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जाकिर खान अस्पताल में एडमिट:छोटे भाई अरबाज के रमजान व्लॉग में लीलावती हॉस्पिटल में दिखे कॉमेडियन

जाकिर खान अस्पताल में एडमिट:छोटे भाई अरबाज के रमजान व्लॉग में लीलावती हॉस्पिटल में दिखे कॉमेडियन

कॉमेडियन जाकिर खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह अस्पताल में भर्ती दिखाई दिए हैं। यह वीडियो जाकिर खान के छोटे भाई अरबाज खान ने अपने रमजान व्लॉग में शनिवार को शेयर किया था। व्लॉग में वह दर्शकों को अस्पताल का वह कमरा दिखाते हैं, जहां जाकिर भर्ती हैं। वीडियो में जाकिर एक हॉस्पिटल गाउन पहने हुए दिख रहे हैं, जिस पर लीलावती हॉस्पिटल का नाम छपा हुआ है। इसके आधार पर अस्पताल की पहचान लीलावती हॉस्पिटल के रूप में हुई। क्लिप में जाकिर और उनके भाई को ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप के दौरान इंडिया बनाम इंग्लैंड मैच देखते हुए भी देखा जा सकता है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि जाकिर 5 मार्च के आसपास अस्पताल में एडमिट हुए। हालांकि अस्पताल में भर्ती होने का सटीक कारण अभी साफ नहीं है और यह भी जानकारी सामने नहीं आई है कि वह अभी भी अस्पताल में हैं या नहीं। वीडियो वायरल होने के बाद फैंस ने सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर सवाल पूछे और जल्द ठीक होने की कामना की। जाकिर ने स्टैंड-अप कॉमेडी से ब्रेक लेने की बात कही थी गौरतलब है कि यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब जाकिर ने हाल ही में स्टैंड-अप कॉमेडी से ब्रेक लेने की बात कही थी। जनवरी में हैदराबाद में एक शो के दौरान उन्होंने कहा था कि वह अपनी सेहत और कुछ अन्य चीजों पर ध्यान देने के लिए ब्रेक लेना चाहते हैं। हालांकि बाद में जाकिर खान ने हेल्थ को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।

समंदर का पानी पी सकेंगे, लक्षद्वीप में बन रहा प्लांट:यह 1000 मी गहराई से पानी लाकर पीने लायक बनाएगा; 24 घंटे बिजली भी मिलेगी

समंदर का पानी पी सकेंगे, लक्षद्वीप में बन रहा प्लांट:यह 1000 मी गहराई से पानी लाकर पीने लायक बनाएगा; 24 घंटे बिजली भी मिलेगी

