एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बने:10 साल में सातवें PM बने; पाकिस्तानी मूल की शबाना महमूद वित्त मंत्री बन सकती हैं

ब्रिटेन में सोमवार को एंडी बर्नहैम ने नए प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। वह पिछले 10 साल में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव का वादा करते हुए कहा है कि उनकी सरकार लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं, जैसे महंगाई और खराब सार्वजनिक सेवाओं, पर सबसे ज्यादा ध्यान देगी। पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर विदाई भाषण देने के बाद किंग चार्ल्स को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके बाद ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम ने किंग से मुलाकात की और औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। 56 वर्षीय बर्नहैम ऐसे समय सत्ता में आए हैं, जब ब्रिटेन कई चुनौतियों से जूझ रहा है। इनमें धीमी आर्थिक वृद्धि, खराब प्रदर्शन करने वाली सार्वजनिक सेवाएं और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं प्रमुख हैं। सरकार संभालने के साथ ही उन्हें अपनी नई कैबिनेट का भी गठन करना है। नई कैबिनेट पहली चुनौती होगी प्रधानमंत्री बनने के बाद बर्नहैम की पहली बड़ी चुनौती अपनी कैबिनेट का गठन होगी। खास तौर पर वित्त मंत्री की नियुक्ति पर सभी की नजर रहेगी, क्योंकि पहले भी प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के बीच मतभेद कई सरकारों के लिए मुश्किल बने हैं। ऊर्जा सुरक्षा मंत्री एड मिलिबैंड को पहले इस पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अब गृह मंत्री शबाना महमूद का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। शबाना पाकिस्तानी मूल की नेता हैं। हालांकि बर्नहैम ने कहा है कि उन्होंने अभी अपनी टीम पर अंतिम फैसला नहीं लिया है और अटकलों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। पहला फैसला- डिजिटल पहचान पत्र लागू करने का फैसला रद्द किया बर्नहैम सरकार के शुरुआती फैसलों पर भी सबकी नजर रहेगी। सरकार ने पहले ही एक अहम कदम उठाते हुए सभी कर्मचारियों के लिए डिजिटल पहचान पत्र लागू करने की योजना रद्द कर दी है। इस की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सरकार ने सितंबर 2025 में की थी। इसका मकसद यह था कि देश में काम करने वाले हर कर्मचारी की पहचान और उसके काम करने के कानूनी अधिकार की डिजिटल तरीके से पुष्टि की जा सके। सरकार का मानना था कि इससे फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कम होगा और अवैध प्रवासन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। हालांकि इस योजना का शुरुआत से ही विरोध होने लगा। आलोचकों का कहना था कि इससे सरकार नागरिकों की निजी जानकारी पर जरूरत से ज्यादा कंट्रोल हासिल कर सकती है। डेटा सुरक्षा और निजता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। बर्नहैम के सामने 5 बड़ी चुनौतियां 1. सुस्त अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पिछले कई वर्षों से कमजोर बनी हुई है। 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी, ब्रेक्जिट और कोविड-19 महामारी के कारण लोगों का जीवन स्तर लगातार प्रभावित हुआ है। बर्नहैम ने वादा किया है कि वह आम लोगों की जिंदगी में वास्तविक सुधार लाएंगे। उन्होंने टैक्स न बढ़ाने का भी वादा किया है। 2. यूक्रेन, मिडिल ईस्ट और अमेरिका के साथ रिश्तों में संतुलन बर्नहैम घरेलू मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात उन्हें ऐसा करने की पूरी छूट नहीं देंगे। यूक्रेन युद्ध अभी जारी है और मिडिल ईस्ट में भी तनाव बढ़ा हुआ है। माना जा रहा है कि इन दोनों मुद्दों पर ब्रिटेन की विदेश नीति में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा, क्योंकि NSA जोनाथन पॉवेल अपने पद पर बने रह सकते हैं। साथ ही अमेरिका के साथ ब्रिटेन के रिश्ते भी नई सरकार के लिए अहम होंगे। पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश की थी, लेकिन ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों का खुलकर समर्थन नहीं करने के कारण दोनों नेताओं के बीच तनाव पैदा हो गया था। 