टॉप-10-कंपनियों में से 5 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ बढ़ी:TCS टॉप गेनर, वैल्यू ₹72 हजार करोड़ बढ़ी; रिलायंस-SBI का मार्केट कैप भी बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते रही तेजी के कारण देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 5 के मार्केट वैल्यूएशन यानी मार्केट कैप में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी में IT सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS टॉप गेनर रही। पिछले कारोबारी हफ्ते में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 582.06 अंक यानी 0.75% की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का निफ्टी 127.4 अंक यानी 0.52% मजबूत हुआ। TCS की वैल्यू 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़ी TCS का वैल्यूएशन 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़कर 8,20,672.70 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। TCS के अलावा जिन चार अन्य कंपनियों को फायदा हुआ है, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बजाज फाइनेंस शामिल हैं। 5 कंपनियों को नुकसान; LT और LIC का वैल्यूएशन सबसे ज्यादा घटा बाजार में तेजी के बावजूद टॉप-10 की बाकी 5 कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा। लार्सन एंड टुब्रो (LT) को सबसे ज्यादा घाटा हुआ। मार्केट एक्सपर्ट बोले- ग्लोबल अनिश्चितता के बीच घरेलू मजबूत फंडामेंटल्स से मिला सपोर्ट रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा के मुताबिक, “ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और जियो पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद भारतीय शेयर बाजार रिकवरी करने में कामयाब रहा और हफ्ते के आखिरी दिनों में मजबूती के साथ बंद हुआ। उन्होंने बताया कि आईटी सेक्टर में TCS के शानदार तिमाही नतीजों (Q1 FY27) और बैंकिंग व फाइनेंशियल शेयरों में दोबारा लौटी खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। इसके अलावा भारत के मजबूत आर्थिक आंकड़े भी बाजार को मजबूती दे रहे हैं।
टॉप-10-कंपनियों में से 5 की वैल्यू ₹1.54 लाख करोड़ बढ़ी:TCS टॉप गेनर, वैल्यू ₹72 हजार करोड़ बढ़ी; रिलायंस-SBI का मार्केट कैप भी बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते रही तेजी के कारण देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 5 के मार्केट वैल्यूएशन यानी मार्केट कैप में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी में IT सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS टॉप गेनर रही। पिछले कारोबारी हफ्ते में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 582.06 अंक यानी 0.75% की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE का निफ्टी 127.4 अंक यानी 0.52% मजबूत हुआ। TCS की वैल्यू 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़ी TCS का वैल्यूएशन 72,072.3 करोड़ रुपए बढ़कर 8,20,672.70 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। TCS के अलावा जिन चार अन्य कंपनियों को फायदा हुआ है, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बजाज फाइनेंस शामिल हैं। 5 कंपनियों को नुकसान; LT और LIC का वैल्यूएशन सबसे ज्यादा घटा बाजार में तेजी के बावजूद टॉप-10 की बाकी 5 कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ा। लार्सन एंड टुब्रो (LT) को सबसे ज्यादा घाटा हुआ। मार्केट एक्सपर्ट बोले- ग्लोबल अनिश्चितता के बीच घरेलू मजबूत फंडामेंटल्स से मिला सपोर्ट रेलीगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च एसवीपी (SVP) अजीत मिश्रा के मुताबिक, “ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और जियो पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद भारतीय शेयर बाजार रिकवरी करने में कामयाब रहा और हफ्ते के आखिरी दिनों में मजबूती के साथ बंद हुआ। उन्होंने बताया कि आईटी सेक्टर में TCS के शानदार तिमाही नतीजों (Q1 FY27) और बैंकिंग व फाइनेंशियल शेयरों में दोबारा लौटी खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। इसके अलावा भारत के मजबूत आर्थिक आंकड़े भी बाजार को मजबूती दे रहे हैं।
