Saturday, 17 Oct 2026 | 07:01 AM

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केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

चुनावों में विचारधारा और कोर वोट बैंक बिना किसी तनाव के कैसे काम करते हैं, इसे गहराई से समझने के लिए केरल सबसे मुफीद राज्य है। यहां 140 सीटों पर विधानसभा चुनावों की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है, लेकिन इन दिनों कहीं भी चुनावी शोर नहीं है, क्योंकि यहां चुनाव विचारधारा ही लीड करती रही है। केरल के बुजुर्ग और महिलाएं इस विचारधारा को लीड करते हैं। बुजुर्ग एलडीएफ के कोर वोट बैंक की रीढ़ हैं। इसलिए विजयन सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का 48% पैसा इन्हीं पर खर्च कर रही है। देश का पहला ‘एल्डरली बजट’ इन्हीं के लिए लेकर आई। यही अहमियत महिलाओं की है। इसे ऐसे समझें… नेदुमकंदम गांव पहुंचा दैनिक भास्कर दैनिक भास्कर मध्य केरल के इडुक्की जिले के इलाइची उत्पादक गांव नेदुमकंदम पहुंचा। यह महिला प्रधान गांव है। यहां आय के दो सोर्स हैं। पहला इलाइची और दूसरा कल्याणकारी योजनाएं। जलवायु परिवर्तन के कारण इलाइची का आकार छोटा और रंग हल्का हो रहा है। इससे निर्यात पर असर पड़ा है और किसानों की आय पर भी। यहां के ग्रामीणों को 3 साल से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) शासित पिनराई विजयन सरकार की योजनाओं से बहुत मदद मिली। लगभग हर परिवार कुदुम्बश्री जैसी देश की सबसे बड़ी स्व सहायता समूह और मुफ्त राशन किट योजनाओं से जुड़ा हुआ है।दैनिक भास्कर ने नेदुमकंदम की किसान रश्मिका वेल्लई (34) से बता की, उन्होंने बताया पहले हम सिर्फ इलाइची पर ही निर्भर थे। अब आत्मनिर्भर हैं। कुदुम्बश्री (करीब 45 लाख महिलाएं) ने घर बैठे कमाने का मौका दिया। देश-दुनिया से जोड़ा। मुफ्त राशन किट ने खर्च बचाया। और सरकार एक हजार रुपए महीना भी दे रही है। मां को पेंशन मिल रही है। अब हमें इलाइची की पैदावार घटने का डर नहीं है। इडुक्की में 43 फीसदी ईसाई आबादी, पहले कांग्रेस-UDF अब LDF का गढ़ इडुक्की में ईसाई आबादी (43.42%) है और 2016 से पहले यह कांग्रेस नीत यूडीएफ का गढ़ रहा है। लेकिन, 2021 में यहां की 5 में से 4 सीटें एलडीएफ ने जीती थीं। समाजशास्त्री, शोधकर्ता व कलाडी संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. सुनील पी. एलाडियम बताते हैं कि राज्य में इस बार 1.38 करोड़ महिला वोटर हैं। 2021 में 1.41 करोड़ थीं। यानी पिछली बार से कम हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पिछले साल वाम सरकार ने नकद राशि वाली योजना लॉन्च की। इस स्कीम से 31 लाख, कुदुम्बश्री से 45 लाख तो सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्कीम से 60 लाख महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं। कुल महिला वोटर का करीब 73%। जनकल्याणकारी योजनाओं का 22% पैसा इन पर खर्च हो रहा है। इसी तरह, राज्य में 115 सीटें ऐसी हैं, जिन्हें मुख्य रूप से ग्रामीण या अर्ध शहरी माना जाता है। इनमें ग्राम पंचायतों का बड़ा हिस्सा होता है और जहां खेती, बागवानी और प्रवासी आय का प्रभाव ज्यादा रहता है। यही एलडीएफ का कोर वोट बैंक भी बन गया है। इसका कारण यह है कि यहां बुजुर्ग और महिलाओं की तादाद ज्यादा है। 98% महिलाओं के पास बैंक खाते हैं। यही वजह है कि कर्ज संकट के बावजूद सीएम पिनराई विजयन ने नकद स्कीम के ​लिए हर साल ₹3800 करोड़ का बोझ उठाया। शी-टैक्सी जैसी कुल 10 ऐसी योजनाएं हैं, जिनसे महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं। युवाओं से ज्यादा हुए बुजुर्ग, 48% पैसा इन्हीं पर खर्च केरल में 2.69 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 18-19 आयु वर्ग के नए युवा मतदाता 4-5 लाख के बीच हैं। जबकि 60 से 79 की उम्र वाले बुजुर्ग 53 लाख से ज्यादा हैं। इनमें भी ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में हैं, जहां एलडीएफ मजबूत है। इसीलिए चुनाव भी पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन यापन की लागत जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमता है। इस बार भी एलडीएफ ने अपनी ज्यादातर कल्याणकारी योजनाओं के केंद्र में इन्हें ही रखा है। जनकल्याण का 48% पैसा बुजुर्गों पर ही खर्च हो रहा है। इनके लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन समेत करीब 46 हजार करोड़ की 4 योजनाएं चल रही हैं। भाजपा अर्ध शहरी तो कांग्रेस पुरानी सीटों पर दम लगा रही चुनाव पर बात नहीं, नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर भास्कर टीम ने एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, अलप्पुझा, पतनमतिट्टा जिलों के कुछ शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों से केरल के नए नाम ‘केरलम’ पर बात की। एलेप्पी में हाउसबोट के मालिक त्रिवेंद्रम एस. ने सिर्फ इतना कहा- हमें फर्क नहीं पड़ता? एर्नाकुलम की जिस मरीन ड्राइव पर बीते दिनों एनडीए की रैली हुई, वहां घूम रहे 29 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर एस. सुरेश कहते हैं कि केरल की पहचान सामाजिक जागरुकता, साक्षरता है। केरलम का कहीं विरोध नहीं है। यह चुनावी मुद्दा है। यहां नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर मिलेंगे, क्योंकि लोग इसे समाज का आईना मानते हैं। फैशन को फॉलो नहीं करते। चुनाव यहां सामाजिक जिंदगी पर असर नहीं डालते। ………………… यह खबर भी पढ़ें… केरल चुनाव 2026, अबकी बार गठबंधन नहीं: चेहरों पर केंद्रित हो रहा चुनावी मुकाबला; पिनाराई सरकार अपने काम गिना रही केरल विधानसभा चुनाव महज दो-तीन महीने दूर है। लोगों ने चर्चा है कि क्या पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा (LDF ) तीसरी बार सत्ता में लौटकर इतिहास रचेगा या कांग्रेस नीत यूडीएफ को नेतृत्व की स्पष्टता और जमीनी सक्रियता का फायदा मिलेगा? नगर निकाय चुनाव में कई शहरी वार्डों में वोट शेयर बढ़ाने वाली भाजपा क्या असर डालेगी? पूरी खबर पढ़ें…

केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

केरल विधानसभा चुनाव: CM विजयन को बुजुगों से बड़ी आस:राज्य में इन पर सबसे ज्यादा खर्च; इस चुनाव में 'कैश' स्कीम्स की भूमिका भी अहम

चुनावों में विचारधारा और कोर वोट बैंक बिना किसी तनाव के कैसे काम करते हैं, इसे गहराई से समझने के लिए केरल सबसे मुफीद राज्य है। यहां 140 सीटों पर विधानसभा चुनावों की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है, लेकिन इन दिनों कहीं भी चुनावी शोर नहीं है, क्योंकि यहां चुनाव विचारधारा ही लीड करती रही है। केरल के बुजुर्ग और महिलाएं इस विचारधारा को लीड करते हैं। बुजुर्ग एलडीएफ के कोर वोट बैंक की रीढ़ हैं। इसलिए विजयन सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का 48% पैसा इन्हीं पर खर्च कर रही है। देश का पहला ‘एल्डरली बजट’ इन्हीं के लिए लेकर आई। यही अहमियत महिलाओं की है। इसे ऐसे समझें… नेदुमकंदम गांव पहुंचा दैनिक भास्कर दैनिक भास्कर मध्य केरल के इडुक्की जिले के इलाइची उत्पादक गांव नेदुमकंदम पहुंचा। यह महिला प्रधान गांव है। यहां आय के दो सोर्स हैं। पहला इलाइची और दूसरा कल्याणकारी योजनाएं। जलवायु परिवर्तन के कारण इलाइची का आकार छोटा और रंग हल्का हो रहा है। इससे निर्यात पर असर पड़ा है और किसानों की आय पर भी। यहां के ग्रामीणों को 3 साल से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) शासित पिनराई विजयन सरकार की योजनाओं से बहुत मदद मिली। लगभग हर परिवार कुदुम्बश्री जैसी देश की सबसे बड़ी स्व सहायता समूह और मुफ्त राशन किट योजनाओं से जुड़ा हुआ है।दैनिक भास्कर ने नेदुमकंदम की किसान रश्मिका वेल्लई (34) से बता की, उन्होंने बताया पहले हम सिर्फ इलाइची पर ही निर्भर थे। अब आत्मनिर्भर हैं। कुदुम्बश्री (करीब 45 लाख महिलाएं) ने घर बैठे कमाने का मौका दिया। देश-दुनिया से जोड़ा। मुफ्त राशन किट ने खर्च बचाया। और सरकार एक हजार रुपए महीना भी दे रही है। मां को पेंशन मिल रही है। अब हमें इलाइची की पैदावार घटने का डर नहीं है। इडुक्की में 43 फीसदी ईसाई आबादी, पहले कांग्रेस-UDF अब LDF का गढ़ इडुक्की में ईसाई आबादी (43.42%) है और 2016 से पहले यह कांग्रेस नीत यूडीएफ का गढ़ रहा है। लेकिन, 2021 में यहां की 5 में से 4 सीटें एलडीएफ ने जीती थीं। समाजशास्त्री, शोधकर्ता व कलाडी संस्कृत विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. सुनील पी. एलाडियम बताते हैं कि राज्य में इस बार 1.38 करोड़ महिला वोटर हैं। 2021 में 1.41 करोड़ थीं। यानी पिछली बार से कम हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पिछले साल वाम सरकार ने नकद राशि वाली योजना लॉन्च की। इस स्कीम से 31 लाख, कुदुम्बश्री से 45 लाख तो सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्कीम से 60 लाख महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं। कुल महिला वोटर का करीब 73%। जनकल्याणकारी योजनाओं का 22% पैसा इन पर खर्च हो रहा है। इसी तरह, राज्य में 115 सीटें ऐसी हैं, जिन्हें मुख्य रूप से ग्रामीण या अर्ध शहरी माना जाता है। इनमें ग्राम पंचायतों का बड़ा हिस्सा होता है और जहां खेती, बागवानी और प्रवासी आय का प्रभाव ज्यादा रहता है। यही एलडीएफ का कोर वोट बैंक भी बन गया है। इसका कारण यह है कि यहां बुजुर्ग और महिलाओं की तादाद ज्यादा है। 