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आजमगढ़ में आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा, 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सक के साथ मिलेगी बेहतर सुविधा

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Last Updated:February 23, 2026, 22:30 IST आजमगढ़ जिले में मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा मिलेगी. अब सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज भी उपलब्ध होगा. पहले चरण में 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां मरीज आयुर्वेदिक दवाइयों जैसे काढ़ा, तेल और जड़ी बूटियों से इलाज करवा सकेंगे. ख़बरें फटाफट आजमगढ़. जिले में अब मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक नई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, मंडलीय अस्पताल के साथ-साथ सीएचसी व पीएचसी सेंटरों पर भी अब एलोपैथ दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी. मरीज को आयुर्वेदिक उपचार के लिए शहर मुख्यालय की भाग दौड़ नहीं करनी होगी. उन्हें अब अंग्रेजी दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज उपलब्ध होगा और साथ ही दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएगी. पहले चरण में 25 अस्पतालों पर शुरू होगी यह व्यवस्थाग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सस्ता सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहले चरण में जिले 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चिकित्सकों के बैठने के लिए अलग से ओपीडी कक्ष की व्यवस्था होगी, जिसमें अस्पताल में आने वाले मरीजों को एलोपैथ के अलावा आयुर्वेदिक उपचार का विकल्प भी उपलब्ध होगा. समस्याओं को बताते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सकीय सलाह प्राप्त करते हुए दवाइयां भी प्राप्त कर सकेंगे. जड़ी बूटियां से संभव होगा इलाजइसके लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पहले चरण में चयनित सीएचसी और पीएचसी में आयुर्वेदिक चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां पर आयुर्वेदिक दवाइयां काढ़ा,तेल और आवश्यक जड़ी बूटियां भी उपलब्ध होगी. इस व्यवस्था के शुरू हो जाने से खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जो महंगे निजी अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारियां एवं त्वचा से संबंधित तमाम समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अब प्राकृतिक तरीके से उपचार मिल सकेगा. जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा प्रथम चरण में उपलब्ध होगी उनमें मार्टिनगंज ब्लॉक का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फूलपुर ब्लॉक के अंबारी पीएससी, बिलरियागंज ब्लॉक के परशुरामपुर, बनकट और जमीन फरेंदा पीएचसी, अजमतगढ़ ब्लॉक के अवुमारी नारायणपुर, बिलरियागंज, तरवां, महानगर ब्लॉक के खरिहानी पीएससी आदि पर आयुष डॉक्टर तैनात किए जाएंगे. About the Author Monali Paul Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें Location : Azamgarh,Uttar Pradesh First Published : February 23, 2026, 22:30 IST

चाय के साथ क्या प्रभावी है? पालक पकौड़े की ये नई रेसिपी, 15 मिनट में तैयार हो जाएं

चाय के साथ क्या प्रभावी है? पालक पकौड़े की ये नई रेसिपी, 15 मिनट में तैयार हो जाएं

23 फरवरी 2026 को 21:35 IST पर अद्यतन किया गया नई रेसिपी से 15 मिनट में कुरकुरे पालक पकौड़े बना सकते हैं। पानी बिल्कुल भी नहीं होता है, जो कि किताबों का पानी बनाता है और इसमें बहुत सारी क्रिस्पी और बनी हुई परतें दी जाती हैं। पढ़ें खास रेसिपी

झाबुआ में पिकअप नदी में गिरी:पुल की रेलिंग तोड़ी, ड्राइवर मौके से फरार; कोई घायल नहीं

झाबुआ में पिकअप नदी में गिरी:पुल की रेलिंग तोड़ी, ड्राइवर मौके से फरार; कोई घायल नहीं

झाबुआ के मेघनगर-मदरानी मार्ग पर सोमवार शाम एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। चश्मदीदों के मुताबिक, पिकअप (GJ 20Y 6069) बहुत तेज रफ्तार में थी। तेज गति की वजह से ड्राइवर ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पुल की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नदी में जा गिरी। काफी ऊंचाई से गिरने के बावजूद पिकअप पलटी नहीं, बल्कि सीधी गिरी, जिससे ड्राइवर की जान बच गई। हादसे के बाद ड्राइवर फरार दुर्घटना के समय वाहन में ड्राइवर के अलावा और कोई नहीं था। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर जमा हो गए। इस बीच मौका पाकर ड्राइवर वहां से भाग निकला। पुलिस कर रही है जांच मेघनगर टीआई दिनेश शर्मा ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके मालिक और फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है।

