₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

जल्द ही ऐसा हो सकता है कि ₹10 हजार से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उनमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। RBI के प्रस्ताव से जुड़ी 3 अन्य बड़ी बातें 1. सीनियर सिटीजंस के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ सुविधा 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा। 2. भरोसेमंद को ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकेंगे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी। 3. डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए ‘किल स्विच’ RBI ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। टेबल में समझिए क्या बदल जाएगा? क्यों पड़ी इसकी जरूरत? पिछले साल देश में डिजिटल फ्रॉड के कारण होने वाला नुकसान 22 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। RBI के अनुसार, 10 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड केस का सिर्फ 45% हैं, लेकिन कुल फ्रॉड वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 हजार की लिमिट तय की गई है। कब तक लागू हो सकता है नियम? RBI फिलहाल बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि डिजिटल पेमेंट की ‘रफ्तार’ और ‘सुरक्षा’ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू: सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन RBI ने माना है कि डिजिटल पेमेंट का मूल सिद्धांत ‘इंस्टेंट’ यानी तुरंत पेमेंट है। अनिवार्य देरी से यूजर्स को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। RBI ने इस चर्चा पत्र पर 8 मई तक आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं।
₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

जल्द ही ऐसा हो सकता है कि आपका ₹10 हजार से ज्यादा का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उसमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। RBI के प्रस्ताव से जुड़ी 3 अन्य बड़ी बातें 1. सीनियर सिटीजंस के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ सुविधा 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा। 2. भरोसेमंद को ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकेंगे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं, जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी। 3. डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए ‘किल स्विच’ RBI ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। टेबल में समझिए क्या बदल जाएगा? क्यों पड़ी इसकी जरूरत? पिछले साल देश में डिजिटल फ्रॉड के कारण होने वाला नुकसान 22 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। RBI के अनुसार 10 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड केस का सिर्फ 45% हैं, लेकिन कुल फ्रॉड वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 हजार की लिमिट तय की गई है। कब तक लागू हो सकता है नियम? RBI फिलहाल बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि डिजिटल पेमेंट की ‘रफ्तार’ और ‘सुरक्षा’ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू: सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन RBI ने माना है कि डिजिटल पेमेंट का मूल सिद्धांत ‘इंस्टेंट’ यानी तुरंत पेमेंट है। अनिवार्य देरी से यूजर्स को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। RBI ने इस चर्चा पत्र पर 8 मई तक आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। ————— लोन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे:RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। इससे लोन महंगे नहीं होंगे और EMI नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 8 अप्रैल को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों की जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें…
हिमाचल में मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध:परिक्रमा स्थल पर पुलिस की तैनाती, विशेष निगरानी के आदेश; धंछो से आगे जाने पर रोक

