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‘समय की ज़रूरत’: कर्नाटक कांग्रेस के पहली बार चुने गए 31 विधायकों ने खड़गे को पत्र लिखकर कैबिनेट में जगह मांगी | भारत समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Bhagyathara BT-42 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:23 फ़रवरी 2026, 15:56 IST पत्र में विधायकों ने बताया कि जब 34 सदस्यीय सिद्धारमैया के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का गठन हुआ था, तो पहली बार चुने गए किसी भी विधायक को मंत्री पद नहीं दिया गया था। सिद्धारमैया के साथ राहुल गांधी | फ़ाइल छवि कर्नाटक कांग्रेस के पहली बार चुने गए 31 विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर नेतृत्व से अगले कैबिनेट फेरबदल के दौरान नए और युवा चेहरों को जगह देने का आग्रह किया है और इसे “समय की जरूरत” बताया है। पत्र, जिसे राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित वरिष्ठ नेताओं को भी संबोधित किया गया है, कैबिनेट विस्तार की चर्चा के बीच पहली बार विधायकों के लिए मंत्री पद की मांग करता है। हस्ताक्षरकर्ताओं में मांड्या विधायक रविकुमार गौड़ा गनिगा, विराजपेट विधायक एएस पोन्नन्ना और पावागड़ा विधायक एचवी वेंकटेश सहित अन्य शामिल हैं। पत्र में, विधायकों ने बताया कि जब 34 सदस्यीय सिद्धारमैया के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का गठन किया गया था, तो निर्णायक जनादेश के साथ कांग्रेस के सत्ता में आने के बावजूद, पहली बार विधायक बने किसी भी व्यक्ति को मंत्री पद नहीं दिया गया था। पत्र में कहा गया है, “यह समय की मांग है कि युवा, गतिशील और सक्रिय पहली बार चुने गए विधायकों को कैबिनेट में मंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर प्रदान किया जाए।” विधायकों ने अनुरोध किया है कि जब भी मुख्यमंत्री, कांग्रेस आलाकमान और उपमुख्यमंत्री के परामर्श से कैबिनेट में फेरबदल करें, तो कम से कम पांच पहली बार के विधायकों को जगह दी जाए। विधायकों ने आगे तर्क दिया कि नए लोगों को मंत्री पद की जिम्मेदारियां देना अभूतपूर्व नहीं है, यह देखते हुए कि देश भर में कई राज्य सरकारों का नेतृत्व पहली बार मुख्यमंत्री बने विधायकों ने किया है, जबकि कई अन्य को मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल कुछ समय से चल रहा है, सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार पिछले चार महीनों में नई दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ अलग-अलग और समानांतर बैठकें कर रहे हैं। हालाँकि, 34 सदस्यीय मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : कर्नाटक, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 23 फरवरी, 2026, 15:55 IST न्यूज़ इंडिया ‘समय की जरूरत’: कर्नाटक कांग्रेस के पहली बार चुने गए 31 विधायकों ने खड़गे को पत्र लिखकर कैबिनेट में जगह मांगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

दावा- रणवीर की ‘धुरंधर 2’ में इमरान हाशमी की एंट्री:बड़े साहब के रोल को लेकर सस्पेंस, विलेन बनेंगे या कहानी में लाएंगे ट्विस्ट

दावा- रणवीर की ‘धुरंधर 2’ में इमरान हाशमी की एंट्री:बड़े साहब के रोल को लेकर सस्पेंस, विलेन बनेंगे या कहानी में लाएंगे ट्विस्ट