सीके बिरला अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी से 50 ब्रेस्ट कैंसर इलाज

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ब्रेस्ट कैंसर होने पर पूरा स्तन ही काटकर अलग निकाल दिया जाना मरीजों के लिए काफी दुखदायी होता था, हालांकि अब ऐसी-ऐसी तकनीकें आ गई हैं, जिनके बलबूते न केवल कैंसर को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है, बल्कि अब पूरे ब्रेस्ट को हटाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है. दिल्ली के सीके बिरला अस्पताल ने हाल ही में ऐसी 50 ब्रेस्ट कैंसर मरीजों की सफल सर्जरी की है, जिनके पूरे ब्रेस्ट नहीं काटने पड़े, बल्कि सिर्फ कैंसर को ही काटकर उनके ब्रेस्ट से अलग निकाला गया. अस्पताल ने ये सभी सर्जरी रोबोट की मदद से 50 सफल स्तन कैंसर सर्जरी पूरी की हैं और अब यह उत्तर भारत का ऐसा पहला प्रमुख अस्पताल बन गया है, जहां यह खास और एडवांस तकनीक उपलब्ध है. इस बारे में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा ने बताया कि रोबोटिक तकनीक से की गई सर्जरी अस्पताल की इस सोच को दिखाती है कि इलाज सिर्फ बीमारी का नहीं, बल्कि मरीज के पूरे अनुभव का होना चाहिए. ताकि इलाज के बाद उसका मनोबल भी मजबूत रहे. कैसे होती है रोबोटिक सर्जरी?डॉ. सिंह कहते हैं कि रोबोट से की जाने वाली यह सर्जरी आज के समय में स्तन कैंसर के इलाज की सबसे आधुनिक तकनीकों में से एक है. इसमें बहुत छोटे और छिपे हुए चीरे लगाए जाते हैं, जिससे कैंसर को सुरक्षित तरीके से निकाला जाता है और साथ ही स्तन की बनावट भी काफी हद तक सुरक्षित रहती है. इससे मरीज जल्दी ठीक होती हैं और मानसिक रूप से भी ज्यादा मजबूत महसूस करती हैं. हाल के समय में, 30 साल से लेकर 70 साल की उम्र तक की कई महिलाओं ने इस तकनीक का फायदा उठाया है. कई मरीज सामान्य सर्जरी के मुकाबले कम दर्द और कम तनाव के साथ जल्दी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में वापस लौट पाई हैं. उन्होंने आगे कहा, ’50 रोबोट-सहायता प्राप्त सर्जरी पूरी करना हमारे लिए बहुत अहम कदम है। हमारा मकसद सिर्फ कैंसर हटाना नहीं है, बल्कि महिलाओं का आत्मविश्वास और उनकी गरिमा भी बनाए रखना है . रोबोटिक सर्जरी से हम बहुत सटीक तरीके से कैंसर निकाल पाते हैं, वो भी कम और छिपे हुए चीरे के साथ. जब हम मरीजों को स्वस्थ होकर फिर से आत्मविश्वास के साथ जीवन जीते देखते हैं, तो हमें और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है.’ उन्होंने यह भी बताया कि यह तकनीक खासतौर पर उन मरीजों के लिए फायदेमंद है जिन्हें निप्पल-स्पैरिंग या स्किन-स्पैरिंग सर्जरी की जरूरत होती है. रोबोट की मदद से सर्जरी ज्यादा सटीक होती है और शरीर की प्राकृतिक बनावट को भी काफी हद तक बचाया जा सकता है. वहीं अस्पताल के वाइस-प्रेसिडेंट अमित शर्मा ने कहा, ‘हमारा प्रयास है कि बेहतरीन इलाज के साथ संवेदनशील देखभाल भी दी जाए. अब अस्पताल का लक्ष्य है कि वह इस क्षेत्र में एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बने और देशभर के डॉक्टरों को इस तकनीक का प्रशिक्षण भी दे, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इसका लाभ मिल सके.’

