शाजापुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने रविवार को एक दिवसीय ‘मेगा विधिक आउटरीच एवं जागरूकता शिविर’ का आयोजन किया। यह शिविर मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर गायत्री मंदिर परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी के मुख्य आतिथ्य और सचिव नमिता बौरासी के निर्देशन में आयोजित किया गया था। शिविर में जिला न्यायाधीश जितेंद्र कुमार पाराशर, दिनेश नोटिया, प्रेमलता जितेंद्र गोयल और जिला विधिक सहायता अधिकारी शिखा शर्मा भी उपस्थित थे। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर वंचित और कमजोर वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना था। इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों ने स्टॉल लगाए, जहाँ नागरिकों को मौके पर ही पंजीकरण और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की सुविधा मिली। इस दौरान ‘मध्यस्थता 2.0 अभियान’ और ‘सामुदायिक मध्यस्थता’ के महत्व के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। निशुल्क न्याय तक पहुंच जरूरी मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का लक्ष्य प्रत्येक व्यक्ति तक सरल और निःशुल्क न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। शिविर के समापन पर एक सांस्कृतिक ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को शील्ड, प्रमाण-पत्र और लेखन सामग्री देकर सम्मानित किया गया। अंत में, सचिव नमिता बौरासी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।













