हिमाचल प्रदेश के चंबा में ‘मणिमहेश यात्रा’ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। SDM भरमौर ने पुलिस थाना प्रभारी को आदेश दिए कि परिक्रमा स्थल धंछो, गौरीकुंड और मणिमहेश में पुलिस जवानों की तैनाती कर विशेष निगरानी शुरू की जाए। किसी भी यात्री को धंछो से आगे न जाने दिया जाए। कुछ यात्री प्रशासन को सूचित किए बगैर चोरी-छिपे मणिमहेश जाने लगे हैं, जबकि भरमौर में अभी चार-पांच फीट से भी ज्यादा बर्फ है। दो दिन पहले भी यहां ताजा हिमपात हुआ है। मणिमहेश जाने वाले रास्ते 2025 की भारी बरसात और बादल फटने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में मणिमहेश की यात्रा जानलेवा साबित हो सकती है। कार्तिक स्वामी मंदिर के 14 अप्रैल को खुल रहे कपाट SDM भरमौर ने अपने आदेशों में कहा कि ‘कार्तिक स्वामी मंदिर’ के कपाट 14 अप्रैल को खुल रहे हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी कुछ भक्त अभी से कार्तिक स्वामी मंदिर पहुंचने लगे हैं। इस दौरान कुछ लोग मणिमहेश की ओर जा रहे हैं। किसी को भी परिक्रमा मार्ग (धंछो, गौरीकुंड और मणिमहेश) पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हड़सर के मेन गेट पर गाड़ियों की जांच के निर्देश SDM ने निर्देश दिए कि हडसर मेन गेट पर वाहनों की नियमित जांच की जाए। साथ ही, मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं को परिक्रमा मार्ग पर जाने से रोका जाए और उन्हें मार्ग की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पंचायतों को सूचना बोर्ड लगाने की हिदायत SDM ने ग्राम पंचायत हडसर और आसपास की पंचायतों को भी निर्देश दिए कि वे सूचना बोर्ड व पोस्टर लगाकर स्थानीय जनता और यात्रियों को मार्ग की स्थिति और संभावित जोखिमों के बारे में जागरूक करें। 25 हजार लोग फंसे, 26 की गई थी जान बता दें कि बीते साल भारी बारिश और बादल फटने से भरमौर यात्रा पर गए 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए थे। इस यात्रा के दौरान लगभग 26 यात्रियों की मौत हुई थी। सड़क व रास्तों का नामोनिशान तक मिट गया था। मणिमहेश जाने वाले रास्ते अभी भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सके हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। मणिमहेश की आधिकारिक यात्रा अगस्त माह में कृष्ण जन्माष्टमी से शुरू होती है और राधाष्टमी पर संपन्न होती है।
रोज़ एक ही खाना खाने से कम होता है वजन! शोध में हुआ खुलासा, मिल गया वेट लूज़ करने का सबसे सिंपल तरीका

Last Updated:April 10, 2026, 09:40 IST Benefits of eating same food daily : आजकल वजन घटाने के लिए लोग नए-नए डाइट प्लान और फैंसी वर्कआउट आजमाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सबसे आसान तरीका आपकी थाली में ही छिपा है? हाल ही में हुए एक दिलचस्प शोध ने सभी को चौंका दिया है. ‘हेल्थ साइकोलॉजी’ (Health Psychology) जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, जो लोग रोजाना एक ही तरह का भोजन (Repeat Meals) करते हैं और अपनी कैलोरी की मात्रा को स्थिर रखते हैं, वे दूसरों की तुलना में तेजी से वजन कम कर पाते हैं. Weight loss tips in Hindi : आजकल वजन घटाने के लिए लोग नए-नए डाइट प्लान और फैंसी वर्कआउट आजमाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सबसे आसान तरीका आपकी थाली में ही छिपा है? हाल ही में हुए एक दिलचस्प शोध ने सभी को चौंका दिया है. ‘हेल्थ साइकोलॉजी’ (Health Psychology) जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, जो लोग रोजाना एक ही तरह का भोजन (Repeat Meals) करते हैं और अपनी कैलोरी की मात्रा को स्थिर रखते हैं, वे दूसरों की तुलना में तेजी से वजन कम कर पाते हैं. इस शोध के दौरान विशेषज्ञों ने 112 वयस्कों के खाने की आदतों का गहराई से विश्लेषण किया. ये सभी प्रतिभागी 12 हफ्तों के एक विशेष वेट लॉस प्रोग्राम का हिस्सा थे. परिणामों में देखा गया कि जिन लोगों ने अपने भोजन में बहुत अधिक बदलाव करने के बजाय एक ही रूटीन को फॉलो किया, उन्होंने उन लोगों के मुकाबले कहीं ज्यादा वजन घटाया जो हर दिन अलग-अलग तरह के पकवान खाते थे. अध्ययन में वजन घटाने की इस सफलता को दो पैमानों पर मापा गया—पहला ‘कैलोरी स्थिरता’ (Caloric Stability) और दूसरा ‘भोजन की पुनरावृत्ति’ (Dietary Repetition). शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग अपने भोजन को बार-बार दोहराते थे, उनके शरीर के वजन में औसतन 5.9% की कमी आई. वहीं, जो लोग अपनी डाइट में बहुत अधिक वैरायटी रखते थे, वे केवल 4.3% वजन ही कम कर सके. यह अंतर बताता है कि सादगी ही सफलता की कुंजी है. Add News18 as Preferred Source on Google विशेषज्ञों का मानना है कि जब हम रोज एक ही जैसा खाना खाते हैं, तो हमारे दिमाग को ‘फूड चॉइस’ यानी क्या खाएं, इसका फैसला लेने में कम मेहनत करनी