98% महिलाओं के पास बैंक खाते हैं। यही वजह है कि कर्ज संकट के बावजूद सीएम पिनराई विजयन ने नकद स्कीम के ​लिए हर साल ₹3800 करोड़ का बोझ उठाया। शी-टैक्सी जैसी कुल 10 ऐसी योजनाएं हैं, जिनसे महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं। युवाओं से ज्यादा हुए बुजुर्ग, 48% पैसा इन्हीं पर खर्च केरल में 2.69 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 18-19 आयु वर्ग के नए युवा मतदाता 4-5 लाख के बीच हैं। जबकि 60 से 79 की उम्र वाले बुजुर्ग 53 लाख से ज्यादा हैं। इनमें भी ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में हैं, जहां एलडीएफ मजबूत है। इसीलिए चुनाव भी पेंशन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन यापन की लागत जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमता है। इस बार भी एलडीएफ ने अपनी ज्यादातर कल्याणकारी योजनाओं के केंद्र में इन्हें ही रखा है। जनकल्याण का 48% पैसा बुजुर्गों पर ही खर्च हो रहा है। इनके लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन समेत करीब 46 हजार करोड़ की 4 योजनाएं चल रही हैं। भाजपा अर्ध शहरी तो कांग्रेस पुरानी सीटों पर दम लगा रही चुनाव पर बात नहीं, नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर भास्कर टीम ने एर्नाकुलम, इडुक्की, कोट्टायम, अलप्पुझा, पतनमतिट्टा जिलों के कुछ शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों से केरल के नए नाम ‘केरलम’ पर बात की। एलेप्पी में हाउसबोट के मालिक त्रिवेंद्रम एस. ने सिर्फ इतना कहा- हमें फर्क नहीं पड़ता? एर्नाकुलम की जिस मरीन ड्राइव पर बीते दिनों एनडीए की रैली हुई, वहां घूम रहे 29 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर एस. सुरेश कहते हैं कि केरल की पहचान सामाजिक जागरुकता, साक्षरता है। केरलम का कहीं विरोध नहीं है। यह चुनावी मुद्दा है। यहां नेताओं से ज्यादा फिल्मों के पोस्टर मिलेंगे, क्योंकि लोग इसे समाज का आईना मानते हैं। फैशन को फॉलो नहीं करते। चुनाव यहां सामाजिक जिंदगी पर असर नहीं डालते। ………………… यह खबर भी पढ़ें… केरल चुनाव 2026, अबकी बार गठबंधन नहीं: चेहरों पर केंद्रित हो रहा चुनावी मुकाबला; पिनाराई सरकार अपने काम गिना रही केरल विधानसभा चुनाव महज दो-तीन महीने दूर है। लोगों ने चर्चा है कि क्या पिनराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा (LDF ) तीसरी बार सत्ता में लौटकर इतिहास रचेगा या कांग्रेस नीत यूडीएफ को नेतृत्व की स्पष्टता और जमीनी सक्रियता का फायदा मिलेगा? नगर निकाय चुनाव में कई शहरी वार्डों में वोट शेयर बढ़ाने वाली भाजपा क्या असर डालेगी? पूरी खबर पढ़ें…

