भारत में हर वर्ष 54 हजार करोड़ का दान:हाउ इंडिया गिव्स 2025’ की रिपोर्ट 68% किसी न किसी रूप से करते हैं मदद, सर्वाधिक 45.9% धार्मिक संस्थाओं को

भारत में व्यक्तिगत दान का 45.9% हिस्सा धार्मिक संगठनों को जाता है। 41.8% दान सीधे बेहद गरीब, जरूरतमंद व भिक्षा मांगने वालों को मिलता है। गैर-धार्मिक संगठनों तक सिर्फ 14.9% दान पहुंचता है। यह बात ‘हाउ इंडिया गिव्स’ रिपोर्ट के तीसरे संस्करण में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में दान का सबसे बड़ा आधार आम घर हैं। कुल घरेलू दान का अनुमान हर साल 54 हजार करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक 68% लोगों ने किसी न किसी रूप में देने की बात कही। दान में दिया बहुत सा खाना मुफ्त सामुदायिक रसोइयों तक जाता है। सेवा का सबसे आम रूप धार्मिक संस्थानों में काम है। रिपोर्ट में भारत में घरों के रोजमर्रा के दान का पैमाना, पैटर्न, वजहें बताई गई हैं। बताया गया है कि भारतीय दुनिया के सबसे उदार लोगों में हैं। यह अध्ययन 20 राज्यों में सर्वे पर आधारित है। इसका मकसद यह समझना रहा कि आम लोग नकद, सामान के रूप में मदद, सामाजिक कामों में कैसे योगदान देते हैं। दान किस रूप में 48% खाना, कपड़े, जरूरी वस्तुएं 44% नकद दान 30% समय देकर सेवा ऊंची आय: दान 80%तक 4000–5000 रुपए महीना आय वाले आधे घर दान करते हैं ऊंची आय पर भागीदारी 70 से 80% तक बढ़ जाती है। दान की सबसे बड़ी वजह 90%+ इसे धार्मिक कर्तव्य मानते हैं नैतिक जिम्मेदारी आमने-सामने अपील सबसे असरदार कुल दान में नकद का हिस्सा 44 फीसदी रिपोर्ट में दान के तरीके भी बताए गए हैं। सामान के रूप में मदद का हिस्सा सबसे ज्यादा 46% है। नकद दान 44% है। करीब 30% लोगों ने वॉलंटियरिंग की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक यह दान के रिश्तों और समुदाय आधारित स्वरूप को दिखाता है। रिपोर्ट में दान के तरीके और पैटर्न पर भी हुआ विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रोजमर्रा के घरेलू दान का इकोसिस्टम सालाना करीब 54 हजार करोड़ रुपए का है। रिपोर्ट लॉन्च पर सीएसआईपी की डायरेक्टर और हेड जिनी उप्पल ने कहा कि ‘हाउ इंडिया गिव्स 2025-26’ की रिपोर्ट भारत की उस उदारता को सामने लाती है, जो हमेशा से रही है, पर कम आंकी गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खपत आंकड़ों के आधार पर विश्लेषण करने से यह समझ आता है कि भारत कैसे दान देता है। यह भी पता चलता है कि देश के विकास की गति के साथ दान कैसे बदलता है। हर आय वर्ग के लोग रोजाना करते हैं दान रिपोर्ट के मुताबिक,रोजमर्रा का दान हर आय वर्ग में होता है। कम खपत स्तर 4 से 5 हजार रुपए महीना पर भी करीब आधे घर दान करते हैं। आय बढ़ने पर भागीदारी तेजी से बढ़ती है। रिपोर्ट ने दानदाताओं के चार प्रकार भी बताए हैं। ग्रासरूट, एस्पिरेशनल, प्रैक्टिकल, वेल-ऑफ गिवर्स। इनकी प्रेरणा, जागरूकता, जुड़ने की पसंद अलग-अलग बताई गई है।
झाबुआ में 45 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए:अंतिम वोटर लिस्ट जारी, जिले में कुल 8.83 लाख मतदाता

झाबुआ जिले में चुनाव आयोग के निर्देश पर वोटर लिस्ट को सुधारने का काम पूरा हो गया है। शनिवार को कलेक्टर नेहा मीना ने राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की और नई वोटर लिस्ट जारी की। सभी पार्टियों को लिस्ट की कॉपी भी दे दी गई है। वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने के लिए प्रशासन ने 2003 की लिस्ट से मिलान किया। जांच में पता चला कि कई लोग अब वहां नहीं रहते, कुछ की मौत हो चुकी है और कुछ के नाम दो जगह दर्ज थे। ऐसे कुल 45,439 नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं। झाबुआ सीट से करीब 19 हजार, थांदला से 13 हजार और पेटलावद से करीब 13 हजार नाम काटे गए हैं। 21 हजार से ज्यादा नए वोटर जुड़े पुराने नाम हटाने के साथ-साथ नए वोटरों को जोड़ने का अभियान भी चलाया गया। 24 दिसंबर से 22 जनवरी तक चले इस काम में 21,229 नए नाम जोड़े गए हैं। इनमें ज्यादातर वे युवा हैं जिन्होंने हाल ही में 18 साल की उम्र पूरी की है। जिले में अब कितने वोटर? नई लिस्ट के हिसाब से अब पूरे झाबुआ जिले में कुल 8,83,497 वोटर हैं। विधानसभा के हिसाब से देखें तो- झाबुआ: 3,17,068 वोटर थांदला: 2,70,950 वोटर पेटलावद: 2,95,479 वोटर जांच के दौरान लगभग 2 हजार वोटर ऐसे भी मिले जिनका रिकॉर्ड 2003 की लिस्ट में नहीं था। प्रशासन ने ऐसे ‘नो मैपिंग’ वाले नामों की अलग से सुनवाई कर जरूरी सुधार किए हैं।