पड़ती है. क्लीवलैंड क्लिनिक की डायटीशियन क्रिस्टिन किर्कपैट्रिक का कहना है कि खाने में निरंतरता और पूर्वानुमान (Predictability) होने से लोग बेहतर चुनाव कर पाते हैं. इससे अनहेल्दी जंक फूड या ओवरईटिंग की गुंजाइश काफी कम हो जाती है. स्टडी में एक और अहम बात सामने आई कैलोरी का उतार-चढ़ाव. शोध के अनुसार, रोजाना की कैलोरी में हर 100 कैलोरी का बदलाव वजन घटने की रफ्तार को 0.6% तक कम कर देता है. इसका मतलब है कि अगर आप हफ्ते के दिनों में कम खाते हैं और वीकेंड पर ज्यादा, तो आपकी मेहनत पर पानी फिर सकता है. वजन कम करने के लिए शरीर को एक स्थिर और तय कैलोरी बजट की आदत डालना बहुत जरूरी है. फैमिली मेडिसिन फिजिशियन डॉ. डेविड कटलर कहते हैं कि ज्यादातर लोग वैसे भी हफ्ते भर में घूम-फिरकर वही 20 से 30 खाद्य पदार्थ ही खाते हैं. ऐसे में सफल वेट लॉस करने वाले लोग बस उन विकल्पों को थोड़ा और सीमित और हेल्दी कर देते हैं. जब आप जानते हैं कि आपके खाने में कितनी कैलोरी है, तो उसे मैनेज करना बहुत आसान हो जाता है. यह ‘सिंपल फूड चॉइस’ आपको कठिन माहौल में भी अपने लक्ष्य पर टिकाए रखती है. हालांकि, एक्सपर्ट्स ने एक सावधानी भी साझा की है. किर्कपैट्रिक के अनुसार, यह फॉर्मूला तभी काम करता है जब आपके ‘फिक्स मील’ पोषक तत्वों से भरपूर हों. अगर आप रोज एक ही चीज खा रहे हैं और उसमें जरूरी विटामिन्स या प्रोटीन की कमी है, तो शरीर में पोषण का अभाव हो सकता है. इसलिए, अपना ‘गो-टू मील’ चुनते समय फाइबर और प्रोटीन का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि कमजोरी महसूस न हो. यह शोध साबित करता है कि वजन घटाने के सफर में ‘वैरायटी’ से ज्यादा ‘कंसिस्टेंसी’ यानी निरंतरता मायने रखती है. हालांकि यह अध्ययन पूरी तरह से अनुशासन और रूटीन पर आधारित है, लेकिन यह उन लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो डाइट प्लान बनाने के झंझट से थक चुके हैं. तो अगर आप भी वजन घटाना चाहते हैं, तो अपनी पसंदीदा हेल्दी डिश चुनें और उसे अपना डेली पार्टनर बना लें! First Published : April 10, 2026, 09:40 IST
रामपाल के जेल से बाहर आने में हो रही देरी:जेल सुपरिटेंडेंट बोले- कोर्ट से नहीं पहुंचे रिहाई डॉक्यूमेंट; काली स्कॉर्पियो में आया परिवार

हरियाणा के हिसार के सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहा रामपाल 11 साल 4 माह बाद आज जेल से बाहर आएगा। हत्या के 2 मामलों में कोर्ट के आदेश के बाद 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड जमा कराए गए। हालांकि दोपहर 1:30 बजे तक कोर्ट से उसके रिहाई दस्तावेज नहीं पहुंचे थे। जेल सुपरिटेंडेंट रमेश कुमार के मुताबिक, कोर्ट से रिहाई दस्तावेज आने में थोड़ा टाइम लग सकता है। उधर, दिल्ली नंबर की एक डिफेंडर गाड़ी जेल में पहुंच गई है। इसके अलावा काले रंग की स्कॉर्पियो भी जेल में पहुंची है, जिसमें रामपाल का परिवार आया है। चर्चा है कि रामपाल यहां से सीधे सोनीपत आश्रम जा सकता है। इसे देखते हुए कई नाकों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बता दें कि, सतलोक आश्रम मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने रामपाल को दोषी ठहराया था। इस केस में करीब 425 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 58 की गवाही अहम रही। कोर्ट ने सुनवाई के बाद हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। देशद्रोह से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद रामपाल की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ। पहले जानिए वो मामला, जिसमें रामपाल को मिली जमानत 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच टकराव हुआ था। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसी मामले में रामपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सतलोक आश्रम मामले में लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने रामपाल को दोषी ठहराया था। इस केस में करीब 425 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 58 की गवाही अहम रही। कोर्ट ने सुनवाई के बाद हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब देशद्रोह के मामले में जमानत मिलने और बेल बॉन्ड जमा होने के बाद उसकी रिहाई संभव हुई। रामपाल की जेल से रिहाई का रास्ता ऐसे हुआ साफ… रामपाल की रिहाई के अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…
दांतों का दर्द और सड़न भूल जाओ! इस पेड़ की टहनी से करें ब्रश, 90 साल की उम्र में भी दांत रहेगा टनाटन!