दमोह रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव:भाई ने बताया रात शादी में शामिल हुआ था, वृंदावन में मजदूरी करता था

दमोह रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव:भाई ने बताया रात शादी में शामिल हुआ था, वृंदावन में मजदूरी करता था

दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र के फुटेरा फाटक रेलवे ट्रैक पर रविवार सुबह एक युवक का शव मिला। युवक की मौत ट्रेन से कटकर होने की आशंका है। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। मृतक की पहचान फुटेरा वार्ड चार, कछियाना मोहल्ला निवासी मनीष पटेल (38) पुत्र अनंत राम पटेल के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि मनीष पिछले आठ सालों से मथुरा-वृंदावन में मजदूरी करता था और होली के त्योहार पर कुछ दिन पहले ही घर आया था। भाई ने बताया रात में शादी में शामिल हुआ था मृतक के भाई जितेंद्र पटेल ने जानकारी दी कि शनिवार रात मनीष परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल हुआ था। रविवार सुबह करीब 4 बजे उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। उन्हें भी घटना के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मनीष अविवाहित था। कोतवाली में पदस्थ एसआई सियाराम सिंह ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

उपभोक्ता आयोग से साडा को 13 लाख लौटाने का आदेश:6% ब्याज और मुआवजे के साथ 45 दिन में करना होगा भुगतान

उपभोक्ता आयोग से साडा को 13 लाख लौटाने का आदेश:6% ब्याज और मुआवजे के साथ 45 दिन में करना होगा भुगतान

ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) को एक उपभोक्ता के 13 लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि यह राशि 45 दिन के भीतर लौटाई जाए और उस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाए। मामला थाटीपुर निवासी जय देवी तोमर से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2011 से 2023 के बीच साडा की एक आवासीय योजना में डुप्लेक्स आवंटन के लिए कुल 13 लाख रुपए जमा किए थे। पूरी राशि जमा, न रजिस्ट्री मिली न कब्जा उपभोक्ता ने आयोग में शिकायत करते हुए बताया कि पूरी राशि जमा करने के बावजूद उन्हें न तो मकान की रजिस्ट्री दी गई और न ही कब्जा सौंपा गया। कई बार आवेदन करने के बाद भी प्राधिकरण की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। आयोग ने सेवा में कमी माना सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि प्राधिकरण ने उपभोक्ता से राशि तो ले ली, लेकिन संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया। राशि वापस करने में भी टालमटोल की गई, जिसे आयोग ने सेवा में कमी माना। प्राधिकरण की ओर से दी गई आपत्तियों को आयोग ने निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। ब्याज और मुआवजा देने के निर्देश आयोग ने आदेश दिया कि साडा 13 लाख रुपए 45 दिन के भीतर लौटाए। साथ ही परिवाद दायर करने की तारीख से भुगतान तक इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दे। इसके अलावा उपभोक्ता को मानसिक पीड़ा के लिए 2 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 2 हजार रुपए अलग से देने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण की लापरवाही पर टिप्पणी आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उपभोक्ता से राशि लेने के बावजूद संपत्ति का कब्जा न देना और समय पर पैसा वापस न करना प्राधिकरण की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

इंडियन वेल्स सेमीफाइनल में अल्काराज हारे:मेदवेदेव ने 6-3, 7-6 से हराया, विमेंस सिंगल्स के फाइनल में आर्यना सबालेंका पहुंची; रायबाकिना से होगा मुकाबला

इंडियन वेल्स सेमीफाइनल में अल्काराज हारे:मेदवेदेव ने 6-3, 7-6 से हराया, विमेंस सिंगल्स के फाइनल में आर्यना सबालेंका पहुंची; रायबाकिना से होगा मुकाबला

कैलिफोर्निया में चल रहे इंडियन वेल्स ओपन में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज को मेन्स सिंगल्स के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। रूस के डेनियल मेदवेदेव ने अल्काराज को सीधे सेटों में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। अल्काराज ने साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलिया ओपन अपने नाम किया था। वहीं, विमेंस सिंगल्स में टॉप सीड आर्यना सबालेंका ने अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए फाइनल में जगह बना ली है। अब खिताब के लिए उनका मुकाबला एलिना रायबाकिना से होगा मेदवेदेव ने अल्काराज को संभलने का मौका नहीं दिया मेन्स सिंगल्स के पहले सेमीफाइनल में डेनियल मेदवेदेव और कार्लोस अल्काराज 6-3, 7-6(3) से हराया। रूसी खिलाड़ी ने पहले सेट में शुरुआती ब्रेक लेकर मैच पर नियंत्रण बना लिया और पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में अल्काराज ने वापसी की कोशिश की और खेल को टाई-ब्रेकर तक खींच ले गए। हालांकि, टाई-ब्रेक में मेदवेदेव ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए 7-6(3) से जीत दर्ज की और फाइनल का टिकट पक्का किया। जैनिक सिनर से होगा मेदवेदेव का फाइनल मुकाबला खिताबी मुकाबले में मेदवेदेव के सामने वर्ल्ड नंबर-2 जैनिक सिनर की चुनौती होगी। सिनर ने दूसरे सेमीफाइनल में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को एकतरफा अंदाज में 6-2, 6-4 से मात दी। ज्वेरेव ATP मास्टर्स-1000 के सभी नौ टूर्नामेंट में सेमीफाइनल खेलने वाले सिर्फ पांचवें खिलाड़ी हैं। उनसे पहले राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच, रोजर फेडरर और एंडी मरे यह उपलब्धि हासिल किया था। सबालेंका ने लिंडा नोस्कोवा को सीधे सेटों में हराया विमेंस सिंगल्स सेमीफाइनल में बेलारूस की आर्यना सबालेंका का दबदबा देखने को मिला। उन्होंने चेक रिपब्लिक की लिंडा नोस्कोवा को 6-3, 6-4 से शिकस्त दी। एलिना रायबाकिना ने स्विटोलिना को मात दी दूसरे विमेंस सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की एलिना रायबाकिना ने यूक्रेन की एलिना स्विटोलिना को कड़े मुकाबले में 7-5, 6-4 से हराया। पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी की टक्कर देखने को मिली, लेकिन रायबाकिना ने अहम मौकों पर ब्रेक पॉइंट हासिल कर सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी और जीत हासिल कर सबालेंका के साथ खिताबी भिड़ंत तय की। ————————————- पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की तुलना अपने देश के स्पिनर उस्मान तारिक से की है। आकिब ने शनिवार को लाहौर में कहा- ‘बुमराह का गेंदबाजी एक्शन अलग है, जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके खिलाफ लय में नहीं आ पाते।’पूरी खबर