3. रक्षा बजट बढ़ाना और उसके लिए पैसा जुटाना रक्षा खर्च बढ़ाने को लेकर मतभेद की वजह से पिछले महीने कीर स्टार्मर सरकार के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि सेना के लिए प्रस्तावित बजट बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। इसके कुछ हफ्तों बाद स्टार्मर ने अगले चार वर्षों में रक्षा बजट में 15 अरब पाउंड (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) की बढ़ोतरी का ऐलान किया। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि एक्स्ट्रा पैसा कहां से आएगा और किन सरकारी विभागों के बजट में कटौती कर इसकी भरपाई की जाएगी। 4. इमिग्रेशन पर सख्त नीति और राजनीतिक संतुलन हाल के वर्षों में ब्रिटेन में शुद्ध प्रवासन (नेट माइग्रेशन) में काफी गिरावट आई है। इसकी वजह पिछली कंजर्वेटिव सरकार द्वारा लागू की गई सख्त इमिग्रेशन नीतियां हैं। इसे लेबर सरकार ने भी जारी रखा है। मई में एंडी बर्नहैम ने माना था कि इमिग्रेशन में कमी आई है, लेकिन उन्होंने कहा कि इसे और कम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह पूर्व गृह मंत्री शबाना महमूद की सख्त इमिग्रेशन नीति को बड़े पैमाने पर जारी रखेंगे। हालांकि लेबर पार्टी के कई सांसद और उदारवादी समर्थक इसका विरोध करते रहे हैं। ऐसे में बर्नहैम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पार्टी के भीतर विरोध के बीच संतुलन बनाना होगी। 5. बढ़ता कल्याण और पेंशन खर्च ब्रिटेन में सरकार का सामाजिक कल्याण (वेलफेयर) पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसकी एक बड़ी वजह कामकाजी उम्र के उन लोगों की बढ़ती संख्या है, जो मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के आधार पर सरकारी सहायता ले रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या युवाओं की है, जो बेरोजगार हैं। हालांकि सामाजिक सुरक्षा पर होने वाले कुल सरकारी खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा सेवानिवृत्त लोगों पर जाता है। सरकारी पेंशन और दूसरी सहायता योजनाओं पर कुल सामाजिक सुरक्षा बजट का आधे से ज्यादा हिस्सा खर्च होता है। अगर बर्नहैम इस खर्च को नियंत्रित कर पाते हैं, तो उनके पास सामाजिक आवास जैसी दूसरी योजनाओं पर ज्यादा पैसा खर्च करने का मौका मिलेगा। लेकिन यह आसान नहीं होगा। कीर स्टार्मर ने भी वेलफेयर खर्च घटाने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी ही पार्टी के सांसदों के विरोध के बाद उन्हें अपने फैसले वापस लेने पड़े थे। यही वजह है कि बर्नहैम के लिए यह आर्थिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होगी।
एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बने:10 साल में सातवें PM; पाकिस्तानी मूल की शबाना महमूद वित्त मंत्री बन सकती हैं

ब्रिटेन में सोमवार को एंडी बर्नहैम ने नए प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। वह पिछले 10 साल में ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव का वादा करते हुए कहा है कि उनकी सरकार लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं, जैसे महंगाई और खराब सार्वजनिक सेवाओं, पर सबसे ज्यादा ध्यान देगी। पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर विदाई भाषण देने के बाद किंग चार्ल्स को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके बाद ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम ने किंग से मुलाकात की और औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। 56 वर्षीय बर्नहैम ऐसे समय सत्ता में आए हैं, जब ब्रिटेन कई चुनौतियों से जूझ रहा है। इनमें धीमी आर्थिक वृद्धि, खराब प्रदर्शन करने वाली सार्वजनिक सेवाएं और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं प्रमुख हैं। सरकार संभालने के साथ ही उन्हें अपनी नई कैबिनेट का भी गठन करना है। नई कैबिनेट पहली चुनौती होगी प्रधानमंत्री बनने के बाद बर्नहैम की पहली बड़ी चुनौती अपनी कैबिनेट का गठन होगी। खास तौर पर वित्त मंत्री की नियुक्ति पर सभी की नजर रहेगी, क्योंकि पहले भी प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के बीच मतभेद कई सरकारों के लिए मुश्किल बने हैं। ऊर्जा सुरक्षा मंत्री एड मिलिबैंड को पहले इस पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अब गृह मंत्री शबाना महमूद