बॉलीवुड की सबसे प्रतीक्षित फिल्मों में से एक ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ के बारे में बड़ी खबर सामने आई है। रणवीर सिंह की इस ब्लॉकबस्टर सीक्वल फिल्म में अब एक सस्पेंस कर देने वाला अपडेट आया है, जो बड़े साहब के किरदार से जुड़ा है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और फिल्म जगत में इस किरदार को लेकर खूब चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन अब Letterboxd की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार बड़े साहब की भूमिका में इमरान हाशमी के शामिल होने की बात सामने आई है। पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि बड़े साहब दाऊद इब्राहिम जैसे असली गैंगस्टर या कुछ बड़े सपोर्टिंग किरदार से इंस्पायर हो सकता है। लेकिन अब सामने आए लीक कास्ट लिस्ट में इमरान हाशमी का नाम शामिल होने से फैंस के बीच उत्साह और बढ़ गया है। हालांकि, यह जानकारी अभी फिल्म के मेकर्स द्वारा आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। यानी यह कहना जल्दबाजी होगा कि इमरान हाशमी बड़े साहब का किरदार निभा रहे हैं या वे किसी अन्य रोल में होंगे। फिल्म में इमरान हाशमी की एंट्री की खबर ने सोशल मीडिया पर तेज प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं। चर्चा इस बात की हो रही है कि इमरान फिल्म में मुख्य खलनायक की भूमिका में होंगे या कहानी में कोई अलग मोड़ लेकर आएंगे। पहले भी कई अफवाहें थीं कि धुरंधर 2 में बड़े साहब दाऊद इब्राहिम या किसी और कुख्यात नाम पर आधारित हो सकता है, लेकिन अब इस कयास पर थोड़ा सस्पेंस बना हुआ है। धुरंधर 2 के निर्देशक आदित्य धर की पहली फिल्म धुरंधर ने पिछले साल बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी। यह फिल्म भारत और विदेशों में रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने में सफल रही और रणवीर सिंह के करियर की एक नई ऊंचाई साबित हुई। वहीं, सीक्वल की तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं और इसके टीजर तथा प्रोमो को भी दर्शकों ने खूब सराहा है। फिल्म की रिलीज तिथि भी पहले से तय है और 19 मार्च 2026 को बड़े पर्दे पर धुरंधर 2 आने वाली है। इसी दिन यह फिल्म यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक के साथ बॉक्स ऑफिस पर आमने-सामने आ रही है, जो खुद एक बड़ा पैन-इंडिया प्रोजेक्ट है।

भिंड में फूड सेफ्टी विभाग का अवैध डेयरी पर छापा:रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज मिलाकर तैयार हो रहा था मावा, सैंपल जांच के लिए भेजे

भिंड में फूड सेफ्टी विभाग का अवैध डेयरी पर छापा:रिफाइंड ऑयल और ग्लूकोज मिलाकर तैयार हो रहा था मावा, सैंपल जांच के लिए भेजे

भिंड के मौ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध डेयरी में मिलावटी मावा बनाने का भंडाफोड़ किया। जांच में सामने आया कि दूध से क्रीम निकालकर उसमें रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ड्रायड ग्लूकोज पाउडर मिलाकर मावा तैयार किया जा रहा था। मौके से बड़ी मात्रा में मावा, दूध और मिलावटी सामग्री जब्त कर नमूने जांच के लिए भेजे गए। ग्राम तारौली में की गई छापामार कार्रवाई जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी और रीना बंसल ने मौ स्थित ग्राम तारौली निवासी लल्लू सिंह परिहार की डेयरी पर छापामार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान डेयरी में तीन टीन रिफाइंड पामोलिन ऑयल, 10 किलोग्राम ड्रायड ग्लूकोज पाउडर, तीन टीन घी, लगभग 50 किलोग्राम मावा और करीब एक क्विंटल दूध संग्रहित पाया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि डेयरी पर दूध से क्रीम अलग कर शेष दूध में रिफाइंड पामोलिन ऑयल और ग्लूकोज पाउडर मिलाकर कृत्रिम रूप से मावा तैयार किया जा रहा था। मौके पर डेयरी संचालक के पास खाद्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं मिला। नमूने जांच के लिए भेजे, डेयरी बंद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दूध, मावा, रिफाइंड पामोलिन ऑयल एवं ग्लूकोज पाउडर के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। संबंधित सामग्री को जब्त कर डेयरी संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। इसी क्रम में मौ स्थित रघुराज डेयरी, ग्राम खेरियाचांद से मावा तथा सावित्री डेयरी से भी मावा के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मशरूम है सेहत का सुपरफूड! दिल, डायबिटीज और वजन कंट्रोल में फायदेमंद, जानें एक्सपर्ट की राय – Uttar Pradesh News