चारों ओर समुद्र से घिरे द्वीपों की दो सबसे बड़ी चुनौती होती हैं- पीने का मीठा पानी और सस्ती ऊर्जा। लक्षद्वीप में इन दोनों का समाधान समुद्र ही देने वाला है। राजधानी कवरत्ती में ऐसा प्लांट तैयार हो रहा है जो समुद्र के तापमान के अंतर से बिजली पैदा करेगा और उसी प्रक्रिया में समुद्री पानी को पीने के पानी में बदलेगा। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (एनआईओटी) ने ऐसी क्रांतिकारी तकनीक पर काम शुरू किया है, जो इस साल के अंत तक दुनिया के लिए मिसाल बन जाएगी। यह दुनिया का पहला ऐसा हाइब्रिड प्लांट होगा जो समंदर की लहरों से शुद्ध पानी और चौबीसों घंटे बिजली भी पैदा करेगा। नया प्लांट ओशन थर्मल एनर्जी कन्वर्जन (ओटीईसी) तकनीक पर आधारित है। इसमें समुद्र की सतह का गर्म पानी व गहरे समुद्र का ठंडा पानी इस्तेमाल होगा। गर्म पानी को वैक्यूम में डालकर भाप बनाई जाएगी, यह भाप टरबाइन घुमाकर बिजली पैदा करेगी। फिर गहरे समुद्र से लाए गए ठंडे पानी से भाप को ठंडा करके मीठा पानी तैयार किया जाएगा। नया प्लांट रोजाना 1 लाख लीटर मीठा पानी बनाएगा और जरूरत की बिजली खुद पैदा करेगा। इसे चलाने के लिए डीजल या बिजली की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी हो रहा लो टेम्परेचर थर्मल डीसैलिनेशन तकनीक का इस्तेमाल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस प्रोजेक्ट को भविष्य की ‘ऊर्जा सुरक्षा’ का आधार बताया है। लक्षद्वीप के 8 द्वीपों पर पहले से ही लो टेम्परेचर थर्मल डीसैलिनेशन तकनीक से पानी बनाया जा रहा है। इन प्लांट में समुद्री पानी को भाप बनाकर फिर ठंडा करके मीठा पानी तैयार किया जाता है। हालांकि इन्हें चलाने के लिए डीजल जनरेटर से बिजली देनी पड़ती थी। नए प्लांट की वर्किंग क्या होगी… कवरत्ती में बन रहे इनोवेटिव प्लांट का सबसे रोमांचक और जटिल हिस्सा है- गहरे समुद्र से ठंडा पानी लाना। इसके लिए वैज्ञानिकों की टीम करीब 3.8 किमी लंबी विशाल पाइपलाइन बिछा रही है। 900 मिमी व्यास वाली यह ‘हाई डेंसिटी पॉलीएथीलीन’ पाइपलाइन समुद्र के सीने को चीरकर 1000 मीटर नीचे से बर्फीला पानी ऊपर लाएगी। कवरत्ती के लैगून क्षेत्र में इसे वेल्डिंग कर समुद्र में लगाने का काम तेजी से चल रहा है। समुद्र की 1000 मीटर गहराई से बर्फीला पानी लाएंगे पूरे लक्षद्वीप को रोजाना सिर्फ 10-12 मेगावाट बिजली की जरूरत वर्तमान में लक्षद्वीप बिजली के लिए डीजल जनरेटरों पर निर्भर है। मुख्य भूमि से जहाजों के जरिए डीजल लाना महंगा होने के साथ समुद्री पर्यावरण के लिए जोखिम भरा भी है। सामान्य डीसैलिनेशन प्लांट चलाने के लिए 55 मेगावाट बिजली लगती है, जो अभी डीजल से आती है। नया प्लांट रोजाना 65 मेगावाट बिजली खुद पैदा करेगा। दिलचस्प यह है कि पूरे लक्षद्वीप की दैनिक मांग सिर्फ 10-12 मेगावाट है। यानी यह प्लांट अपनी जरूरत पूरी करने के साथ अन्य द्वीपों को अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा भी देगा।

नेपाल में भारतीय तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिरी:7 लोगों की मौत, 7 घायल; मनाकामना मंदिर से दर्शन कर लौटते समय हादसा

नेपाल में भारतीय तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिरी:7 लोगों की मौत, 7 घायल; मनाकामना मंदिर से दर्शन कर लौटते समय हादसा