सीहोर में अहमदाबाद-गोरखपुर और बांद्रा-गोरखपुर ट्रेनों का ठहराव शुरू:सांसद-विधायक ने दिखाई हरी झंडी; कुबेरेश्वर धाम के श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा

सीहोर में अहमदाबाद-गोरखपुर और बांद्रा-गोरखपुर ट्रेनों का ठहराव शुरू:सांसद-विधायक ने दिखाई हरी झंडी; कुबेरेश्वर धाम के श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा

सीहोर रेलवे स्टेशन पर सोमवार, 23 फरवरी से अहमदाबाद-गोरखपुर और बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू हो गया है। सोमवार शाम 5:30 बजे भोपाल-सीहोर सांसद आलोक शर्मा और विधायक सुदेश राय ने स्टेशन पर गोरखपुर से अहमदाबाद जाने वाली गाड़ी संख्या 19094 को हरी झंडी दिखाकर इस नई व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत की है। वर्तमान में इन नई ट्रेनों के रुकने से सीहोर शहर सीधे मुंबई, प्रयागराज और अहमदाबाद सहित कई बड़े शहरों से जुड़ गया है और कुबेरेश्वर धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। सोमवार शाम 5:30 बजे जैसे ही गोरखपुर से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन (19094) सीहोर स्टेशन पर पहुंची, सांसद आलोक शर्मा और विधायक सुदेश राय ने ट्रेन के ड्राइवर को पुष्पमाला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। इसके साथ ही, 23 फरवरी से स्टेशन पर बांद्रा से गोरखपुर जाने वाली गाड़ी संख्या 19091, गोरखपुर से बांद्रा जाने वाली गाड़ी संख्या 19092, गोरखपुर से अहमदाबाद जाने वाली गाड़ी संख्या 19490 और अहमदाबाद से गोरखपुर जाने वाली गाड़ी संख्या 19489 का भी सीहोर में ठहराव शुरू हो गया है। सांसद बोले- बड़े धार्मिक और औद्योगिक नगरों से जुड़ा सीहोर इस अवसर पर सांसद आलोक शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह सीहोर के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। इन ट्रेनों के ठहराव से सीहोर अब मुंबई, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, रतलाम, उज्जैन, सागर, कटनी, मैहर, सतना, प्रयागराज और बनारस जैसे बड़े धार्मिक और औद्योगिक नगरों से जुड़ गया है। इन ट्रेनों के ठहराव से कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। जल्द रुकेगी ओवरनाइट ट्रेन कार्यक्रम के दौरान सांसद आलोक शर्मा ने सीहोर की जनता की एक और बड़ी मांग, ओवरनाइट ट्रेन के ठहराव को लेकर भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे इसके लिए रेल मंत्री से मुलाकात करेंगे, ताकि सीहोर भी भोपाल और अन्य शहरों की तरह तरक्की कर सके और जल्द ही ओवरनाइट एक्सप्रेस भी यहां रुकना शुरू हो। कार्यक्रम में ये पदाधिकारी और अधिकारी रहे मौजूद सीहोर स्टेशन पर आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाडा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, सीहोर जिले के प्रभारी विकास वीरानी, भाजपा नेता सन्नी महाजन, गोपाल सोनी और रतलाम मंडल के एडीआरएम (ADRM) अक्षय कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनसमूह उपस्थित था।

इंस्टाग्राम पर स्टंटबाजी का वीडियो देखकर पुलिस ने लिया उठा, दिल्ली में रील्स बनाने वाले अब हो जाएं सावधान | delhi police action after dwarka scorpion accident sahil death new usmanpur instagram complaint reckless 3 bikers arrested