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रायबरेली. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सेहतमंद रहने के लिए अपने खानपान पर विशेष ध्यान दे रहे हैं. ऐसे में मशरूम एक ऐसा सुपरफूड बनकर उभरा है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ख्याल रखता है. पोषक तत्वों से भरपूर मशरूम का नियमित सेवन शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में मददगार साबित हो सकता है. रायबरेली के आयुष चिकित्सा विशेषज्ञ गौरव कुमार ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि मशरूम में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन बी, विटामिन डी, आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. खास बात यह है कि इसमें कैलोरी और फैट बहुत कम होता है, जिससे यह वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है. मशरूम मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. हृदय रोगों से बचाव में कारगरगौरव कुमार के मुताबिक, मशरूम हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव में अहम भूमिका निभाता है. इसमें मौजूद फाइबर और पोटैशियम रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है. इसके अलावा, मशरूम में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होते हैं. डायबिटीज और हड्डियों के लिए फायदेमंदमशरूम डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी माना जाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. साथ ही, विटामिन डी की मौजूदगी हड्डियों को मजबूत बनाती है और जोड़ों के दर्द में राहत दिलाने में सहायक हो सकती है. त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारीमशरूम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और समय से पहले बूढ़ा होने के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं. इसके पोषक तत्व बालों को मजबूत और चमकदार बनाने में भी सहायक हैं. ऐसे करें सेवनविशेषज्ञों के अनुसार, मशरूम को सब्जी, सूप, सलाद या स्नैक्स के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है. हालांकि, इसे हमेशा ताजा और साफ-सुथरे तरीके से पकाकर ही सेवन करना चाहिए, ताकि इसके पोषक तत्वों का पूरा लाभ मिल सके.

अनिल अंबानी को बैंक 'फ्रॉड' घोषित कर सकेंगे:₹40 हजार करोड़ की धोखाधड़ी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला, पहले राहत दी थी

अनिल अंबानी को बैंक 'फ्रॉड' घोषित कर सकेंगे:₹40 हजार करोड़ की धोखाधड़ी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला, पहले राहत दी थी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज यानी 23 फरवरी को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को मिला राहत का आदेश रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद अब बैंक उन्हें ‘फ्रॉड’ घोषित करने की कार्यवाही फिर से शुरू कर पाएंगे। इससे पहले कोर्ट ने 40 हजार करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड मामले में बैंकों की इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। बैंकों ने नियमों का पालन नहीं किया जनवरी में बैंकों ने दी थी चुनौती बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और IDBI बैंक ने जनवरी 2026 में सिंगल बेंच के स्टे ऑर्डर को चुनौती दी थी। बैंकों का तर्क था कि वे फॉरेंसिक ऑडिट के आधार पर कार्यवाही करना चाहते हैं। अब बैंक कानून के मुताबिक आगे की कार्यवाही कर सकेंगे। अंबानी बोले- बिना अनुमति देश नहीं छोडूंगा पिछले हफ्ते अनिल अंबानी ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि वे देश छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और बिना अनुमति के विदेश यात्रा नहीं करेंगे। अनिल अंबानी ने ये भी कहा था कि रिलायंस ग्रुप (ADAG) की कंपनियों के खिलाफ चल रही ED और CBI की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने SIT बनाने के दिए थे निर्देश इसी महीने की शुरुआत में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने मामले की जांच में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसियों (ED और CBI) से पूछा था कि जांच में इतना वक्त क्यों लग रहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने ED को एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया था ताकि 40,000 करोड़ के इस कथित घोटाले की जांच में तेजी लाई जा सके।

आलू VS शकरकंद: आलू या फिर शकरकंद…ब्लड शुगर में सबसे ज्यादा खतरनाक कौन है?