Last Updated:April 10, 2026, 08:11 IST Ranchi Jajali Plant Brush: रांची के पास खूंटी और कांके में लोग जजाली की टहनी से दातुन करते हैं, इसे प्राकृतिक टूथपेस्ट मानते हैं, बुजुर्गों के दांत मजबूत और साफ बताए गए हैं. यहां के विजेंद्र बताते हैं कि इससे आपके दांत 90 साल तक एकदम टनाटन रहेंगे. आइये जानते हैं इसके बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के आसपास के जैसे खूंटी और कांके के जंगल के साइड के रहने वाले लोग खासतौर पर जजाली नाम के पौधे का इस्तेमाल करते हैं. इसके इस्तेमाल से 80 साल के बूढ़ों का दांत एकदम टनाटन रहता है. एकदम साफ मोती जैसा चमकता हुआ रहता है. कांके में जंगल के समय से रहने वाले विजेंद्र बताते हैं कि प्राकृतिक रूप से इसकी टहनी एंटीबैक्टीरियल है. आइये जानते हैं इसके बारे में. विजेंद्र बताते हैं कि इससे दांत में कीड़ा मकोड़ा नहीं लगता और गंदगी को बहुत अच्छे से साफ करता है. ये प्राकृतिक रूप से टूथपेस्ट का काम करता है. खासतौर पर टूथपेस्ट से जो झाग बनता है. बिल्कुल वैसा ही झाग बनता है. अगर आप इससे ब्रश करेंगे तो आपको लगेगा कि नहीं कि आप टूथपेस्ट इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. मतलब की ये प्राकृतिक टूथपेस्ट जैसा महसूस होता है प्राकृतिक टूथपेस्ट है ये टहनी उन्होंने बताया कि यह एक एकदम प्राकृतिक टूथपेस्ट है. बिल्कुल वैसा ही झाग देखने को मिलता है. इससे खासतौर पर जीभ बहुत बढ़िया से साफ हो जाती है. इसलिए उन्होंने आज तक कभी भी बाजार का ब्रश या फिर टूथपेस्ट इस्तेमाल नहीं किया और आज इस गांव में जितने भी लोग हैं. 80- 90 साल के हैं. उन सभी का दांत एकदम टनाटन रहता है. इसके अलावा ये एंटीबैक्टीरियल के साथ एंटी फंगल भी है. मतलब अगर दांत में या कहीं कोई इंफेक्शन है तो उससे भी बचाता है. यह पूरी तरह प्राकृतिक ह. इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं. मतलब अगर आपके मसूड़े में सूजन जैसा कुछ हो गया है तो आप इससे दातुन करते हैं तो आपको जबरदस्त फायदा मिलेगा. छोटे बच्चों भी दांत में यही करते हैं इस्तेमाल उन्होंने बताया कि हमारे बच्चे अभी 4 साल के हैं. पर बचपन से ही हम उनको इसी के टहनी से दातुन करने का आदत डाल दिए हैं. ताकि बाद में इनको कोई परेशानी ना हो. यहां पर छोटे-छोटे बच्चे आपको इसी का दतुअन करते दिखाई देंगे और दांत ऐसा की रस्सी से ट्रक को खींच लेगा. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 10, 2026, 07:48 IST
छत्तीसगढ़ में 2 कारें भिड़ीं, 6 लोगों की मौत:मृतकों में 3 महिलाएं, 2 पुरुष और एक बच्चा, शादी से लौट रहा था परिवार

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में देर रात भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। नेशनल हाईवे-30 पर दो कारों की आमने-सामने टक्कर से हादसा हुआ है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार परिवार कांकेर के उड़कुडा का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि सभी चीवरांज में शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव उड़कुडा लौट रहे थे, तभी नाथिया नवागांव के पास उनकी कार दूसरी कार से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार सवार एक ही परिवार के 3 महिला, 2 पुरुष और एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरे कार में सवार 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर से दोनों कार बुरी तरह डैमेज हो गई। देखिए पहले ये तस्वीरें- घायलों का इलाज जारी इधर घटना की जानकारी मिलते ही हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और घायलों को फौरन अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। एसपी निखिल राखेचा ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस एसपी ने बताया कि नेशनल हाईवे 30 पर दो कारों की टक्कर में छह लोगों की मौत हुई है और तीन अन्य घायल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके साथ ही मरने वालों की पहचान और बाकी जानकारियां जुटाई जा रही है। घायलों के उपचार के बाद उनसे भी जानकारी ली जाएगी। शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी में रखवाया गया, पीएम के बाद परिजनों को शव सौंपा जाएगा। …………………….. सड़क हादसे से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…. खड़ी ट्रक में घुसी कार..3 CRPF जवान समेत 7 मौतें:बस्तर में तैनात थे, घर लौट रहे थे; बालोद में 3 दोस्तों की गई जान छत्तीसगढ़ में 2 महीने पहले अलग-अलग सड़क हादसों में 3 CRPF जवानों समेत 7 लोगों की जान चली गई थी। पहली घटना धमतरी जिले की है। जहां बस्तर में तैनात जवान छुट्टी पर घर लौट रहे थे। 