Wednesday, 16 Sep 2026 | 10:29 PM

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रामायण में साईं पल्लवी की कास्टिंग पर भड़के अन्नूू कपूर:कहा- ये शोशेबाजी करेंगे, देखिए किसे सीता का रोल दिया, सीता मां हैं, जानिए पूरा बयान

रामायण में साईं पल्लवी की कास्टिंग पर भड़के अन्नूू कपूर:कहा- ये शोशेबाजी करेंगे, देखिए किसे सीता का रोल दिया, सीता मां हैं, जानिए पूरा बयान

सीनियर एक्टर अन्नू कपूर ने हाल ही में रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फिल्ममेकर्स किसी दूसरे सब्जेक्ट पर फिल्म बना सकते थे, क्योंकि वो कुछ भी करके रामानंद सागर जैसी फिल्म नहीं बना सकेंगे। अन्नू कपूर ने हाल ही में जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में बायोपिक नहीं बनानी चाहिए। आगे अन्नू कपूर ने नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म रामायण पर कहा, ‘क्या बनाएंगे, जो बनाएंगे, वो रामानंद सागर की रामायण को टेक्नोलॉजिकली बहुत शू शां और फूं फां और शोशेबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसको आपने सीता का रोल दिया है। सीता मां हैं, इस देश का हिंदू श्री राम चंद्र को नारायण का अवतार मानते हैं और किनको लिया है माता सीता के रोल में। अब आप सोचिए।’ आगे अन्नू कपूर ने ये भी कहा है कि वो नितेश तिवारी को जानते तक नहीं हैं। वो फिल्में नहीं देखते, लेकिन जब उन्हें पता चला कि वो रामायण बना रहे हैं, तो उन्होंने नितेश तिवारी नहीं बल्कि रामायण बनाने का विरोध किया। 8 नवंबर को रिलीज होगी रामायणः पार्ट-1 बता दें कि एपिक सागा फिल्म रामायण, इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर के पति की कंपनी में प्रदर्शन,VIDEO:फरीदाबाद में कर्मचारियों ने काम छोड़ा, 20 परसेंट बोनस बहाली मांग; 6 हजार वर्करों की स्ट्रेंथ

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर के पति की कंपनी में प्रदर्शन,VIDEO:फरीदाबाद में कर्मचारियों ने काम छोड़ा, 20 परसेंट बोनस बहाली मांग; 6 हजार वर्करों की स्ट्रेंथ

हरियाणा के फरीदाबाद में बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर के पति आनंद आहूजा की कंपनी में सैकड़ों कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी काम छोड़कर कंपनी के बाहर एक पार्क में इकट्ठा हो गए। महिला कर्मचारी कंपनी के गेट के पास ही बैठ गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कंपनी पहले सैलरी के साथ 20 परसेंट बोनस देती थी। जिसे अब घटाकर 8 परसेंट कर दिया है। कंपनी अपने फायदे के लिए लगातार कटौती कर रही है। कंपनी प्रशासन ने हंगामा बढ़ता देख पुलिस बुला ली। पुलिस ने भी कर्मचारीों को समझाने का प्रयास किया, मगर उन्होंने बोनस न बढ़ने तक काम पर लौटने से इनकार कर दिया। सेक्टर-28 स्थित आनंद आहूजा की कंपनी शाही एक्सपोर्ट लेडी क्लोथिंग एक्सपोर्ट का काम करती है। पुरुषों के साथ कंपनी में बड़ी संख्या में महिलाएं भी काम करती हैं। कंपनी में करीब 6 हजार कर्मचारी काम करते हैं। अब पढ़िए, कर्मचारी क्यों प्रदर्शन कर रहे… कर्मचारी बोले- अधिकारियों की सैलरी बढ़ रही प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी लगातार बढ़ रही है। उनकी सुविधाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है। जबकि छोटे कर्मचारियों का बोनस तक काटा जा रहा है। कंपनी ने कोरोना पीरियड के बाद भी बोनस घटाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे तब ही कर्मचारियों ने रिजेक्ट कर दिया था। उस टाइम भी कंपनी में विरोध-प्रदर्शन हुआ था। अब दोबारा कंपनी फिर बोनस घटा रही है। पुलिस बोली- अभी स्थिति कंट्रोल में कंपनी के गेट पर कर्मचारियों के प्रदर्शन करने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, मगर कर्मचारी बोनस देने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है- कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर काम बंद किया है। कुछ कर्मचारी कंपनी में काम नहीं कर रहे हैं। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। अभी स्थिति कंट्रोल में है।