आलू VS शकरकंद: आलू या फिर शकरकंद...ब्लड शुगर में सबसे ज्यादा खतरनाक कौन है?

आलू बनाम शकरकंद: रसोई में आलू को ‘सब्जियों का राजा’ कहा जाता है, वहीं शकरकंद को अक्सर व्रत या समुद्र के किनारे के तौर पर देखा जाता है। लेकिन जब बात स्वास्थ्य और खासकर ब्लड शुगर की होती है, तो इन दोनों में स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों से पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सबसे बेहतर कौन है? आइए जानते हैं कि आपके स्वास्थ्य और शुगर लेवल के लिए इन दोनों में से कौन बेहतर है। आलू और शकरकंद में सबसे ज्यादा बेहतर क्या है? अगर बात आलू की करें तो इसमें पोटैशियम और विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है। यह ऊर्जा का एक स्रोत है। हालाँकि, इसमें काफी मात्रा में साबुत पदार्थ पाए जाते हैं और स्ट्राबेरी की मात्रा में चिप्स का पैकेट के बाद कम हो जाता है।वहीं शकरकंद विटामिन ए का भंडार है। इसमें आलू की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन को धीमा कर देता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। गैलेक्टेमिक आणविक से पता ब्लड शुगर के लिए शुगरकंद में मौजूद ब्लड शुगर का सेवन करने से मदद मिलती है। इसके अलावा, इसमें ‘मैग्नीशियम’ और ‘एडिपोनेक्टिन’ नामक हार्मोन को रेग्युलेट करने की क्षमता होती है, जो कि एक्सेल मेटाबोलिज्म में सुधार करता है।अगर आप आलू खाना ही चाहते हैं, तो उन्हें आलूकर ठंडा कर लें। ठंडा होने पर आलू में ‘रेज़िस्टेंट सस्टेरा’ बढ़ता जाता है, जो शुगर लेवल को कम प्रभावित करता है। जो आपकी सेहत के लिए बढ़िया है।

ग्लोबल टूरिज्म 2026, दुनिया को मिलेंगे 4 सबसे भव्य म्यूजियम:लॉस एंजिलिस में 'स्पेसशिप', अबू धाबी में कांच के पुल पर गैलरी के साथ बेल्जियम में दिखेगा कार फैक्ट्री म्यूजियम

ग्लोबल टूरिज्म 2026, दुनिया को मिलेंगे 4 सबसे भव्य म्यूजियम:लॉस एंजिलिस में 'स्पेसशिप', अबू धाबी में कांच के पुल पर गैलरी के साथ बेल्जियम में दिखेगा कार फैक्ट्री म्यूजियम