सूर्या बोले– अभिषेक के फॉर्म की चिंता न करें:उनकी चिंता करें, जिसके खिलाफ उनका बल्ला चलेगा; वर्ल्डकप के तीनों मैच में 0 पर आउट हुए

टी-20 वर्ल्ड कप के तीन मैचों में बिना खाता खोले आउट हुए टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा के सपोर्ट में कप्तान सूर्यकुमार यादव का बयान आया है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सूर्या बोले, अभिषेक शर्मा का फॉर्म चिंता का विषय नहीं है। मुझे चिंता उन लोगों की है, जो अभिषेक की चिंता कर रहे हैं। मुझे फिक्र उन टीमों की है, जिनके खिलाफ अभिषेक का बल्ला चलेगा। उसने पिछले साल टीम के लिए सब कुछ किया था, अब हमारी बारी है कि हम उसका साथ दें। भारत का मुकाबला रविवार को सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में खेला जाएगा। अब तक खाता भी नहीं खेल सके टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा का मौजूदा फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। वे लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट हुए हैं। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं, लेकिन उनका खाता भी नहीं खुल पाया है। प्लेइंग-11 में बदलाव पर हंस पड़े जब प्लेइंग इलेवन में बदलाव और संजू सैमसन को शामिल करने पर सवाल पूछा गया तो सूर्यकुमार हंस पड़े। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्या अभी अभिषेक को हटा दूं? या तिलक को? पिच और परिस्थितियों पर भरोसा पिच को लेकर सूर्यकुमार ने कहा कि टीम हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि विकेट ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं थे, लेकिन टीम ने हालात के मुताबिक खुद को ढालने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा, बल्लेबाजी में परिस्थिति का सम्मान करना जरूरी है। हमारे पास पर्याप्त कौशल है। कभी-कभी स्थिति के अनुसार खेलना पड़ता है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख बदल सकते हैं। ——————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
सूर्या बोले– अभिषेक के फॉर्म की चिंता न करें:उनकी चिंता करें, जिनके खिलाफ उनका बल्ला चलेगा; वर्ल्डकप के तीनों मैच में 0 पर आउट हुए

टी-20 वर्ल्ड कप के तीन मैचों में बिना खाता खोले आउट हुए टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा के सपोर्ट में कप्तान सूर्यकुमार यादव का बयान आया है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सूर्या बोले, अभिषेक शर्मा का फॉर्म चिंता का विषय नहीं है। मुझे चिंता उन लोगों की है, जो अभिषेक की चिंता कर रहे हैं। मुझे फिक्र उन टीमों की है, जिनके खिलाफ अभिषेक का बल्ला चलेगा। उसने पिछले साल टीम के लिए सब कुछ किया था, अब हमारी बारी है कि हम उसका साथ दें। भारत का मुकाबला रविवार को सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में खेला जाएगा। प्लेइंग-11 में बदलाव पर हंस पड़े सूर्या जब प्लेइंग इलेवन में बदलाव और संजू सैमसन को शामिल करने पर सवाल पूछा गया तो सूर्यकुमार हंस पड़े। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि क्या अभी अभिषेक को हटा दूं? या तिलक को? कप्तान बोले-पिच और परिस्थितियों पर भरोसा पिच को लेकर सूर्यकुमार ने कहा कि टीम हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार है। उन्होंने माना कि विकेट ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं थे, लेकिन टीम ने हालात के मुताबिक खुद को ढालने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा, बल्लेबाजी में परिस्थिति का सम्मान करना जरूरी है। हमारे पास पर्याप्त कौशल है। कभी-कभी स्थिति के अनुसार खेलना पड़ता है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख बदल सकते हैं। नामीबिया के खिलाफ नहीं खेले थे अभिषेक अभिषेक टूर्नामेंट के दूसरे मुकाबले में नामीबिया के खिलाफ पेट में इन्फेक्शन के कारण नहीं खेल सके थे। उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दो दिनों के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। हालांकि इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और वे फिर से टीम से जुड़ गए। ——————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
16,839 नए मतदाता जुड़े, वोटरों की संख्या 11.11 लाख पार:राजगढ़ में अंतिम मतदाता सूची जारी, 2,554 नाम को हटाया, 7,504 में किया बदलाव

राजगढ़ जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पूरी जानकारी साझा की। पांचों विधानसभा क्षेत्रों में 23 दिसंबर 2025 से 20 फरवरी 2026 तक आए दावों और आपत्तियों को देखा गया। इस दौरान 16,839 नए वोटर जुड़े, 2,554 नाम हटाए गए और 7,504 प्रविष्टियों में सुधार किया गया। इस प्रकार आज की स्थिति में कुल 11 लाख 11 लाख 28 हजार 39 वोटर सम्मिलित हैं, जिनमें 14,140 दिव्यांग वोटर शामिल हैं। राजनीतिक दलों को दी गई सीडी राजनीतिक दलों को सूची की हार्ड कॉपी और फोटो वाली सीडी भी दी गई। नागरिक अपनी सूची अपने रजिस्ट्रीकरण कार्यालय या अधिकृत जगह पर देख सकते हैं। फोटो सहित सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश की वेबसाइट http://www.ceoelection.mp.gov.in पर भी उपलब्ध है। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कहा कि अगर किसी का नाम सूची में नहीं है तो वे प्रपत्र-6 से आवेदन करें। नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 और सुधार के लिए प्रपत्र-8 का इस्तेमाल करें। 18 साल के हो रहे युवाओं को भी सूची में जोड़ने के लिए कहा गया। डॉ. मिश्रा ने सभी राजनीतिक दलों का सहयोग सराहा और कहा कि उनकी मदद से मतदाता सूची हमेशा सही और अपडेट रहेगी।
अमेजन अब सबसे बड़ी कंपनी:10 साल में पहली बार पिछड़ी वॉलमार्ट, आय के पैमाने पर टेक सपोर्टेड कंपनी आगे निकली

रिटेल की दुनिया में एक नया युग शुरू हो चुका है। दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने वार्षिक राजस्व के मामले में वॉलमार्ट को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी का खिताब अपने नाम कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल अमेजन के विशाल विस्तार को दर्शाती है, बल्कि बाजार में तकनीक और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते वर्चस्व का भी प्रमाण है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वॉलमार्ट ने 31 जनवरी को समाप्त हुए पिछले 12 महीनों के लिए 713.2 अरब डॉलर की बिक्री दर्ज की। इसके मुकाबले, अमेजन ने वर्ष 2025 के लिए 717 अरब डॉलर का राजस्व रिपोर्ट किया है। बेजोस द्वारा 1994 में एक गैरेज से शुरू हुआ यह सफर अब 717 अरब डॉलर की वार्षिक बिक्री तक पहुंच गया है, जो ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। अमेजन वेब सर्विसेज की बदौलत आय वृद्धि 10 गुना विशेषज्ञों का मानना है कि अमेजन की यह बढ़त शुद्ध रिटेल के बजाय तकनीक की वजह से है। -क्लाउड का दबदबा: अमेजन का क्लाउड कंप्यूटिंग व्यवसाय, ‘अमेजन वेब सर्विसेज’ (एडब्ल्यूएस), इस कामयाबी का मुख्य आधार है। -डेटा का महत्व: यदि एडब्ल्यूएस के राजस्व को हटा दिया जाए, तो अमेजन की बिक्री 588 अरब डॉलर रह जाती। यानी एआई के युग में डेटा सेंटर्स के दम पर अमेजन ने यह मुकाम हासिल किया है। -विकास की रफ्तार: पिछले एक दशक में अमेजन का राजस्व वॉलमार्ट की तुलना में 10 गुना तेजी से बढ़ा है। दोनों दिग्गज एक-दूसरे के क्षेत्र में सेंध लगा रहे दोनों कंपनियां एक-दूसरे के मुख्य क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश में हैं – वॉलमार्ट की ई-कॉमर्स में सफलता- अमेजन द्वारा ‘होल फूड्स’ खरीदने के बावजूद, वॉलमार्ट ऑनलाइन बिजनेस विकसित करने में आगे रही। – अमेजन की डिजिटल पहुंच- अमेजन के एप और वेबसाइट पर हर माह 2.7 अरब लोग आते हैं। वॉलमार्ट सबसे बड़ा फिजिकल रिटेलर है। एक्सपर्ट व्यू- यह अमेजन की एक खोखली जीत है सांता क्लारा यूनिवर्सिटी के रिटेल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के निदेशक कीर्ति कल्याणम का कहना है, ‘यह एक खोखली जीत है। अमेजन ने वॉलमार्ट को रिटेल के खेल में नहीं हराया, बल्कि एक ऐसे नए बिजनेस (क्लाउड) के जरिए पीछे छोड़ा है, जिसमें वॉलमार्ट मौजूद ही नहीं है।’ जेफ बेजोस दुनिया के चौथे सबसे अमीर शख्स, संपत्ति 228 अरब डॉलर ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस फिलहाल दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी कुल संपत्ति 228 अरब डॉलर आंकी गई है, जो मुख्य रूप से अमेजन में उनके शेयरों से जुड़ी है। मार्केट वैल्यू में एनवीडिया टॉप पर, अमेजन से दोगुनी, वॉलमार्ट से 4 गुनी राजस्व के मामले में भले ही अमेजन नंबर-1 हो, लेकिन निवेशकों की नजर में एनवीडिया दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। 4.5 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ एनवीडिया की वैल्यू अमेजन से दोगुनी और वॉलमार्ट से चार गुना है।
देवास में चलती ट्रेन में चढ़ते समय बुजुर्ग की मौत:पैर फिसलने से ट्रैक पर गिरे; जूते-चप्पल की खरीदी करने इंदौर जा रहे थे

देवास रेलवे स्टेशन पर शनिवार को चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। संतुलन बिगड़ने और पैर फिसलने के कारण वे ट्रेन की चपेट में आ गए। मृतक की पहचान देवास निवासी यूसुफ कमरी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यूसुफ कमरी ऊना से इंदौर जा रही हिमाचल एक्सप्रेस में सवार होने का प्रयास कर रहे थे। ट्रेन स्टेशन से चल चुकी थी और इसी दौरान डिब्बे में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से वे ट्रेन की चपेट में आ गए। यह हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जूते-चप्पल की खरीदारी के लिए जा रहे थे इंदौर मृतक यूसुफ कमरी देवास में ही रहते थे और पेशे से जूते-चप्पल का व्यवसाय करते थे। शनिवार को वे अपने इसी व्यापार के सिलसिले में खरीदारी करने के लिए ट्रेन से इंदौर जा रहे थे। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में भी यही बात सामने आई है कि चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। पड़ोसी ने कहा- सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे हादसे की दुखद खबर लगते ही मृतक के परिचित और समाज के लोग स्टेशन पहुंच गए। मृतक के पड़ोसी सादिक अली ने बताया, “यूसुफ शूज़ का व्यापार करते थे। समाज को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे हैं।” पुलिस अब इस पूरे मामले की वैधानिक जांच कर रही है।
हरदा की मंडियों में डॉलर चना औंधे भाव:10 हजार की उम्मीद पर 4-6 हजार ही दाम मिले, किसान उपज वापस लेकर लौटे

हरदा जिले की मंडियों में गेहूं और चने की आवक शुरू हो गई है, लेकिन किसानों को उपज के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इससे किसानों में निराशा है और कई किसान अपनी उपज बिना बेचे ही वापस लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने डॉलर चना अच्छी कीमतों की उम्मीद में बोया था, लेकिन सरकारी नीतियों के कारण उन्हें बहुत कम दाम मिल रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो अगले साल से किसान डॉलर चना नहीं लगाएंगे। किसानों के अनुसार, जिस डॉलर चने का दाम 10,000 रुपए प्रति क्विंटल मिलना चाहिए था, उसके भाव मात्र 6,000 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। जिले में किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं; पहले ओलावृष्टि और अब उपज के कम दाम ने उनकी लागत निकालना भी मुश्किल कर दिया है। किसान उपज वापस लेकर लौट रहे मंडियों में डॉलर चना 4,000 से 5,500 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में यह 100 रुपए प्रति किलो (10,000 रुपए प्रति क्विंटल) बिक रहा है। दाम कम मिलने के कारण किसान अपनी उपज वापस ले जा रहे हैं। ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शेंकि खनूजा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात की मांग कम होने के कारण बाजार में मंदी का रुख है। वहीं, मंडी प्रशासन भी किसानों को उचित दाम दिलाने में विफल रहा है।