स्वरा भास्कर भड़ककर बोलीं- सरकार बेशर्मी में नंगी है:CJP प्रोटेस्ट से दूर सेलेब्स पर कहा-मेरे साथ जो हुआ, उन्हें उसका डर, सेलिब्रिटीज पर भरोसा मत करो

स्वरा भास्कर भड़ककर बोलीं- सरकार बेशर्मी में नंगी है:CJP प्रोटेस्ट से दूर सेलेब्स पर कहा-मेरे साथ जो हुआ, उन्हें उसका डर, सेलिब्रिटीज पर भरोसा मत करो

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने हाल ही में जंतर-मंतर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट और सोनम वांगचुक के अनशन को समर्थन दिया है। इसी बीच एक्ट्रेस ने मौजूदा सरकार पर जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने ये भी कहा कि कई सेलेब्स इस डर से इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके साथ भी वही होगा, जो स्वरा के साथ हुआ। जंतर-मंतर में लल्लनटॉप से बातचीत करते हुए स्वरा ने सेलेब्स के न पहुंचने पर कहा, ‘वो मेरी हालत देखकर नहीं आ रहा है। उनको पता है ज्यादा बोलने से स्वरा भास्कर के साथ जो हुआ, वो हम सबके साथ होगा। 2010-2011 की बात अलग थी। जो सरकार केंद्र में थी वो अलग सरकार थी। हां उन्होंने भी भ्रष्टाचार किया होगा। गलत चीजें की होंगी, लेकिन किस हद तक ये सरकार चली जाती है। उन्होंने इतने सालों तक बिना किसी वजह के जेल में नहीं सड़ाया था इतने लोगों को, एक्टिविस्ट को, स्टूडेंट को। बिना बेल के, बिना केस के।’ आगे स्वरा ने कहा, ‘ये ऐसी सरकार है कि 84 साल के फादर स्टेन स्वामी जेल मैं मर गए। कौन जिम्मेदार होगा। वो दौर अलग था, जैसा भी करप्शन था, सिटिजन को इतना हक था कि वो मांग रख सकें, बिना ऐसी नाजायज सजा के। ये सरकार मैं कहती हूं निर्लज है, नंगी है अपने अहंकार में, नंगी है अपनी बेशर्मी में।’ सेलिब्रिटीज की चुप्पी पर स्वरा ने कहा है, ‘मैं कोई बॉलीवुड की क्लास मॉनिटर तो हूं नहीं। लेकिन मैं एक बात कहना चाहूंगी। सेलिब्रिटीज पर इतना भरोसा मत करो। सेलिब्रिटी जरूरी नहीं है। वजह अपने आप में ही जरूरी है। ये जो सारे लोग जो मेहनत कर रहे हैं, ये अपने आप में जरूरी हैं। इन्हें सेलिब्रिटी की जरुरत नहीं है। मैं यहां सेलिब्रिटी के रूप में नहीं आई हूं। मैं यहां एक नागरिक और मां के रूप में आई हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि ये जो प्रोटेस्ट है, ये मेरी बेटी के लिए भी जरूरी है। मैं मजबूरी में गोल्डन वीजा लेकर दुबई शिफ्ट नहीं होना चाहती। मेरी बेटी इस देश में पले और बढ़े और उसे वो मौका मिले, जो मुझे मिला।’ प्रोटेस्ट में शामिल हो चुके हैं ये सेलेब्स स्वरा भास्कर के अलावा, पॉपुलर एक्टर प्रकाश राज और रोडीज होस्ट रघु भी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल हो चुके हैं। इनके अलावा कई सेलेब्स सोशल मीडिया के जरिए प्रोटेस्ट को समर्थन दे रहे हैं। सोनाक्षी सिन्हा, जीनत अमान, ओमी वैद्य, सोनी राजदान, समय रैना समेत कई सेलेब्स ने प्रोटेस्ट पर पोस्ट शेयर की है। आमिर खान बोले- उनके लिए चिंतित हूं लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म लगान की स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक के अनशन पर बात करते हुए चिंता व्यक्त की है। किरण राव ने किया कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन आमिर खान से पहले उनकी पूर्व पत्नि किरण राव ने सोनम वांगचुक का सपोर्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘मैं सोनम वांगचुक, अभिजीत डिपके, CJP और इस देश के उन सभी नागरिकों, युवा और बुजुर्ग, के साथ एकजुटता से खड़ा हूं, जो हमारे छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। सोनम जी, नेहा, मनीष, अमीन और उन सभी लोगों को मेरा सलाम, जिन्होंने न्याय सुनिश्चित करने के लिए भूख हड़ताल शुरू की है। हमें इस बात का एहसानमंद होना चाहिए कि आपने हमें हमारी उदासीनता से जगाया और याद दिलाया कि हर आवाज मायने रखती है।’ 