देश में चाइनीज स्मार्टफोन की बाजार हिस्सेदारी घटी:6 साल में सबसे कम हुई, 15000 रुपए से सस्ते फोन की बिक्री 45% घटी

देश के स्मार्टफोन बाजार में अप्रैल-जून तिमाही में एक खास ट्रेंड देखा गया। चाइनीज ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी घटकर छह साल के निचले स्तर (18% तक) पर आ गई। दूसरी तरफ सैमसंग, नथिंग और गूगल पिक्सल जैसी कंपनियों ने बिक्री में तेज ग्रोथ दिखाई। रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट के मुताबिक, जून तिमाही के दौरान स्मार्टफोन की कुल बिक्री सालाना आधार पर 10% घटी, जो बीते छह साल में जून-तिमाही की सबसे तेज गिरावट है। सबसे ज्यादा असर 15,000 रुपए से सस्ते फोन पड़ा, जिनकी बिक्री 45% घट गई। गिरावट की बड़ी वजह मेमोरी चिप (डेटा स्टोर करने वाला पुर्जा) की कीमतों में उछाल रही, जिसके चलते ज्यादातर कंपनियों ने फोन के दाम करीब 15% तक बढ़ा दिए। आउटलुक : पूरे साल में 13% घट सकती है बिक्री सितंबर, 2025 से अब तक स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप की कीमतें करीब 4 गुना बढ़ चुकी हैं। इसी वजह से अप्रैल-जून में स्मार्टफोन के औसत दाम करीब 15% बढ़ गए। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आगामी महीनों में इनके दाम 5 गुना तक बढ़ जाएंगे। इसे देखते हुए काउंटरपॉइंट का अंदाजा है कि इस साल स्मार्टफोन की कुल बिक्री 13% घट सकती है। ट्रेंड : देश के टॉप-5 ब्रांड्स में सिर्फ सैमसंग की बिक्री 2% बढ़ी, नए ब्रांड नथिंग की 105%, गूगल पिक्सल की 68% ओपो, वीवो, शाओमी, रियलमी, वनप्लस, आईक्यू और पोको जैसे चाइनीज ब्रांड्स का बड़ा कारोबार सस्ते फोन पर टिका है। यही वजह रही कि दाम बढ़ने से इनकी बाजार हिस्सेदारी 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई। बिक्री के लिहाज से टॉप-5 ब्रांड्स में सैमसंग इकलौती कंपनी रही, जिसकी बिक्री 2 फीसदी बढ़ी। गैलेक्सी ए और एस सीरीज की मजबूत मांग देखी गई। नथिंग सबसे तेज बढ़ने वाला ब्रांड रहा। इसकी बिक्री में 105 फीसदी उछाल आया। प्रीमियम सेगमेंट में गूगल पिक्सल ने आक्रामक मार्केटिंग और स्थिर कीमतों के दम पर 68 फीसदी ग्रोथ दिखाई।
अमेरिका का लगातार 8वीं रात ईरान पर हमला:ट्रम्प बोले- जॉर्डन में 2 सैनिकों की मौत के जवाब में कार्रवाई की

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका ने लगातार आठवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने खुद इन हमलों को मंजूरी दी थी और यह कार्रवाई जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में की गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि इस बार हमलों का मुख्य निशाना ईरान के सैन्य ठिकाने, हथियारों के भंडार और लॉजिस्टिक्स सेंटर रहे। अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पुलों और डिसैलिनेशन प्लांट पर भी हमले की बात कही गई है, लेकिन CENTCOM ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जंग में में दो और सैनिकों की मौत जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका के साथ समझौते से पीछे हटा ईरान: ईरान ने अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने खुद समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए वे भी उसकी शर्तों का पालन नहीं करेंगे। 2. अमेरिकी हमलों में 50 लोगों की मौत, 500 घायल: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 3. जंग में डिसैलिनेशन प्लांट बने निशाना: कुवैत ने दावा किया कि ईरान ने उसके एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। वहीं, ईरान ने भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के होर्मोजगान में एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। 4. अमेरिकी हमलों में दो पुल क्षतिग्रस्त: अमेरिकी हमले में बंदर अब्बास-रूदान मार्ग पर स्थित दो पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही, जस्क के पास एक इलाके पर भी सैन्य हमला हुआ। 5. होर्मुज में जहाजों की आवाजाही निचले स्तर पर: होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। शिप ट्रैकिंग वेबसाइट मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, गुरुवार को स्ट्रेट से सिर्फ 8 जहाज गुजरे। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