14 फरवरी की सुबह सभी रायपुर एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे, तभी धमतरी बायपास में उनकी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी ट्रक में जा घुसी। हादसे में 3 जवान और 1 ड्राइवर की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर
नाखून के किनारों की त्वचा क्यों निकलती है, जानें कारण और घरेलू उपायों से राहत पाने का आसान तरीका

होमफोटोlifestyle नाखून के किनारों की त्वचा क्यों निकलती है, जानें कारण और असरदार उपाय Last Updated:April 10, 2026, 06:40 IST Nail Skin Care Tips: नाखूनों के आसपास त्वचा निकलना और घाव बनना एक आम लेकिन तकलीफदेह समस्या है. इसका कारण सूखी त्वचा, मौसम बदलाव और केमिकल युक्त उत्पाद होते हैं. सही देखभाल से इससे बचा जा सकता है. नियमित मॉइश्चराइजर, नारियल तेल और एलोवेरा का उपयोग त्वचा को राहत देता है. नमक मिले गुनगुने पानी में हाथ डुबोना भी फायदेमंद है. साथ ही विटामिन बी, सी और ई से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से मजबूत बनाता है. समस्या बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. उंगली या नाखूनों के किनारों की त्वचा निकलना एक आम समस्या है. यह अक्सर त्वचा के ज्यादा सूखने, मौसम में बदलाव, बार-बार हाथ धोने या केमिकल युक्त उत्पादों के संपर्क में आने से होती है. कई लोग अनजाने में सूखी त्वचा को खींच देते हैं, जिससे घाव बन सकता है और समस्या बढ़ जाती है. त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजली शर्मा ने बताया कि उंगली या नाखूनों के किनारों की त्वचा निकलने और घाव बनने जैसी स्थिति पूरी दिनचर्या को प्रभावित करती है. इससे हाथों में दर्द होता है और कोई भी काम नहीं कर पाते हैं. ऐसे में समय पर देखभाल जरूरी है. त्वचा रोग विशेषज्ञ के अनुसार, इस समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि हाथों को हमेशा मॉइश्चराइज रखा जाए. हाथ धोने के बाद दिन में कम से कम दो से तीन बार अच्छी क्वालिटी का मॉइश्चराइजर या क्रीम लगाना चाहिए. साथ ही, बहुत ज्यादा साबुन या सैनिटाइजर का उपयोग करने से बचें और माइल्ड हैंडवॉश का इस्तेमाल करें, ताकि त्वचा की नमी बनी रहे और छिलने की समस्या कम हो. इस समस्या के समाधान के लिए घरेलू उपयोग बहुत फायदेमंद होते हैं. बुर्जुग महिला शारदा वर्मा ने बताया कि पुराने समय में त्वचा संबंधी समस्या में घरेलू उपायों को अधिक प्राथमिकता दी जाती थी. ये नुस्खे कारगर भी होते हैं. उंगली या नाखूनों के किनारों की त्वचा निकलने और घाव बचने के लिए नारियल तेल एक बेहद असरदार विकल्प है. रात को सोने से पहले उंगलियों और नाखूनों के आसपास नारियल तेल लगाकर हल्की मालिश करने से त्वचा को गहराई तक नमी मिलती है. इसके अलावा नियमित उपयोग से सूखी त्वचा धीरे-धीरे मुलायम होने लगती है और त्वचा निकलने की समस्या में काफी राहत मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा एलोवेरा जेल भी त्वचा की इस समस्या में बहुत फायदेमंद होता है. ताजा एलोवेरा जेल को उंगलियों पर लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है और सूजन या जलन में राहत मिलती है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा को हील करने में मदद करते हैं. इसे दिन में एक या दो बार लगाने से त्वचा स्वस्थ और हाइड्रेटेड बनी रहती है. इस हाथों में इंफेक्शन का खतरा भी कम रहता है. गुनगुने पानी में नमक मिलाकर हाथों को कुछ समय तक डुबोकर रखना एक आसान और प्रभावी घरेलू उपाय है. इससे त्वचा की गंदगी साफ होती है और मृत कोशिकाएं हट जाती हैं, जिससे त्वचा को नई चमक मिलती है. नमक में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण संक्रमण के खतरे को भी कम करते हैं. यह उपाय खासकर रूखी