धुरंधर 2 ने रिलीज से पहले कमाए ₹27.13 करोड़:पेड प्रीव्यू शो में 5.38 लाख टिकट बिके, ‘बाहुबली 2’ और ‘स्त्री 2’ को पीछे छोड़ा

धुरंधर 2 ने रिलीज से पहले कमाए ₹27.13 करोड़:पेड प्रीव्यू शो में 5.38 लाख टिकट बिके, ‘बाहुबली 2’ और ‘स्त्री 2’ को पीछे छोड़ा

डायरेक्टर आदित्य धर और एक्टर रणबीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 ने औपचारिक रिलीज से पहले ही पेड प्रीव्यू में इतिहास रच दिया है। धुरंधर 2 ने रिलीज से पहले पेड प्रीव्यू के जरिए करीब 27.13 करोड़ रुपए की कमाई की है। फिल्म ने ‘दे कॉल हिम ओजी’ और ‘बाहुबली 2’ को पीछे छोड़ दिया। यह कलेक्शन ‘स्त्री 2’ के 8.5 करोड़ के मुकाबले लगभग तीन गुना है। आमतौर पर निर्माता प्रदर्शन से पहले दर्शकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए कुछ चुनिंदा पेड प्रीव्यू शो रखते हैं। 19 मार्च को धुरंधर 2 रिलीज होगी। इससे पहले 18 मार्च को देशभर में 9550 पेड प्रीव्यू शो रखे गए हैं। इसकी 5.38 लाख टिकटें बिक चुकी हैं। मुंबई में एक टिकट की कीमत 3100 रु. तक रही, जबकि दिल्ली में 2400 रु. रही। इस तरह फिल्म रिलीज से पहले ही भारत में 27.13 करोड़ रु. कमा चुकी है। यदि पहले से ब्लॉक की गई टिकटों को जोड़ लें तो कमाई 31.9 करोड़ रु. तक पहुंच जाएगी। दुनियाभर में बुक हुए पेड प्रीव्यू शो की कमाई देखें तो यह 60 करोड़ रु. तक पहुंचती है। अमेरिका में 690 स्थानों पर 1765 शो रखे गए हैं। इनके 67 हजार टिकट बुक हो चुके हैं। पूरे उत्तरी अमेरिका में कमाई 13.1 लाख डॉलर (12.12 करोड़ रु.) हो चुकी है। फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श के मुताबिक धुरंधर 2 हिंदी फिल्म इतिहास का नया बेंचमार्क गढ़ने जा रही है। रिलीज के पहले दिन 19 मार्च को फिल्म 200 करोड़ रु. की वैश्विक कमाई कर सकती है। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह के अलावा अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर. माधवन भी नजर आएंगे। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है। फिल्म को पांच भाषाओं – हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज किया जाएगा। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,303 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹836.95 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई है।