3 इडियट्स में चतुर बने ओमी वैद्य बोले- नहीं चाहता वो मरें सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 16वें दिन ‘3 इडियट्स’ में चतुर रामलिंगम का किरदार निभा चुके ओमी वैद्य ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं अक्सर ऐसे वीडियो नहीं बनाता, इसलिए मेरी बात ध्यान से सुनिए। क्या आपको पता है कि 3 इडियट्स में आमिर खान का किरदार फुंसुख वांगडू असल जिंदगी के लद्दाख के इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षक और समाज सुधारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था? मैं उनसे मिल चुका हूं। वह बहुत ही दिलचस्प और सादगी पसंद इंसान हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बेहतरीन काम किए हैं। इसलिए मैं आपसे कहूंगा कि उनके बारे में जानिए और देखिए कि इस समय वह क्या कर रहे हैं। फिलहाल सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं। कई हफ्ते बीत चुके हैं और उनका ब्लड शुगर काफी कम हो गया है।’ ‘यह बहुत गंभीर मामला है। वह भूख हड़ताल क्यों कर रहे हैं? क्योंकि उन्हें भारत की शिक्षा व्यवस्था, लद्दाख से जुड़े कुछ मुद्दों और पर्यावरण की चिंता है। आप उनकी बात से सहमत हों या नहीं, लेकिन मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं नहीं चाहता कि यह इंसान मर जाए। मेरे लिए वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं और मैं चाहता हूं कि वह सुरक्षित रहें और जिंदा रहें।’ सोनाक्षी बोलीं- अब चुप रहना संभव नहीं एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि देश के युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर संवाद शुरू नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि वह भी देश की युवा हैं और देश का भला चाहती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा, “मैं बस यह पूछना चाहती हूं कि यह कब काफी होगा? जब ये लोग मर जाएंगे, तब क्या आप जागेंगे? और इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? जो हो रहा है, वह सही नहीं है। मैं बस यही कहना चाहती हूं।” शत्रुघ्न सिन्हा ने की नरेंद्र मोदी से अपील सोनाक्षी का वीडियो सामने आने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने उनके खुलकर बोलने की तारीफ की और पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर बात करने की अपील की है। उन्होंने लिखा है, ‘पिछले कुछ दिनों में देश और विदेश के कई राजनीतिक नेताओं, राजनीतिक दलों, जानी-मानी हस्तियों, कलाकारों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। सोनम वांगचुक की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार, संबंधित अधिकारियों, हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से अपील है कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें, उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करें और जल्द से जल्द इस आंदोलन का समाधान निकालें। वांगचुक को बचाइए!’ आगे सोनाक्षी