Is Earth’s Heartbeat Affecting Human Brain? What is Schumann Resonance | धरती की धड़कन तेज होने से इंसान परेशान, क्या आपके कान में भी बज रही है रहस्यमय घंटी? क्या आपका दिमाग भी हो रहा है हैक? क्या है शुमान रेजोनेंस

नई दिल्ली: धरती के भीतर से निकलने वाली गूंज अब इंसानी दिमाग के लिए पहेली बनती जा रही है. हाल ही में स्पेस वेदर वॉचडॉग ने पृथ्वी की ‘धड़कन’ में एक अजीब हलचल महसूस की है. इसे शुमान रेजोनेंस कहा जाता है, जो आमतौर पर एक स्थिर लय में रहती है. लेकिन फरवरी के महीने में इसमें आए अचानक उछाल ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. माना जा रहा है कि यह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक बदलाव लोगों के दिमाग और शरीर को प्रभावित कर रहा है. कई लोग बिना किसी बीमारी के भी कानों में अजीब सी घंटी बजने और सिर भारी होने का अनुभव कर रहे हैं. नासा के मुताबिक, यह फ्रीक्वेंसी धरती की सतह और आयनमंडल के बीच पैदा होती है. जब इसमें उतार-चढ़ाव आता है, तो इसका सीधा संबंध हमारे नर्वस सिस्टम से जुड़ जाता है. क्या होती है शुमान रेजोनेंस और यह क्यों बढ़ रही है? शुमान रेजोनेंस को आप धरती का नेचुरल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नेचर मान सकते हैं. यह पूरी दुनिया में होने वाली बिजली की कड़क (Lightning Strikes) से पैदा होती है और बनी रहती है. आमतौर पर इसकी फ्रीक्वेंसी 7.83 हर्ट्ज होती है, जिसे धरती की ‘दिल की धड़कन’ भी कहा जाता है. हाल ही में मीटीओ-एजेंट (MeteoAgent) नामक स्पेस ट्रैकिंग ऐप ने इस पल्स में भारी उछाल दर्ज किया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिक्ष से आने वाली सौर ज्वालाओं यानी सोलर फ्लेयर ने धरती के इस रिदम को डिस्टर्ब कर दिया है. जब सूरज से निकलने वाली ऊर्जा पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराती है, तो यह फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती है. इस महीने करीब चार दिन ऐसे रहे जब यह स्केल 5.0 के पार चला गया, जो संवेदनशील लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है. आपके दिमाग और नींद पर इसका क्या असर होता है? इंसानी दिमाग भी बिजली की लहरों यानी ब्रेन वेव्स पर काम करता है. जब हम रिलैक्स होते हैं या सोने की कोशिश करते हैं, तो हमारा दिमाग ‘थीटा’ वेव्स पैदा करता है. इन वेव्स की फ्रीक्वेंसी 4 से 8 हर्ट्ज के बीच होती है, जो लगभग शुमान रेजोनेंस के बराबर है. जब धरती की यह फ्रीक्वेंसी अचानक तेज होती है, तो यह हमारे दिमाग के नेचुरल संतुलन को बिगाड़ देती है. इससे लोगों का सर्कैडियन रिदम यानी सोने-जागने का चक्र प्रभावित होता है. लोग अचानक रात में जाग जाते हैं या उन्हें गहरी नींद नहीं आती. इसके अलावा, ब्रेन फॉग यानी सोचने-समझने में दिक्कत और बेवजह का चिड़चिड़ापन भी इसी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक डिस्टर्बेंस का नतीजा हो सकता है. कानों में बजने वाली घंटी का रहस्य क्या है? आजकल बहुत से लोग ‘टिनिटस’ या कानों में लगातार गूंजने वाली आवाज की शिकायत कर रहे हैं. इसे ‘द हम’ (The Hum) भी कहा जाता है. जब शुमान रेजोनेंस की फ्रीक्वेंसी सामान्य से ऊपर जाती है, तो हमारे कान के भीतरी हिस्से और नसों पर दबाव महसूस होता है. यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी बड़े ट्रांसफार्मर के पास खड़े होने पर महसूस होता है. जो लोग इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सेंसिटिविटी के शिकार हैं, उन्हें