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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में कुछ दिन पहले रील्स बनाने के चक्कर में एक भयानक हादसा हुआ था, जिसमें एक मां ने अपने इकलौते बेटे साहिल को खो दिया था. इस घटना के बाद अब दिल्ली पुलिस सतर्क हो गई है. देश की राजधानी में रील बनाने के चक्कर में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले स्टंटबाजों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है. राजधानी में रील बनाने के चक्कर में हो रही मौतों के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई है. दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट के न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम पर मिली एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है. आजकल के युवा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए सड़कों पर स्टंटबाजी करते हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित होती है. न्यू उस्मानपुर पुलिस को इंस्टाग्राम के माध्यम से एक वीडियो और शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें कुछ युवक सार्वजनिक सड़क पर बेहद खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. इंस्टाग्राम से मिला सुराग और एक्शन डीसीपी उत्तर-पूर्वी जिला आशीष मिश्रा के निर्देश और एसएचओ राजेंदर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए आरोपियों की पहचान की और उनके खिलाफ एफआईआर नंबर 111/26 दर्ज की. आरोपियों की प्रोफाइल पुलिस ने इस मामले में खजूरी खास इलाके के रहने वाले तीन युवकों को दबोचा है. 22 साल के तुषार पुनिया, 20 साल का तनिष्क मावी और 20 साल पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया गया है. ये तीनों युवक खजूरी खास के रहने वाले हैं और अक्सर न्यू उस्मानपुर और आसपास के इलाकों में स्टंटबाजी करते देखे जाते थे. हथियार बनी सोशल मीडिया, जब्त हुई बाइकें जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इनमें से दो मोटरसाइकिलें पहले ही एक अन्य मामले (FIR No. 101/26) में जब्त की जा चुकी थीं, जिनका संबंध इसी तरह की लापरवाही भरी ड्राइविंग से था. ताजा मामले में पुष्पेंद्र की एक और मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना), 125(A) और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं (194D, 38, 192) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. डीसीपी आशीष मिश्रा ने बताया कि पुलिस अब सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है. अगर कोई भी व्यक्ति ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है या स्टंटबाजी कर दूसरों की जान खतरे में डालता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे किसी भी कृत्य को देखते ही पुलिस को सोशल मीडिया या हेल्पलाइन के माध्यम से सूचित करें.

andhra pradesh vs bihar police : IPS Sunil Nayak Arrest | कौन है यह IPS अधिकारी, जिसको लेकर आंध्र प्रदेश और बिहार में शुरू हो गया ‘ऐलान-ऐ-जंग’, कौन गलत कौन सही?