का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। शबाना पाकिस्तानी मूल की नेता हैं। हालांकि बर्नहैम ने कहा है कि उन्होंने अभी अपनी टीम पर अंतिम फैसला नहीं लिया है और अटकलों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। पहला फैसला- डिजिटल पहचान पत्र लागू करने का फैसला रद्द किया बर्नहैम सरकार के शुरुआती फैसलों पर भी सबकी नजर रहेगी। सरकार ने पहले ही एक अहम कदम उठाते हुए सभी कर्मचारियों के लिए डिजिटल पहचान पत्र लागू करने की योजना रद्द कर दी है। इस की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सरकार ने सितंबर 2025 में की थी। इसका मकसद यह था कि देश में काम करने वाले हर कर्मचारी की पहचान और उसके काम करने के कानूनी अधिकार की डिजिटल तरीके से पुष्टि की जा सके। सरकार का मानना था कि इससे फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कम होगा और अवैध प्रवासन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। हालांकि इस योजना का शुरुआत से ही विरोध होने लगा। आलोचकों का कहना था कि इससे सरकार नागरिकों की निजी जानकारी पर जरूरत से ज्यादा कंट्रोल हासिल कर सकती है। डेटा सुरक्षा और निजता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। बर्नहैम के सामने 5 बड़ी चुनौतियां 1. सुस्त अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पिछले कई वर्षों से कमजोर बनी हुई है। 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी, ब्रेक्जिट और कोविड-19 महामारी के कारण लोगों का जीवन स्तर लगातार प्रभावित हुआ है। बर्नहैम ने वादा किया है कि वह आम लोगों की जिंदगी में वास्तविक सुधार लाएंगे। उन्होंने टैक्स न बढ़ाने का भी वादा किया है। 2. यूक्रेन, मिडिल ईस्ट और अमेरिका के साथ रिश्तों में संतुलन बर्नहैम घरेलू मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात उन्हें ऐसा करने की पूरी छूट नहीं देंगे। यूक्रेन युद्ध अभी जारी है और मिडिल ईस्ट में भी तनाव बढ़ा हुआ है। माना जा रहा है कि इन दोनों मुद्दों पर ब्रिटेन की विदेश नीति में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा, क्योंकि NSA जोनाथन पॉवेल अपने पद पर बने रह सकते हैं। साथ ही अमेरिका के साथ ब्रिटेन के रिश्ते भी नई सरकार के लिए अहम होंगे। पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश की थी, लेकिन ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों का खुलकर समर्थन नहीं करने के कारण दोनों नेताओं के बीच तनाव पैदा हो गया था। 3. रक्षा बजट बढ़ाना और उसके लिए पैसा जुटाना रक्षा खर्च बढ़ाने को लेकर मतभेद की वजह से पिछले महीने कीर स्टार्मर सरकार के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि सेना के लिए प्रस्तावित बजट बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। इसके कुछ हफ्तों बाद स्टार्मर ने अगले चार वर्षों में रक्षा बजट में 15 अरब पाउंड (करीब 1.9 लाख करोड़ रुपए) की बढ़ोतरी का ऐलान किया। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि एक्स्ट्रा पैसा कहां से आएगा और किन सरकारी विभागों के बजट में कटौती कर इसकी भरपाई की जाएगी। 4. इमिग्रेशन पर सख्त नीति और राजनीतिक संतुलन हाल के वर्षों में ब्रिटेन में शुद्ध प्रवासन (नेट माइग्रेशन) में काफी गिरावट आई है। इसकी वजह पिछली कंजर्वेटिव सरकार द्वारा लागू की गई सख्त इमिग्रेशन नीतियां हैं। इसे लेबर सरकार ने भी जारी रखा है। मई में एंडी बर्नहैम ने माना था कि इमिग्रेशन में कमी आई है, लेकिन उन्होंने कहा कि इसे और कम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह पूर्व गृह मंत्री शबाना महमूद की सख्त इमिग्रेशन नीति को बड़े पैमाने पर जारी रखेंगे। हालांकि लेबर पार्टी के कई सांसद और उदारवादी समर्थक इसका विरोध करते रहे हैं। ऐसे में बर्नहैम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पार्टी के भीतर विरोध के बीच संतुलन बनाना होगी। 