दावा- होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट:US का लगातार सातवीं रात ईरान पर हमला; ईरान बोला- जमीनी हमले हुए तो कुवैत-बहरीन में घुस जाएंगे

दावा- होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट:US का लगातार सातवीं रात ईरान पर हमला; ईरान बोला- जमीनी हमले हुए तो कुवैत-बहरीन में घुस जाएंगे

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हुआ है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत जानकारी के कारण टैंकरों ने उस मार्ग से गुजरने की कोशिश की जहां समुद्र में माइंस बिछी थीं। इससे टकराने के बाद दोनों जहाजों में भीषण आग लग गई। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को गलत बताया है। CENTCOM ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘IRGC के कई दावों की तरह ये दावा भी झूठा है।’ वहीं, CENTCOM ने बताया कि उसने शुक्रवार देर रात ईरान पर लगातार सातवीं रात सैन्य हमले किए। इसमें ईरान के निगरानी ठिकानों, सैन्य लॉजिस्टिक ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। अल जजीरा के मुताबिक, सीरिक, बुशेहर, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और मध्य ईरान के यज्द शहर पर हमले हुए हैं। उधर, ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया, तो ईरान कुवैत और बहरीन में घुस जाएगा और वहां अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सेना को तबाह कर देगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

मेक्सिको के तट पर 7.4 तीव्रता का भूकंप:सुनामी का खतरा बढ़ा, ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर में भी महसूस हुए झटके

मेक्सिको के तट पर 7.4 तीव्रता का भूकंप:सुनामी का खतरा बढ़ा, ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर में भी महसूस हुए झटके

मेक्सिको के दक्षिणी राज्य चियापास के तट पर शुक्रवार को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इस भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। भूकंप के झटके मध्य अमेरिका के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए हैं। अमेरिकी एजेंसी USGS के मुताबिक, भूकंप का केंद्र मेक्सिको के प्यूर्टो मडेरो शहर के पास था। यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिससे आसपास के इलाकों में तेज झटकों की आशंका बढ़ गई है। US सुनामी वार्निंग सिस्टम ने इस क्षेत्र के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया है। 7.4 तीव्रता के भूकंप को ‘मेजर’ श्रेणी में रखा जाता है, जो बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकते हैं। भूकंप के झटके मेक्सिको के पड़ोसी देश ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर में भी महसूस किए गए। फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां राज्य बनाने की तैयारी में पाकिस्तान:विधानसभा में प्रस्ताव पास, संसद से संविधान संशोधन की मांग

गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां राज्य बनाने की तैयारी में पाकिस्तान:विधानसभा में प्रस्ताव पास, संसद से संविधान संशोधन की मांग

पाकिस्तान ने अपने अवैध कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान को देश का पांचवां प्रांत बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गुरुवार को गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा में इसे लेकर एक जॉइंट रेजोल्यूशन निर्विरोध पास किया गया। इस प्रस्ताव में पाकिस्तान सरकार से संविधान में संशोधन कर इस क्षेत्र को औपचारिक रूप से प्रांत घोषित करने की मांग की गई है। प्रस्ताव की कॉपी पर मुख्यमंत्री, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, नेता विपक्ष और दो निर्दलीय विधायकों के हस्ताक्षर हैं। इसे अब पाकिस्तानी संसद के पास भेजा जाएगा। प्रस्ताव में मांग की गई है कि गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली और सीनेट में भी प्रतिनिधित्व दिया जाए। अभी तक पाकिस्तान में केवल चार प्रांत पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा हैं। पिछले महीने गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव हुए थे गिलगित-बाल्टिस्तान में पिछले महीने 7 जून चुनाव हुआ था जिसमें बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं। एक पार्टी के पास पूर्ण बहुमत ना होने की वजह से PPP और शहबाज शरीफ की पार्टी PML-N के बीच पॉवर शेयरिंग एग्रीमेंट हुआ था जिसके तहत मुख्यमंत्री और स्पीकर PPP का हुआ। वहीं गवर्नर और डिप्टी स्पीकर PML-N मिला।

गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां राज्य बनाने की तैयारी में पाकिस्तान:विधानसभा में प्रस्ताव पास, संसद से संविधान संशोधन की मांग

गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां राज्य बनाने की तैयारी में पाकिस्तान:विधानसभा में प्रस्ताव पास, संसद से संविधान संशोधन की मांग

पाकिस्तान ने अपने अवैध कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान को देश का पांचवां राज्य बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गुरुवार को गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से संविधान में संशोधन करके इस क्षेत्र को प्रांत का दर्जा देने की मांग की। प्रस्ताव में कहा गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों को पाकिस्तान के दूसरे राज्यों के नागरिकों की तरह समान संवैधानिक, राजनीतिक और लोकतांत्रिक अधिकार दिए जाएं। इसके तहत इस क्षेत्र को नेशनल असेंबली, सीनेट और अन्य संघीय संवैधानिक संस्थाओं में भी प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई है। प्रस्ताव की कॉपी पर मुख्यमंत्री, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, नेता विपक्ष और दो निर्दलीय विधायकों के हस्ताक्षर हैं। इसे अब पाकिस्तानी संसद के पास भेजा जाएगा। अस्थायी राज्य बनाने का प्रस्ताव अभी तक पाकिस्तान में केवल चार प्रांत पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान अब तक सीमित स्वशासन (लिमिटेड सेल्फ-गवर्नेंस) के तहत संचालित होता रहा है और उसे पाकिस्तान के अन्य प्रांतों जैसा संवैधानिक दर्जा प्राप्त नहीं है। प्रस्ताव में कहा गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान को अभी स्थायी नहीं, बल्कि अस्थायी तौर पर पाकिस्तान का राज्य बनाया जाएगा। अगर भविष्य में जम्मू-कश्मीर विवाद का कोई समाधान निकलता है, तो उस फैसले के अनुसार इस क्षेत्र की स्थिति दोबारा तय की जा सकती है। यानी पाकिस्तान ने यह रास्ता खुला रखा है कि कश्मीर विवाद के अंतिम समाधान के बाद गिलगित-बाल्टिस्तान का दर्जा बदला जा सके। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान कई आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। देश में बलूचिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ते आतंकी हमलों को लेकर सरकार दबाव में है। विपक्षी दलों और सरकार के आलोचकों का आरोप है कि सरकार इन घरेलू समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए लंबे समय से लंबित गिलगित-बाल्टिस्तान को प्रांत बनाने के मुद्दे को फिर से सामने लाई है। पिछले महीने गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव हुए थे गिलगित-बाल्टिस्तान में पिछले महीने 7 जून चुनाव हुआ था जिसमें बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं। एक पार्टी के पास पूर्ण बहुमत ना होने की वजह से PPP और शहबाज शरीफ की पार्टी PML-N के बीच पॉवर शेयरिंग एग्रीमेंट हुआ था जिसके तहत मुख्यमंत्री और स्पीकर PPP का हुआ। वहीं गवर्नर और डिप्टी स्पीकर PML-N मिला। गिलगिट-बाल्टिस्तान और भारत का क्या कनेक्शन है? गिलगिट-बाल्टिस्तान ट्रांस-हिमालयन क्षेत्र में कश्मीर घाटी के उत्तर-पश्चिम में है। यह जम्मू-कश्मीर रियासत का हिस्सा था। तब यह रियासत पांच क्षेत्रों में बंटी थी- जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट वजाहत और गिलगिट एजेंसी। 1947 से भारत के जिस हिस्से पर पाकिस्तान का कब्जा है, उसमें सिर्फ 15% एरिया पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में है। 85% हिस्सा तो गिलगिट-बाल्टिस्तान या नॉर्दर्न एरियाज में है। यह चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का मुख्य इलाका है। सिंधु नदी पाकिस्तान में गिलगिट-बाल्टिस्तान से ही होकर प्रवेश करती है। गिलगिट-बाल्टिस्तान भारत से अलग कब हुआ? 1947 में। दरअसल, 1917 में USSR बनने के बाद ब्रिटिश इंडिया ने गिलगिट एजेंसी को 1935 में जम्मू-कश्मीर के महाराजा से 60 साल की लीज पर लिया था। पर जब भारत आजाद हुआ तो 15 दिन बाद गिलगित भी महाराजा हरिसिंह के अधीन आ गया था। 26 अक्टूबर 1947 को हरि सिंह ने अपनी रियासत को भारत में मर्ज करने का फैसला किया, तब ब्रिटिश कमांडर विलियम एलेक्जेंडर ब्राउन के नेतृत्व में गिलगिट स्काउट्स ने बगावत कर दी। उसने बाल्टिस्तान पर भी कब्जा कर लिया था, जो लद्दाख का हिस्सा था। स्कार्दू, करगिल और द्रास पर भी गिलगिट स्काउट्स का कब्जा था। युद्ध में भारतीय सेनाओं ने अगस्त 1948 में करगिल और द्रास पर फिर से कब्जा हासिल किया। पर गिलगिट पर पाकिस्तान का अवैध कब्जा कायम रहा। 1 नवंबर 1947 को राजनीतिक दल रिवॉल्युशनरी काउंसिल ऑफ गिलगिट-बाल्टिस्तान ने गिलगिट-बाल्टिस्तान को स्वतंत्र देश घोषित किया था। 15 नवंबर को उसने पाकिस्तान में मर्जर की घोषणा की। पर इस मर्जर की भी शर्त ये थी कि पूरी तरह एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल के लिए यह होगा। पिछले साल पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने 1 नवंबर को गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया।