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पटना. बिहार कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी सुनील नायक की गिरफ्तारी को लेकर आंध्र प्रदेश और बिहार आमने-सामने आ गए हैं. बिहार की राजधानी पटना में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम ने बिहार फायर सर्विस विभाग के आईजी सुनील नायक के आवास पर छापेमारी की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी साल 2021 के एक पुराने मामले से जुड़ी है, जिसमें आरोप है कि तत्कालीन सीआईडी में तैनाती के दौरान सुनील नायक ने टीडीपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान विधानसभा उपाध्यक्ष के. रघुरमा कृष्ण राजू को हिरासत के दौरान बुरी तरह प्रताड़ित किया था. सोमवार को आंध्र प्रदेश पुलिस ने आईजी सुनील नायक को आईपीसी की धारा 307 हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया था. लेकिन पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की दलील को मानने से इंकार करते हुए नायक को ट्रांजिट रिमांड नामंजूर कर दिया. ऐसे में बड़ा सवाल आंध्र प्रदेश पुलिस इतनी जल्दबाजी में एक आईपीएस अधिकारी पर एक्शन क्यों लिया? क्यों नायक की गिरफ्तारी से पहले उन्हें सूचना नहीं दी गई? क्या यह मामला राजनीति से प्रेरित है? क्या एक आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी से पहले केंद्र सरकार को सूचना दी गई थी? दरअसल आंध्रप्रदेश पुलिस ने जिस अंदाज में सोमवार को पटना पहुंचकर फायर विभाग के आईजी सुनील कुमार नायक को गिरफ्तार किया था, उस तरीके को कोर्ट ने गलत करार दिया है. कोर्ट ने आईजी सुनील कुमार नायक की गिरफ्तारी को ही अवैध ठहरा दिया है. कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका को खारिज कर दिया है. ट्रांजिट रिमांड के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस ने आवेदन किया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए जाने के कारण पटना सिविल कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया. क्या है रघुरमा कृष्ण राजू मामला? यह मामला मई 2021 का है, जब आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की सरकार थी. उस समय रघुरमा कृष्ण राजू वाईएसआर कांग्रेस के सांसद थे, लेकिन उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. सीआईडी ने उन्हें देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था. नायक उस समय आंध्र प्रदेश में सीआईडी में तैनात थे. राजू का आरोप है कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उनके पैरों के तलवों पर लाठियों से प्रहार किया. नायक के वकील का दावा नायक के वकील का दावा है कि साल 2024 में आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद राजू ने प्रतिनियुक्ति पर आए सुनील नायक सहित कई अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री जगन रेड्डी के खिलाफ हत्या के प्रयास और हिरासत में प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया. क्योंकि राजू अब टीडीपी में हैं औऱ विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं. राज्य में चंद्रबाबू नायडु की सरकार है और एनडीए में होने के कारण उनका नीतीश कुमार से साथ भी रिश्ता अच्छा है. ऐसे में यह मामला राजनीतिक पुर्वाग्रह से ग्रस्त नजर आ रहा है. आईपीएस को लेकर बिहार और आंध्र प्रदेश में टकराव सुनील नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद वे वापस अपने मूल कैडर बिहार लौट आए थे. आंध्र पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से बिहार पुलिस महकमे में नाराजगी देखी गई. छापेमारी के दौरान पटना के स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे, लेकिन बिहार पुलिस के कई आला अधिकारियों का मानना है कि एक सीनियर आईपीएस के खिलाफ ऐसी कार्रवाई के लिए प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया. नायक के वकील ने आंध्र प्रदेश पुलिस पर राजनीतिक द्वेष के तहत काम करने का आरोप लगाया है. वकील का तर्क है कि नायक को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने उस समय अपनी ड्यूटी निभाई थी. गिरफ्तारी से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही बिहार सरकार से आवश्यक अनुमति ली गई. वकील ने आरोप लगाया कि आंध्र पुलिस ने नायक के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया, जो एक सेवारत आईजी रैंक के अधिकारी की गरिमा के खिलाफ है.

मैरिज गार्डन में लगी आग:गार्डन के गोदाम में रखा सामान जलकर हुआ खाक दमकल ने पाया आग पर काबू

मैरिज गार्डन में लगी आग:गार्डन के गोदाम में रखा सामान जलकर हुआ खाक दमकल ने पाया आग पर काबू

मुरैना के कैलारस कस्बे स्थित मंगल मैरिज गार्डन में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक आग लग गई। आग गार्डन के स्टोर के दो कमरों में लगी, जिससे वहां रखा टेंट का सामान जलकर नष्ट हो गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है। आग की सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और अपने निजी बोर से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान दमकल वाहन भी मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। बताया जा रहा है कि घटना के समय गार्डन पिछले तीन दिनों से बंद था और वहां कोई कार्यक्रम नहीं चल रहा था। 7 से 8 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान मंगल मैरिज गार्डन के संचालक राजकुमार चौहान के अनुसार गार्डन पिछले तीन दिन से बंद था। दोपहर में स्थानीय लोगों और चौकीदार ने गोदाम हिस्से में आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और दमकल को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग में टेंट का सामान जल गया। उन्होंने करीब 7 से 8 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। आग के कारणों की जांच शुरू कैलारस एसडीओपी उमेश मिश्रा ने बताया कि मंगल गार्डन में दिन के समय आग लगी है, जिसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस टीम और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है। साथ ही आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है।

कर्नाटक संकट में: मुख्यमंत्री की हेलिकॉप्टर गाथा जारी, हेलीकॉप्टर यूनिट को ईमेल आमंत्रण पर विधायक का गुस्सा | राजनीति समाचार

Zimbabwe vs West Indies Live Cricket Score, T20 World Cup 2026: Stay updated with ZIM vs WI Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Mumbai. (Picture Credit: AFP)