चक्कर आना और माइग्रेन जैसा दर्द महसूस हो सकता है. हालांकि विज्ञान अभी इस पर और रिसर्च कर रहा है, लेकिन जापान में हुई एक रिसर्च बताती है कि लो-फ्रीक्वेंसी बदलाव ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित कर सकते हैं. क्या वाकई यह सेहत के लिए खतरनाक है? वैज्ञानिकों के बीच इस बात को लेकर अभी एक राय नहीं है. जहां कुछ विशेषज्ञ इसे सीधे तौर पर सेहत से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि यह केवल एक इत्तेफाक हो सकता है. वैज्ञानिकों ने इस हलचल को मापने के लिए 0 से 9 तक का पैमाना बनाया है. 0 का मतलब शांति है और 9 का मतलब एक बड़ा जियोमैग्नेटिक तूफान, जो पावर ग्रिड और सैटेलाइट को भी ठप कर सकता है. इस बार यह स्तर 5 तक पहुंचा है, जो काफी गंभीर माना जाता है. भले ही इसके पुख्ता सबूत अभी जुटाए जा रहे हों, लेकिन हजारों लोगों की आपबीती इस ओर इशारा करती है कि ब्रह्मांड की यह हलचल हमारे शरीर के भीतर भी कुछ बदल रही है.
10 चैटिंग ऐप्स से अश्लील VIDEO कॉल, 2.5 करोड़ ठगे:MP में ‘डिजिटल अरेस्ट’ बताकर ब्लैकमेल करने वाली गैंग पकड़ाई; 20 गिरफ्तार

मध्यप्रदेश के शिवपुरी में ऑनलाइन चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर देशभर में लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर ब्लैकमेल करने वाले बड़े साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह अब तक ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुका है। गिरोह HIIU, TOKKI, MIKA, ELOELO, GAGA, HANI, SUGO, COMMECTO, HITSU, HONEY और COMET जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा था। ये ऐप्स एपीके फाइल के जरिए आसानी से डाउनलोड हो जाते हैं। ऑनलाइन चैटिंग की तलाश में लोग इन्हें इंस्टॉल कर लेते थे, जिसका फायदा आरोपी उठाते थे। 7 कार, 29 मोबाइल समेत 1 करोड़ का माल जब्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 32 नामजद आरोपियों में से 20 को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 कार, 1 बाइक, 29 मोबाइल, 16 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक, एक मकान की रजिस्ट्री और 1.20 लाख रुपए नकद सहित करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है। एसपी ने बताया- ऐसे फंसाते थे जाल में एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाते थे। ऑनलाइन चैटिंग के इच्छुक लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते। अश्लील बातचीत और वीडियो कॉल करते। पूरी कॉल और चैट की रिकॉर्डिंग कर लेते। फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कॉल करते। बलात्कार, चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी देते। “डिजिटल अरेस्ट” और केस सेटलमेंट के नाम पर रकम ट्रांसफर करवा लेते। सामाजिक बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से कई पीड़ित बड़ी रकम भेज देते थे। ऑपरेशन मेट्रिक्स के तहत कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई मध्यप्रदेश में चल रहे “ऑपरेशन मेट्रिक्स” के तहत ग्वालियर जोन के निर्देशन में की गई। जिले में 9 विशेष टीमों का गठन किया गया। एसडीओपी करैरा और पिछोर के नेतृत्व में करैरा, भौंती, अमोला, सुरवाया, सतनबाड़ा, कोतवाली, पिछोर और कोलारस थाना पुलिस ने संयुक्त दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। 32 में से 20 गिरफ्तार, 12 फरार पुलिस ने 32 आरोपियों को नामजद किया था। अब तक 20 गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। गिरोह में दो महिलाएं भी शामिल हैं। एक आरोपी ने ठगी के पैसों से आलीशान मकान बनवाया था, जिसकी रजिस्ट्री भी पुलिस ने जब्त कर ली है। पुलिस ने की लोगों से अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान वीडियो कॉल या अश्लील चैट से बचें। किसी भी “डिजिटल अरेस्ट” कॉल से घबराएं नहीं। तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। सोशल मीडिया और चैटिंग ऐप्स का इस्तेमाल सतर्कता से करें।