5. बढ़ता कल्याण और पेंशन खर्च ब्रिटेन में सरकार का सामाजिक कल्याण (वेलफेयर) पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसकी एक बड़ी वजह कामकाजी उम्र के उन लोगों की बढ़ती संख्या है, जो मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के आधार पर सरकारी सहायता ले रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या युवाओं की है, जो बेरोजगार हैं। हालांकि सामाजिक सुरक्षा पर होने वाले कुल सरकारी खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा सेवानिवृत्त लोगों पर जाता है। सरकारी पेंशन और दूसरी सहायता योजनाओं पर कुल सामाजिक सुरक्षा बजट का आधे से ज्यादा हिस्सा खर्च होता है। अगर बर्नहैम इस खर्च को नियंत्रित कर पाते हैं, तो उनके पास सामाजिक आवास जैसी दूसरी योजनाओं पर ज्यादा पैसा खर्च करने का मौका मिलेगा। लेकिन यह आसान नहीं होगा। कीर स्टार्मर ने भी वेलफेयर खर्च घटाने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी ही पार्टी के सांसदों के विरोध के बाद उन्हें अपने फैसले वापस लेने पड़े थे। यही वजह है कि बर्नहैम के लिए यह आर्थिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होगी।
पंजाबी सिंगर खान साब भड़के, बोले- डंडों से ही मानोगे:बापू लाल बादशाह मेले में पहुंचे, खड़े होकर हूटिंग पर गाना रोका, कहा- हार्टअटैक हो जाएगा

जालंधर के नकोदर में 19 जुलाई को आयोजित बापू लाल बादशाह के मेले के दौरान सिंगर खान साब फैंस पर भड़क गए। खान साब ने कहा कि बैठ जाओ। जब पुलिस आप पर डंडे बरसाएगी तब मजा आएगा क्या। इतनी गर्मी में बैठकर आराम से सुनो, एक आध को हार्ट अटैक हो जाएगा। सिंगर ने कहा कि किसी मां का एक भी बेटा यहां मर गया तो मैं क्या जवाब दूंगा। इतना बड़ा बच्चा मां-बाप को कहां से लाकर दूंगा। बता दें कि, जब खान साब स्टेज पर आए तो कुछ लोगों ने धुरंधर फिल्म का गीत सुनना चाहा। इस पर खान साब खड़े होकर गाने लगे। इतने में भीड़ में से कुछ युवक खड़े होकर हूटिंग करने लगे। खान साब का प्रोग्राम यहीं रोक दिया जाएगा खान साब ने युवकों को खड़े होते देख कहा कि बैठ जाओ, दूसरे लोगों को मैं दिखाई नहीं दे रहा हूं। इसके बाद मैनेजमेंट ने भी अपील की, लेकिन युवक बैठे नहीं। इस बीच मैनेजमेंट ने कह दिया कि अगर नहीं बैठोगे तो खान साब का प्रोग्राम यहीं रोक दिया जाएगा। खान साब ने धुरंधर फिल्म के गीत सुनाए इस बात से खान साब भड़क गए और कहा कि साल में एक बार प्रोग्राम में आने का मौका मिलता है, उसे भी खड़े होकर आप खराब कर रहे हो। मैं मानता हूं आप सब मुझसे बहुत प्यार करते हो, लेकिन शांति बनाकर रखें। युवकों के बैठने के बाद ही खान साब ने धुरंधर फिल्म के गीत सुनाए। जानें स्टेज से खान साब ने क्या कहा…
वर्ब्स और पार्टनर्स लिवर में राहत दिलाएगी ये रोटियां, जानिए किस स्वास्थ्य कंडीशन में स्थिर कौन-सा आटा

भारतीय खाने में रोटी के बिना थाली अधूरी है। लेकिन अगर आप सामूहिक या सामूहिक लिवर जैसे लाइफस्टाइल तकनीशियन से जुड़ रहे हैं, तो आपकी सेहत के लिए केवल रोटी खाना ही अच्छा नहीं हो सकता है। विटामिन के आंकड़ों में रिफ्रेश्ड कार्ब्स और हाई ग्लाइसेमिक पदार्थ (जीआई) होता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। सही योग्यता का चुनाव करके आप अपनी सेहत में बहुत बड़ा सुधार ला सकते हैं। आइए जानते हैं कि वॅशर्स और वॅलीवर में कौन-से आटे की रोटी खाना सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। श्रमिकों के लिए सबसे बेहतरीन उपकरण सहकर्मियों के समूह को कम ग्लाइसेमिक व्यापारी और बड़े पैमाने पर रेस्तरां रेस्तरां चाहिए, ताकि ब्लड शुगर स्पाइक न हो: जौ का आटा – इसमें प्रचुरता प्रचुर मात्रा में होती है। यह पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे ग्लूकोज धीरे-धीरे रक्त प्रवाह में जारी होता है।चने का आटा या बेसन –यह प्रोटीन और लैपटॉप का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। चने के आटे से बनी रोटियां खाने से पेट देर तक भरा रहता है और एक्सलेंस सेंस की अनियमितता में सुधार होता है।रागी और बाज़ारा- ये मोटे अनाज कार्बोहाइड्रेट से अधिक मात्रा में होते हैं। तथ्यों के आंकड़ों में छोटी रागी या बाजार के खाने से शुगर नियंत्रण में रहता है। लिवर की समस्या में लिवर पर जमा वसा को कम करने के लिए एंटी-ऑक्सीडेंट और अनाज से अनाज जरूरी हैं। ओट्स का आटा – ओट्स में मौजूद बैड ग्रेट लिवर में फ़िट जाम से होने वाली आय और ओले (एलडीएल) को कम करने में मदद करता है।ज्वार का आटा – जर्सजेन मुक्त होता है और इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यह लिवर के इंफ्लेमेशन (सुजन) को कम करने और डिटॉक्स के सेवन में मदद करता है।अलसी और रिकॉर्ड्स का मिश्रण आटा- आटे के विवरण में अलसी के बीज का पाउडर की रोटियाँ। अलसी में मौजूद ओमेगा-3 एसिडिटी लिवर की सेहत में सुधार करता है। किसी भी एक रेटिंग पर अनुमोदित आवास के बजाय आप घर पर ही मल्टीग्रेन आटा तैयार कर सकते हैं। इसके लिए 50% आटा, 20% चना, 15% जौ और 15% जौ या ओट्स कुल मिलाकर दिया जाता है। यह कॉम्बिनेशन कृमि और युग्मक लिवर दोनों एक साथ मिलकर काम करने में बेहद प्रभावशाली है।