नेपाल के गंडकी प्रांत के गोरखा जिले में शनिवार रात भारतीय तीर्थयात्रियों से भरी एक बस खाई में गिर गई। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 घायल हैं। यात्री मनाकामना मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक, श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक माइक्रोबस मनकामना मंदिर से लौट रही थी, तभी सड़क से फिसलकर 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में घायल 7 यात्रियों को भरतपुर स्थित चितवन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार बस में एक दर्जन से ज्यादा यात्री सवार थे। प्रशासन के अनुसार बस मनाकामना मंदिर से तनहुन जिले के अंबुखैरेनी इलाके की ओर जा रही थी। घटना के बाद देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। पुलिस ने बताया कि हादसे की दूसरे वजहों की भी जांच की जा रही है। हादसे में बस का ड्राइवर सुरक्षित, सहायक घायल गोरखा जिला ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रमुख सूरज अर्याल ने बताया कि मृतकों में दो महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। सभी भारतीय नागरिक थे। जिला पुलिस प्रमुख भरत बहादुर बीके के अनुसार मृतकों की पहचान मुथु कुमार (58), अनामालिक (58), मीनाक्षी (59), शिवगामी (53), विजयल (57), मीना (58) और तमिलरसी (60) के रूप में हुई है। हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, इलेक्ट्रिक बस का ड्राइवर सुरक्षित बच गया, जबकि उसका सहायक इस हादसे में घायल हुआ है। सड़क दुर्घटनाओं से नेपाल में नुकसान तीन गुना बढ़ा विश्व बैंक की एक स्टडी के मुताबिक नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान 2007 के बाद तीन गुना बढ़ चुका है और अब यह देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) का लगभग 1.5% है। विश्व बैंक के अनुसार नेपाल में सड़क हादसों में मरने वालों में 70% से ज्यादा पैदल यात्री, साइकिल सवार और मोटरसाइकिल चालक जैसे संवेदनशील रोड यूजर होते हैं। बस के खाई में गिरने से 19 लोगों की मौत हो गई थी इससे पहले नेपाल के धादिंग जिले में 23 फरवरी को एक पर्यटक बस 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए थे। बस पोखरा से काठमांडू जा रही थी और उसमें 44 लोग सवार थे। मृतकों में 24 साल का ब्रिटिश नागरिक, 40 साल की चीनी महिला और 32 साल का भारतीय पुरुष भी शामिल हैं। नेपाल में पहाड़ी इलाकों में संकरी सड़कें और खराब सड़क रखरखाव के कारण सड़क दुर्घटनाएं आम हैं। नेपाल में हादसे ज्यादा होने के 5 बड़े कारण हैं पहाड़ी भूगोल होना नेपाल का ज्यादातर हिस्सा पहाड़ी और दुर्गम है। सड़कों के किनारे गहरी खाइयां और ढलान होती हैं। थोड़ी सी गलती या खराब मौसम में वाहन आसानी से सड़क से फिसल सकते हैं, इसलिए सड़क हादसे ज्यादा होते हैं। खराब और संकरी सड़कें नेपाल के कई इलाकों में सड़कें संकरी, घुमावदार और ठीक से विकसित नहीं हैं। कई जगह सुरक्षा दीवारें या रेलिंग भी नहीं होतीं। इससे बस या कार के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। मौसम और प्राकृतिक आपदाएं नेपाल में मानसून के दौरान भारी बारिश होती है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पहाड़ों में मिट्टी खिसकने से सड़कें टूट जाती हैं और वाहन हादसे का शिकार हो जाते हैं। भूकंप और भूगर्भीय गतिविधि नेपाल भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। जमीन की अस्थिरता और पहाड़ी ढलान भी हादसों की संभावना बढ़ाती है। परिवहन व्यवस्था की सीमाएं कई बार गाड़ियां ओवरलोड होती हैं, वाहन पुराने होते हैं या ड्राइवरों को कठिन पहाड़ी रास्तों पर पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं होता। इससे दुर्घटनाओं का जोखिम और बढ़ जाता है। सरल शब्दों में कहें तो नेपाल में पहाड़, खराब सड़कें, भारी बारिश और कमजोर बुनियादी ढांचा मिलकर हादसों की संख्या बढ़ा देते हैं।

नेपाल में भारतीय तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिरी:7 लोगों की मौत, 7 घायल; मनाकामना मंदिर से दर्शन कर लौटते समय हादसा

नेपाल में भारतीय तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिरी:7 लोगों की मौत, 7 घायल; मनाकामना मंदिर से दर्शन कर लौटते समय हादसा