आखरी अपडेट:23 फ़रवरी 2026, 16:52 IST एक विवाद कोलार जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन से जुड़ा है, जबकि दूसरा विवाद सीएम सिद्धारमैया की हेलीकॉप्टर यात्रा की जांच से जुड़ा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (बाएं) ने कथित तौर पर 50 मिनट की कार यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया; कोलार विधायक कोथुर मंजूनाथ ने अपने जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन के लिए एक ईमेल आमंत्रण प्राप्त करने पर निराशा व्यक्त की, जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में विवाद खड़ा हो गया। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) कर्नाटक और हेलीकॉप्टर: बस इतना ही। यही खबर है. लेकिन दो अलग-अलग मुद्दों को एक साथ जोड़ना बहुत आसान होगा, जिसने कांग्रेस शासित राज्य में राजनीतिक रस्साकशी का कारण बना दिया है, भले ही दोनों में कम से कम एक सामान्य कारक है – शक्तिशाली हेलिकॉप्टर। पहला, कोलार जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन पर बड़े पैमाने पर विवाद से जुड़ा है और दूसरा, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की हेलीकॉप्टर यात्रा पर जांच के बारे में है। कोलार में कांग्रेस बनाम जद(एस), भाजपा कोलार से कांग्रेस विधायक, कोथुर मंजूनाथ ने अपने जिले में एक हेलीकॉप्टर असेंबली यूनिट के उद्घाटन के लिए एक ईमेल आमंत्रण प्राप्त करने पर निराशा व्यक्त करने के बाद “प्रोटोकॉल चूक” को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी। हालाँकि, कोथुर मंजूनाथ एक कदम आगे बढ़े और उन्होंने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स द्वारा स्थानीय निवासियों को “अपर्याप्त रोजगार” दिए जाने के विरोध में हेलीकॉप्टर इकाई में बिजली कटौती का आह्वान किया। मजुनाथ ने वेमागल में पंचायत कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, “उन्होंने हमारी जमीन ले ली है, लेकिन हमारे लोगों को नौकरी नहीं दे रहे हैं, न ही उन्हें अंदर आने दे रहे हैं। आइए देखें कि क्या वे निर्वाचित प्रतिनिधियों की ताकत को समझते हैं।” मंजूनाथ ने प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों को वेमागल औद्योगिक क्षेत्र में हेलीकॉप्टर असेंबली इकाई के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था, जहां 17 फरवरी को प्रधान मंत्री मोदी ने सुविधा का उद्घाटन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों, एमएलसी और वेमागल नगर पंचायत के सदस्यों को नजरअंदाज किया गया और इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, इसे प्रोटोकॉल में एक गंभीर चूक बताया। उन्होंने क्षेत्र में जमीन पर परियोजना स्थापित होने के बावजूद स्थानीय प्रतिनिधियों को दरकिनार करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। धमकियों की तरह लगने वाली बात में, उन्होंने हेलीकॉप्टर इकाई का बिजली कनेक्शन काटने, या कारखाने के गेट के सामने खाई खोदने का आह्वान किया और कहा कि एक ट्रैक्टर को उस खंभे से टकराया जा सकता है जो सुविधा को बिजली की आपूर्ति करता है। इतना ही नहीं, कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि जमीन स्थानीय स्तर पर अधिग्रहित की गई थी, लेकिन निवासियों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिला और उन्हें गार्ड की नौकरियां