इराक में अमेरिकी सैनिक की मौत:ईरानी ड्रोन को नष्ट करते वक्त हादसा, अब तक 17 मारे गए; ओमान के पास टैंकर में आग लगी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उत्तरी इराक में बिना फटे ईरानी ड्रोन को नष्ट करने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई। इसके साथ ही जंग में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। CENTCOM के मुताबिक, सैनिक ड्रोन को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के अभियान में शामिल था। घटना के बाद अमेरिका ने क्षेत्र में सुरक्षा उपाय और कड़े कर दिए हैं। उधर, ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ओमान के कुमजार तट से करीब 8 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम में एक तेल टैंकर में आग लगने की सूचना मिली है। आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। UKMTO ने आसपास मौजूद जहाजों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पंजाब में पहली बार ब्लूटूथ से नकल की पूरी कहानी:परीक्षार्थी ने पेन से पेपर स्कैन कर हरियाणा भेजा; राजस्थान के सॉल्वर ने सॉल्व किया

पंजाब हेल्थ विभाग में रविवार (19 जुलाई) को हुई फार्मेसी अफसर परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराई गई। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के लिए कराए 454 फार्मेसी अफसरों के एग्जाम के लिए फरीदकोट, कोटकपूरा व फिरोजपुर में सेंटर बनाए गए थे। फरीदकोट रेंज, फिरोजपुर रेंज और काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने संयुक्त कार्रवाई कर 7 मुख्य आरोपियों और परीक्षा में शामिल 28 उम्मीदवारों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से 27 अत्याधुनिक बैटरी संचालित वायरलेस माइक्रो डिवाइस, पेन कैमरे और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि एक परीक्षार्थी ने पेन से प्रश्न पत्र स्कैन कर हरियाणा में भेजा। वहां से पेपर राजस्थान के पेपर सॉल्वर को भेजा गया। इसके बाद फरीदकोट में बनाए गए कंट्रोल रूम से ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए यह नकल कराई गई। इस गिरोह ने परीक्षा पास करवाने के नाम पर 3.5 लाख रुपए से लेकर 13 लाख रुपए तक की रकम तय की थी। जांच में पता चला है कि गिरोह ने नकल कराने के लिए किसी कॉर्पोरेट कंपनी की तरह पूरी लॉजिस्टिक्स और तकनीकी व्यवस्था तैयार की थी। पंजाब में हाइटेक नकल का यह इस तरह का पहला मामला है। गिरफ्तार किए 7 मुख्य आरोपियों में से 3 राजस्थान और 2 हरियाणा के रहने वाले हैं। बाबा फरीद पब्लिक स्कूल में फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षार्थी करीब ढाई घंटे तक बाहर नहीं आए थे। इससे बाहर इंतजार कर रहे अभिभावक भड़क गए। गुस्साए परिजनों ने स्कूल के गेट पर हंगामा किया और गेट तोड़ने की भी कोशिश की। कैसे करवाई नकल, सिलसिलेवार जानिए… कैसे पकड़े गए, सिलसिलेवार जानिए… स्टूडेंट्स ने क्या कहा, जानिए… क्रिकेट अकादमी के परिचित ने नेटवर्क से जोड़ा: हरियाणा के झज्जर के रहने वाले परीक्षार्थी का कहना है कि मुझे एक क्रिकेट अकादमी के परिचित के जरिए इस नेटवर्क से जोड़ा गया था। परीक्षा से दो दिन पहले मुझे जींद रेलवे स्टेशन से ब्लूटूथ डिवाइस लेने के निर्देश दिए गए थे। डील के मुताबिक, नौकरी लगने के बाद 8 लाख रुपए दिए जाने तय हुए थे। हालांकि, परीक्षा के दौरान ही मेरा ईयरपीस गिर गया, जिसकी वजह से मैं उत्तर नहीं सुन सका। ईयरपीस से 20 सवालों के जवाब सुनाए गए पंजाब के फाजिल्का के रहने वाले परीक्षार्थी का कहना है कि मेरी मुलाकात एक पूर्व सहपाठी के जरिए इन दलालों से हुई थी। सरकारी नौकरी में चयन के बदले मुझसे 13 लाख रुपए मांगे गए और गारंटी/सुरक्षा के तौर पर 2 कोरे चेक जमा करवा लिए गए। परीक्षा के दिन सुबह मुझे एक होटल में बुलाकर ब्लूटूथ डिवाइस दी गई। परीक्षा शुरू होने के लगभग 1 घंटे बाद मुझे ईयरपीस के जरिए करीब 20 सवालों के जवाब सुनाए गए। निजी कॉलेज संचालक ने नौकरी का भरोसा दिया तरनतारन और सिरसा के 2 परीक्षार्थियों का कहना है कि फाजिल्का के एक निजी कॉलेज संचालक ने सरकारी नौकरी पक्की कराने का भरोसा दिया था। उसने चयन के एवज में लाखों रुपए की मांग की और हमसे हस्ताक्षरित (साइन किए हुए) और कोरे चेक ऐंठ लिए। पुलिस ने इस मामले में क्या कहा, जानिए…