जापान में 780 साल पुराना पारंपरिक उत्सव:1 हजार किलो की झांकी उठाकर दौड़े युवा; 10 लाख पर्यटक जुटे

जापान में 780 साल पुराना पारंपरिक उत्सव:1 हजार किलो की झांकी उठाकर दौड़े युवा; 10 लाख पर्यटक जुटे

जापान के फुकुओका शहर में महामारियों से बचाव के लिए ‘हाकाता गियन यामाकासा’ उत्सव हुआ। इसकी शुरुआत 1241 में मानी जाती है। मान्यता है कि महामारी के दौरान बौद्ध भिक्षु शूइची कोकुशी (एन्नी) ने पूरे शहर में पवित्र जल का छिड़काव किया, जिसके बाद बीमारी थम गई। उसी घटना की स्मृति में यह परंपरा शुरू हुई। यह उत्सव यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में दर्ज है। इसे देखने के लिए करीब 10 लाख पर्यटक जुटे। उत्सव में दो तरह की झांकियां होती हैं। काजारीयामा करीब 10 मीटर ऊंचे, भव्य और सजावटी झांकी होती हैं, जिन्हें केवल प्रदर्शन के लिए रखा जाता है। वहीं काकियामा करीब 1 टन वजन की झांकी होती है, जिन्हें पुरुषों के समूह कंधों पर उठाकर शहर की सड़कों पर दौड़ते हैं। इन्हें बनाने में 55 लाख से 2 करोड़ रुपए तक खर्च होते हैं। इसके अलावा पारंपरिक पोशाक और अन्य व्यवस्थाओं पर भी लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। गर्मी की वजह से रास्ते में खड़े लोग धावकों पर ठंडा पानी डालते हैं। इससे शरीर ठंडा रहता है और धावकों का उत्साह भी बढ़ता है। दौड़ में हिस्सा लेने वाले पुरुष केवल पारंपरिक सूती जैकेट (मिजू-हैप्पी) और शिमेकोमी नामक विशेष लंगोट पहनते हैं। ऐसा इसलिए ताकि पानी पड़ने के बाद कपड़े भारी न हों और दौड़ने में आसानी रहे।