'धुरंधर 2' ने रिलीज से पहले कमाए ₹27.13 करोड़:पेड प्रीव्यू शो में 5.38 लाख टिकट बिके, ‘बाहुबली 2’ और ‘स्त्री 2’ को पीछे छोड़ा

धुरंधर 2 ने रिलीज से पहले कमाए ₹27.13 करोड़:पेड प्रीव्यू शो में 5.38 लाख टिकट बिके, ‘बाहुबली 2’ और ‘स्त्री 2’ को पीछे छोड़ा

डायरेक्टर आदित्य धर और एक्टर रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज से पहले ही पेड प्रीव्यू में रिकॉर्ड बना दिया। ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज से पहले पेड प्रीव्यू के जरिए करीब ₹27.13 करोड़ की कमाई की है। फिल्म ने ‘दे कॉल हिम ओजी’ (₹23 करोड़) और ‘बाहुबली 2’ (₹22 करोड़) को पीछे छोड़ दिया। यह कलेक्शन ‘स्त्री 2’ के ₹8.5 करोड़ के मुकाबले लगभग तीन गुना है। आमतौर पर निर्माता प्रदर्शन से पहले दर्शकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए कुछ चुनिंदा पेड प्रीव्यू शो रखते हैं। 19 मार्च को धुरंधर 2 रिलीज होगी। इससे पहले 18 मार्च को देशभर में 9550 पेड प्रीव्यू शो रखे गए हैं। इसकी 5.38 लाख टिकटें बिक चुकी हैं। मुंबई में एक टिकट की कीमत 3100 रुपए तक रही, जबकि दिल्ली में 2400 रुपए रही। इस तरह फिल्म रिलीज से पहले ही भारत में ₹27.13 करोड़ कमा चुकी है। यदि पहले से ब्लॉक की गई टिकटों को जोड़ लें तो कमाई ₹31.9 करोड़ तक पहुंच जाएगी। दुनियाभर में बुक हुए पेड प्रीव्यू शो की कमाई देखें तो यह ₹60 करोड़ तक पहुंचती है। अमेरिका में 690 स्थानों पर 1765 शो रखे गए हैं। इनके 67 हजार टिकट बुक हो चुके हैं। पूरे उत्तरी अमेरिका में कमाई 13.1 लाख डॉलर (₹12.12 करोड़) हो चुकी है। फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श के मुताबिक धुरंधर 2 हिंदी फिल्म इतिहास का नया बेंचमार्क गढ़ने जा रही है। रिलीज के पहले दिन 19 मार्च को फिल्म ₹200 करोड़ की वैश्विक कमाई कर सकती है। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह के अलावा अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर. माधवन भी नजर आएंगे। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है। फिल्म को पांच भाषाओं – हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज किया जाएगा। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,303 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹836.95 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई है।

जंग के बीच लंदन में घर खोजना मुश्किल:एक हफ्ते का किराया 3-4 लाख रुपए; लेबनान में 2 लाख बच्चे बेघर, 20 PHOTOS

जंग के बीच लंदन में घर खोजना मुश्किल:एक हफ्ते का किराया 3-4 लाख रुपए; लेबनान में 2 लाख बच्चे बेघर, 20 PHOTOS