और फटी त्वचा के लिए फायदेमंद होता है. इसके बाद मॉइश्चराइजर या तेल लगाने से त्वचा को पोषण मिलता है और उंगलियां लंबे समय तक मुलायम व स्वस्थ बनी रहती हैं. इसके अलावा उंगली या नाखूनों के किनारों की त्वचा निकलने और घाव की समस्या से बचने के लिए संतुलित आहार लेना भी बहुत जरूरी है. क्योंकि शरीर में विटामिन की कमी से त्वचा कमजोर हो जाती है. विटामिन बी, सी और ई से भरपूर फल, हरी सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स खाने से त्वचा अंदर से मजबूत बनती है. इसके अलावा समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाए, दर्द, लालिमा या सूजन हो, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें. First Published : April 10, 2026, 06:40 IST
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बारिश:हिमाचल के 3 शहरों में माइनस में पारा, MP में आज से 5-6°C बढ़ेगा तापमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज अरुणाचल प्रदेश और असम समेत 9 राज्यों में आंधी के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, देश के ज्यादातर हिस्सों में आज से मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गुरुवार को बारिश हुई। हिमाचल के कुमसैरी, कल्पा और केलांग में तापमान माइनस में पहुंच गया। वहीं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी समेत 7 जिलों में बारिश हुई। मध्य प्रदेश में आज से गर्मी बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में 5 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, कुछ जिलों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। दिल्ली-NCR में आसमान साफ रहेगा। दिन का तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। दिन में 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिससे हल्की ठंडक महसूस होगी। राजस्थान में अगले 4-5 दिन मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी बढ़ सकती है। पिछले 20 दिनों से बदले मौसम के कारण अप्रैल में भी ठंडक का एहसास बना हुआ है। इधर, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और गोवा में गर्मी के साथ उमस बनी रहीगा। मौसम की तीन तस्वीरें… 11 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ 30-40 किमी/घंटा की हवा चल सकती है। असम, मेघालय में बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक की संभावना। 12 अप्रैल: पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण कर्नाटक में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज अरुणाचल प्रदेश और असम समेत 9 राज्यों में आंधी के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, देश के ज्यादातर हिस्सों में आज से मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गुरुवार को बारिश हुई। हिमाचल के कुमसैरी, कल्पा और केलांग में तापमान माइनस में पहुंच गया। वहीं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी समेत 7 जिलों में बारिश हुई। मध्य प्रदेश में आज से गर्मी बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में 5 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, कुछ जिलों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। दिल्ली-NCR में आसमान साफ रहेगा। दिन का तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। दिन में 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिससे हल्की ठंडक महसूस होगी। राजस्थान में अगले 4-5 दिन मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी बढ़ सकती है। पिछले 20 दिनों से बदले मौसम के कारण अप्रैल में भी ठंडक का एहसास बना हुआ है। इधर, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और गोवा में गर्मी के साथ उमस बनी रहीगा। मौसम की तीन तस्वीरें… 11 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ 30-40 किमी/घंटा की हवा चल सकती है। असम, मेघालय में बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक की संभावना। 12 अप्रैल: पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण कर्नाटक में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।









