में धार्मिक महत्व के साथ ही स्वास्थ्य और स्वाद का खजाना माने जाते हैं। लोग इसे अक्सर अपने घर में या फिर रसोई और बगीचे में या फिर टुकड़ों में बाक़ी के रूप में उपयोग करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तुलसी की गलत धारणा को संकट में डाला जा सकता है। असल में, हर औषधि की अपनी तासीर और जरूरत होती है, जिसमें तुलसी के कुछ खास सिद्धांतों को शामिल करके वे एक-दूसरे के विकास में नुकसान पहुंचाते हैं। इन दवाइयों को तुलसी के पास से लगाना सेज जैसे उपचार मिट्टी में बेहतर बढ़ते हैं, जबकि तुलसी को औषधि की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार खेडा और तुलसी दोनों के उपयोग से स्वाद और विकास पर प्रभाव पड़ सकता है। और ऐसे उपाय हैं जो मिट्टी में रसायन के विभिन्न प्रकार हैं, जिससे आस-पास के अवशेषों की स्थिरता बहुत ही कम हो जाती है। जहां पत्तागोभी और केले ठंडे मौसम के उपाय हैं, वहीं तुलसी को गर्म वातावरण पसंद होता है। थाइम को भी कम पानी देना चाहिए, जिससे तुलसी के साथ कोई समानता नहीं मिलती है। तुलसी के साथ कौन से उपाय लगाने से होता है कमाल अगर तुलसी के साथ सही वैज्ञानिकता का आकलन किया जाए, तो इसकी बिक्री बहुत सही है। टमाटर के साथ तुलसी बनाने से उसका स्वाद सबसे अच्छा होता है और पौधा भी काफी मात्रा में रहता है। इसके अलावा बाला, जीनिया, कैमोमाइल, अजमोद और ओरिगैनो जैसे उपचार तुलसी के साथ अच्छे से बढ़ते हैं। लोग तुलसी के उपचार में नमक क्यों डालते हैं? कई लोग तुलसी के उपचारों की अच्छी समानता के लिए नमक सहित सलाह भी देते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं होता है। नाममात्र नमक उपचार से नुकसान पहुँचाया जा सकता है। यद्यपि सीमित मात्रा में एप्सम सॉल्ट का उपयोग पोषण संबंधी औषधियों में किया जाता है और उसे हरा-भरा बनाने में मदद की जा सकती है। लोग तुलसी के उपचारों की अच्छी गुणवत्ता के लिए भी नमक की सलाह देते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)तुलसी के पौधे की देखभाल(टी)तुलसी के साथी पौधे(टी)तुलसी के साथ नहीं उगने वाले पौधे(टी)रसोई उद्यान युक्तियाँ(टी)तुलसी बागवानी गाइड(टी)तुलसी के लाभ(टी)साथ में तुलसी का रोपण(टी)बागवानी की गलतियाँ(टी)घर की बागवानी युक्तियाँ(टी)तुलसी के पौधे की वृद्धि
गेंदा के फूल के फायदे: त्वचा, पाचन और सूजन में प्राकृतिक औषधीय लाभ

Last Updated:March 29, 2026, 16:11 IST गेंदा का फूल केवल पूजा और सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई औषधीय गुणों से भरपूर प्राकृतिक उपचार भी है. त्वचा की समस्याओं से लेकर पाचन सुधारने, सूजन कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक, गेंदा का उपयोग आयुर्वेद में लंबे समय से किया जाता रहा है. हालांकि, इसका इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना गया है. गेंदा का फूल औषधीय गुणों से भरपूर होता है और यह कई बीमारियों में राहत देने का काम करता है. आमतौर पर लोग इसे पूजा-पाठ और सजावट के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि गेंदा एक असरदार औषधि भी है. आयुर्वेद में गेंदा के फूल, पत्तियां और यहां तक कि इसके रस का भी उपयोग कई तरह की समस्याओं के इलाज में किया जाता है. त्वचा से जुड़ी समस्याओं में गेंदा बहुत फायदेमंद है. अगर किसी को खुजली, दाने, फोड़े-फुंसी या जलन की समस्या हो, तो गेंदा के फूल का लेप लगाने से आराम मिलता है. यह त्वचा को ठंडक देता है और जलन को कम करता है. इसके अलावा, गेंदा से बना तेल भी त्वचा को मुलायम और स्वस्थ रखने में मदद करता है. गेंदा का फूल आंखों के लिए भी लाभकारी