नेपाल के गंडकी प्रांत के गोरखा जिले में शनिवार रात भारतीय तीर्थयात्रियों से भरी एक बस खाई में गिर गई। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 घायल हैं। यात्री मनाकामना मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक, श्रद्धालुओं को लेकर जा रही एक माइक्रोबस मनकामना मंदिर से लौट रही थी, तभी सड़क से फिसलकर 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में घायल 7 यात्रियों को भरतपुर स्थित चितवन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेजा गया है। पुलिस के अनुसार बस में एक दर्जन से ज्यादा यात्री सवार थे। प्रशासन के अनुसार बस मनाकामना मंदिर से तनहुन जिले के अंबुखैरेनी इलाके की ओर जा रही थी। घटना के बाद देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। पुलिस ने बताया कि हादसे की दूसरे वजहों की भी जांच की जा रही है। हादसे में बस का ड्राइवर सुरक्षित, सहायक घायल गोरखा जिला ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रमुख सूरज अर्याल ने बताया कि मृतकों में दो महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। सभी भारतीय नागरिक थे। जिला पुलिस प्रमुख भरत बहादुर बीके के अनुसार मृतकों की पहचान मुथु कुमार (58), अनामालिक (58), मीनाक्षी (59), शिवगामी (53), विजयल (57), मीना (58) और तमिलरसी (60) के रूप में हुई है। हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, इलेक्ट्रिक बस का ड्राइवर सुरक्षित बच गया, जबकि उसका सहायक इस हादसे में घायल हुआ है। सड़क दुर्घटनाओं से नेपाल में नुकसान तीन गुना बढ़ा विश्व बैंक की एक स्टडी के मुताबिक नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान 2007 के बाद तीन गुना बढ़ चुका है और अब यह देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) का लगभग 1.5% है। विश्व बैंक के अनुसार नेपाल में सड़क हादसों में मरने वालों में 70% से ज्यादा पैदल यात्री, साइकिल सवार और मोटरसाइकिल चालक जैसे संवेदनशील रोड यूजर होते हैं। बस के खाई में गिरने से 19 लोगों की मौत हो गई थी इससे पहले नेपाल के धादिंग जिले में 23 फरवरी को एक पर्यटक बस 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए थे। बस पोखरा से काठमांडू जा रही थी और उसमें 44 लोग सवार थे। मृतकों में 24 साल का ब्रिटिश नागरिक, 40 साल की चीनी महिला और 32 साल का भारतीय पुरुष भी शामिल हैं। नेपाल में पहाड़ी इलाकों में संकरी सड़कें और खराब सड़क रखरखाव के कारण सड़क दुर्घटनाएं आम हैं। नेपाल में हादसे ज्यादा होने के 5 बड़े कारण हैं पहाड़ी भूगोल होना नेपाल का ज्यादातर हिस्सा पहाड़ी और दुर्गम है। सड़कों के किनारे गहरी खाइयां और ढलान होती हैं। थोड़ी सी गलती या खराब मौसम में वाहन आसानी से सड़क से फिसल सकते हैं, इसलिए सड़क हादसे ज्यादा होते हैं। खराब और संकरी सड़कें नेपाल के कई इलाकों में सड़कें संकरी, घुमावदार और ठीक से विकसित नहीं हैं। कई जगह सुरक्षा दीवारें या रेलिंग भी नहीं होतीं। इससे बस या कार के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। मौसम और प्राकृतिक आपदाएं नेपाल में मानसून के दौरान भारी बारिश होती है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पहाड़ों में मिट्टी खिसकने से सड़कें टूट जाती हैं और वाहन हादसे का शिकार हो जाते हैं। भूकंप और भूगर्भीय गतिविधि नेपाल भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। जमीन की अस्थिरता और पहाड़ी ढलान भी हादसों की संभावना बढ़ाती है। परिवहन व्यवस्था की सीमाएं कई बार गाड़ियां ओवरलोड होती हैं, वाहन पुराने होते हैं या ड्राइवरों को कठिन पहाड़ी रास्तों पर पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं होता। इससे दुर्घटनाओं का जोखिम और बढ़ जाता है। सरल शब्दों में कहें तो नेपाल में पहाड़, खराब सड़कें, भारी बारिश और कमजोर बुनियादी ढांचा मिलकर हादसों की संख्या बढ़ा देते हैं।

रात में लंबे समय तक नहीं आती है नींद, गोलियां छोड़िए, इन चीजों का करें सेवन, आएगी अच्छी नींद