घेवर रेसिपी: सावन में त्योहारों का मजा हो जाएगा दोगुना, घर पर ही बाजार में नकली घेवर जैसा

18 जुलाई 2026 को 22:47 IST पर अपडेट किया गया घेवर रेसिपी: घेवर राजस्थान की सबसे मशहूर मिठाइयों में से एक है। सावन के महीने और त्योहारों पर इसे विशेष रूप से बनाया और खाया जाता है। बाजार में मिलने वाला घेवर तो हम सब खाते हैं, लेकिन घर पर बनी शुद्ध मिठाई की बात ही कुछ और है। थोड़ी सी मेहनत से आप घर में ही स्वादिष्ट और नकली घेवर तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि। अनुसरण करना : आवश्यक सामग्री: घी बनाने के लिए आपको मैदा, घी, दूध, ठंडा पानी, चीनी, इलायची और स्वादिष्ट मेवों की जरूरत पड़ेगी। घी को तलने के लिए आप अपनी पसंद के अनुसार घी या रिफाइंड तेल का उपयोग कर सकते हैं। छवि: एआई पाइथोरी में घी लें, उसे अच्छी तरह फेंटें। लिटिल-थोड़ा इन करके मैदा स्टॉल। इसके बाद इसमें दूध और ठंडा पानी स्टिल एक नमक नासा तैयार कर लें। नासाला बड़े पैमाने पर न हो, क्योंकि घेवर को नकली बना दिया जाता है। छवि: एआई एक गहरी रोटी में घी गर्म करें। जब घी अच्छी तरह गर्म हो जाए, तो इसमें थोड़ा-थोड़ा करके थूक दिया जाता है। डायनासोर के नमूने समय के बीच में जगह-जगह पर बने रहते हैं, जहां घेवर की जालीदार आकृतियां तैयार की जाएंगी। छवि: एआई जब गेहूँ का रंग उज्ज्वल सौर हो जाए, तो इसे सावधानी से बाहर निकाल लें। इसी तरह अन्य घेवर तैयार कर लें। एक पैन में चीनी और पानी का ढांचा एक तार की चाशनी तैयार कर लें। छवि: एआई घेवर को थोड़ी देर के लिए इस चाशनी में डालें और फिर बाहर निकाल लें। इसके ऊपर मलाई, रबरी या इलेक्ट्रानिक कटे हुए किर्ज़ मेवे स्टैंचल इसे सजा देते हैं। घेवर ब्रोक समय नासा को अधिकांश फ्लोट न रखें। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 18 जुलाई 2026 22:47 IST पर
अरबी के कोफ्ते रेसिपी: सादी सब्जी नहीं, घर में बनी नरम-मुलायम अरबी के कोफ्ते, मुंह में ही डूब जाएंगे; बनाना भी है आसान

कॉफ़ी के लिए: 500 अरबी ग्राम, 2 चम्मच आलू, 3 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच अदरक पेस्ट, 2 बड़ा चम्मच बेसन, 2 छोटा चम्मच मकई का आटा, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर, 1/4 छोटा चम्मच मसाला गरम मसाला, नमक, तेल छवि: फ्रीपिक ग्रेवी के लिए: 2 प्याज, 2 टमाटर, 1 चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट, 2 चम्मच दही, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी और जीरा, तेल, नमक, हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले अरबी को अच्छी तरह धोकर कुकर में 2-3 सिटी तक आएँ। अद्वितीय होने पर इसे छीलाएं और अच्छी तरह मैश कर लें। छवि: सोशल मीडिया अब इसमें आलू, बेसन, कॉर्न फ्लोर, हरी मिर्च, अदरक, मसाला, नमक और हरा धनिया के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें। अब इस मिश्रण से छोटे-छोटे गोल कोफ्ते तैयार करें। छवि: फ्रीपिक एक होने वाले तेल में गर्म करें और कोफ्तों को मध्यम मिश्रण पर मसाले तक तल लें। क्रूड तोइन कम तेल में एयर फ्रायर या अप्पे पैन में भी बनाया जा सकता है। एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें जीरा डाल दें। छवि: एआई इसके बाद मोनोलैम्बस सोनालैन्ड्रा तक होना है। अब अदरक-लहसुन का प्लास्टर 1-2 मिनट। इसके बाद टमाटर की प्यूरी, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक मसाला तब तक मसाला जब तक मसाला तेल न छोड़ दे। छवि: फ्रीपिक अब फेंटा हुआ दही और लगातार 2-3 मिनट तक चले