माना जाता है, अगर आंखों में जलन, लालिमा या सूजन हो, तो गेंदा के फूल को पानी में उबालकर ठंडा करके उससे आंख धोने से राहत मिलती है. हालांकि, आंखों में इस्तेमाल करने से पहले साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. Add News18 as Preferred Source on Google मालती वर्मा बताती है कि पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी गेंदा का उपयोग किया जाता है. गेंदा के फूल से बनी चाय या काढ़ा पेट की गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है. यह शरीर के अंदर की सफाई करने में भी मदद करता है और पाचन शक्ति को मजबूत बनाता है. गेंदा का उपयोग सूजन और दर्द कम करने में भी किया जाता है. इसके फूल में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर की सूजन को कम करते हैं. अगर किसी को जोड़ों में दर्द या सूजन की समस्या है, तो गेंदा के तेल से मालिश करने से आराम मिल सकता है. गेंदा का फूल महिलाओं के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसका उपयोग मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए किया जाता है. हालांकि, इसका उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है. गेंदा का फूल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं. नियमित रूप से इसका सीमित उपयोग करने से शरीर स्वस्थ रहता है. गांवों और छोटे कस्बों में गेंदा का उपयोग घरेलू इलाज के रूप में काफी समय से किया जा रहा है. यह आसानी से मिलने वाला और सस्ता पौधा है, जिसे लोग अपने घरों में भी उगा सकते हैं. यही वजह है कि यह आम लोगों के लिए एक सुलभ औषधि बन चुका है. मालती वर्मा बताती है गेंदा का उपयोग करते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं. किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी या गर्भवती महिला को उसका प्रयोग करने से पहले किसी किसी डॉक्टर या और आयुर्वेदाचार्य के सलाह बिना किसी भी औषधि पौधे का प्रयोग नहीं करना चाहिए. किसी भी औषधि पौधे का प्रयोग केवल 7 दिन तक ही करना चाहिए. First Published : March 29, 2026, 16:11 IST
रात में देर से सोना शरीर के लिए घातक, इन गंभीर बीमारियों का खतरा! जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

Last Updated:March 29, 2026, 15:58 IST अक्सर लोग देर रात तक जागते रहते हैं और मोबाइल चलाते रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देर रात तक मोबाइल चलाना आपकी सेहत के लिए घातक हो सकता है. आइए एक्सपर्ट से इसके नुकसान जानते हैं. देहरादून: आजकल की खराब जीवनशैली और खान-पान के चलते कई बीमारियां आपको घेर लेती हैं. आप यह बात जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देर रात तक जागने ,फास्टफूड का ज्यादा सेवन और गलत आदतों से बवासीर, पाइल्स जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं. यह ऐसी बीमारी है, जिसे बताने में भी लोग संकोच करते हैं और यह बहुत ही दर्द देने वाली होती है. आपने सही सुना, देर रात तक जागना और खराब लाइफस्टाइल सीधे तौर पर फिशर और पाइल्स के खतरे को बढ़ा सकते हैं. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. शहरीन बताती हैं कि पाचन तंत्र और नींद का बहुत बड़ा संबंध होता है. उन्होंने कहा कि न सिर्फ आपका गलत खान-पान, बल्कि गलत टाइम पर न सोना भी आपको पाइल्स और फिशर जैसी बीमारियों का शिकार बना सकता है. उन्होंने बताया कि जब आप देर रात तक जागते हैं, तो बॉडी की सर्कैडियन रिदम बिगड़ जाती है. इससे मेटाबॉलिज्म की रफ्तार धीमी पड़ जाती है, जिससे भोजन को पचने में ज्यादा समय लगता है. अधपका भोजन पेट में पैदा करता है कब्जएक्सपर्ट ने कहा कि अधपका भोजन पेट में कब्ज पैदा करता है, जो पाइल्स और फिशर की जड़ है. जो लोग देर रात से खाना खाते हैं, उनका भोजन पच नहीं पाता है, कब्ज और अपच की शिकायत हो जाती है, जो लंबे समय बाद फिशर का रूप ले सकती है. जब शौचालय में देर तक बैठा जाता है, तो एनिस की वेंस नीचे की ओर प्रेशर डालती है, जिसके बाद यह परेशानी होती है. क्यों होती है पाइल्स और फिशर की परेशानी?