Tuesday, 15 Sep 2026 | 02:01 PM

Trending :

EXCLUSIVE

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं:प्रोबेशन में ही शहर चले गए 158 डॉक्टर, इलाज के बजाय कर रहे बाबूगीरी

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं:प्रोबेशन में ही शहर चले गए 158 डॉक्टर, इलाज के बजाय कर रहे बाबूगीरी

2 फरवरी… पचमढ़ी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद 6-7 झुलसे लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉक्टर नहीं मिले। सबको पिपरिया रेफर कर दिया। 15 मार्च… लीवर सिरोसिस का मरीज तड़पता हुआ यहां लाया गया। इस बार भी रेफर करना पड़ा।
यह तस्वीर प्रदेश के अकेले हिल स्टेशन पचमढ़ी की है। यहां अस्पताल तो है, लेकिन डॉक्टर एक भी नहीं। जो एक डॉक्टर यहां आए भी थे, उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से दूसरे अपस्ताल में अटैच कर दिया गया। प्रदेश के 43 सामुदायिक और 445 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां मरीज पहुंचते हैं… लेकिन डॉक्टर नहीं मिलते। मप्र में डॉक्टरों के अटैचमेंट और गैर-चिकित्सीय कार्य लेने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं हैं। प्रदेश में 158 डॉक्टरों को जिलों और ब्लॉक अस्पतालों से हटाकर बड़े शहरों में अटैच कर दिया गया जबकि प्रोबेशन में अटैचमेंट का प्रावधान नहीं है। पचमढ़ी के अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं, सिर्फ एक नर्स 12 हजार की आबादी वाले पचमढ़ी के 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं है। सभी के अटैचमेंट हो चुके हैं। सिर्फ एक स्टॉफ नर्स अशोका वर्मा हैं। वे सिर्फ रेफर करती हैं। वे कहती हैं- डॉक्टर नहीं है, इसलिए न ओपीडी पर्ची बनेंगी और ना दवाएं दी जाएंगी। छतरपुर के बारीगढ़ में बस पैरामेडिकल स्टाफ छतरपुर के 30 पलंग वाले बारीगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी डॉक्टर नहीं बचा। यहां पदस्थ डॉ. ललिता यादव को अटैच कर राष्ट्रीय कार्यक्रम में लगा दिया है। अब मरीज आते हैं तो उन्हें पैरामेडिकल स्टाफ देखता है और छतरपुर रेफर कर देता है। “अभी हमारे यहां चिकित्सकों की भर्ती होने वाली है, उसमें पूर्ति की जाएगी। अटैचमेंट को लेकर भी जानकारी मंगाई जा रही है। यदि ऐसी स्थिति है तो कार्रवाई की जाएगी।” – एस. धनराजू, आयुक्त स्वास्थ्य

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
PSG ने लगातार दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीता:सेलिब्रेशन में तोड़फोड़ और आगजनी, 416 लोग गिरफ्तार; 7 सुरक्षाकर्मी घायल

May 31, 2026/
9:59 am

चैंपियंस लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) की जीत के सेलिब्रेशन ने भगदड़ का रूप ले लिया। रविवार तड़के फ्रांस के...

WB Voter List Scrutiny | Supreme Court Hearing SIR

April 12, 2026/
3:36 pm

नई दिल्ली13 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट सोमवार को SIR पर सुनवाई करेगा।...

ब्रांड्स को अपनी दुनिया का हिस्सा बनाना चाह रहे जेनजी:भारत का लाइव इवेंट सेगमेंट 2025 में 44% बढ़कर 14,500 करोड़ रुपए तक पहुंचा

May 26, 2026/
3:27 pm

आप हाल के 3 ऑनलाइन विज्ञापन याद कर सकते हैं? शायद नहीं। लेकिन दोस्तों के साथ देखा गया आखिरी कॉन्सर्ट...

Sai Sudharsan departs for a golden duck (Picture credit: PTI)

April 20, 2026/
11:06 pm

आखरी अपडेट:20 अप्रैल, 2026, 23:06 IST उच्च राजनीतिक दांव और लाखों मतदाताओं के भाग लेने की उम्मीद के साथ, गलत...

एकल घर खरीद की सबसे बड़ी डील:रिनात ने 5 हजार करोड़ का खरीदा घर; मां का खाली पर्स देख लिया प्रण, पैसों से भर देंगे

April 25, 2026/
5:57 pm

यूक्रेन के सबसे अमीर व बैंकिंग कारोबारी रिनात अख्मेतोव (59) ने यूरोपीय देश मोनाको के मारेटेरा में 5,137 करोड़ रु....

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: 'कानून सबके लिए समानता, बंगाल में किसी को भी 4 शादी की...', UCC को लेकर अमित शाह ने क्या बोला

April 10, 2026/
7:51 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने शुक्रवार को घोषणापत्र जारी किया, जिसे पार्टी ने ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं:प्रोबेशन में ही शहर चले गए 158 डॉक्टर, इलाज के बजाय कर रहे बाबूगीरी

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं:प्रोबेशन में ही शहर चले गए 158 डॉक्टर, इलाज के बजाय कर रहे बाबूगीरी

2 फरवरी… पचमढ़ी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद 6-7 झुलसे लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉक्टर नहीं मिले। सबको पिपरिया रेफर कर दिया। 15 मार्च… लीवर सिरोसिस का मरीज तड़पता हुआ यहां लाया गया। इस बार भी रेफर करना पड़ा।
यह तस्वीर प्रदेश के अकेले हिल स्टेशन पचमढ़ी की है। यहां अस्पताल तो है, लेकिन डॉक्टर एक भी नहीं। जो एक डॉक्टर यहां आए भी थे, उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से दूसरे अपस्ताल में अटैच कर दिया गया। प्रदेश के 43 सामुदायिक और 445 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां मरीज पहुंचते हैं… लेकिन डॉक्टर नहीं मिलते। मप्र में डॉक्टरों के अटैचमेंट और गैर-चिकित्सीय कार्य लेने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं हैं। प्रदेश में 158 डॉक्टरों को जिलों और ब्लॉक अस्पतालों से हटाकर बड़े शहरों में अटैच कर दिया गया जबकि प्रोबेशन में अटैचमेंट का प्रावधान नहीं है। पचमढ़ी के अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं, सिर्फ एक नर्स 12 हजार की आबादी वाले पचमढ़ी के 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं है। सभी के अटैचमेंट हो चुके हैं। सिर्फ एक स्टॉफ नर्स अशोका वर्मा हैं। वे सिर्फ रेफर करती हैं। वे कहती हैं- डॉक्टर नहीं है, इसलिए न ओपीडी पर्ची बनेंगी और ना दवाएं दी जाएंगी। छतरपुर के बारीगढ़ में बस पैरामेडिकल स्टाफ छतरपुर के 30 पलंग वाले बारीगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी डॉक्टर नहीं बचा। यहां पदस्थ डॉ. ललिता यादव को अटैच कर राष्ट्रीय कार्यक्रम में लगा दिया है। अब मरीज आते हैं तो उन्हें पैरामेडिकल स्टाफ देखता है और छतरपुर रेफर कर देता है। “अभी हमारे यहां चिकित्सकों की भर्ती होने वाली है, उसमें पूर्ति की जाएगी। अटैचमेंट को लेकर भी जानकारी मंगाई जा रही है। यदि ऐसी स्थिति है तो कार्रवाई की जाएगी।” – एस. धनराजू, आयुक्त स्वास्थ्य

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.