गए। आवश्यकता के अनुसार पानी मोनोमैट्रिक ग्रेवी को 5 मिनट तक अंतिम चरण में। अब गैस बनाएं और ग्रेवी में डाल कर कोफ्तों को तैयार करें। छवि: एआई 2 मिनट बाद गैस बंद कर दें ताकि कोफ्ते टूटें नहीं। ऊपर से गरम मसाला और हरा धनिए की सजा। अरबी को अधिक मात्रा में मसाले, अन्य मिश्रण बहुत सारे मसाले हो जायेंगे। छवि: एआई अगर मिक्स अपग्रेड लगे तो लिटिल बेसन या बेडर क्रैम्ब्स मिला लें। कपड़ों को ग्रेवी में खरीदने से ठीक पहले डालें, इससे वे नग्न रहेंगे और टूटेंगे नहीं। छवि: फ्रीपिक हल्की मलाई या ताजी क्रीम से ग्रेवी का स्वाद और भी भरपूर हो जाता है। गर्मा-गरम अरबी के कफों को तंदूरी रोटी, बटर नान, मिस्सी रोटी, पराठे या जीरा चावल के साथ बनाएं। छवि: एआई यह स्वादिष्ट व्यंजन घर के मूडी, डायनर या किसी भी खास मसाले के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। एक बार इसे देखें, घर के सभी लोग उगलियां चाटते रहेंगे। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)अरबी के कोफ्ते की सब्जी(टी)अरबी के कोफ्ते(टी)अरबी के कोफ्ते किस सब्जी(टी)अरबी के कोफ्ते की सब्जी(टी)कोफ्ते की सब्जी(टी)कोफ्ते की सब्जी(टी)अरबी के कोफ्ते की सब्जी रेसिपी
दही भल्ला रेसिपी: आपके भी दही भल्ले रह जाते हैं सख्त, इस सीक्रेट तरीके से बनाएं रुई जैसे मुलायम, मुंह में डालें ही खा जाएंगे

18 जुलाई 2026 को 20:46 IST पर अपडेट किया गया दही भल्ला रेसिपी: दही भल्ला रेसिपी: दही भल्ला सभी को बहुत पसंद आता है, लेकिन अक्सर लोगों की फरमाइश होती है कि घर पर बनाए गए भल्ले सख्त रह जाते हैं. अगर आप भी बाजार में रुई जैसे नैर और स्पैनी दही भल्ले बनाना चाहते हैं, तो इन खास टिप्स और सामग्री का उपयोग करके आप घर पर ही प्रभावकारी परिणाम पा सकते हैं। अनुसरण करना : 1 कप उड़द दालअदरक का टुकड़ाहरी मिर्चनमकतेल2 कप आराध्य देवी2 चीनी चीनीआधा काला नमकहाल ही में हुआ जीरा पाउडरलाल मिर्च पाउडरइमली और खजूर की मिठाईहरी धनिया और पुदीने की चटनीअनारदाने और कटा हरा धनिया छवि: ऐ उड़द की दाल को 4 से 5 घंटे तक अकेलेकर रखें। पीसते समय कम पानी का उपयोग करें ताकि बैटर फ्लोट रहे। इसमें अदरक- हरी मिर्च की गोलियां, इसे कम से कम 10 से 15 मिनट तक फेंटें, जिसमें मिक्सचर और फ्लफी हो जाए। छवि: एआई भल्लों को हमेशा अधिष्ठापन पर तलें। तेज गति पर भल्ले ऊपर से जल जाएंगे और अंदर से कच्ची रह जाएंगी, वहीं अधम जंक पर वे तेल ज्यादा सोख छोड़ देंगे। छवि: एआई आख़िर हुए भल्लों को सीधे दही में न डालें। सबसे पहले उन्हें गुनगुने नमक वाले पानी में 10 से 15 मिनट के लिए ऑनलाइनकर लें। इससे भल्ले एक्स्ट्रा तेल छोड़ गए और सीधा नर हो जाएंगे। छवि: एआई दही भल्लों का असली स्वाद दही पर वर्जित है। दही को अच्छी तरह से फेंटें या छन्नी से अच्छी लें ताकि वह एकदम सही और क्रीमी हो जाए। इसमें स्वाद में आधा चीनी और नमक मिला हुआ है। छवि: एआई अपुष्ट हाथों से चित्रित किए गए भल्लों को प्लेटों में रखा गया और ऊपर से नवजात शिशु को रखा गया। इसके बाद इमली की खट्टी-मीठी चटनी, हरी चटनी, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और अनार के दानों से सजाकर सजावटें हुईं। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 18 जुलाई 2026 को 20:46 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)दही भल्ला रेसिपी(टी)सॉफ्ट दही भल्ला(टी)सॉफ्ट दही भल्ला कैसे बनाएं(टी)दही वड़ा रेसिपी हिंदी में(टी)परफेक्ट दही भल्ला टिप्स(टी)इंडियन स्ट्रीट फूड रेसिपी(टी)दही स्नैक्स रेसिपी
बालों के लिए फिटकारी: चिपचिपी हीट में स्कैल्प से डैंड्रफ की छुट्टी फिटकारी, जान लें इस्तेमाल का सही तरीका; हेयरफॉल भी कम होगा