वर्ष 2026 वैश्विक संस्कृति और पर्यटन के लिए बेहद खास होने वाला है। अमेरिका के लॉस एंजिलिस से लेकर मध्य एशिया तक दुनिया के चार सबसे प्रतीक्षित म्यूजियम खुलने जा रहे हैं। ये प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र न केवल शहरों की स्काईलाइन बदलेंगे, बल्कि पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। इनमें हॉलीवुड निर्देशक जॉर्ज लुकास का लगभग 9 हजार करोड़ रु. का नैरेटिव आर्ट म्यूजियम और मशहूर आर्किटेक्ट फ्रैंक गेहरी द्वारा डिजाइन किया गया अबू धाबी का गुगेनहाइम प्रमुख है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम में भी कला केंद्र तैयार हो रहे हैं। 1- अमेरिका- यूएफओ जैसा म्यूजियम लॉस एंजिलिस (अमेरिका) के एक्स पोजिशन पार्क में बन रहा यह म्यूजियम सितंबर तक खुलेगा। 11 एकड़ में फैले परिसर की लागत लगभग 9 हजार करोड़ रु. है। इसका आकार उड़न तश्तरी (यूएफओ-स्पेसशिप) जैसा है। इसमें हॉलीवुड फिल्म ‘स्टार वॉर्स’ के असली प्रॉप्स सहित 40 हजार कलाकृतियां होंगी। 2 – अबू धाबी – धातु की चादरों से बना है यह गुगेनहाइम अबू धाबी म्यूजियम यूएई के सादियात द्वीप पर बन रहा है। यहां कांच के पुलों पर गैलरियां बनाई गई हैं। इसकी लागत लगभग 9 हजार करोड़ रु. है। इसे आर्किटेक्ट फ्रैंक गेहरी ने धातु की चादरों और पाल जैसा डिजाइन किया। यहां जैक्सन पोलक जैसे कलाकारों की कलाकृतियां दिखाई जाएंगी। 3 – शिकागो में ओबामा का वाइट हाउस अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामा का यह ड्रीम प्रोजेक्ट शिकागो के साउथ साइड में बन रहा है, जो जून 2026 में खुलेगा। 6350 करोड़ रु. की लागत है। इसकी बड़ी खासियत वाइट हाउस के ‘ओवल ऑफिस’ (राष्ट्रपति का मुख्य दफ्तर) की हूबहू प्रतिकृति होगी। ये 8 मंजिला इमारत ग्रेनाइट पत्थर से बनी है। 4 – बेल्जियम – कार फैक्ट्री म्यूजियम बनी बेल्जियम के ब्रसल्स में बन रहा यह कनाल-पॉम्पिडू म्यूजियम नवंबर तक खुलेगा। इसे 40 हजार वर्ग मीटर में फैली 1930 के दशक की कार फैक्ट्री को आधुनिक रूप देकर बनाया गया है। यहां पाब्लो पिकासो और हेनरी माटिस जैसे महान चित्रकारों की 350 से ज्यादा कलाकृतियां रखी जाएंगी। यह पुराने औद्योगिक भवनों को नया रूप देगा।

हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिवर्तन का असर:11वीं सदी के मठों में इस बार बर्फ का सूखा, 47% कम हुई बर्फबारी

हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिवर्तन का असर:11वीं सदी के मठों में इस बार बर्फ का सूखा, 47% कम हुई बर्फबारी

इस बार कई पहाड़ी इलाकों में देर से ही सही, पर भारी बर्फबारी के बावजूद हिमाचल में जलवायु परिवर्तन का असर साफ दिख रहा है। 11वीं शताब्दी से अडिग खड़े ऐतिहासिक बौद्ध मठ हों या 13,596 फीट की ऊंचाई पर बना एशिया का सबसे ऊंचा चिचम ब्रिज-ये सभी आज कम बर्फबारी के कारण अपनी पहचान खो रहे हैं। कभी सर्दियों में 7 फीट तक बर्फ की मोटी चादर में लिपटे रहने वाले देश के पहले मतदाता श्याम शरण नेगी के कल्पा जैसे गांव अब ‘स्नो ड्राउट’ (बर्फ के सूखे) की चपेट में हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1991-2000 के दशक की तुलना में दिसंबर की बर्फबारी में 86% और जनवरी में 47% तक की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। विरासत जो संकट में हैं बौद्ध मठ: 1008-1064 ई. का मठ (गोम्पा) स्पीति घाटी में 13,668 फीट की ऊंचाई पर पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। यहां सैकड़ों लामा रहते हैं। चिचम ब्रिज: चिचम ब्रिज 13,596 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसे एशिया में सबसे ऊंचाई पर बने पुल का दर्जा ​है।

फरहान अख्तर की ‘बूंग' ने BAFTA में रचा इतिहास:चिल्ड्रन्स एंड फैमिली कैटेगरी में जीता अवॉर्ड, 2024 में रिलीज हुई थी फिल्म

फरहान अख्तर की ‘बूंग' ने BAFTA में रचा इतिहास:चिल्ड्रन्स एंड फैमिली कैटेगरी में जीता अवॉर्ड, 2024 में रिलीज हुई थी फिल्म

ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स (BAFTA) 2026 में भारतीय फिल्म ‘बूंग’ ने इतिहास रच दिया है। फरहान अख्तर की मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने 79वें बाफ्टा अवॉर्ड्स में चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीता है। इस मौके पर फिल्म के मेकर्स रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर, लक्ष्मीप्रिया देवी और एलन मैकएलेक्स मौजूद रहे। इस फिल्म ने ‘जूटोपिया 2’, ‘लिलो एंड स्टिच’ और ‘आर्को’ जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को पछाड़ते हुए यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड अपने नाम किया। जानिए ‘बूंग’ फिल्म के बारे में ‘बूंग’ साल 2024 में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है, जबकि इसे प्रोड्यूसर फरहान अख्तर ने किया है। फिल्म की कहानी एक छोटे लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी मां को एक खास तोहफा देकर सरप्राइज करना चाहता है। उसे लगता है कि उसके पिता, जो उनके साथ नहीं रहते, उन्हें घर वापस लाना ही सबसे कीमती तोहफा होगा। पिता की तलाश में निकले इस सफर में उसकी दुनिया बदल जाती है, लेकिन अंत में उसे ऐसा तोहफा मिलता है जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी। इस फिल्म का प्रदर्शन टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024 और वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल समेत कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी किया गया था। ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स (BAFTA) 2026 में भारतीय फिल्म ‘बूंग’ ने इतिहास रच दिया है। फरहान अख्तर की मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने 79वें बाफ्टा अवॉर्ड्स में चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीता है। इस मौके पर फिल्म के मेकर्स रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर, लक्ष्मीप्रिया देवी और एलन मैकएलेक्स मौजूद रहे। फिल्म की कहानी एक छोटे लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी मां को एक खास तोहफा देकर सरप्राइज करना चाहता है। उसे लगता है कि उसके पिता, जो उनके साथ नहीं रहते, उन्हें घर वापस लाना ही सबसे कीमती तोहफा होगा। पिता की तलाश में निकले इस सफर में उसकी दुनिया बदल जाती है, लेकिन अंत में उसे ऐसा तोहफा मिलता है जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

लेमन पॉसेट रेसिपी: बिना आंखों के सिर्फ 10 मिनट में तैयार होगी यह शाही मलाईदार मिठाई, जानें आसान रेसिपी और विधि

लेमन पॉसेट रेसिपी: बिना आंखों के सिर्फ 10 मिनट में तैयार होगी यह शाही मलाईदार मिठाई, जानें आसान रेसिपी और विधि

नींबू पोसेट रेसिपी: अक्सर जब भी हम किसी ‘शाही’ या ‘क्लासिक’ मिठाई के बारे में बात करते हैं, तो हमारे मन में घड़े की मेहनत, मिलावट का इस्तेमाल या बहुत साडी सामग्री का पता चलता है। क्या आप दुनिया की सबसे बेहतरीन और मलाईदार मिठाइयों में से एक लेमन पॉसेट सिर्फ 3 सामग्री और 10 मिनट में बना सकते हैं? बता दें, लेमन पॉसेट एक क्लासिक ब्रिटिश डेजर्ट है जिसका स्वाद आपके लिए उतना ही आसान है, जिसे बनाना बेहद आसान है। ना तो इसमें अंडे की जरूरत है, ना ही किसान या जिलेटिन की। आइये इस लेख में लेमन पॉसेट बनाने की रेसिपी के बारे में विस्तार से जानते हैं। यह एक चॉकलेट, मलाईदार और नींबू का स्वाद वाला डेजर्ट है। इसकी खासियत यह है कि इसमें रस क्रीम के साथ मिलकर डिश तैयार की जाती है। जिससे यह बिना किसी एक्स्ट्राल्ट वर्क के अपने आप सेट हो जाता है। इसका टेक्सचर मखमली और स्वाद कनेक्टिविटी-मीठा होता है। लेमन पॉसेट कैसे बनाएं?