प्रियंका चोपड़ा के बर्थडे पर पति निक का खास पोस्ट:स्पैनिश में लिखा- जन्मदिन मुबारक हो, मेरे प्यार; स्पेन में याट पर वैकेशन का वीडियो शेयर किया

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा 18 जुलाई को 44 साल की हो गई हैं। उनके बर्थडे के मौके पर पति और सिंगर निक जोनास ने सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर कर उन्हें विश किया है। इस वीडियो में प्रियंका स्पेन में एक याट पर वैकेशन मनाती हुई नजर आ रही हैं। वहीं, प्रियंका के बर्थडे पर उनकी अगली फिल्म ‘वाराणसी’ से उनका पहला लुक भी रिलीज किया गया है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान निक और प्रियंका ने अपनी लव स्टोरी के बारे में बात की थी और बताया था कि साल 2016 में दोनों की बातचीत कैसे शुरू हुई थी। स्पेन में वैकेशन मना रही हैं प्रियंका निक जोनास ने रविवार को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक शॉर्ट वीडियो पोस्ट किया। यह वीडियो स्पेन का है, जहां दोनों छुट्टियां बिता रहे हैं। वीडियो में एक खूबसूरत याट दिखाई दे रही है, जिस पर प्रियंका चोपड़ा बिकिनी पहने कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए पोज दे रही हैं। उन्होंने सनग्लासेज और सिर पर बैंडना बांध रखा है। वीडियो में प्रियंका निक को फ्लाइंग किस देती नजर आ रही हैं। निक ने इस पोस्ट के कैप्शन में स्पैनिश भाषा में लिखा, ‘फेलिज कमप्लेआनोस! मी अमोर’ यानी ‘जन्मदिन मुबारक हो, मेरा प्यार’। इस वीडियो के बैकग्राउंड में उन्होंने एक फ्लेमेंको गिटार सॉन्ग का इस्तेमाल किया है। निक ने बताया कैसे भेजा था पहला डायरेक्ट मैसेज हाल ही में प्रियंका चोपड़ा अपने पति के बैंड ‘जोनास ब्रदर्स’ के एक पॉडकास्ट में शामिल हुई थीं। इस दौरान निक ने याद किया कि उन्होंने प्रियंका को डेट करना कैसे शुरू किया था। निक ने बताया कि उनके भाई केविन जोनास ने उन्हें प्रियंका का शो ‘क्वांटिको’ देखने की सलाह दी थी। इसके बाद निक ने प्रियंका को सोशल मीडिया पर पहला मैसेज भेजा था। निक ने पॉडकास्ट में उस मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। निक ने लिखा था, ‘हेलो, मुझे कुछ लोगों से पता चला है कि हमें मिलना चाहिए। मैं भी उन लोगों की बात से सहमत हूं। क्या आप जल्द ही लॉस एंजिल्स (LA) आने वाली हैं?’ प्रियंका ने कहा था- पर्सनल नंबर पर बात करो निक के इस मैसेज का प्रियंका ने तुरंत जवाब दिया था। प्रियंका ने लिखा था, ‘हे, ग्राहम ने मुझे तुम्हारे बारे में बहुत कुछ बताया है। चलो फोन पर मैसेज पर बात करते हैं, वह ज्यादा प्राइवेट रहेगा। मेरा यह अकाउंट मेरी टीम भी संभालती है।’ पॉडकास्ट के दौरान जब निक के भाई जो जोनास और केविन जोनास ने इन मैसेजेस को पढ़कर सुनाया, तो प्रियंका और निक दोनों हंसने लगे और काफी शर्माते हुए नजर आए। 2018 में उदयपुर में हुई थी दोनों की शादी 2016 में सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू होने के बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे। इसके बाद साल 2017 में वैनिटी फेयर ऑस्कर आफ्टर-पार्टी में दोनों की पहली मुलाकात हुई। उसी साल दोनों ने मेट गाला के रेड कारपेट पर एक साथ वॉक किया, जिसके बाद उनके रिलेशनशिप की खबरें मीडिया में आने लगीं। साल 2018 में निक ने प्रियंका को प्रपोज किया और दिसंबर 2018 में राजस्थान के उदयपुर में एक ग्रैंड सेरेमनी में दोनों ने शादी कर ली। साल 2022 में सरोगेसी के जरिए उनके घर बेटी मालती मैरी का जन्म हुआ। फिल्म ‘वाराणसी’ से वापसी करेंगी प्रियंका प्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। वे फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में साउथ सुपरस्टार महेश बाबू ‘रुद्र’ और पृथ्वीराज सुकुमारन ‘कुंभ’ के किरदार में हैं। प्रियंका इस फिल्म में ‘मंदाकिनी’ का रोल प्ले कर रही हैं। उनके जन्मदिन पर फिल्म से उनका एक अनसीन स्टिल रिलीज किया गया है, जिसमें वे ब्लैक कॉर्सेट पहने काफी पावरफुल लुक में दिख रही हैं। यह फिल्म अप्रैल 2027 में रिलीज होने वाली है।