दी जा रही थीं, जबकि “बाहरी लोगों” ने बेहतर पद छीन लिए। उन पर प्रतिक्रिया देते हुए, जद (एस) नेता निखिल कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी टिप्पणी उत्तेजक है और विधायकों को कर्नाटक में औद्योगिक विकास का समर्थन करने की जरूरत है। कुमारस्वामी ने कहा, “किसे आमंत्रित नहीं किया गया, किसे आमंत्रित किया गया, आदि के बारे में बात करने के बजाय कांग्रेस विधायक केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस प्रोजेक्ट का समर्थन करें तो बेहतर होगा।” कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक जन प्रतिनिधि के रूप में “धमकी” जारी करने के लिए बुलाया। विजयेंद्र ने कहा, “मुझे लगता है कि वह भूल गए हैं कि हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहते हैं, इस तरह की धमकी से उन्हें मदद नहीं मिलेगी। एक जन प्रतिनिधि के रूप में उन्हें अधिक जिम्मेदारी के साथ बात करनी चाहिए।” ‘सिद्धारमैया सिर्फ उड़ना चाहते हैं’ भाजपा ने सिद्धारमैया की हेलिकॉप्टर यात्रा को राजनीतिक मुद्दा बना दिया और आरोप लगाया कि उन्हें सरकारी खजाने पर बोझ की चिंता नहीं है. भाजपा ने आरोप लगाया कि जहां एससी/एसटी निगम के लिए फंड में कटौती की गई है, वहीं मुख्यमंत्री की हेलीकॉप्टर यात्रा 40 किमी से 50 किमी की दूरी तक भी जारी रही है। उन्होंने कथित तौर पर ‘मनरेगा बचाओ’ कार्यक्रम के लिए बेंगलुरु से चिकाबल्लापुरा तक 50 किमी की यात्रा की, जिससे 50 मिनट की यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर का उपयोग करने की उनकी आवश्यकता पर सवाल उठे, जबकि उनके पास पहले से ही सड़क पर “शून्य यातायात” विशेषाधिकार हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकारी खजाने पर बोझ की चिंता नहीं है और वह सिर्फ उड़ान भरना चाहते हैं. कथित तौर पर उन्हें विशेष उड़ानों, विमानों और हेलीकॉप्टरों के कथित अत्यधिक उपयोग के लिए जाना जाता है, उन्होंने ऐसी यात्राओं पर मई 2023 और नवंबर 2025 के बीच 47 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में सीएम ने बेंगलुरु से अपने गृहनगर मैसूरु तक उड़ान भरने के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं, जबकि दोनों शहर सड़क मार्ग से केवल दो घंटे की दूरी पर हैं। विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने कहा कि चिक्काबल्लापुर बेंगलुरु से केवल 48 किमी दूर है और सड़क यात्रा में एक घंटे का समय लगता है। नारायणस्वामी ने कहा, “सीएम के पास पूरी सुरक्षा है। फिर भी वह हेलिकॉप्टर का उपयोग कर रहे हैं…कर्नाटक के लोग इतनी समस्याओं से पीड़ित हैं, कुछ भी सुधार नहीं हो रहा है…पैसे नहीं हैं। यहां तक ​​कि जब वह मैसूर की यात्रा कर रहे होते हैं, जो उनका निर्वाचन क्षेत्र है, तब भी वह वहां जाने के लिए हेलिकॉप्टर या निजी उड़ान लेते हैं। वह अपनी शक्ति का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं…उन्हें सरकारी खजाने पर बोझ की चिंता नहीं है।” सिद्धारमैया और कांग्रेस ने अभी तक आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं दी है. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 फ़रवरी 2026, 16:52 IST समाचार राजनीति कर्नाटक संकट में: मुख्यमंत्री की हेलिकॉप्टर गाथा जारी, हेलीकॉप्टर यूनिट को ईमेल आमंत्रण पर विधायक का गुस्सा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध

19 साल की लड़की दिल्ली के लड़के के जाल में कैसे फंसी? कहानी उस ‘बुलबुल’ की, जिससे हिला पूरा देश | gurugram horror story tripura biotech 19 year girl student with boyfriend love thriller haryana police investigation

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गुरुग्राम. त्रिपुरा की 19 की साल की एक लड़की के साथ गुरुग्राम में जो घटना घटी है, उसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है. पुलिस जांच कर रही है कि यह घटना क्यों और कैसे हुई? पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो जानकारी मिली है, वह हैरान करने वाले हैं. यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, लेकिन इसका हर हिस्सा कड़वा और खौफनाक सच है. यह कहानी है त्रिपुरा की एक 19 वर्षीय छात्रा की, जिसने अपनी आंखों में बायोटेक इंजीनियर बनने का सपना संजोया था. लेकिन उसे क्या पता था कि जिस साइबर सिटी गुरुग्राम को वह अपने सपनों का शहर मान रही थी, वहीं उसकी जिंदगी का सबसे भयानक ‘हॉरर चैप्टर’ शुरू होने वाला है. सितंबर महीने में लड़की की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक लड़के से दोस्ती हुई और फरवरी महीने में ही उसका दर्दनाक अंत हो गया. गुरुग्राम पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि सितंबर 2025 में एक ऑनलाइन एप पर दोनों की बातचीत शुरू हुई. दोनों में पहले सिर्फ हाय-हैलो हुआ फिर लेकिन धीरे-धीरे बातचीत लंबी होती चली गई. लड़की नॉर्थ ईस्ट के त्रिपुरा से थी और गुरुग्राम के नामी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी. वहीं, लड़का दिल्ली के नरेला इलाके का था. दोनों एक ही उम्र के थे. ऐसे में दोस्ती जल्द ही नजदीकियों में बदल गई. मुलाकातें बढ़ीं और फिर दोनों ने गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में साथ रहना शुरू कर दिया. यहां तक की दोनों परिवारों तक इसकी बात पहुंची और दोनों की शादी की चर्चा भी होने लगी. सब कुछ सामान्य दिख रहा था. लेकिन अचानक लड़के को लड़की पर शक होने लगा. इसके बाद दोनों में टकराव शुरू हो गया. सितंबर में दोस्ती और फरवरी में उसका खौफनाक अंत शक की एक हल्की सी चिंगारी ने शिवम के भीतर के राक्षस को जगा दिया. सस्पेंस तब गहराया जब युवती ने बाहरी दुनिया से संपर्क करना बंद कर दिया. पिछले 3 दिनों से उसे एक कमरे में बंधक बना लिया गया था. शिवम ने उस पर हमला किया, उसे पीटा और उसे हर पल मौत का अहसास कराया. कमरे के भीतर जो हो रहा था, उसकी भनक पड़ोसियों तक को नहीं थी. गुरुग्राम में हॉरर की वो रात 16 फरवरी की रात इस कहानी का सबसे वीभत्स मोड़ लेकर आई. शिवम की सनक इस कदर बढ़ गई कि उसने युवती के शरीर पर ज्वलनशील सैनिटाइजर छिड़क दिया. इससे पहले कि युवती कुछ समझ पाती, उसने उसके प्राइवेट पार्ट्स में आग लगा दी. युवती दर्द से चीखती रही, लेकिन आरोपी शिवम रहम दिखाने के बजाय अपने मोबाइल फोन से इस पूरी हैवानियत का वीडियो बना रहा था. वह इस मंजर का आनंद ले रहा था जैसे वह कोई फिल्म शूट कर रहा हो. एक फोन कॉल पर एक्शन लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. रात करीब 10 बजे, जब शिवम थोड़ी देर के लिए कमरे से बाहर गया, युवती ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को फोन लगाया. हजारों किलोमीटर दूर त्रिपुरा में बैठी मां ने जब बेटी की थरथराती आवाज सुनी. ‘मां, वह मुझे मार डालेगा, उसने मुझे जला दिया है, बचा लो मां…’ तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लड़की ने बंगाली भाषा में मां से यह सारी बातें की. बंग्ला ने बचा ली जान मां ने बिना समय गंवाए त्रिपुरा पुलिस और फिर गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी. दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और जैसे ही पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, अंदर का मंजर देखकर अनुभवी अफसरों की भी रूह कांप गई. युवती अधजली हालत में फर्श पर तड़प रही थी और आरोपी वहीं छिपा हुआ था. आरोपी शिवम फरार हो गया लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता को तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां वह गंभीर हालत में अपनी जिंदगी के लिए लड़ रही है. पुलिस ने शिवम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं में केस दर्ज किया है. वह वीडियो भी पुलिस के हाथ लग गया है, जो इस दरिंदगी का सबसे बड़ा सबूत बनेगा. इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ऑनलाइन दुनिया के पीछे छिपे चेहरों की पहचान करना कितना जरूरी है. एक मां की सजगता और पुलिस की तत्परता ने एक जान तो बचा ली, लेकिन उस मासूम के मन पर लगे जख्म शायद कभी नहीं भर पाएंगे.