जापान में 780 साल पुराना पारंपरिक उत्सव:1 हजार किलो की झांकी उठाकर दौड़े युवा; 10 लाख पर्यटक जुटे

जापान में 780 साल पुराना पारंपरिक उत्सव:1 हजार किलो की झांकी उठाकर दौड़े युवा; 10 लाख पर्यटक जुटे

जापान के फुकुओका शहर में महामारियों से बचाव के लिए ‘हाकाता गियन यामाकासा’ उत्सव हुआ। इसकी शुरुआत 1241 में मानी जाती है। मान्यता है कि महामारी के दौरान बौद्ध भिक्षु शूइची कोकुशी (एन्नी) ने पूरे शहर में पवित्र जल का छिड़काव किया, जिसके बाद बीमारी थम गई। उसी घटना की स्मृति में यह परंपरा शुरू हुई। यह उत्सव यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में दर्ज है। इसे देखने के लिए करीब 10 लाख पर्यटक जुटे। उत्सव में दो तरह की झांकियां होती हैं। काजारीयामा करीब 10 मीटर ऊंचे, भव्य और सजावटी झांकी होती हैं, जिन्हें केवल प्रदर्शन के लिए रखा जाता है। वहीं काकियामा करीब 1 टन वजन की झांकी होती है, जिन्हें पुरुषों के समूह कंधों पर उठाकर शहर की सड़कों पर दौड़ते हैं। इन्हें बनाने में 55 लाख से 2 करोड़ रुपए तक खर्च होते हैं। इसके अलावा पारंपरिक पोशाक और अन्य व्यवस्थाओं पर भी लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। गर्मी की वजह से रास्ते में खड़े लोग धावकों पर ठंडा पानी डालते हैं। इससे शरीर ठंडा रहता है और धावकों का उत्साह भी बढ़ता है। दौड़ में हिस्सा लेने वाले पुरुष केवल पारंपरिक सूती जैकेट (मिजू-हैप्पी) और शिमेकोमी नामक विशेष लंगोट पहनते हैं। ऐसा इसलिए ताकि पानी पड़ने के बाद कपड़े भारी न हों और दौड़ने में आसानी रहे।

दावा- BLA ने पाकिस्तान के 45 सैनिकों को मारा:बलूचिस्तान में काफिले को बनाया निशाना, क्वेटा-कराची हाइवे से गुजर रहे थे

दावा- BLA ने पाकिस्तान के 45 सैनिकों को मारा:बलूचिस्तान में काफिले को बनाया निशाना, क्वेटा-कराची हाइवे से गुजर रहे थे

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने मस्तुंग जिले में पाकिस्तान सेना के एक काफिले पर हमला किया है। इस हमले में 45 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है, जबकि दर्जनों जवान घायल हुए हैं। यह घटना गुरुवार को क्वेटा-कराची हाइवे पर खदकुचा के पास हुई। पाकिस्तान सेना ने काफिले पर हमले की पुष्टि की है, लेकिन हताहत हुए जवानों की संख्या पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। BLA प्रवक्ता जियांद बलूच ने बयान जारी कर बताया कि इस हमले में काफिले, सुरक्षा टीम और बाद में पहुंची सेना की टुकड़ियों को निशाना बनाया गया। BLA ने इस हमले को ‘फतेह स्क्वाड’ द्वारा अंजाम दिया गया एक सुनियोजित और जबरदस्त हमला बताया है।