कई लोग देर रात तक जागते हैं और चाय- कॉफी का सेवन करते हैं. इसमें मौजूद कैफीन डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है, जो मल को सख्त बनाता है. उन्होंने कहा कि आजकल लोग जंक फूड का ज्यादा सेवन कर रहे हैं, जो न ही जल्दी पचता है और न ही इन्हें खाने से पोषक तत्व मिल पाते हैं. इनमें फाइबर मौजूद नहीं होता है, जो पाचन तंत्र को कम करने में मददगार होता है. उन्होंने कहा कि फाइबर की कमी से हमारा पेट साफ नहीं हो पाता और प्रेशर लगाने की वजह से गुदा मार्ग की नसें सूज जाती हैं, जिससे पाइल्स और फिशर की परेशानी हो सकती है. Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : March 29, 2026, 15:58 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
चैटजीपीटी की मदद से घर ₹9.5 करोड़ में बिका:₹95 लाख ज्यादा कीमत मिली, बिना एजेंट 5 दिन में डील हुई

अमेरिका के फ्लोरिडा में एक शख्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके अपना घर करीब 1 मिलियन डॉलर (लगभग 9.5 करोड़ रुपए) में बेच दिया है। मियामी में रहने वाले रॉबर्ट लेविन ने घर बेचने के लिए किसी रियल एस्टेट एजेंट की मदद नहीं ली, बल्कि चैटजीपीटी को अपना गाइड बनाया। लेविन ने केवल 5 दिनों के अंदर ही अपने घर की डील क्लोज कर दी। खास बात यह है कि घर की जो कीमत लोकल एजेंट्स ने बताई थी, लेविन को AI की सलाह की वजह से उससे 95 लाख रुपए ज्यादा मिले। मार्केटिंग से लेकर कागजी कार्रवाई तक सब AI ने किया न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रॉबर्ट लेविन यह टेस्ट करना चाहते थे कि क्या AI घर बेचने की पूरी प्रोसेस को अकेले संभाल सकता है। उन्होंने घर की सही कीमत तय करने (प्राइसिंग), लिस्टिंग तैयार करने और मार्केटिंग कंटेंट लिखने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया। लेविन ने बताया कि उन्होंने हर छोटे-बड़े फैसले के लिए टूल पर भरोसा किया। AI ने बताया- घर कब लिस्ट करें और क्या बदलाव करें चैटजीपीटी ने लेविन को न केवल कंटेंट लिखकर दिया, बल्कि यह भी बताया कि घर को मार्केट में उतारने का सबसे सही समय क्या है ताकि खरीदार तुरंत आकर्षित हों। टूल ने उन्हें घर में कुछ छोटे सुधार करने की भी सलाह दी, जिससे प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ने में मदद मिली। लेविन के मुताबिक हमने वैसा ही किया, जैसा टूल ने बताया। 3 दिन में 5 ऑफर आए, एजेंट्स के अनुमान से ₹95 लाख ज्यादा मिले घर को मार्केट में लिस्ट करने के महज तीन दिनों के भीतर लेविन को 5 खरीदारों के ऑफर मिल गए। उन्होंने घर को 1 मिलियन डॉलर में बेच दिया। यह कीमत रियल एस्टेट एजेंटों द्वारा दिए गए अनुमान से 95 लाख रुपए ज्यादा थी। लाखों का कमीशन बचाया, पर प्रोफेशनल की सलाह भी मानी लेविन ने कहा कि AI के इस्तेमाल से उन्होंने एजेंट को दी जाने वाला कमीशन बचा लिया। हालांकि, उन्होंने सावधानी बरतते हुए कागजी कार्रवाई के लिए एक वकील की मदद जरूर ली। लेविन का मानना है कि AI पूरी तरह से पेशेवरों की जगह नहीं ले सकता, लेकिन यह काम को बहुत आसान और किफायती बना देता है। ये खबर भी पढ़ें… आईफोन-15 और 16 जैसे पुराने मॉडल्स ₹5,000 तक महंगे होंगे: एपल ने इंसेंटिव देना बंद किया, रिटेलर्स ग्राहकों से वसूलेंगे यह कीमत भारत में अब पुराने आईफोन खरीदने पर ग्राहकों को ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। एपल ने आईफोन 15 और 16 जैसे पुराने मॉडल्स पर रिटेलर्स को डिमांड जनरेशन (DG) सपोर्ट यानी इंसेंटिव देना बंद करने का फैसला किया, जिससे कीमतें करीब 5,000 रुपए तक बढ़ सकती हैं। मनीकंट्रोल के मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह फैसला इसी हफ्ते लागू हो सकता है। हाल ही में कैशबैक ऑफर्स 6,000 से घटाकर 1,000 रुपए किए गए थे, जिससे आईफोन 17 सीरीज महंगी हुई और अब पुराने मॉडल्स की कीमतें भी बढ़ जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…
शाजापुर में मेगा विधिक जागरूकता शिविर:सैकड़ों नागरिकों को योजनाओं और अधिकारों की जानकारी मिली

शाजापुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने रविवार को एक दिवसीय ‘मेगा विधिक आउटरीच एवं जागरूकता शिविर’ का आयोजन किया। यह शिविर मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर गायत्री मंदिर परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी के मुख्य आतिथ्य और सचिव नमिता बौरासी के निर्देशन में आयोजित किया गया था। शिविर में जिला न्यायाधीश जितेंद्र कुमार पाराशर, दिनेश नोटिया, प्रेमलता जितेंद्र गोयल और जिला विधिक सहायता अधिकारी शिखा शर्मा भी उपस्थित थे। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर वंचित और कमजोर वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना था। इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों ने स्टॉल लगाए, जहाँ नागरिकों को मौके पर ही पंजीकरण और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की सुविधा मिली। इस दौरान ‘मध्यस्थता 2.0 अभियान’ और ‘सामुदायिक मध्यस्थता’ के महत्व के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। निशुल्क न्याय तक पहुंच जरूरी मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का लक्ष्य प्रत्येक व्यक्ति तक सरल और निःशुल्क न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। शिविर के समापन पर एक सांस्कृतिक ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को शील्ड, प्रमाण-पत्र और लेखन सामग्री देकर सम्मानित किया गया। अंत में, सचिव नमिता बौरासी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
अक्षय खन्ना का साउथ फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू:धुरंधर 2 के बाद 'महाकाली' फिल्म में दिखेंगे; शुक्राचार्य के रोल में फोटो वायरल

फिल्म ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ के बाद अब अक्षय खन्ना साउथ सिनेमा में दिखाई देंगे। वे निर्देशक प्रशांत वर्मा की फिल्म ‘महाकाली’ में नजर आएंगे। हाल ही में फिल्म के सेट से अक्षय खन्ना की एक बिहाइंड-द-सीन (BTS) फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। इसे खुद निर्देशक प्रशांत वर्मा ने शेयर किया है। फोटो के साथ उन्होंने अक्षय खन्ना के लिए एक खास मैसेज भी लिखा है। ‘असुर गुरु शुक्राचार्य’ के रोल में दिखेंगे अक्षय फिल्म ‘महाकाली’ के जरिए अक्षय खन्ना तेलुगू सिनेमा में अपना डेब्यू कर रहे हैं। यह फिल्म प्रशांत वर्मा के ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ (PVCU) का एक अहम हिस्सा होगी। इससे पहले फिल्म का फर्स्ट-लुक पोस्टर जारी किया गया था, जिसमें अक्षय खन्ना ‘असुर गुरु शुक्राचार्य’ के रहस्यमयी किरदार में नजर आए थे। निर्देशक प्रशांत वर्मा ने लिखा इमोशनल नोट प्रशांत वर्मा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अक्षय