प्रियंका चोपड़ा के बर्थडे पर पति निक का खास पोस्ट:स्पैनिश में लिखा- जन्मदिन मुबारक हो, मेरे प्यार; स्पेन में याट पर वैकेशन का वीडियो शेयर किया

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा 18 जुलाई को 44 साल की हो गई हैं। उनके बर्थडे के एक दिन बाद पति और सिंगर निक जोनास ने सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर कर उन्हें विश किया है। इस वीडियो में प्रियंका स्पेन में एक याट पर वैकेशन मनाती हुई नजर आ रही हैं। वहीं, प्रियंका के बर्थडे पर उनकी अगली फिल्म ‘वाराणसी’ से उनका पहला लुक भी रिलीज किया गया है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान निक और प्रियंका ने अपनी लव स्टोरी के बारे में बात की थी और बताया था कि साल 2016 में दोनों की बातचीत कैसे शुरू हुई थी। स्पेन में वैकेशन मना रही हैं प्रियंका निक जोनास ने रविवार को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक शॉर्ट वीडियो पोस्ट किया। यह वीडियो स्पेन का है, जहां दोनों छुट्टियां बिता रहे हैं। वीडियो में एक खूबसूरत याट दिखाई दे रही है, जिस पर प्रियंका चोपड़ा बिकिनी पहने कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए पोज दे रही हैं। उन्होंने सनग्लासेज और सिर पर बैंडना बांध रखा है। वीडियो में प्रियंका निक को फ्लाइंग किस देती नजर आ रही हैं। निक ने इस पोस्ट के कैप्शन में स्पैनिश भाषा में लिखा, ‘फेलिज कमप्लेआनोस! मी अमोर’ यानी ‘जन्मदिन मुबारक हो, मेरा प्यार’। इस वीडियो के बैकग्राउंड में उन्होंने एक फ्लेमेंको गिटार सॉन्ग का इस्तेमाल किया है। निक ने बताया कैसे भेजा था पहला डायरेक्ट मैसेज हाल ही में प्रियंका चोपड़ा अपने पति के बैंड ‘जोनास ब्रदर्स’ के एक पॉडकास्ट में शामिल हुई थीं। इस दौरान निक ने याद किया कि उन्होंने प्रियंका को डेट करना कैसे शुरू किया था। निक ने बताया कि उनके भाई केविन जोनास ने उन्हें प्रियंका का शो ‘क्वांटिको’ देखने की सलाह दी थी। इसके बाद निक ने प्रियंका को सोशल मीडिया पर पहला मैसेज भेजा था। निक ने पॉडकास्ट में उस मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। निक ने लिखा था, ‘हेलो, मुझे कुछ लोगों से पता चला है कि हमें मिलना चाहिए। मैं भी उन लोगों की बात से सहमत हूं। क्या आप जल्द ही लॉस एंजिल्स (LA) आने वाली हैं?’ प्रियंका ने कहा था- पर्सनल नंबर पर बात करो निक के इस मैसेज का प्रियंका ने तुरंत जवाब दिया था। प्रियंका ने लिखा था, ‘हे, ग्राहम ने मुझे तुम्हारे बारे में बहुत कुछ बताया है। चलो फोन पर मैसेज पर बात करते हैं, वह ज्यादा प्राइवेट रहेगा। मेरा यह अकाउंट मेरी टीम भी संभालती है।’ पॉडकास्ट के दौरान जब निक के भाई जो जोनास और केविन जोनास ने इन मैसेजेस को पढ़कर सुनाया, तो प्रियंका और निक दोनों हंसने लगे और काफी शर्माते हुए नजर आए। 2018 में उदयपुर में हुई थी दोनों की शादी 2016 में सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू होने के बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे। इसके बाद साल 2017 में वैनिटी फेयर ऑस्कर आफ्टर-पार्टी में दोनों की पहली मुलाकात हुई। उसी साल दोनों ने मेट गाला के रेड कारपेट पर एक साथ वॉक किया, जिसके बाद उनके रिलेशनशिप की खबरें मीडिया में आने लगीं। साल 2018 में निक ने प्रियंका को प्रपोज किया और दिसंबर 2018 में राजस्थान के उदयपुर में एक ग्रैंड सेरेमनी में दोनों ने शादी कर ली। साल 2022 में सरोगेसी के जरिए उनके घर बेटी मालती मैरी का जन्म हुआ। फिल्म ‘वाराणसी’ से वापसी करेंगी प्रियंका प्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। वे फिल्म ‘वाराणसी’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में साउथ सुपरस्टार महेश बाबू ‘रुद्र’ और पृथ्वीराज सुकुमारन ‘कुंभ’ के किरदार में हैं। प्रियंका इस फिल्म में ‘मंदाकिनी’ का रोल प्ले कर रही हैं। उनके जन्मदिन पर फिल्म से उनका एक अनसीन स्टिल रिलीज किया गया है, जिसमें वे ब्लैक कॉर्सेट पहने काफी पावरफुल लुक में दिख रही हैं। यह फिल्म अप्रैल 2027 में रिलीज होने वाली है।
मूंग दाल डोसा रेसिपी: सिर्फ 10 मिनट में मूंग दाल डोसा, स्वाद के साथ मिलेगा हाई प्रोटीन; प्रोजेक्ट के लिए है बेस्ट रेसिपी