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Last Updated:March 15, 2026, 12:48 IST अच्छी नींद के लिए सबसे पहले प्राकृतिक तरीकों को अपनाना चाहिए. हमारी डाइट और लाइफस्टाइल का सीधा असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है. अगर रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ छोटे बदलाव कर लिए जाएं और सही चीजों का सेवन किया जाए तो बिना किसी दवा के भी गहरी और सुकून भरी नींद मिल सकती है. कई ऐसी प्राकृतिक चीजें हैं जो शरीर को रिलैक्स करती हैं और दिमाग को शांत करने में मदद करती हैं. यही कारण है कि आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में खानपान को नींद सुधारने का सबसे सरल तरीका माना जाता है. ख़बरें फटाफट ऋषिकेश: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में अच्छी नींद लेना कई लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. काम का तनाव, मोबाइल का अधिक इस्तेमाल, अनियमित दिनचर्या और मानसिक दबाव की वजह से लोग देर रात तक जागते रहते हैं. जब लंबे समय तक नींद नहीं आती तो कई लोग तुरंत राहत पाने के लिए नींद की गोलियों का सहारा लेने लगते हैं. हालांकि बिना जरूरत और बिना सलाह के नींद की दवाइयों का सेवन करना सेहत के लिए ठीक नहीं होता. इन दवाइयों की आदत लग सकती है और शरीर पर इसके कई दुष्प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं. डाइट और लाइफस्टाइल से नींद पर पड़ता है असर लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि अच्छी नींद के लिए सबसे पहले प्राकृतिक तरीकों को अपनाना चाहिए. हमारी डाइट और लाइफस्टाइल का सीधा असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है. अगर रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ छोटे बदलाव कर लिए जाएं और सही चीजों का सेवन किया जाए तो बिना किसी दवा के भी गहरी और सुकून भरी नींद मिल सकती है. कई ऐसी प्राकृतिक चीजें हैं जो शरीर को रिलैक्स करती हैं और दिमाग को शांत करने में मदद करती हैं. यही कारण है कि आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में खानपान को नींद सुधारने का सबसे सरल तरीका माना जाता है. रात को सोने से पहले करें दूध का सेवन रात को सोने से पहले गुनगुना दूध पीना सबसे आसान और असरदार उपायों में से एक माना जाता है. दूध में मौजूद ट्रिप्टोफैन नामक तत्व शरीर में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन हार्मोन को बढ़ाने में मदद करता है. ये हार्मोन शरीर को शांत करते हैं और नींद को गहरा बनाते हैं. इसलिए कई लोग बचपन से ही सोने से पहले दूध पीने की आदत रखते हैं. अगर दूध में हल्दी या थोड़ा सा जायफल मिला लिया जाए तो इसका असर और भी बेहतर हो सकता है. केला से भी आती है अच्छी नींद केला भी अच्छी नींद लाने में मदद करने वाला फल माना जाता है. केले में मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं जो मांसपेशियों को रिलैक्स करने का काम करते हैं. जब शरीर रिलैक्स होता है तो दिमाग भी शांत होने लगता है और नींद जल्दी आने लगती है. यह पेट को भी हल्का रखता है और शरीर को जरूरी ऊर्जा भी देता है.इसके अलावा बादाम भी नींद सुधारने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. बादाम में मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स होते हैं जो शरीर की नसों को शांत करते हैं. अगर रात को सोने से पहले 3 से 4 भीगे हुए बादाम खा लिए जाएं तो यह शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकते हैं. इससे तनाव भी कम होता है और दिमाग शांत रहता है. कई लोग दूध के साथ बादाम का सेवन भी करते हैं जो नींद के लिए और अधिक लाभकारी माना जाता है. हर्बल चाय में मिलती है कैमोमाइल हर्बल चाय भी नींद के लिए एक अच्छा विकल्प मानी जाती है. खासतौर पर कैमोमाइल, तुलसी या लैवेंडर से बनी हर्बल चाय शरीर को प्राकृतिक रूप से शांत करने का काम करती है. ये चाय कैफीन फ्री होती हैं और तनाव को कम करने में मदद करती हैं. सोने से लगभग 30 मिनट पहले एक कप हल्की हर्बल चाय पीने से शरीर धीरे-धीरे रिलैक्स होने लगता है और नींद आने में आसानी होती है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : March 15, 2026, 12:48 IST

दतिया में नाबालिग की खुदकुशी, प्रेमी पर केस:शादी से इनकार किया था; दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज

दतिया में नाबालिग की खुदकुशी, प्रेमी पर केस:शादी से इनकार किया था; दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज

दतिया में बड़ोनी थाना क्षेत्र के जौन्हार गांव में 14 वर्षीय किशोरी की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने प्रेमी युवक के खिलाफ शनिवार रात मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि किशोरी का जिगना निवासी नीरज पाल से करीब दो साल से प्रेम संबंध था। किशोरी उससे शादी करना चाहती थी। लेकिन युवक ने दूसरी जगह सगाई होने की बात कहकर शादी से इनकार कर दिया। बताया गया है कि 26 दिसंबर को किशोरी घर के कमरे में पंखे से फंदे पर लटकी मिली थी। मामले की जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल और एफएसएल रिपोर्ट में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता की वैजाइनल स्लाइड में पुरुष डीएनए मिलने की पुष्टि हुई है। जांच के आधार पर पुलिस ने नीरज पाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सीनियर एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा का निधन:'सत्ते पे सत्ता', 'कर्ज' जैसी फिल्मों में काम किया था, गाने 'लंबी जुदाई' में भी नजर आई थीं