खन्ना के साथ फोटो शेयर करते हुए एक्टर की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा, “एक सच्चे अभिनेता यह साबित करते हैं कि असली टैलेंट को दिखावे की जरूरत नहीं होती। अक्षय की पर्दे पर मौजूदगी, दमदार अभिनय और उनका क्लास हमेशा अलग दिखता है। आपके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है।” प्रशांत ने आगे बताया कि वे दुनिया को यह दिखाने के लिए बेताब हैं कि उन्होंने साथ मिलकर क्या बनाया है। उन्होंने पोस्ट में ‘महाकाली’ और ‘जय हनुमान’ जैसे हैशटैग्स का भी इस्तेमाल किया। 30 साल बाद सनी देओल के साथ दिखेंगे साउथ के साथ-साथ अक्षय खन्ना बॉलीवुड में भी एक बड़े प्रोजेक्ट ‘इक्का’ का हिस्सा हैं। इस क्राइम ड्रामा फिल्म में वे सनी देओल के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। फिल्म के टीजर में सनी देओल एक वकील के किरदार में दिख रहे हैं, जबकि अक्षय खन्ना की एंट्री पुलिस वालों के साथ होती है। बता दें कि अक्षय खन्ना और सनी देओल आखिरी बार साल 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ में साथ नजर आए थे। करीब 30 साल बाद इन दोनों एक्टर्स अब साथ दिखेंगे।
अक्षय खन्ना का साउथ फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू:धुरंधर 2 के बाद 'महाकाली' फिल्म में दिखेंगे; शुक्राचार्य के रोल में फोटो वायरल

फिल्म ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ के बाद अब अक्षय खन्ना साउथ सिनेमा में दिखाई देंगे। वे निर्देशक प्रशांत वर्मा की फिल्म ‘महाकाली’ में नजर आएंगे। हाल ही में फिल्म के सेट से अक्षय खन्ना की एक बिहाइंड-द-सीन (BTS) फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। इसे खुद निर्देशक प्रशांत वर्मा ने शेयर किया है। फोटो के साथ उन्होंने अक्षय खन्ना के लिए एक खास मैसेज भी लिखा है। ‘असुर गुरु शुक्राचार्य’ के रोल में दिखेंगे अक्षय फिल्म ‘महाकाली’ के जरिए अक्षय खन्ना तेलुगू सिनेमा में अपना डेब्यू कर रहे हैं। यह फिल्म प्रशांत वर्मा के ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ (PVCU) का एक अहम हिस्सा होगी। इससे पहले फिल्म का फर्स्ट-लुक पोस्टर जारी किया गया था, जिसमें अक्षय खन्ना ‘असुर गुरु शुक्राचार्य’ के रहस्यमयी किरदार में नजर आए थे। निर्देशक प्रशांत वर्मा ने लिखा इमोशनल नोट प्रशांत वर्मा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अक्षय खन्ना के साथ फोटो शेयर करते हुए एक्टर की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा, “एक सच्चे अभिनेता यह साबित करते हैं कि असली टैलेंट को दिखावे की जरूरत नहीं होती। अक्षय की पर्दे पर मौजूदगी, दमदार अभिनय और उनका क्लास हमेशा अलग दिखता है। आपके साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है।” प्रशांत ने आगे बताया कि वे दुनिया को यह दिखाने के लिए बेताब हैं कि उन्होंने साथ मिलकर क्या बनाया है। उन्होंने पोस्ट में ‘महाकाली’ और ‘जय हनुमान’ जैसे हैशटैग्स का भी इस्तेमाल किया। 30 साल बाद सनी देओल के साथ दिखेंगे साउथ के साथ-साथ अक्षय खन्ना बॉलीवुड में भी एक बड़े प्रोजेक्ट ‘इक्का’ का हिस्सा हैं। इस क्राइम ड्रामा फिल्म में वे सनी देओल के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। फिल्म के टीजर में सनी देओल एक वकील के किरदार में दिख रहे हैं, जबकि अक्षय खन्ना की एंट्री पुलिस वालों के साथ होती है। बता दें कि अक्षय खन्ना और सनी देओल आखिरी बार साल 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ में साथ नजर आए थे। करीब 30 साल बाद इन दोनों एक्टर्स अब साथ दिखेंगे।