मूंग दाल डोसा बनाने की सामग्री: 1 कप ढली हुई मूंग दाल, 2 हरी मिर्च, 1 इंच अदरक का टुकड़ा, 2-3 लहसुन की कलियां, 2-3 बड़ी काली मिर्च, 1/2 छोटा मसाला जीरा, स्वाद मसाला, हरा धनिया, तेल या घी छवि: सोशल मीडिया बनाने की विधि: सबसे पहले भीगी हुई मूंग दाल का पानी निकाल लें। अब दाल को मसाले में हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, दही, जीरा और थोड़ा-सा पानी स्ट्रोमन पीस लें। छवि: एआई तैयार बैटर में नमक और तरबूज़ कटा हरा धनिया मॉड्यूल अच्छी तरह मिला लें। बैटर न सबसे बड़ा जानवर हो और न ही बहुत पतला हो। अब एक नॉन-स्टिक तवा गर्म करें और उस पर थोड़ा-सा तेल या घी लगाएं। छवि: सोशल मीडिया एक कलछी बैटर मैनुअल गोल आकार में हाथ से फैला हुआ। ऊपर से थोड़ा-सा तेल डाला और मध्यम गति पर 2-3 मिनट तक का समय लगा। नीचे की तरफ से डोसा सोनार और कुरकुरा हो जाए, तो पलटकर दूसरी तरफ भी सेक लें। छवि: एआई इस स्वादिष्ट खुराक को आप नारियल की चटनी, मूंगफली की चटनी, हरी धनिया की चटनी, टमाटर की चटनी या सांभर के साथ बना सकते हैं। बच्चों के लिए इसे टोमैटो सॉस के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक यह प्रोटीन से भरपूर होता है, जिसमें शामिल हैं। लंबे समय तक पेट भरा रहता है, इसलिए बार-बार भूख नहीं लगती। पचने में प्रभाव होता है और नामांकन के लिए एक दस्तावेज़ विकल्प है। छवि: फ्रीपिक वजन कम कर रहे लोगों के लिए यह भी विकल्प माना जाता है। बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई इसे आसानी से खा सकता है। डोसा में ज्यादा कुरकुरा होना चाहिए तो बैटर में 1-2 मसाले का आटा मिला सकते हैं. छवि: एआई तवा अच्छी तरह गर्म के बाद ही बैटर फैल जाता है। बैटर बहुत सारे बास्केटबॉल लगे तो लिटिल-सा पानी संपूर्ण सही कंसिस्टेंसी बना लें। डाइट तो खुराक में पनीर या साबुत मिर्च की स्टफिंग भी भर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक
मुंबई इवेंट में दुबले नजर आए सलमान खान:उतरा चेहरा, थकी आंखों के साथ दिखे एक्टर; फैंस ने सेहत को लेकर जताई चिंता

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान हाल ही में मुंबई में एक पब्लिक इवेंट के दौरान दुबले नजर आए। उनके इस नए लुक के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद फैंस उनकी सेहत को लेकर चिंता जता रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि वे काफी थके हुए और बीमार लग रहे हैं, वहीं कुछ फैंस ने उनका बचाव करते हुए कहा कि वे करीब 60 साल की उम्र में बिना किसी दिखावे के नेचुरल दिख रहे हैं। सलमान खान शुक्रवार को मुंबई में स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के ऑफिस पहुंचे थे, जहां उनके इस लुक ने सबका ध्यान खींचा। SRA के इवेंट में पहुंचे थे सलमान खान सलमान खान शुक्रवार को मुंबई के स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के दफ्तर में एक खास कार्यक्रम के सिलसिले में गए थे। वहां उन्होंने अथॉरिटी के नए डेटा कलेक्शन एंड वेरिफिकेशन सपोर्ट सेंटर (आईटी सर्वर रूम) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां भी सौंपीं। कार्यक्रम के दौरान सलमान खान के साथ उनके बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद थे। इस इवेंट के कई वीडियो इंटरनेट पर सामने आए, जिसके बाद उनकी शारीरिक हालत को लेकर चर्चा शुरू हो गई। देखें इवेंट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैंस ने किया कमेंट वायरल वीडियो को देखकर एक यूजर ने लिखा कि वे बीमार लग रहे हैं, भगवान उन्हें ठीक रखे। एक दूसरे यूजर ने कमेंट किया कि उन्हें कोई हेल्थ इश्यू लग रहा है, क्योंकि वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं। एक अन्य फैन ने लिखा कि उनकी आंखों में थकान साफ दिख रही है, फिल्मों में अकेले 50 लोगों से लड़ने वाले भाई का औरा इस वक्त गायब लग रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने सलमान का सपोर्ट भी किया। एक यूजर ने लिखा कि बॉलीवुड के स्टार्स अपनी कमियों को छिपाने के लिए किसी भी हद तक जाते हैं, लेकिन सलमान ने बिना किसी झिझक के कैमरे के सामने अपनी असली उम्र को स्वीकार किया है, इसके लिए उनकी तारीफ होनी चाहिए। विवादों में है सलमान खान की फिल्म मातृभूमि