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 16वां दिन है। इस बीच मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण बड़ी संख्या में ब्रिटिश प्रवासी दुबई से वापस लौट रहे हैं। इसके चलते लंदन में किराए के घरों की मांग अचानक बढ़ गई है। डेली मेल के मुताबिक, कई लोग सुरक्षा के कारण जल्दी शिफ्ट होना चाहते हैं और एक हफ्ते के लिए 3 से 4 लाख रुपए तक देने को तैयार हैं। वहीं, हमलों के कारण ईरान में लगभग 20,000 नागरिक इमारतें प्रभावित हुईं, जिसमें 16,000 घर शामिल थे। 77 स्वास्थ्य सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई, 65 स्कूल तबाह हुए। लेबनान में भी इजराइली हमले जारी है, जिसके कारण करीब 8 लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। अल जजीरा के मुताबिक इनमें 2 लाख से ज्यादा बच्चे हैं। 20 तस्वीरों में जंग से बदहाल जिंदगी…. जंग के बीच बचपन हमले की तस्वीरें लंदन में किराया संकट अस्पताल पर हमला जंग में हजारों घर तबाह ———————– ये खबर भी पढ़ें… ईरान बोला- नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक: उन्हें कोई चोट नहीं; ट्रम्प बोले- बाकी देश भी होर्मुज स्ट्रेट की जिम्मेदारी लें अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 16वां दिन है। इस बीच ईरान ने कहा है कि देश के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें कोई चोट नहीं लगी है। पूरी खबर पढ़ें…

बुरहानपुर में 4 घंटे बिजली आपूर्ती ठप:सी.के.ग्रीन्स, वल्लभ नगर, गुरु गोविंद सिंह कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में सप्लाई ठप

बुरहानपुर में 4 घंटे बिजली आपूर्ती ठप:सी.के.ग्रीन्स, वल्लभ नगर, गुरु गोविंद सिंह कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में सप्लाई ठप

बुरहानपुर में रविवार, 15 मार्च को सुबह 7 बजे से 11 बजे तक शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री (शहर) ने इसकी जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार 11 केवी सी.के. ग्रीन फीडर पर आवश्यक रखरखाव कार्य किया जाना है। इसी कारण निर्धारित समय के दौरान बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। इन इलाकों में सप्लाई रहेगी ठप बिजली कटौती से सी.के. ग्रीन्स कॉलोनी, बीज निगम बहादरपुर रोड, वल्लभ नगर, गुरु गोविंद सिंह कॉलोनी और चाणक्यपुरी सहित आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी ने बताया कि रखरखाव कार्य की स्थिति के अनुसार बिजली बंद रहने की अवधि में कमी या बढ़ोतरी भी की जा सकती है। इसलिए लोगों से आवश्यक तैयारी रखने की अपील की गई है।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी:MP-राजस्थान, यूपी-बिहार में भी बारिश का अलर्ट; पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से तापमान गिरने के आसार

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी:MP-राजस्थान, यूपी-बिहार में भी बारिश का अलर्ट; पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से तापमान गिरने के आसार

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। इसी के साथ पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली में भी ऐसी ही चेतवानी जारी की गई है। विभाग के मुताबिक अगरे 3-4 दिन मौसम ऐसा ही रहने के आसार हैं। इधर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यूपी के पूर्वी क्षेत्र में ओले गिरने के भी आसार हैं। इससे पहले इन राज्यों में हीटवेव के कारण तापमान 40°C तक पहुंच गया था। पूर्वोत्तर के राज्यों में भी पिछले कई दिनों से लगातार बारिश का मौसम जारी है। मौसम विभाग ने बताया कि यहां अभी कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। विभाग ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने के कारण तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जाएगी लेकिन कुछ दिनों बाद गर्मी में बढ़ोतरी देखी जाएगी। क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ… पश्चिमी विक्षोभ मौसम की एक ऐसा सिस्टम है जो भारत के उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और ठंडी हवाएं लेकर आता है। इसे अंग्रेजी में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कहा जाता है। यह हवा और बादलों का एक समूह होता है जो पश्चिम दिशा से (यूरोप, भूमध्य सागर क्षेत्र से) चलकर अफगानिस्तान-पाकिस्तान होते हुए भारत तक आता है। जब यह भारत पहुंचता है, तो उत्तर भारत में बारिश और हिमालय में बर्फबारी करवाता है। उदाहरण से समझें… मान लीजिए आसमान में बादलों का एक झुंड पश्चिम से चलता हुआ आता है। जैसे ही यह जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ों से टकराता है, पहाड़ों में बर्फबारी होती है। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बारिश हो सकती है। कब ज्यादा सक्रिय होता है… अगले 2 दिन मौसम का हाल…