सीनियर एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा का निधन:'सत्ते पे सत्ता', 'कर्ज' जैसी फिल्मों में काम किया था, गाने 'लंबी जुदाई' में भी नजर आई थीं

सत्ते पे सत्ता, कर्ज, हीरो जैसी फिल्मों में काम करने वाली सीनियर एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा का 72 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन 13 मार्च को मुंबई में हुआ। ट्रेड मैगजीन ‘फिल्म इंफॉर्मेशन’ के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार 14 मार्च को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में किया गया। हालांकि, अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि उनके निधन की वजह क्या थी। मधु मल्होत्रा ने 1975 में रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्म अंधेरा से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 1979 में शक्ति सामंत की फिल्म द ग्रेट गैम्बलर में उन्होंने अमिताभ बच्चन के किरदार जय की बहन की भूमिका निभाई। 1980 की फिल्म कर्ज में उन्होंने पिंकी का किरदार निभाया था। वहीं 1981 की फिल्म आस पास में वह प्रेम चोपड़ा के साथ नजर आई थीं। फिल्म सत्ते पे सत्ता में भी नजर आई थीं मधु मल्होत्रा ने 1982 की फिल्म सत्ते पे सत्ता में भी काम किया था, जिसका निर्देशन राज एन सिप्पी ने किया था। अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी स्टारर इस फिल्म में वह पेंटल के साथ नजर आई थीं। वहीं सुभाष घई की 1983 की फिल्म हीरो में मधु मल्होत्रा लोकप्रिय गीत “लंबी जुदाई” में जिप्सी महिला के किरदार में नजर आई थीं। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्री मुख्य भूमिका में थे। बाद में उन्होंने 1992 की फिल्म हीर रांझा में अनिल कपूर की बहन का किरदार निभाया। 1993 की फिल्म किंग अंकल में उन्होंने मिसेज मलिक की भूमिका निभाई। वह 1998 की फिल्म गुलाम में भी नजर आई थीं। मधु मल्होत्रा आखिरी बार 2000 में रिलीज हुई मोहन भाकरी की फिल्म वो बेवफा थी में दिखाई दी थीं।

दत्तात्रेय होसबाले बोले- ईरान युद्ध पर भारत का स्टैंड सही:पानीपत में कहा- BJP ने RSS की विचारधारा अपनाई, बाकियों ने दरवाजे बंद किए

दत्तात्रेय होसबाले बोले- ईरान युद्ध पर भारत का स्टैंड सही:पानीपत में कहा- BJP ने RSS की विचारधारा अपनाई, बाकियों ने दरवाजे बंद किए