फिटकरी में बेहतरीन एंटी-सहायक और एंटी-फंगल गुण होते हैं। यह स्कैल्प की जड़ों को गहराई से साफ करती है, डैंड्रफ को जड़ों से मिटाती है और हेयरफॉल को भी काफी हद तक कम करती है। छवि: एआई प्रयोग का पहला उपाय: संस्थान से पहले एक मग पानी में एक छोटा टुकड़ा फिटकरी का स्थान। जब यह पानी में चमक जाए, तो इस जादुई पानी से अपने बालों और स्कैल्प को अच्छी तरह धो लें। छवि: फ्रीपिक इसके अलावा आप अन्य तरीकों से भी फिटकरी का न्यूट्रिशन पाउडर बना सकते हैं। अब अपने नारियल या सरसों के तेल में एक पिंच फिटकरी पाउडर और इसी तरह के स्कैल्प के हाथ से मसाज करें। छवि: फ्रीपिक तेल और फिटकरी के इस मिश्रण को बालों में 20 से 30 मिनट तक लगा रहा। इसके बाद किसी माइल्ड या प्लांट शैम्पू से बालों को धो लें। इससे पहली बार डैंड्रफ की छुट्टी होगी। छवि: एआई फिटकरी का इस्तेमाल हर हफ्ते सिर्फ 1 या 2 बार ही करें। इसका बहुत ज्यादा उपयोग बालों को रूखा बनाने के लिए किया जा सकता है। यदि स्कैल्प पर कोई घाव या कट है, तो इसका उपयोग न करें। छवि: फ्रीपिक गर्मियों में इस सबसे आसान और सस्ते घरेलू नुस्खे को जरूर अपनाएं। कुछ ही तरीक़े से आपके बाल डैंड्रफ-मुक्त, मजबूत और चमकदार बन जायेंगे। आज ही इसे अपना हेयर केयर रूटीन का भाग जारी करें। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा:पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। अब हर रोज तय होंगे दाम पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बदल रही हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि अब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को रोजाना कीमतें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। OGRA न सिर्फ अपनी वेबसाइट पर रोज सुबह नए रेट जारी करेगी, बल्कि यह भी सार्वजनिक करेगी कि पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते टैक्स, मार्जिन और अन्य खर्चों की वजह से कीमतें किस तरह तय हुईं। इससे पहले मार्च की शुरुआत से सरकार हर हफ्ते कीमतों की समीक्षा कर रही थी। एक लीटर तेल पर 105 रुपया तो सिर्फ टैक्स, डीलर्स ने दी आंदोलन की चेतावनी आम जनता को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर सरकार भारी-भरकम टैक्स वसूल रही है। इस समय दोनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर प्रति लीटर लगभग 105 रुपया का टैक्स लिया जा रहा है। इसमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार के ‘डेली प्राइसिंग’ यानी रोज दाम बदलने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि रोज दाम बदलने से उनके बिजनेस और स्टॉक मैनेजमेंट में दिक्कतें आएंगी। डीलर्स ने चेतावनी दी है कि वे इसके खिलाफ अगले हफ्ते एक बड़ा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।
पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा:पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू

पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। अब हर रोज तय होंगे दाम पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बदल रही हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि अब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को रोजाना कीमतें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। OGRA न सिर्फ अपनी वेबसाइट पर रोज सुबह नए रेट जारी करेगी, बल्कि यह भी सार्वजनिक करेगी कि पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते टैक्स, मार्जिन और अन्य खर्चों की वजह से कीमतें किस तरह तय हुईं। इससे पहले मार्च की शुरुआत से सरकार हर हफ्ते कीमतों की समीक्षा कर रही थी। एक लीटर तेल पर 105 रुपया तो सिर्फ टैक्स, डीलर्स ने दी आंदोलन की चेतावनी आम जनता को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर सरकार भारी-भरकम टैक्स वसूल रही है। इस समय दोनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर प्रति लीटर लगभग 105 रुपया का टैक्स लिया जा रहा है। इसमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार के ‘डेली प्राइसिंग’ यानी रोज दाम बदलने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि रोज दाम बदलने से उनके बिजनेस और स्टॉक मैनेजमेंट में दिक्कतें आएंगी। डीलर्स ने चेतावनी दी है कि वे इसके खिलाफ अगले हफ्ते एक बड़ा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।