हरियाणा में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के आखिरी दिन रविवार को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने चर्चा में आए विषयों की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया के कुछ सवालों के जवाब भी दिए। मिडिल ईस्ट में युद्ध के बीच ईरान को लेकर भारत के स्टैंड पर कहा कि भारत हित में सरकार सही कर रही है, ऐसा विश्वास है। उन्होंने कहा कि संघ पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों पर जोर देता है। बांग्लादेश और नेपाल में सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नई सरकारें बनी हैं। दोनों देशों में शांति-स्थिरता और उनका भारत के साथ अच्छा संबंध पूरे एशिया के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है। हालांकि, उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर भी चिंता जताई। होसबाले ने कहा कि RSS के कार्यकर्ता ही देशभक्त हैं, ऐसा संघ का कहना बिल्कुल भी नहीं है। RSS-BJP के संबंधों के सवाल पर बोले-भाजपा ने संघ की विचारधारा अपनाई, बाकियों ने अपने दरवाजे बंद कर दिए। आइए जानें होसबाले ने सवालों के क्या जवाब दिए…. सवाल- क्या आरएसएस के स्ट्रक्चरल बदलाव होने जा रहा है? जवाब: दायित्व में कुछ बदलाव होगा, तो उसके बारे में दोपहर के बाद घोषणा की जाएगी। कुछ चीजें सार्वजनिक की जाएंगी। सवाल: ईरान के प्रति भारत के स्टैंड पर संघ की क्या राय है? जवाब: जो हो रहा है उसमें संघ की भूमिका नहीं है। ऐसा विश्वास है कि भारत सरकार देश के हित में सही काम कर रही होगी। संघ चाहता है कि दुनिया में शांति हो। सवाल: संघ में मुस्लिम और महिलाओं को मेंबरशिप पर क्या स्टैंड है? जवाब: किसी भी मजहब का व्यक्ति यहां आ सकता है, भगवा झंडे को प्रणाम कर सकता है। मुस्लिम कार्यकर्ता पहले भी संघ में बहुत हैं। महिलाओं के संघ में भूमिका पर कहा कि सिर्फ शाखा की वर्किंग में महिलाएं शामिल नहीं होतीं, लेकिन संघ की अन्य और भी कार्य प्रणाली है जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। सवाल: बेसहारा गोवंश को लेकर संघ क्या कर रहा है? जवाब: सरकार, नगर निगम लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन लोगों को समझना होगा कि गाय सिर्फ दूध के लिए ही नहीं है, उनका मूत्र, गोबर भी बहुत उपयोगी है। इसीलिए उन्हें सड़कों पर बेसहारा नहीं छोड़ना चाहिए। सवाल: BJP से RSS का क्या संबंध है? जवाब: हमारी देश के लिए बहुत विचारधाराएं हैं। इन विचारधाराओं को सिर्फ BJP ने ही अपनाया। बाकी पार्टियों ने RSS के लिए दरवाजे बंद रखे। इसीलिए संघ के कई लोग राजनीति में उतरे और देश हित के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। सवाल: UGC विवाद पर क्या बोले? जवाब: यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसीलिए संघ इस विषय पर अपने विचार नहीं रखेगा। कोर्ट के निर्णय के बाद ही संघ कुछ कह सकता है। सवाल: हरियाणा के पानीपत में हेडक्वार्टर बनाने पर क्या कहा? जवाब: यहां ग्राम विकास के कार्य हमेशा चलते रहते हैं। यहां अभी हम 3 साल बाद बैठक कर रहें हैं। संघ कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखने के लिए कई जगह बनाई हुई है। यहां हम मशरूम की खेती करते हैं। यहां बहुत से कोर्स चलते हैं। RSS की 3 दिवसीय सभा की अहम बातें… संघ ने अपने तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में आखिरी दिन कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और सुझाव रखे। इनमें आरएसएस के दायित्व परिवर्तन भी शामिल रहा। आरएसएस के शताब्दी वर्ष (2025-26) की वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई। यहां केरल और तमिलनाडु समेत दक्षिण के राज्यों और पूर्वोत्तर में संघ की गतिविधियों और सामने आई चुनौतियों का जिक्र किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि एक वर्ष में देश में संघ की 88,949 शाखाएं लगाई गईं। जो पिछले साल से 5,820 ज्यादा हैं। गुरु तेग बहादुर व संत शिरोमणि रविदास जयंती से मैसेज सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व पर कई कार्यक्रम किए गए। वहीं संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती पर इस साल कार्यक्रम हो रहे हैं। यह समरता का संदेश है। 3 दिन में 32 संगठनों ने दिए सुझाव माधव सृष्टि में चल रहे तीन दिवसीय सभा के अंतिम दिन आरएसएस के सरसंघ चालक का संबोधन होगा। इससे पहले दो दिन में आरएसएस की विचारधारा से जुड़े 32 संगठनों ने सुझाव रखे। 1487 पदाधिकारियों ने यहां भाग लिया। संघ में बदलाव और अगले साल की योजना पर सहमति लेंगे बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत संघ के स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ ही अगले एक साल तक होने वाले कार्यों को लेकर आज सभा से स्वीकृति लेंगे। हरियाणा में भी RSS का बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत के लिए हरियाणा में बड़ा केंद्र विकसित करने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। पानीपत के पट्टीकल्याणा में बना माधव दृष्टि साधना केंद्र करीब 25 एकड़ में फैला है। इसे नागपुर मुख्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। रणनीतिक दृष्टि से अनुकूल होने के कारण संघ यहां से कई उत्तर भारतीय राज्यों को एक साथ साधने की तैयारी में है। दिल्ली से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण माधव सृष्टि को और अधिक अपग्रेड किया जाएगा। 8 साल पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने पट्टीकल्याणा में सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र की आधारशिला रखी थी। उन राज्यों पर ध्यान, जिनमें BJP नहीं जीती आरएसएस प्रतिनिधि सभा के पहले दिन चर्चा के केंद्र में वो राज्य रहे, जिनमें BJP या तो कभी सत्ता में नहीं रही, या दमदार उपस्थिति नहीं है। संघ के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया कि आगले दो वर्षों में मुख्य ध्यान चार राज्यों- केरल, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल पर केंद्रित रहेगा। इन राज्यों में संघ अपने कार्य विस्तार के लिए माइक्रो-मैनेजमेंट और नए सांगठनिक स्ट्रक्चर पर जोर दे रहा है। पंजाब में राष्ट्रीय सिख संगत को एक्टिव करेंगे आरएसएस पंजाब को एक चुनौती के रूप में ले रही है। वहां कभी भाजपा अपने दम पर सरकार नहीं बना सकती है। असल में पंजाब की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में कट्टर हिंदुत्व की विचारधारा का सिखों के साथ

वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद अमेरिकी झंडा लहराया, राजनयिक संबंध बिगड़ने की वजह से बंद था

वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद अमेरिकी झंडा लहराया, राजनयिक संबंध बिगड़ने की वजह से बंद था

वेनेजुएला की राजधानी कराकस में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद फिर से अमेरिकी झंडा फहराया गया। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि 12 मार्च 2019 को दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते खराब होने के कारण दूतावास बंद हो गया था। झंडा फहराने की यह घटना अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में हालिया नरमी का संकेत मानी जा रही है। दरअसल, इसी साल 4 जनवरी को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया। झंडा फहराने के दौरान कई स्थानीय लोग वहां पहुंचे। कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया और कहा कि इससे दूसरे देशों के साथ रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। हालांकि देश में अब भी कुछ लोग अमेरिका के बढ़ते असर की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मादुरो को जबरन सत्ता से हटाना और उन्हें उनकी पत्नी के साथ न्यूयॉर्क की जेल में रखना गलत था। साथ ही वेनेजुएला के तेल उद्योग में बढ़ते अमेरिकी प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 30% तक कटौती, नई गाड़ी खरीदने पर भी रोक

वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 30% तक कटौती, नई गाड़ी खरीदने पर भी रोक

पाकिस्तान में बढ़ते फ्यूल संकट के बीच सरकार ने खर्च कम करने के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि सरकारी कंपनियों और सरकार के अधीन स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों की सैलरी में 5% से 30% तक कटौती की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन कदमों से जो पैसा बचेगा, उसे लोगों को राहत देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अगले दो महीनों तक सरकारी गाड़ियों के लिए फ्यूल का इस्तेमाल 50% तक कम किया जाएगा और करीब 60% सरकारी वाहनों को सड़कों से हटा दिया जाएगा। इसके अलावा नई सरकारी गाड़ियां खरीदने पर रोक लगा दी गई है। मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के विदेशी दौरों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है और सरकारी मीटिंग में मिलने वाली फीस भी खत्म करने का फैसला किया गया है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है। इसी वजह से सरकार फ्यूल की खपत कम करने और आर्थिक दबाव घटाने के लिए ये कदम उठा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद अमेरिकी झंडा लहराया, राजनयिक संबंध बिगड़ने की वजह से बंद था वेनेजुएला की राजधानी कराकस में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद फिर से अमेरिकी झंडा फहराया गया। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि 12 मार्च 2019 को दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते खराब होने के कारण दूतावास बंद हो गया था। झंडा फहराने की यह घटना अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में हालिया नरमी का संकेत मानी जा रही है। दरअसल, इसी साल 4 जनवरी को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया। झंडा फहराने के दौरान कई स्थानीय लोग वहां पहुंचे। कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया और कहा कि इससे दूसरे देशों के साथ रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। हालांकि देश में अब भी कुछ लोग अमेरिका के बढ़ते असर की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मादुरो को जबरन सत्ता से हटाना और उन्हें उनकी पत्नी के साथ न्यूयॉर्क की जेल में रखना गलत था। साथ ही वेनेजुएला के तेल उद्योग में बढ़ते अमेरिकी प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।